कोरोना के मामलों में फिर इजाफा, JN.1 वेरिएंट पर विशेषज्ञों की नजर

देश में कोविड-19 के मामलों में एक बार फिर वृद्धि देखी जा रही है। सक्रिय मामलों की संख्या अब 1200 के पार पहुंच चुकी है। सबसे ज्यादा केसकेरल में दर्ज किए गए हैं, जहां 430 संक्रमित पाए गए हैं। महाराष्ट्र में 208, जबकि दिल्ली और कर्नाटक जैसे राज्यों में 100 से अधिक मामले सामनेआए हैं। बीते 24 घंटों के भीतर बिहार में 6 और अरुणाचल प्रदेश में 1 नया संक्रमित मरीज मिला है। इस तेजी से फैलते संक्रमण के पीछे JN.1 वेरिएंट को मुख्य कारण माना जा रहा है, जो ओमिक्रॉन का एक उप-स्वरूप है। चंडीगढ़ में कोरोना से पहली मौत का मामलापंजाब के चंडीगढ़ शहर में कोविड संक्रमण से इस साल की पहली मौत की पुष्टि हुई है। लुधियाना के रहने वाले 40 वर्षीय व्यक्ति की जानGMCH-32 अस्पताल में चली गई। उन्हें सांस लेने में तकलीफ के चलते अस्पताल में भर्ती किया गया था। जांच में वह कोरोना पॉजिटिव पाए गएऔर इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। AIIMS के पूर्व निदेशक की चेतावनीएम्स के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि JN.1 वेरिएंट ओमिक्रॉन का एक ऐसा प्रकार है जिसमें लगभग 30 प्रकार के म्यूटेशन पाएगए हैं। यह वेरिएंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है और तेजी से फैलता है। उन्होंने बताया कि हालांकि पहले भी बड़ी संख्या मेंलोग ओमिक्रॉन से संक्रमित हो चुके हैं और कुछ हद तक प्रतिरक्षा विकसित हुई है, लेकिन वायरस के लगातार बदलते स्वरूप के कारण नए संक्रमणकी आशंका बनी रहती है। ICMR का क्या कहना है?भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने स्पष्ट किया कि देश में संक्रमण के नए मामलों में गंभीर लक्षणदेखने को नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि कोविड की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है और मौजूदा हालात घबराने योग्य नहीं हैं। क्या JN.1 वेरिएंट से घबराने की जरूरत है?विशेषज्ञों के अनुसार, JN.1 की सबसे बड़ी समस्या इसकी तेज़ी से फैलने की क्षमता है। इसमें कुछ ऐसे अतिरिक्त म्यूटेशन हैं, जो वायरस को अधिकसंक्रामक बनाते हैं। हालांकि डॉक्टरों का मानना है कि यह वेरिएंट फिलहाल जानलेवा नहीं है और लोगों को घबराने की बजाय सतर्क रहने कीआवश्यकता है।
मणिपुर में भाजपा ने पेश किया सरकार बनाने का दावा, 44 विधायकों का समर्थन

मणिपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बार फिर सरकार गठन का दावा पेश किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता थोकचोम राधेश्याम सिंह ने बुधवारको राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर 44 विधायकों का समर्थन हासिल होने की जानकारी दी। राधेश्याम सिंह ने नौ अन्य विधायकों केसाथ राजभवन जाकर राज्यपाल को इस संबंध में औपचारिक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह सरकार जनता की इच्छा के अनुरूप गठित की जाएगीऔर राज्य में स्थिरता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।राज्यपाल ने भरोसा दिलाया, केंद्रीय नेतृत्व लेगा अंतिम निर्णयराज्यपाल के साथ हुई बैठक में राधेश्याम सिंह ने सरकार गठन को लेकर विचार-विमर्श किया और राज्य की वर्तमान स्थिति को देखते हुए शीघ्र निर्णयकी अपील की। उन्होंने बताया कि राज्यपाल ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना है और आम जनहित में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार बनाने को लेकर अंतिम फैसला भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा। स्पीकर से 44 विधायकों की व्यक्तिगत और सामूहिक बातचीतभाजपा नेता ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष सत्यव्रत ने सभी 44 विधायकों से व्यक्तिगत और संयुक्त रूप से चर्चा की है और कोई भी विधायकसरकार गठन का विरोध नहीं कर रहा है। राधेश्याम ने यह भी जोड़ा कि मणिपुर की जनता बीते कुछ वर्षों से अनेक संकटों का सामना कर रही है — पहले कोविड महामारी और फिर हालिया जातीय हिंसा के चलते राज्य का विकास रुका हुआ है। जातीय संघर्ष के बाद लगा राष्ट्रपति शासनगौरतलब है कि मई 2023 में मैतेई और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच भड़की हिंसा के बाद राज्य में स्थिति अस्थिर हो गई थी। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंहने भारी आलोचनाओं के बीच पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद फरवरी 2024 से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू है। विधानसभा की वर्तमान स्थितिमणिपुर विधानसभा में कुल 60 सीटें हैं, लेकिन एक विधायक की मृत्यु के कारण वर्तमान में केवल 59 सदस्य हैं। भाजपा गठबंधन के पास 32 मैतेई, 3 मणिपुरी मुस्लिम और 9 नागा विधायकों सहित कुल 44 विधायक हैं। कांग्रेस के पास पांच विधायक हैं, जो सभी मैतेई समुदाय से हैं। शेष 10 विधायक कुकी समुदाय से आते हैं, जिनमें से सात ने पिछला चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ा था, दो कुकी पीपुल्स अलायंस से और एक निर्दलीयहैं।
किसानों के लिए बड़ी राहत: MSP पर ₹2.07 लाख करोड़ की मंजूरी, किफायती कृषि ऋण और तीन बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को हरी झंडी

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंगलवार को किसानों और बुनियादी ढांचे से जुड़े पांच महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णवने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को स्वीकृति दी गई है, जिसकी अनुमानितलागत 2.07 लाख करोड़ रुपये होगी। यह मूल्य निर्धारण कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर किया गया है, ताकिकिसानों को उनकी उत्पादन लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत का लाभ मिल सके। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों, फसलों के बीचसंतुलन और कृषि एवं गैर-कृषि क्षेत्र के बीच व्यापार संतुलन जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखा गया है। इसके अतिरिक्त, किसानों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ब्याज सहायता योजना को भी स्वीकृति दी गई है। इस योजना पर15,642 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसके तहत किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से किसानों को खेती, बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालनजैसे कार्यों के लिए रियायती ब्याज दर पर ऋण मिलेगा। किसानों को 3 लाख रुपये तक का लोन 7% वार्षिक ब्याज पर मिलेगा, जिसमें समय परभुगतान करने पर 3% अतिरिक्त छूट दी जाएगी, जिससे प्रभावी ब्याज दर केवल 4% रह जाएगी। इसके अलावा, 2 लाख रुपये तक के लोन पर कोईगारंटी नहीं ली जाएगी। देशभर के 449 बैंकों को एक एकीकृत पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे ऋण वितरण और भी आसान हो गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में भी कैबिनेट ने तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इनमें आंध्र प्रदेश के बदवेल से नेल्लोर तक 108 किलोमीटर लंबे चार-लेनहाईवे के निर्माण को 3,653 करोड़ रुपये की लागत से BOT (Build-Operate-Transfer) टोल मोड पर मंजूरी दी गई है। यह मार्ग कृष्णपट्टनमपोर्ट से सीधे संपर्क देगा और विशाखापत्तनम-चेन्नई, हैदराबाद-बेंगलुरु और चेन्नई-बेंगलुरु जैसे औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़कर आंध्र प्रदेश के कईआर्थिक केंद्रों को लाभ पहुंचाएगा। वहीं, महाराष्ट्र में 135 किलोमीटर लंबी वर्धा-बल्लारशाह रेलवे लाइन और मध्य प्रदेश में 41 किलोमीटर लंबीरतलाम-नागदा रेललाइन को चौड़ा करने की योजनाओं को भी स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं से यातायात क्षमता बढ़ेगी और क्षेत्रीय संपर्क मेंसुधार होगा। कुल मिलाकर, ये फैसले किसानों की आय बढ़ाने, कृषि वित्तीय सहायता को मजबूत करने और देश के इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क को आधुनिक बनाने कीदिशा में सरकार के ठोस प्रयासों को दर्शाते हैं।
