विधानसभा उपचुनाव परिणाम, INDIA गठबंधन का जलवा, AAP को बड़ी कामयाबी, BJP को झटका

चार राज्यों की पांच सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों में विपक्षी गठबंधन INDIA ने बाजी मारी है। अब तक के रुझानों में चार सीटों पर गठबंधन सेजुड़े दलों की बढ़त दर्ज की गई है, जबकि भाजपा केवल गुजरात की कड़ी सीट पर आगे है। गुजरात की विसावदर सीट पर AAP की बड़ी जीतगुजरात की विसावदर विधानसभा सीट आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए अहम साबित हुई है। यहां AAP प्रत्याशी गोपाल इटालिया ने भाजपा केकिरीट पटेल को 17,581 मतों के बड़े अंतर से हराया। यह सीट पहले भी AAP के पास थी, लेकिन पूर्व विधायक भूपेंद्र भयानी के भाजपा में शामिलहोने के कारण उपचुनाव कराया गया था। गोपाल इटालिया कभी प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीट पर AAP की बढ़तपंजाब में लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट पर भी आम आदमी पार्टी का दबदबा नजर आया। AAP के उम्मीदवार संजीव अरोड़ा 10वें राउंड तक6,025 वोटों से आगे रहे। कांग्रेस प्रत्याशी भारत भूषण आशु दूसरे स्थान पर जबकि भाजपा के जीवन गुप्ता तीसरे स्थान पर हैं। अकाली दल केउम्मीदवार चौथे नंबर पर चल रहे हैं। केरल की नीलांबर सीट पर कांग्रेस आगेकेरल की नीलांबर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार आर्यदन शौकत 11 हजार वोटों से बढ़त बनाए हुए हैं। इस सीट पर भाजपा को खासा झटका लगा हैक्योंकि उसके प्रत्याशी एडवोकेट मोहन जॉर्ज केवल 8,648 मतों के साथ चौथे स्थान पर हैं। पश्चिम बंगाल की कालीगंज सीट पर TMC की मजबूत पकड़बंगाल की कालीगंज विधानसभा सीट पर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उम्मीदवार आलिफा अहमद ने 28,784 वोटों की निर्णायक बढ़तबनाई है। भाजपा के आशीष घोष दूसरे स्थान पर हैं। 11 राउंड की गिनती पूरी होने के बाद यह साफ संकेत मिल रहा है कि TMC की जीत लगभगतय है। गुजरात की कड़ी सीट पर BJP की एकमात्र जीतगुजरात की कड़ी सीट पर भाजपा ने एकमात्र बढ़त बनाई है। यहां भाजपा प्रत्याशी राजूभाई चावड़ा ने कांग्रेस के रमेशभाई चावड़ा को 38,904 मतों सेहराकर सीट अपने नाम की।
अमेरिका ने ईरान पर दागे बम, तीन परमाणु ठिकाने तबाह, ट्रम्प बोले, अभी और टारगेट बाकी हैं

पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल तनाव के बीच अमेरिका ने शुक्रवार तड़के ईरान पर सीधी सैन्य कार्रवाई करते हुए उसके तीन प्रमुख परमाणुठिकानों पर बमबारी की। अमेरिकी वायुसेना ने यह ऑपरेशन स्थानीय समयानुसार सुबह 4:30 बजे अंजाम दिया। मिशन के दौरान अमेरिकी लड़ाकूविमान बिना किसी नुकसान के लौट आए। यह सैन्य कार्रवाई एक निर्णायक सफलताराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हमले के तुरंत बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना औरवैश्विक सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।” उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर ईरान ने रुख नहीं बदला, तो हम और ठिकानों को निशाना बनाएंगे।” परमाणु अधिकार से पीछे नहीं हटेंगेईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया और कहा कि उनका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिएहै। