देशभर में मानसून का कहर, हिमाचल से गुजरात तक भारी बारिश का असर-सैंज घाटी में बादल फटा, पार्वती नदी उफान पर

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की सैंज घाटी में बादल फटने की घटना सामने आई है। इसके चलते जीवा नाले में अचानक तेज़ बहाव आ गया औरआसपास के इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। पार्वती नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि, अभी तक किसी जानमाल केनुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और नदी-नालों के पास न जाने की अपील की है। साथ ही आपदाप्रबंधन टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों मेंभारी वर्षा की संभावना जताई है। गुजरात में मूसलाधार बारिश, कई जिलों में रेड अलर्टगुजरात में भी मानसून का प्रकोप जारी है। राज्य के 26 जिलों में भारी बारिश के चलते हालात बिगड़ते जा रहे हैं। तीन जिलों में रेड अलर्ट जारी कियागया है। सूरत सहित अन्य कई हिस्सों में लगातार तेज़ बारिश हो रही है और निकट भविष्य में राहत के आसार कम हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्करहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। राजस्थान में झमाझम बारिश, जयपुर में 77.8 मिमी वर्षाराजस्थान में भी मानसून सक्रिय हो गया है। मंगलवार को राजधानी जयपुर समेत कई जिलों में तेज़ बारिश दर्ज की गई। जयपुर में 77.8 मिमी वर्षाहुई, जबकि सीकर में 13 मिमी, डूंगरपुर में 10 मिमी, माउंट आबू में 7 मिमी, प्रतापगढ़ में 4 मिमी और कोटा में 2.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। चंडीगढ़ और हरियाणा में भी पहुंचा मानसूनपंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी मानसून ने दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विभाग ने 25 जून से 30 जून के बीच इन क्षेत्रों में भारी बारिश कीसंभावना जताई है। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 34.1°C, अमृतसर 33.9°C, लुधियाना33.5°C, पटियाला 33.1°C, पठानकोट 34.1°C और मोहाली में 33.3°C दर्ज किया गया।
लालू प्रसाद यादव 13वीं बार आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के संस्थापक और वरिष्ठ नेता लालू प्रसाद यादव को एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। यह उनकालगातार 13वां कार्यकाल होगा। वे इस पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। आरजेडी के राष्ट्रीय निर्वाचन पदाधिकारी रामचंद्र पूर्वे ने मंगलवार को इसकीऔपचारिक घोषणा की। नामांकन प्रक्रिया में कोई अन्य उम्मीदवार नहीं आया सामनेपार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार दोपहर 2 बजे तक नाम वापस लेने की समयसीमा तय थी। इस दौरान केवललालू प्रसाद यादव ने ही अपना नामांकन दाखिल किया था और किसी अन्य उम्मीदवार ने दावेदारी नहीं की। नामांकन वापसी की अवधि समाप्त होनेके बाद निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें निर्विरोध चुना गया घोषित कर दिया। 5 जुलाई को सौंपा जाएगा निर्वाचन पत्ररामचंद्र पूर्वे ने बताया कि लालू प्रसाद यादव को आगामी 5 जुलाई को आरजेडी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के दौरान औपचारिक रूप से अध्यक्ष पदका निर्वाचन पत्र सौंपा जाएगा। इससे पहले 23 जून को उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था, और तभी से यह लगभग तय हो गया था कि वेइस बार भी निर्विरोध ही चुने जाएंगे। पार्टी में बनी हुई है लालू की मजबूत पकड़लालू प्रसाद यादव का आरजेडी में प्रभाव और अनुभव आज भी पार्टी के लिए एक मजबूत आधार माना जाता है। उनके फिर से अध्यक्ष बनने से पार्टीकार्यकर्ताओं में उत्साह है और आगामी चुनावों की तैयारियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पार्टी की अगुवाई में अब एक बार फिरलालू यादव महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारत के रुख को स्पष्ट किया, प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा बयान

