एअर इंडिया ने शेड्यूल स्थिरता के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 15% कटौती की, कई रूट्स पर सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित

टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने एक बार फिर यात्रियों को झटका देते हुए आठ अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को रद्द कर दिया है। इनमेंचेन्नई से दुबई, दिल्ली से मेलबर्न, हैदराबाद से मुंबई और अहमदाबाद से दिल्ली की उड़ानें शामिल हैं। एयरलाइंस ने इन उड़ानों के रद्द होने का कारणरखरखाव और परिचालन संबंधी दिक्कतों को बताया है। रद्द की गई उड़ानों में AI906 (दुबई-चेन्नई), AI308 (दिल्ली-मेलबर्न), AI309 (मेलबर्न-दिल्ली), AI2204 (दुबई-हैदराबाद), AI874 (पुणे-दिल्ली), AI456 (अहमदाबाद-दिल्ली), AI2872 (हैदराबाद-मुंबई) और AI571 (चेन्नई-मुंबई) शामिल हैं। एयर इंडिया ने यह भी घोषणा की है कि 21 जून से 15 जुलाई 2025 के बीच हर सप्ताह 38 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती की जाएगी, जबकितीन विदेशी मार्गों—दिल्ली-नैरोबी, अमृतसर-लंदन (गैटविक) और गोवा (मोपा)-लंदन (गैटविक)—पर सेवाएं पूरी तरह स्थगित रहेंगी। यह कदम हालही में अहमदाबाद में हुए विमान हादसे और उसके बाद उत्पन्न परिचालन संबंधी चुनौतियों के मद्देनज़र उठाया गया है। इसके साथ ही, उत्तरी अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और सुदूर पूर्व के 18 अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ानों की संख्या घटाई जाएगी। उत्तरी अमेरिका में दिल्ली-टोरंटो, दिल्ली-वैंकूवर, दिल्ली-सैन फ्रांसिस्को, दिल्ली-शिकागो और दिल्ली-वाशिंगटन जैसे रूट्स प्रभावित होंगे, जबकि यूरोपीय मार्गों में दिल्ली-लंदन (हीथ्रो), बेंगलुरु-लंदन(हीथ्रो), अमृतसर-बर्मिंघम, दिल्ली-बर्मिंघम, दिल्ली-पेरिस, दिल्ली-मिलान, दिल्ली-कोपेनहेगन, दिल्ली-वियना और दिल्ली-एम्सटर्डम शामिल हैं। एयर इंडिया ने बताया है कि यह कटौती स्वैच्छिक रूप से की जा रही है, जिसका उद्देश्य शेड्यूल की स्थिरता को बहाल करना और यात्रियों को अंतिमसमय में होने वाली असुविधा से बचाना है। कंपनी ने अपने बयान में कहा कि उड़ान से पहले अतिरिक्त सुरक्षा जांच की प्रक्रिया और मिडिल ईस्ट मेंहवाई क्षेत्र बंद होने की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय जरूरी हो गया था। एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने जानकारी दी कि एयरलाइन नेअपने बोइंग 787 और बोइंग 777 विमानों पर फ्लाइट से पहले सुरक्षा जांच जारी रखने का फैसला किया है। इन अतिरिक्त जांचों में लगने वालेसमय को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय वाइड-बॉडी फ्लाइट्स में 15 प्रतिशत तक की कटौती की गई है, जो कम से कम 15 जुलाई 2025 तक जारीरहेगी।
राहुल गांधी का नए सरकारी आवास में गृह प्रवेश, 5 सुनहरी बाग बना नया ठिकाना

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज अपने 54वें जन्मदिन के अवसर पर अपने नए सरकारी आवास 5, सुनहरी बाग रोडमें प्रवेश किया। यह बंगला उन्हें सांसद बनने और लोकसभा में विपक्ष के नेता का दर्जा मिलने के बाद आवंटित किया गया था। पहले मां सोनिया गांधी के साथ 10 जनपथ में रह रहे थेराहुल गांधी लंबे समय तक 12, तुगलक लेन स्थित आवास में रहे, जहां वे 2004 से 2023 तक ठहरे थे। लेकिन 2023 में मानहानि के एक मामलेमें दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें अपनी लोकसभा सदस्यता और बंगला दोनों से हाथ धोना पड़ा। इसके बाद वे अपनी मां सोनिया गांधी के निवास10, जनपथ में रहने लगे थे, जो कांग्रेस मुख्यालय (24, अकबर रोड) के पास स्थित है। उनकी संसद सदस्यता बहाल होने के बाद भी वे वहीं रह रहेथे। 