कांवड़ यात्रा में अश्लील डांस पर भड़कीं अनुराधा पौडवाल, बोलीं “ये बकवास बंद करो प्लीज”

सावन का महीना शुरू होते ही कांवड़ यात्रा भी शुरू हो जाती है इन दिनों कांवड़ यात्रा जोर-शोर से चल रही है और एक-एक दिन में कई लोग कांवड़यात्रा कर रहे हैं. लेकिन इस बीच सोशल मीडिया पर कांवड़ यात्रा का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसकी काफी आलोचना की जा रही है। इसवीडियो में कांवड़ यात्रा के दौरान एक डांसर महिला डांस कर रही है. इस दौरान उसके स्टेप्स कुछ ऐसे हैं, जिनको लेकर वीडियो की आलोचना हो रहीहै. अब इस वायरल वीडियो पर मशहूर गायिका अनुराधा पौडवाल ने भी प्रतिक्रिया दी है. कई बॉलीवुड और भजन गीत गाने वाली मशहूर सिंगरअनुराधा पौडवाल ने कांवड़ यात्रा के दौरान महिला डांसर के डांस के वायरल वीडियो पर नाराजगी जताई है. अश्लीलता पर उठाए सवालसाथ ही उन्होंने धार्मिक कार्यों में इस तरह की अश्लीलता पर भी सवाल उठाया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनुराधा पौडवाल ने इस वायरलवीडियोज में से एक पर कमेंट करते हुए नाराजगी जताई है. उन्होंने लिखा, ‘ये बकवास बंद करो प्लीज. अनुराधा पौडवाल के अलावा भी इस वायरलवीडियो पर बहुत से यूजर्स ने सवाल उठाए हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये वीडियो उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का बताया जा रहा है. वीडियो में बहुत सारे कांवड़िया नजर आ रहे हैं और उनके आगे एक ट्रक चल रहा है. इसी ट्रक पर दो लड़कियां अश्लील और भद्दा डांस कर रही हैं यहवीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है और इसके सामने आते ही लोग इस पर नाराजगी जता रहे हैं। हालांकि, ये वीडियो कहां का है हम इसकीपुष्टि नहीं करते हैं. वीडियो पर किया कमेंटअनुराधा पौडवाल एक मशहूर सिंगर हैं उन्होंने 1990 के दशक में कई सुपरहिट बॉलीवुड गीत गाए हैं. इनमें ‘आशिकी’ सरीखी सुपरहिट फिल्मों के गानेभी शामिल हैं. इसके अलावा अनुराधा पौडवाल ने कई लोकप्रिय भजन गीतों को भी अपनी आवाज दी है. सिंगर अनुराधा पौडवाल ने कांवड़ यात्रा केदौरान अश्लील डांस के वायरल वीडियो पर अब नाराजगी जताई है. बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का है, जहांकांवड़ यात्रा के दौरान एक ट्रक पर दो महिलाएं अश्लील डांस करती नजर आ रही हैं. ट्रक के पीछे बड़ी संख्या में कांवड़िये मौजूद हैं, जो इस दृश्य कोदेखकर झूमते दिख रहे हैं. वीडियो के डांस स्टेप्स और प्रस्तुति को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई है और सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना होरही है. मशहूर गायिका अनुराधा पौडवाल, जिन्होंने अपने करियर में अनगिनत भक्ति गीत और बॉलीवुड हिट्स गाए हैं, ने इस वायरल वीडियो पर तीखीप्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा.
