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पश्चिम बंगाल के प्रख्यात समाजसेवी पीरजादा अमीन कांग्रेस में हुए शामिल-गुलाम अहमद मीर, पवन खेड़ा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने किया स्वागत

पश्चिम बंगाल के ख्यातिप्राप्त समाजसेवी और सामाजिक उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाने वाले पीरजादा अमीन ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहणकी। शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पार्टी महासचिव एवं पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर, मीडिया एवं प्रचारविभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा, प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार, और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सुब्रता दत्ता ने उन्हें कांग्रेस का पटका पहनाकरपार्टी में औपचारिक रूप से शामिल किया। समाजसेवा और शिक्षा क्षेत्र में अमीन परिवार की ऐतिहासिक भूमिकापवन खेड़ा ने पीरजादा अमीन का स्वागत करते हुए कहा कि उनका परिवार न केवल पश्चिम बंगाल, बल्कि ओडिशा और त्रिपुरा में भी सामाजिक प्रभावरखता है। मुस्लिम पुनर्जागरण और शिक्षा के क्षेत्र में उनके परिवार का योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भी बड़ी पहल करतेहुए अस्पताल और तकनीकी संस्थानों की स्थापना की, साथ ही कई अनुसंधान परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया। गांधीवादी परंपरा से जुड़ा रहा है परिवारखेड़ा ने आगे बताया कि पीरजादा अमीन के परदादा स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रहे और कांग्रेस से गहरा नाता रहा। उनका परिवार सदैव सौहार्द, शांतिऔर समरसता की मिसाल रहा है, जो आज भी समाज के लिए एक प्रेरणा है। राज्य के युवाओं तक पहुंचेगी कांग्रेस की बातपश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने इस अवसर पर कहा कि अमीन परिवार वर्षों से समाज और धर्म की सेवा में जुटा है। हाल के समय मेंपीरजादा अमीन को यह महसूस हुआ कि राज्य की जनता के लिए कांग्रेस ही एक सशक्त विकल्प है, जिससे वे अपनी बात प्रभावी ढंग से रख सकतेहैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य और केंद्र सरकारें जनहित के सवालों पर असफल रही हैं। जनता को अब तक कोई स्पष्ट दिशा या समाधान नहीं दियागया है। ऐसे में पीरजादा अमीन जैसे प्रभावशाली युवा नेता के कांग्रेस में आने से राज्य के युवाओं में नई उम्मीद जगेगी और वे जन सरोकारों परआधारित राजनीति की ओर प्रेरित होंगे।

नई दिल्ली में एकात्म मानववाद पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी प्रारंभ, 60 वर्षों की वैचारिक यात्रा पर व्यापक मंथन

पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित ‘एकात्म मानववाद’ के 60 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नई दिल्ली स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में दोदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी और प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह श्री अरुण कुमार जी ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया और प्रदर्शनी का लोकार्पण किया। उन्होंने दीप प्रज्वलन केबाद अपने उद्घाटन वक्तव्य में ‘एकात्म मानववाद’ को भारत के विकास का मौलिक सूत्र बताते हुए कहा कि यह दर्शन केवल एक वैचारिक प्रतिपादननहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आत्मा है। उन्होंने कहा कि भारत की उन्नति तभी संभव है जब हम अपनी सांस्कृतिक चेतना और परंपराओं के अनुरूपविकास का मार्ग अपनाएं। श्री अरुण कुमार जी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चिंतन को भारतीय परंपरा का युगानुकूल भाष्य बताया, न कि कोईनवीन विचारधारा। उन्होंने कहा कि उपाध्याय जी ने राष्ट्र को तलवार की नोक पर नहीं, बल्कि धर्म और समाज के नैतिक अधिष्ठान पर खड़ा करने कीबात कही थी। कार्यक्रम में श्यामा प्रसाद मुखर्जी फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. अनिर्वाण गांगुली, पीपीआरसी के निदेशक सुमित भसीन, प्रभात प्रकाशनके श्री प्रभात कुमार सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया और अतिथियों को पुष्पगुच्छ एवं स्मृतिचिन्ह भेंट किए गए। प्रदर्शनी का संयोजन श्री राजीव बब्बर ने किया था और यह पहली बार डिजिटल माध्यम से प्रस्तुत की गई, जिसे देखने लगभग 10,000 से अधिकलोग पहुंचे। प्रदर्शनी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जीवनी, ग्रामीण उत्थान, भारत की विदेश नीति और उनके द्वारा लिखित पुस्तकों को भीप्रदर्शित किया गया। संगोष्ठी में देश भर से आए प्रबुद्धजनों और भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति रही। इनमें भाजपा के राष्ट्रीय संगठनमहामंत्री बी. एल. संतोष, सह संगठन महामंत्री श्री शिव प्रकाश, राष्ट्रीय संगठक वी. सतीश, राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह एवं तरुण चुघ, दिल्ली कीमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, केन्द्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसद मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी, प्रवीणखंडेलवाल, योगेन्द्र चंदोलिया और दिल्ली भाजपा के महामंत्री विष्णु मित्तल प्रमुख रूप से शामिल रहे। संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों में विचारशील विमर्श हुआ। दूसरे सत्र को डॉ. महेश चंद्र शर्मा एवं श्री शिव प्रकाश ने संबोधित किया, जबकि तीसरे सत्र मेंकेंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने अपने विचार रखे। इसके पश्चात डॉ. एम. एस. चैत्रा ने विचार प्रस्तुत किए और अंतिम सत्र में केंद्रीय मंत्रीश्री भूपेंद्र यादव ने पंडित जी के विचारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। अंतिम सत्र की अध्यक्षता दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने की। अपने उद्घाटन भाषण में श्री अरुण कुमार जी ने कहा कि जनसंघ और भाजपा की विचारधारा की नींव एकात्म मानववाद पर रखी गई थी। उन्होंनेबताया कि स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात भारत में गहरा वैचारिक भ्रम व्याप्त था कोई समाजवाद में, कोई साम्यवाद में, तो कोई वेलफेयर स्टेट कीअवधारणा में विश्वास रखता था। ऐसे समय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय चिंतन परंपरा को आधार बनाकर एकात्म मानववाद कीसंकल्पना प्रस्तुत की, जिसने भारत की आत्मा को पहचानने और राष्ट्र निर्माण के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भारतको सशक्त बनाना है, तो उसकी मूलभूत प्रकृति को समझना आवश्यक है, क्योंकि हर राष्ट्र की अपनी उत्तरकुंजी होती है और भारत की कुंजी है उसकाधर्म, उसका संस्कार, उसकी परंपरा। इस दो दिवसीय संगोष्ठी ने यह स्पष्ट किया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का दर्शन आज भी राष्ट्र के सर्वांगीणविकास के लिए अत्यंत प्रासंगिक है और ‘एकात्म मानववाद’ न केवल विचारधारा, बल्कि भारत की आत्मा का प्रतिबिंब है।

