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गाजा युद्धविराम पर सशर्त सहमति, हमास ने रखा पूर्ण युद्ध समाप्ति का आग्रह, ट्रंप का 60 दिन का प्रस्ताव

हमास ने संकेत दिए हैं कि वह इस्राइल के साथ युद्धविराम के लिए तैयार है, लेकिन उसने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई भी समझौता तभी स्वीकारकिया जाएगा, जब गाजा में युद्ध पूरी तरह समाप्त हो। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 60 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव को हमास ने सीधे तौर पर नहींस्वीकार किया है। हमास ने अपने पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि वह केवल युद्ध के स्थायी समाधान के साथ ही कोई समझौता करेगा। ट्रंप का प्रस्ताव: 60 दिन का अस्थायी युद्धविरामराष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को घोषणा की कि इस्राइल 60 दिनों के युद्धविराम पर सहमत हो गया है। उन्होंने कहा कि यह समय युद्ध को समाप्त करने केलिए उपयोग किया जाएगा। ट्रंप ने हमास से अपील की कि वह इस प्रस्ताव को स्वीकार करे, ताकि बंधकों की रिहाई और मानवीय सहायता के रास्तेखुल सकें। पूर्ण विजय तक युद्ध जारी रहेगाइस्राइल का रुख अब भी सख्त है। उसका कहना है कि वह केवल तभी युद्ध समाप्त करेगा, जब हमास पूरी तरह पराजित हो जाए, हथियार डाल दे औरगाजा छोड़ दे। एक इस्राइली अधिकारी के अनुसार, ताजा प्रस्ताव में इस्राइल आंशिक रूप से गाजा से पीछे हटेगा और मानवीय सहायता में बढ़ोतरीहोगी, लेकिन युद्धविराम का अंतिम निर्णय हमास की कार्रवाई पर निर्भर करेगा। हमास प्रतिनिधिमंडल करेगा मध्यस्थों से बातचीतहमास के वरिष्ठ अधिकारी ताहिर अल-नूनू ने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी ऐसे प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करेगी, जो युद्ध को समाप्त करने कीगारंटी दे। मिस्र के एक अधिकारी के अनुसार, हमास का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को काहिरा में मिस्र और कतर के मध्यस्थों से चर्चा करेगा। बंधकों की रिहाई पर भी गतिरोधहमास का कहना है कि वह शेष 50 बंधकों को रिहा करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए इस्राइल को गाजा से पूरी तरह हटना होगा। इस्राइलकी मांग है कि युद्धविराम से पहले हमास को आत्मसमर्पण करना होगा। यह मतभेद दोनों पक्षों को किसी समझौते तक पहुंचने से रोक रहा है। इस्राइल की चुप्पी, ट्रंप की चेतावनीइस्राइल ने अब तक ट्रंप के प्रस्ताव पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस्राइल आवश्यक शर्तों परसहमत हो चुका है और अब यह हमास पर निर्भर है कि वह और अधिक तबाही से पहले प्रस्ताव को स्वीकार करे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इससेबेहतर अवसर नहीं मिलेगा। वार्ता की संभावनाएं और भविष्य का संकेतराष्ट्रपति ट्रंप अगले सप्ताह व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नेतन्याहू से मिलने वाले हैं। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में गाजा युद्ध, ईरान और क्षेत्रीयसुरक्षा जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी। फिलहाल, युद्धविराम को लेकर कुछ उम्मीदें बनी हैं, लेकिन दोनों पक्षों की शर्तें इसे जटिल बना रही हैं।

संसद सुरक्षा चूक मामला, हाईकोर्ट से नीलम आजाद और महेश कुमावत को जमानत, मीडिया से बातचीत पर रोक