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान के संप्रभु अधिकार को मान्यता देने की अपील की। तनाव की पृष्ठभूमि में आया हमलापिछले कुछ हफ्तों से ईरान और इजरायल के बीच सैन्य झड़पें लगातार बढ़ रही थीं। इजरायल पहले ही ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना चुकाहै। अमेरिका का यह हमला इजरायल के साथ सैन्य समन्वय का हिस्सा माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय जगत में चिंता, प्रतिक्रियाओं की बौछारहमले के बाद कई देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता पर चिंता जताई है। अमेरिका के कुछ मित्र देशों ने इसे समर्थन में कदम बताया, जबकि अन्य ने आलोचनाकरते हुए संयम बरतने की सलाह दी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका ने इस ऑपरेशन में B-2 स्टील्थ बमवर्षकों का प्रयोग किया, जो गहरेभूमिगत बंकरों को नष्ट करने में सक्षम हैं। इजरायल ने जताया समर्थन, ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंकाइजरायल ने अमेरिका की कार्रवाई को “सुरक्षा की दिशा में निर्णायक कदम” बताया और राष्ट्रपति ट्रम्प का आभार जताया। वहीं क्षेत्रीय विश्लेषकों कामानना है कि ईरान की ओर से जल्द जवाबी हमला या साइबर प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है, जिससे मध्य पूर्व में अशांति और बढ़ सकती है।
कटरा-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन को यात्रियों का जबरदस्त समर्थन, 7 जून से शुरू हुई सेवा की सभी सीटें लगभग जुलाई तक बुक

हाल ही में कटरा से श्रीनगर के बीच शुरू की गई वंदे भारत एक्सप्रेस को यात्रियों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। रेलवे की वेबसाइट के अनुसार, इसट्रेन में 25 जुलाई तक अधिकांश सीटें फुल हैं। इन ट्रेनों में लगातार वेटिंग लिस्ट या “नो सीट” का मैसेज दिखाई दे रहा है।पर्यटन और व्यापार दोनों को मिला नया विकल्पयह ट्रेन न सिर्फ पर्यटकों के लिए बल्कि व्यापारिक समुदाय के लिए भी यात्रा का एक तेज़, सुविधाजनक और किफायती विकल्प बन गई है। आंकड़ोंके अनुसार, इस वर्ष अब तक कश्मीर आने वाले पर्यटकों की संख्या 3.74 लाख से अधिक रही है और उनमें से बड़ी संख्या में लोग अब हवाई यात्राकी बजाय ट्रेन से सफर करना पसंद कर रहे हैं। वंदे भारत के बाद हवाई यात्रा में आई गिरावट21 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद श्रीनगर एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पहले जहाँ प्रतिदिन 104 उड़ानेंसंचालित होती थीं, अब यह घटकर 48 से 52 रह गई हैं। एयरलाइनों का कहना है कि वंदे भारत के शुरू होने से यात्रियों ने ट्रेन को प्राथमिकता देनी शुरू कर दी है, जिससे हवाई किरायों में गिरावट आई है।पहले जहाँ किराया ₹12,000 तक था, अब यह घटकर ₹5,000 से ₹6,000 के बीच आ गया है। इसके साथ ही, 50% तक फ्लाइट बुकिंग रद्दहोने के मामले भी बढ़े हैं। सुविधाजनक समय और किफायती किराया बना आकर्षणवंदे भारत एक्सप्रेस का शेड्यूल यात्रियों को खूब भा रहा है। कटरा से सुबह 8:10 बजे रवाना होकर दोपहर 11:55 बजे और दोपहर 2:55 बजे रवानाहोकर शाम 5:35 बजे श्रीनगर पहुंचने वाली दो सेवाएं उपलब्ध हैं। वापसी में श्रीनगर से सुबह 8:00 बजे चलकर दोपहर 2:00 बजे कटरा पहुंचा जासकता है। टिकट दरें भी किफायती हैं—इकोनॉमी क्लास का किराया लगभग ₹700-₹800, जबकि एग्जीक्यूटिव क्लास का ₹1300-₹1400 तक है। अबतक करीब 52,000 यात्रियों ने इस सेवा का लाभ उठाया है, जिनमें से लगभग 30,000 पर्यटक रहे हैं। कारोबार को भी मिला संजीवनीरेलवे के वाणिज्यिक अधिकारी उचित सिंघल के अनुसार, यात्रियों को इस रूट की प्राकृतिक सुंदरता बहुत पसंद आ रही है। वहीं, व्यापारियों को भीइस सेवा से समय और लागत दोनों में राहत मिली है। सोपोर के व्यापारी बताते हैं कि अब सामान समय पर बाजार पहुंच रहा है, जिससे कारोबार मेंगति आई है। कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने भी इस बात की पुष्टि की है कि वंदे भारत सेवा से माल ढुलाई की लागत में कमी आई है। इसके अलावा, होटल, टैक्सी और गाइड जैसे स्थानीय व्यवसायों को भी इस ट्रेन सेवा से अच्छा लाभ हो रहा है।