तेजस्वी यादव का तीखा हमला “बिहार सरकार रिमोट कंट्रोल से रही है चल, वोटिंग अधिकार छीनने की है पूरी साजिश”

बिहार विधानसभा सत्र के दौरान बुधवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री और सरकार पर जमकर निशाना साधा. सदन से बाहर आते हीतेजस्वी यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चर्चा का विषय तक नहीं पता था और वे बीच बहस में ही हस्तक्षेपकरने लगे. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार रिमोट कंट्रोल से चल रही है और शासन का कोई स्पष्ट दिशा नहीं है. तेजस्वी यादव ने कहा किविपक्ष के नेता को बोलने का संवैधानिक हक है, लेकिन सरकार उसे दबाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने राज्य की चुनावी तैयारियों को लेकर भीगंभीर सवाल उठाए. तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव आयोग 11 अलग-अलग दस्तावेजों की मांग कर रहा है, लेकिन आधार कार्ड को मान्यता नहीं दीजा रही. उन्होंने सवाल उठाया कि जब आधार कार्ड राष्ट्रीय पहचान पत्र के रूप में सरकार खुद मानती है. बिहार बना पिछड़ा राज्यतो चुनाव आयोग इसे क्यों नहीं स्वीकार रहा?तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार दस्तावेजीकरण के मामले में सबसे पिछड़ा राज्य बन गया है. उन्होंनेकहा कि सरकार को निष्पक्ष चुनाव कराने की दिशा में काम करना चाहिए, लेकिन यह उलझाव और भटकाव की स्थिति पैदा की जा रही है. तेजस्वीयादव ने कहा कि सरकार और प्रशासन बार-बार फर्जी वोटर की बात कर रही है लेकिन यह पूरी तरह गलत है उन्होंने कहा कि इस बहाने आम जनताको मतदाता सूची से हटाने या नामांकन प्रक्रिया को जटिल बनाने की कोशिश की जा रही है. तेजस्वी यादव ने कहा कि हम लोगों का किसी भी हालमें मत का अधिकार छिनने नहीं देंगे. इस साजिश को हम लोग हर हाल में विफल करके रहेंगे. विपक्ष संविधान की हत्या होने नहीं देगा किसी का वोटकटने नहीं देंगे। किसी भी हाल में हम लोग चुनाव आयोग की मनमानी चलने नहीं देंगे. भाजपा सरकार के इशारे पर चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचीपुनरीक्षण की आड़ में मतदान के अधिकार एवं लोकतंत्र पर किए जा रहे हमले के खिलाफ बिहार में हम लोगों का प्रदर्शन जारी रहेगा. लोकतंत्र के काले अध्याय की चर्चावहीं वाम दल के विधायक महबूब आलम ने कहा कि सीमांचल के इलाकों में लाखों ऐसे लोग हैं जिनके कागजात बाढ़ में बह गए. उनके पास कोई भीकागजात नहीं है. ऐसे में वह कहां से अपने कागजात लाएं. यह दूसरे तरह की NRC है. इसके कारण आने वाले दिनों में हमें सिर्फ वोट देने केअधिकार से ही नहीं बल्कि नागरिकता से भी वंचित कर दिया जाएगा. यह लोकतंत्र का काला अध्याय है. इसीलिए हम लोग चाहते हैं कि मतदातापुनरीक्षण कार्य पर विधानसभा में चर्चा होनी चाहिए. अगर चर्चा नहीं होगी तो हम लोगों का आंदोलन जारी रहेगा. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव नेआरोप लगाया कि बिहार दस्तावेजीकरण के मामले में सबसे पिछड़ा राज्य बन गया है. उन्होंने कहा कि सरकार को निष्पक्ष चुनाव कराने की दिशा मेंकाम करना चाहिए लेकिन यह उलझाव और भटकाव की स्थिति पैदा की जा रही है.
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस की शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने की तारीफ, भाजपा ने जताई खुशी

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस की एनसीपी नेता शरद पवार और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने तारीफ की. इसे लेकर भाजपा नेताओं खुशी जाहिर कीहै भाजपा नेताओं ने कहा कि यह महाराष्ट्र की संस्कृति का हिस्सा है. पवार और ठाकरे ने सीएम फडणवीस के जन्मदिन पर जारी की गई काफी टेबलबुक में उनकी तारीफ की थी. महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि किसी व्यक्ति के जन्मदिन पर उसके अच्छे काम और उपलब्धियों कीसराहना करना महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है. मेरा मानना है कि उद्धव ने देवेंद्र फडणवीस के काम, उनके विजन और खासकर 2029 तकविकसित महाराष्ट्र के लिए उनके द्वारा रखे गए लक्ष्य की सराहना की है. इस विजन को वाकई महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला है। उद्धव ठाकरे द्वारा की गईप्रशंसा न केवल इस राज्य की राजनीति के लिए, बल्कि सभी राजनीतिक दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. जन्मदिन की बधाई या प्रशंसा कोईराजनीतिक घटना नहीं है यह प्रोत्साहन का एक रूप है. टेबल बुक का किया विमोचनवहीं भाजपा विधायक राम कदम ने कहा कि शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने सीएम के बारे में जो भी कहा है वो बिल्कुल सही है. सीएम एक मेहनतीकार्यकर्ता की तरह रात के तीन बजे तक हर व्यक्ति से मिलते हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करने की कोशिश करते हैं. हमें ये समझने कीजरूरत है कि हमारी राजनीतिक पार्टियां अलग हैं. हमारी लड़ाई विचारों की है, व्यक्तिगत दुश्मनी की नहीं इससे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नेअपने जन्मदिन पर जारी कॉफी टेबल बुक में उनकी प्रशंसा करने के लिए एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को धन्यवाददिया था. उन्होंने कहा कि वे उनके वैचारिक विरोधी हैं दुश्मन नहीं राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने राजभवन में फडणवीस पर महाराष्ट्र नायक नामककॉफी टेबल बुक का विमोचन किया था. भविष्य के लिए दी शुभकामनाएंपुस्तक में शरद पवार ने लिखा है कि जब वह फडणवीस को देखते हैं तो उन्हें वह समय याद आता है जब वह स्वयं 1978 में पहली बार महाराष्ट्र केमुख्यमंत्री बने थे. फडणवीस जानकार हैं और राज्य प्रशासन पर उनकी मजबूत पकड़ है. वहीं उद्धव ठाकरे ने पुस्तक में अपने लेख में फडणवीस को एकअध्ययनशील और वफादार राजनेता बताया है. पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा है कि फडणवीस के पास राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका पाने का मौका है औरउन्होंने भविष्य के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं. राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने राजभवन में सीएम देवेंद्र फडणवीस पर महाराष्ट्र नायक नामक कॉफी टेबलबुक का विमोचन किया था. इस पुस्तक में उद्धव ठाकरे और शरद पवार ने सीएम फडणवीस की तारीफ की है.”किसी व्यक्ति के जन्मदिन पर उसकीउपलब्धियों की सराहना करना महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है. उद्धव ठाकरे ने फडणवीस के काम, विजन और 2029 तक महाराष्ट्र कोविकसित करने के उनके लक्ष्य की सराहना की है. यह न केवल राज्य की राजनीति के लिए बल्कि सभी राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण प्रोत्साहनहै.