भारत के वैश्निक स्तर पर आंतकवाद के खिलाफ सख्त रुख, पाकिस्तान को बेनकाब करने के प्रयासों को मिली महत्वपूर्ण सफलता बोले कांग्रेस नेता शशि थरुर

भारत के वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख और पाकिस्तान को बेनकाब करने के प्रयासों को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है. कांग्रेसनेता शशि थरूर के नेतृत्व में सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने कोलंबिया में पाकिस्तान की पोल खोलकर रख दी. कोलंबिया ने पहले अपने बयानमें पाकिस्तान में जानमाल के नुकसान पर सहानुभूति जताई थी, लेकिन शशि थरूर की ओर से आपत्ति जताए जाने के बाद उसने अपना बयान वापसले लिया है. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बोगोटा में गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कोलंबिया की स्थिति पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंनेकहा कि भारत को इस बात से निराशा हुई कि कोलंबिया सरकार ने पाकिस्तान में हुए नुकसान पर संवेदना जताई, जबकि उन्हें पहलगाम आतंकवादीहमले के पीड़ितों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करनी चाहिए थी. शशि थरूर ने कहा कि हमें कोलंबिया सरकार की प्रतिक्रिया से थोड़ी निराशा हुई, जिन्होंनेभारतीय हमलों के बाद पाकिस्तान में जानमाल के नुकसान पर हार्दिक संवेदना व्यक्त की, बजाय इसके कि वे आतंकवाद के पीड़ितों के प्रतिसहानुभूति दिखाते. उन्होंने आगे कहा कि हम अपने कोलंबियाई मित्रों से कहना चाहते हैं कि आतंकवाद फैलाने वालों और उनसे लड़ने वालों के बीचकोई समानता नहीं हो सकती. आत्मारक्षा के अधिकार का प्रयोगहम सिर्फ आत्मरक्षा के अधिकार प्रयोग कर रहे हैं और अगर इस मुद्दे पर कोई गलतफहमी है, तो हम उसे दूर करने के लिए यहां हैं भारतीयप्रतिनिधिमंडल ने कोलंबिया के उप विदेश मंत्री रोजा योलांडा विलाविसेनियो को भारत की स्थिति के बारे में बताया. इसके बाद कोलंबिया ने अपनापाकिस्तान के समर्थन में दिया गया बयान वापस ले लिया. भारत की स्थिति समझने के लिए कोलंबिया के रुख की सराहना करते हुए थरूर ने कहा किउप विदेश मंत्री ने बहुत गरिमापूर्वक कहा कि उन्होंने वह बयान वापस ले लिया है, जिसे लेकर हमें चिंता थी, और अब वे हमारे रुख को पूरी तरहसमझते हैं, जिसे हम बहुत महत्व देते हैं. थरूर ने ट्वीट कर कहा, आज का दिन उप विदेश मंत्री रोजा योलेन्डा विलाविसेन्सियो और एशिया-प्रशांतमामलों से जुड़े उनके वरिष्ठ सहयोगियों के साथ एक उत्कृष्ट बैठक से शुरू हुआ. मैंने हालिया घटनाओं पर भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट किया और 8 मईको पाकिस्तान के प्रति ‘संवेदना’ व्यक्त करने वाले बयान पर निराशा जताई. मंत्री ने आश्वस्त किया कि वह बयान वापस ले लिया गया है और अबभारत की स्थिति को ठीक से समझा और मजबूती से समर्थन किया गया है. शशि थरूर ने कहा कि हम ब्रिक्स के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देतेहैं, जिसके हम संस्थापक सदस्य हैं. हम ग्लोबल साउथ विकासशील दुनिया के देशों के विकास से भी बहुत जुड़े हुए हैं. कोलंबिया और भारत दोनों हीग्लोबल साउथ के सदस्य हैं और जहां तक भारत का सवाल है, हम विकास और प्रगति के रोमांच पर एक साथ आगे बढ़ना पसंद करेंगे.

भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान बोले, भारत ने कई बार पाकिस्तान के सामने बढ़ाया दोस्ती का हाथ “हमेशा मिलीबदले में दुश्मनी”

भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि भारत ने कई बार पाकिस्तान के सामने दोस्ती का हाथ बढ़ाया है, लेकिन हमेशाहमें पाकिस्तान से बदले में दुश्मनी ही मिली है. उन्होंने कहा कि हालात देखते हुए अलगाववाद की रणनीति ही बेहतर दिखाई दे रही है सिंगापुर मेंआयोजित हो रहे शंगरी-ला डायलॉग में अपने संबोधन में जनरल अनिल चौहान ने ये बात कही सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि ‘भारत औरपाकिस्तान के संबंधों को लेकर अब हम बिना रणनीति के काम नहीं कर रहे हैं. जब हमने आजादी हासिल की थी, तब पाकिस्तान हर पैमाने पर हमसेआगे था, सामाजिक, आर्थिक और प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद लेकिन आज ज्यादा विविधता के बाद भी सभी मोर्चों आर्थिक, मानव विकास औरसामाजिक सद्भाव के मामले में भारत आगे है. यह संयोग से नहीं हुआ बल्कि यह दीर्घकालिक रणनीति का परिणाम है’ भारत पाकिस्तान संबंधों कोलेकर उन्होंने कहा कि ‘कूटनीतिक रूप से साल 2014 में हमने आगे बढ़कर पाकिस्तान के साथ रिश्तों को सुधारने की पहल की थी. उस वक्त पीएममोदी ने पाकिस्तान के तत्कालीन पीएम नवाज शरीफ को आमंत्रित किया था, लेकिन ताली एक हाथ से नहीं बजती और हमें बदले में हमेशा दुश्मनीमिली.बंगाल की खाड़ी में हमारी भूराजनैतिक स्थितिइसलिए फिलहाल अलगाव ही एक अच्छी रणनीति हो सकती है सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि ‘हमारा हिंद महासागर क्षेत्र पर पूराफोकस है. खासकर उत्तरी बंगाल की खाड़ी में हमारी भूराजनैतिक स्थिति ऐसी है कि हम उत्तर की तरफ से हिल भी नहीं सकते क्योंकि चीन के साथतनाव जारी है. न ही हम पूर्व की तरफ बढ़ सकते हैं क्योंकि म्यांमार में अस्थिरता है’ सीडीएस ने कहा कि ‘हम मध्य और पश्चिम एशिया से राजनीतिकरूप से जुड़े हैं, लेकिन भू-राजनीतिक रूप से अलग हैं। ऐसे में समुद्र हमारे लिए बेहद अहम हो जाता है. हमारे द्वीपीय क्षेत्र, हिंद महासागर में हमें गहराईतक पहुंच देते हैं, जो हमारे लिए रणनीतिक तौर पर फायदेमंद है और हमें बेहद समझदारी से इसका इस्तेमाल करना होगा. हिंद महासागर के उत्तर मेंस्थित कुछ क्षेत्र हमेशा से हमारे लिए चिंता का विषय रहे हैं, लेकिन हमें सिर्फ उत्तर तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए अब हम दक्षिण की तरफ भी देखरहे हैं, जहां हमारे मेरीटाइम हितों के लिए काफी संभावनाएं हैं.’ बीते दिनों भारत-पाकिस्तान के बीच हुई संघर्ष के दौरान भारत ने स्वदेशी हथियारों सेपाकिस्तान को धूल चटा दी. इस पर सीडीएस ने कहा कि ‘हमने आकाश मिसाइल सिस्टम आदि स्वदेशी हथियारों का इस्तेमाल किया. अब हम अपनानेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर भी बना रहे हैं ताकि बिना विदेशी वेंडर्स पर निर्भर हुए अपने एयर डिफेंस को बेहतर किया जा सके. हमने विभिन्न स्त्रोतों से रडार्सको एकीकृत किया और हालिया संघर्ष में ये काफी अहम साबित हुआ रक्षा आधुनिकीकरण के लिए हम आत्म निर्भरता की तरफ बढ़ रहे हैं. हम देखरहे हैं कि देश में रक्षा क्षेत्र में नए स्टार्टअप, एमएसएमई और बड़े उद्योगों में निवेश बढ़ रहा है.

कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने पड़ोसी मुल्क की खोली पोल, बोले पाकिस्तान करता रहा संघर्ष विराम का उल्लंघन “इसका साफ मतलब किसी का नहीं है नियंत्रण”

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को बेनकाब करने विदेश गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य, पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस नेता सलमानखुर्शीद ने पड़ोसी मुल्क की पोल खोली. बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किए जाने पर वह पाकिस्तान पर खूब भड़के उन्होंने कहा कि पाकिस्तानलगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है इससे साफ है कि पाकिस्तान में किसी का नियंत्रण नहीं है. सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सलमानखुर्शीद ने कहा कि पाकिस्तान में अराजकता कायम है. सेना के भीतरी गुटों में सत्ता के लिए होड़ और सरकार के नियंत्रण की कमी है. उन्होंने कहा किसीमा पार और नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी कम से कम तीन या चार घंटे तक जारी रही. एक बार फिर संघर्ष विराम का उल्लंघन हुआ. इससे स्पष्ट हैकि पाकिस्तान में कोई भी नियंत्रण में नहीं है नागरिक सरकार नियंत्रण में नहीं दिखती। सेना के भीतरी गुट शक्तिशाली बनने के लिए एक-दूसरे से होड़कर रहे हैं फिर भी हमने संयम और धैर्य दिखाया. खुर्शीद ने कहा कि जब पाकिस्तान के डीजीएमओ ने शत्रुता समाप्त करने का अनुरोध किया तो भारतने अपनी कार्रवाई रोक दी. भारत ने हमले करने से किया परहेजभारत ने आगे और हमले करने से परहेज किया उन्होंने इन दावों को पूरी तरह से बकवास बताते हुए खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि यह कहना पूरीतरह से बकवास है कि हमने पाकिस्तान को पहले बुलाया. उन्होंने कहा कि हमने उन्हें पहले क्यों बुलाया? कॉल किए जाने के समय कौन रिसीव कररहा था? यह सभी के लिए स्पष्ट है कि कॉल पाकिस्तान के डीजीएमओ से भारत के डीजीएमओ को आई थी हमने तब रोका जब उन्होंने कहा चलो रुकेंइसके बाद हमने उन पर कोई और हमला नहीं किया. कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत महान बन रहा है कोई भी हमें विचलित नहीं कर सकता या हमारेइस मार्ग में बाधा नहीं डाल सकता. इसलिए हमारे लिए अपनी ताकत दिखाना महत्वपूर्ण है. खुर्शीद ने पाकिस्तान से आतंकवाद छोड़ने की भारत कीमांग को समझने की बात कही. उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान में थोड़ी भी समझदारी है, तो वे हमारी एकमात्र मांग को समझे कि आतंकवाद छोड़ो. मेरे कुछ साथी सत्ताधारी पार्टी से नहीं हैं सत्ताधारी पार्टी अकेले ही यह संदेश देने आ सकती थी, लेकिन वे भारत का संदेश देने के लिए हमारे साथआए. हालांकि, दुख की बात है कि भारत से हमें यह सुनने को नहीं मिला। कोई कह रहा है कि वह भाजपा या कांग्रेस का समर्थन कर रहा है, लेकिनमुझे गर्व है कि हम यहां एक साथ हैं क्योंकि हम एक-दूसरे की पार्टियों का समर्थन नहीं कर रहे हैं, हम भारत के एक साधारण विचार का समर्थन कर रहेहैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्यापार समझौते को लेकर दिया बड़ा बयान, बोले अमेरिका भारत और पाकिस्तान के साथ करने जा रहा व्यापार समझौते

