ईरान-इजराइल युद्ध का असर, खाड़ी देशों ने बंद किया एयरस्पेस, भारत की 50+ फ्लाइट्स रद्द

ईरान और इजराइल के बीच चल रही सैन्य झड़पों ने वैश्विक हवाई यातायात को भी प्रभावित किया है। हाल ही में ईरान ने कतर स्थित अमेरिकी अल-उदीद मिलिट्री बेस को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया। इसके बाद कतर, बहरीन, यूएई, इराक और कुवैत ने एहतियात के तौर पर अपनेएयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। भारत से मिडिल ईस्ट जाने वाली उड़ानें रद्दएयरस्पेस प्रतिबंधों के चलते भारत से मिडिल ईस्ट की ओर जाने वाली 50 से अधिक उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। अकेले दिल्ली एयरपोर्ट से 40 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुई हैं। जयपुर से 6, लखनऊ से अबूधाबी और शारजाह के लिए 2 उड़ानें और अहमदाबाद से लंदन, अबूधाबी, कुवैत, दोहाजैसी जगहों से आने वाली 5 उड़ानें कैंसिल हुई हैं। अमृतसर से दुबई जाने वाली फ्लाइट SG-55 भी रद्द कर दी गई है। एयरलाइंस ने जारी किया बयानइंडिगो एयरलाइंस ने कहा है कि जैसे-जैसे मिडिल ईस्ट के एयरपोर्ट फिर से चालू हो रहे हैं, वैसे-वैसे सेवाएं बहाल की जा रही हैं। कंपनी ने यह भीस्पष्ट किया है कि वह यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए केवल सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग कर रही है।अकासा एयर ने भी इसी दिशा में बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि मौजूदा हालात को ध्यान में रखते हुए उनकी सभी उड़ानें केवल सुरक्षितएयरस्पेस में संचालित की जाएंगी। संघर्ष की शुरुआतइस सैन्य संघर्ष की शुरुआत 13 जून को इजराइल के हमले से हुई, जिसे “Operation Rising Lion” नाम दिया गया। इस हमले में ईरान केरिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कई शीर्ष कमांडरों और वैज्ञानिकों की मौत हुई, जिनमें IRGC एयरफोर्स प्रमुख आमिर अली हाजीजादेह और अयातुल्लाखामेनेई के करीबी अली शामखानी भी शामिल थे। ईरान का जवाब – ‘ट्रू प्रॉमिस थ्री’एक दिन बाद, 14 जून को ईरान ने ‘True Promise 3’ नाम से जवाबी कार्रवाई की। ईरान ने सैकड़ों मिसाइलें दागीं, जिसके बाद दोनों देशों केबीच लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू हो गए।22 जून को अमेरिका भी युद्ध में शामिल हुआ और ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान स्थित परमाणु ठिकानों पर हमले किए। इस ऑपरेशन में B-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स ने बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया। एयरस्पेस बंद होने के पीछे की मुख्य वजह 23 जून की रात ईरान ने अमेरिकी मिलिट्री बेस पर मिसाइलें दागीं, जिसके बाद कई खाड़ी देशों ने एयरस्पेस बंद कर दिया। इस फैसले ने भारत सेमध्य पूर्व के लिए चलने वाली उड़ानों को बुरी तरह प्रभावित किया। युद्ध में नरमी के संकेत24 जून को इस संघर्ष का 12वां दिन है। अब तक इजराइल में 29 लोगों की मौत और 900 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं, वहीं ईरान में 657 मौतें और 2000 से अधिक घायल होने की पुष्टि हो चुकी है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमले रोकने की घोषणा करते हुए कहा कि”हमारा उद्देश्य पूरा हो गया है”। यह निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की युद्धविराम की अपील के बाद आया। हालांकि, ईरान की तरफ से अभीतक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
प्रधानमंत्री की गैरहाजिरी पर खड़गे का निशाना, विपक्ष को तुच्छ समझते हैं

