दिल्ली भाजपा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर किया भव्य कार्यक्रम का आयोजन

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क में एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमेंभाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने भी सहभागिता की। यह पहली बार था जब पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की स्मृति में बनाए गए इस स्थल पर योग दिवस का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में भाजपाके राष्ट्रीय महासचिव श्री अरुण सिंह, दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री वी. सतीश, कार्यालय मंत्री महेन्द्रपांडे, राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी, चांदनी चौक जिलाध्यक्ष श्री अरविंद गर्ग, पार्टी प्रवक्ता यासिर जिलानी और सह कार्यालय मंत्री अमितगुप्ता सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। योग आत्मविश्वास और अनुशासन का आधार हैअपने संबोधन में श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि योग भारत की एक महान परंपरा है, जो न केवल हमारे शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि नैतिक चरित्र केनिर्माण में भी सहायक है।उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास जीवन में आत्मविश्वास बढ़ाता है और व्यक्ति को अपने विचारों व व्यवहार पर नियंत्रण रखने की शक्ति देता है। दिल्ली के 256 मंडलों में हुए योग कार्यक्रमश्री सचदेवा ने जानकारी दी कि दिल्ली भाजपा द्वारा राजधानी के सभी 256 मंडलों में योग दिवस कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। इनआयोजनों में सांसदों, विधायकों और समितियों के अध्यक्षों ने भी सक्रिय भागीदारी की, जिससे यह स्पष्ट होता है कि योग आज जन-जन का आंदोलनबन चुका है।
‘जब भारत विश्व गुरु बनेगा, तभी दुनिया में शांति आएगी’, कांची में बोले शंकराचार्य स्वामी शंकर विजयेंद्र सरस्वती

कांची कामकोटि पीठम के 70वें शंकराचार्य, स्वामी शंकर विजयेंद्र सरस्वती का मानना है कि भारत के पास वेद, शिक्षा और आयुर्वेद जैसी विरासत है, जिसने देश की दिशा बदली है और आगे भी बदलेगी। उनका मानना है कि अगर भारत ‘विश्व गुरु’ बनता है, तभी दुनिया में सच्ची शांति संभव होगी।बेंगलुरू प्रवास के दौरान द न्यू इंडियन एक्सप्रेस को दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने धर्म, शिक्षा, भाषा, युवा पीढ़ी और सरकार के साथसंबंध जैसे कई अहम मुद्दों पर विचार साझा किए। प्रस्तुत हैं प्रमुख बातें: कांची पीठम का धर्म प्रचार कैसे होता है?हम पीढ़ियों से वेदों और भारतीय परंपराओं को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं। हमारी पाठशालाएं और कॉलेज विशेष रूप से गरीब बच्चों के लिए हैं, जहां आधुनिक पढ़ाई के साथ भारतीय संस्कृति की शिक्षा दी जाती है। हम ‘तीन भाषा सूत्र’ (संस्कृत, क्षेत्रीय भाषा और अंग्रेजी) के जरिए प्राचीन ज्ञानबांटते हैं। भारत के विकास में पीठम की क्या भूमिका है?हम ‘वेद’ (ज्ञान), ‘विद्या’ (शिक्षा) और ‘वैद्य’ (चिकित्सा) के ज़रिए समाज की सेवा कर रहे हैं। पूरे देश में हमारे अस्पताल गरीबों को मुफ्त इलाज देतेहैं। हमारी कोशिश रही है कि भारतीय परंपराओं जैसे गौ-पालन, खेती और शिक्षा को समाज की मुख्यधारा में लाया जाए।क्या आज के युवा आध्यात्म में रुचि दिखा रहे हैं?जी हां, अब युवा आध्यात्म की ओर लौट रहे हैं। जब उन्हें लगता है कि आधुनिक जीवनशैली से उन्हें सुकून नहीं मिल रहा, तब वे भारतीय परंपरा कीओर मुड़ते हैं। उन्हें समझ आता है कि आत्मिक शांति बाहरी चीज़ों से नहीं मिलती। भाषा विवाद पर आपकी क्या राय है?अंग्रेज़ी को केवल एक संपर्क भाषा के तौर पर अपनाना चाहिए। कामकाज में इसका उपयोग हो सकता है, लेकिन घर में हर किसी को अपनीमातृभाषा (जैसे तमिल, कन्नड़, मलयालम आदि) बोलनी चाहिए। संस्कृत का उपयोग धर्म और मंदिरों के कामों में होना चाहिए क्योंकि वेद और शास्त्रउसी भाषा में हैं। विश्व शांति के लिए कांची पीठम क्या कर रहा है?हम हर साल कश्मीर में ‘विश्व शांति होम’ का आयोजन करते हैं। हमारी संस्कृति सेवा और करुणा सिखाती है। बाकी जगहों पर लोग केवल मानवताकी बातें करते हैं, लेकिन हम उसे व्यवहार में लाते हैं। हमारा उद्देश्य है कि भारत एक दिन ‘विश्व गुरु’ बने, जिससे दुनिया में स्थायी शांति आ सके। हिंदू धर्म में सुधार को लेकर क्या सोचते हैं?