गांधीनगर से मोदी का सख्त संदेश, अब आतंकवाद का अंत सुनिश्चित है, पाकिस्तान को चेतावनी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के गांधीनगर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा किभारत 75 वर्षों से आतंकवाद का दंश झेलता रहा है, लेकिन अब यह सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने ऐलान किया, “हम आतंक के कांटे को जड़ सेउखाड़ फेंकेंगे।” ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का ज़िक्र, दुनिया तक पहुंचा संदेशअपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की उल्लेखनीय सफलता की चर्चा की और इसे वैश्विक मंच तक पहुंचाने का दावा किया। उन्होंने कहाकि जैसे शरीर में एक कांटा चुभता है तो पूरा शरीर परेशान हो जाता है, वैसे ही आतंकवाद को खत्म करना अब भारत की प्राथमिकता है। अब सबूत की ज़रूरत नहीं, कार्रवाई कैमरे के सामनेप्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि इस बार भारतीय सेना ने पाकिस्तान के भीतर 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया और यह कार्रवाई कैमरे की निगरानीमें हुई। उन्होंने कहा कि अब कोई यह नहीं कह सकता कि सबूत कहाँ हैं हर कदम का प्रमाण दुनिया के सामने है। देशभर में लहराया देशभक्ति का ज्वारअपने दो दिवसीय गुजरात दौरे का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि वह वडोदरा, दाहोद, भुज, अहमदाबाद और गांधीनगर गए, और हर जगहलोगों में देशभक्ति की लहर देखी गई। उन्होंने कहा कि आज हर भारतीय का दिल देश के लिए धड़क रहा है, और यह भावना केवल गुजरात तकसीमित नहीं है। 1947 की गलती से आज भी भुगतना पड़ रहा खामियाजाप्रधानमंत्री ने इतिहास की ओर इशारा करते हुए कहा कि 1947 में भारत के विभाजन के साथ ही कश्मीर में पहला आतंकी हमला हुआ था। उन्होंनेकहा, “अगर उस समय आतंकियों को वहीं खत्म कर दिया गया होता और सरदार पटेल की बात मानी गई होती, तो हमें 75 सालों तक आतंक कासामना नहीं करना पड़ता।” पाकिस्तान के आतंकियों को स्टेट ऑनर पर कड़ा प्रहारप्रधानमंत्री ने पाकिस्तान द्वारा मारे गए आतंकियों को स्टेट ऑनर दिए जाने पर नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट करता है कि यह सिर्फप्रॉक्सी वॉर नहीं, बल्कि एक सुविचारित युद्ध रणनीति है। और यदि पाकिस्तान युद्ध चाहता है, तो भारत भी उसी भाषा में जवाब देगा। सिंधु जल संधि पर भी उठाए सवाल प्रधानमंत्री ने 1960 की सिंधु जल संधि का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें भारत की नदियों की सफाई तक पर रोक लगाई गई थी। उन्होंने सवालकिया, “क्या भारतवासियों को अपने जल संसाधनों पर अधिकार नहीं है?” उन्होंने कहा कि अब भारत ने सफाई शुरू की है और इससे पाकिस्तान मेंघबराहट देखी जा रही है। विकास की राह में रोड़ा बनता आतंक अब नहीं सहन होगा प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि भारत विकास के मार्ग पर अग्रसर है और सभी की भलाई चाहता है, लेकिन बदले में आतंक और हिंसा को नहीं झेलेगा।अब समय आ गया है जब भारत निर्णायक कार्रवाई करेगा और हर खतरे का मुंहतोड़ जवाब देगा।
भारत करेगा वायुसेना को और ताकतवर, सरकार ने बढ़ाया रक्षा फोकस

भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव के बाद केंद्र सरकार ने देश की रक्षा तैयारियों को और सशक्त करने का निर्णय लिया है। इसके तहत रक्षाबजट में अतिरिक्त संसाधन आवंटित करने की भी योजना सामने आई है। इसी दिशा में भारत अब अपने आधुनिक हथियार तंत्र को भी अपग्रेड कर रहाहै।