मस्जिद बैठक विवाद अखिलेश यादव बोले ‘आस्था जोड़ती है’, भाजपा बोली ‘नमाजवादी’ “संविधान का उल्लंघन”

समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव के दिल्ली में संसद भवन के पास स्थित मस्जिद में कथित तौर पर बैठक करने पर भाजपा नेसवाल उठाए हैं. भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही कहा कि अखिलेश ने मस्जिद को सपा का दफ्तर बना दिया, जिसपरअब समाजवादी पार्टी के मुखिया ने जवाब दिया है. अखिलेश यादव के जवाब पर यूपी की डिप्टी सीएम ने पलटवार किया है. दिल्ली में संसद मार्गस्थित एक मस्जिद के अंदर कथित तौर पर हुई बैठक पर अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि आस्था जोड़ती है और जो आस्था जोड़ने का कामकरती है हम उसके साथ हैं भाजपा को यही तकलीफ है कि कोई जुड़े नहीं भाजपा लोगों में दूरियां देखना चाहती है. भाजपा का हथियार है धर्मभाजपा चाहती है कि लोग एकजुट न होकर बंटे रहें हमारी सभी धर्मों में आस्था है भाजपा को तकलीफ है तो हम क्या करें भाजपा को आप सब जानतेहैं, भाजपा का हथियार ही धर्म है वहीं, अखिलेश यादव द्वारा कथित तौर पर मस्जिद के अंदर बैठक करने पर समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय नेकहा कि “क्या अब हमें मंदिर और मस्जिद जाने के लिए भाजपा से लाइसेंस लेना होगा? आपको बता दें कि बीते दिन सपा के राष्ट्रीय अध्यक्षअखिलेश यादव संसद भवन के पास वाली मस्जिद में सपा सांसदों के साथ बैठे थे. जैसे ही उनकी फोटो सामने आई, इस पर भाजपा ने मुद्दा बनानाशुरू कर दिया. भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने तस्वीर शेयर करते हुए आरोप लगाया कि अखिलेश ने इस मस्जिद को समाजवादी पार्टी कार्यालय बनादिया है भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने कड़ी आपत्ति जाहिर की. संविधान का करते है उल्लंघनसपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा कथित तौर पर एक बैठक के लिए मस्जिद का इस्तेमाल करने पर यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सपा केराष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जोरदार हमला किया. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रमुख और समाजवादी पार्टी हमेशा संविधान का उल्लंघनकरते हैं. भारतीय संविधान कहता है कि हम राजनीतिक उद्देश्यों के लिए धार्मिक स्थलों का उपयोग नहीं कर सकते. उन्हें संविधान में विश्वास नहीं है।पाठक ने अखिलेश यादव को ‘समाजवादी’ न कहकर ‘नमाजवादी’ कहा पाठक ने कहा कि वो हमेशा नमाजवादी बने रहते हैं. उत्तर प्रदेश केउपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव की सत्ता में वापसी की कोई संभावना नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर सपा सत्ता में आतीहै, तो राज्य में दंगे और हत्याएं बढ़ जाएंगी. सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा कथित तौर पर एक बैठक के लिए मस्जिद का इस्तेमाल करने पर यूपीके डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पलटवार किया है. पाठक ने अखिलेश यादव को ‘समाजवादी’ न कहकर ‘नमाजवादी’ कहा पाठक ने कहा कि वोहमेशा नमाजवादी बने रहते हैं.
राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला “ट्रंप 25 बार बोले संघर्ष विराम कराया, मोदी अब तक मौन – दाल में कुछ है काला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम कराने के दावे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमलाबोला है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि ट्रंप ने 25वीं बार यह बयान दिया। पीएम मोदी इस पर मौन हैं. इससे लगता है दाल में कुछ काला हैलोकसभा में विपक्ष के नेता ने सवाल किया कि ट्रंप युद्ध विराम कराने वाले कौन होते हैं? प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर एक बार भी जवाब नहीं दिया है. प्रधानमंत्री कैसे बयान दे सकते हैं? वह क्या कहेंगे, ट्रंप ने संघर्ष विराम करवाया, वह ऐसा नहीं कह सकते. लेकिन यह सच्चाई है ट्रंप ने संघर्ष विरामकरवाया, पूरी दुनिया जानती है। यह वास्तविकता है. संसद भवन परिसर में राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ संघर्ष विराम का मामला नहीं है कई बड़ीसमस्याएं हैं जिन पर हम चर्चा करना चाहते हैं. रक्षा, रक्षा उद्योग, ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी समस्याएं हैं. स्थिति अच्छी नहीं है और पूरी दुनिया जानती है।जो लोग खुद को देशभक्त कहते हैं. प्रधानमंत्री मोदी नहीं दे रहे एक भी बयानवे भाग गए हैं प्रधानमंत्री एक बयान भी नहीं दे पा रहे हैं.उन्होंने कहा कि ट्रंप 25 बार कह चुके हैं कि मैंने संघर्ष विराम करवाया. संघर्ष विराम करवानेवाले ट्रंप कौन होते हैं? यह उनका काम नहीं है. लेकिन प्रधानमंत्री ने एक बार भी जवाब नहीं दिया यह सच्चाई है, वह इसे छिपा नहीं सकते सरकार नेप्रधानमंत्री मोदी के विदेश से लौटने पर ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करने की बात स्वीकार कर ली है. राहुल गांधी ने कहा कि एक तरफ सरकार कहती हैकि ऑपरेशन सिंदूर जारी है और दूसरी तरफ कहा जाता है कि जीत हासिल हो गई है। या तो जीत हासिल हो गई है या ऑपरेशन सिंदूर जारी है. ट्रंपकह रहे हैं कि मैंने ऑपरेशन सिंदूर रोक दिया, वह यह 25 बार कह चुके हैं. इसलिए कुछ न कुछ तो दाल में काला है भारत की विदेश नीति को लेकरकांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार ने हमारी विदेश नीति को नष्ट कर दिया है। किसी ने हमारा समर्थन नहीं किया. मोदी सरकार पर साधा निशानाइससे पहले ट्रंप के दावे के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर मोदी सरकार को घेरा है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा कि एक ओर मोदीसरकार संसद में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर बहस की निश्चित तारीखें देने से इनकार कर रही है और प्रधानमंत्री के जवाबदेने को लेकर भी कोई आश्वासन नहीं दे रही है. वहीं दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे पर अपने दावों के साथ सिल्वर जुबली तक पहुंच चुके हैं. पिछले73 दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप इस विषय पर 25 बार ढिंढोरा पीट चुके हैं लेकिन भारत के प्रधानमंत्री अब तक पूरी तरह मौन हैं। उन्हें केवल विदेश यात्राओंऔर देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को अस्थिर करने के लिए ही समय मिल रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को एक बार फिर कहा किउन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराया। इसे लेकर कांग्रेस ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं. राहुल ने यह भी कहा किऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी सरकार भ्रम फैला रही है एक ओर ऑपरेशन जारी बताती है, दूसरी ओर जीत का दावा करती है.कांग्रेस नेता जयराम रमेशने भी मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “ट्रंप संघर्षविराम का ढोल पीट चुके हैं 25 बार, पर पीएम मोदी पूरी तरह चुप हैं.