भारत के पड़ोसियों को अब समझना होगा, सहयोग करें या परिणाम भुगतें बोले एस. जयशंकर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 11 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत की बदलती विदेश नीति पर विस्तार से प्रकाशडाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को अपने पड़ोसी देशों के साथ हमेशा सहज संबंधों की उम्मीद नहीं करनी चाहिए, लेकिन यह जरूरी है कि वे यहसमझें कि भारत के साथ सहयोग करने से फायदा और विरोध करने से नुकसान होता है। पाकिस्तान पर तीखा प्रहार: ‘विरोध की कीमत चुकानी होगी’विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में पाकिस्तान का नाम लिए बिना संकेत किया कि कुछ देशों को भारत की रणनीति को समझने में समय लगता है। उन्होंनेकहा, “कुछ देशों ने दुश्मनी को अपनी पहचान बना लिया है, और पाकिस्तान इसका एक उदाहरण है।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर पाकिस्तान कोछोड़ दें, तो भारत की रणनीति अधिकतर पड़ोसियों पर लागू होती है। चीन और अमेरिका को लेकर संतुलित दृष्टिकोणजब जयशंकर से पूछा गया कि भारत ने अमेरिका और चीन जैसे वैश्विक शक्तियों के साथ संबंधों में उतार-चढ़ाव को कैसे संभाला, तो उन्होंने जवाबदिया कि अमेरिका के मामले में कुछ अनिश्चितताएं हैं, इसलिए भारत को बहुआयामी और स्थिर रिश्तों पर काम करना होता है। वहीं चीन के बारे मेंउन्होंने कहा, “चीन के साथ खड़ा होना है तो अपनी राष्ट्रीय क्षमताओं को मज़बूत बनाना होगा।” उन्होंने गलवान घाटी संघर्ष (2020) का उदाहरण देतेहुए कहा कि सीमा पर तनावपूर्ण स्थितियां भारत ने मजबूती से झेली हैं। वैश्विक संकटों में भारत की तत्परताजयशंकर ने मोदी सरकार के दौरान नागरिकों की सुरक्षा और आपात निकासी अभियानों की सफलता को विदेश नीति का अहम पहलू बताया। उन्होंनेहाल ही में ईरान-इज़राइल संघर्ष के दौरान चलाए गए ऑपरेशन सिंधु और रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच किए गए ऑपरेशन गंगा को याद करते हुए कहा किये मिशन भारत की तेज, निर्णायक और संवेदनशील विदेश नीति के उदाहरण हैं। श्रीलंका और मालदीव के साथ रिश्तों में निरंतरताजयशंकर ने कहा कि मोदी सरकार की नीति के तहत मालदीव और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों से संबंधों में मजबूती आई है। उन्होंने बताया किमालदीव के साथ शुरुआती कुछ कूटनीतिक अड़चनों के बावजूद दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य हो गए हैं, जबकि श्रीलंका में सत्ता परिवर्तन के बादभी भारत का सहयोग और संपर्क बना रहा। हर परिस्थिति में संयम ज़रूरीनेपाल के संदर्भ में जयशंकर ने माना कि भारत को अक्सर वहां की आंतरिक राजनीति में खींचा जाता है, लेकिन भारत को अपने दृष्टिकोण में स्थिरताबनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रिश्तों में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन भारत को संयम और दूरदर्शिता से काम लेना चाहिए।
अमित शाह का संकल्प, 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करेंगे