समय से पहले मॉनसून की दस्तक से तबाही, कई राज्यों में रेड अलर्ट

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की समय से पहले शुरुआत ने देश के कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी के कारण जनजीवन को प्रभावित किया है।महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु समेत कई हिस्सों में मूसलधार बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ हैऔर सामान्य गतिविधियाँ बाधित हुई हैं। मुंबई में रिकॉर्ड तोड़ बारिश, 200 मिमी से अधिक वर्षामुंबई में 26 मई को भारी बारिश और तेज़ आंधी ने पिछले 19 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। शहर के कई क्षेत्रों में 200 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज कीगई, जिससे जलभराव, यातायात बाधा और रेल सेवाएं प्रभावित हुईं। मौसम विभाग ने महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक के लिए रेड अलर्ट घोषित कियाहै। कर्नाटक में रेड अलर्ट, राहत कार्य जारीकर्नाटक के तटीय जिलों में लगातार भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। दक्षिण कन्नड़ जिले में सामान्य जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने तटीय कर्नाटक में अगले पांच दिनों तक रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ कीटीमें तैनात कर दी हैं और कई राहत शिविर भी शुरू किए गए हैं। केरल में भारी नुकसान, चार मौतें और सैकड़ों घर क्षतिग्रस्तकेरल में मूसलधार बारिश और तेज़ हवाओं के चलते अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। वायनाड, इडुक्की और कोझिकोड जिलों में भारी तबाहीके बाद 29 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए और 868 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर शुरू किएहैं और एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है। महाराष्ट्र के पुणे जिले में तीन मौतें, ट्रेन सेवाएं प्रभावितपुणे जिले में पिछले दो दिनों में वर्षा से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की जान चली गई। पिंपरी चिंचवाड़ क्षेत्र में एक व्यक्ति मछली पकड़ते समयबिजली की चपेट में आ गया। कई रेल मार्गों पर पेड़ों के गिरने और जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ है। अधिकारी लगातार अवरोधों कोहटाकर सेवाओं को बहाल करने में जुटे हैं। हिमाचल प्रदेश में भी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनीउत्तर भारत में भी मौसम ने करवट ली है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों में 27 और 28 मई को बारिश, आंधी और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है। मछुआरों को चेतावनी, समुद्री गतिविधियां रोकने के निर्देश मौसम विभाग ने पश्चिमी और पूर्वी तटीय क्षेत्रों में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। केरल, कर्नाटक और गोवाजैसे राज्यों में मछली पकड़ने की गतिविधियां रोक दी गई हैं। न्यू मैंगलोर बंदरगाह पर कई नावें प्रतिकूल समुद्री स्थितियों के कारण वापस लौट आईहैं। सड़कों पर जलभराव, प्रशासन हाई अलर्ट परकई शहरों में सड़कों पर भारी जलभराव के कारण यातायात जाम और आवागमन में बाधा आई है। दक्षिण कन्नड़ जिले के मालेमार, महावीर सर्कल, कोट्टारा जंक्शन और बंटवाल जैसे क्षेत्रों में भारी जलभराव की खबरें हैं। भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं, विशेषकर कुमटा और बेलथांगडी क्षेत्रोंमें। विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देशकर्नाटक सरकार के मंत्री दिनेश गुंडू राव ने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे बारिश से उत्पन्न संकट की स्थिति से निपटने के लिए तत्कालकदम उठाएं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय सभी विभागों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