धर्म सुधार की मांग राजनेता करते हैं, लेकिन सुधार वहीं होना चाहिए जहां ज़रूरत है। धार्मिक मामलों को धार्मिक गुरु ही समझते हैं, इसलिए येनिर्णय उन्हीं पर छोड़ देना चाहिए। सरकार या राजनीतिक लोग इसमें दखल न दें। मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण को लेकर आपकी राय क्या है?सरकार का मंदिरों में बहुत अधिक हस्तक्षेप है, जबकि मंदिरों की संपत्ति और दान धर्म प्रचार के लिए इस्तेमाल होना चाहिए। पहले राजा मंदिर बनवातेऔर उनका समर्थन करते थे। आज उल्टा हो गया है। हमें मंदिरों को स्वायत्त बनाना होगा। हर गांव में एक पंडित और हर मंदिर को तिरुपति की तरहबनाना हमारा लक्ष्य है। क्या सरकार और धर्म संस्थाओं को एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना चाहिए?हां, दोनों का मकसद समाज की भलाई है। सरकार को बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए और धर्म संस्थाओं को अपने काम की स्वतंत्रतामिलनी चाहिए। मठ स्कूल, कॉलेज और अस्पताल चलाकर सरकार का सहयोग कर रहे हैं, तो सरकार को भी मठों की मदद करनी चाहिए। तनाव के इस दौर में आपकी क्या सलाह है?लोग प्रेम, स्नेह और संस्कृति (Love, Affection, Culture) से दूर होते जा रहे हैं। हर कोई अपने अधिकारों की बात करता है, लेकिन कर्तव्यों कोभूल जाता है। हमें पारिवारिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करना होगा। तनाव का एक बड़ा कारण है – भारतीय संस्कृति से दूर जाना। हमेंअपनी जड़ों की ओर लौटना होगा। कांची पीठम का भविष्य का लक्ष्य क्या है?हम भारतीय भाषाओं में लिखे साहित्य को अन्य भाषाओं में अनुवाद कर अधिक लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं। मंदिरों को शिक्षा का केंद्र बनानाचाहिए। गीता, संगीत, ज्योतिष, नैतिकता जैसे विषयों पर कक्षाएं होनी चाहिए। हमें खेती, संस्कृति और उद्योग – तीनों पर ध्यान देना होगा ताकिभारत आत्मनिर्भर बन सके और ‘विश्व गुरु’ बन सके। यह समय लेगा, लेकिन हमें लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।
तेजस्वी यादव का प्रधानमंत्री मोदी और सीएम नीतीश पर तीखा हमला-राजद नेता बोले, हमें पॉकेटमार पीएम और अचेत सीएम नहीं चाहिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे के समाप्त होते ही विपक्षी दल हमलावर हो गए। पटना में आयोजित एक प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादवने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे आरोप लगाए। राजद कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल की उपस्थिति में तेजस्वी ने प्रधानमंत्री को”पॉकेटमार पीएम” कहकर संबोधित किया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को “अचेत अवस्था” में बताया।तेजस्वी ने पीएम के भाषण को बताया पुराना और बासीतेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री के भाषण को “घिसा-पिटा” और “टेलीप्रॉम्पटर पर आधारित” करार दिया। उन्होंने कटाक्ष किया कि सिर्फ भाषणों से लोगोंका पेट नहीं भरता। विशेष रूप से सिवान का ज़िक्र करते हुए तेजस्वी ने सवाल किया, “पिछले 10 सालों में सिवान को क्या मिला?” उन्होंने दावाकिया कि वहां की भीड़ प्रशासनिक दबाव और सरकारी तंत्र के ज़रिये इकट्ठा की गई थी। अचेत मुख्यमंत्री से जनता परेशानमुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, “बिहार को एक सजग और सक्रिय मुख्यमंत्री की ज़रूरत है, न कि एक अचेतऔर अनुपस्थित नेता की।” उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कोई भी गंभीर घटना होने पर नीतीश पीड़ितों से मिलने नहीं जाते। महागठबंधन की सरकार का दावाराजद नेता ने दावा किया कि जनता का भरोसा अब राष्ट्रीय जनता दल पर बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजद के पास एक स्पष्ट योजना औरविजन है जिससे बिहार को आगे बढ़ाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि अगली विधानसभा में महागठबंधन की सरकार बनेगी औरराजद सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरेगा। ‘नेशनल दामाद आयोग’ से जवाब तलबतेजस्वी यादव ने चुटकी लेते हुए कहा कि बिहार की जनता अब ‘नेशनल दामाद आयोग’ से भी जवाब मांग रही है। हालांकि उन्होंने इस कथन को स्पष्टनहीं किया, लेकिन यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
