प्रधानमंत्री मोदी का दाहोद में बड़ा बयान, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने रचा इतिहास, 22 मिनट में लिया बदला

भारतीय सेना की वीरता को सलामगुजरात के दाहोद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना के पराक्रम की जमकर सराहना की।उन्होंने कहा कि सरकार ने सेना को पूरी छूट दी थी और हमारे जवानों ने वह कर दिखाया जो कई दशकों तक दुनिया ने नहीं देखा था। 22 अप्रैल का बदला सिर्फ 22 मिनट मेंप्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने सीमापार मौजूद नौ आतंकी ठिकानों की पहचान की और 6 मई की रात को महज 22 मिनट में उन्हें पूरी तरह तबाहकर दिया। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई। उन्होंने गर्व के साथ कहा, “हमने आतंकियों को उनकी हीजमीन पर धूल चटा दी।” पाकिस्तान का एजेंडा – भारत की प्रगति को रोकनापीएम मोदी ने पाकिस्तान पर सीधा हमला करते हुए कहा कि विभाजन के बाद से पाकिस्तान की सोच केवल भारत से नफरत और उसके विकास कोबाधित करने की रही है। उन्होंने इसके विपरीत भारत की सोच को रेखांकित करते हुए कहा कि देश का लक्ष्य गरीबी हटाना, विकास को गति देना औरएक समृद्ध राष्ट्र का निर्माण करना है। ‘सिंदूर’ का अपमान सहन नहीं करेगा भारतअपने भावुक संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक भावना औरजनभावनाओं की अभिव्यक्ति है। उन्होंने स्पष्ट किया, “जो हमारी बहनों के सिंदूर को मिटाने की कोशिश करेगा, उसका मिटना तय है।”
मिगसन अल्टिमो सोसायटी के बिल्डर पर नहीं हुआ एक्शन, स्थानीय लोगो ने पुलिस पर लगाए मिलीभगत के आरोप, हादसे में 2 लोगों की हुई थी मौत

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में चार दिन पहले हुए दर्दनाक हादसे में 1 मासूम और एक बुजुर्ग महिला की जान चली गई। बता दें कि ग्रेटर नोएडा कीओमीक्रॉन-3 सेक्टर की मिगसन अल्टिमो सोसाइटी में बुधवार रात तेज़ आंधी आई थी जिसके कारण एक टावर की छत से लोहे और टिन की भारीग्रिल गिरी,जिसमें एक महिला और उसके दो वर्षीय नाती की मौत हो गई थी। वहीं बता दें कि इस भयावक हादसे ने हादसा सोसाइटी के सुरक्षाइंतजामों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, जिसके बाद सोसाइटी के लोगों में आक्रोश का माहौल बन हुआ था।शोक में बदला गुस्सा, सड़कों पर उतरे लोगघटना के बाद पीड़ित परिवार और सोसाइटी के लोगों में आक्रोश फैल गया। गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में निवासी, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, क्लब हाउस से मार्च करते हुए 130 मीटर रोड तक पहुंचे और सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया। “बिल्डर हाय-हाय” और “पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद” के नारों से इलाका गूंज उठा। बिल्डर पर अब तक नहीं हुआ एक्शनइस घटना के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने बिल्डर पर कार्रवाई करने के बजाय पीड़ितों परही लाठीचार्ज कर दिया। इतना ही नहीं, सोसाइटी के बिल्डर पर इससे से पहले भी GST घोटाले में लिप्त होने के कड़े आरोप लगे थे, जिसके बाद भीनोएडा प्रशासन ने अभी तक कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की है। इस हादसे से प्रतीत होता है कि इंसानों की जान कितनी सस्ती हो गई है। बिल्डर की लापरवाही बना मौत का कारणनिवासियों का कहना है कि छत पर लगी भारी ग्रिल को बिना सुरक्षा उपायों के एक शॉफ्ट के ऊपर अस्थायी रूप से रखा गया था। जब आंधी आई, तो वह ग्रिल नीचे गिर गई और यह दर्दनाक हादसा हो गया। लोगों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अब तक बिल्डर केखिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शन में हुई झड़प, कई घायलप्रदर्शन को नियंत्रित करने पहुंचे पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब लोग नहीं माने, तो बल प्रयोग किया गया। इससे कई लोगों को चोटें भी आईं। इस झड़प के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए। लगभग तीन घंटे चले विरोध केबाद, अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर लोग शांत हुए।