महाराष्ट्र में भाषा विवाद पर राज्यपाल की चेतावनी “नफरत से निवेश भागेगा, आदित्य ठाकरे बोले “राज्य में कोई भाषाई द्वेष नहीं”

महाराष्ट्र में छिड़े भाषा विवाद पर राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा कि भाषाई नफरत से राज्य को नुकसान होगा साथ हीउद्योग और निवेश पर भी असर पड़ेगा. इससे दूर रहने की जरूरत है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर एक कॉफी टेबल बुक के विमोचन के अवसर परराधाकृष्णन ने पूछा कि यदि आप आएं और मुझे पीटें, तो क्या मैं तुरंत मराठी में बात कर सकता हूं? अगर इस तरह की नफरत फैलाई गई तो राज्य मेंकोई उद्योग और निवेश नहीं आएगा. लंबे समय में हम राज्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं. राज्यपाल ने कहा कि जब वह तमिलनाडु में सांसद थे तो उन्होंनेएक समूह को दूसरे समूह की पिटाई करते देखा क्योंकि वे तमिल में बात नहीं कर रहे थे. मैं हिंदी नहीं समझ पाता और यह मेरे लिए एक बाधा है. हमेंअधिक से अधिक भाषाएं सीखनी चाहिए और हमें अपनी मातृभाषा पर गर्व भी होना चाहिए. राज ठाकरे की आलोचना कीराज्यपाल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिवसेना विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा कि राज्य में कोई भाषाई द्वेष नहीं है और राजनीतिकटिप्पणी करने की कोई जरूरत नहीं है. अप्रैल में महाराष्ट्र सरकार ने आदेश दिया था कि पहली से पांचवीं कक्षा तक हिंदी पढ़ाना अनिवार्य होगा. राज्यसरकार के इस फैसले के बाद प्र-मराठी संगठनों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया. साथ ही सरकार पर इस नीति के तहत जबरदस्ती हिंदी थोपनेका आरोप लगाया. हालांकि बाद में सरकार ने आदेश में बदलाव करते हुए कहा कि हिंदी तीसरी भाषा होगी, लेकिन छात्र तभी दूसरी भाषा चुन सकतेहैं जब 20 से ज्यादा बच्चे एक साथ आवेदन दें, जो शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, असंभव है. इसके बाद मुंबई में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) केकार्यकर्ताओं ने गैर-मराठी लोगों पर हमले किए. मुंबई में एक दुकानदार को मारा, क्योंकि उसने मराठी नहीं बोली और राज ठाकरे की आलोचना की. तमिल ने बोलने पर पिटाईइसी तरह का एक मामला पुणे में भी हुआ, जहां एक व्यक्ति को पीटा गया. राज्यपाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि तमिलनाडु में सांसदरहते हुए उन्होंने देखा कि एक समूह ने दूसरे की तमिल न बोलने पर पिटाई की थी. उन्होंने कहा, “मैं हिंदी नहीं समझ पाता, यह मेरी कमी है। हमेंअधिक भाषाएं सीखनी चाहिए और अपनी मातृभाषा पर गर्व करना चाहिए. बाद में सरकार ने कहा कि हिंदी तीसरी भाषा होगी. पर दूसरी भाषा चुननेके लिए 20 छात्रों का समूह जरूरी बताया गया, जिसे विशेषज्ञों ने व्यावहारिक रूप से असंभव बताया। राज्यपाल की टिप्पणी इस ओर इशारा करतीहै कि भाषा विवाद केवल सांस्कृतिक या पहचान का मुद्दा नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और सामाजिक सौहार्द से भी जुड़ा है. वहीं विपक्ष का मानना हैकि इस पूरे विवाद को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है.
बांग्लादेश ने पाकिस्तान को हराकर टी20 सीरीज पर कब्जा किया, मेहमान टीम का शर्मनाक रिकॉर्ड-15 रन पर गंवाए 5 विकेट

मेजबान बांग्लादेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मंगलवार को पाकिस्तान को ढाका के शेरे बांग्ला स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी20 में आठ रन से हरादिया. इस जीत के साथ बांग्लादेश की टीम ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली. पहला टी20 मेजबानों ने सात विकेट सेअपने नाम किया था। अब तीसरा टी20 24 जुलाई को ढाका में ही खेला जाएगा. दूसरे टी20 में पाकिस्तान की टीम 134 रन के लक्ष्य का पीछाकरते हुए 19.2 ओवर में 125 रन पर सिमट गई। इसी के साथ पाकिस्तान ने एक शर्मनाक रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। टीम ने 15 रन पर पांचविकेट गंवा दिए थे जो कि पांच विकेट गंवाने के बाद टी20 में उनका सबसे न्यूनतम स्कोर है. पाकिस्तान की टीम पहुंची 125 तक के स्कोर पहुंचीपावरप्ले यानी शुरुआती छह ओवर खत्म होने के बाद पाकिस्तान ने पांच विकेट गंवाकर 16 रन बनाए थे. टीम ने पांचवें ओवर तक ही 15 रन परफखर जमां (8 रन), सैम अयूब (1 रन), मोहम्मद हारिस (0), हसन नवाज (0) और मोहम्मद नवाज (0) के विकेट गंवा दिए थे. पांच विकेट गंवाने केबाद पाकिस्तान का इससे पहले न्यूनतम स्कोर 16 रन का था, जो उन्होंने 2024 में ब्रिस्बेन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाए थे। अब पाकिस्तान कीटीम एक स्तर और नीचे गिर गई. कप्तान सलमान अली आगा ने 23 गेंद में नौ रन, खुशदिल शाह ने 13 रन की पारी खेली। हालांकि, पुछल्लेबल्लेबाजों के रन की वजह से पाकिस्तान की टीम 125 के स्कोर तक पहुंच पाई. मोहम्मद को मिला एक विकेटफहीम ने 32 गेंद में चार चौके और चार छक्के की मदद से 51 रन की पारी खेली .