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को एक बार फिर नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की सख्त नीति को दोहराते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 तकभारत को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाएगा। वे यह बयान रायपुर में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी और सेंट्रल फॉरेंसिक साइंसलैबोरेट्री के नए कैंपस के शिलान्यास समारोह में दे रहे थे। बारिश में भी नहीं मिलेगा नक्सलियों को आरामअमित शाह ने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस बार मानसून में भी नक्सलियों को कोई राहत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, “पहले बरसात में नक्सली जंगलोंमें छिपकर आराम कर लेते थे, लेकिन अब उन्हें सोने नहीं देंगे।” शाह ने नक्सलवाद की राह पर चल रहे लोगों से अपील की कि वे हथियार डालकरआत्मसमर्पण करें और छत्तीसगढ़ के विकास में सहभागी बनें। बिना चर्चा के आत्मसमर्पण की अपीलगृह मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि अब कोई बातचीत नहीं होगी, बल्कि नक्सलियों को बिना शर्त सरेंडर करना होगा। उन्होंने कहा, “जो सरेंडर करेगा, सरकार उसके साथ किए गए वादों को पूरी तरह निभाएगी।” साथ ही यह भी कहा कि यह आत्मसमर्पण का सबसे उपयुक्त अवसर है और इसे गंवानाउनके लिए भारी पड़ सकता है। ऑपरेशन पर मौसम का असर नहींशाह ने साफ किया कि अब सुरक्षाबलों की कार्रवाई किसी मौसम पर निर्भर नहीं होगी। ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा और सुरक्षाबल पूरी प्रतिबद्धताके साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।विकास और सुरक्षा के दोहरे प्रयास से कमजोर हुआ नक्सल प्रभावगृह मंत्री ने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क निर्माण, संचार सुविधाएं, और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार सेनक्सलियों का आधार क्षेत्र कमजोर हुआ है। कई क्षेत्र अब नक्सल नियंत्रण से मुक्त हो चुके हैं। केंद्र और राज्य की साझेदारी से मिलेगा स्थायी समाधानअमित शाह ने भरोसा जताया कि अगर केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इसी प्रतिबद्धता से काम करती रहीं, तो तय समय से भी पहले नक्सलवाद कोजड़ से समाप्त किया जा सकता है।
होसुर फ्लाईओवर का हिस्सा खिसका, चेन्नई-बेंगलुरु हाईवे पर ट्रैफिक बाधित

कर्नाटक-तमिलनाडु सीमा पर स्थित होसुर में चेन्नई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक फ्लाईओवर का लगभग 50 मीटर लंबा हिस्सा खिसक जाने सेयातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यह घटना कृष्णगिरी जिले के बगलूर रोड सर्कल क्षेत्र में सामने आई, जहां फ्लाईओवर पर करीब 15 सेंटीमीटरचौड़ी और 50 मीटर लंबी दरार देखी गई। इससे पुल की बीम संरचना अपनी जगह से हट गई। वाहनों का डायवर्जन, ट्रैफिक जाम से जनता परेशानस्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने कृष्णगिरी से बेंगलुरु की ओर जाने वाले सभी वाहनों को फ्लाईओवर से हटाकर होसुर बस स्टैंड कीओर स्थित सर्विस रोड पर मोड़ दिया। इससे 3 किलोमीटर तक लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। पहले से ही बगलूर रोड पर सड़क चौड़ीकरण के चलतेट्रैफिक डायवर्जन था, और फ्लाईओवर में आई इस खामी ने हालात और बिगाड़ दिए। स्थानीय अधिकारी ने बताया कि वाहन चालकों को भारीपरेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फ्लाईओवर की दरार से उत्पन्न हुई गंभीर स्थितिस्थानीय लोगों और यात्रियों के अनुसार, फ्लाईओवर के मध्य भाग में लगभग आधा फुट की दूरी तक बीम खिसक गई थी, जिससे एक स्पष्ट दरारदिखाई दी। इस घटना ने पुल की संरचनात्मक स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरम्मत