दिल्ली हाईकोर्ट ने संसद में सुरक्षा चूक के मामले में गिरफ्तार नीलम आजाद और महेश कुमावत को जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद कीपीठ ने दोनों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर राहत दी है। कोर्ट ने सख्त निर्देश दिए हैं कि आरोपी न तो प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और न हीमीडिया को कोई इंटरव्यू देंगे। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर कोई टिप्पणी या पोस्ट करने से उन्हें मना किया गया. साप्ताहिक थाने में हाजिरी और दिल्ली से बाहर जाने पर रोककोर्ट ने दोनों आरोपियों को आदेश दिया है कि वे सप्ताह में तीन दिन – सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सुबह 10 बजे संबंधित थाने में उपस्थितिदर्ज कराएं। साथ ही उन्हें दिल्ली से बाहर न जाने का निर्देश भी दिया गया है। यूएपीए पर कोर्ट की सख्ती20 मई को सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से सवाल किया था कि क्यासंसद में बिना अनुमति प्रवेश करना यूएपीए के तहत आता है। अदालत ने कहा कि संसद में घुसपैठ गंभीर मामला है, लेकिन इस पर यूएपीए कीधाराएं लगाना किस हद तक उचित है, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जासकता। निचली अदालत से याचिका खारिज, हाईकोर्ट में चुनौतीनीलम आजाद और महेश कुमावत ने पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। ट्रायल कोर्ट नेनीलम की याचिका 13 सितंबर 2024 को और महेश की याचिका 22 नवंबर 2024 को खारिज की थी। दिल्ली पुलिस का दावादिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट में दावा किया गया है कि आरोपी संसद पर हमले की योजना दो साल से बना रहे थे और इसका उद्देश्य लोकतंत्रकी छवि को नुकसान पहुंचाना था। पुलिस ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया के ज़रिए मिले और मैसूर, गुरुग्राम व दिल्ली में कुल पांच बैठकें कीं।उनकी पहली मुलाकात फरवरी 2022 में मैसूर में हुई थी।चार्जशीट में लगे गंभीर आरोपपुलिस ने मामले में दो चार्जशीट दायर की हैं। पहली चार्जशीट 7 जून 2024 को और पूरक चार्जशीट 15 जुलाई 2024 को दाखिल की गई थी।आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धाराएं 186, 353, 153, 452, 201, 34, 120बी और यूएपीए की धाराएं 13, 16, 18 लगाई गई हैं।जिन छह लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है, उनमें नीलम आजाद, महेश कुमावत, मनोरंजन डी, ललित झा, अमोल शिंदे और सागर शर्माशामिल हैं। क्या था पूरा मामला?13 दिसंबर 2023 को संसद की विज़िटर गैलरी से दो युवक अचानक कक्ष में कूद पड़े। उनमें से एक ने अपने जूते से पीले रंग का धुआं छोड़ने वालाकनस्तर निकाला, जिससे सदन में अफरा-तफरी मच गई। कुछ सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया और मारपीट भी की। बाद में सुरक्षाकर्मियों ने दोनों कोहिरासत में लिया। वहीं, संसद के बाहर भी दो अन्य प्रदर्शनकारी पीला धुआं छोड़ते हुए और नारेबाजी करते पकड़े गए थे।

उत्तराखंड के टिहरी में बड़ा हादसा, गंगोत्री जा रहे कांवड़ियों का ट्रक पलटा, 3 की मौत, कई घायलबुलंदशहर से आए थे कावड़िए

उत्तराखंड के टिहरी जिले में बुधवार सुबह एक गंभीर सड़क हादसा हो गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गंगोत्री जल लाने निकले कांवड़ियों काट्रक अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। यह दुर्घटना नरेंद्र नगर के पास ऋषिकेश-टिहरी हाईवे पर जाजल फाकोट के पास हुई। 17 कांवड़िए थे ट्रक में सवार, पलटने से दबे श्रद्धालुहादसे के वक्त ट्रक में कुल 17 कांवड़िए सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक सड़क किनारे पलटा, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। अगरवाहन गहरी खाई में गिरता, तो हालात और ज्यादा भयावह हो सकते थे। ट्रक के पलटते ही सभी श्रद्धालु उसके नीचे दब गए। मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ, तेजी से चलाया गया राहत कार्यघटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। राहत व बचाव कार्यतेजी से जारी है। मौके पर टिहरी की जिलाधिकारी नीतिका खंडेलवाल भी मौजूद हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। तीन की मौत की पुष्टि, घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गयाअब तक इस हादसे में तीन कांवड़ियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। गंभीर रूप से घायल पांच श्रद्धालुओं को ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल रेफरकिया गया है, जबकि अन्य नौ घायलों का नरेंद्र नगर में इलाज चल रहा है। बड़ी दुर्घटना टली, प्रशासन सतर्कहालांकि हादसा गंभीर था, लेकिन ट्रक के खाई में गिरने से बच जाने के चलते और बड़ा नुकसान टल गया। प्रशासन और बचाव टीमें मौके पर मुस्तैदीसे डटी हुई हैं और घायलों की हर संभव मदद की जा रही है।