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम का श्रेय लेते हुए व्यापार समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंनेकहा कि अगर भारत पाकिस्तान के बीच फिर से यु्द्ध होता है तो अमेरिका कोई भी समझौता नहीं करेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा किअमेरिका भारत और पाकिस्तान के साथ व्यापार समझौता करने जा रहा है. मुझे इस पर गर्व है हम गोलियों के बजाय व्यापार के जरिये परमाणु युद्ध कीआशंका को रोकने में सफल रहे. दोनों देशों के बीच युद्ध का इतिहास रहा है हर बार वे दोनों गोलियों के बाद समझौता करने पर राजी हुए हैं मगर हमनेव्यापार के जरिये समझौता कराया. इसलिए मुझे इस पर बहुत गर्व है. कोई भी इसके बारे में बात नहीं करता। लेकिन पाकिस्तान और भारत के बीचबहुत ही खतरनाक संघर्ष चल रहा था यह बहुत बुरा होता जा रहा था वे दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं अब हालात ठीक हैं.सहमति बनाने में निभाई भूमिकाट्रंप ने एयरफोर्स वन से उड़ान भरने के बाद ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में कहा कि पाकिस्तान के प्रतिनिधि अगले सप्ताह आ रहे हैं हम भारत के साथ भीसमझौता करने के बहुत करीब हैं अगर वे एक-दूसरे के साथ युद्ध करने जा रहे हैं तो मुझे किसी के साथ समझौता करने में कोई दिलचस्पी नहीं होगी. मैंऐसा नहीं करूंगा और मैं उन्हें बता दूंगा. लगातार जारी ट्रंप की बयानबाजी के बीच भारत ने अपनी विदेश नीति को स्पष्ट कर दिया है. खुद विदेश मंत्रीएस. जयशंकर ने बीते 22 मई को दो टूक लहजे में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष खत्म करने को लेकर सहमतिबनाने में किसी तीसरे देश की भूमिका नहीं थी. दोनों देशों के बीच सहमति सीधी बातचीत के बाद बनी है उन्होंने यह बात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्डट्रंप के इस दावे पर कही कि अमेरिका ने दोनों देशों के बीच सहमति बनाने में भूमिका निभाई थी. भारत की तरफ से दो-टूक खंडनभारत की तरफ से दो-टूक खंडन के बावजूद उन्होंने 10 मई से अब तक बीते 21 दिनों में करीब 10 बार ऐसे बयान दिए हैं, जिसमें ट्रंप ने कहा है किअमेरिका ने दोनों देशों का युद्ध रोका. शुक्रवार को एलन मस्क के अमेरिकी प्रशासन से अलग होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी ट्रंप ने कहा था कि हमनेभारत और पाकिस्तान को लड़ने से रोका मेरा मानना है कि यह परमाणु आपदा में बदल सकता था. मैं भारत और पाकिस्तान के नेताओं के साथ-साथअपने लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं. बकौल डोनाल्ड ट्रंप, हम व्यापार की बात करते हैं… हम कहते हैं कि हम उन लोगों के साथ व्यापार नहीं करसकते जो एक-दूसरे पर गोली चला रहे हों और परमाणु हथियारों का उपयोग करने की कगार पर खड़े हों. ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के किसी भीनेता का नाम लिए बिना कहा, ‘वे उन देशों के महान नेता हैं, उन्होंने परिस्थितियों को समझा और दोनों के सहमत होने के बाद यह सब बंद हो गया. हमदूसरों को लड़ने से रोक रहे हैं. बता दें कि इससे पहले भी ट्रंप बीते 21 मई को कह चुके हैं कि उन्होंने अपने हस्तक्षेप और व्यापारिक पहलू का जिक्रकर भारत-पाकिस्तान के संघर्ष को और गंभीर होने से रोका.

आईपीएल 2025 का रोमांच फैंस के सिर चढ़कर बोल रहा है प्लेऑफ, मुंबई इंडियंस के सामने सनराइजर्स हैदराबाद जैसा कमाल करने का मौका

