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भारत–इस्राइल ने रक्षा सहयोग के लिए स्थापित किया संस्थागत ढांचा, आतंकवाद पर साझा संदेश

भारत और इस्राइल ने अपने रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक अहम कदम उठाया है. इसके तहत भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंहऔर इस्राइल के रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक मेजर जनरल (रिटायर्ड) अमीर बराम के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों ने एक संस्थागत ढांचातैयार करने पर सहमति जताई है जो भविष्य में रक्षा सहयोग को और गहराएगा. भारत और इस्राइल ने अपने रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के लिएअहम कदम उठाया है. इसके तहत दोनों देशों ने बुधवार को अपने रक्षा संबंधों को और गहरा करने के लिए एक संस्थागत ढांचा विकसित करने परसहमति जताई है. यह फैसला नई दिल्ली में दोनों देशों के शीर्ष रक्षा अधिकारियों की बैठक के दौरान लिया गया. भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमारसिंह और इस्राइल रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक मेजर जनरल (रिटायर्ड) अमीर बराम के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई. इस दौरान दोनों पक्षों ने रक्षासहयोग को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से मजबूत करने पर जोर दिया. बंधको की रिहाई की मांगमामले में जानकारी देते हुए भारतीय रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों देशों ने रक्षा संबंधों को और गहरा करने के लिए एक संस्थागत ढांचातैयार करने पर सहमति जताई है. बैठक के दौरान दोनों देशों ने आतंकवाद के मुद्दे पर साझा संदेश दिया. मामले में इस्राइली अधिकारी ने 22 अप्रैलको पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की और भारत के आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष को अपना पूरा समर्थन देने की बात कही वहीं भारत कीओर से रक्षा सचिव ने सात अक्तूबर 2023 को इस्राइल में हुए आतंकी हमलों की निंदा की और सभी बंधकों की रिहाई की मांग की. उन्होंने भारत कीआतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया. बता दें कि दोनों देशों ने जुलाई 2024 में भारत में हुई पिछली संयुक्त कार्य समूह की बैठक केबाद हुए रक्षा सहयोग की समीक्षा भी की। इस दौरे को भारत और इस्राइल रक्षा रिश्तों के लिए एक अहम कदम बताया गया है. बयान में कहा गयाकि यह यात्रा दोनों देशों के रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसके साथ ही भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ(सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने भी इस्राइल के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की.रणनीतिक चुनौतियों पर चर्चामामले में हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (एचक्यू आईडीएस) ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि इस बैठक में वैश्विक औरक्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों, एडवांस टेक्नोलॉजी, आतंकवाद विरोधी प्रयासों और रणनीतिक योजना जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. एचक्यू आईडीएस ने येभी कहा कि यह बातचीत दोनों देशों के सैन्य संबंधों को मजबूत करने और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी बनाने की साझा इच्छा को दर्शाती है. गौरतलब है कि यह मुलाकात भारत और इस्राइल के बीच रक्षा सहयोग को और नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससेआने वाले समय में तकनीकी साझेदारी और सुरक्षा सहयोग और सशक्त होंगे. दोनों पक्षों ने जुलाई 2024 में भारत में हुई संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) की बैठक से अब तक हुए रक्षा सहयोग की प्रगति का भी आकलन किया. इस बैठक को भारत–इस्राइल रक्षा संबंधों के लिएएक “पिवोटल स्टेप” (pivotal step) बताया गया. जो दोनों देशों की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहानने भी प्रतिनिधिमंडल के साथ आब्जरवेशन की और वैश्विक एवं रणनीतिक चुनौतियों पर चर्चा की गई.

धनखड़ के इस्तीफे पर गहलोत की टिप्पणी को भाजपा ने बताया “गैर-जिम्मेदाराना”, राठौड़ बोले राजनीति नहीं स्वास्थ्य को दें प्राथमिकता