पहला जत्था बालटाल बेस कैंप पहुंचा, भक्तों में दिखा अद्वितीय उत्साह और भक्ति

वार्षिक अमरनाथ यात्रा की शुरुआत से पहले ही श्रद्धालुओं का पहला जत्था बालटाल बेस कैंप पहुंच चुका है। कल से यात्रा का पहला चरणविधिवत रूप से शुरू होगा, लेकिन उससे पहले ही बालटाल में भक्तों का उत्साह चरम पर है। दूर-दराज से आए शिव भक्त हिमलिंग के दर्शन की तीव्रआकांक्षा के साथ बेस कैंप में डेरा डाल चुके हैं। गूंज उठे ‘बम-बम भोले’ के जयघोषजैसे ही श्रद्धालुओं ने बालटाल में प्रवेश किया, वातावरण ‘जय बाबा बर्फानी’ और ‘हर हर महादेव’ के नारों से गूंज उठा। शिवभक्ति में रमे इनतीर्थयात्रियों के चेहरों पर भक्ति की चमक और मन में आत्मिक शांति का भाव साफ झलक रहा था। भक्ति की शक्ति से निडर और अडिग हैं श्रद्धालुअमरनाथ यात्रा में शामिल भक्तों की भक्ति और संकल्प को कोई कठिनाई डिगा नहीं सकती। न ऊंचे पहाड़, न कड़ाके की ठंड और न ही थकावट—इन भक्तों के हौसले को कुछ नहीं रोक सकता। नेपाल के 75 वर्षीय फाल्गुनगी, जो जगतपुर धाम से यात्रा पर निकले हैं, ने बताया कि अमरनाथ गुफाके दर्शन की कल्पना से ही वे रोमांचित हैं। यात्रा मार्ग पर दिख रही भक्ति की छटापूरी कश्मीर घाटी इस समय बाबा अमरेश्वर की भक्ति के रंग में रंगी नजर आ रही है। यात्रा मार्ग पर हर ओर शिवभक्तों की चहल-पहल और उत्साहपूर्णवातावरण देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं के चेहरों पर जो मुस्कान है, वह उनकी आंतरिक श्रद्धा और विश्वास की प्रतीक है। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए व्यापक इंतजामयात्रा में भाग लेने वाले भक्तों के लिए लंगर, विश्राम स्थल और चिकित्सा सहायता सहित हर स्तर पर बेहतरीन इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय लोग भीपूरे समर्पण भाव से तीर्थयात्रियों का स्वागत करने के लिए तत्पर हैं। कल से होगी चढ़ाई की शुरुआतअमरनाथ यात्रा की विधिवत शुरुआत कल से होगी। श्रद्धालु बालटाल मार्ग से चढ़ाई शुरू करेंगे और पवित्र अमरनाथ गुफा पहुंचकर हिमलिंग के दर्शनकरेंगे।

गुजरात हाई कोर्ट की वर्चुअल सुनवाई में वकील की आपत्तिजनक हरकत, कोर्ट ने अवमानना कार्यवाही शुरू की