5, सुनहरी बाग रोड: कैबिनेट मंत्री स्तर का टाइप-8 बंगलाराहुल गांधी को जो नया आवास आवंटित किया गया है, वह टाइप-8 श्रेणी का सरकारी बंगला है। यह श्रेणी आम तौर पर कैबिनेट मंत्री या समकक्षपदधारियों को दी जाती है। राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष के नेता होने के कारण कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है और इसी आधार पर उन्हें यहबंगला आवंटित किया गया। इससे पहले किसके पास था यह बंगला?5, सुनहरी बाग रोड स्थित यह बंगला पहले कर्नाटक से बीजेपी के नेता और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री ए. नारायणस्वामी के पास था। वे 2021 से 2024 तक सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रहे और हाल ही में लोकसभा चुनाव हारने के बाद यह बंगला खाली किया गया। क्या हैं बंगले की प्रमुख विशेषताएं?संसद भवन से मात्र 500 मीटर की दूरी पर स्थित यह बंगला लोकेशन के लिहाज से बेहद खास है। इसमें पाँच शयनकक्ष (बेडरूम), एक बड़ा हॉल, भोजन कक्ष (डाइनिंग रूम), एक अध्ययन कक्ष (स्टडी रूम) और कर्मचारियों के लिए अलग क्वार्टर शामिल हैं। बंगले की सुविधाएं और इसका स्थानइसे वीवीआईपी क्षेत्र में एक प्रमुख निवास बनाते हैं।
अमित शाह का भाषाई पहचान पर जोर, अंग्रेजी पर साधा निशाना

देश में भाषा विवाद के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाषाई पहचान को लेकर एक बार फिर स्पष्ट और तीखी टिप्पणी की है। एक पुस्तकविमोचन कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने अंग्रेजी भाषा के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई और भारतीय भाषाओं को राष्ट्र की आत्मा करार दिया। “वह दिन दूर नहीं जब अंग्रेजी बोलने वालों को होगी शर्म”गृह मंत्री ने कहा कि वह समय अब बहुत दूर नहीं है जब भारत में अंग्रेजी बोलने वाले स्वयं को लेकर असहज महसूस करेंगे। उन्होंने कहा कि विदेशीभाषा में कोई भी समाज अपने इतिहास, धर्म या संस्कृति को सही तरीके से नहीं समझ सकता। भारत की कल्पना बिना उसकी मातृभाषाओं के नहीं कीजा सकती। देशी भाषाएं भारत की आत्मा हैंशाह ने कहा कि देश की भाषाएं न केवल संवाद का माध्यम हैं, बल्कि वे भारतीय संस्कृति के मूल तत्वों की वाहक भी हैं। उन्होंने इस बात पर जोरदिया कि यदि हमें सच्चा भारतीय बनना है तो अपनी भाषाओं को अपनाना होगा। उनका कहना था कि भारतीय भाषाएं हमारी सांस्कृतिक धरोहर कीचमकते हुए रत्न हैं। अंग्रेजी को बताया औपनिवेशिक विरासत का प्रतीकअपने संबोधन में अमित शाह ने अंग्रेजी को औपनिवेशिक मानसिकता की निशानी बताया और भविष्यवाणी की कि आने वाले वर्षों में पूरी दुनिया इसेउपनिवेशवाद के प्रतीक के रूप में देखेगी। उन्होंने कहा कि अधूरी और विदेशी भाषाओं के सहारे भारत की पूर्ण कल्पना नहीं की जा सकती। भविष्य में भारतीय भाषाओं से होगा देश का संचालनगृह मंत्री ने विश्वास जताया कि यह लड़ाई कठिन जरूर है, लेकिन देशवासी इसे जरूर जीतेंगे। उन्होंने कहा कि एक दिन भारत न केवल अपनी भाषाओंमें प्रशासन चलाएगा, बल्कि इन्हीं भाषाओं के बल पर वैश्विक नेतृत्व भी करेगा। हिंदी थोपने के आरोपों की पृष्ठभूमि में आया बयानअमित शाह की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है जब कई विपक्षी और दक्षिणी राज्यों ने केंद्र सरकार पर ‘त्रि-भाषा फॉर्मूला’ के माध्यम से हिंदीको थोपने का आरोप लगाया है। यह नीति नई शिक्षा नीति (एनईपी) का हिस्सा है, जिसे कई राज्यों ने भाषा विविधता पर खतरा बताया है।
दिल्ली हाईकोर्ट जज के घर से जली हुई नकदी मिलने पर मचा बवाल, जांच रिपोर्ट में गंभीर खुलासे

दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास में आग लगने और वहां से जली हुई नकदी मिलने की घटना नेन्यायपालिका की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह रहस्यमयी घटना 14 मार्च को होली की रात दिल्ली के तुगलक क्रेसेंट स्थित उनकेआवास पर घटी, जब वर्मा और उनकी पत्नी भोपाल में थे। उस समय घर पर केवल उनकी बेटी और बुजुर्ग मां मौजूद थीं। आग बुझाने पहुंचेअग्निशमन कर्मियों को स्टोर रूम में नकदी से भरे थैलों में आग लगी हुई मिली। इस घटना के बाद दो वीडियो वायरल हुए, जिनमें एक में बड़ी मात्रा मेंनोट पड़े हुए दिखाई दे रहे थे और एक व्यक्ति की आवाज़ सुनाई देती है—”नोट ही नोट हैं…”, जबकि दूसरे वीडियो में कहा गया, “सारे बर्न हो गएसाहब।” मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने 22 मार्च को एक विशेष जांच समिति गठित की, जिसमें तीन वरिष्ठन्यायाधीश शामिल थे। समिति ने 42 दिन की जांच के बाद जो रिपोर्ट सौंपी, उसमें कई ऐसे तथ्य सामने आए, जो जस्टिस वर्मा के आचरण पर गंभीरसंदेह जताते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, घटना वाली रात जस्टिस वर्मा ने अपने स्टाफ से सिर्फ व्हाट्सएप कॉल और एन्क्रिप्टेड मैसेज के जरिए संपर्क किया, जिससे संवाद का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो सका। दिल्ली लौटने के बावजूद उन्होंने और उनकी पत्नी ने उस स्टोर रूम का मुआयना नहीं किया, जहां आग लगी थी, जो समिति को असामान्य प्रतीत हुआ। इसके अलावा, जस्टिस वर्मा ने घटना को साजिश बताया, परंतु उन्होंने न पुलिस में कोई शिकायत दर्ज कराई, न ही किसी अदालत में इसकी रिपोर्टदी। इतना ही नहीं, जब उन्हें स्थानांतरण का प्रस्ताव मिला, तो उन्होंने उसे बिना कोई सवाल उठाए तुरंत स्वीकार कर लिया, जबकि उनके पास अगलेदिन तक का समय था। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि जिस स्टोर रूम में आग लगी थी, वहां के सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। जस्टिस वर्मा ने सफाई दी किये कैमरे सुरक्षा विभाग के नियंत्रण में थे और उन्हें बंद होने की जानकारी नहीं थी। वहीं, वीडियो सबूत में साफ तौर पर स्टोर रूम के अंदर और बाहरबिखरे हुए नोट देखे जा सकते हैं, जिससे नकदी की मौजूदगी को लेकर उनके दावे गलत साबित होते हैं। इन सभी तथ्यों ने न सिर्फ जस्टिस वर्मा के बयानों पर सवाल उठाए हैं, बल्कि उच्च न्यायपालिका की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी गहरा प्रभावडाला है। अब यह देखना अहम होगा कि न्यायपालिका इस मामले में आगे क्या रुख अपनाती है और क्या कोई कानूनी कार्रवाई की जाती है।
दिल्ली में जल संकट गहराया: एनजीटी की फटकार और जनता के प्रदर्शन ने खोली भाजपा सरकार की पोल, बोले सौरभ भारद्वाज

दिल्ली में पानी की भारी कमी और दूषित जल आपूर्ति को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया है। प्रदेश अध्यक्ष सौरभभारद्वाज ने कहा कि राजधानी में भाजपा की चार इंजन वाली सरकार बुरी तरह विफल रही है। शहर में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं और कईइलाकों में हालात इतने खराब हैं कि लोगों को रातभर जागकर पानी भरना पड़ रहा है। दिल्ली जल बोर्ड पर एनजीटी की सख्त टिप्पणीराष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली जल बोर्ड को दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर कड़ी फटकार लगाई है, जिससे भाजपा सरकार कीलापरवाही उजागर हो गई है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एनजीटी की यह टिप्पणी साफ दर्शाती है कि राजधानी में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने मेंसरकार असफल रही है। राजधानी के कई इलाकों में त्राहि-त्राहिदिल्ली के बदरपुर, अंबेडकर नगर, देवली, तुगलकाबाद, मेहरौली, पालम, रजौरी गार्डन, जनकपुरी, ग्रेटर कैलाश जैसे इलाकों में पानी की भीषणकिल्लत है। पहले जहां पानी की कोई समस्या नहीं थी, अब वहां भी लोग पीने के पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि लोगों कीआवाज उठाने पर भी सरकार की तरफ से कोई समाधान नहीं आ रहा है। डीजेबी दफ्तर का घेराव, जनता का गुस्सा फूटाजल संकट से परेशान लोगों ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के दफ्तर का घेराव किया और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा सरकार के खिलाफनारेबाजी की। कई स्थानों पर महिलाओं ने मटके फोड़कर विरोध जताया। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह जनता की पीड़ा और आक्रोश का स्पष्ट संकेतहै। भ्रामक दावे और जमीनी हकीकत में फर्कभाजपा सरकार यह दावा कर रही है कि दिल्ली में न तो पानी की किल्लत है और न ही दूषित जल की समस्या, लेकिन एनजीटी और सीपीसीबी(केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) की रिपोर्ट ने इन दावों की पोल खोल दी है। जनकपुरी जैसे इलाकों में दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायतों के बादएनजीटी ने सख्त रुख अपनाया है और डीजेबी को व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया है। बीमारियों की बढ़ती आशंकासीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार, दूषित पानी की आपूर्ति के चलते दिल्ली में हेपेटाइटिस, टाइफाइड, पीलिया और हैजा जैसे गंभीर रोग फैलने कीआशंका है। यह स्थिति साफ दर्शाती है कि भाजपा सरकार राजधानी की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी गंभीर नहीं है। रात-रात जागकर पानी भरने को मजबूर लोगसौरभ भारद्वाज ने बताया कि बदरपुर सहित कई इलाकों में लोग केवल कुछ मिनटों के लिए आने वाले पानी को भरने के लिए रात भर जागते हैं। एकओर मामूली बारिश में दिल्ली जलभराव से जूझती है और दूसरी ओर पीने का पानी लोगों को नसीब नहीं हो रहा। सरकार की जल टैंकर व्यवस्था भीनाकाफी साबित हो रही है। चार इंजन सरकार पानी जैसे मूलभूत विषय पर विफलआम आदमी पार्टी ने कहा कि दिल्ली की चार इंजन सरकार राजधानी के लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने जैसे मूलभूत विषय पर भी नाकाम रहीहै। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा की नीतिगत विफलताओं के कारण दिल्लीवासियों की तकलीफें बढ़ती जा रही हैं और अब समय है कि सरकारजवाबदेही स्वीकार करे।
राहुल गांधी के जन्मदिन पर महिला कांग्रेस का बड़ा कदम , बिहार में 25 हजार महिलाओं को वितरित होंगी सैनिटरी पैड्स, अलका लांबा ने मोदी सरकार पर बोला हमला

महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश की लगभग 60% महिलाएं आजभी सैनिटरी पैड जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य और गरिमा जैसे महत्वपूर्ण विषयोंपर गंभीर नहीं है और केवल दिखावटी प्रचार में व्यस्त है। 19 जून को राहुल गांधी के जन्मदिन पर बिहार में 25,000 महिलाओं को वितरित किए जाएंगे सैनिटरी पैडराहुल गांधी के जन्मदिन के मौके पर महिला कांग्रेस 25,000 महिलाओं को सैनिटरी पैड वितरित करेगी। यह कार्यक्रम खासतौर पर बिहार मेंआयोजित किया जाएगा, जहां स्वच्छता को लेकर स्थिति बेहद चिंताजनक है। अलका लांबा ने कहा कि यह कदम प्रियदर्शिनी उड़ान परियोजना केतहत महिलाओं को स्वच्छता और आत्मनिर्भरता देने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। बिहार में विफल रही सरकार, हाईकोर्ट के आदेश को भी किया नजरअंदाजअलका लांबा ने बताया कि पटना हाईकोर्ट ने राज्य के 40,000 स्कूलों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन लगाने का आदेश दिया था, लेकिन अब तककेवल 350 स्कूलों में ही ऐसी मशीनें लगाई जा सकी हैं। उन्होंने बताया कि बिहार की 80% किशोरियों को सैनिटरी पैड नहीं मिल पाता, और उन्हेंसालाना मिलने वाली 300 रुपये की राशि भी समय पर नहीं दी जाती। बिहार, दिल्ली और राजस्थान में महिला कांग्रेस की पहलमहिला कांग्रेस ने बेगूसराय, वैशाली (बिहार) और दिल्ली में सैनिटरी वेंडिंग मशीनें स्थापित की हैं। इस पहल से न केवल हजारों महिलाओं को लाभहुआ है, बल्कि 50 महिलाओं को रोजगार भी मिला है। राजस्थान में कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई उड़ान योजना का हवाला देते हुए उन्होंने बतायाकि वहां 11 से 45 वर्ष की आयु वर्ग की 1.23 करोड़ महिलाओं को मुफ्त सैनिटरी पैड उपलब्ध कराए गए थे। बीजेपी पर गंभीर आरोपअलका लांबा ने कहा कि राजस्थान में उड़ान योजना के तहत डेढ़ करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुफ्त में वितरित होनेवाले पैडों को दोबारा सरकार को ही बेच दिया गया। भरतपुर की आंगनवाड़ियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में वहां सिर्फ 810 पैड पहुंचे, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। गरीबी, टैक्स और जागरूकता की कमी बना रही बाधा ओडिशा के मलकानगिरी और कालाहांडी जैसे जिलों में 97% महिलाएं आज भी मासिक धर्म के दौरान कपड़े का प्रयोग करती हैं। दिल्ली कीझुग्गियों में 59% महिलाएं सैनिटरी पैड खरीदने में सक्षम नहीं हैं। अलका लांबा ने बताया कि 98% महिलाओं में पीरियड्स को लेकर जानकारी कीकमी है, जो स्वास्थ्य संकट को और गंभीर बनाता है। सैनिटरी पैड पर टैक्समहिला कांग्रेस अध्यक्ष ने याद दिलाया कि केंद्र सरकार ने पहले सैनिटरी पैड पर 12% जीएसटी लगाया था, जिसे देशभर में विरोध के बाद वापसलेना पड़ा। लेकिन अब भी कच्चे माल पर भारी टैक्स लगाया जा रहा है, जिससे पैड की कीमतें बढ़ जाती हैं और गरीब महिलाओं की पहुंच से बाहर होजाती हैं।
राहुल गांधी के जन्मदिन पर ऐतिहासिक रोजगार मेला, 100 से अधिक कंपनियां, 20 हजार से अधिक युवा पंजीकृत

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव, भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब, दिल्ली युवा कांग्रेस अध्यक्ष अक्षयलाकड़ा और दिल्ली कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख अनिल भारद्वाज ने एक साझा प्रेस वार्ता के माध्यम से ऐलान किया कि 19 जून 2025 को कांग्रेसनेता राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर तालकटोरा स्टेडियम में एक विशाल रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन युवाओं कोरोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक निर्णायक पहल के रूप में देखा जा रहा है। 20 हजार से अधिक युवाओं ने कराया पंजीकरणदेवेन्द्र यादव ने जानकारी दी कि अब तक 20,000 से अधिक युवाओं ने इस रोजगार मेले के लिए पंजीकरण किया है, जिनमें आधे ऑनलाइन औरआधे ऑफलाइन माध्यम से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली के हर कोने में जाकर युवाओं को इस मौके से जोड़ने का प्रयास कर रहेहैं बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस की पहलभारतीय युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि बीते 11 वर्षों में भाजपा सरकार की नीतियों ने बेरोजगारी को चरम पर पहुंचा दिया है। युवानौकरी की तलाश में भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने हमेशा युवाओं की आवाज बुलंद की है, और यह मेला उसी दृष्टिकोण को जमीन परलागू करने की एक कोशिश है। 100+ कंपनियां करेंगी सीधा इंटरव्यूदिल्ली युवा कांग्रेस अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने बताया कि इस मेले में 100 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियां भाग लेंगी और युवाओं का सीधा साक्षात्कारलेंगी। उन्होंने बताया कि यह अवसर 12वीं पास से लेकर पीएचडी धारकों तक के लिए खुला है। यह मेला खासतौर पर उन युवाओं के लिए उम्मीदकी किरण है, जिन्हें सरकारों से रोजगार की उम्मीद नहीं मिल सकी। राहुल गांधी की सोच से प्रेरित है आयोजनकांग्रेस संचार विभाग प्रमुख अनिल भारद्वाज ने बताया कि यह मेला राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा, न्याय यात्रा और संसद में उनकी लगातारआवाज का परिणाम है। बेरोजगारी के मुद्दे पर उनकी संवेदनशीलता और गंभीरता इस आयोजन की प्रेरणा बनी है। आगे भी होंगे रोजगार मेले – कांग्रेस का वादादेवेन्द्र यादव ने आगे घोषणा की कि दिल्ली कांग्रेस भविष्य में 12वीं पास युवाओं के लिए और रोजगार मेलों का आयोजन करेगी। उन्होंने इसे राहुलगांधी के सपनों को साकार करने की दिशा में एक ठोस प्रयास बताया। युवा भारत के लिए कांग्रेस का संदेशयह मेगा रोजगार मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को दिशा देने वाला एक सार्थक और ठोस कदम है। कांग्रेस ने यह दिखायाहै कि राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ रोजगार सृजन कोई असंभव लक्ष्य नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक हकीकत है।
कांग्रेस ने 2027 यूपी विधानसभा चुनाव के लिए शुरू की रणनीतिक तैयारी, जिला संगठनों को मिलेगी निर्णायक भूमिका

कांग्रेस पार्टी ने 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। संगठन सृजन अभियान के तहत हुई समीक्षा बैठक मेंयह निर्णय लिया गया कि जिला कांग्रेस कमेटियों को बूथ स्तर तक सशक्त किया जाएगा। साथ ही आगामी चुनावों में टिकट वितरण के लिए जिलासंगठनों की राय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इस रणनीति का उद्देश्य कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरना और जमीनी स्तर पर पार्टी का आधार मजबूतकरना है। पूर्वांचल ज़ोन की समीक्षा बैठक आयोजितपार्टी प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने जानकारी दी कि संगठन सृजन अभियान के चौथे दिन पूर्वांचल ज़ोन के अंतर्गत आने वाले जनपदों सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, आज़मगढ़, मऊ, देवरिया, बलिया, संत कबीर नगर, अयोध्या और अंबेडकर नगर की समीक्षा बैठक संपन्नहुई। इस बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी श्री अविनाश पांडे, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व मंत्री श्री अजय राय, नेता विधानमंडल दल श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’, तथा राष्ट्रीय सचिव सह प्रभारी श्री सत्यनारायण पटेल उपस्थित रहे। इन वरिष्ठ नेताओं ने संबंधितजनपदों के समन्वयकों और जिला/शहर अध्यक्षों के साथ संगठन सृजन की प्रगति का मूल्यांकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ब्लॉक से लेकर बूथ स्तर तक संगठन को किया जाएगा मजबूतप्रवक्ता अंशू अवस्थी ने बताया कि बैठक में जिला व शहर अध्यक्षों के कार्यों की समीक्षा की गई। महासचिव अविनाश पांडे ने निर्देशित किया किनिश्चित समयसीमा के भीतर ब्लॉक कमेटियों और फिर बूथ कमेटियों का गठन किया जाए। साथ ही, जो कार्यकर्ता निष्ठा से कार्य कर रहे हैं, उन्हें संगठनमें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। जिला संगठनों की भूमिका रहेगी केंद्रीय: अविनाश पांडेश्री पांडे ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में जिला संगठनों की भूमिका निर्णायक होगी। “जिला संगठन का कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर कैडरनिर्माण करता है, जनता से जुड़ता है और संघर्ष करता है, इसलिए टिकट वितरण में उनकी राय सर्वोच्च मानी जाएगी,” उन्होंने कहा। टिकटों पर अंतिम निर्णय जिला कमेटियों की सिफारिश पर: अजय रायप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने स्पष्ट किया कि टिकट वितरण पूरी तरह से जिला कमेटियों द्वारा भेजे गए पैनल के आधार पर किया जाएगा। “जोकार्यकर्ता ज़मीन पर सक्रिय हैं, संगठन के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध हैं, उन्हीं को प्राथमिकता दी जाएगी। जिन जिलों ने संगठन को मजबूत करने काअभियान चलाया है, उनकी मेहनत का सम्मान होगा,” उन्होंने कहा। स्थानीय मुद्दे शामिल होंगे पार्टी घोषणापत्र मेंबैठक के दौरान पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के स्थानीय मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। यह तय किया गया कि इन ज़मीनी मुद्दों को पार्टी केआगामी घोषणापत्र में शामिल किया जाएगा, जिससे कांग्रेस जनता के बीच मजबूती से अपनी बात रख सके। इस समीक्षा बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश सिंह, प्रदेश महासचिव अनिल यादव सहित विभिन्न समन्वयक और पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