भारत-पाक तनाव के बीच सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल की तैयारी, सीमावर्ती राज्यों में सुरक्षा अभ्यास

भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम की स्थिति बनी हुई है, लेकिन वास्तविक तनाव अभी भी बरकरार है। इस पृष्ठभूमि में, सीमावर्ती भारतीयराज्यों में गुरुवार को एक व्यापक सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, जिसका उद्देश्य युद्ध जैसी आपात परिस्थितियों में नागरिकों कीतैयारी और जागरूकता को मजबूत करना है। छह राज्यों में होगा युद्ध जैसी स्थिति का अभ्याससरकारी सूत्रों के अनुसार, 29 मई को हरियाणा, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में बड़े पैमाने पर यह अभ्यास किया जाएगा।इस अभ्यास में आम नागरिकों को युद्धकालीन सुरक्षा उपायों से अवगत कराया जाएगा। लोगों को दिए जाएंगे जरूरी दिशा-निर्देशड्रिल के दौरान आम जनता को सिखाया जाएगा कि युद्ध या हमले की स्थिति में कैसे सुरक्षित रहें, ब्लैकआउट के दौरान क्या सावधानियाँ बरतनीचाहिए और सायरनों के संकेतों का क्या मतलब होता है। इसके साथ ही लोगों को यह भी बताया जाएगा कि अफवाहों से कैसे बचा जाए और दुश्मनदेश के दुष्प्रचार से कैसे सावधान रहा जाए। रात 8 बजे होगा सीमित ब्लैकआउटसंबंधित राज्यों में गुरुवार रात 8 बजे से 15 मिनट तक एक नियोजित ब्लैकआउट किया जाएगा। हालांकि, इस दौरान अस्पतालों, अग्निशमन केंद्रोंऔर पुलिस थानों जैसी आवश्यक सेवाओं को इससे मुक्त रखा जाएगा। इस ब्लैकआउट का उद्देश्य नागरिकों को वास्तविक आपात स्थिति के लिएमानसिक रूप से तैयार करना है।ऑपरेशन शील्ड: हरियाणा में विशेष अभ्यासहरियाणा सरकार ने “ऑपरेशन शील्ड” नाम से एक राज्यव्यापी अभ्यास की भी घोषणा की है, जो गुरुवार शाम 5 बजे से सभी 22 जिलों में एकसाथशुरू होगा। इस अभ्यास का उद्देश्य राज्य के आपातकालीन तंत्र की मजबूती और प्रशासन, सुरक्षाबलों तथा आम जनता के बीच समन्वय को बेहतरबनाना है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद सख्ती बढ़ीगौरतलब है कि यह अभ्यास उस समय हो रहा है जब भारत ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान-प्रशासित कश्मीर मेंस्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। हालांकि दोनों देशों ने फिलहाल किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई और गोलीबारी रोकने के लिएसहमति जताई है, लेकिन जमीन पर तनाव अब भी स्पष्ट रूप से महसूस किया जा सकता है।
दिल्ली भाजपा में संगठनात्मक सक्रियता तेज़, नवनिर्वाचित जिलाध्यक्षों की पहली बैठक सम्पन्नमुख्यमंत्री ने 100 दिन की उपलब्धियों से कराया अवगत

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की अध्यक्षता में सोमवार को प्रदेश कार्यालय में नवनिर्वाचित 14 जिलाध्यक्षों की पहली बैठक का आयोजनकिया गया। बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा की सह प्रभारी डॉ. अल्का गुर्जर, संगठन महामंत्री पवन राणा और महामंत्री विष्णु मित्तल भीउपस्थित रहे। बैठक के दौरान सभी नेताओं ने नवनिर्वाचित जिलाध्यक्षों और राज्य परिषद के 105 सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि दिल्ली संगठनऔर सरकार पूरी ऊर्जा के साथ कार्य करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने में योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने साझा की सरकार की 100 दिन की रिपोर्टमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने 100 दिन पूरे होने के अवसर पर दिल्ली सरकार द्वारा किए गए सुधारात्मक और विकासात्मक कार्यों की जानकारी दी।