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद सियासत गरमा गई है। इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान को लेकर भाजपाप्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने तीखा जवाब दिया है.राठौड़ ने कहा “गहलोत साहब न तो डॉक्टर हैं और न ही धनखड़ जी के निजी डॉक्टर जब कोई व्यक्ति स्वयं अपने स्वास्थ्य कारणों से पद से इस्तीफादेता है. तो उस पर अविश्वास जताना या राजनीति करना निंदनीय है. गहलोत जी को ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए उन्होंने आगे कहा, “पहला सुखनिरोगी काया जब व्यक्ति बीमार होता है तो राजनीति जरूरी नहीं होती. स्वस्थ होंगे तो फिर से राजनीति कर सकते हैं। खुद गहलोत कुछ समय पहलेबीमार पड़े थे. अस्पताल में भर्ती रहे भाषण के दौरान मंच पर बैठना पड़ा था. ऐसे में उन्हें दूसरों के स्वास्थ्य पर टिप्पणी से बचना चाहिए. सेवाभावी और व्यक्ति है मेहनतीजातीय समीकरणों को लेकर पूछे गए सवाल पर राठौड़ ने दो टूक कहा “हम भाजपा में जातिवादी राजनीति नहीं करते हम सर्वसमाज का विकास चाहतेहैं. जो भी मेहनती और सेवाभावी व्यक्ति हैं. उसे सेवा का अवसर दिया जाना चाहिए. उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों को भी नसीहत दी और कहा कि“कोई भील प्रदेश या मरू प्रदेश की बात करता है. कोई जातीय भेद की राजनीति करता है यह लोकतंत्र के लिए सही नहीं भाजपा सभी जातियों, धर्मोंऔर संप्रदायों का सम्मान करती है उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्षमदन राठौड़ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. राठौड़ ने गहलोत पर निजी स्वास्थ्य विषय पर राजनीति करने का आरोप लगाया और जातिवादी राजनीति सेइनकार करते हुए भाजपा की सर्वसमाज नीतियों को दोहराया. बताया गैर जिम्मेदारानाभाजपा अध्यक्ष राठौड़ ने गहलोत को “घड़ियाली आंसू बहाने वाला” बता कर पलटवार किया ये टिप्पणी उनकी प्रवृत्ति और आलोचना करने के तरीकेपर इशारा करती है मदन राठौड़ ने कहा कि अशोक गहलोत “चिकित्सक नहीं हैं” और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य पर सवाल उठानाराजनीति है उन्होंने कहा “पहला सुख निरोगी काया. जब कोई व्यक्ति अस्वस्थ है तो राजनीति जरूरी नहीं होती. राठौड़ ने गहलोत की बयानबाज़ी कोलोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान बताते हुए कहा कि जब पद स्वास्थ्य कारणों से छोड़ा गया हो, तो उस पर राजनीति ना होनी चाहिए भाजपाप्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की टिप्पणी को गैर-जिम्मेदाराना बताया. उन्होंनेकहा कि गहलोत को किसी के स्वास्थ्य पर राजनीति नहीं करनी चाहिए और यह लोकतंत्र के लिए अनुचित है. साथ ही भाजपा की ओर से जातिवादीराजनीति से इनकार करते हुए सर्वसमाज की सेवा की नीति दोहराई गई.

बिहार विधानसभा घेराव पर बवाल प्रशांत किशोर, मनीष कश्यप समेत 2000 लोगों पर FIR लाठीचार्ज में कार्यकर्ता घायल