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरीरक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने भारतीय वायुसेना के लिए पांचवींपीढ़ी के स्वदेशी फाइटर जेट प्रोग्राम को स्वीकृति दी है। इस परियोजना को कार्यान्वित करने के लिए “प्रणयन मॉडल” को भी मंजूरी प्रदान कर दी गईहै, जो इस महत्वाकांक्षी पहल को गति देगा। तैयार होगा स्वदेशी मीडियम वेट डीप पेनेट्रेशन फाइटरभारत अब उन्नत स्टील्थ क्षमताओं से लैस मीडियम वेट डीप पेनेट्रेशन कॉम्बैट जेट विकसित करने जा रहा है। यह प्रयास ‘एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैटएयरक्राफ्ट’ (AMCA) परियोजना के तहत किया जा रहा है। यह परियोजना न केवल भारत की वायु शक्ति को मजबूती देगी, बल्कि घरेलू एयरोस्पेसउद्योग को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी। क्या है AMCA और इसकी विशेषताएँएएमसीए (AMCA) भारत का पहला स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट होगा। यह अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होगा, जिसमें रडार सेबच निकलने की क्षमता, उन्नत हथियार प्रणाली और स्मार्ट सेंसर शामिल हैं। इस विमान को डिज़ाइन करते समय आत्मनिर्भरता और भविष्य की युद्धरणनीति दोनों का ध्यान रखा गया है। आत्मनिर्भर भारत की ओर एक और कदमइस नई परियोजना से भारत न केवल विदेशी निर्भरता को कम करेगा, बल्कि एक सशक्त और आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्णकदम भी बढ़ाएगा। यह पहल देश की रणनीतिक सुरक्षा के साथ-साथ ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को भी मजबूती देगी।
इस बार मानसून देगा ज्यादा राहत, जून में औसत से 108% बारिश का अनुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आगामी मानसून सीजन को लेकर उत्साहजनक पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग का कहना है कि जून2025 में देशभर में औसत से अधिक वर्षा हो सकती है, जो दीर्घकालिक औसत का लगभग 108 प्रतिशत हो सकती है। पूरे मानसून सीजन के दौरानऔसत बारिश 87 सेंटीमीटर मानी जाती है, जबकि इस बार यह आंकड़ा 106 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे साफ है कि देश को सामान्यसे अधिक बारिश की उम्मीद है। मानसून कोर जोन में होगी अधिक वर्षापृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम. रविचंद्रन ने जानकारी दी कि मानसून कोर जोन, जिसमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और इसकेआसपास के क्षेत्र शामिल हैं, इस बार सामान्य से अधिक वर्षा प्राप्त कर सकते हैं। यह क्षेत्र कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां की खेतीमुख्य रूप से मानसून की वर्षा पर निर्भर करती है। क्षेत्रीय पूर्वानुमान: कहाँ कितनी बारिश?आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत, जिसमें दिल्ली भी शामिल है, में वर्षा सामान्य (92-100 प्रतिशत) रहसकती है। पूर्वोत्तर भारत में औसत से कम बारिश की संभावना है, जबकि मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है।संशोधित पूर्वानुमान के अनुसार, इस वर्ष मानसून “सामान्य से अधिक” की श्रेणी में रहेगा, जिसका मतलब है कि वर्षा दीर्घकालिक औसत से 104 प्रतिशत या उससे अधिक हो सकती है। मानसून की तेज शुरुआतमौसम विभाग के अनुसार जून की शुरुआत एक मजबूत मानसून सर्ज के साथ होगी, जिससे देश के अधिकांश हिस्सों में तेज वर्षा होगी। यह प्रारंभिकवर्षा खासतौर पर किसानों के लिए राहतभरी खबर है, क्योंकि इससे खरीफ फसलों की बुआई सुगमता से हो सकेगी। तापमान में गिरावट और अनुकूल मौसमीय परिस्थितिमानसून की इस शुरुआत के साथ देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारतमें अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि एल नीनो की कमजोर स्थिति और समुद्री स्थितियांइस बार मानसून के लिए सकारात्मक माहौल बना रही हैं, जिससे जल भंडारण और बिजली उत्पादन में भी लाभ होगा। मुंबई में समय से पहले मानसून, भारी बारिश से जनजीवन प्रभावितमुंबई