पहलगाम आतंकी हमले में NIA को बड़ी सफलता, दो स्थानीय मददगार गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल में हुए भीषण आतंकी हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को बड़ी सफलता मिली है। इस मामलेमें दो स्थानीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों को शरण देने काआरोप है। एनआईए ने रविवार को यह जानकारी साझा की। गैरकानूनी गतिविधियों के तहत गिरफ्तारीदोनों आरोपियों को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 19 के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है। एजेंसी का कहना है कि इनसेपूछताछ के दौरान हमले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। मामले में अब भी जांच चल रही है। 22 अप्रैल के हमले में 26 की मौत22 अप्रैल को पहलगाम के प्रसिद्ध बैसरन घाटी क्षेत्र, जिसे “मिनी स्विट्ज़रलैंड” कहा जाता है, में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी।मरने वालों में अधिकांश पर्यटक थे। एनआईए के अनुसार, हमले से पहले आतंकियों को पनाह देने और उनकी पहचान छिपाने में दो स्थानीय लोगों नेमदद की थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचानगिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम परवेज अहमद जोथर और बशीर अहमद जोथर बताए गए हैं। इन पर तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को छुपानेका आरोप है, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए थे। आतंकियों को दी थी हरसंभव सहायताजांच के दौरान सामने आया कि परवेज और बशीर ने पहलगाम के हिल पार्क इलाके में मौसमी झोपड़ी (ढोक) में आतंकियों को आश्रय दिया था।इसके अलावा उन्हें भोजन, रहने की जगह और अन्य रसद सहायता भी मुहैया कराई गई थी। जांच अभी जारीएनआईए ने बताया है कि यह गिरफ्तारी इस मामले में एक अहम मोड़ साबित हो सकती है। एजेंसी को उम्मीद है कि इससे हमले की साजिश औरउसमें शामिल नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सकेगा।
11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ की थीम पर दुनियाभर में उत्सव

इस वर्ष 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को भारत सहित पूरी दुनिया में बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया गया। इस बार की थीम रही “एकपृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग”, जो वैश्विक एकता और समग्र स्वास्थ्य पर केंद्रित रही।विशाखापत्तनम में पीएम मोदी ने तीन लाख लोगों संग किया योगप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित एक विशाल कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां लगभग तीन लाख लोगों ने उनकेसाथ योगाभ्यास किया। इस राष्ट्रीय समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने सभी देशवासियों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को योग दिवस कीशुभकामनाएं दीं। योग का अर्थ है जुड़नाअपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि योग केवल एक शारीरिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह आत्मचेतना, मानसिक स्पष्टता, भावनात्मक स्थिरता औरआध्यात्मिक विकास की दिशा में एक गहरा मार्ग है। उन्होंने कहा कि “योग का अर्थ ही है जुड़ना और यह देखना सुखद है कि कैसे योग ने आज पूरेविश्व को जोड़ा है।” हेमा मालिनी ने बताया योग को अपनी दिनचर्या का हिस्साभाजपा सांसद और वरिष्ठ अभिनेत्री हेमा मालिनी ने योग दिवस पर कहा कि वह रोजाना योग करती हैं और दूसरों को भी इससे प्रेरणा लेने की सलाहदेती हैं। उन्होंने योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बताया। पुरी में कलाकार ने रेत पर उकेरा योग संदेशओडिशा के प्रसिद्ध रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने योग दिवस की पूर्व संध्या पर पुरी समुद्र तट पर एक सुंदर कलाकृति बनाई, जिसमें प्रधानमंत्रीमोदी सूर्य नमस्कार करते हुए नजर आ रहे हैं। यह रचना योग और भारत की सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करती है।
पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों का हंगामा: एयर इंडिया की उड़ान में नहीं आया सामान

घोषणा के बाद भी नहीं मिला लगेजपटना एयरपोर्ट पर उस वक्त हंगामा मच गया जब एयर इंडिया की फ्लाइट आईएस-2936 के यात्रियों को लैंडिंग के बाद बताया गया कि उनकालगेज बेल्ट नंबर 4 पर मिलेगा। लेकिन जब वहां कोई सामान नहीं मिला, तो यात्री भड़क उठे। वजन सीमा के चलते नहीं लाया गया सामानएयर इंडिया के अधिकारियों ने सफाई दी कि फ्लाइट में वजन ज्यादा होने की वजह से यात्रियों का कुछ सामान लोड नहीं किया जा सका। इसकीजानकारी मिलते ही करीब 180 यात्रियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस हंगामे को काबू में लाने के लिए सीआईएसएफ के जवानों औरएयरलाइन स्टाफ को बीच में आना पड़ा। यात्रियों की योजना पर पानी फिराकई यात्रियों को अगली फ्लाइट पकड़नी थी या अपने गंतव्य पर जरूरी काम था, लेकिन सामान न मिलने के कारण उनकी योजनाएं बिगड़ गईं। लोगोंने एयर इंडिया पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। पिछले 15 दिनों में तीसरी घटनाबताया जा रहा है कि पिछले पंद्रह दिनों में यह तीसरी बार है जब यात्रियों को इस तरह की परेशानी झेलनी पड़ी है। यात्रियों का कहना है कि बार-बारइस तरह की घटनाएं अब सहन नहीं की जा सकतीं। एयर इंडिया ने आश्वासन दियाएयरलाइन ने बयान जारी कर कहा कि यात्रियों का सामान जल्द से जल्द उनके पते पर भेजा जाएगा। अधिकारियों ने यात्रियों से सहयोग की अपीलकी और भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
राहुल गांधी का ‘मेक इन इंडिया’ पर हमला: सिर्फ नारे, न नीतियां, न नतीजे

नेहरू प्लेस में तकनीशियनों से संवादकांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की ‘मेक इन इंडिया’ योजना को लेकर तीखी आलोचना की है। दिल्ली के नेहरू प्लेसदौरे के दौरान दो स्थानीय तकनीशियनों, शिवम और सैफ, से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में इलेक्ट्रॉनिक और मोबाइल उपकरणोंका केवल असेंबली हो रही है, वास्तविक निर्माण नहीं। मैन्युफैक्चरिंग बूम का वादा था, नतीजे निराशाजनकराहुल गांधी ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ के तहत देश में फैक्ट्रियों के बूम का दावा किया गया था, लेकिन आज भारत की मैन्युफैक्चरिंग जीडीपी मेंगिरावट आई है और यह अब केवल 14% रह गई है, जो ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर पर है। इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया, “अगरमैन्युफैक्चरिंग इतनी कम है तो युवाओं को रोजगार कहां से मिलेगा?” बेरोजगारी चरम पर, चीन से आयात दोगुनाकांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि युवा बेरोजगारी आज रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है और चीन से आयात पहले से दोगुना हो गया है। उन्होंने प्रधानमंत्रीमोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार केवल नारे देती है, ठोस समाधान नहीं। PLI योजना को लेकर भी उठाए सवालराहुल गांधी ने सरकार की प्रमुख ‘उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना’ (PLI) पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि यह योजना अब धीरे-धीरेबंद की जा रही है। उनका कहना था कि यदि भारत अपने उत्पाद खुद नहीं बनाएगा, तो वह हमेशा दूसरे देशों पर निर्भर रहेगा। भारत को असेंबली हब नहीं, निर्माण केंद्र बनना चाहिएनेहरू प्लेस में तकनीशियनों से हुई बातचीत का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जैसे शिवम और सैफ जैसे प्रतिभाशाली युवाओं के पास हुनरहै, लेकिन देश का आर्थिक मॉडल उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं देता। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को सिर्फ बाज़ार नहीं, एक निर्माण केंद्र बनना होगा। “मेक इन इंडिया एक जुमला बनकर रह गया”राहुल गांधी ने ‘मेक इन इंडिया’ को सरकार का एक और नाकाम वादा बताया। उन्होंने कहा कि जमीन पर जो हालात हैं, वे सरकार के दावों सेबिल्कुल अलग हैं। चीन से बढ़ते आयात ने देश की स्थानीय विनिर्माण क्षमता और नौकरियों को गहरी चोट पहुंचाई है।
उमर अब्दुल्ला का अमेरिका पर निशाना, सिर्फ अपने हित देखता है अमेरिका

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अमेरिका की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तानी सेना प्रमुखअसीम मुनीर को व्हाइट हाउस में लंच पर बुलाए जाने के बाद उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अमेरिका केवल तभी तक किसी का मित्र होता है, जब तकउसे अपना लाभ दिखाई देता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपने फायदे के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। हम नहीं तय कर सकते कि अमेरिकी राष्ट्रपति किसे बुलाएंउमर अब्दुल्ला ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति स्वतंत्र रूप से निर्णय लेते हैं और यह हम तय नहीं कर सकते कि उन्हें किसे बुलाना चाहिए और किसे नहीं।उन्होंने तंज करते हुए कहा कि हमने सोचा था कि अमेरिका हमारे लिए विशेष महत्व रखता है और वह हमारी मित्रता की कद्र करेगा, लेकिन असल मेंअमेरिका केवल वही करता है जिससे उसे फायदा मिले। वंदे भारत यात्रा के दौरान दिया बयानसीएम उमर अब्दुल्ला ने यह बयान उस समय दिया जब वह अपने पिता फारूक अब्दुल्ला के साथ नई शुरू की गई वंदे भारत ट्रेन से जम्मू पहुंचे थे। ट्रेनसे उतरने के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उन्होंने अमेरिका के बदलते रुख पर प्रतिक्रिया दी। ईरान-इजराइल संघर्ष पर शांति की अपीलईरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह संघर्ष शुरू नहीं होना चाहिए था। उन्होंने दोनों देशों सेबातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की। सीएम ने कहा कि युद्ध की बजाय शांति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए और बमबारीकिसी भी समस्या का हल नहीं है। ईरान से भारतीय छात्रों की वापसी पर जानकारीईरान में पढ़ रहे जम्मू-कश्मीर के छात्रों की वापसी के विषय में उमर अब्दुल्ला ने बताया कि छात्र धीरे-धीरे भारत लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक हीबार में सभी को वापस लाना संभव नहीं है क्योंकि कई एयरपोर्ट और पोर्ट बंद हैं। सरकार की कोशिशों से छात्रों को पहले सड़क मार्ग से आर्मेनियालाया गया, और वहां से उन्हें भारत भेजा गया। उमर ने बताया कि आज लगभग 300 से 400 छात्र स्वदेश लौटेंगे और उनमें से अधिकतर जम्मू-कश्मीरसे हैं।
सोनिया गांधी का लेख, भारत को निभानी चाहिए शांति स्थापना में सेतु की भूमिका

