"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

कर्नाटक के कोप्पल में भयावह हत्या, प्रॉपर्टी विवाद बना वजह

कर्नाटक के कोप्पल जिले के तावरेगेरे कस्बे में शनिवार को एक भयावह हत्या की घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। मुख्य क्षेत्र सिंधनूरसर्कल में हुई इस वारदात का कारण प्रॉपर्टी विवाद बताया जा रहा है। सात लोगों ने मिलकर चेनप्पा नारिनाल नामक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या करदी। यह वारदात लगभग दो मिनट के अंदर बेकरी के बाहर और अंदर हुई, जिसे सीसीटीवी कैमरे ने पूरी तरह कैद कर लिया है। घटना का वीडियो भीसार्वजनिक हो चुका है। हत्या कैसे हुई?पुलिस के मुताबिक, चेनप्पा नारिनाल उस समय बेकरी के बाहर था, जब उस पर हमला किया गया। जान बचाने के लिए वह बेकरी के अंदर भागा, लेकिन उसके पीछा करने वाले हमलावरों ने धारदार हथियारों से उस पर लगातार वार किए। केवल कुछ मिनटों में हमलावरों ने उसकी हत्या कर दीऔर फरार हो गए। पुलिस ने अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है। सीसीटीवी वीडियो में क्या दिखा?सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि चेनप्पा अपनी जान बचाने के लिए चिल्ला रहा था और बेकरी के अंदर भाग रहा था। इस दौरान दो या अधिकहमलावरों ने उस पर चाकू से हमला किया, जबकि एक व्यक्ति ने उसके सिर पर लकड़ी के लट्ठे से वार किया। पीड़ित के शरीर पर कई जगह चाकू केघाव नजर आए। बेकरी के अंदर और बाहर चेनप्पा लगातार भागता रहा, लेकिन हमलावर लगातार उसके पीछे-पीछे दौड़ते हुए उस पर हमला करतेरहे। अंत में वह बेकरी से बाहर निकला, जहां दो-तीन हमलावरों ने उस पर कई बार चाकू से हमला किया।

लोकदल का संदेश, पंचायत चुनाव से तय होगा विधानसभा चुनाव का भविष्य

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने एक कार्यक्रम में जोर देते हुए कहा कि पंचायत चुनाव केवल स्थानीय निकाय का चुनाव नहीं है, बल्कि यहआगामी विधानसभा चुनाव की दिशा और दशा निर्धारित करने वाला एक अहम अवसर है। गाँव की सरकार यानी पंचायत सबसे करीब होती है जनताके, और यहीं से वास्तविक बदलाव की शुरुआत होती है।महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से जूझ रही जनता के लिए पंचायत चुनाव एक अवसरसुनील सिंह ने कहा कि आज जब देश-प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसी गंभीर समस्याएँ हैं, तब पंचायत चुनाव जनता के लिए अपनेप्रतिनिधियों को समझदारी से चुनने और एक मजबूत विकल्प को आगे बढ़ाने का अवसर है। लोकदल के कार्यकर्ता गाँव-गाँव जाकर यही संदेश पहुंचारहे हैं कि परिवर्तन की शुरुआत पंचायत से होनी चाहिए। पारदर्शिता और जनसेवा की प्राथमिकता के साथ उम्मीदवारों का चयनलोकदल पंचायत प्रतिनिधियों के चयन में पारदर्शिता, ईमानदारी और जनसेवा को सर्वोपरि रखेगा। पार्टी का मकसद है कि हर पंचायत में ऐसेउम्मीदवार चुने जाएं जो योग्य, निष्ठावान और जनता के बीच से हों, ताकि सच्चे लोकतंत्र और विकास की नींव मजबूत हो सके। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जनसम्पर्क अभियान और चुनाव तैयारीलोकदल पार्टी आगामी पंचायत चुनाव में पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी। खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में पार्टी ने जनसम्पर्क अभियानतेज कर दिया है और सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने की तैयारी में है। किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों की आवाज़ बनी लोकदललोकदल पार्टी हमेशा से किसानों, मजदूरों, युवाओं और ग्रामीण समाज की ओर से आवाज़ उठाती रही है। पंचायत चुनाव के माध्यम से पार्टी गाँवों मेंविकास, पारदर्शिता और जनहित की नीतियों को और मजबूत करने का संकल्प ले रही है। सुनील सिंह का स्पष्ट वक्तव्यराष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा, “हम चाहते हैं कि हर पंचायत में लोकदल की मजबूत हिस्सेदारी हो और वहाँ जनहित के फैसले पारदर्शिता औरमजबूती से लिए जाएं। हम ऐसे उम्मीदवार मैदान में उतारेंगे जो न केवल जनसेवाभावी हों बल्कि जनता के प्रति जिम्मेदार भी हों।” पंचायत चुनाव से उठेगा परिवर्तन का सशक्त कदमलोकदल पार्टी अपने मजबूत संगठन, सक्रिय कार्यकर्ताओं और जनता के व्यापक समर्थन के साथ पंचायत चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाने के लिएपूरी तरह तैयार है। सुनील सिंह ने आशा जताई कि पंचायत चुनाव में मिले समर्थन से विधानसभा चुनाव में भी व्यापक बदलाव संभव होगा।