में मानसून ने इस बार समय से पहले दस्तक दी है और रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की गई है। मई महीने में 107 वर्षों में सबसे अधिक बारिश दर्ज कीगई, जिसमें मात्र 24 घंटे में 106 मिमी वर्षा हुई। नरीमन पॉइंट पर 252 मिमी, बीएमसी मुख्यालय पर 216 मिमी और कोलाबा पंपिंग स्टेशन पर207 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया और जनजीवन प्रभावित हुआ। दिल्ली में मई का सबसे अधिक बारिश वाला महीना, आंधी-तूफान की चेतावनीराजधानी दिल्ली में मई महीने ने बारिश के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस महीने अब तक 186.4 मिमी बारिश हो चुकी है, जो 2008 में दर्ज165 मिमी के रिकॉर्ड को पार कर गई है। आईएमडी के अनुसार, सप्ताह के अंत तक दिल्ली में आंधी-तूफान और गरज के साथ बारिश होने कीसंभावना है। साथ ही, 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो कहीं-कहीं 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंचसकती हैं। तापमान न्यूनतम 25-27 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 33-37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है।
बिहार में रेलवे नेटवर्क को सशक्त बनाने के लिए की गई पहल, राज्य सरकार ने रेलवे बोर्ड को भेजे अहम प्रस्ताव

बिहार में रेलवे नेटवर्क को सशक्त बनाने के साथ ही यहां के पर्यटन और सामाजिक महत्व के स्थानों को जोड़ने की पहल की गई है. इसे लेकर राज्यसरकार ने रेलवे बोर्ड को छह अहम प्रस्ताव भेजे हैं. ये प्रस्ताव शहरों के विकास, यात्री सुविधाओं में बढ़ोत्तरी और बढ़ती आबादी की मांगों को ध्यान मेंरखकर तैयार किए गए हैं. इन छह प्रस्तावों में बौद्ध सर्किट रेल कॉरिडोर से लेकर नए रेल पुल, दक्षिण बिहार और उत्तर बिहार उपनगरीय परिवहननेटवर्क जैसी कई अहम परियोजनाएं शामिल हैं. बिहार के मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने इस संबंध में एक पत्र रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को भेजा है. इस विशेष पत्र में उन्होंने बिहार में रेल परिवहन का जिक्र करते हुए लिखा है कि रेल परिवहन न केवल यात्रियों एवं वस्तुओं के परिवहन का एकसुविधाजनक माध्यम है बल्कि यह किसी भी राज्य विशेषकर बिहार जैसे राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.जनसंख्या घनत्व पर भी की चर्चाउन्होंने बिहार के जनसंख्या घनत्व की भी चर्चा की है और बताया है कि साल 2024 में बिहार का जनसंख्या घनत्व 1388 प्रति वर्ग किलोमीटर है, जोराष्ट्रीय औसत से 289.5 प्रतिशत अधिक है जबकि राज्य में प्रति लाख जनसंख्या पर रेलवे ट्रैक (किमी) की उपलब्धता 5.31 है जबकि राष्ट्रीय औसत9.81 है। उन्होंने बिहार के विकास को लेकर निम्नलिखित प्रस्तावों पर विचार आवश्यक बताया है ताकि प्रदेश को राष्ट्रीय मानक पर लाया जा सके. मुख्य सचिव मीणा ने बुद्ध सर्किट रेल कॉरिडोर की विशेष चर्चा की है. उन्होंने लिखा है कि पटना-गया-तिलैया-राजगीर- फतुहा (बख्तियारपुर-तिलैयादोहरीकरण की स्वीकृति) रेल मार्ग पर एक सर्कुलर ट्रेन सेवा शुरू की जा सकती है. इससे बोधगया और राजगीर आने-जाने वाले यात्रियों को सहूलियतहोगी. इससे पटना, जहानाबाद, गया, नवादा और नालंदा जिलों के निवासियों को लाभ मिलेगा. यह बजट भाषण 2025 (पूर्वोदय) के विजन स्टेटमेंटको आगे बढ़ाएगी. दक्षिण नेटवर्क पर दिया मजबूती से जोरइसके साथ ही उन्होंने बिहार के दक्षिण बिहार उपनगरीय परिवहन नेटवर्क की मजबूती पर भी जोर दिया है और बक्सर, भोजपुर, रोहतास, लखीसराय, मुंगेर, शेखपुरा, भागलपुर, जमुई तथा बांका जिलों को राजधानी पटना से बेहतर तरीके से जोड़ने की मांग की है. उन्होंने मुंबई की तरह लोकल ट्रेन सेवाचलाने के संबंध में लिखा है और तीसरी तथा चौथी अतिरिक्त रेल लाइन निर्माण