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ईरान और इज़रायल के बीच बढ़ते तनाव को लेकर एक प्रतिष्ठित अंग्रेज़ी अखबार में लेख लिखा है। उन्होंनेभारत की विदेश नीति, विशेषकर मौजूदा हालात में उसकी चुप्पी पर चिंता व्यक्त की है। सोनिया गांधी ने लिखा कि ईरान भारत का एक पुराना औरभरोसेमंद सहयोगी रहा है। उन्होंने 1994 का उदाहरण देते हुए बताया कि संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार आयोग में कश्मीर मुद्दे पर भारत के खिलाफलाया गया प्रस्ताव ईरान के सहयोग से रोका गया था। भारत-इज़रायल की रणनीतिक साझेदारी को भी बताया अहमलेख में सोनिया गांधी ने इस बात को भी रेखांकित किया कि भारत और इज़रायल के बीच बीते वर्षों में गहरे रणनीतिक संबंध विकसित हुए हैं। उन्होंनेकहा कि भारत की यह विशेष स्थिति उसे पश्चिम एशिया में एक “सेतु” (Bridge) की भूमिका निभाने में सक्षम बनाती है जिससे वह क्षेत्रीय तनाव कोकम करने में योगदान दे सकता है। फिलिस्तीन पर भारत के रुख में बदलाव पर जताई चिंतासोनिया गांधी ने फिलिस्तीन के मुद्दे पर केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत वर्षों से एक स्वतंत्र और शांतिपूर्णफिलिस्तीन के विचार का समर्थन करता आया है, लेकिन वर्तमान सरकार इस नैतिक और सिद्धांत आधारित नीति से पीछे हटती दिखाई दे रही है, जोचिंताजनक है। गाजा संकट पर भारत की चुप्पी को बताया अनुचितगाजा में जारी मानवीय संकट और ईरान के साथ बढ़ते तनाव को लेकर सोनिया गांधी ने भारत की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि यहचुप्पी भारत की नैतिक परंपराओं और कूटनीतिक दृष्टिकोण के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत को अब भी सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभानीचाहिए, ताकि संवाद और समाधान का रास्ता खोला जा सके। मल्लिकार्जुन खरगे ने किया समर्थनकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोनिया गांधी के इस लेख को X (पूर्व ट्विटर) पर साझा करते हुए उनका समर्थन किया। उन्होंने केंद्र सरकार सेआग्रह किया कि विदेश नीति को संतुलन और नैतिक मूल्यों के आधार पर चलाया जाए।
DGCA की सख्ती, एयर इंडिया के तीन वरिष्ठ अधिकारी क्रू शेड्यूलिंग से हटाए गए

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयर इंडिया के क्रू शेड्यूलिंग विभाग के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनकेपदों से हटाने का निर्देश दिया है। यह कदम विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल के गंभीर उल्लंघनों के बाद उठाया गया है। जिन अधिकारियों पर गिरी गाजजिन अधिकारियों को हटाने का आदेश दिया गया है, उनमें चूरा सिंह (डिविजनल वाइस प्रेसिडेंट), पिंकी मित्तल (चीफ मैनेजर – क्रू शेड्यूलिंग) औरपायल अरोड़ा (प्लानिंग – क्रू शेड्यूलिंग) शामिल हैं। DGCA के अनुसार, इन अधिकारियों को भविष्य में कोई ऐसा कार्यभार नहीं सौंपा जाएगा, जिसका सीधा संबंध उड़ान सुरक्षा या क्रू प्रबंधन से हो। सुरक्षा में चूक के गंभीर आरोप20 जून को जारी आदेश में DGCA ने बताया कि इन अधिकारियों की ओर से कई लापरवाहियां की गईं। इनमें बिना मंजूरी के क्रू की तैनाती, विश्रामअवधि और लाइसेंसिंग के नियमों की अनदेखी, और निगरानी प्रणाली में बड़ी खामियां शामिल हैं। ये चूकें विमान संचालन की सुरक्षा पर गंभीर असरडाल सकती हैं। अहमदाबाद-लंदन उड़ान हादसे के बाद फैसलाDGCA की यह कार्रवाई अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की एक उड़ान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कुछ दिनों बाद की गई है। उस हादसे में270 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जिनमें विमान में सवार यात्रियों के अलावा जमीन पर मौजूद लोग भी शामिल थे। 