रेखा गुप्ता ने कहा था ‘एक भी झुग्गी नहीं टूटेगी’, अगले ही दिन उजाड़ दी गईं 800 झुग्गियां, आप का आरोप

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में भारतीय जनतापार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने एक बार फिर दिल्ली की जनता, खासकर झुग्गी में रहने वाले गरीब नागरिकों केसाथ छल किया है। रेखा गुप्ता ने झुग्गियों को ना तोड़ने का दिया था भरोसा, अगले दिन चली बुलडोजरसौरभ भारद्वाज ने बताया कि 31 मई को भाजपा सरकार के 100 दिन पूरे होने पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट रूप से कहा था कि दिल्ली में एक भीझुग्गी नहीं टूटेगी। लेकिन यह बयान महज 24 घंटे भी नहीं टिक सका। 1 जून को ही बारापुला फ्लाईओवर के पास स्थित मद्रासी कैंप की करीब800 झुग्गियों को बुलडोज़र चलाकर गिरा दिया गया। चुनाव से पहले किया वादा, चुनाव जीतते ही पलटा रुखउन्होंने कहा कि यह वही इलाका है जहां चुनाव से पहले भाजपा के उम्मीदवारों ने ‘जहां झुग्गी वहीं मकान’ का वादा करते हुए गारंटी कार्ड बांटे थे।लेकिन अब वही भाजपा इन झुग्गीवासियों को न केवल घर देने से मुकर रही है, बल्कि उन्हें जबरन उजाड़ भी रही है। झुग्गीवासियों के साथ किए गए ड्रामे की याद दिलाईभारद्वाज ने याद दिलाया कि चुनाव के दौरान भाजपा के कई नेताओं ने झुग्गियों में रात बिताने, जागरण करने, बच्चों के साथ खेल खेलने और गरीबोंके साथ खाना खाने जैसे प्रचारात्मक कार्यक्रम किए थे। लेकिन अब वही नेता इन परिवारों की तकलीफों पर चुप्पी साधे हुए हैं। झुग्गीवासी घर से बेघर, भाजपा सरकार का असली चेहरा उजागरउन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने उन लोगों से भी धोखा किया जो दिन-रात मेहनत करके अपने परिवार का पेट पालते हैं। अब इन लोगों को न घरमिला और न ही सुरक्षा। इसके उलट उनकी झुग्गियों को तोड़कर उन्हें सड़क पर ला खड़ा किया गया है। दिल्ली में हर तरफ चल रही झुग्गी विरोधी कार्रवाईसौरभ भारद्वाज ने कहा कि मद्रासी कैंप ही नहीं, बल्कि दिल्ली के अन्य हिस्सों में भी भाजपा सरकार की ओर से झुग्गियों को उजाड़ने की कार्यवाहीलगातार जारी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि प्रेस वार्ता के समय भी वजीरपुर इलाके में दर्जनों बुलडोजर झुग्गियों को तोड़ने में लगे हुए हैं। मीडिया की चुप्पी पर भी उठाए सवालउन्होंने मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद मुख्यधारा के मीडिया चैनलों और अखबारों में इस अन्यायकी कोई चर्चा नहीं हो रही है। यह न केवल शर्मनाक है, बल्कि लोकतंत्र के लिए भी चिंता का विषय है। भाजपा गरीबों के सिर से छत और थाली से निवाला छीन रही हैअंत में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार उन गरीब लोगों के खिलाफ काम कर रही है जो सबसे ज्यादा जरूरतमंद हैं। भाजपाका असली चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है—जो वादों में कुछ कहती है, और सत्ता में आने के बाद बिल्कुल विपरीत दिशा में कार्य करती है।