उन्होंने जिलाध्यक्षों से दिल्ली के सर्वांगीण विकास के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए। संकल्प से सिद्धि कार्यक्रम पर हुई चर्चाप्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि यह सप्ताह भाजपा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 11 वर्ष और दिल्लीकी रेखा गुप्ता सरकार के 100 दिन पूर्ण हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम विकसित भारत की विकसित दिल्ली के निर्माण के लिए कार्यरत हैं और जिला वमंडल संगठन की भूमिका इसमें अहम होगी।” सचदेवा ने आगामी दो सप्ताह में प्रधानमंत्री मोदी सरकार के 11 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुरू हो रहे “संकल्प से सिद्धि” अभियान पर भी चर्चा कीऔर निर्देश दिए कि इसे मंडल स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।
आतंकवादियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने हालिया आतंकी घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार पर गम्भीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि देश के नागरिक अब भीजानना चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में हुए हमलों के दोषी अब तक क्यों नहीं पकड़े गए हैं। प्रधानमंत्री की भाषा पर उठाया सवालप्रेस वार्ता के दौरान खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैली पर निशाना साधते हुए कहा कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर हास्य और फिल्मीसंवादों के अंदाज़ में बात कर रहे हैं। “कभी वह किसी फिल्मी खलनायक की तरह बोलते हैं, कभी हास्य कलाकार की तरह — क्या यह देश केप्रधानमंत्री को शोभा देता है?” उन्होंने कहा। पहलगाम, पुंछ और गांदरबल हमलों का कोई सुराग नहींखेड़ा ने कहा कि वर्ष 2023 में पुंछ, 2024 में गांदरबल और अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमलों की अब तक कोई ठोस जांच रिपोर्टसामने नहीं आई है। उन्होंने पूछा कि इन हमलों में शामिल आतंकवादियों को पकड़ने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। हाफिज सईद और मसूद अजहर को लेकर चिंताउन्होंने यह भी सवाल किया कि सरकार यह नहीं बता पा रही है कि हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे वांछित आतंकवादी कैसे आज़ाद घूम रहे हैं।खेड़ा ने पूछा, “क्या भारत-पाकिस्तान सीजफायर समझौते में इनकी गिरफ्तारी या प्रत्यर्पण की कोई बात शामिल थी? अगर हां, तो जनता को क्योंअंधेरे में रखा गया है?” सीजफायर समझौते की जानकारी सार्वजनिक करने की मांगखेड़ा ने यह मांग भी रखी कि सरकार को पाकिस्तान के साथ हुए सीजफायर के सभी बिंदुओं को संसद में सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने आरोपलगाया कि सरकार इन गंभीर मुद्दों पर पारदर्शिता से काम नहीं कर रही। संसद सत्र और सर्वदलीय बैठक की ज़रूरतकांग्रेस पार्टी और कई अन्य विपक्षी दलों ने पहलगाम आतंकी घटना और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे मामलों पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलानेकी मांग की है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक का आयोजन करने की भी बात कही गई है। सरकार की ओर से अब तकइस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। “देश को चाहिए जवाब, न कि संवाद”खेड़ा ने अंत में कहा कि आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को ज़िम्मेदारी के साथ पेश आना चाहिए। “देश सिर्फ नारे नहीं, ठोस जवाब चाहता है।अगर सरकार जवाब नहीं दे पा रही, तो यह लोकतंत्र के लिए चिंता की बात है।”
तेजस्वी यादव फिर बने पिता, लालू प्रसाद यादव के घर में गूंजी किलकारी