भाषा विवाद पर गरमाई सियासत, राहुल गांधी का अमित शाह को करारा जवाब

भाषा को लेकर देश में एक नई बहस छिड़ गई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हालिया बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधते हुए कहा कि वे नहीं चाहते कि गरीब तबके के बच्चेअंग्रेजी सीखें और तरक्की करें। राहुल गांधी का एक्स पर बयानराहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा, “अंग्रेजी कोई रुकावट नहीं, बल्कि अवसरों का पुलहै। यह शर्म नहीं, बल्कि आत्मबल है। यह कोई बेड़ी नहीं, बल्कि बेड़ियां तोड़ने का औजार है।” उन्होंने लिखा कि BJP और RSS नहीं चाहते कि गरीब तबके के बच्चे अंग्रेजी सीखें, क्योंकि अगर वे पढ़-लिखकर सवाल पूछने लगेंगे, बराबरी करनेलगेंगे, तो सत्ता पक्ष को असहजता होगी। राहुल के अनुसार, आज के दौर में अंग्रेजी उतनी ही जरूरी है जितनी मातृभाषा, क्योंकि यही भाषा रोजगार केनए अवसर खोलती है और आत्मविश्वास बढ़ाती है। भारत की भाषाएं हमारी आत्मा हैं, लेकिन अंग्रेजी भी ज़रूरीराहुल ने यह भी जोड़ा कि भारत की हर भाषा में संस्कृति, आत्मा और ज्ञान बसता है और उन्हें सहेजना हमारा दायित्व है। लेकिन इसके साथ ही यह भीज़रूरी है कि देश के हर बच्चे को अंग्रेजी सिखाई जाए, ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें और समान अवसर पा सकें। अंग्रेज़ी एक औजार है तरक्की काराहुल गांधी ने इस विषय पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि अंग्रेजी एक ऐसा औजार है जिसकी मदद से कोई भी दुनिया में कहींभी काम कर सकता है। “अगर आप अंग्रेजी सीख लेते हैं तो आप अमेरिका, जापान, या किसी भी देश में काम करने की योग्यता रखते हैं। जो लोगअंग्रेजी के विरोध में हैं, वे नहीं चाहते कि आप ऊंची तनख्वाह वाली नौकरियों तक पहुंचें।” क्या बोले थे अमित शाह?इस विवाद की शुरुआत केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के एक बयान से हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि आने वाले समय में भारत में ऐसा दौर आएगा जबअंग्रेजी बोलने वाले खुद को शर्मिंदा महसूस करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि किसी विदेशी भाषा के माध्यम से देश की संस्कृति, धर्म और इतिहास कोसमझा नहीं जा सकता। उन्होंने देशी भाषाओं को भारत की असली पहचान बताया और कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विश्व में अग्रणी बनाने मेंइन्हीं भाषाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। गृहमंत्री शाह यह बात पूर्व IAS अधिकारी आशुतोष अग्निहोत्री की किताब के विमोचन कार्यक्रम में कह रहे थे।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, मासूम से दुष्कर्म के दोषी की फांसी को बदला 25 साल की सजा में

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक जघन्य अपराध के मामले में एक अहम निर्णय सुनाते हुए, चार वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के दोषीराजकुमार उर्फ राजाराम की फांसी की सजा को 25 वर्ष के कठोर कारावास में बदल दिया है। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति देवनारायणमिश्रा की खंडपीठ ने कहा कि भले ही यह अपराध अत्यंत घिनौना और अमानवीय है, लेकिन दोषी की पारिवारिक और सामाजिक पृष्ठभूमि को देखतेहुए मृत्यु दंड उचित नहीं है। मामला गंभीर, लेकिन मौत की सजा नहींअदालत ने स्पष्ट किया कि चार साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसे गला घोंटकर मारने की कोशिश करना निस्संदेह एक क्रूर और निंदनीयअपराध है। आरोपी ने बच्ची को सुनसान जगह पर फेंक दिया था, जिससे उसकी जान भी जा सकती थी। इसके बावजूद, कोर्ट ने आरोपी की उम्र, शिक्षा की कमी और पारिवारिक उपेक्षा को ध्यान में रखते हुए फांसी की सजा को कठोर कारावास में बदलने का निर्णय लिया। आरोपी की सामाजिक स्थिति बनी राहत का आधारकोर्ट ने बताया कि राजकुमार एक 20 वर्षीय आदिवासी युवक है, जो न तो शिक्षित है और न ही उसे परिवार से पर्याप्त सहयोग या संरक्षण मिला। वहबहुत छोटी उम्र से जीविकोपार्जन के लिए एक ढाबे में काम करने लगा, जहां उसे उचित माहौल और मार्गदर्शन नहीं मिला। इन परिस्थितियों को ध्यानमें रखते हुए कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के निर्णय में संशोधन करते हुए फांसी की सजा को 25 वर्षों के कारावास में बदल दिया। ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी फांसी की सजाखंडवा जिले की पाक्सो अदालत ने 21 अप्रैल 2023 को राजकुमार को नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के आरोप में मृत्युदंड कीसजा सुनाई थी। यह मामला हाई कोर्ट के समक्ष पुष्टि के लिए भेजा गया था, और आरोपी की ओर से भी सजा के खिलाफ अपील दायर की गई थी। पीड़िता को खेत में मरणासन्न हालत में पाया गयाघटना 30 और 31 अक्टूबर 2022 की रात की है जब बच्ची सोते हुए गायब हो गई थी। बाद में वह एक आम के बाग में गंभीर हालत में मिली, जिसके बाद उसे इंदौर के बॉम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस जांच में आरोपी की पहचान हुई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। डीएनए रिपोर्ट बनी सजा का आधारअदालत में आरोपी की ओर से यह तर्क दिया गया कि उसके खिलाफ प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं हैं और केवल डीएनए रिपोर्ट ही सबूत के रूप में प्रस्तुतकी गई है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से यह कहा गया कि डीएनए एक वैज्ञानिक और विश्वसनीय साक्ष्य है, जिसने आरोपी की संलिप्तता स्पष्ट रूपसे सिद्ध कर दी है। अपराध गंभीर पर पुनर्वास भी जरूरीहाई कोर्ट के फैसले में यह संतुलन देखने को मिला कि न्याय सिर्फ दंड देने में ही नहीं बल्कि परिस्थितियों को समझते हुए पुनर्वास और सुधार कीसंभावना को भी ध्यान में रखना चाहिए। हालांकि अपराध की गंभीरता को नजरअंदाज नहीं किया गया, लेकिन आरोपी की पृष्ठभूमि ने उसे मृत्युदंड सेराहत दिला दी।
मणिपुर में दो अलग-अलग घटनाओं में हिंसा, कुकी महिला की मौत, मैतेई किसान घायल, धान के खेत में काम कर रहे किसान को मारी गोली

मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में गुरुवार को एक मैतेई किसान को उस समय गोली मार दी गई जब वह अपने खेत में काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार, फुबाला अवांग मनींग लीकाई गांव के रहने वाले निंगथोजम बीरेन सिंह पर अज्ञात हमलावर ने हमला किया। घायल किसान को पहले बिष्णुपुर जिलाअस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें इम्फाल स्थित रिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक उनकी हालत अब स्थिरहै। सुरक्षाबलों पर फायरिंग, एक महिला की जान गईकिसान पर हमले के बाद सुरक्षा बलों ने चुराचांदपुर जिले के आस-पास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान अज्ञातअसामाजिक तत्वों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी फायरिंग की। इसी गोलीबारी में एक महिला की जान चलीगई, जिनकी पहचान होइखोलहिंग के रूप में हुई है। वह एक गांव प्रमुख की पत्नी थीं। उनका शव पोस्टमार्टम के लिए चुराचांदपुर जिला अस्पतालभेजा गया है। बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा की समीक्षापुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी है कि दोषियों की तलाश के लिए तलाशी अभियान जारी है। इसके साथ ही, इम्फाल घाटी के मैतेई-बहुलइलाकों और कुकी-जो समुदायों के बीच स्थित बफर ज़ोन में किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बनाई जा रही है। भविष्य में ऐसीघटनाओं को रोकने के लिए खेती के समय अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और सख्ती की जाएगी। 15 जून की झड़प के बाद बढ़ा तनावगौरतलब है कि 15 जून को इम्फाल ईस्ट और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर कुकी और मैतेई समुदाय के किसानों के बीच झड़प हुई थी। इसकेबाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया है। प्रशासन फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और स्थिति पर नजररखे हुए है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अगले हफ्ते चीन दौरे पर, SCO बैठक में करेंगे शिरकत