जन सुराज पार्टी द्वारा बिहार विधानसभा के घेराव को लेकर पार्टी संस्थापक प्रशांत किशोर, मनीष कश्यप, प्रवक्ता विवेक, प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारतीसमेत 2,000 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने यह कार्रवाई विधानसभा के बाहर प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प औरनिषेधाज्ञा उल्लंघन के मामलों को लेकर की है। पुलिस के साथ हाथापाई और निषेधाज्ञा के उल्लंघन के मामलों में धारा 191(2), 190, 132, 223 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. 23 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया. जिसमें एक युवा कार्यकर्ता के सिर में गंभीरचोट आई। इस घटना के बाद प्रशांत किशोर ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जवाब नहीं मिला, तो पूरे बिहार में सरकार काकामकाज बाधित किया जाएगा. मांगो का देंगें लिखित जबावउन्होंने कहा कि अगर सुराज के एक निहत्थे कार्यकर्ता को आपने लाठी मारी है, तो मैं यहां बैठा हूं आकर मुझे मारिए ये प्रतिबंधित क्षेत्र है तो हमें रोककर दिखाइए हम यहां से तभी हटेंगे जब मुख्य सचिव हमारी मांगों का लिखित जवाब देंगे. यह टकराव तब हुआ जब जन सुराज समूह ने बिहारविधानसभा की ओर मार्च करने की कोशिश की. पुलिस बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया गया जिसके कारण थोड़ी देर के लिए हाथापाई हुई औरप्रदर्शन स्थल पर तनाव बढ़ गया. इससे पहले किशोर ने मज़दूरी कर रहे लाखों बच्चों की दुर्दशा पर भी चर्चा की। कहा कि बिहार में गर्मी और कठिनहालात में 50 लाख से अधिक बच्चे बाल श्रमिक के रूप में काम कर रहे हैं. लेकिन सरकार उनकी चिंता नहीं कर रही अगर हमें सरकार को जगाना है. तो सड़कों पर उतरना ही पड़ेगा. 2000 लोगों पर दर्ज कराई एफआईआरपुलिस जो चाहे करे, हम तो आगे बढ़ेंगे. बिहार विधानसभा घेराव के दौरान झड़प और निषेधाज्ञा उल्लंघन को लेकर जन सुराज पार्टी के संस्थापकप्रशांत किशोर, मनीष कश्यप, प्रवक्ता विवेक, अध्यक्ष मनोज भारती समेत 2000 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है. पुलिस लाठीचार्ज में एककार्यकर्ता घायल हुआ. प्रशांत किशोर ने सरकार को चेताया कि जवाब नहीं मिला तो पूरे बिहार में आंदोलन तेज किया जाएगा. जन सुराज पार्टी केविधानसभा घेराव को लेकर प्रशांत किशोर, मनीष कश्यप समेत करीब 2000 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है. मामला 23 जुलाई को प्रदर्शनके दौरान हुई झड़प, निषेधाज्ञा के उल्लंघन और पुलिस पर हमले से जुड़ा है. लाठीचार्ज में एक कार्यकर्ता घायल हुआ, जिसके बाद प्रशांत किशोर नेसरकार को चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन पूरे बिहार में तेज किया जाएगा.

सत्ता पक्ष लोकतंत्र का रहा है गला घोंट, प्रियंका गांधी ने संसद न चलने देने का लगाया आरोप जानें क्या है पूरा मामला

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सत्ता पक्ष पर आरोप लगाया है कि वे ही सदन नहीं चलाना चाहते। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष नेताओं को बोलनेनहीं दिया जाता. प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी ने अन्य विपक्षी सांसदों के साथ संसद परिसर में बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण मामले पर विरोधप्रदर्शन भी किया। प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि ‘जब भी विपक्ष के नेता सदन में बोलना चाहते हैं तो उन्हें बोलनेकी इजाजत नहीं दी जाती. हम चर्चा की मांग कर रहे हैं और उन्हें ये मांग माननी चाहिए. बीते सत्र में मैं ये देखकर हैरान रह गई कि सत्ता पक्ष ने सदन मेंहंगामा शुरू किया. उन्होंने एक मुद्दे को पकड़ा ताकि विपक्ष उस पर प्रतिक्रिया दे. जिससे हंगामा हुआ और सदन की कार्रवाई स्थगित हो गई। अगर येउन्हें सही लगता है तो फिर ठीक है. प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार संसद को चलने नहीं दे रही, क्योंकि उसे बिहार में मतदाता सूचीपुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा नहीं करवानी है “जब भी विपक्ष के नेता बोलना चाहते हैं उन्हें बोलने नहीं दिया जाता सत्ता पक्ष जानबूझ कर हंगामा खड़ाकरता है ताकि चर्चा टाल दी जाए. अनियमुतताओं पर है केंद्रितप्रियंका गांधी, सोनिया गांधी सहित कई विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर (Makar Dwar) पर बिहार के SIR मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन कियाऔर सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया प्रियंका ने कहा कि बिहार में मतदाता सूची के विवाद को संसद में उठाना लोकतंत्र बचानेका काम है. क्योंकि इसे लेकर संदेह पूरे देश में बढ़ रहा है विपक्ष का दावा है कि सरकार संसद को निरस्त करने और चर्चा रोकने की रणनीति अपनारही है. खासकर बिहार के मतदाता सूची विवाद पर यह विरोध एक बड़े मुद्दे—मतदाता सूची में अनियमितताओं—पर केंद्रित है. जिसे लेकर विपक्ष नेसंसद में बहस और जांच की मांग की पर रोक लगा दी गई प्रियंका गांधी ने इसे संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ बताया जबकि विपक्षी दलों ने इसेलोकतांत्रिक कर्तव्य और नागरिक अधिकारों की रक्षा के रूप में स्वीकारा. प्रियंका गांधी ने एक मजबूत रुख अपनाते हुए सरकार पर संसद कीकार्यवाही रोके जाने और लोकतंत्र का हनन करने का आरोप लगाया है. बिहार में मतदाता सूची पर बहस की मांग और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की रक्षाकी उनकी मांग विवाद को और तेज कर रही है

भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता ऐतिहासिक साझेदारी से बढ़ेगा 34 अरब डॉलर का व्यापार, युवाओं और MSME को मिलेगा लाभ

भारत और ब्रिटेन ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए. इससे ब्रिटिश व्हिस्की, कारों और कई वस्तुओं परटैरिफ में कमी आएगी. इसके साथ ही द्विपक्षीय व्यापार में सालाना लगभग 34 अरब अमेरिकी डॉलर की बढ़ोतरी होगी. समझौते के बाद प्रधानमंत्रीमोदी ने कहा, ‘आज हमारे संबंधों में एक ऐतिहासिक दिवस है. मुझे खुशी है कि कई वर्षों की मेहनत के बाद आज दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक औरव्यापार समझौता संपन्न हुआ है. समझौता महज आर्थिक साझेदारी नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि की योजना है. ये समझौता भारत के युवाओं, किसानों, मछुआरों और MSME क्षेत्र के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा. पीएम मोदी ने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले कीकठोर निंदा के लिए हम प्रधानमंत्री स्टार्मर और उनकी सरकार का आभार व्यक्त करते हैं. हम इस बात पर भी सहमत हैं कि अतिवादी विचारधारा वालीशक्तियों को लोकतांत्रिक आजादी का दुरुपयोग नहीं करने दिया जा सकता. संबंधों में एक एतिहासिक दिनउन्होंने यह भी कहा कि हिंद-प्रशांत में शांति और स्थिरता, यूक्रेन में चल रहे संघर्ष और पश्चिम एशिया की स्थिति पर हम विचार साझा करते रहे हैं।सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान अनिवार्य है. आज के युग की मांग विस्तारवाद नहीं विकासवाद ही है. पीएम मोदी ने कहा किसबसे पहले मैं प्रधानमंत्री स्टार्मर के गर्मजोशी भरे स्वागत-सत्कार के लिए, हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। आज हमारे संबंधों में एक एतिहासिक दिनहै. मुझे खुशी है कि कई वर्षों की मेहनत के बाद आज दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता संपन्न हुआ है। एक ओर भारतीय टेक्सटाइल्स, फुटवियर, रत्न और आभूषण, सी-फूड और इंजीनियरिंग गुड्स को ब्रिटेन में बेहतर बाजार पहुंच मिलेगी. उन्होंने कहा, ‘भारत के ऐग्रिकल्चर उत्पादन और प्रोसेस्डफूड उद्योग के लिए ब्रिटेन के बाजार में नए अवसर बनेंगे. विशेष रुप से होगा सिद्धभारत के युवाओं, किसानों, मछुआरों और एमएसएमई सेक्टर के लिए यह समझौता विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा. वहीं दूसरी ओर भारत केलोगों और उद्योग के लिए ब्रिटेन में बने उत्पाद जैसे मेडिकल डिवाइसेज और एयरोस्पेस पार्ट्स सुलभ और किफायती दरों पर उपलब्ध हो सकेंगे. पीएममोदी ने कहा कि अगले दशक में हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति और ऊर्जा देने के लिए, आज हम विजन 2035 पर भी बात करेंगे।यह टेक्नोलॉजी, डिफेंस, क्लाइमेट, एजुकेशन और पीपल-टू-पीपल कनेक्ट के क्षेत्रों में एक मजबूत, भरोसेमंद और महत्वाकांक्षी साझेदारी का रोडमैपहोगा. इससे पहले वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और उनके ब्रिटिश समकक्ष जोनाथन रेनॉल्ड ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष कीरस्टारमर की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए. भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, इस एफटीए से 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात को फायदाहोने की उम्मीद है. इससे ब्रिटिश कंपनियों के लिए भारत में व्हिस्की, कारों और अन्य उत्पादों का निर्यात आसान हो जाएगा. इससे समग्र व्यापार को भीबढ़ावा मिलेगा.