भाजपा नेताओं की टिप्पणियों पर कांग्रेस का हमला, शहीदों और सेना के अपमान पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर उठाए सवाल

कांग्रेस ने भाजपा नेताओं द्वारा शहीदों, उनके परिजनों और भारतीय सेना के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कीचुप्पी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा नेता ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का पूरा श्रेय सेना को देने के बजाय प्रधानमंत्री कोदेने में लगे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनक है। अलका लांबा का भाजपा नेतृत्व पर हमलाअखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने एक प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा नेताओं के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहाकि पार्टी के वरिष्ठ नेता और मंत्री सेना के बलिदान को नजरअंदाज कर, प्रधानमंत्री की छवि गढ़ने में लगे हैं। लांबा ने प्रेस को उन वीडियो क्लिप्स भीदिखाए, जिनमें भाजपा सांसद, मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और एक अन्य मंत्री शहीदों और उनके परिवारों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करतेदिखाई दे रहे हैं। जांगड़ा की टिप्पणी पर तीखा विरोधहरियाणा से भाजपा के राज्यसभा सांसद राम चंद्र जांगड़ा की उस टिप्पणी पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया, जिसमें उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले मेंमारे गए पर्यटकों की पत्नियों की तुलना वीरांगनाओं से करते हुए कहा कि अगर वे मुकाबला करतीं तो जानें नहीं जातीं। लांबा ने कहा कि यह बयान नकेवल संवेदनहीन है, बल्कि महिलाओं के साहस और बलिदान का भी अपमान है। विदेश सचिव और शहीद की पत्नी के खिलाफ ट्रोलिंग पर चिंतालांबा ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री और लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी नरवाल को भाजपा समर्थकों द्वारा ट्रोल किए जाने का मुद्दा भीउठाया। उन्होंने कहा कि यह सब सिर्फ इसलिए हुआ क्योंकि वे सरकार से भिन्न विचार रख रहे थे या शांति की अपील कर रहे थे। मोदी के पुराने बयान का उल्लेखलांबा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस पुराने बयान की भी चर्चा की, जिसमें उन्होंने एक व्यापारी को सैनिक से अधिक बहादुर बताया था। उन्होंने कहाकि भाजपा के नेता उसी मानसिकता से प्रेरित होकर सेना की अवमानना कर रहे हैं। संसद का विशेष सत्र और सर्वदलीय बैठक की मांगमहिला कांग्रेस अध्यक्ष ने फिर से ऑपरेशन सिंदूर पर संसद का विशेष सत्र बुलाने और सर्वदलीय बैठक आयोजित करने की मांग की। उन्होंने सवालकिया कि जब विपक्षी सांसदों को विदेश भेजा जा सकता है, तो संसद का विशेष सत्र बुलाकर देशवासियों को इस सैन्य कार्रवाई की पूरी जानकारीक्यों नहीं दी जा सकती? सीमा के पास बसे लोगों की उपेक्षा पर सवाललांबा ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ क्षेत्र में नियंत्रण रेखा के पास रहने वाले नागरिकों की शिकायतों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनेभाषणों में इन लोगों का जिक्र तक नहीं किया, जबकि ये सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। राहुल गांधी की एकजुटता की मिसालअंत में उन्होंने बताया कि विपरीत स्थिति में, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आतंकी हमले और गोलीबारी से प्रभावित लोगों से मिलने केलिए दो बार जम्मू-कश्मीर का दौरा किया और उनके प्रति संवेदना व्यक्त की।