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बादबुलाई गई सर्वदलीय बैठकों में प्रधानमंत्री की गैरमौजूदगी विपक्ष के प्रति उनकी “अवमानना” को दर्शाती है। खड़गे ने कहा, “देश कठिन समय से गुजररहा है और जब पूरे देश को एकजुट होकर संकट का सामना करना चाहिए, तब प्रधानमंत्री का ऐसे बैठकों से गायब रहना चिंताजनक है।”खड़गे बोले: श्रेय लेने की होड़ में लगे कुछ लोगरायचूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए खड़गे ने इशारों में कहा कि कुछ लोग व्यक्तिगत श्रेय लेने में लगे हैं, जबकि उन्होंने कभी सेना में कोईयोगदान नहीं दिया। उन्होंने कहा, “अगर वे सेना में रहते, तो हम उनके बलिदान की सराहना करते। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है, इसलिए केवलप्रचार से देशभक्ति का प्रमाण नहीं मिलता।” रायचूर में कई विकास परियोजनाओं की नींव रखीमुख्यमंत्री सिद्धारमैया और अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ खड़गे ने रायचूर में विकास योजनाओं की आधारशिला रखी और रायचूर विश्वविद्यालय केनामकरण समारोह में भाग लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ही पहलगाम हमले के बाद सर्वदलीय बैठक की मांग सबसे पहले की थी, लेकिनप्रधानमंत्री ने दो बार आयोजित बैठकों में हिस्सा नहीं लिया। “विपक्ष को छोटा दिखाने की कोशिश ठीक नहीं”खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री की बिहार चुनाव प्रचार में व्यस्तता बताती है कि वह विपक्ष को गंभीरता से नहीं लेते। “जब देश के नेता बैठक में शरीकहोने आए, प्रधानमंत्री को भी आना चाहिए था। उनकी गैरमौजूदगी संकेत देती है कि वह विपक्ष को महत्व नहीं देते, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाकसंकेत है,” उन्होंने चेताया। विदेश नीति और महंगाई पर भी साधा निशानाखड़गे ने ईरान और इज़राइल के बीच संघर्ष का हवाला देते हुए कहा कि भारत को राजनयिक हस्तक्षेप कर हालात सुधारने की कोशिश करनी चाहिएथी। उन्होंने मोदी पर अमेरिका से दबाव में आने और ईंधन आयात जैसे अहम मुद्दों को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाया। लोगों को ‘विश्व गुरु’ नहीं, रोटी-कपड़ा-मकान चाहिएकांग्रेस प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा, “चाहे प्रधानमंत्री ‘विश्व गुरु’ बनने की बात करें या घर का गुरु, आम जनता को पेट भरने के लिए खाना, पहनने कोकपड़े और सिर पर छत चाहिए।” उन्होंने कहा कि इस पर ध्यान देने के बजाय सरकार केवल प्रचार पर ध्यान दे रही है। शिक्षा के भगवाकरण और कल्याण योजनाओं पर टिप्पणीखड़गे ने केंद्र सरकार पर शिक्षा के भगवाकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की कल्याणकारी योजनाएं, खासकर महिलाओं को लाभ पहुंचानेवाली गारंटियाँ, जनता में लोकप्रिय हो रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा ऐसी सामाजिक न्याय की योजनाएं कभी नहीं चला सकती।
ईरान-इजरायल संघर्ष और गहराया, इजरायली वायुसेना ने कई एयरबेस और बंकर किए तबाह

इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद अब इजरायली डिफेंस फोर्सेज(IDF) ने ईरान के कई हवाई अड्डों और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया है। इन हमलों में तेहरान, मशहद और देजफुल जैसे बड़ेएयरबेस को नुकसान पहुंचा है। IDF के अनुसार, ये हमले ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने और इज़राइल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के मकसदसे किए गए। 15 फाइटर जेट की मदद से इजरायली वायुसेना ने दिया अंजामIDF ने बताया कि 15 से ज्यादा रिमोट-ऑपरेटेड फाइटर जेट्स ने ईरान के पश्चिमी, पूर्वी और मध्य हिस्सों में स्थित छह से अधिक एयरबेस को निशानाबनाया। इन हमलों में रनवे, भूमिगत बंकर, एक ईंधन भरने वाला विमान और ईरान के F-14, F-5 और AH-1 जैसे विमान क्षतिग्रस्त हुए हैं। करमानशाह में मिसाइल भंडारण स्थलों पर भी हमलेIDF की जानकारी के अनुसार, खुफिया सूचनाओं के आधार पर ईरान के करमानशाह क्षेत्र में मिसाइल लॉन्च साइट और भंडारण केंद्रों पर भी हवाईहमले किए गए। इन हमलों से ईरान की ज़मीन से ज़मीन पर मार करने वाली मिसाइल प्रणाली को बड़ा नुकसान पहुंचा है। ‘सुरक्षा सर्वोपरि है’, इजरायल की दो टूकIDF ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई इजरायल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए की गई है। बयान में कहा गया, “हम अपनी रक्षाके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं और ईरानी सैन्य गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।” ईरान की हवाई शक्ति को झटकाइन हमलों के बाद ईरान के प्रमुख हवाई अड्डों की परिचालन क्षमता को बड़ा नुकसान हुआ है। इजरायली सेना के मुताबिक, यह अभियान आगे भीजारी रहेगा ताकि ईरान की ओर से किसी भी आक्रामक कार्रवाई को रोका जा सके।
बांग्लादेश के पूर्व चुनाव आयुक्त नूरुल हुदा गिरफ्तार, चुनाव में गड़बड़ी के आरोप में केस दर्ज