शिलांग में लापता इंदौर कपल की तलाश में सफलता, पति का शव खाई में मिला

मेघालय की राजधानी शिलांग में पिछले दस दिनों से लापता चल रहे इंदौर के दंपत्ति की खोज में अहम प्रगति हुई है। सोमवार को तलाशी अभियानके दौरान एक गहरी खाई में एक पुरुष का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान इंदौर निवासी राजा रघुवंशी के रूप में होने की आशंका है। हालांकि, परिजनों द्वारा अब तक शव की औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है। शिलांग घूमने निकला था जोड़ा, अचानक हुआ लापताराजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम शिलांग भ्रमण पर गए थे। परिवार के अनुसार, यात्रा के दौरान दोनों अचानक लापता हो गए, जिसके बादपुलिस में शिकायत दर्ज की गई। प्रशासन ने सर्च अभियान शुरू किया, लेकिन खराब मौसम और लगातार बारिश के कारण ऑपरेशन बार-बार बाधितहुआ।रेस्क्यू टीम को खाई में मिला शव, पहचान अधूरीसोमवार को रेस्क्यू टीम जब खाई में उतरी, तो उन्हें एक शव मिला, जिसकी स्थिति काफी क्षतिग्रस्त थी। प्रथम दृष्टया यह शव राजा रघुवंशी का मानाजा रहा है, लेकिन परिवार ने अब तक अंतिम पुष्टि नहीं की है। शव की हालत खराब होने के कारण पहचान मुश्किल हो रही है।पत्नी सोनम का अब तक नहीं मिला कोई सुरागजहाँ एक ओर राजा का शव मिलने से मामले में आंशिक स्पष्टता आई है, वहीं उनकी पत्नी सोनम का कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस, परिजनऔर स्थानीय लोग मिलकर तलाश जारी रखे हुए हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया और जरूरीपूछताछ में भी लापरवाही बरती। स्थानीय गांवों में छिपी हो सकती है जानकारीपरिजनों ने आशंका जताई है कि जिस खाई में शव मिला, उसके नीचे कुछ गांव स्थित हैं। संभावना है कि सोनम वहां तक पहुंची हो और स्थानीयलोगों से कोई जानकारी मिल सके। लेकिन, पुलिस ने अब तक उन गांवों से संपर्क नहीं किया है। परिजनों ने सेना या विशेष बचाव दल की सहायताकी भी मांग की है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जताया शोकमध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए लिखा कि राजा रघुवंशी का असमय निधन अत्यंत पीड़ादायकहै। वे अपनी पत्नी के साथ शिलांग की यात्रा पर थे, जहां से उनके लापता होने की खबर आई थी। मंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा कोशांति और परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल प्राप्त हो।

फ्लेम थ्रोवर से हमला, कोलोराडो में यहूदी प्रदर्शन पर आतंक की छाया-FBI ने हमले को आतंकवाद की श्रेणी में रखा, संदिग्ध फिलिस्तीन समर्थक गिरफ्तार