भारत की आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति को मिली वैश्विक मान्यताप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कोई समझौता नहीं करता।उन्होंने यह टिप्पणी श्री नारायण गुरु और महात्मा गांधी के बीच ऐतिहासिक संवाद की 100वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में की। प्रधानमंत्री नेदेश का नाम लिए बिना कहा कि हालिया सैन्य कार्रवाई में भारत में बने हथियारों ने निर्णायक भूमिका निभाई और दुश्मन पर भारी पड़े। आतंकियों के लिए कोई ठिकाना सुरक्षित नहींप्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि भारतियों का खून बहाने वाले आतंकवादियों को कहीं भी पनाह नहीं मिलेगी। उन्होंनेकहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना ने 22 मिनट में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर, यह दिखा दिया कि भारत अब रक्षात्मक नहीं, बल्किनिर्णायक कार्रवाई में विश्वास रखता है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी प्रगतिमोदी ने बताया कि भारत अब अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहता। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारतअभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में भी निर्माण क्षमताएं बढ़ रही हैं और भविष्य में भारत में बने हथियार वैश्विक स्तर पर भी सराहे जाएंगे। 11 वर्षों में सामाजिक और आर्थिक बुनियाद को किया मजबूतप्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 11 वर्षों में उनकी सरकार ने सामाजिक, आर्थिक और रक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंनेबताया कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं—जैसे आवास, स्वच्छ पेयजल, और स्वास्थ्य बीमा—ने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को सशक्तकिया है। IIT, IIM और एम्स जैसे संस्थानों का हुआ विस्तारमोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने उच्च शिक्षा को भी प्राथमिकता दी है। पिछले एक दशक में देश में पहले की तुलना में कहीं अधिक संख्या में IIT, IIM और AIIMS जैसे प्रमुख शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किए गए हैं, जिससे युवाओं को बेहतर अवसर मिल रहे हैं। श्री नारायण गुरु के आदर्शों की प्रेरणाप्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने समाज सुधारक श्री नारायण गुरु के दृष्टिकोण को अपनाते हुए एक ऐसा भारत बनाने का प्रयास कियाहै, जो हर प्रकार के भेदभाव से मुक्त हो और सबके लिए समान अवसर सुनिश्चित करे।
ईरान-इजरायल संघर्ष पर बोले ट्रंप, इजरायल ने संघर्षविराम का उल्लंघन किया, पायलटों को लौटाओ

मध्य पूर्व में जारी ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का तीखा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा किसंघर्षविराम की शर्तों का उल्लंघन दोनों पक्षों ने किया है, लेकिन उन्होंने विशेष रूप से इजरायल की आलोचना की। ट्रंप ने कहा, “इजरायल कोसंघर्षविराम के तुरंत बाद बमबारी नहीं करनी चाहिए थी।” उन्होंने इजरायली सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “इजरायल, उन बमों को मत गिराओ।यह एक गंभीर उल्लंघन है। अपने पायलटों को तुरंत वापस बुलाओ।” ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी जताई चिंताट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वे ईरान से संतुष्ट नहीं हैं, लेकिन इस समय वे इजरायल की आक्रामक कार्रवाई से अधिक नाखुश हैं। उन्होंने कहा किअमेरिका किसी भी सूरत में ईरान को फिर से अपना परमाणु कार्यक्रम शुरू नहीं करने देगा। ईरान ने बताया हमला आत्मरक्षा, सीजफायर से पहले की कार्रवाईईरानी पक्ष ने संघर्षविराम के उल्लंघन के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने अंतिम मिसाइल तब दागी थी जब इजरायल नेबीयरशेवा शहर पर हमला किया था और यह घटना संघर्षविराम की घोषणा से पहले की है। ईरान ने इसे आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया हैऔर सीजफायर शर्तों के उल्लंघन से इनकार किया है। कतर की मध्यस्थता से टला बड़ा टकरावइस तनावपूर्ण स्थिति में कतर ने निर्णायक मध्यस्थ की भूमिका निभाई। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कतर के अमीर से फोन परबातचीत की और उनसे आग्रह किया कि वे ईरान को अमेरिका समर्थित संघर्षविराम योजना मानने के लिए मनाएं। इसके बाद कतर के प्रधानमंत्री नेपहल की और ईरान को राजी किया। एक अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि ट्रंप और कतर के अमीर की बातचीत के बाद ही ईरान संघर्षविराम प्रस्ताव पर सहमत हुआ।इससे स्पष्ट है कि कतर की कूटनीतिक भूमिका इस पूरे विवाद में बेहद अहम रही। इजरायल-ईरान में हालिया झड़पों से बढ़ा तनावपिछले कुछ दिनों में ईरान और इजरायल के बीच भीषण हमले हुए, जिनमें एक-दूसरे के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।अमेरिका द्वारा हाल में किए गए हवाई हमलों ने हालात को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया। संघर्षविराम के बावजूद जब दोनों पक्षों ने एक-दूसरे परउल्लंघन का आरोप लगाया, तो यह विवाद और गहराता गया।
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक उड़ान अब 25 जून को, नासा ने दी जानकारी

भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की बहुप्रतीक्षित स्पेस यात्रा अब 25 जून को पूरी होने जा रही है। यह जानकारी मंगलवार को अमेरिकी अंतरिक्षएजेंसी नासा ने साझा की। ‘एक्सियम मिशन-4’ (Axiom Mission-4) के तहत न केवल भारत, बल्कि हंगरी और पोलैंड भी एक बार फिर अंतरिक्षमें कदम रखने जा रहे हैं। इस मिशन का संचालन नासा, स्पेसएक्स और निजी अंतरिक्ष कंपनी Axiom Space मिलकर कर रहे हैं। शुभांशु शुक्ला निभाएंगे पायलट की भूमिकाAxiom-4 मिशन, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए रवाना होने वाला चौथा व्यावसायिक मिशन है। इस ऐतिहासिक अभियान में भारत केशुभांशु शुक्ला बतौर पायलट शामिल हैं। मिशन की कमान अमेरिका की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन के हाथों में है। वहीं हंगरी के टिबोर कापुऔर पोलैंड के स्लावोश उज़नांस्की-विस्निएवस्की मिशन स्पेशलिस्ट के रूप में हिस्सा ले रहे हैं। तकनीकी कारणों से पहले कई बार टली लॉन्चिंगइस मिशन की लॉन्चिंग पहले 29 मई को प्रस्तावित थी, लेकिन तकनीकी खामियों के चलते इसे कई बार स्थगित करना पड़ा। कभी फाल्कन-9 रॉकेटमें लिक्विड ऑक्सीजन लीक तो कभी ISS के रूसी मॉड्यूल में आई तकनीकी दिक्कतों के चलते तारीखें बदली गईं।8 जून, 10 जून और 11 जून को भी लॉन्च की नई तारीखें तय की गई थीं, लेकिन सुरक्षा जांचों के कारण उड़ान को फिर से टालना पड़ा। इसके बाद19 और 22 जून को भी लॉन्चिंग की योजना बनी, जिसे ISS में मरम्मत के कार्य की समीक्षा के चलते रोक दिया गया। नई लॉन्च तारीख 25 जून, रात 12:01 बजे होगी उड़ानअब मिशन की नई लॉन्च तिथि 25 जून तय की गई है। यह उड़ान भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 12:01 बजे नासा के केनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा से फाल्कन-9 रॉकेट के माध्यम से भरी जाएगी। इस रॉकेट में स्पेसएक्स का अत्याधुनिक ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट प्रयोग किया जा रहा है। ISS से जुड़ने का समय भी तयमिशन के तहत अंतरिक्ष यात्री इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से जुड़ेंगे। नासा के अनुसार, यह डॉकिंग भारतीय समयानुसार 26 जून को शाम 4:30 बजे होनेकी संभावना है। मिशन के दौरान वैज्ञानिक शोध, तकनीकी प्रयोग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई गतिविधियां की जाएंगी।