अमिताभ और आमिर की Rolls-Royce पर 38.26 लाख का जुर्माना, बेंगलुरु के ‘KGF बाबू’ निकले या असली मालिक

महंगी-महंगी गाड़ियों से चलने वाले बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन और मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान पर कर्नाटक के आरटीओ ने जुर्मानालगाया है. जी हां, सही सुना आपने इन दोनों स्टार्स ने रोड टैक्स नहीं भरा है जिस कारण दोनों का नाम आरटीओ के जुर्माना वाले नोटिस में नजर आ रहाहै. जानिए क्या है पूरा मामला और कौन हैं केजीएफ बाबू दरअसल कर्नाटक के आरटीओ में दो रॉल्स रॉयस पर रोड टैक्स का भुगतान न करने के कारणलाखों का जुर्माना चढ़ा हुआ है. ये दोनों ही गाड़ियां अमिताभ बच्चन और आमिर खान जैसे स्टार्स के नाम पर हैं. हालांकि मौजूदा वक्त में ये दोनों हीगाड़ियां अमिताभ या आमिर खान के पास नहीं हैं. बल्कि बेंगलुरु के व्यवसायी और राजनेता यूसुफ शरीफ उर्फ ‘केजीएफ बाबू’ इन गाड़ियों के मौजूदामालिक हैं. 38.26 लाख का लगाया गया जुर्मानाये जुर्माना भी केजीएफ बाबू पर ही लगा है यूसुफ शरीफ पर अब कर्नाटक में स्थानीय रोड टैक्स चुकाए बिना लग्जरी गाड़ियां चलाने के लिए कुल38.26 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इनमें एक रॉल्स रॉयस फैंटम है जो कभी बिग बी की थी और दूसरी रॉल्स रॉयस घोस्ट है जो पहलेआमिर खान की थी ये दोनों कारें अभी भी महाराष्ट्र में आधिकारिक तौर पर दोनों सुपरस्टार्स के नाम से ही रजिस्टर हैं. हालांकि अब दोनों में से किसी केपास भी ये गाड़ियां नहीं हैं. परिवहन अधिकारियों ने जानकारी दी कि फैंटम 2021 से और घोस्ट 2023 से बेंगलुरु की सड़कों पर दिखाई दे रही है. कर्नाटक कानून के अनुसार, राज्य में एक वर्ष से अधिक समय से उपयोग किए जा रहे वाहनों का स्थानीय स्तर पर फिर से रजिस्टर कराना और उसकेअनुसार टैक्स लगाना जरूरी है. लेकिन इन दोनों ही गाड़ियों ने ऐसा नहीं किया है और दोनों का टाइम भी पूरा हो चुका है. इसलिए आरटीओ ने फैंटमपर 18.53 लाख रुपये और घोस्ट पर 19.73 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. दिलचस्प बात यह है कि दोनों गाड़ियों का मालिकाना हक तो बदलगया है लेकिन कागजी कार्रवाई नहीं बदली है. बॉलीवुड स्टार्स के ही नाम पर रजिस्टरइसलिए दोनों गाड़ियां अभी भी बॉलीवुड स्टार्स के ही नाम पर रजिस्टर हैं. यूसुफ शरीफ उर्फ ‘केजीएफ बाबू’ ने कभी भी गाड़ियों को अपने नाम परट्रांसफर ही नहीं करवाया. आरटीओ के अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी कि दोनों ही गाड़ियों को लगातार उपयोग किया जा रहा है। लेकिनडॉक्यूमेंट्स के आधार पर दोनों ही गाड़ियां अभी भी अमिताभ बच्चन और आमिर खान के ही नाम पर हैं. सुपरस्टार अमिताभ बच्चन और आमिर खान परलाखों का जुर्माना लगाया गया है ये पूरा मामला कर्नाटक से जुड़ा है और इसका संबंध केजीएफ बाबू से है. जानिए आखिर कौन है कर्नाटक में अगरकोई वाहन एक साल से अधिक चले और उसका स्थानीय री-रजिस्ट्रेशन न हो और रोड टैक्स न भरा हो, तो भारी जुर्माना लगता है.दोनों ही अभी भीमहाराष्ट्र में अकादिकारिक रूप से अमिताभ और आमिर के नाम पर रजिस्टर्ड हैं क्योंकि यूसुफ ने स्वामित्व कभी ट्रांसफर नहीं करवाया.उन्होंने बताया किदोनों कारें बेंगलुरु और मुंबई—आधा समय एक जगह, आधा दूसरी जगह चलाई जाती थीं, और कानूनी गलती से घरेलू टैक्स बच गया था.