हल्की बारिश में डूब गई दिल्ली, पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश वर्मा लापता बोली आम आदमी पार्टी

आप ने भाजपा पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि एक रात की हल्की बारिश ने ‘चार इंजनों की सरकार’ की पोल खोल दी है। दिल्ली के आईटीओ, मिंटो रोड, धौला कुआं, चाणक्यपुरी, एयरपोर्ट रोड और तिमारपुर सहित कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया।बीजेपी की ‘चार इंजन सरकार’ का करिश्मा—हल्की बारिश और दिल्ली पानी-पानी: आपदिल्ली में शनिवार रात हुई हल्की बारिश के बाद राजधानी के कई प्रमुख इलाके जलमग्न हो गए। आम आदमी पार्टी ने इसे भाजपा की ‘चार इंजनसरकार’ की नाकामी बताया और सोशल मीडिया पर कई वीडियो साझा किए। पार्टी नेताओं ने सड़क पर फंसी गाड़ियाँ, डूबे हुए बस अड्डे औरजलभराव की तस्वीरें दिखाकर सरकार पर तीखा प्रहार किया। दिल्ली के हर पद पर भाजपा काबिज, फिर भी बदहाल हालात: सौरभ भारद्वाजआप दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा, “प्रधानमंत्री भाजपा, उपराज्यपाल भाजपा, मुख्यमंत्री भाजपा, महापौरभाजपा, NDMC भाजपा, फिर भी दिल्ली की हालत बद से बदतर।” उन्होंने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश वर्मा पिछले कई दिनों से नदारद हैं, जबकि शहर पानी मेंडूब रहा है। फोटो खिंचवाने में व्यस्त मंत्री, जमीन पर हाल बेहाल: आप का तंजआप नेताओं ने कहा कि मिंटो ब्रिज पर जहां कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री परवेश वर्मा फोटोशूट कर रहे थे, वहीं अब एक कार पानी मेंडूबी हुई पाई गई। दिल्ली कैंट और चाणक्यपुरी जैसे वीआईपी इलाके भी जलमग्न हो गए। हर घर में नल का पानी नहीं, हर गली में बाढ़ का पानी’: सौरभ भारद्वाजसौरभ भारद्वाज ने चुटकी लेते हुए कहा, “भाजपा की चार इंजन सरकार ने हर घर में नल से पानी पहुंचाने का वादा किया था, लेकिन अब हर सड़क परबाढ़ का पानी पहुंचा दिया है।” उन्होंने ट्वीट कर कहा कि दिल्ली जल संकट से जूझ रही है और मंत्री गायब हैं। ‘PWD मुख्यालय के सामने ही जलभराव, मंत्री कहाँ हैं?’: आतिशीविपक्ष की नेता आतिशी ने भी दिल्ली में हुई भारी जलभराव को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मिंटो ब्रिज, आईटीओ, रविदास मार्ग, दिल्ली कैंट, और रोहतक रोड के वीडियो साझा करते हुए पूछा, “PWD मंत्री परवेश वर्मा आखिर कहाँ हैं?”‘चारों इंजन फेल हो गए, दिल्ली डूब गई’: आतिशी का आरोपआतिशी ने कहा, “सिर्फ एक बारिश में दिल्ली की सच्चाई सामने आ गई है। भाजपा की चारों इंजन सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है।” उन्होंने कहाकि यह सरकार सिर्फ बयानबाज़ी करती है, जमीन पर कुछ नहीं करती। आप नेताओं ने साझा किए वीडियो, सरकार की पोल खोलीपूर्व दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष गोपाल राय, पूर्व महापौर डॉ. शेली ओबेरॉय, नेता आदिल अहमद खान और पूर्व विधायक गुलाब सिंह यादव ने भी दिल्लीके अलग-अलग हिस्सों से जलभराव के वीडियो साझा किए और भाजपा सरकार की नाकामी को उजागर किया।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत का कूटनीतिक प्रहार, रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में डेलिगेशन का विदेश दौरा

ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई ने जहां पाकिस्तान को अंदर तक झकझोर दिया, वहीं इसका प्रभाव वैश्विक स्तर पर भी महसूस किया गया। अब भारत नेउस झूठे प्रचार का करारा जवाब देने की ठानी है, जो पाकिस्तान द्वारा फैलाया जा रहा है। इसी कड़ी में, भारतीय नेताओं का एक सर्वदलीयप्रतिनिधिमंडल कई प्रमुख देशों का दौरा कर रहा है। इस दल का नेतृत्व बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद कर रहे हैं। यह प्रतिनिधिमंडल यूके, फ्रांस, जर्मनी, इटली, डेनमार्क और यूरोपीय यूनियन का दौरा करेगा। एनडीटीवी से बातचीत में रविशंकर प्रसाद का बयानएनडीटीवी के मनोरंजन भारती से बातचीत में रविशंकर प्रसाद ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारी हूं कि उन्होंने यह जिम्मेदारी मुझे सौंपी है।आज भारत की कूटनीति का दायरा कितना व्यापक हो गया है, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगता है कि पूरे प्रतिनिधिमंडल में सिर्फ दो सदस्य भाजपासे हैं मैं और जयंत पांडा। बाकी सदस्य या तो सहयोगी दलों से हैं या विपक्ष से।” उन्होंने कहा कि भारत हमेशा शांति और सद्भाव में विश्वास करता हैलेकिन यदि भारत के निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया जाएगा, तो उसका सटीक और प्रभावशाली जवाब दिया जाएगा। कौन-कौन होंगे मुलाकातों में शामिलरविशंकर प्रसाद ने बताया कि विदेश दौरे के दौरान वहां के मंत्रियों, बुद्धिजीवियों, सिविल सोसाइटी, थिंक टैंक और भारतीय मूल के लोगों से मुलाकातकी जाएगी। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को ऊंचाई पर पहुंचाया है। हम अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ीअर्थव्यवस्था हैं और पाकिस्तान से हमारी अर्थव्यवस्था 11 गुना बड़ी है। फिर भी हम विकास और शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन आतंक का जवाबज़रूरी है।” इतिहास से सीखना ज़रूरीउन्होंने भारत पर हुए आतंकी हमलों का ज़िक्र करते हुए कहा, “1948, 1965, 1971 की जंगें, 1999 का कारगिल युद्ध, 26/11 का हमला, संसदपर हमला—इतिहास गवाह है कि भारत कभी भी पहले हमलावर नहीं रहा। फिर भी हमने हर बार संयम के साथ जवाब दिया। लेकिन अब समय आगया है कि दुनिया जाने कि पाकिस्तान का नाम हमेशा आतंकवाद के साथ क्यों जुड़ता है।” दुनिया को दिखाएंगे पाकिस्तान का असली चेहराप्रसाद ने कहा, “ओसामा बिन लादेन से लेकर डेनियल पर्ल के हत्यारों तक, पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद को पनाह दी है। हम यह दुनिया को बतानाचाहते हैं कि आतंकवाद केवल भारत-पाकिस्तान का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा है।” क्या दुनिया अनजान है इन तथ्यों से?इस सवाल पर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कूटनीति में सीधा संवाद बेहद जरूरी होता है। उन्होंने कहा, “इस प्रतिनिधिमंडल की खास बात यह है किइसमें सभी दलों के नेता शामिल हैं ओवैसी साहब हों या गुलाम नबी आजाद। सब मिलकर एक सुर में बात करेंगे, जिससे संदेश और भी प्रभावीहोगा।” विपक्ष की भूमिका और आलोचना पर जवाबजब विपक्ष के कुछ नेताओं के बयानों पर सवाल उठा, तो रविशंकर प्रसाद ने संयमित जवाब देते हुए कहा, “कुछ लोग तो हमेशा बोलेंगे ही। ममताबनर्जी पहले नहीं चाहती थीं कि उनकी पार्टी से कोई प्रतिनिधिमंडल में जाए, लेकिन अब वो भी सहमत हो गई हैं। हम चाहते हैं कि देश एक स्वर मेंबोले। विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी सोचना चाहिए कि उनके बयान पाकिस्तान में तालियों की गूंज क्यों पैदा करते हैं।”