की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने लिखा है कि उत्तर बिहार केसीवान, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और दरभंगा जिलों को राजधानी पटना से जोड़ने के लिए एक उपनगरीय परिवहन नेटवर्क विकसितकिया जा सकता है. इसके लिए सीवान-छपरा-हाजीपुर- मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर-दरभंगा खंड पर अतिरिक्त रेल लाइनों का निर्माण आवश्यक है सीवान-छपरा-हाजीपुर-बरौनी-कटिहार खंड में यात्रियों की संख्या अत्यधिक है लिहाजा इस खंड में तीसरी और चौथी रेल लाइन का विकास बेहद जरूरी है.
पटना में कोविड-19 की वापसी, एम्स के डॉक्टर सहित दो नए मामले सामने आए

पटना में एक 31 वर्षीय युवक के कोविड-19 से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जो राज्य में हालिया लहर का पहला मामला माना जा रहा है। जिलासिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने जानकारी दी कि संक्रमित युवक की कोई यात्रा इतिहास नहीं है और उसकी स्थिति हल्की है। उसका इलाजएक निजी अस्पताल में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निगरानी और सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। एम्स पटना के डॉक्टर भी संक्रमितपटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना के एक डॉक्टर भी कोविड संक्रमण की चपेट मेंआ गए हैं। दोनों मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। घबराने की नहीं, सतर्कता की जरूरत: प्रशासनअधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं लेकिन सतर्क रहें। कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह से तैयार हैऔर हालात पर नजर रखी जा रही है। अस्पतालों को अलर्ट, सभी जरूरी संसाधन सुनिश्चितजिलाधिकारी ने बताया कि पटना के सरकारी अस्पतालों को तैयार रहने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। इसमें बेड, ऑक्सीजन, आवश्यक दवाएंऔर टीकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश शामिल हैं। देशभर में कोविड मामलों में इजाफापिछले कुछ हफ्तों में देश के विभिन्न हिस्सों में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी गई है, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात औरसतर्कता को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है।
पुरी में बड़ा हादसा टला,सौरव गांगुली के भाई स्नेहाशीष और पत्नी स्पीडबोट पलटने से बाल-बाल बचे

पुरी के समुद्र में एक बड़ा हादसा उस वक्त टल गया जब भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के बड़े भाई स्नेहाशीष गांगुली और उनकीपत्नी अर्पिता गांगुली की स्पीडबोट पलट गई। यह घटना शनिवार शाम ‘लाइटहाउस’ के पास हुई, जब वे समुद्री सैर का आनंद ले रहे थे। अर्पिता गांगुली ने साझा किया अनुभवपीटीआई को दिए एक वीडियो संदेश में अर्पिता ने बताया कि वे भगवान की कृपा से सुरक्षित हैं, लेकिन वह अब भी सदमे में हैं। उन्होंने कहा, “ऐसानहीं होना चाहिए था। समुद्र में जलक्रीड़ा की व्यवस्थाएं बेहतर और सुरक्षित होनी चाहिए। मैं कोलकाता लौटकर इस मामले में पुरी के एसपी औरओडिशा के मुख्यमंत्री को पत्र लिखूंगी।” लहरों की चपेट में आकर पलटी स्पीडबोटघटना के बारे में बताते हुए अर्पिता ने कहा कि तेज लहर के कारण उनकी स्पीडबोट असंतुलित होकर पलट गई, जिससे वह, उनके पति और अन्य यात्रीसमुद्र में गिर गए। लाइफगार्ड की तत्परता ने बचाई जानअर्पिता ने बताया कि समुद्र में गिरने के तुरंत बाद तटरक्षक कर्मियों ने त्वरित कार्रवाई की और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। स्थानीय लोगों ने दी जानकारीमौके पर मौजूद चश्मदीद स्थानीय लोगों ने बताया कि समुद्र की एक विशाल लहर ने स्पीडबोट को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह पलट गई औरयात्री समुद्र में गिर पड़े। गनीमत रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