चुनाव आयोग बच नहीं पाएगा” राहुल गांधी का बड़ा आरोप, कर्नाटक में वोटिंग में धांधली के ‘100% सबूत’ का दावा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग (ईसी) पर बड़ा हमला बोला है. गुरुवार को संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत करतेहुए उन्होंने दावा किया कि उनके पास 100 प्रतिशत पक्के सबूत हैं कि कर्नाटक की एक लोकसभा सीट पर चुनाव आयोग ने धोखाधड़ी को मंजूरी दी. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अगर चुनाव आयोग यह सोच रहा है कि वह बच जाएगा तो यह उसकी भूल है. हम उसे नहीं छोड़ने वाले राहुल गांधी नेदावा किया कि उन्होंने कर्नाटक की केवल एक लोकसभा सीट की जांच की और उसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पाई गईं. उन्होंने कहा कि हजारों कीसंख्या में 45, 50, 60, 65 साल के नए वोटर जुड़ गए हैं यह सिर्फ एक सीट की बात है. कई सीटों में वोटर डिलीशन (नाम हटाना), नए वोटर जोड़ना, और अवैध तरीके से जोड़ने का काम चल रहा है। हम इन सबूतों को सामने लाएंगे. राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि मैंचुनाव आयोग को संदेश देना चाहता हूं कि अगर आप यह सोचते हैं कि आप बच जाओगे, तो आप गलत हो. हम आपके पीछे आने वाले हैं. अधिकार से वंचित करने की साजिशयह लोकतंत्र की हत्या है और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. बिहार में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर राहुल गांधी ने विपक्षीनेताओं की चिंताओं का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि बिहार में लाखों वोटर अपने पते पर नहीं मिले हैं और यह प्रक्रिया विपक्ष के वोटरों को वोट देनेके अधिकार से वंचित करने की साजिश है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग सरकार के दबाव में काम कर रहा है और अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभानेमें विफल हो रहा है. राहुल गांधी ने बुधवार को भी कहा था कि देश में चुनाव “चुराए” जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया था कि कांग्रेस ने इस वोट चोरी कातरीका समझ लिया है और जल्द ही इसका कच्चा-चिट्ठा कागज़ों पर सामने रखा जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और पूरे देश मेंऐसा हो रहा है. बिहार की मतदाता सूची में संशोधन को लेकर विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में जोरदार विरोध दर्ज कराया है. चुनिंदा वोटरों को हटाने की साजिशविपक्षी दलों का कहना है कि यह कदम बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जानबूझकर उठाया जा रहा है ताकि चुनिंदा वोटरों को सूची से हटाया जासके. राहुल गांधी के बयानों से इस विरोध को और धार मिल गई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है किउनके पास कर्नाटक की एक सीट पर वोटिंग में धोखाधड़ी के 100% सबूत हैं। उन्होंने EC को चेतावनी दी कि वह इस मामले में बच नहीं पाएगा. राहुल ने बिहार की मतदाता सूची में संशोधन को भी विपक्ष के वोटरों को हटाने की साजिश बताया और कहा कि यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है. विपक्ष ने संसद और बिहार विधानसभा दोनों में “मतदाता सूची संशोधन” के खिलाफ मोर्चा खोला है यह कदम उन्हें चुनाव से पहले वोटर्स को बाहरकरने की रणनीति के रूप में देख रहा है.राहुल गांधी चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहे हैं कि उसने कर्नाटक की एक लोकसभा सीट पर चुनावीधोखाधड़ी को छिपाया है और बिहार में SIR प्रक्रिया के माध्यम से वोटर्स को बाहर किया जा रहा है.