बांग्लादेश के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) केएम नूरुल हुदा को गिरफ्तार कर लिया गया है। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डिप्टी कमिश्नरमोहिदुल इस्लाम के मुताबिक, हुदा को उस मामले में पकड़ा गया है जिसमें उन पर अपने कार्यकाल के दौरान चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी औरपक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप है। इस केस में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और बीएनपी प्रमुख खालिदा जिया की पार्टी की ओर से 18 अन्यलोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। सड़क पर हुआ हमला, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियोगिरफ्तारी से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों की भीड़ नूरुल हुदा को जूतों से मारती, उन्हें जूतों कीमाला पहनाती और अंडे फेंकती नजर आ रही है। भीड़ उन्हें गालियां देती हुई भी दिख रही है। पुलिस के पहुंचने के बाद भी भीड़ ने हमला जारी रखा, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। हमले के बाद अंतरिम सरकार की आपात प्रतिक्रियासोशल मीडिया पर हो रहे बवाल और सार्वजनिक गुस्से को देखते हुए, मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार को आधी रातको एक आधिकारिक बयान जारी करना पड़ा। इस हमले ने बांग्लादेश की राजनीतिक अस्थिरता और लोकतांत्रिक संस्थानों पर लोगों के भरोसे कीगिरावट को फिर से उजागर कर दिया है।
ईरानी संसद अध्यक्ष का बयान: IAEA पर गैरपेशेवर रवैये का आरोप, सहयोग निलंबन के विधेयक पर विचार, IAEA के व्यवहार परकलीबाफ की नाराजगी

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) परगैरपेशेवर रवैये का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि IAEA ने अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं किया और वह अब राजनीतिक उपकरण बन चुकीहै। ईरान का परमाणु कार्यक्रम केवल शांति के लिएतेहरान में संसद सत्र को संबोधित करते हुए कलीबाफ ने दोहराया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्य से जुड़ा है। उन्होंने इस्लामीक्रांति के सर्वोच्च नेता के उस धार्मिक आदेश का हवाला दिया जिसमें परमाणु हथियारों को हराम (निषिद्ध) घोषित किया गया है। उन्होंने कहा किईरान की गैर-शांतिपूर्ण गतिविधियों में कोई दिलचस्पी नहीं है। IAEA से सहयोग खत्म करने पर विधेयक लाने की तैयारीकलीबाफ ने बताया कि संसद अब IAEA के साथ सहयोग निलंबित करने के लिए एक विधेयक लाने पर विचार कर रही है। प्रस्तावित कानून में यहशर्त होगी कि **IAEA तब तक ईरान के साथ काम नहीं कर सकेगी जब तक उसके पेशेवर व्यवहार की गार
यमुनोत्री धाम पैदल मार्ग पर भूस्खलन, कई श्रद्धालु मलबे में दबे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

अचानक गिरी पहाड़ी, पैदल मार्ग पर मची अफरा-तफरीउत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से एक गंभीर हादसे की खबर सामने आई है। यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग पर नौ कैंची बैंड के पास सोमवार शाम बिनाबारिश के पहाड़ी का हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया, जिससे वहां मौजूद कई तीर्थयात्री मलबे में दब गए। 4 से 5 यात्रियों के दबे होने की आशंका, एक घायल का रेस्क्यूप्रशासन को सूचना मिलते ही NDRF, SDRF और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। अब तक मिलीजानकारी के अनुसार 4 से 5 लोगों के दबे होने की आशंका है, जबकि एक घायल यात्री को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और उसका उपचारजारी है। सुरक्षा के मद्देनजर आवाजाही पर रोकउत्तरकाशी जिला सूचना अधिकारी के अनुसार, शाम 4:12 बजे अचानक पहाड़ी गिरने की घटना घटी। इसके बाद पुलिस ने नौ कैंची बैंड क्षेत्र मेंआवाजाही को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। जानकीचट्टी चौकी प्रभारी गंभीर सिंह तोमर के नेतृत्व में राहत दल घटनास्थल पर मौजूद है और फंसेहुए लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रहा है। प्रशासन की सतर्क निगरानी, लोगों से शांति बनाए रखने की अपीलजिलाधिकारी प्रशांत कुमार आर्या स्थिति की स्मार्ट कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से घबराने कीबजाय सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
कांग्रेस विधायक भरमगौड़ा कागे ने इस्तीफे की चेतावनी दी, राज्य सरकार पर लगाया प्रशासनिक विफलता का आरोप