खंडवा में आदिवासी महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म पर कांग्रेस का तीखा हमला, कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की कानून व्यवस्था पर जताई गंभीर चिंता

कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक आदिवासी महिला के साथ हुई जघन्य सामूहिक दुष्कर्म की घटना को “आदिवासी निर्भया कांड” बतातेहुए प्रदेश में कानून व्यवस्था की खराब स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने भाजपा सरकार पर साधा निशानानई दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विक्रांत भूरिया ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार और प्रशासन की निष्क्रियता को कड़ाआरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देशभर में बढ़ रहे गंभीर अपराधों के बावजूद सरकार और प्रशासन गहरी नींद में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े शहरोंके अपराधों को मीडिया में तो प्राथमिकता मिलती है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में घटित भयावह अपराध अक्सर अनदेखा किए जाते हैं। खंडवा कांड का दर्दनाक विवरणभूरिया ने बताया कि शराब के नशे में चूर आरोपियों ने एक आदिवासी महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, उसके बाद अत्यंत क्रूरता से उसकेगर्भाशय और आंतें बाहर निकाल दीं। पीड़िता की दर्दनाक मौत हो गई, और जब उसकी 16 वर्षीय बेटी घटनास्थल पर पहुंची तो वह सदमे में बेहोशहो गई। मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था पर गंभीर सवालभूरिया ने भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास गृह मंत्रालयहोते हुए भी ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं, यह बेहद चिंता का विषय है। उन्होंने विधानसभा के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के गृहमंत्री बनने के बाद दुष्कर्म के मामले 18 प्रतिशत बढ़े हैं, जिनमें 26 प्रतिशत पीड़ित महिलाएं आदिवासी समुदाय की हैं। शराबबंदी में सरकार की विफलताभूरिया ने कहा कि मध्य प्रदेश में शराबबंदी नाम की केवल दिखावा है। सरकार धार्मिक स्थलों पर शराब बंद करने का नाटक करती है, लेकिन शराबमाफियाओं पर नियंत्रण नहीं है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश धीरे-धीरे रेप कैपिटल और शराब की राजधानी बनता जा रहा है। कांग्रेस की मांगें और प्रधानमंत्री से अपीलभूरिया ने 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भोपाल दौरे के मद्देनजर उनसे आग्रह किया कि वे प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदमउठाएं। उन्होंने मध्य प्रदेश में पूर्णकालिक गृह मंत्री नियुक्ति की मांग की और खंडवा दुष्कर्म मामले में दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में कठोर सजा दिएजाने की अपील की। आदिवासी कांग्रेस का समर्थन और सड़कों पर संघर्ष का एलानभूरिया ने कहा कि आदिवासी कांग्रेस पीड़ित परिवार से मिलने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजेगी। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस इस तरह की महिलाविरोधी और आदिवासी विरोधी नीतियों के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी और सड़कों पर लड़ाई जारी रखेगी ताकि महिलाओं, गरीबों और वंचितों की सुरक्षासुनिश्चित हो सके।
दिल्ली भाजपा संगठन चुनाव, 14 जिला अध्यक्ष और 105 प्रदेश परिषद सदस्यों की घोषणा