10 दिन में मांगी गई कार्रवाई रिपोर्टDGCA ने एयर इंडिया को निर्देश दिया है कि इन अधिकारियों के खिलाफ तुरंत आंतरिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए और इसकी रिपोर्ट10 दिनों के भीतर भेजी जाए। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगली सूचना तक इन अधिकारियों को कोई भी जिम्मेदारी न दी जाए, जो उड़ानसंचालन या क्रू अनुपालन से जुड़ी हो। दो उड़ानों पर भी उठाए सवाल, एयर इंडिया को नोटिस जारीइसके अतिरिक्त, DGCA ने एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस 16 और 17 मई 2025 को बेंगलुरु से लंदन जानेवाली दो उड़ानों (AI 133) के संबंध में है, जिनमें अधिकतम अनुमत उड़ान समय 10 घंटे से ज्यादा हुआ। DGCA ने पूछा है कि इन मामलों मेंविमानन नियमों का उल्लंघन क्यों किया गया और क्यों न नियमानुसार कार्रवाई की जाए। एयर इंडिया को 7 दिनों में अपना जवाब देना होगा।
100% वेबकास्टिंग योजना पर पुनर्विचार में चुनाव आयोग, मतदाता गोपनीयता प्रमुख कारण

हाल ही में भारत निर्वाचन आयोग (ईसी) ने संकेत दिया था कि आगामी चुनावों में सभी मतदान केंद्रों पर शत-प्रतिशत वेबकास्टिंग की तैयारी की जारही है। हालांकि अब आयोग इस योजना पर पुनर्विचार कर रहा है। कारण स्पष्ट है वेबकास्टिंग के वीडियो सार्वजनिक करने से मतदाताओं कीगोपनीयता को खतरा हो सकता है। आयोग के एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि वेबकास्टिंग की रिकॉर्डिंग केवल आंतरिक निरीक्षण के लिए है और इसेसार्वजनिक डोमेन में साझा करना उपयुक्त नहीं माना गया है। राहुल गांधी ने लगाए चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर आरोपदूसरी ओर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग की कुछ हालिया नीतियों पर सवाल उठाते हुए इसे”मैच फिक्स” करार दिया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग जरूरी साक्ष्य मिटा रहा है।उन्होंने लिखा कि वोटर लिस्ट ‘मशीन रीडेबल फॉर्मेट’ में नहीं देंगे। सीसीटीवी फुटेज? कानून बदलकर छिपा दी गई। चुनाव की फोटो-वीडियो? अब 1 साल नहीं, 45 दिन में ही मिटा देंगे। जिससे जवाब चाहिए था, वही सबूत मिटा रहा है। साफ दिख रहा है – मैच फिक्स है, और यह लोकतंत्र के लिएज़हर है। चुनाव आयोग का तर्कचुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि वेबकास्टिंग की फुटेज को सार्वजनिक न करने का मुख्य उद्देश्य मतदाता की पहचान और गोपनीयता की रक्षाकरना है। यदि वीडियो सार्वजनिक होते हैं, तो यह संभावित रूप से उन मतदाताओं की पहचान उजागर कर सकते हैं जिन्होंने मतदान किया या नहींकिया। इससे किसी विशेष समूह या दल द्वारा मतदाताओं पर दबाव, भेदभाव या डराने-धमकाने की आशंका बढ़ जाती है। वेबकास्टिंग फुटेज की समयसीमा और विधिक उपयोगनिर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार, वेबकास्टिंग, सीसीटीवी फुटेज और अन्य रिकॉर्डिंग्स को अधिकतम 45 दिनों तक संरक्षित रखा जाता है— यही वह समयसीमा है जिसके भीतर चुनाव परिणाम को अदालत में चुनौती दी जा सकती है। यदि इस अवधि में कोई चुनाव याचिका दायर होतीहै, तो यह रिकॉर्डिंग्स सुरक्षित रखी जाती हैं और आवश्यक होने पर अदालत में प्रस्तुत की जाती हैं। इसके बाद इन्हें नष्ट कर दिया जाता है ताकि इनकादुरुपयोग न हो। गोपनीयता का संरक्षणभारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि मतदाताओं की सुरक्षा, स्वतंत्रता और गोपनीयता उसकी प्राथमिकता हैं। चाहे किसी राजनीतिक दलया अन्य समूह का दबाव हो, आयोग किसी भी परिस्थिति में मतदाता की पहचान को उजागर करने या मतदान की गोपनीयता को भंग करने की अनुमतिनहीं देगा। यह नीति कानून और सर्वोच्च न्यायालय दोनों द्वारा समर्थित है और आयोग इसी सिद्धांत का पालन करता रहा है।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने युवाओं को योग अपनाने का दिया संदेश