वहीं, अब्बास अफरीदी ने 19 रन और अहमद दानियाल ने 17 रनकी पारी खेली. सलमान मिर्जा नाबाद रहे. बांग्लादेश की ओर से शोरिफुल इस्लाम ने तीन विकेट लिए, जबकि मेहदी हसन और तंजीम हसन साकिबको दो-दो विकेट मिले. मुस्तफिजुर रहमान और रिशाद हुसैन को एक-एक विकेट मिला. इससे पहले पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने टॉसजीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. बांग्लादेश ने 20 ओवर में 133 रन पर सारे विकेट गंवा दिए. बांग्लादेश के लिए मोहम्मद नईम ने तीनरन, परवेज हुसैन इमोन ने 13 रन और कप्तान लिटन दास ने आठ रन की पारी खेली. तौहिद हृदोय खाता नहीं खोल सके. इसके बाद जाकिर अली नेमेहदी हसन के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 53 रन की साझेदारी निभाई. मेहदी 25 गेंद में दो चौके और दो छक्के की मदद से 33 रन बनाकरआउट हुए। वहीं, जाकिर अली ने 48 गेंद में एक चौका और पांच छक्कों की मदद से 55 रन बनाए. शमीम हुसैन एक रन, तंजीम हसन साकिब सातरन, शोरिफुल इस्लाम एक रन और रिशाद हुसैन आठ रन बनाकर आउट हुए. पाकिस्तान की ओर से सलमान मिर्जा, अहमद दानियाल और अब्बासअफरीदी को दो-दो विकेट मिले फहीम अशरफ और मोहम्मद नवाज को एक-एक विकेट मिला.
अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल ने रचा धर्मांतरण का जाल, सैकड़ों को बनाया निशाना “30 साल बाद सामने आई साजिश” जानें क्या है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में पुलिस ने बड़े धर्मांतरण सिंडिकेट का बड़ा पर्दाफास किया है.दरअसल बताया जा रहा है कि इस गैंग में अब तक सैंकडोंलोगों का धर्मांतरण करवा चुका है इस गैंग का मुख्य सरगना अब्दुल रहमान कुरैशी समेत करीब दर्जन भर आरोपियों को गिरफ्तार किया गयाहै.दरअसल जांच पड़ताल के दौरान पता चला कि इस गैंग ने सैंकड़ों लोगों का धर्मांतरण करवाया है.इसके तार सिर्फ आगरा या सिर्फ उत्तर प्रदेश तकही नहीं बल्कि कई राज्यों तक फैले हुए है.जब पुलिस प्रशासन को पता चला तो अब्दुल रहमान जो खुद ही एक कन्वर्टेड मुस्लिम है. दरअसलधर्मांतरण गैंग का सरगना अब्दुल रहमान कुरैशी पहले हिंदू धर्म के बखूबी के साथ फॅालो करता था वह मूल रुप से फिरोजाबाद का निवासी बताया जारहा है.इससे पहले वह महेंद्र पाल उर्फ पप्पू के नाम से जाना जाता था. लेकिन इससे पहले भी ये धर्मांतरण कर चुका है इससे पहले ये 1990 में ईसाईबन गया था.इसके कुछ साल पहले भी इस्लाम स्वीकार कर लिया था. खेल में हुआ था बखूबी के साथ शामिलदरअसल फिर भी इसने धर्मांतरण के काले खेल में बखूबी के साथ शामिल हो गया था. लेकिन इसके बाद बताया ये भी जा रहा है कि अब्दुल रहमानकी पत्नी और दोनों बेटों की पत्नियां भी कन्वर्टेड मुस्लिम है दरअसल ये भी पहले हिंदू ही थी. आपकों बता दें कि बीते दिनों अब्दुल रहमान उर्म महेंद्रको दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था अब्दुल रहमान के धर्मांतरण से जुड़े लोग रहमान चाचा ने बताया कि वह एक यूट्यूब चैनल को चलाता था औरअपने पॅाडकास्ट से जरिए इस्लामी कट्टरपंथ और हिंदू के खिलाफ नफरत भरा प्रोपेगेंडा फैलाता था इसके साथ ही यह हिंदु लड़कियों को इस्लाम मेंकन्वर्ट भी करता था इसके लिए ये अपनी गैंग के लोगों को ट्रेनिंग देता था .उसके लोगों गैंग के लोगों द्धारा सोशल मीडिया के जरिए हिंदू धार्मिकप्रतीकों का अपमान भी किया जाता था और उनका सोशण कर बुदपरस्त बताकर मानसिक रुप से कमजोर किया जाता था. पिता ने बताया मुंबई में करता है बेटा नौकरीदरअसल आपको बता दें कि अब्दुल रहमान फिरोजाबाद के थाना रजावली गांव रामगढ़ का रहने वाला बताया जा रहा है इसके अलावा ये भी बतायाजा रहा है कि ये लगभग 30 वर्ष पहले गांव से गायब हो गया था दरअसल प्रेमपाल के पिता गांव वालों के पूछे जाने पर बताते है कि बेटा मुंबई मेंनौकरी करता है .दरअसल गांव के लोगों ने बताया कि महेंद्र गांव से जाने के बाद सिर्फ एक बार ही गांव वापस आया.उसने अपने हिस्से की गांव मेंजगह जमीन सब बेच दी है. गांव वालों ने अब्दुल रहमान व उसके परिवार की जानकारी दी उसमें उन्होनें बताया कि पुलिस एक बार किसी शख्स कोएक बार गांव में मुंह बांध कर तो लेकर आई थी लेकिन बता नहीं चला कि इसमें कौन है दरअसल उसके अन्दर महेंद्र ही था.