दिल्ली भाजपा के संगठन चुनाव अधिकारी डॉ. महेन्द्र नागपाल ने आज राजधानी में पार्टी संगठन के लिए बड़ी घोषणा करते हुए 14 जिलों केनवनिर्वाचित अध्यक्षों और प्रदेश परिषद के 105 नवनिर्वाचित सदस्यों के नामों की सूची सार्वजनिक की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा की बधाईदिल्ली भाजपा के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने सभी नवचयनित जिला अध्यक्षों और प्रदेश परिषद सदस्यों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वासजताया कि यह नई टीम पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएगी।नवनिर्वाचित जिला अध्यक्षों में अनुभव और नई भागीदारी का संतुलनघोषित जिला अध्यक्षों में कुछ पुराने चेहरे भी शामिल हैं, जैसे कि विजेन्द्र धामा (मयूर विहार), दीपक गाबा (शाहदरा), और चन्द्रपाल बक्शी (पश्चिमीदिल्ली), जो पहले भी इसी पद पर कार्य कर चुके हैं।इसके अलावा, चार अन्य नेताओं अरविन्द गर्ग (चांदनी चौक), विनोद सहरावत (उत्तर पश्चिमी), वीरेन्द्र बब्बर (करोल बाग), और मास्टर बिनोद कुमार(नवीन शाहदरा) – को पुनः उन्हीं जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। महिला नेतृत्व को नई भूमिकानई टीम में महिला भागीदारी को बढ़ावा देते हुए पहली बार दो महिला नेताओं को जिला अध्यक्ष के रूप में चुना गया है राज शर्मा गौतम (नजफगढ़) और माया बिष्ट (दक्षिणी दिल्ली)। यह संगठनात्मक विविधता का प्रतीक है। प्रदेश परिषद में प्रमुख चेहरे शामिल105 सदस्यों वाली दिल्ली प्रदेश परिषद में कई प्रमुख नेताओं को शामिल किया गया है। इनमें विधायक पवन शर्मा, कपिल मिश्रा, कैलाश गहलोत, करतार सिंह तंवर, प्रद्युम्न राजपूत, संदीप सहरावत, राजकुमार चौहान, नीरज बैसोया, अनिल शर्मा और राजकुमार भाटिया प्रमुख नाम हैं।अन्य उल्लेखनीय सदस्यों में तिलक राम गुप्ता, पूनम भारद्वाज, जितेन्द्र महाजन, कुलवंत राणा, श्याम शर्मा, पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी, पूर्व महापौरसुभाष आर्य, प्रीति अग्रवाल और नरेन्द्र चावला शामिल हैं।इसके अलावा, वर्तमान प्रदेश पदाधिकारी सुनीता कांगड़ा, विनय रावत, नरेश कुमार ऐरण, सारिका जैन, डॉ. सुमित भसीन और प्रवीण शंकर कपूर भीपरिषद में जगह पाने वालों में हैं।
पानी के संकट से दिल्ली बेहाल, महिलाओं ने किया मटका फोड़ प्रदर्शन, भाजपा सरकार पर जमकर निशाना

राजधानी दिल्ली में लगातार गहराते जल संकट से नाराज होकर आम आदमी पार्टी की महिला विंग ने राजेंद्र नगर विधानसभा में मटका फोड़ प्रदर्शनकिया। इस विरोध का नेतृत्व महिला विंग की दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सारिका चौधरी ने किया। उन्होंने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहाकि सत्ता में आने के बाद से भाजपा न तो स्वच्छ पानी दे पा रही है और न ही पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित कर रही है। भाजपा सरकार में जल संकट चरम परसारिका चौधरी ने कहा कि दिल्ली के पॉश इलाकों से लेकर गांवों तक पानी की आपूर्ति बेहद सीमित और बेहद अशुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया किसरकार लोगों को पीने योग्य पानी भी नहीं दे पा रही है, जबकि सत्ता में आने से पहले बड़े-बड़े वादे किए गए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार नेलोगों को भ्रमित कर सत्ता तो हासिल कर ली, लेकिन मात्र चार महीनों में ही उसकी नाकामी सामने आ गई है। नरायणा गांव में सीवर जैसा पानी, लोग बेहालराजेंद्र नगर क्षेत्र के नरायणा गांव की स्थिति को लेकर महिलाओं में भारी रोष देखने को मिला। उन्होंने बताया कि गांव में जो पानी आ रहा है, वह बेहदगंदा है और ऐसा प्रतीत होता है कि वह सीवर से मिलकर आ रहा है। इस पानी को पीना तो दूर, उसका उपयोग करना भी असंभव हो गया है। जल ही नहीं, अन्य सुविधाओं का भी बुरा हालप्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने कहा कि भाजपा सरकार के आने के बाद सिर्फ पानी ही नहीं, बिजली, स्वास्थ्य और सफाई व्यवस्था भी चरमरा गई है।