कार्य शुरू, इंजीनियर कर रहे संरचना को स्थिरराष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के इंजीनियर और अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और निरीक्षण शुरू किया। प्रारंभिक जांच के बाद फ्लाईओवर को स्थिरकरने के लिए गोलाकार बेयरिंग तंत्र का उपयोग करते हुए मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया। इसके बावजूद, बेंगलुरु की ओर जाने वाले मार्ग को बंदकर दिया गया है, और यातायात पूरी तरह सर्विस रोड पर डायवर्ट किया गया है। NHAI की जांच जारी, वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाहराष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने फ्लाईओवर में आई दरार और बीम के खिसकने के कारणों की गहराई से जांच शुरू कर दी है। यात्री औरवाहन चालक जो इस मार्ग का उपयोग करते हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और प्रभावित हिस्से से दूरी बनाए रखें जबतक कि मरम्मत और निरीक्षण पूरी तरह नहीं हो जाता।
मुंबई में महिला पायलट से छेड़छाड़ का मामला, उबर ड्राइवर सहित तीन पर केस दर्ज

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक 28 वर्षीय महिला पायलट के साथ छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायतके आधार पर उबर कैब चालक और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दक्षिण मुंबई से घर लौटते वक्त हुई घटनापुलिस के अनुसार, यह घटना गुरुवार रात करीब 11:15 बजे की है जब महिला पायलट दक्षिण मुंबई से घाटकोपर स्थित अपने आवास लौट रही थी।महिला का पति भारतीय नौसेना में अधिकारी है और फिलहाल नौसेना के आवासीय परिसर में रह रहा है, जबकि महिला घाटकोपर में अकेली रहती है।घटना की रात महिला अपने पति के साथ एक रेस्तरां में भोजन करने गई थी, जिसके बाद उसके पति ने उसके लिए उबर कैब बुक की। रास्ता बदलकर दो अन्य यात्रियों को कैब में बैठायामहिला के अनुसार, कैब ड्राइवर ने यात्रा शुरू करने के करीब 25 मिनट बाद रास्ता बदल दिया और बिना अनुमति के दो अन्य लोगों को कैब में बिठालिया। इनमें से एक शख्स ने कथित तौर पर महिला के साथ अश्लील हरकत की। जब महिला ने विरोध किया तो उसे धमकाया गया, और कैबड्राइवर ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। पुलिस चेकिंग देखकर भागे आरोपीमहिला की शिकायत के अनुसार, कुछ देर बाद जब तीनों ने देखा कि आगे हाईवे पर पुलिस चेकिंग हो रही है, तो दोनों आरोपित युवक कैब से उतरकरभाग गए। महिला ने जब घर पहुंचकर चालक से सवाल किया कि उसने अनजान व्यक्तियों को कैब में क्यों बैठाया, तो ड्राइवर ने कोई संतोषजनकजवाब नहीं दिया। पुलिस में दर्ज हुई शिकायत, तीन पर एफआईआरघटना की जानकारी मिलने पर पीड़िता ने अगली सुबह अपने पति को सब कुछ बताया, जिसके बाद दोनों ने मिलकर घाटकोपर पुलिस स्टेशन मेंशिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (यौन उत्पीड़न), 506 (आपराधिक धमकी) और 34 (सामान्य इरादा) के तहतमामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल तीनों आरोपियों की तलाश और जांच जारी है।
एयर इंडिया पर DGCA की सख्ती, 2024 से अब तक की सभी जांचों का रिकॉर्ड मांगा