गुजरात में मानसून का कहर, सूरत सहित कई जिलों में भारी बारिश, स्कूल बंद, अलर्ट जारी

गुजरात में मानसून के सक्रिय होते ही कई जिलों में मूसलधार बारिश हो रही है। सूरत शहर में रविवार रात से लेकर सोमवार सुबह तक लगातार तेजबारिश हुई है। सुबह 8 बजे तक शहर में करीब 9 इंच वर्षा दर्ज की गई। भारी बारिश के चलते शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्नहो गई है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सूरत के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। साथ ही, सूरत सेंट्रल बस स्टेशन से चलने वालीसभी एसटी बस सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। ड्राइवरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बसों को जलमग्न क्षेत्रों में न ले जाएं।प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य जारी है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। राज्य के 159 तालुकों में हुई बारिश, कई जिलों में जलजमावपिछले 24 घंटों में गुजरात के 159 तालुकों में हल्की से लेकर भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। सबसे अधिक वर्षा जामनगर के जोडिया में 7.17 इंचदर्ज की गई। इसके अलावा मेन्दरदा में 5.7 इंच, अमीरगढ़ में 5 इंच, केशोद में 4.9 इंच, कलावड में 4.6 इंच और पालसाना में 5.6 इंच बारिश हुई।इससे कई क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भर गया है और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग का अलर्टभारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। अमरेली, भावनगर, नवसारी, वलसाड, बोटाड, अरावली, महिसागर, दाहोद, वडोदरा, आनंद, भरूच और पंचमहल जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, सौराष्ट्र औरदक्षिण गुजरात के 16 जिलों में 24 जून को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अमरेली, भावनगर, नवसारी और वलसाड के लिएऑरेंज अलर्ट और राजकोट, जूनागढ़, सूरत, तापी, डांग, नर्मदा, वडोदरा सहित कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी है। NDRF और SDRF टीमें तैनात, राज्य सरकार सतर्क25 जून को अरावली, दाहोद, पंचमहल, नवसारी और भावनगर जैसे जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा, पोरबंदर, बोटाड, आनंद, अहमदाबाद, गांधीनगर और साबरकांठा में भी भारी बारिश की संभावना है। 26 से 28 जून तक पूरे गुजरात में मानसून सक्रिय रहने की उम्मीदहै, जिसमें गरज, बिजली और तेज़ बारिश का सिलसिला बना रहेगा। राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को जलभराव, बाढ़ और यातायात में बाधाकी स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं। कंट्रोल रूम 24×7 एक्टिव हैं और जल निकासी, बांधों की निगरानी, निकासी अभियान, स्वास्थ्य सुविधाएं, बिजली और पानी की आपूर्ति को लेकर पूरी तैयारी की जाचुकी है।
दहेज हत्या केस, सुप्रीम कोर्ट ने अपील खारिज की, बरी करने में हस्तक्षेप को लेकर दिए अहम निर्देश