रविवार को अमेरिका के कोलोराडो राज्य के बोल्डर शहर में एक भयावह हमला हुआ, जिसमें कम से कम छह लोग घायल हो गए। एफबीआई ने इसेएक लक्षित आतंकवादी घटना मानते हुए जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हमला उस समय हुआ जब लोग हमास द्वारा बंधकबनाए गए इजरायली नागरिकों की रिहाई की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। संदिग्ध ने फ्लेम थ्रोवर से किया हमला, ‘फ्री फिलिस्तीन’ के नारे लगाएप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक व्यक्ति अचानक प्रदर्शनकारियों की ओर बढ़ा और “फ्री फिलिस्तीन” चिल्लाते हुए फ्लेम थ्रोवर से हमला कर दिया।हमले में प्रदर्शन कर रहे यहूदी नागरिक मुख्य रूप से निशाने पर थे। वीडियो फुटेज में लोगों को भागते और आग से बचने की कोशिश करते हुए देखागया।हमलावर की पहचान और गिरफ्तारीहमले के बाद पुलिस ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए आरोपी की पहचान 45 वर्षीय मोहम्मद सबरी सोलिमान के रूप में की, जिसे मौके से ही हिरासत मेंले लिया गया। उसके पास से स्प्रे बोतलों में आग फैलाने वाला पदार्थ और घरेलू हथियार जैसे मोलोटोव कॉकटेल भी बरामद किए गए। एफबीआई प्रमुख और अधिकारियों की प्रतिक्रियाएफबीआई निदेशक काश पटेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, “हम कोलोराडो के बोल्डर में हुई एक लक्षित आतंकवादी घटना सेअवगत हैं और इसकी पूरी जांच कर रहे हैं।” एफबीआई के उप निदेशक डैन बोंगिनो ने बताया कि प्राथमिक सबूत और गवाहों के बयान इसे “वैचारिकरूप से प्रेरित हिंसा” के रूप में दर्शाते हैं। इजरायली राजदूत की प्रतिक्रिया और यहूदी समुदाय में चिंतायह घटना ऐसे समय पर हुई है जब वाशिंगटन डीसी में यहूदी संग्रहालय के पास दो इजरायली अधिकारियों की हत्या हुई थी। संयुक्त राष्ट्र मेंइजरायली राजदूत ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “यहूदी विरोधी आतंक अब गाजा तक सीमित नहीं है, यह अमेरिका की सड़कों पर भी फैलचुका है।” घटना के दृश्य,.आग और भगदड़घटनास्थल से सामने आए वीडियो में एक शर्टलेस व्यक्ति को आग के गोले फेंकते हुए, “जायनिस्ट्स का अंत”, “फिलिस्तीन आज़ाद है”, जैसे नारेलगाते हुए देखा गया। बोल्डर पुलिस प्रमुख स्टीव रेडफर्न ने बताया कि जब उनकी टीम मौके पर पहुंची, तो कई लोग गंभीर रूप से घायल अवस्था मेंपाए गए।

भारत पहुंचे पराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना, पीएम मोदी से की अहम बातचीत

पराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना पालासिओस भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सोमवार को राजधानी दिल्ली पहुंचे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी से हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। यह दौरा दोनों देशों के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहाहै।पालम एयरफोर्स स्टेशन पर हुआ औपचारिक स्वागतदिल्ली के पालम एयर फोर्स स्टेशन पर राष्ट्रपति पेना का भव्य स्वागत किया गया, जहां उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। उनकेसाथ मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और व्यापार क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पेना के सम्मान में भोज का आयोजन कियाराष्ट्रपति पेना का यह दौरा प्रधानमंत्री मोदी के आमंत्रण पर हो रहा है, जिसमें दिल्ली और मुंबई में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम शामिल हैं। हैदराबाद हाउसमें दोनों नेताओं के बीच विस्तृत बातचीत हुई, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों के सभी आयामों पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर को”ऐतिहासिक” बताते हुए कहा कि यह यात्रा परस्पर विश्वास और साझेदारी को और मजबूत करेगी। उन्होंने राष्ट्रपति पेना के सम्मान में एक विशेषदोपहर भोज भी आयोजित किया। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्री से भी मुलाकात करेंगे पेनाराष्ट्रपति पेना भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति मुर्मू उनके सम्मान में रात्रि भोज कीमेज़बानी करेंगी, जबकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी उनकी अहम बातचीत तय है। यह राष्ट्रपति पेना की भारत की पहली राजकीय यात्रा है औरकेवल दूसरी बार है जब किसी पराग्वे राष्ट्रपति ने भारत का दौरा किया है। भारत-पराग्वे संबंध: ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और साझा हितभारत और पराग्वे के बीच 13 सितंबर 1961 को राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे। इसके बाद से दोनों देशों ने व्यापार, कृषि, स्वास्थ्य, दवाइयों औरसूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा दिया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों के लिए द्विपक्षीय संबंधों की समग्रसमीक्षा करने और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श का सुनहरा अवसर है। मुंबई में स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी इनोवेशन पर फोकसअपनी मुंबई यात्रा के दौरान राष्ट्रपति पेना महाराष्ट्र के राजनीतिक नेतृत्व, स्टार्टअप्स, उद्योगपतियों, नवोन्मेषकों और तकनीकी विशेषज्ञों से मिलेंगे। यहदौरा विशेष रूप से आर्थिक और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा। परस्पर हितों पर साझा दृष्टिकोणविदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत और पराग्वे संयुक्त राष्ट्र सुधार, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, और आतंकवाद से लड़ने जैसेवैश्विक मुद्दों पर समान विचारधारा साझा करते हैं। पराग्वे को भारत लैटिन अमेरिका में एक रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है, जहां भारतीयकंपनियां पहले से ही ऑटोमोबाइल और फार्मास्यूटिकल क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 4 जून को राष्ट्रपति पेना की भारत यात्रा का समापनराष्ट्रपति सैंटियागो पेना की यह ऐतिहासिक राजकीय यात्रा 4 जून 2025 को समाप्त होगी, जब वे अपने देश पराग्वे के लिए प्रस्थान करेंगे।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद तुर्की-पाक गठजोड़ के खिलाफ भारत-ग्रीस रणनीतिक मोर्चा!

भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान तुर्की ने पाकिस्तान की खुलकर सैन्य मदद की। तुर्की ने पाकिस्तान को बड़ी मात्रा में घातक ड्रोनउपलब्ध कराए, जिन्हें भारतीय सशस्त्र बलों ने समय रहते मार गिराया। इस सैन्य सहयोग के ठीक बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ औरसेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने तुर्की का दौरा किया और राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। संयोगसे, अजरबैजान के राष्ट्रपति भी उसी समय तुर्की में मौजूद थे। भारत को ग्रीस से मिला रणनीतिक साझेदारी का प्रस्तावइस घटनाक्रम के बाद भारत को एक अहम रणनीतिक प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। ग्रीस के वरिष्ठ राजनयिक लियोनिदास क्रायरसथोंपोउलोस ने सुझावदिया है कि भारत और ग्रीस मिलकर तुर्की और पाकिस्तान के खिलाफ एक रक्षा दीवार का निर्माण कर सकते हैं। लियोनिदास, जो कनाडा, पोलैंड, आर्मेनिया और तुर्की जैसे देशों में कार्य कर चुके हैं, ने संडे गार्डियन को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत और ग्रीस को मिलकर एर्दोगन की आक्रामकविदेश नीति के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। सैन्य सहयोग और संयुक्त अभ्यास पर बलराजनयिक ने कहा कि भारत और ग्रीस के बीच विशेषकर वायुसेना के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जाना चाहिए। भारत ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनेराफेल फाइटर जेट्स के प्रदर्शन की जानकारी ग्रीस के साथ साझा कर सकता है। उन्होंने हिंद महासागर और भूमध्य सागर में संयुक्त सैन्य अभ्यासआयोजित करने का भी सुझाव दिया, ताकि तुर्की और पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया जा सके। संयुक्त राष्ट्र मंचों पर समर्थन और रणनीतिक सहयोगलियोनिदास ने यह भी कहा कि ग्रीस को कश्मीर के मसले पर भारत का समर्थन करना चाहिए, और भारत को बदले में तुर्की की ओर से ग्रीस को मिलनेवाली धमकियों के विरुद्ध एथेंस का समर्थन करना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र सहित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोनों देशों को एक-दूसरे का खुलकर समर्थन करनाचाहिए। इसके अतिरिक्त, परमाणु तकनीक जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भी द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि तुर्की और पाकिस्तानकिसी सैन्य दुस्साहस से पहले दो बार सोचें। तुर्की की विस्तारवादी सोच और एर्दोगन की महत्वाकांक्षातुर्की के बढ़ते सैन्य प्रभाव पर टिप्पणी करते हुए लियोनिदास ने कहा कि एर्दोगन की सरकार ने एक सशक्त हथियार उद्योग विकसित किया है, औरतुर्की अब वैश्विक स्तर पर हथियार निर्यात कर रहा है। अफ्रीका में लीबिया और सूडान जैसे देशों में तुर्की के सैन्य अड्डे बन चुके हैं। उन्होंने चेताया किएर्दोगन खुद को मुस्लिम दुनिया का नेता स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं और ऑटोमन साम्राज्य की तर्ज पर तुर्की को फिर से ताकतवर बनानाचाहते हैं। ग्रीस-भारत संबंधों की ऐतिहासिक गहराईराजनयिक ने यह भी याद दिलाया कि भारत और ग्रीस के संबंध केवल समकालीन राजनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका इतिहास सिकंदर महानके समय से जुड़ा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि ग्रीस की वर्तमान सरकार तुर्की से शांति पूर्ण संबंध चाहती है, लेकिन एर्दोगन बार-बारसमुद्री सीमा, वायु क्षेत्र और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों को लेकर तनाव बढ़ा रहे हैं।

आम आदमी पार्टी का भाजपा पर हमला,24 घंटे भी नहीं निभाया वादा, मद्रासी कैंप पर चला बुल्डोज़र बोले सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 31 मई कोझुग्गियों को न तोड़ने का वादा किया था, लेकिन ठीक 24 घंटे के भीतर ही दिल्ली के बारापूला क्षेत्र में स्थित मद्रासी कैंप की झुग्गियों को तोड़ दियागया। सीएम का दावा झूठा साबित हुआसौरभ भारद्वाज ने कहा कि 31 मई को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में सरकार के 100 दिन पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम रेखा गुप्ता नेअभिनेता अनुपम खेर से बातचीत में यह दावा किया था कि दिल्ली में किसी भी झुग्गी को नहीं तोड़ा जाएगा। उन्होंने इस बयान को “ढोंग” करार देतेहुए कहा कि 1 जून को ही मद्रासी कैंप की झुग्गियों पर बुल्डोज़र चला दिया गया, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए। तमिलनाडु के निवासियों के साथ भेदभाव?सौरभ ने सवाल उठाया कि क्या भाजपा तमिलनाडु में चुनाव की तैयारी कर रही है और दिल्ली में तमिल समुदाय को उजाड़कर उन्हें “तोहफा” दे रही है? उन्होंने कहा कि इन झुग्गियों में रहने वाले ज़्यादातर लोग तमिलनाडु के मूल निवासी हैं और पिछले 40-50 वर्षों से यहीं बसे हुए हैं। उनके पास दिल्लीका आधार, राशन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र है। उनके बच्चे स्थानीय स्कूलों में पढ़ते हैं और रोजगार भी पास के इलाकों में हैं। ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान‘ का वादा झूठा?भाजपा द्वारा नरेला में मकान देने की बात पर सौरभ भारद्वाज ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ का वादाकिया था, लेकिन अब इन लोगों को 50 किलोमीटर दूर नरेला भेजा जा रहा है, जहां न तो रोजगार है, न स्कूल, और न ही बुनियादी सुविधाएं। चुनाव से पहले वादे, बाद में बुल्डोज़रआप नेता व दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी भाजपा सरकार की कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर मद्रासी कैंपकी कार्रवाई का वीडियो साझा करते हुए कहा कि चुनावों से पहले भाजपा नेताओं ने यहां आकर ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ के फॉर्म भरवाए थे, लेकिनसत्ता में आते ही बुल्डोज़र चला दिया गया। मुट्ठीभर लोगों को मकान दिए गए, वह भी दूर-दराज़ के इलाके नरेला में। केजरीवाल सरकार ने कभी झुग्गियां नहीं तोड़ीपूर्व विधायक प्रवीण कुमार ने कहा कि जब तक आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब तक किसी झुग्गी पर बुल्डोज़र नहीं चला। भाजपा सरकारबनने के बाद से लगातार झुग्गियों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मद्रासी कैंप की झुग्गियां डूसिब (Delhi Urban Shelter Improvement Board) में पंजीकृत हैं, लेकिन केवल 50% लोगों को ही मकान दिया गया, वह भी ऐसी जगह जहां पानी की भी व्यवस्था नहीं है। दिल्ली की कीमती ज़मीन अमीरों को देना चाहती है भाजपाप्रवीण कुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार झुग्गियों को हटाकर दिल्ली की प्रमुख लोकेशन की ज़मीन अपने पूंजीपति दोस्तों को देना चाहतीहै। उन्होंने चेतावनी दी कि अब अगला निशाना झुग्गियों के बाद मकान होंगे।