देश की सबसे पुरानी एयरलाइन, एयर इंडिया, इन दिनों नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की कड़ी निगरानी में है। DGCA ने एयर इंडिया से2024 से अब तक हुए सभी सुरक्षा ऑडिट्स और जांचों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। इसमें कॉकपिट, रनवे, केबिन और रैम्प से जुड़ी खामियों की पूरीजानकारी देने को कहा गया है। DGCA की यह सख्ती उस समय बढ़ी जब मई 2025 में बैंगलोर से लंदन जा रही दो उड़ानों (AI133) में पायलटोंद्वारा फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों का उल्लंघन सामने आया। इन उड़ानों में पायलटों को तय 10 घंटे से अधिक समय तक ड्यूटीपर रखा गया, जो स्पष्ट रूप से सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। इस मामले को गंभीर मानते हुए DGCA ने एयर इंडिया के अकाउंटेबल मैनेजर कोकारण बताओ नोटिस जारी किया और सात दिन में जवाब मांगा। जांच में यह सामने आया कि क्रू शेड्यूलिंग में गंभीर लापरवाही हुई थी। इसके लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों—चूराह सिंह (डिविजनल वाइस प्रेसिडेंट, IOCC), पिंकी मित्तल (चीफ मैनेजर, क्रू शेड्यूलिंग), और पायल अरोड़ा (क्रू शेड्यूलिंग प्लानिंग)—को जिम्मेदार ठहराया गया और तुरंत उनकेऑपरेशनल रोल्स से हटाने का आदेश दिया गया। DGCA ने 10 दिन के भीतर अनुशासनात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है। अब ये अधिकारीनॉन-ऑपरेशनल भूमिकाओं में काम करेंगे ताकि फ्लाइट सेफ्टी पर असर न पड़े। इस सख्ती के पीछे एक बड़ी वजह 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुआ एक भयावह विमान हादसा भी है। एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 टेकऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें 270 से ज्यादा यात्रियों और क्रू की जान चली गई थी। इस घटना ने एयरलाइन की सुरक्षाप्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इसके बाद DGCA ने एयर इंडिया की सभी प्रणालियों की गहन जांच शुरू की और 20 जून को एयरलाइनको सभी पिछली जांचों और ऑडिट्स की जानकारी देने का आदेश जारी किया। जांच में यह भी पाया गया कि फरवरी 2025 में हुई इंटरनल ऑडिट में क्रू शेड्यूलिंग में पहले से कई खामियां उजागर हुई थीं, जिन्हें नजरअंदाज करदिया गया। इसके अलावा, मई 2024 में जब एयर इंडिया ने पुराने ARMS सिस्टम को हटाकर नया CAE सिस्टम लागू किया, तब भी कईतकनीकी और नियामकीय चूकें हुईं—जैसे गलत क्रू पेयरिंग, पायलटों को पर्याप्त आराम न देना, और लाइसेंसिंग नियमों की अनदेखी। DGCA नेइसे एक “सिस्टम फेल्योर” करार दिया और चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एयर इंडिया ने DGCA के निर्देशों को मानते हुए कहा है कि वह सभी नियमों का पालन कर रही है। कंपनी ने बयान में कहा कि अब चीफ ऑपरेशंसऑफिसर बेसिल क्वॉक इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर की निगरानी करेंगे और एयरलाइन सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्धहै। हालांकि, अहमदाबाद विमान हादसे की जांच अभी जारी है, और इसके परिणाम एयर इंडिया की प्रतिष्ठा और संचालन पर बड़ा असर डाल सकतेहैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या एयर इंडिया इस संकट से उबरकर अपनी पुरानी साख और यात्रियों का भरोसा दोबारा हासिल कर पाएगी।
राजस्थान में बारिश से जनजीवन प्रभावित, कई जिलों में अलर्ट जारी

राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से जारी तेज़ बारिश अब जनजीवन को प्रभावित करने लगी है। कई जिलों में सड़कों पर पानी भर गया है, नदियों काजलस्तर बढ़ गया है और पुल-पुलियाओं पर पानी चढ़ने से आवागमन में कठिनाई हो रही है। नेशनल हाईवे और प्रमुख मार्ग बाधितसिरोही जिले में दिल्ली-गुजरात नेशनल हाईवे पर जलभराव के कारण दिल्ली से कांडला की ओर जाने वाला मार्ग प्रभावित हो गया है। इसी तरहरेवदर-आबूरोड मार्ग पर मूंगथला के पास एक पुलिया बह गई है, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। कोठारी नदी उफान पर, कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश जारीभीलवाड़ा में कोठारी नदी का पानी पुल से ऊपर बह रहा है। वहीं, जालोर और सिरोही में लगातार तीसरे दिन भी रुक-रुक कर बारिश हो रही है। घनेबादलों और रिमझिम बारिश के बीच आम जनजीवन प्रभावित है। मौसम विभाग का अलर्ट: 30 जिलों में बरसात की चेतावनीमौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, रविवार को भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसकेअतिरिक्त 26 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। कई जगहों पर भारी वर्षा दर्जशनिवार को जयपुर, पाली, भीलवाड़ा, जोधपुर, अजमेर, बांसवाड़ा, सीकर, भरतपुर, जालोर, सिरोही और राजसमंद में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई।अकेले भीलवाड़ा में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक 175 मिमी (करीब 7 इंच) बारिश हुई। अन्य जिलों में भी 2 से 3 इंच तक वर्षा दर्ज की गई। बारिश से हादसे भी सामने आएपाली जिले में तेज बारिश के कारण एक मकान की बालकनी पर पेड़ गिर गया। वहीं, जोधपुर में बारिश के दौरान एक कार पुलिया से फिसलकर नालेमें गिर गई। इस हादसे में तीन लोगों की जान चली गई। प्रशासन ने जारी किए दिशा-निर्देशमौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश की आशंका जताई है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और नदियों, नालोंतथा पुल-पुलियाओं के पास जाने से बचने की अपील की है।
ऑपरेशन सिंधु: ईरान से 290 और भारतीयों की सुरक्षित वापसी

संघर्षग्रस्त ईरान से भारतीय नागरिकों को निकालने का अभियान, ऑपरेशन सिंधु, लगातार तेजी पकड़ रहा है। इसी क्रम में शनिवार रात एक औरविशेष विमान 290 भारतीयों को लेकर नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतरा। इसके साथ ही अब तक कुल 1,117 भारतीय नागरिकों को वहां से सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है। पांचवां जत्था स्वदेश लौटाविदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह विशेष विमान 21 जून 2025 की रात11:30 बजे दिल्ली पहुंचा। यह ऑपरेशन सिंधु के तहत ईरान से निकाला गया पांचवां जत्था है, जिससे अब तक कुल 1,117 भारतीयों की सुरक्षितवापसी सुनिश्चित की जा चुकी है। वहां मिसाइलें गिर रही थीं, हम डरे हुए थेईरान से वापस आए नागरिकों ने राहत और कृतज्ञता जाहिर की। एक यात्री ने बताया, “हम कई दिनों से फंसे हुए थे, वहां मिसाइलें चल रही थीं, औरडर का माहौल था। अब भारत लौटकर राहत महसूस हो रही है।” MBBS छात्र नवीद बोले- सरकार की मदद के लिए शुक्रगुजार हूंइस फ्लाइट में सवार नवीद, जो कश्मीर के रहने वाले हैं और ईरान में MBBS द्वितीय वर्ष के छात्र हैं, ने कहा, “अब मैं सुरक्षित महसूस कर रहा हूं।भारत सरकार का शुक्रिया अदा करता हूं, जिसने हमें संकट के समय में वहां से सुरक्षित बाहर निकाला।” बिहार के छात्र ने कहा- तेहरान में हालात खराब थेवहीं एक अन्य छात्र, जो बिहार के सिवान जिले से हैं, ने बताया, “मैं पिछले दो वर्षों से ईरान में पढ़ाई कर रहा हूं। तेहरान में स्थिति काफी बिगड़ चुकीथी, लेकिन अन्य शहरों में हालात अपेक्षाकृत सामान्य थे। सरकार का धन्यवाद करता हूं कि उसने हमें समय रहते निकाल लिया।” भारत निभा रहा क्षेत्रीय नेतृत्व की भूमिकाऑपरेशन सिंधु के तहत न सिर्फ भारतीयों को, बल्कि भारत अब श्रीलंका और नेपाल के नागरिकों को भी ईरान से निकालने की योजना बना रहा है।यह भारत की मानवीय और कूटनीतिक सक्रियता का परिचायक है।