उन्होंने अरविंद केजरीवाल सरकार को याद करते हुए कहा कि उस समय 24 घंटे बिजली, साफ पानी और मोहल्ला क्लीनिक जैसी सुविधाएं आसानीसे उपलब्ध थीं। टैंकर माफिया को बढ़ावा, विधायक गैर-जवाबदेहमहिलाओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने टैंकर माफिया को खुली छूट दे रखी है। केवल वे लोग जो टैंकर के लिए पैसे दे सकते हैं, उन्हें पानीमिल पा रहा है। साथ ही, स्थानीय विधायक को लेकर भी नाराजगी जताई गई। लोगों का कहना है कि विधायक न तो जनता की समस्याएं सुनते हैंऔर न ही उनसे मिलते हैं। महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो जनता नेताओं को सबक सिखाने से पीछे नहीं हटेगी। महिलाएं मजबूर होकर सड़क पर उतरी हैंप्रदर्शन में शामिल एक महिला ने कहा कि महिलाएं तभी सड़कों पर आती हैं जब हालात असहनीय हो जाते हैं। बिना पानी के घर का कोई भी कामनहीं हो सकता, और अब स्थिति यह है कि कई दिनों तक कपड़े भी नहीं धोए जा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा से उम्मीदें बहुत थीं, लेकिन वेउम्मीदें चकनाचूर हो गई हैं। जनता में बढ़ता असंतोष, केजरीवाल सरकार की हो रही तुलनाएक अन्य महिला ने कहा कि पहले जब पानी आता था, तो उसकी मात्रा और गुणवत्ता दोनों अच्छी थीं, लेकिन अब गंदा पानी मिल रहा है और वह भीसीमित समय के लिए। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार में सुविधाएं व्यवस्थित थीं, जबकि अब दिल्ली की हालत दयनीय हो चुकी है। विधायक की गुंडागर्दी का भी आरोपप्रदर्शनकारी महिलाओं ने स्थानीय विधायक पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि जब भी कोई अपनी समस्या लेकर उनके पास जाता है, तो वे गाली-गलौज और धौंस दिखाते हैं। हाल ही में एक घटना में विधायक ने रेहड़ी-पटरी वालों से मारपीट की थी। महिलाओं ने कहा कि यदि यहीरवैया रहा, तो अगले चुनाव में जनता उन्हें सबक सिखाएगी।
एनआईए ने दिल्ली से पकड़ा देशद्रोही जवान, पाक खुफिया एजेंसी से था संपर्क

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने नई दिल्ली में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक जवान को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिएजासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोटी राम जाट के रूप में हुई है, जो असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात था। 2023 से लीक कर रहा था संवेदनशील जानकारीएनआईए के अनुसार, जाट पिछले वर्ष 2023 से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के संपर्क में था और लगातार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीयजानकारियां साझा कर रहा था। इन जानकारियों के बदले उसे आर्थिक लाभ भी दिया जा रहा था, जो विभिन्न माध्यमों से पहुंचाया गया।सोशल मीडिया से पकड़ी गई संदिग्ध गतिविधियाँसीआरपीएफ और केंद्रीय एजेंसियों ने जाट की सोशल मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। जांच में सामने आया कि उसने कईसुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है। यह स्पष्ट होने के बाद उसे एनआईए को सौंप दिया गया। सीआरपीएफ से बर्खास्त, जांच जारीसीआरपीएफ ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मोटी राम जाट को 21 मई 2025 से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई संविधानऔर सीआरपीएफ के नियमों के तहत की गई है। एनआईए की हिरासत में, 6 जून तक पूछताछएनआईए ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद अदालत ने उसे 6 जून 2025 तक एजेंसी की हिरासत में भेज दिया है। फिलहाल उससे यहपता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने किस तरह की सूचनाएं साझा कीं और क्या इस साजिश में अन्य लोग भी शामिल हैं।