गुजरात हाई कोर्ट की एक वर्चुअल सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील भास्कर तन्ना के आचरण ने न्यायालय को कठोर कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।25 जून को जस्टिस संदीप भट्ट की अदालत में ऑनलाइन पेशी के दौरान तन्ना बीयर पीते और मोबाइल पर बातचीत करते हुए नजर आए। यह दृश्यकोर्ट की वीडियो कार्यवाही के माध्यम से सार्वजनिक हुआ और जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कोर्ट ने लिया स्वत, संज्ञान, अवमानना की कार्रवाई शुरूमंगलवार को जस्टिस एएस सुपेहिया और जस्टिस आरटी वच्छानी की खंडपीठ ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए भास्कर तन्ना के खिलाफअदालत की अवमानना की कार्यवाही आरंभ करने के आदेश दिए। पीठ ने इस आचरण को ‘अपमानजनक और भयावह’ बताया और इसे न्याय प्रणालीके सम्मान और अनुशासन के लिए गंभीर खतरा करार दिया। सीनियर एडवोकेट की उपाधि पर भी उठे सवालन्यायाधीशों ने यह भी कहा कि तन्ना द्वारा दिखाया गया व्यवहार वरिष्ठ अधिवक्ता की गरिमा के खिलाफ है और उनके विशेषाधिकारों का उल्लंघनकरता है। अदालत ने संकेत दिया कि उनके ‘सीनियर एडवोकेट’ की उपाधि को रद्द किया जा सकता है, हालांकि इस पर अंतिम निर्णय सुनवाई के बादलिया जाएगा। रजिस्ट्री को नोटिस जारी करने और रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देशकोर्ट ने रजिस्ट्री को आदेश दिया है कि वह भास्कर तन्ना को नोटिस भेजे और उन्हें अगली सुनवाई तक किसी भी वर्चुअल कार्यवाही में भाग लेने सेरोके। साथ ही, रजिस्ट्री को निर्देश दिया गया है कि आगामी सुनवाई से पहले एक विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत की जाए। पिछले सप्ताह भी वायरल हुआ था विवादास्पद वीडियोगौरतलब है कि एक सप्ताह पहले भी एक और वीडियो सामने आया था जिसमें एक व्यक्ति शौचालय में बैठे-बैठे वर्चुअल कोर्ट की सुनवाई में भागलेता नजर आया था। ऐसे मामलों को देखते हुए हाई कोर्ट ने चेताया है कि यदि इस प्रकार की घटनाओं को नजरअंदाज किया गया, तो इससे न्यायिकप्रणाली की गंभीर क्षति हो सकती है। न्यायिक गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता पर जोरकोर्ट ने साफ कहा कि भास्कर तन्ना का आचरण कानून के शासन के लिए खतरा है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है, ताकि न्यायालयकी गरिमा और अनुशासन कायम रखा जा सके। अवमानना कार्यवाही की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।

मध्य प्रदेश बीजेपी को मिला नया प्रदेश अध्यक्ष, हेमंत खंडेलवाल ने पदभार संभालते ही संगठन को मजबूत करने का दिया संदेश

मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी को अपना नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। हेमंत खंडेलवाल ने पदभार संभालने के बाद कहा कि यह पद सिर्फ एकजिम्मेदारी नहीं, बल्कि संगठन की सेवा करने का सुनहरा अवसर है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वह पार्टी द्वारा जताए गए विश्वास पर पूरी निष्ठा औरमेहनत से खरा उतरने का प्रयास करेंगे। ज़मीनी स्तर तक पहुंचाएंगे पार्टी की विचारधाराखंडेलवाल ने कहा कि उनकी प्राथमिकता संगठन की रीति-नीति और विचारधारा को प्रत्येक कार्यकर्ता तक पहुंचाने की रहेगी। उन्होंने जोर देते हुए कहाकि संगठन की मजबूती के लिए हर कार्यकर्ता को जोड़ना, सुनना और साथ लेकर चलना जरूरी है। वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस दिशा में काम करेंगे। हर चुनौती का करेंगे डटकर सामनाप्रदेश अध्यक्ष ने यह भी स्वीकार किया कि भविष्य में कई चुनौतियां सामने आएंगी, लेकिन वे किसी कठिन परिस्थिति से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहाकि वे हर मुश्किल का सामना दृढ़ता और संगठनात्मक एकजुटता के साथ करेंगे। संगठन को मजबूत करना और उसकी साख को और ऊंचा उठानाउनका सतत प्रयास रहेगा। संवाद और भागीदारी से बने रणनीतिजब उनसे आगामी कार्ययोजनाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि उनका पहला दिन संवाद और मुलाकातों से शुरू हुआ है। कार्यकर्ताओंऔर पदाधिकारियों से मिलना शुरू हो चुका है और यही संवाद संगठन की भावी दिशा और कार्ययोजना की नींव बनेगा। सभी कार्यकर्ताओं से सुझाव मांगने का किया आह्वानखंडेलवाल ने संगठन के सभी कार्यकर्ताओं और आमजनों से आग्रह किया कि वे अपने विचार और सुझाव निसंकोच साझा करें। उन्होंने कहा कि संगठनको सशक्त बनाने में सभी की भागीदारी आवश्यक है और हर कार्यकर्ता की आवाज़ को गंभीरता से सुना जाएगा। विनम्रता और समर्पण से करेंगे कार्यभार का निर्वहनअपने पहले आधिकारिक संबोधन में खंडेलवाल ने सकारात्मक और संयमित दृष्टिकोण दिखाते हुए वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रति आभारप्रकट किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए वे कोई कसर नहीं छोड़ेंगे और पूरी विनम्रता व समर्पण के साथअपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।