उपराष्ट्रपति के इस्तीफे के पीछे गहरी राजनीतिक साजिश? कांग्रेस ने उठाए सवाल स्वास्थ्य नहीं, “सत्ता का दबाव है वजह’

कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया कि जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के पीछे कहीं ज्यादा गंभीर कारण हैं. यह उनकी ओर सेबताए गए स्वास्थ्य कारणों से कहीं अधिक गंभीर हो सकते हैं. पार्टी ने कहा कि उनका इस्तीफा उनके बारे में तो अच्छी बातें कहता है. लेकिन उन लोगोंको पर्दाफाश भी करता है जिन्होंने उन्हें इस पद के लिए चुना. कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर हिंदी में लिखा, ‘कलदोपहर 12:30 बजे जगदीप धनखड़ ने राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति (BAC) की अध्यक्षता की. इस बैठक में सदन के नेता जेपी नड्डा औरसंसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समेत ज्यादातर सदस्य मौजूद थे. थोड़ी देर की चर्चा के बाद तय हुआ कि समिति की अगली बैठक शाम 4:30 बजेफिर से होगी. शाम 4:30 बजे धनखड़ की अध्यक्षता में समिति के सदस्य दोबारा बैठक के लिए इकट्ठा हुए. अपने पद से दिया इस्तीफासभी नड्डा और रिजिजू का इंतजार करते रहे, लेकिन वे नहीं आए.उन्होंने आगे लिखा’सबसे हैरानी की बात यह थी कि धनखड़ को व्यक्तिगत रूप से यहनहीं बताया गया कि दोनों मंत्री बैठक में नहीं आएंगे। स्वाभाविक रूप से उन्हें इस बात का बुरा लगा और उन्होंने BAC की अगली बैठक आज दोपहर1 बजे के लिए टाल दी. जयराम ने लिखा’इससे साफ है कि कल दोपहर 1 बजे से लेकर शाम 4:30 बजे के बीच जरूर कुछ गंभीर बात हुई है. जिसकी वजह से जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू ने जानबूझकर शाम की बैठक में हिस्सा नहीं लिया. अब एक बेहद चौंकाने वाला कदम उठाते हुएजगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने इसकी वजह अपनी सेहत को बताया है हमें इसका मान रखना चाहिए. लेकिन सच्चाई यहभी है कि इसके पीछे कुछ और गहरे कारण हैं. उन्होंने आगे कहा कि धनखड़ ने हमेशा 2014 के बाद के भारत की तारीफ की, लेकिन साथ ही किसानोंके हितों के लिए खुलकर आवाज उठाई. उन्होंने सार्वजनिक जीवन में बढ़ते अहंकार की आलोचना की और न्यायपालिका की जवाबदेही व संयम कीजरूरत पर जोर दिया. मौजूदा ‘G2’ सरकार के दौर में भी उन्होंने जहां तक संभव हो सका विपक्ष को जगह देने की कोशिश की. प्रक्रियाओं और मर्यादाओं थे पक्केअंत में जयराम रमेश ने कहा कि वह नियमों, प्रक्रियाओं और मर्यादाओं के पक्के थे. उन्हें लगता था कि उनकी भूमिका में लगातार इन बातों कीअनदेखी हो रही है. जगदीप धनखड़ का इस्तीफा उनके बारे में बहुत कुछ कहता है. साथ ही यह उन लोगों की नीयत पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है. जिन्होंने उन्हें उपराष्ट्रपति पद तक पहुंचाया था. भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार देर शाम अपने पद से इस्तीफे का एलान कर दिया. उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजी गई चिट्ठी में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कहा कि अपनी देखभाल को प्राथमिकता देने के लिए वे भारत केउपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहे हैं.जयराम रमेश ने कहा कि दोपहर 1 बजे से शाम 4:30 बजे के बीच जरूर कुछ ऐसा हुआ जो इनदोनों मंत्रियों के रवैये का कारण बना. उन्होंने 2014 के बाद के भारत की प्रशंसा की, पर साथ ही किसानों के हितों, न्यायपालिका की जवाबदेही, औरसरकारी अहंकार के खिलाफ भी आवाज उठाई.