बिहार में दलित बच्ची की मौत पर कांग्रेस का हमला, जदयू-भाजपा सरकार को ठहराया जिम्मेदार

कांग्रेस ने बिहार में नौ वर्षीय दलित बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसके ठीक इलाज न मिलने के कारण हुई मौत को जदयू-भाजपा सरकार की संस्थागतहत्या करार दिया है। कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन और प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि राज्यकी सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह असफल साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि बिहार में प्रतिदिन औसतन आठ हत्याएं, 33 अपहरण और 134 से अधिक गंभीर अपराध हो रहे हैं, जो महिला और बाल सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाते हैं। मुजफ्फरपुर की दर्दनाक घटना और प्रशासन की लापरवाहीरंजीत रंजन ने बताया कि 26 मई को मुजफ्फरपुर के कुढ़नी प्रखंड में नौ साल की दलित बच्ची के साथ बर्बर दुष्कर्म किया गया, उसका गला चाकू सेरेत दिया गया और फिर उसे ईंट भट्ठे के गड्ढे में फेंक दिया गया। पीड़िता के शरीर पर 20 से अधिक जगह चाकुओं के घाव मिले। घटना के बाद जबलोग पुलिस से शिकायत दर्ज कराने गए तो पुलिस ने उल्टा लाठीचार्ज किया। आरोपी पहले से ही हिंसक प्रवृत्ति का था, परन्तु वह खुलेआम घूम रहाथा, जिससे प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठते हैं। इलाज में लापरवाही और दर्दनाक मौतकांग्रेस नेताओं ने अस्पताल में बच्ची से मुलाकात की और बेहतर इलाज के लिए दिल्ली एम्स भेजने की मांग की, लेकिन राज्य सरकार ने इस पर ध्याननहीं दिया। जब बच्ची की हालत बिगड़ी तो उसे पटना लाया गया, लेकिन एम्स पटना ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का हवाला देकर भर्ती करने सेइनकार कर दिया। इसके बाद उसे पीएमसीएच में भेजा गया, जहाँ वह लगभग पांच घंटे तक एंबुलेंस में ही तड़पती रही। अंततः कांग्रेस नेताओं केदबाव में बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया, पर तब तक उसकी हालत बेहद गंभीर थी। इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। राज्य में बढ़ते अपराधों पर कांग्रेस का कड़ा रुखरंजीत रंजन ने हाल ही में मुजफ्फरपुर, छपरा, सीतामढ़ी, बेतिया, मुंगेर और अररिया में नाबालिग बेटियों के साथ हुए कई जघन्य दुष्कर्म और हत्या कीघटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार लगातार अपराध बढ़ने के बावजूद जिम्मेदारी से भाग रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कान मेंतेल डालकर सो रही है और कानून-व्यवस्था को सुधारने में असफल है। दलितों और महिलाओं पर अत्याचारों को लेकर गहरी चिंता व्यक्तशमा मोहम्मद ने भी बिहार में दलितों और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर चिंता जाहिर की। उन्होंने भाजपा नेताओं पर लगे दुष्कर्म केआरोपों और उनके खिलाफ न होने वाली कार्रवाई का उदाहरण दिया। डॉ. मोहम्मद ने भाजपा के प्रभावशाली नेताओं के संरक्षण और सरकार कीचुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह देश के लिए शर्मनाक है। सत्ता में बैठे नेताओं के खिलाफ भी कांग्रेस ने उठाए सवालमोहम्मद ने याद दिलाया कि नए संसद भवन के उद्घाटन के दौरान भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह मौजूद थे, जबकि देश की महिला पहलवानों केसाथ पुलिस ने मारपीट की। उन्होंने बिलकिस बानो के बलात्कारियों को भाजपा नेताओं द्वारा सम्मानित किए जाने, मणिपुर में महिलाओं के साथ हुएदुष्कर्म और एफआईआर न दर्ज कराने जैसे मामलों का उल्लेख किया। साथ ही कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत की स्वर्गीय माता के लिए भाजपा प्रवक्ताप्रेम शुक्ला की अमर्यादित टिप्पणी की भी निंदा की। ‎

लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन, रूबी फोगाट यादव ने लोकमाता के जीवन मूल्यों को अपनाने काकिया आह्वान

भारत विकास परिषद द्वारा लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी की त्रिशताब्दी (300वीं जयंती) के उपलक्ष्य में महिला सहभागिता विषयक संगोष्ठीका आयोजन किया गया। इस अवसर पर बीजेपी नेत्री एवं मिसेज़ यूनिवर्स रूबी फोगाट यादव ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में लोकमाता अहिल्याबाईहोलकर के व्यक्तित्व और कार्यों पर प्रकाश डाला। लोकमाता अहिल्याबाई साहस, सेवा और न्याय का प्रतीकरूबी फोगाट यादव ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर केवल एक शासिका नहीं, बल्कि एक दृष्टि, एक विचारधारा और न्याय की मूर्ति थीं। उन्होंने कहा, “मैं अहिल्याबाई जी के जीवन को केवल पढ़ती नहीं, बल्कि उसे जीती हूँ। उनके गुण मेरे भीतर साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति का संचार करते हैं।” उन्होंने उपस्थित जनसमूह को लोकहित में कार्य करने और अहिल्याबाई जी के आदर्शों को आत्मसात करने का संदेश दिया। वरिष्ठ विद्वानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थितिइस विशेष अवसर पर राष्ट्रीय संगठन मंत्री मा.सुरेश जैन, बालाकृष्णन आयोग की सदस्य . सुषमा यादव, मिरांडा हाउस कॉलेज की प्राचार्या प्रो. विजयलक्ष्मी नंदा, . शिप्रा, कुलविंदर कौर, और गीता जी सहित अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां मंच पर उपस्थित रहीं। सभी ने अपने विचारों के माध्यम सेलोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन और उनके योगदान को श्रद्धांजलि दी।समाज में नारी शक्ति के योगदान को लेकर जागरूकता का संकल्पसंगोष्ठी का उद्देश्य नारी सहभागिता को प्रोत्साहित करना और महिलाओं को सामाजिक नेतृत्व की प्रेरणा देना था। कार्यक्रम में वक्ताओं ने एकमत सेकहा कि आज के समय में अहिल्याबाई जैसी नेतृत्व क्षमता और समाजसेवा की भावना की अत्यधिक आवश्यकता है।