ICMR-AIIMS स्टडी में बड़ा खुलासा, कोविड वैक्सीन और युवाओं की अचानक मौतों के बीच नहीं है कोई संबंध, स्वास्थ्य मंत्रालय ने भीकिया स्पष्ट, हार्ट अटैक और टीकाकरण के बीच नहीं मिला कोई कनेक्शन

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) द्वारा संयुक्त रूप से की गई एक विस्तृत स्टडीमें यह निष्कर्ष निकला है कि कोविड-19 वैक्सीन का युवाओं में हो रही अचानक मौतों से कोई संबंध नहीं है। स्वस्थ व्यक्तियों की मौतों पर केंद्रित रही स्टडीयह अध्ययन मई से अगस्त 2023 के बीच देश के 19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में स्थित 47 अस्पतालों में किया गया। स्टडी में उन लोगों कोशामिल किया गया जो पहले पूरी तरह स्वस्थ थे, लेकिन अक्टूबर 2021 से मार्च 2023 के बीच अचानक मृत्यु का शिकार हो गए। हार्ट अटैक और वैक्सीन के बीच नहीं मिला कोई वैज्ञानिक संबंधकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए साफ कहा है कि कोरोना टीकाकरण और हार्ट अटैक के मामलों के बीच किसी भी प्रकारका सीधा संबंध नहीं पाया गया है। मंत्रालय का कहना है कि युवाओं की अचानक मौतों के मामलों के पीछे वैक्सीन को जिम्मेदार ठहराना वैज्ञानिकदृष्टिकोण से उचित नहीं है। जीवनशैली और स्वास्थ्य स्थितियां बताई गईं प्रमुख वजहेंइस स्टडी में सामने आया है कि युवाओं में हो रही अचानक मौतों के पीछे अधिकतर मामलों में अस्वस्थ जीवनशैली, पहले से मौजूद बीमारियां औरकुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियां जिम्मेदार रही हैं। वैक्सीन को इससे जोड़ने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं मिला है। सिद्धारमैया के बयान के बाद आई स्टडी की रिपोर्टयह स्टडी उस समय सार्वजनिक की गई जब एक दिन पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कोविड-19 वैक्सीन को लेकर सवाल उठाए थे।उन्होंने कहा था कि वैक्सीन को जल्दबाजी में दी गई मंजूरी और उसका वितरण युवाओं की अचानक मौतों का कारण हो सकता है।सिद्धारमैया ने वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने की भी घोषणा की थी।

कोलकाता लॉ कॉलेज में घिनौनी वारदात, आरोपी मनोजीत मिश्रा की वापसी से छात्राओं में डर का माहौल-कॉलेज में लौटने के बाद छात्राओं की अटेंडेंस में भारी गिरावट