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अगले सप्ताह चीन के क़िंगदाओ शहर में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की रक्षा मंत्रियों की बैठक मेंहिस्सा लेने जा रहे हैं। यह बैठक 25 से 27 जून 2025 तक आयोजित की जाएगी। इस दौरान राजनाथ सिंह की चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जुनके साथ द्विपक्षीय वार्ता होने की संभावना भी जताई जा रही है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री भी होंगे मौजूदइस महत्वपूर्ण क्षेत्रीय बैठक में भारत के साथ पाकिस्तान भी भाग ले रहा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी SCO के इस सम्मेलन मेंभाग लेंगे, जिससे यह बैठक और अधिक संवेदनशील मानी जा रही है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली विदेश यात्राराजनाथ सिंह के लिए यह दौरा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम होगा। इस यात्रा को भारत और चीन के बीच संवाद बहालीऔर संबंध सामान्य बनाने की दिशा में एक अहम कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। दोनों देश व्यापार, यात्रा और राजनीतिक वार्ता को फिर से मजबूतकरने की कोशिश कर रहे हैं। सात वर्षों में पहली बार कोई भारतीय मंत्री चीन दौरे परयह दौरा इस मायने में भी ऐतिहासिक है कि पिछले सात वर्षों में यह किसी भारतीय केंद्रीय मंत्री का पहला आधिकारिक दौरा होगा। इससे पहलेअप्रैल 2018 में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज चीन गई थीं। अब एक बार फिर उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत चीन से सीधा संवाद स्थापितकर रहा है। सीमा पर हालात सुधारने की कोशिशभारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों से तनाव रहा है, विशेष रूप से सीमा क्षेत्रों जैसे डेपसांग और डेमचोक में। हालांकि हाल के महीनों मेंदोनों देशों ने कई स्तरों पर बातचीत की है। कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली और दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय राजनयिक मुलाकातें इस सुधारके संकेत हैं। इससे पहले लाओस में एडीएमएम-प्लस शिखर सम्मेलन के दौरान भी राजनाथ सिंह और एडमिरल डोंग जुन के बीच मुलाकात हुई थी।वहीं, हाल ही में नई दिल्ली में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीन के उप विदेश मंत्री सुन वेइदोंग के बीच भी सकारात्मक वार्ता हुई थी, जिसमें भारत ने चीन की SCO अध्यक्षता का समर्थन दोहराया था।
AI-171 विमान हादसे पर सरकार की सफाई, ब्लैक बॉक्स अमेरिका भेजने की खबरों को बताया भ्रामक

मीडिया रिपोर्ट्स में ब्लैक बॉक्स को लेकर फैलाई गई भ्रम की स्थितिहाल ही में एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 को लेकर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि विमान के ब्लैक बॉक्स यानी CVR (कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) और DFDR (डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर) को विश्लेषण के लिए अमेरिका भेजा जा रहा है। इन खबरों पर प्रतिक्रियादेते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने स्पष्ट रूप से इन दावों का खंडन किया है और उन्हें भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। मंत्रालय ने अपीलकी है कि इतनी संवेदनशील जांच प्रक्रिया को लेकर अनावश्यक कयासों से बचा जाए। डिकोडिंग का फैसला AAIB द्वारा तय होगामंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि फ्लाइट रिकॉर्डर को कहां डिकोड किया जाएगा, इसका निर्णय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा सभी तकनीकी, संरक्षा और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की समीक्षा के बाद लिया जाएगा। यह एक गंभीर और तकनीकी जांच है, जिसे पूरीव्यावसायिकता के साथ संपन्न किया जाएगा। मंत्रालय ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में अटकलबाजी से बचें और जांचएजेंसियों को अपना कार्य निर्बाध रूप से करने दें। उड़ान के कुछ ही मिनटों में हुआ हादसागौरतलब है कि यह दुर्घटना 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के साथ हुई थी। दोपहर 1:39 बजे सरदारवल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान तकनीकी खराबी के कारण शहर के एकमेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में विमान में सवार सभी 241 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि एक यात्रीचमत्कारिक रूप से जीवित बच गया। दुर्घटना में कॉलेज परिसर में मौजूद 29 अन्य लोगों की भी जान चली गई, जिनमें पांच एमबीबीएस छात्रशामिल थे। ब्लैक बॉक्स बरामद, जांच जारीघटनास्थल से विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है और तकनीकी जांच की प्रक्रिया चल रही है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है किकिसी भी निर्णय को जांच एजेंसियों के विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी आधार पर लिया जाएगा, न कि अफवाहों के आधार पर।