आईपीएल 2025 का रोमांच फैंस के सिर चढ़कर बोल रहा है प्लेऑफ की शुरुआत हो चुकी है और दो मैच भी खेले जा चुके हैं अब आखिरी दोमुकाबले बचे हैं और मुंबई इंडियंस के सामने सनराइजर्स हैदराबाद जैसा कमाल करने का मौका है साल 2016 की तरह फिर से संयोग बन रहे हैं. तबयानी नौ साल पहले सनराइजर्स हैदराबाद की टीम एलिमिनेटर खेली थी और फिर टीम ने खिताब जीता था. एसआरएच की टीम आईपीएल मेंइकलौती टीम है जिसने एलिमिनेटर खेलते हुए खिताब पर कब्जा जमाया था. उसने एलिमिनेटर, क्वालिफायर-दो और फाइनल तीनों मुकाबले जीतेथे. खास बात तो यह है कि 2016 में भी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की टीम ही फाइनल में थी और क्वालिफायर एक जीतकर सीधे फाइनलमें पहुंची थी वहीं, इस सीजन मुंबई के सामने सनराइजर्स जैसा कमाल दिखाने के लिए पंजाब और आरसीबी की चुनौती है. एक जून को क्वालिफायर-दो और तीन जून को फाइनल होना है. दोनों मुकाबले अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जाएंगे आरसीबी ने 29 मई को क्वालिफायर-एक मेंपंजाब किंग्स को हराकर फाइनल में जगह बनाई. 30 मई को हराया गुजरात टाइटंस नेवहीं, मुंबई ने 30 मई को एलिमिनेटर में गुजरात टाइटंस को हराकर क्वालिफायर-दो में जगह बनाई अब दोनों मुकाबले नॉकआउट हैं. हारने वाली टीमका सफर खत्म हो जाएगा मुंबई की टीम इन दोनों मुकाबलों को जीतकर छठी बार खिताब पर कब्जा जमाना चाहेगी और सनराजर्स के बादएलिमिनेटर खेलते हुए खिताब अपने नाम करने वाली दूसरी टीम बनना चाहेगी। 2016 में सनराइजर्स ने एलिमिनेटर में कोलकाता नाइट राइडर्स को22 रन से हराया था. इसके बाद क्वालिफायर-दो में गुजरात लायंस की टीम को चार विकेट से शिकस्त दी थी फिर फाइनल में आरसीबी को आठ रनसे हराकर खिताब पर कब्जा जमाया था. मुंबई ने एलिमिनेटर की पहली चुनौती तो पार कर ली है, लेकिन अब उनके सामने पंजाब जैसी मजबूत टीमकी चुनौती है. मुंबई की टीम ने खराब शुरुआत के बाद जबरदस्त वापसी की थी और प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई किया था. टीम अंक तालिका पर रही चौथे स्थान परटीम अंक तालिका में चौथे स्थान पर रही, लेकिन मुंबई का प्रदर्शन नए कप्तान हार्दिक पांड्या के अंदर शानदार रहा है शुक्रवार को मुंबई ने मुल्लांपुर में228 रन का पहाड़नुमा स्कोर खड़ा किया और गुजरात को 208 रन ही बनाने दिया. अब श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पंजाब की टीम से पार पानाआसान नहीं होगा. हालांकि, 2020 में श्रेयस दिल्ली के कप्तान रहे थे और रिकी पोंटिंग डीसी के कोच रहे थे. तब रोहित की कप्तानी वाली मुंबई नेदिल्ली को पहले क्वालिफायर एक में और फिर फाइनल में हराया था ऐसे में मुंबई श्रेयस और पोंटिंग की रणनीति से भली भांति परिचित होगी. साथही पंजाब की टीम पिछले मैच में 101 रन पर सिमट गई थी और टीम का मनोबल गिरा होगा। मुंबई की टीम इसका फायदा उठाना चाहेगी. दोनों हीटीमों के बीच अब तक कुल 33 मैच खेले गए हैं और दोनों के बीच कांटे की टक्कर रही है। मुंबई ने 17 और पंजाब ने 16 मैच जीते हैं. पंजाब ने इससीजन दोनों टीमों के बीच खेले गए एकमात्र मुकाबले मुंबई को तीन विकेट से हराया था। आरसीबी और पंजाब ने अब तक एक भी खिताब नहीं जीताहै. यह देखने वाली बात होगी कि सत्र को नया चैंपियन मिलता है या फिर मुंबई एक और बार खिताब जीतने में कामयाब रहती है.

दुनियाभर में कोरोना संक्रमण बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता, 10 दिन के भीतर हुए 1710 मामले 7 लोगों की हुई मौत