कोलकाता के प्रतिष्ठित लॉ कॉलेज में हाल ही में सामने आए यौन उत्पीड़न और डराने-धमकाने के मामले में मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा को लेकरचौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। छात्राओं ने बताया कि 2024 के मध्य में जब मनोजीत एक बार फिर कॉलेज में बतौर एड-हॉक स्टाफ लौटा, तो कॉलेजका माहौल ही बदल गया। छात्राओं की सुरक्षा पर उठे सवालकॉलेज की एक सीनियर छात्रा ने बताया कि जैसे ही मनोजीत कॉलेज में आया, लड़कियों की उपस्थिति तेजी से कम होने लगी। “वो हमें अजीब नजरोंसे घूरता था, चोरी-छिपे तस्वीरें खींचता और फिर ग्रुप्स में डाल देता। हर किसी को प्रपोज करता और जबरदस्ती बातचीत करने की कोशिश करता।” कई छात्राओं ने कॉलेज छोड़ने का लिया फैसलादूसरे वर्ष की एक छात्रा ने बताया कि पहले वो नियमित रूप से क्लास अटेंड करती थी, लेकिन मनोजीत के आने के बाद उसने कॉलेज जाना ही बंदकर दिया। “अब मैं सिर्फ इंटर्नशिप पर ध्यान देती हूं। कॉलेज में डर का माहौल है,” उसने कहा। पुराना छात्र, विवादों से रहा है नातामनोजीत मिश्रा ने 2012 में इस लॉ कॉलेज में दाखिला लिया था, लेकिन एक साल के भीतर ही आपराधिक गतिविधियों के चलते उसे निष्कासितकर दिया गया। 2017 में वह दोबारा कॉलेज लौटा और उस दौरान भी तोड़फोड़ और विवादों में घिरा रहा। 2022 में कॉलेज से स्नातक की डिग्रीलेकर जाने के बाद छात्र-छात्राओं ने राहत की सांस ली थी। 2023 में मिला कॉलेज पर नियंत्रण2023 में कॉलेज की छात्र यूनियन (TMCP यूनिट) के भंग होने के बाद मनोजीत को अनौपचारिक रूप से कॉलेज की गतिविधियों पर नियंत्रण मिलगया। अगले ही वर्ष 2024 में उसे एड-हॉक स्टाफ के रूप में बहाल किया गया, जिसके बाद से छात्राओं ने कॉलेज आना ही बंद कर दिया। लड़कों पर भी बनाता था दबावमनोजीत का डर सिर्फ लड़कियों तक सीमित नहीं था। कॉलेज के कुछ छात्रों ने बताया कि वह उन्हें भी धमकाता और परेशान करता था। “कोई उससेउलझना नहीं चाहता था, क्योंकि सब जानते थे कि वो क्या कर सकता है,” एक छात्र ने बताया। प्रशासन तक पहुंची शिकायतें, लेकिन मिली अनदेखीछात्राओं ने जब मनोजीत की वापसी पर विरोध जताया और प्रशासन से शिकायत की, तो उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया। “हमने प्रिंसिपलसे बात की, लेकिन किसी ने हमें गंभीरता से नहीं लिया,” एक छात्रा ने बताया। कॉलेज के डाटा पर भी था उसका कब्जाएक अन्य छात्रा ने आरोप लगाया कि मनोजीत ने कॉलेज की जानकारी, छात्रों के फोन नंबर, पते और दस्तावेजों तक का नियंत्रण अपने पास रख लियाथा। “वो फोन करके धमकाता या अपने लोगों को भेज देता। क्लास के बीच में बुलाकर डराता था,” उसने कहा।

दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता के सरकारी आवास का रेनोवेशन शुरू, PWD ने 60 लाख का टेंडर जारी किया, बंगला नंबर 1 में रहेंगी सीएम, नंबर 2 बनेगा कैंप ऑफिस