केवल दुर्लभ मामलों में ही अपीलीय अदालत कर सकती है हस्तक्षेपसुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में स्पष्ट किया है कि अपीलीय अदालतें निचली अदालतों द्वारा दिए गए बरी करने के फैसलों में केवल उन्हीं मामलों मेंहस्तक्षेप कर सकती हैं, जहां निचली अदालत का दृष्टिकोण पूरी तरह असंगत हो या जहां उपलब्ध साक्ष्य केवल दोषसिद्धि की ओर ही ले जाते हों।न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने शुक्रवार को यह टिप्पणी एक दहेज हत्या मामले से जुड़ी अपील को खारिज करते हुएकी। निचली अदालत के फैसले में कोई कानूनी त्रुटि नहींअदालत ने कहा कि यदि ट्रायल कोर्ट या हाई कोर्ट द्वारा प्रस्तुत निष्कर्ष संभावित और साक्ष्य आधारित हैं, तो शीर्ष अदालत को हस्तक्षेप नहीं करनाचाहिए। न्यायालय ने माना कि जिस फैसले को चुनौती दी गई है, उसमें ट्रायल कोर्ट और इलाहाबाद हाई कोर्ट दोनों ने पूरी तरह विचार करने के बादआरोपी को बरी किया है और निर्णय में कोई कानूनी खामी नहीं है। क्या था पूरा मामला?यह मामला अक्टूबर 2010 में गाजियाबाद में हुई एक महिला, सुचिता सिंह, की आत्महत्या से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनकीबहन को दहेज की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली। 2014 में ट्रायल कोर्ट ने महिला के पतिअजीत सिंह और उनके चार परिजनों को आरोपों से बरी कर दिया था। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अक्टूबर 2024 में ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकराररखा। एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी बनी संदेह का कारणसुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि घटना के चार दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई, जिससे आरोपों की सत्यता पर संदेह उत्पन्न होता है। ट्रायलकोर्ट के अनुसार, इस देरी से यह प्रतीत होता है कि एफआईआर में दर्ज कहानी बाद में बनाई गई थी। मृतका के पिता की मौजूदगी में हुई थी जांचशीर्ष अदालत ने यह भी बताया कि मृतका के पति ने घटना के तुरंत बाद मायके वालों को सूचना दी थी, और मृतका के पिता, जो पुलिस उपाधीक्षकके पद पर थे, उनकी मौजूदगी में ही जांच और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई थी। इसके बावजूद, उस समय किसी भी प्रकार की आपत्ति यासंदेह प्रकट नहीं किया गया।
एयर इंडिया की मुंबई फ्लाइट में 7 लोग बीमार, जयपुर-दुबई उड़ान तकनीकी कारणों से रद्द

टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया की लंदन से मुंबई आ रही फ्लाइट (AI 130) में उड़ान के दौरान पांच यात्रियों और दो चालक दल केसदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। एयर इंडिया की ओर से जारी बयान में बताया गया कि यात्रियों को चक्कर और मतली की शिकायत थी।फ्लाइट के मुंबई पहुंचने पर सभी बीमार यात्रियों और क्रू मेंबर्स को तुरंत एयरपोर्ट पर मौजूद मेडिकल टीम की मदद से इलाज के लिए मेडिकल रूम मेंले जाया गया। मेडिकल जांच के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। उड़ान के दौरान बिगड़ी हालत, डीजीसीए को दी गई जानकारीएयर इंडिया ने यात्रियों और स्टाफ की कुल संख्या का जिक्र किए बिना बताया कि उड़ान के अलग-अलग चरणों में कुछ लोगों को तबीयत खराब होनेकी शिकायत हुई। हालांकि, विमान सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंचा और घटना की सूचना नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) को दे दी गई है।फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जयपुर-दुबई फ्लाइट तकनीकी खराबी के कारण रद्दउधर, 23 जून को एयर इंडिया एक्सप्रेस की जयपुर से दुबई जाने वाली फ्लाइट IX-195 को उड़ान से ठीक पहले तकनीकी खराबी के कारण रद्दकरना पड़ा। यह फ्लाइट सुबह 5:30 बजे रवाना होने वाली थी, लेकिन टेक-ऑफ से पहले ही समस्या सामने आ गई। यात्री 4 घंटे तक प्लेन में फंसे रहेजानकारी के अनुसार, फ्लाइट में सवार यात्री सुबह छह बजे बोर्डिंग के बाद प्लेन में बैठे रहे। विमान टैक्सी-वे तक पहुंच चुका था, तभी पायलट कोतकनीकी गड़बड़ी का पता चला। अगले चार घंटे तक विमान को ठीक करने की कोशिश की गई, लेकिन जब तकनीकी खराबी दूर नहीं हो सकी तोएयरलाइन ने फ्लाइट कैंसिल करने का निर्णय लिया। यात्रियों को भविष्य की यात्रा के लिए टिकट रिफंड का विकल्प दिया गया है। एयरलाइन की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाईदोनों घटनाओं को लेकर एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है। लंदन-मुंबई फ्लाइट कीघटना पर जांच जारी है, जबकि जयपुर-दुबई फ्लाइट को लेकर एयरलाइन ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद जताया है और जल्द ही वैकल्पिकव्यवस्था करने का आश्वासन दिया है।