Corona News In India: पिछले एक महीने से दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले चिंता बढ़ाते जा रहे हैं. भारत में भी इसका जोखिमदेखा जा रहा है केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कोविड डैशबोर्ड पर साझा की गई जानकारियों के मुताबिक 22 मई को देश में कुल एक्टिव केस 257 थेजो 10 दिनों के भीतर ही अब बढ़कर 2710 हो गए हैं। एक दिन के भीतर ही 511 नए सक्रिय मामले सामने आए हैं और 7 लोगों की मौत हुई है. केरल में मरीजों की संख्या बढ़कर 1147 हो गई है महाराष्ट्र में सक्रिय मामले 424 जबकि दिल्ली में 294 हैं कोरोना जिस रफ्तार से देश में बढ़ रहा हैवह निश्चित ही लोगों के लिए डर पैदा कर रहा है स्वास्थ्य विशेषज्ञ पहले से ही कहते रहे हैं कि इस बार फैल रहा वैरिएंट अति संक्रामक है, हालांकिइसकी गंभीरता कम है. चिंताजनक बात ये है कि अगर ये संक्रमण किसी आबादी में फैलना शुरू होता है तो वहां लोग तेजी से इसकी चपेट में आसकते हैं ये स्थिति उन लोगों के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाली और गंभीर भी हो सकती है जो 65 साल से अधिक उम्र के हैं. कोरोना के मामले फिर से हो रहे है जानलेवा साबितकोमोरबिडिटी (एक से अधिक क्रॉनिक बीमारियों का शिकार) हैं या फिर गर्भवती हैं. कोरोना के मामले इस बार जानलेवा भी साबित हो रहे हैं. हालांकिआंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि संक्रमण से मरने वाले ज्यादातर लोग वे हैं जिन्हें पहले से कोई क्रॉनिक बीमारी रही है या फिर जिन लोगोंकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर रही है. जिन राज्यों में मौतें दर्ज की गईं, उनमें महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा दो लोगों की जान गई है. एक मामला 67 वर्षीयव्यक्ति के मौत का है जिसे पहले से एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम की शिकायत थी, इसके अलावा वह निमोनिया और मधुमेह से भी पीड़ित था वहींएक और मौत 21 वर्षीय पुरुष की हुई जो डायबिटिक कीटोएसिडोसिस का शिकार था जिसे बाद में श्वसन पथ में संक्रमण भी हो गया था. कोरोना केबढ़ते जोखिमों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को संक्रमण से बचाव करते रहने की सलाह दी है। भले ही आप युवा हैं और इम्युनिटीसिस्टम ठीक है फिर भी कोरोना से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहें. ओमिक्रॉन व सब-वैरिएंट्स के देखे गए कुछ म्यूटेशनआखिर ये क्यों जरूरी है. देश में फैल रहे ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स में कुछ अतिरिक्त म्यूटेशन देखे गए हैं, जो इसे शरीर में बनी प्रतिरक्षा कोचकमा देकर आसानी से संक्रमित करने के योग्य बनाते हैं. जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है उनमें इस संक्रमण का असर नहीं हो रहा है, परचिंताजनक बात ये है कि संक्रमित व्यक्ति वायरस का वाहक जरूर हो सकता है, जिससे उन लोगों मे संक्रमण फैलने का खतरा रहता है जो पहले सेबीमार हैं या बुजुर्ग हैं. ऐसे लोगों में गंभीर रोग विकसित हो सकता है इसलिए जरूरी कि सभी लोग संक्रमण से बचने के उपाय करते रहें. आप जाने-अनजाने ऐसे लोगों में वायरस पहुंचा सकते हैं जिनमें गंभीर रोग विकसित होने का जोखिम अधिक रहता है. संक्रमण होस्ट और पैथोजन के तौर परबढ़ते हैं, कोरोनावायरस पैथोजन है और हम होस्ट वायरस हमारी इम्युनिटी के खिलाफ कुछ ऐसे म्यूटेशन करता है जिससे कि ये होस्ट की इम्युनिटी कोचकमा देकर उसे संक्रमित कर पाएं और खुद बढ़ सकें किसी भी वायरस में म्यूटेशन होते रहना सामान्य प्रक्रिया है, इस दौरान कुछ ऐसे म्यूटेशन भी होसकते हैं जो हमारी इम्युनिटी के एक लेवल को फेल कर दें.

रक्षा मंत्रालय ने रक्षा खरीद की समयसीमा को किया काफी कम, अब बचेगा सौन्य उपकरणों की खरीद में अच्छा खासा समय

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने रक्षा खरीद की समयसीमा को काफी कम किया है, जिससे सैन्य उपकरणों की खरीद मेंअच्छा खासा समय बचेगा. रक्षा सचिव ने बताया कि रक्षा खरीद में व्यापक सुधारों और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के उद्देश्य से ये सुधार किए गएहैं. राजधानी दिल्ली में एक रक्षा सम्मेलन में बोलते हुए रक्षा सचिव ने कहा कि इस पूरे सुधार से रक्षा खरीद की प्रक्रिया में 69 सप्ताह का समयबचेगा. रक्षा सचिव ने कहा कि रक्षा खरीद प्रक्रिया 2020 में बदलाव किए जा रहे हैं जिनके मुताबिक पारंपरिक नामांकन-आधारित लागत-प्लस खरीदसे प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण मॉडल में स्थानांतरित किया जा रहा है, जहां सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्र ऑर्डर के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे. पोतनिर्माण और एएमसीए प्रोजेक्ट में पहले ही ये बदलाव कर दिए गए हैं. राजेश कुमार सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में वायुसेनाप्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने सीआईआई बिजनेस समिट में रक्षा परियोजनाओं में देरी, अवास्तविक समयसीमा निर्धारण और व्यवस्थागत मुद्दोंपर नाराजगी जताई थी. उन्होंने इस देरी से सेना की परिचालन तत्परता पर पड़ने वाले असर पर गंभीर चिंता जाहिर की थी सिंह ने भारत की रणनीतिकस्वयात्ता को बनाए रखने की जरूरत और विकसित भारत के विजन को हासिल करने के लिए आत्मनिर्भरता की भूमिका पर बल दिया. उपकरणों में भारी निवेश करने का आग्रहवायुसेना प्रमुख ने निजी उद्योगों से घरेलू रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) और पूंजीगत उपकरणोंमें भारी निवेश करने का आग्रह भी किया. सीआईआई बिजनेस समिट में बोलते हुए उन्होंने हुए कहा, कई बार करार पर हस्ताक्षर करते वक्त ही हमेंपता होता है कि ये सिस्टम समय पर नहीं मिलेंगे. फिर भी हम अनुबंध पर हस्ताक्षर कर देते हैं मैं ऐसी कोई एक भी परियोजना नहीं बता सकता जोसमय पर पूरी हुई हो. इसलिए हमें इस पर गौर करना होगा। हम ऐसा वादा क्यों करें जो पूरा नहीं हो सकता? रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहाकि देश की अर्थव्यवस्था को साल 2047 में 32 खरब डॉलर बनाने के लिए भी रणनीतिक स्वायत्ता के लिए आत्मनिर्भरता जरूरी है. उन्होंने कहा किबीते दशक में रक्षा क्षेत्र में शुरू हुए स्वदेशीकरण के चलते साल 2015 में जहां भारत हथियारों का सबसे बड़ा आयातक था, तो आज हमारा देश शीर्ष25 निर्यातकों में शामिल हो गया है. 100 से ज्यादा भारतीय कंपनियां 100 से ज्यादा देशों को सैन्य उपकरण निर्यात कर रही हैं. सैन्य उपकरणों मेंब्रह्मोस मिसाइल, रॉकेट लॉन्चर पिनाका, सिमुलेटर आर्मर्ड व्हीकल आदि शामिल हैं सिंह ने कहा कि बीते साल हमने 23,622 करोड़ रुपये के हथियारनिर्यात किए. घरेलू खरीद जहां साल 2014 में 43,746 थी, वो 2023-24 में 1,27,000 करोड़ रही.