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को हाल ही में राजधानी दिल्ली के राज निवास मार्ग, सिविल लाइंस स्थित प्लॉट नंबर 8 पर दो सरकारी बंगले आवंटित किए गएहैं। इनमें से बंगला नंबर 1 को उनका आधिकारिक निवास बनाया गया है, जबकि बंगला नंबर 2 को उनके कैंप ऑफिस के रूप में उपयोग में लायाजाएगा। इलेक्ट्रिकल व इंटीरियर अपग्रेडेशन पर जोरलोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा फिलहाल बंगला नंबर 1 के लिए रेनोवेशन का टेंडर जारी किया गया है, जिसकी कुल अनुमानित लागत 60 लाखरुपये बताई गई है। यह टेंडर मुख्यतः इलेक्ट्रिकल और इंटीरियर से जुड़ी सुविधाओं के अपग्रेडेशन को लेकर है। TV, AC, CCTV और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स की खरीदीजारी टेंडर के अनुसार, मुख्यमंत्री के आवास पर 9.3 लाख रुपये की लागत से 5 आधुनिक टीवी लगाए जाएंगे। वहीं, 7.7 लाख रुपये की लागत में14 एयर कंडीशनर और 5.74 लाख रुपये में 14 सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए जाएंगे। इसके अलावा, दो लाख रुपये का UPS सिस्टम भी लगायाजाना प्रस्तावित है। रिमोट कंट्रोल फैन से लेकर डिशवॉशर तकटेंडर दस्तावेजों में बताया गया है कि बंगले में 1.8 लाख रुपये के 23 रिमोट कंट्रोल सीलिंग फैन लगाए जाएंगे। साथ ही, 85 हजार रुपये काओटीजी, 77 हजार की ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीन और 60 हजार रुपये का एक डिशवॉशर भी शामिल है।किचन और बाथरूम अपग्रेडेशन भी शामिलबंगले में 63 हजार रुपये का गैस चूल्हा, 32 हजार का माइक्रोवेव और 91 हजार रुपये की लागत से 6 गीजर लगाए जाने हैं। वहीं, रोशनी कीव्यवस्था के लिए 6.03 लाख रुपये की लागत से 115 लैंप, वॉल लाइट्स, हैंगिंग लाइट्स और तीन बड़े झूमर भी इंस्टॉल किए जाएंगे। 4 जुलाई को खुलेगा टेंडर, 60 दिन में होगा कामयह टेंडर 4 जुलाई को खोला जाएगा और कार्य को 60 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शालीमार बाग स्थितअपने निवास में रह रही हैं। सीएम का आवास टाइप-7 कैटेगरी मेंगौरतलब है कि यह आवास टाइप-7 कैटेगरी में आता है। इससे पहले दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया था कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का फ्लैगस्टाफ रोड स्थित बंगला बीजेपी सरकार के किसी मुख्यमंत्री को नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री पद संभालने के करीब 100 दिन बाद रेखा गुप्ता को नयाआवास आवंटित किया गया है। पूर्व में एलजी सचिवालय था बंगला नंबर 1जिस बंगले को अब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का आवास बनाया जा रहा है, पहले उसका उपयोग उपराज्यपाल सचिवालय के तौर पर किया जाता था।अब इसे पूरी तरह से मुख्यमंत्री निवास के रूप में पुनः विकसित किया जा रहा है।

गोरखपुर में उत्तर प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय हुआ लोकार्पित, सीएम योगी ने की नई घोषणाएं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में राज्य के पहले आयुष विश्वविद्यालय महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय — का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। यह विश्वविद्यालय 268 करोड़रुपये की लागत से तैयार किया गया है।सीएम योगी ने हर मंडल में आयुष कॉलेज खोलने की घोषणा कीइस ऐतिहासिक मौके पर बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि जिन मंडलों में अभी तक आयुषचिकित्सा पद्धति से संबंधित कोई कॉलेज नहीं है, वहां जल्द ही एक-एक महाविद्यालय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक जिले मेंएक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी बनाया जाएगा, जिसमें न्यूनतम 100 बेड की सुविधा होगी। पूर्ववर्ती सरकारों पर साधा निशाना, पीएम मोदी को दिया श्रेययोगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों की पूर्व सरकारों पर पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहलेआयुर्वेद, यूनानी, योग और होम्योपैथी जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को अंतरराष्ट्रीय पहचान नहीं मिल पाई थी। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत की प्राचीन चिकित्सा विधाएं आज वैश्विक स्तर पर सम्मान प्राप्त कर रही हैं। विश्वविद्यालय बनेगा अनुसंधान और रोजगार का केंद्रमुख्यमंत्री ने बताया कि यह नया आयुष विश्वविद्यालय परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े महाविद्यालयों को संबद्धता प्रदान करेगा। विश्वविद्यालयआयुर्वेद, योग, होम्योपैथी और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में न केवल उपचार की सुविधाएं देगा, बल्कि शोध और रोजगार के नए अवसर भी प्रदानकरेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संस्थान युवाओं के करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राष्ट्रपति और राज्यपाल को दी बधाईसीएम योगी ने राष्ट्रपति और राज्यपाल का आभार जताते हुए कहा कि गोरखपुर और पूरे प्रदेश के लिए यह अत्यंत गर्व की बात है कि राष्ट्रपति मुर्मू नेएम्स गोरखपुर के पहले दीक्षांत समारोह में भाग लिया और अब आयुष विश्वविद्यालय का उद्घाटन करके राज्यवासियों को मार्गदर्शन दे रही हैं।