कर्नाटक के कागवाड़ से कांग्रेस विधायक भरमगौड़ा अलगौड़ा कागे ने सोमवार को संकेत दिए कि वह जल्द ही विधानसभा से इस्तीफा दे सकते हैं।बेलगावी में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह चरमरा चुकाहै। उन्होंने कहा, “मुझे बहुत दुख है। मैं इस्तीफे पर गंभीरता से विचार कर रहा हूं। अगर दो दिन के भीतर मैंने मुख्यमंत्री को इस्तीफा सौंप दिया, तो यहकिसी के लिए चौंकाने वाली बात नहीं होगी।” विकास कार्यों में देरी को लेकर जताई नाराजगीकागे ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र कागवाड़ में पिछले दो वर्षों से कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि भूमिपूजन तक नहीं हुआ औरजनता की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 25 करोड़ रुपये की परियोजनाएं, जिनमेंसे 12 करोड़ सड़क निर्माण के लिए थे, अब तक सिर्फ कागजों तक सीमित हैं क्योंकि प्रशासनिक आदेश जारी नहीं हुए। बी.आर. पाटिल के आरोपों का समर्थन कियाभरमगौड़ा कागे ने अपने सहयोगी विधायक बी.आर. पाटिल का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने जो बातें कहीं हैं, वे पूर्णतः सत्य हैं। पाटिल पहले हीसरकारी आवास योजनाओं में भ्रष्टाचार का आरोप लगा चुके हैं। उनका कहना है कि लाभार्थियों से अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं। हालांकि, मंत्रीबी.जेड. जमीर अहमद खान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। भाजपा ने कांग्रेस पर बोला हमलाकांग्रेस विधायकों के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राज्य अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने सोशल मीडिया पर सरकार को आड़े हाथों लिया।उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार और अव्यवस्था अब कांग्रेस सरकार की पहचान बन चुकी है।” विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकार राज्य पर एकअभिशाप बन गई है, और अब कांग्रेस के अपने विधायक ही सरकार की असलियत उजागर कर रहे हैं। सत्ता संघर्ष का भी लगाया आरोपविजयेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच आंतरिक टकराव चल रहा है, जिससे सरकारकमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि पहले जो कांग्रेस विधायक भाजपा की जनआंदोलनों का मज़ाक उड़ाते थे, आज वही सरकार के खिलाफ आवाज़ उठारहे हैं।
इंडिगो में जातिवाद का आरोप, ट्रेनी पायलट ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कराई FIR

इंडिगो एयरलाइंस के एक ट्रेनी पायलट ने कंपनी के तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है।पायलट का कहना है कि वह अनुसूचित जाति (SC) से ताल्लुक रखते हैं, इसी वजह से उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया और उन्हें विमानउड़ाने के लायक नहीं समझा गया। गंभीर टिप्पणियों का दावा, बैठक में किया गया अपमानपायलट ने अपनी शिकायत में बताया कि 28 अप्रैल को गुरुग्राम स्थित इंडिगो के मुख्यालय में आयोजित एक बैठक में उनसे कहा गया, “तुम विमानउड़ाने लायक नहीं हो, वापस जाओ और चप्पलें सिलवाओ। तुम यहां चौकीदार बनने के भी लायक नहीं हो।” इस अपमानजनक व्यवहार का उद्देश्य, उनके अनुसार, उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर करना था। तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्जपुलिस ने मनीष साहनी, तपस डे और कैप्टन राहुल पाटिल के खिलाफ एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है।शुरुआत में शिकायत बेंगलुरु में दर्ज की गई थी, जहां जीरो एफआईआर के रूप में इसे स्वीकार किया गया। इसके बाद केस को गुरुग्राम ट्रांसफर करदिया गया, क्योंकि इंडिगो का मुख्यालय वहीं स्थित है।वेतन कटौती और बार-बार ट्रेनिंग का भी आरोपशिकायतकर्ता पायलट ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अनुचित वेतन कटौती, अवांछित पुनः प्रशिक्षण, और बिना कारण चेतावनी पत्र जैसीकार्यस्थल पर प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उनका दावा है कि इस मुद्दे को उन्होंने इंडिगो के उच्च अधिकारियों और नैतिकता समिति के समक्षउठाया था, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पुलिस जांच जारी, इंडिगो की प्रतिक्रिया का इंतजारफिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस बीच, इंडिगो की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ट्रेनी पायलट कीशिकायत ने ना सिर्फ इंडिगो की आंतरिक कार्यसंस्कृति पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि भारत में कार्यस्थलों पर जातीय भेदभाव की बहस को भी एकबार फिर से सामने ला दिया है।
इंदौर एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट में तकनीकी खामी, टेक-ऑफ से पहले पायलट की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