दिल्ली सरकार के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में रखा गया कार्यक्रम, अभिनेता अनुपम खेर के साथ बीते 100 दिनों को लेकर की बातचीत

भाजपा के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के 100 दिन पूरे होने पर ‘100 दिन सेवा के’ कार्यक्रम का आयोजन किया है जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम मेंआयोजित कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भाग लिया. उन्होंने कार्यक्रम में अभिनेता अनुपम खेर के साथ बीते 100 दिनों को लेकरबातचीत की। सीएम ने कहा कि दिल्ली की जनता को धन्यवाद देना चाहती हूं उन्होंने अपना विश्वास हम पर बनाए रखा. इन 100 दिनों में हम जोकाम कर पाए उन पर आज चर्चा हुई. अनुपम खेर के साथ चर्चा के दौरान दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, “दिल्ली का दुर्भाग्य रहा कि यमुना कीसफाई पर कभी किसी ने गंभीरता से काम नहीं किया, न ही कूड़े के पहाड़ों और पर्यावरण को साफ करने के लिए किसी ने काम किया। यमुना नदी कोसाफ करने के लिए किसी के पास कोई नीयत या नीति नहीं थी. केंद्र सरकार ने इस पर काम करने के लिए दिल्ली को करोड़ों रुपये का बजट दिया, लेकिन उनके पास कोई विजन नहीं था हमारी सरकार यमुना नदी को साफ करने के लिए काम कर रही है. दिल्ली सरकार के 100 दिन पूरे होने परआयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पर अभिनेता अनुपम खेर ने कहा, “मेरे सवाल दिल्ली की जनता के सवाल थे. मैंने अपने रिश्तेदारों, दोस्तों औरदिल्ली के अन्य लोगों से सवाल एकत्र किए.सच्चाई व मुखरता के साथ दिया जवाबउन्होंने (दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता) उनका सच्चाई और मुखरता से जवाब दिया. मुझे उम्मीद है कि आज उन्होंने जो सच्चाई के साथ कहा, वहउनके चार साल पूरे होने के बाद भी लोगों तक पहुंचेगा. ऑपरेशन सिंदूर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “जब मैं उन लोगों के बारे मेंसोचती हूं तो मुझे बहुत दुख होता है जो इस (मुख्यमंत्री की) कुर्सी पर बैठे थे वे भारतीय सेना पर सवाल उठाते थे और देश के दुश्मनों से हाथ मिलातेथे. ऑपरेशन सिंदूर ने महिलाओं का सम्मान बढ़ाया मैं इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देती हूं देश की सभी महिलाएं दुश्मन के इलाके मेंआतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने के लिए सशस्त्र बलों को सलाम करती हैं.दिल्ली सरकार के 100 दिन पूरे होने पर दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने कहा, “यह दिल्ली की जनता की सरकार है। यह उस मुख्यमंत्री कीसरकार नहीं है जो चौथी मंजिल पर चढ़कर जनता से छिपते थे. हमारी सरकार में दिल्ली के मंत्री, विधायक और मुख्यमंत्री दिल्ली की जनता के लिए24 घंटे उपलब्ध हैं. दिल्ली सरकार के 100 दिन पूरे होने पर दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “बहानों वाली सरकारें आती थी, रोने-धोने वाली सरकारें आती थी, झूठ बोलने वाली सरकारें आती थी. पहली बार काम करने वाले सरकार आई है 100 दिन में ऐतिहासिक काम किएहैं स्वास्थ्य, शिक्षा, इंडस्ट्री, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण सभी क्षेत्रों में काम करके दिखाया.