परिवार में खुशियों का माहौलतेज प्रताप यादव से जारी पारिवारिक खींचतान के बीच लालू प्रसाद यादव के घर खुशियों की लहर दौड़ गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेताऔर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव दूसरी बार पिता बन गए हैं। उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है, जिससे परिवार में हर्ष का माहौल है। तेजस्वी ने सोशल मीडिया पर दी जानकारीतेजस्वी यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ‘एक्स’ और फेसबुक के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने अपने बेटे की तस्वीर साझा करते हुएलिखा, “सुप्रभात! आखिरकार इंतजार खत्म हुआ। हमारे नन्हे बेटे के आगमन की घोषणा करते हुए बहुत आभारी, धन्य और खुश हूं। जय हनुमान।” वीडियो कॉल पर दी लालू को खुशखबरीतेजस्वी यादव ने यह शुभ समाचार अपने पिता लालू प्रसाद यादव को वीडियो कॉल पर दिया। उनकी बहन रोहिणी आचार्य द्वारा साझा किए गएवीडियो में तेजस्वी कहते नजर आए, “पापा ऑनलाइन हैं… पापा बेटा हुआ है। पोता हुआ है आपको।” इस भावुक क्षण में तेजस्वी की खुशी साफझलक रही थी। रोहिणी ने घर के नन्हे सदस्य को लालू यादव से वीडियो कॉल पर मिलवाया। बधाइयों का लगा तांताराजद ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स से तेजस्वी को बधाई दी। पार्टी की ओर से लिखा गया, “नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पुत्र रत्न कीप्राप्ति और राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव को फिर से दादा बनने की हार्दिक शुभकामनाएं। समस्त राजद परिवार की ओर से शुभ आशीर्वाद सहितबधाई।” तेजस्वी की बहन रोहिणी ने भी तेजस्वी, उनकी पत्नी राजश्री और बेटी कात्यायनी को बधाई दी। उन्होंने छोटे सदस्य को “जूनियर टूटू” कहकरप्यार और आशीर्वाद दिया। कोलकाता में हुआ बेटे का जन्मतेजस्वी यादव के बेटे का जन्म कोलकाता के एक अस्पताल में हुआ है। परिवार के सूत्रों के अनुसार, मां और बेटा दोनों स्वस्थ हैं। इस मौके पर पूरापरिवार पटना से कोलकाता पहुंचा था। तेजस्वी यादव: क्रिकेटर से नेता तक का सफरतेजस्वी यादव राजनीति में सक्रिय होने से पहले क्रिकेट खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में झारखंड का प्रतिनिधित्व किया था औरआईपीएल की दिल्ली डेयरडेविल्स टीम का हिस्सा भी रहे थे। राजनीति में प्रवेश के बाद वह दो बार बिहार के उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं और फिलहालराघोपुर से विधायक हैं।
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह बरी होने के बाद अयोध्या पहुंचे, साधु-संतों से लिया आशीर्वाद

दिल्ली के पटियाला कोर्ट से नाबालिग पहलवान से यौन शोषण के आरोपों से बरी होने के बाद, पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह सीधे अयोध्यापहुंचे। एयरपोर्ट से निकलते ही वे सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ हनुमान गढ़ी पहुंचे, जहाँ उन्होंने पूजा-अर्चना की और रामनगरी के साधु-संतों काआशीर्वाद प्राप्त किया। साफ-सुथरी जीत का दावा और न्यायपालिका का आभारमीडिया से बात करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि 18 जनवरी 2023 को उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे थे। उन्होंने पहले भीकहा था कि यदि आरोप साबित हुए तो वे फांसी पर लटकने को तैयार हैं। अब न्यायालय ने उनके पक्ष में फैसला सुनाकर सत्य की जीत को प्रमाणितकिया है। उन्होंने न्यायपालिका के प्रति कृतज्ञता जताई और कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन कभी हार नहीं मानता। आरोप लगाने वाले खिलाड़ी भी थे समर्थकपूर्व सांसद ने यह भी कहा कि जिन खिलाड़ियों ने उन पर आरोप लगाए थे, वे पहले उन्हें “कुश्ती के भगवान” कहते थे। ये खिलाड़ी उनके घर आते-जातेथे और वे उनके विवाह व त्योहारों में भी शामिल होते थे। उन्होंने आरोपों के दुरुपयोग पर चिंता जताई और कहा कि दहेज, दलित उत्पीड़न तथा यौनउत्पीड़न जैसे कानूनों