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सहकारी समिति के निदेशक के चुनाव मामले में की अहम टिप्पणी, कोर्ट ने कहा कि सट्टेबाजी और जुए के बिना मनोरंजन के लिए ताश खेलना नैतिक पतन नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सहकारी समिति के निदेशक के चुनाव मामले में अहम टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि सट्टेबाजी और जुए के बिना मनोरंजन केलिए ताश खेलना नैतिक पतन नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने जुआ खेलते पकड़े जाने पर सहकारी समिति के निदेशक पद से हटाए गए युवक को बहाल करनेको आदेश दिया.न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि कर्नाटक के गवर्नमेंट पोर्सिलेन फैक्टरी इंपलाइज हाउसिंगको-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के निदेशक मंडल में निर्वाचित हनुमंतरायप्पा वाईसी पर बिना किसी सुनवाई के कथित तौर पर 200 रुपये काजुर्माना लगाया गया. जब वे कुछ लोगों के साथ सड़क किनारे बैठकर ताश खेलते पकड़े गए.पीठ ने कहा कि हमें नहीं लगता कि हनुमंतरायप्पा केखिलाफ लगाए गए आरोपों में नैतिक पतन शामिल है. क्योंकि नैतिक पतन तब माना जाएगा जब कोई कार्य भ्रष्टता के साथ किया गया हो. कर्नाटक उच्च न्यायालय के मामले को किया गया खारिजपीठ ने कहा कि हनुमंतरायप्पा आदतन जुआरी नहीं थे ताश खेलने के कई रूप हैं. इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि हर तरह से ताश खेलने सेनैतिक पतन होता है. खासकर जब इसे मनोरंजन के तौर पर खेला जाता है। हमारे देश के अधिकांश हिस्सों में जुआ या शर्त के बिना सरल तरीके सेताश खेलना एक गरीब आदमी के मनोरंजन का स्रोत माना जाता है.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हनुमंतरायप्पा को सहकारी समिति के निदेशक मंडल मेंसर्वाधिक मतों से चुना गया था और उनके निर्वाचन को रद्द करने की सजा उनके द्वारा किए गए कथित कदाचार की प्रकृति के अनुपात में ठीक नहीं है. पीठ ने 14 मई के आदेश में कहा कि हम इस बात से संतुष्ट हैं कि हनुमंतरायप्पा के खिलाफ की गई कार्रवाई को बरकरार नहीं रखा जा सकता. इसलिए अपील स्वीकार की जाती है. कोर्ट ने सहकारी समिति के निदेशक पद से हनुमंतरायप्पा को हटाने के निर्णय को बरकरार रखने वाले कर्नाटकउच्च न्यायालय के फैसले को खारिज कर दिया. अधिकारियों द्धारा आदेश को किया गया रद्दशीर्ष अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के साथ-साथ कर्नाटक सहकारी समिति अधिनियम, 1959 के तहत अधिकारियों द्वारा पारित आदेश कोरद्द किया जाता है और सरकारी पोर्सिलेन फैक्टरी कर्मचारी आवास सहकारी समिति लिमिटेड के निदेशक मंडल में हनुमंतरायप्पा का चुनाव तब तकबहाल किया जाता है जब तक वह अपना निर्धारित कार्यकाल पूरा नहीं कर लेते.हनुमंतरायप्पा वाईसी सबसे अधिक वोट हासिल करके को कर्नाटक केगवर्नमेंट पोर्सिलेन फैक्टरी इंपलाइज हाउसिंग को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के निदेशक चुने गए थे. चुनाव हारने वाले रंगनाथ बी ने सहकारीसमितियों के संयुक्त रजिस्ट्रार से चुनाव को लेकर शिकायत की थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि हनुमतंरायप्पा को जुआ खेलने के मामले मेंनैतिक पतन के अपराध का दोषी ठहराया गया था. इसके बाद कर्नाटक सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1959 के मद्देनजर उनके चुनाव को रद्द करदिया गया. उच्च न्यायालय ने भी उनके निर्वाचन को रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा. इसके बाद हनुमंतरायप्पा ने शीर्ष अदालत का दरवाजाखटखटाया.
टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद विराट कोहिली और अनुष्का शर्मा पहुंचे अयोध्या, रामलला व हनुमान गढ़ी के किए दर्शन

टेस्ट से संन्यास लेने के बाद विराट कोहली इन दिनों भगवान के दर पर माथा टेकने पहुंच रहे हैं. उनकी जीवन संगिनी अनुष्का शर्मा भी उनके साथ हीदिखती हैं रविवार को विराट अनुष्का के साथ अयोध्या पहुंचे. उन्होंने भगवान रामलला और भगवान हनुमान के दर्शन किए इस दौरान उन्होंने वहां पूजाअर्चना की और भगवान के दर पर माथा टेका. हनुमान गढ़ी मंदिर में उनके पूजा अर्चना का वीडियो भी सामने आया है. हनुमान गढ़ी मंदिर के पुजारी नेउन्हें फूल माला पहनाया और टीका लगाया. विराट इससे पहले वृंदावन भी पहुंचे थे और वहां संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाकर उनसे आशीर्वादलिया था. कोहली फिलहाल आईपीएल में व्यस्त हैं और अपने आखिरी लीग राउंड के मैच के लिए लखनऊ में हैं. लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफआरसीबी को 27 मई को मुकाबला खेलना है. इससे पहले विराट ने अनुष्का के साथ अयोध्या जाने का मन बनाया. इन दोनों ने भगवान राम के मंदिरऔर हनुमान गढ़ी मंदिर में पूजा अर्चना की. विराट ने इसी महीने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था और अब वह भारत के लिए सिर्फ वनडे खेलते नजरआएंगे. दोनों ने वहां मंदिर में काफी समय बिताया. विराट और अनुष्का को है अध्यात्म से अधिक लगावहनुमान गढ़ी मंदिर के पुजारी संजय दास जी महाराज ने कहा विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को आध्यात्म, संस्कृति, ईश्वर और सनातन धर्म से गहरालगाव है. उन्होंने भगवान रामलला के दर्शन किए और फिर भगवान हनुमान से आशीर्वाद लिया। उन्होंने यहां आध्यात्म और पौराणिक बातों पर भीचर्चा की. उन दोनों ने रामलला का परिक्रमा भी किया और हनुमान जी का आशीर्वाद भी लिया. निश्चित ही हनुमान जी का आशीर्वाद लिया है तो फलमिलेगा ही.इससे पहले 13 मई को विराट अनुष्का के साथ वृंदावन पहुंचे थे. यहां उन्होंने श्रीराधे हित केली कुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज से भेंटकी। इस दौरान दोनों ने संत महाराज से आशीर्वाद लिया और आध्यात्मिक चर्चा में भाग लिया. संन्यास के बाद यह उनकी पहली सार्वजनिक उपस्थितिरही थी. संन्यास के बाद सीधे आध्यात्मिक शांति की तलाश में वह वृंदावन पहुंचे.कोहली और अनुष्का ने संत प्रेमानंद के आश्रम में साढ़े तीन घंटे से भीज्यादा समय बिताया. यह पहली बार नहीं है जब विराट संत प्रेमानंद से मिलने पहुंचे थे. वह इससे पहले जनवरी 2023 में इसी साल जनवरी में भीमिलने पहुंचे थे अब टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने संत प्रेमानंद से गहन चर्चा की. इस दौरान विराट ने पूछा कि असफलता से कैसे बाहरनिकला जाए? इस पर प्रेमानंद ने कहा कि अभ्यास करना जारी रखें.
जासूसी के शक में गिरफ्तार की गई ज्योति मल्होत्रा,दानिश नाम के व्यक्ति से थी पाकिस्तान में पहली मुलाकात जानें क्या है पूरा मामला

जासूसी के शक में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तान के दूसरे टूर के समय ही सुरक्षा जांच एजेंसियों की रडार पर आ गई थी. करीब एक साल सेज्योति इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की निगरानी में थी उसकी सभी तरह की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकीहमले के बाद पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (पीआईओ) के संपर्क में रहने पर ज्योति पर शिकंजा कस दिया गया. सूत्रों के अनुसार, पहली बारज्योति मल्होत्रा 2023 में पाकिस्तान गई तो उसे सामान्य तौर पर लिया गया. इसके बाद वह 2024 में दूसरी बार पाकिस्तान गई तो वह पाकिस्तानीएंबेसी से जुड़े दानिश के संपइसके बाद जांच एजेंसियों ने ज्योति मल्होत्रा को रडार पर लिया था. तीसरी बार ज्योति करतारपुर साहिब गुरुद्वारे में पहुंचीथी। वहां उसने पाकिस्तान के पंजाब राज्य की सीएम मरियम शरीफ का इंटरव्यू लिया था जहां ज्योति को वीआईपी ट्रीटमेंट मिला था. इस इंटरव्यूऔर वीआईपी ट्रीटमेंट के बाद एजेंसियों ने उसकी निगरानी बढ़ा दी थी. दानिश से हुई पहली मुलाकातवहां पर दानिश के परिचित के साथ कमरे में चार घंटे तक रही. इसके बाद उसकी हिस्ट्री को खंगाला जाने लगा पहलगाम की घटना के बाद भारत नेपाकिस्तानी दूतावास से जुड़े दानिश को अवांछित व्यक्ति घोषित किया दानिश के संपर्क के लोगों की भी पड़ताल की जाने लगी इसमें ज्योति कीउससे कई बार बातचीत का रिकॉर्ड मिला.