सोमवार सुबह इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब इंडिगो की फ्लाइट 6E 6332, जो भुवनेश्वर जानेवाली थी, में उड़ान से ठीक पहले तकनीकी गड़बड़ी का पता चला। विमान में 140 यात्री सवार थे और यह उड़ान सुबह 9 बजे निर्धारित थी। पायलट की सूझबूझ से बची बड़ी दुर्घटनाजैसे ही विमान रनवे की ओर बढ़ा, पायलट को तकनीकी खराबी का संकेत मिला। एयरपोर्ट डायरेक्टर विपिनकांत सेठ के अनुसार, पायलट ने तुरंतसतर्कता दिखाते हुए विमान को एप्रन एरिया की ओर मोड़ दिया। एप्रन वह स्थान होता है जहां विमानों की पार्किंग, ईंधन भराई और तकनीकी जांचहोती है। इंजीनियरों की तत्परता से जल्द ठीक हुई समस्याविमान को एप्रन पर लाने के बाद इंडिगो के तकनीकी इंजीनियरों ने जांच शुरू की। सेठ ने बताया कि गड़बड़ी गंभीर नहीं थी और उसे समय रहते दूर करलिया गया। यात्रियों को विमान से उतारने की आवश्यकता नहीं पड़ी, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति नहीं बनी। हालांकि, खराबी की विस्तृतजानकारी साझा नहीं की गई। एक घंटे की देरी के बाद सुरक्षित उड़ानमरम्मत के कारण फ्लाइट को करीब एक घंटे की देरी का सामना करना पड़ा। निर्धारित समय सुबह 9 बजे के बजाय विमान ने सुबह 10:16 बजेउड़ान भरी। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, सभी यात्रियों ने राहत की सांस ली जब विमान ने सुरक्षित उड़ान भरी।
पहलगाम आतंकी हमला, दो आरोपी एनआईए की हिरासत में, आतंकियों को शरण देने का आरोप

दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दो स्थानीय आरोपियों कोगिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जांच में एक अहम मोड़ के रूप में देखी जा रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान परवेज अहमद जोथर(निवासी: बटकोट, पहलगाम) और बशीर अहमद जोथर (निवासी: हिल पार्क, पहलगाम) के रूप में हुई है। अदालत ने पांच दिन की हिरासत मंजूर कीसोमवार को दोनों आरोपियों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितेश कुमार दुबे की अदालत में पेश किया गया। न्यायालय ने 27 जून तकएनआईए हिरासत को स्वीकृति दे दी है ताकि एजेंसी मामले की और गहन जांच कर सके। हमले से पहले आतंकियों को दी शरणएनआईए की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि परवेज और बशीर ने हमले से पहले तीन सशस्त्र आतंकियों को जानबूझकर शरण दी थी। इनआतंकियों को हिल पार्क क्षेत्र स्थित एक झोपड़ी में ठहराया गया था, जहां उन्होंने उन्हें भोजन, आश्रय और अन्य रसद सामग्री मुहैया कराई। हमले में 26 की मौत, 16 घायल22 अप्रैल को हुए इस आतंकी हमले में कुल 26 लोग मारे गए, जिनमें से अधिकांश पर्यटक थे। इसके अलावा 16 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।यह हमला अब तक के सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना जा रहा है। पाकिस्तानी लश्कर आतंकियों की पहचानएनआईए के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने हमले में शामिल तीन आतंकियों की पहचान उजागर की है, जो लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ेपाकिस्तानी नागरिक थे। यह जानकारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच में जुटी एजेंसियांएनआईए अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि आतंकियों के नेटवर्क और हमले की साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी हासिलकी जा सके। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस हमले में स्थानीय सहयोगियों की भूमिका कितनी गहरी थी।