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अवसर पर दिल्ली में एक ऐतिहासिक योग आयोजन का दृश्य देखने को मिला। फिट इंडिया मूवमेंट और कल्ट फिटके संयुक्त तत्वावधान में इंदिरा गांधी स्टेडियम परिसर के साइक्लिंग वेलोड्रोम में “योगाथॉन – योग फॉर एवरीवन” का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 7:00 बजे हुआ, और प्रतिभागियों से आग्रह किया गया था कि वे 6:30 बजे तक पहुँच जाएँ ताकि कार्यक्रम समय पर शुरू हो सके। आयोजन की थीम “योग फॉर एवरीवन” रही, जिसके अंतर्गत सभी आयु वर्ग और समाज केसभी वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया उपस्थित रहे। उन्होंने योग को मानसिक स्थिरता औरशारीरिक ऊर्जा का स्रोत बताते हुए युवाओं से इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आग्रह किया। डॉ. मांडविया ने कहा कि योग सिर्फ एकव्यायाम नहीं, बल्कि सशक्त और संतुलित जीवन जीने की भारतीय पद्धति है, जो आज विश्वभर में अपनाई जा रही है। इस अवसर को और विशेष बना दिया फिल्म और खेल जगत की जानी-मानी हस्तियों की उपस्थिति ने। अभिनेता और निर्माता जैकी भगनानी, अभिनेत्रीरकुलप्रीत सिंह, मॉडल और अभिनेत्री मधुरिमा तुली, और अंतरराष्ट्रीय स्तर की रेसवॉकर प्रियंका गोस्वामी ने योग के मंच से अपने विचार साझा करतेहुए लोगों को प्रेरित किया। इस आयोजन ने न सिर्फ योग के महत्व को दोहराया, बल्कि फिटनेस और मानसिक शांति की दिशा में भारत को एक नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की।योगाथॉन और फिट इंडिया अभियान जैसे प्रयास यह संदेश देते हैं कि योग केवल शारीरिक कसरत नहीं, बल्कि सम्पूर्ण जीवन शैली है एक ऐसीविरासत जिसे भारत ने दुनिया को दिया है और आज विश्वभर में उसका अनुसरण किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष वानथी श्रीनिवासन ने अपने निवास पर किया योगाभ्यास

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्षा एवं तमिलनाडु से विधायक माननीय श्रीमतीवानथी श्रीनिवासन ने अपने निवास पर एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया। इस अवसर पर भाजपा की विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारी, महिलाकार्यकर्ता एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे। स्वस्थ जीवनशैली को लेकर दिया प्रेरणादायक संदेशश्रीमती वानथी श्रीनिवासन ने योगाभ्यास के उपरांत अपने संबोधन में कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि आत्मा, मन और शरीर के संतुलनकी भारतीय पद्धति है, जो हमें स्वस्थ और सकारात्मक जीवन की ओर ले जाती है। हर नागरिक को इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना भारत की सांस्कृतिक विरासत का गौरव है। योग न केवलशरीर को निरोग रखता है, बल्कि मानसिक शांति और आत्मबल भी प्रदान करता है। रूबी फोगाट यादव सहित कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारीइस आयोजन में भाजपा नेत्री रूबी फोगाट यादव की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने योग की विभिन्न मुद्राओं का अभ्यास करते हुए उपस्थित लोगों कोप्रेरित किया। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से युवा पीढ़ी को अनुशासन और संतुलन की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने “करें योग, रहें निरोग” के मूल मंत्र के साथ एकजुट होकर योगाभ्यास किया। अंत में सभी को अंतरराष्ट्रीय योगदिवस की शुभकामनाएं दी गईं।