दाखिल-खारिज में देरी पर DM और कमिश्नर होंगे जिम्मेदार, हाईकोर्ट की फटकार के बाद शासन सख्त

जमीनों के दाखिल खारिज में देरी होने पर अब डीएम और कमिश्नर भी जिम्मेदार होंगे. राजस्व संहिता में दी गई व्यवस्था के आधार पर गैर विवादितमामलों में 45 दिन नामांतरण करना होगा. विवादित मामलों में 90 दिनों में फैसला देना होगा. दाखिल खारिज मामले में देरी होने पर हाईकोर्ट ने सख्तनाराजगी जताई है इस पर प्रमुख सचिव राजस्व पी गुरुप्रसाद ने शासनादेश जारी करते हुए मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश भेजे हैं. इसमेंकहा गया है कि राजस्व संहिता-2006 की धारा 34/35 के तहत अंतरण मामलों में अविवादित नामांतरण का वाद 45 दिनों और विवादित होने पर90 दिनों में निस्तारित किया जाएगा. शासन द्वारा इस संबंध में समय-समय पर शासनादेश भी जारी किया जाता रहा है शासन की जानकारी में आया हैकि कई जिलों में इसका पालन नहीं किया जा रहा है. हाईकोर्ट ने जताई नाराजगीनामांतरण वादों का समय से निस्तारण नहीं किया जा रहा है इसके चलते हाईकोर्ट में रिट याचिकाएं दाखिल हो रही हैं. हाईकोर्ट ने इस पर नाराजगीजताई है. इसलिए धारा-34 के तहत प्राप्त, लेकिन पंजीकरण के लिए लटके मामलों का आरसीसीएमएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरणकराया जाएगा.जानबूझकर प्रार्थना पत्रों को लटकाए रखने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. नामांतरण वादों के समय व गुणवत्तापूर्णनिस्तारण तय समय के अंतर्गत निस्तारण किया जाएगा. दाखिल खारिज संबंधित गैर विवादित मामलों में 45 दिनों से अधिक का समय न लगायाजाए. हाईकोर्ट की ओर से वादों को निस्तारण करने संबंधी दिए गए आदेशों वाले मामलों की सुनवाई तिथि नियत कर प्रतिदिन सुनी जाएगी।मंडलायुक्त और जिलाधिकारी अपने स्तर से कार्ययोजना बनाकर नामांतरण के लिए लंबित मामलों को देखेंगे. वादों के समय से निस्तारित कराने केलिए समीक्षा की जाएगी. मंडलायुक्त व जिलाधिकारी तहसीलों के अधीनस्थ पीठासीन अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश देंगे. इस निर्देश कीअवहेलना करने वाले पीठासीन अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने संबंधी प्रस्ताव शासन के साथ राजस्व परिषद को उपलब्ध कराया जाएगा. राजस्व परिषद को जाएगा भेजाजब जमीन की बिक्री या दान के चलते स्वामित्व परिवर्तित होता है तो राजस्व रिकॉर्ड में नाम परिवर्तन किया जाता है. इस प्रक्रिया को दाखिल खारिजकिए जाना कहा जाता है. दरअसल इसमें राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण होता है उत्तराधिकार के नियमों के तहत भी यह नामांतरण होता है जमीनों कीरजिस्ट्री के बाद विवाद न होने की दशा में उस जमीन का दाखिला खारिज 45 दिनों के अंदर करना होगा. विवादित मामलों में 60 दिन में फैसलाकरना होता है. समय-सीमा उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, और पीठासीन अधिकारियों के खिलाफ प्रस्ताव शासन के साथ राजस्व परिषद कोभेजा जाएगा.लंबित दाखिल‑खारिज कारण हाईकोर्ट में रिट याचिकाओं का सिलसिला शुरू हो गया है जिस पर अदालत सख़्त नाराज़गी जता रहीहै.प्रमुख सचिव राजस्व पी. गुरुप्रसाद ने इस मुद्दे पर सरकार की चिंता जाहिर करते हुए, मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को शासनादेश जारी कियाहै.