सीवान रैली में पीएम मोदी का विपक्ष पर हमला, बिहार को फिर जंगलराज में नहीं लौटने देंगे”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के सीवान में आयोजित एक जनसभा में विपक्षी महागठबंधन, विशेषकर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) औरकांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार ने एक समय जंगलराज का दौर झेला है और अब फिर से उन दिनों को लौटने का कोई मौकानहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष राज्य के आर्थिक संसाधनों पर नियंत्रण पाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहा है। लूट-खसोट ने बिहार को गरीबी में धकेलाप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन दलों की भ्रष्ट नीतियों और लूटपाट के कारण ही गरीबी बिहार की पहचान बन गई थी। उन्होंने कहा कि अनेकचुनौतियों के बावजूद, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने बिहार को विकास की राह पर फिर से खड़ा किया है। मोदी ने भरोसादिलाया कि वह अब भी बिहार के लिए बहुत कुछ करने का संकल्प लेकर आए हैं और उनके प्रयास रुकने वाले नहीं हैं। विकास की गिनाई उपलब्धियांअपने 10 साल के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बिहार में 55,000 किलोमीटर से अधिक सड़कें बनाई गईं, डेढ़ करोड़ सेज्यादा घरों को बिजली और पानी की सुविधा दी गई, और 45,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर खोले गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आजबिहार के छोटे शहरों में नए स्टार्टअप्स की शुरुआत हो रही है, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। भारत की तरक्की से दुनिया प्रभावितप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे हाल ही में विदेश यात्रा से लौटे हैं और इस दौरान उनकी बातचीत दुनिया के समृद्ध देशों के नेताओं से हुई। उन्होंनेबताया कि वैश्विक नेता भारत की तेज़ विकास दर से काफी प्रभावित हैं और भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनते देख रहे हैं।मोदी ने जोर देकर कहा कि इस परिवर्तन में बिहार की भी बड़ी भूमिका होगी और राज्य की समृद्धि देश की प्रगति को और बल देगी।
देशभर में मानसून की दस्तक: कई राज्यों में तेज बारिश, कुछ हिस्सों में गर्मी बरकरार, राजस्थान, यूपी, एमपी समेत कई राज्यों में पहुंचा मानसून

पिछले 48 घंटों में मानसून ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में दस्तक दे दी है। कई इलाकों में झमाझम बारिश केचलते मौसम सुहावना हो गया है। हालांकि कुछ स्थानों पर अभी भी भीषण गर्मी बनी हुई है। गुजरात में बारिश से जनजीवन प्रभावितगुजरात के अहमदाबाद, वापी और राजकोट में भारी वर्षा के कारण सड़कें, घर और दुकानें जलमग्न हो गईं। सावरकुंडला और राजुला क्षेत्रों में स्थानीयनदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और राहत कार्य जारी हैं। उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने से 10 मौतेंउत्तर प्रदेश के लखनऊ और सीतापुर में रातभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। अमेठी जिले में भारी बारिश के चलते एसपी ऑफिस और गौरीगंजथाना परिसर जलमग्न हो गया। फायर ब्रिगेड ने पानी निकासी का कार्य किया। इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 10 लोगों कीजान चली गई। राजस्थान और कश्मीर में गर्मी से राहत नहींमानसून के आगमन के बावजूद राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्मी कम नहीं हुई है। जैसलमेर में तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्यके लिए इस समय अत्यधिक है। वहीं, जम्मू-कश्मीर की घाटी में गुरुवार का दिन सबसे गर्म रहा। श्रीनगर में तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज कियागया। कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारीभारतीय मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य महाराष्ट्र, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कियाहै। अगले दो से तीन दिनों में मानसून के दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।