ईडी की छापेमारी से तेज हुई जांच, वीरेन्द्र सचदेवा बोले, सिसोदिया-जैन कानून के शिकंजे में

दिल्ली में सरकारी स्कूलों के क्लासरूम निर्माण में हुए कथित घोटाले की जांच निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवारको इस मामले से जुड़े ठेकेदारों और अधिकारियों के 37 ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। भाजपा का आरोपदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने बयान जारी कर कहा कि यह घोटाला पूरी तरह स्थापित हो चुका है, जिसकी शिकायत पहले ही लोकायुक्तऔर भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) में की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के दौरान शिक्षा और लोक निर्माण विभाग के अधिकारीजानबूझकर एजेंसियों को जानकारी देने से बचते रहे, जो यह दर्शाता है कि केजरीवाल सरकार मामले को दबाने का प्रयास कर रही थी। मुख्य आरोपी हैं सिसोदिया और जैनसचदेवा ने कहा कि इस कथित घोटाले में दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन मुख्य आरोपी हैं। भाजपा नेता ने आरोपलगाया कि सत्ता में रहते हुए भी दोनों ने जांच में सहयोग नहीं किया और अब एजेंसियों के समक्ष पेश होने से बच रहे हैं। कानून का शिकंजा कस चुका हैवीरेन्द्र सचदेवा ने तीखा बयान देते हुए कहा, “अब मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को यह समझ लेना चाहिए कि वे चाहे जो भी कर लें, कानून अबउनके बेहद करीब पहुंच चुका है और उन्हें जल्द ही जेल जाना होगा।” ईडी की इस छापेमारी को भाजपा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कदम बताया है, वहीं आम आदमी पार्टी की ओर से अब तक इस पर कोईऔपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
छत्तीसगढ़-आंध्र सीमा पर बड़ी माओवादी मुठभेड़, तीन वांछित नक्सली ढेर, एके-47 बरामद-तीन शीर्ष माओवादी कमांडर मारे गए

छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलतामिली है। इस मुठभेड़ में सीपीआई (माओवादी) के तीन शीर्ष नक्सली गजरला रवि उर्फ “उदय”, रवि वेंका चैतन्य उर्फ “अरुणा” और एक अन्य कैडरअंजू मारे गए। अरुणा और उदय पर था भारी इनाममारे गए नक्सलियों में अरुणा पर 25 लाख रुपये और उदय पर 40 लाख रुपये का इनाम घोषित था। अरुणा पूर्व में केंद्रीय समिति के नेता चलपतिकी पत्नी थीं, जिन्हें इसी वर्ष जनवरी में सुरक्षा बलों ने मार गिराया था। उदय एओबी स्पेशल जोनल कमेटी (AOBSZC) के सचिव और माओवादीकेंद्रीय समिति का सदस्य था। मुठभेड़ स्थल से एके-47 समेत हथियार बरामदपुलिस के मुताबिक, मारेडुमिली और रामपचोदवरम के बीच स्थित किंटुकुरु गांव के पास यह मुठभेड़ हुई, जहां सुरक्षाबलों ने माओवादी गतिविधि कीसूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया था। 25 मिनट तक चली गोलीबारी के बाद तीन शव मिले। मौके से तीन एके-47 राइफल भी बरामद कीगई हैं। शांति वार्ता में शामिल रह चुके थे उदयउदय 2004-05 के दौरान वाई.एस. राजशेखर रेड्डी की सरकार में माओवादी संगठन PWG की ओर से शांति वार्ता में भी शामिल हुआ था। चारदशकों तक भूमिगत माओवादी गतिविधियों में सक्रिय रहने के बाद उसका अंत अल्लूरी जिले में हुआ। इलाके में तलाशी अभियान जारीसुरक्षा बलों के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान करीब 16 माओवादियों का समूह देखा गया था, जिनमें से अधिकांश मौके से भागने में सफल रहे। फिलहालपूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि फरार नक्सलियों को पकड़ा जा सके।