जुलाई से बढ़ सकता है ट्रेन किराया, लंबी दूरी की यात्रा होगी महंगी, एसी-नॉन एसी कोच पर पड़ेगा असर

भारतीय रेलवे 1 जुलाई 2025 से एक नई किराया नीति लागू करने की तैयारी कर रहा है, जिसके तहत लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिएट्रेन का सफर महंगा हो सकता है। रेलवे बोर्ड ने एक प्रस्ताव तैयार किया है जिसमें मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के एसी और नॉन-एसी कोच में प्रतिकिलोमीटर किराए में मामूली बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है। इस प्रस्ताव के अनुसार, एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों को प्रति किलोमीटर 2 पैसे और नॉन-एसी कोच में सफर करने वालों को 1 पैसा प्रति किलोमीटर अधिक देना होगा। वहीं, सेकेंड क्लास के यात्रियों को 500 किलोमीटर सेज्यादा की दूरी पर आधा पैसा प्रति किलोमीटर अतिरिक्त देना पड़ सकता है। यह बदलाव सिर्फ उन्हीं यात्रियों पर लागू होगा जो 500 किलोमीटर से अधिक की यात्रा करते हैं। इसके तहत 500 किलोमीटर से कम दूरी तय करनेवालों को कोई अतिरिक्त किराया नहीं देना होगा और उन्हें पुराने दर पर ही टिकट मिलते रहेंगे। इस प्रस्ताव का उद्देश्य केवल लंबी दूरी की यात्रा करनेवालों से मामूली अतिरिक्त किराया लेना है, जबकि रोजमर्रा के यात्री और कम दूरी तय करने वाले लोग इससे प्रभावित नहीं होंगे। यह किराया संशोधन सिर्फ एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों के एसी और नॉन-एसी कोच पर लागू किया जाएगा, जबकि पैसेंजर ट्रेनों के यात्रियों पर इसकाकोई असर नहीं पड़ेगा। फिलहाल यह प्रस्ताव रेलवे बोर्ड की ओर से तैयार करके रेल मंत्रालय को भेजा गया है और मंत्रालय की अंतिम मंजूरी के बादही इसे लागू किया जाएगा।
लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह का विपक्ष और जातीय भेदभाव पर तीखा बयान

लोकदल के अध्यक्ष श्री सुनील सिंह ने आज एक प्रेस वक्तव्य में कथावाचक के साथ जातीय आधार पर किए गए भेदभाव की तीव्र निंदा की। उन्होंनेकहा कि कथावाचक के साथ जो व्यवहार हुआ, वह केवल उनकी जाति के कारण हुआ और यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी घटनाएं सामाजिकसमरसता के लिए एक चुनौती हैं और इनकी कड़ी भर्त्सना की जानी चाहिए। अखिलेश यादव मुद्दों से भटक जाते हैंश्री सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बार-बार ऐसे बयानों में उलझ जाते हैं जिनकाआम जनता की ज्वलंत समस्याओं से कोई सीधा सरोकार नहीं होता।उन्होंने कहा, “जब देश महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों से जूझ रहा है, तब विपक्ष को चाहिए कि वह ठोसऔर समाधान केंद्रित राजनीति करे। लेकिन अखिलेश जी कभी व्यक्तिगत हमलों में उलझते हैं तो कभी पुराने आंकड़ों के सहारे जनता का ध्यानभटकाने की कोशिश करते हैं।” विपक्ष की भूमिका जिम्मेदारी भरी होनी चाहिएसुनील सिंह ने कहा कि विपक्ष का दायित्व केवल सोशल मीडिया या जुमलों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे जमीनी मुद्दों पर सरकार सेसवाल पूछने चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि विपक्ष को चाहिए कि वह अपने प्रयासों को आम जन के हित में केंद्रित करे और रचनात्मक विपक्ष कीभूमिका निभाए।