एजेंसियों को ज्योति मल्होत्रा के पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव के संपर्क में होने के साक्ष्य भी मिले. कॉलडिटेल रिकॉर्ड मिलने के बाद एजेंसियों ने इन सभी साक्ष्यों के बाद पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा को 16 मई को गिरफ्तार कर लिया.कॉल डिटेल मैसेज कीजांच के बाद ज्योति के पिता हरीश मल्होत्रा का मोबाइल लौटा दिया गया. ज्योति के लिए वीजा लगवाने में मदद करने वाले हरकीरत के मोबाइल कीडिटेल भी पुलिस को नहीं मिली है पुलिस को सबसे अधिक उम्मीद ज्योति के लैपटॉप के डाटा से है.कॉल डिटेल मैसेज की जांच के बाद ज्योति केपिता हरीश मल्होत्रा का मोबाइल लौटा दिया गया. ज्योति के लिए वीजा लगवाने में मदद करने वाले हरकीरत के मोबाइल की डिटेल भी पुलिस कोनहीं मिली है पुलिस को सबसे अधिक उम्मीद ज्योति के लैपटॉप के डाटा से है.
मिगसन अल्टिमो सोसायटी के बिल्डर की लापरवाही से हुआ दर्दनाक हादसा, महिला और मासूम की मौत ने जगाया गुस्सा

आंधी में गिरा ग्रिल, छीन ली दो जानेंओमीक्रॉन-3 सेक्टर की मिगसन अल्टिमो सोसाइटी में बुधवार रात आई तेज़ आंधी ने एक भयावह हादसे को जन्म दिया। एक टावर की छत से लोहेऔर टिन की भारी ग्रिल गिरने से एक महिला और उसके दो वर्षीय नाती की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह हादसा सोसाइटी में सुरक्षा के इंतजामोंपर बड़ा सवाल खड़ा कर गया। शोक में बदला गुस्सा, सड़कों पर उतरे लोगघटना के बाद पीड़ित परिवार और सोसाइटी के लोगों में आक्रोश फैल गया। गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में निवासी, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, क्लब हाउस से मार्च करते हुए 130 मीटर रोड तक पहुंचे और सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया। “बिल्डर हाय-हाय” और “पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद” के नारों से इलाका गूंज उठा। पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप, भाजपा नेता बिल्डर के पक्ष मेंइस घटना के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने बिल्डर पर कार्रवाई करने के बजाय पीड़ितों परही लाठीचार्ज कर दिया। इतना ही नहीं, एक भाजपा नेता जो पहले मंडल अध्यक्ष रह चुका है बिल्डर के समर्थन में सामने आ गया, जिससे लोगों कागुस्सा और भड़क गया।बिल्डर की लापरवाही बना मौत का कारणनिवासियों का कहना है कि छत पर लगी भारी ग्रिल को बिना सुरक्षा उपायों के एक शॉफ्ट के ऊपर अस्थायी रूप से रखा गया था। जब आंधी आई, तो वह ग्रिल नीचे गिर गई और यह दर्दनाक हादसा हो गया। लोगों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अब तक बिल्डर केखिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शन में हुई झड़प, कई घायलप्रदर्शन को नियंत्रित करने पहुंचे पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब लोग नहीं माने, तो बल प्रयोग किया गया। इससे कई लोगों को चोटें भी आईं। इस झड़प के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए। लगभग तीन घंटे चले विरोध केबाद, अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर लोग शांत हुए।
भारत में कोविड-19 की वापसी, शहरी इलाकों में केस बढ़े, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं

भारत में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामले धीरे-धीरे बढ़ने लगे हैं, खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में इसकी वापसी देखी जा रही है। दिल्ली, कर्नाटकऔर आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों में इस महीनेनए केस सामने आए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तीन वर्षों में पहली बार कोविड के 23 नए मरीज सामने आए हैं। कोविड के लक्षण हल्के, कोई मृत्यु नहींअधिकांश संक्रमित व्यक्तियों में हल्के लक्षण देखे जा रहे हैं और अब तक किसी भी मौत की पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उछालओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट JN.1 के फैलाव के कारण हो सकता है। हालांकि यह वैरिएंट तेज़ी से फैलता है, फिर भी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) नेइसे “विचलित करने वाला वैरिएंट” नहीं माना है। कम समय में हो रहा है ठीक होने का सिलसिलाJN.1 वैरिएंट से संक्रमित अधिकतर मरीज 3 से 4 दिनों के भीतर स्वस्थ हो रहे हैं। इनमें बुखार, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द और थकावट जैसेसामान्य लक्षण पाए जा रहे हैं। दिल्ली में बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने अस्पतालों में बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं जैसे बेड, ऑक्सीजनसिलेंडर, टेस्टिंग किट और वैक्सीन उपलब्ध रखने के निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि यह नया वैरिएंट सामान्य फ्लू जैसा हैऔर घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। दिल्ली-एनसीआर में निगरानी हुई तेजराजधानी दिल्ली ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि ILI (इंफ्लूएंजा जैसी बीमारी) और SARI (गंभीर श्वसन संक्रमण) के मामलों का डाटारोजाना हेल्थ पोर्टल पर साझा किया जाए। नोएडा और गाजियाबाद जैसे एनसीआर क्षेत्रों में भी नए मरीज सामने आए हैं। नोएडा में पहला केस 55 वर्षीय व्यक्ति में पाया गया जबकि गाजियाबाद में अब तक 4 संक्रमितों की पुष्टि हो चुकी है। केरल में सर्वाधिक केस, सतर्कता बढ़केरल में मई महीने में अब तक 273 मामले दर्ज किए गए हैं, जो देशभर में सबसे अधिक हैं। राज्य सरकार ने सभी जिलों में निगरानी बढ़ा दी है औरसार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। वहीं कर्नाटक में 35 नए केस मिले हैं, जिसमें एक नवजात भी शामिल है। गंभीर लक्षणोंवाले मरीजों को कोविड जांच की सलाह दी गई है। महाराष्ट्र में भी मामलों की पुष्टिमई में मुंबई में 95 और ठाणे में 10 नए केस दर्ज हुए हैं। मुंबई में 16 मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने निर्देश दिया है कि जिन मरीजों में SARI के लक्षण हों, उनकी कोविड जांच जरूर करवाई जाए। राज्य सरकार ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं कापर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया है। आंध्र प्रदेश ने स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ कींहालांकि आंध्र प्रदेश में फिलहाल कोई बड़ा उछाल नहीं देखा गया है, फिर भी राज्य सरकार ने अस्पतालों को टीके, पीपीई किट और मास्क का पर्याप्तस्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय यात्राओं से लौटने वाले लोगों को जांच कराने की सलाह दी गई है। अहमदाबाद में एक दिन में 20 केस मिलेगुजरात के अहमदाबाद में एक ही दिन में 20 नए कोरोना मामले सामने आए हैं। मई माह में अब तक कुल 39 केस रिपोर्ट हुए हैं, जिनमें से 8 लोगपूरी तरह ठीक हो चुके हैं। शहर के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में सबसे अधिक 10 मामले पाए गए हैं। चिकित्सकों की रायवरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रवीण गर्ग के अनुसार, फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि कोरोना से डरने की आवश्यकता नहीं है औरबूस्टर डोज की अभी जरूरत नहीं है। केवल वे लोग जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, उन्हें मास्क पहनने की सलाह दी जाती है। सतर्कता बनी रहे जरूरीडॉ. गर्ग का मानना है कि JN.1 वैरिएंट को लेकर भारत में फिलहाल कोई गंभीर स्थिति नहीं है, हालांकि बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं कोअतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।