का संरक्षण के नाम पर गलत इस्तेमाल हो रहा है, जिसकी समीक्षा जरूरी है। आम आदमी पार्टी पर कटाक्ष और समीक्षा की मांगबृजभूषण शरण सिंह ने आम आदमी पार्टी के विरोध का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विरोध के बावजूद वे अपनी ज़िंदगी सामान्य रूप से जीतेरहे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उनका विरोध किया, उन्हें भविष्य में इसके परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कानूनों की समीक्षा के लिए उठाई गई मांगको अयोध्या से शुरू होकर दूर तक पहुंचने वाला कदम बताया। गोंडा में जोरदार स्वागत और कांग्रेस पर आरोपअयोध्या के बाद वे गोंडा भी पहुंचे जहाँ समर्थकों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। नंदनी नगर मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने कहा कि उनकेखिलाफ कांग्रेस पार्टी मुख्य रूप से जिम्मेदार थी, जिसमें हुड्डा परिवार भी शामिल था। उन्होंने कहा कि हुड्डा साहब मुख्यमंत्री बनने के करीब थे, लेकिनउनका सफर अचानक खत्म हो गया। उन्होंने कहा कि भगवान सब कुछ देखते हैं।
देवगढ़ पर्यटन स्थल पर अधिकारियों पर मधुमक्खियों का हमला, CDO और गनर गंभीर रूप से घायल

उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में स्थित ऐतिहासिक पर्यटन स्थल देवगढ़ का निरीक्षण करना अधिकारियों के लिए खतरनाक साबित हो गया। निरीक्षणके दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया, जिसमें Chief Development Officer (CDO) कमलाकांत पांडेय और उनके गनरचंद्रपाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। हालात इतने खराब हो गए कि CDO को जंगल से चारपाई पर लादकर बाहर लाना पड़ा। बौद्ध गुफाओं का जायज़ा लेने पहुंचे थे अधिकारीCDO पांडेय के साथ ADM (नमामि गंगे) राजेश श्रीवास्तव, नोडल अधिकारी (रेशम), BDO बिरधा, और जल निगम के अधिशासी अभियंता समेतअन्य अधिकारी पर्यटन की संभावनाएं जांचने के लिए बौद्ध गुफाओं तक पहुंचे थे। तभी पहाड़ियों से अचानक मधुमक्खियों का झुंड हमला बोल बैठा। CDO और ADM बच न सके, गनर ने बचाने की कोशिश में गंवाई चेतनाकुछ अधिकारी पेड़ों की आड़ में छिप गए या जमीन पर लेट गए, लेकिन CDO और ADM इतनी जल्दी प्रतिक्रिया नहीं दे सके। मधुमक्खियों नेCDO को इतनी बुरी तरह डंक मारे कि वे मौके पर ही बेहोश हो गए। गनर चंद्रपाल सिंह उन्हें बचाने दौड़े और खुद उनके ऊपर लेट गए, लेकिन हमलेमें वे भी गंभीर रूप से घायल हो गए और बेहोश हो गए। ग्रामीणों ने दिखाई हिम्मत, जंगल में खोजकर निकालाअफसरों की चीख-पुकार सुनकर नजदीकी गांवों के लोग मौके पर पहुंचे। ADM अंकुर श्रीवास्तव और SDM चंद्रभूषण सिंह ने कंबल ओढ़कर जंगलमें CDO को खोजा। कुछ समय बाद दोनों घायल और अचेत अवस्था में जमीन पर पड़े मिले। CDO को कंबल में लपेटकर चारपाई पर लादा गयाऔर लगभग एक किलोमीटर पैदल चलकर ट्रैक्टर से एम्बुलेंस तक पहुंचाया गया। डॉक्टर भी रह गए हैरान, कान से निकली जिंदा मधुमक्खियांADM राजेश श्रीवास्तव को भी गंभीर चोटें आईं। उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनके चेहरे से लगभग 500 डंकनिकाले और कान से 4 जिंदा मधुमक्खियां बाहर निकालीं। फिलहाल उनका इलाज जारी है। CDO का बयान: डेढ़ घंटे तक मधुमक्खियों से संघर्ष कियाहोश में आने के बाद CDO कमलाकांत पांडेय ने बताया, “हम पहाड़ी से उतर रहे थे तभी अचानक मधुमक्खियों का हमला हुआ। मैं पेट के बल लेटगया, गनर मुझे ढंकने आया लेकिन फिसल गया। डेढ़ घंटे तक मैं डंक सहता रहा और फिर होश खो बैठा।” वन विभाग की थ्योरी: इत्र की खुशबू बनी हमले की वजहवन विभाग के अनुसार, मधुमक्खियां शायद किसी अधिकारी द्वारा इस्तेमाल किए गए इत्र की तेज़ गंध से आकर्षित हुई होंगी। यह हमले का मुख्यकारण हो सकता है। विभाग ने कहा कि यह हमला किसी आकस्मिक उत्तेजना या गलतफहमी का परिणाम भी हो सकता है।