बिहार वोटर लिस्ट मुद्दे पर लोकसभा में हंगामा, स्पीकर ओम बिरला बोले “सड़क जैसा व्यवहार संसद में नहीं चलेगा”

लोकसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने बिहार मतदाता सूची पुनरीक्षण के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया. बुधवार को जब विपक्षी सांसदोंने हंगामा किया तो लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भड़क गए. उन्होंने विपक्षी सांसदों को चेतावनी देते हुए कहा कि आप सड़क का व्यवहार संसद मेंकर रहे हैं। ये देश देख रहा है. उन्होंने कहा कि सदन में तख्तियां लेकर आने वालों पर मुझे निर्णायक कार्रवाई करनी पड़ेगी. बता दें कि लगातार तीनदिन से हो रहे विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा को स्थगित करना पड़ रहा है संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हुआ है.निचले सदन मेंप्रश्नकाल के दौरान ‘बिहार में रेल परियोजनाएं’ विषय पर चर्चा चल रही थी. इस दौरान विपक्षी सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहनपुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर हंगामा किया. संसद की कार्रवाई चढ़ी हंगामे की भेंटसांसदों के हंगामे को लेकर लोकसभा स्पीकर बिरला भड़क गए. उन्होंने कहा कि संसद हमारे गौरवशाली लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था है. सांसदों से मेरीअपेक्षा रहती है कि संसद के अंदर आपका आचरण, व्यवहार, कार्यपद्धति मर्यादित रहना चाहिए. देश की जनता ने आपको यहां पर उनकी आवाज, उनकी चुनौतियों, उनकी अपेक्षाएं और देश के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए भेजा है.लोकसभा स्पीकर ने आगे कहा कि आपका जो व्यवहार है वो सड़कोंका है. यह आचरण और व्यवहार आप संसद में कर रहे हैं ये देश देख रहा है. मैं सभी राजनीतिक दलों से कहता हूं कि देश उनके सदस्यों के आचरण कोदेख रहा है. मैं दोबारा कह रहा हूं कि सदन में तख्तियां लेकर आने वालों पर मुझे निर्णायक कार्रवाई करनी पड़ेगी. आप जाइए, सदन में बैठिए और मुद्दोंपर चर्चा कीजिए. इसके बाद लोकसभा स्पीकर ने कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई सेशुरू हुआ है बीते दो दिनों से लगातार संसद की कार्रवाई हंगामे की भेंट चढ़ रही है. आतंकी हमले के मुद्दों को लेकर किया हंगामापहले दिन विपक्ष ने पहलगाम आतंकी हमले के मुद्दे को लेकर हंगामा किया. इसके बाद दूसरे दिन बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहनपुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर हंगामा हुआ. संसद के अंदर से लेकर बाहर तक सियासी संग्राम देखने को मिला. विपक्षी सदस्यों ने लोकसभा मेंबिहार एसआईआर का मुद्दा उठाया और जमकर हंगामा किया. नारेबाजी और हंगामे के कारण कार्यवाही नहीं चल सकी. लोकसभा में बुधवार कोप्रश्नकाल के दौरान बिहार में रेल परियोजनाएं विषय पर चर्चा चल रही थी. इस दौरान विपक्षी सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहनपुनरीक्षण को लेकर हंगामा किया. सांसदों के हंगामे को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भड़क गए. उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र की सबसेपवित्र संस्था है और इसमें मर्यादित आचरण की अपेक्षा की जाती है. स्पीकर ने यह भी कहा कि यदि सांसद तख्तियां लेकर सदन में आएंगे तो उन्हेंनिर्णायक कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ेगा. संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हुआ है, लेकिन पहले दिन पहलगाम आतंकी हमले और दूसरेदिन बिहार वोटर लिस्ट पर विपक्ष के विरोध के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही है. बुधवार को एक बार फिर यही मुद्दा उठा औरविपक्षी दलों ने जमकर नारेबाजी की.

स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिया इस्तीफा, चुनाव आयोग एक्शन में “अब देश को मिलेगा नया उपराष्ट्रपति”

जगदीप धनखड़ ने सोमवार को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था. मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनकेइस्तीफे को स्वीकार कर लिया था अब चुनाव आयोग ने नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे केबाद चुनाव आयोग एक्शन मोड में आ गया है. आयोग ने नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है. आयोग ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा किभारत निर्वाचन आयोग ने 2025 के उपराष्ट्रपति चुनाव से संबंधित तैयारियां शुरू कर दी हैं. तैयारी संबंधी गतिविधियां पूरी होने के बाद जल्द हीउपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी. जगदीप धनखड़ ने सोमवार को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पदसे इस्तीफा दे दिया था. मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया था. मौजूदा सदस्यों की करेगा गिनतीचुनाव आयोग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने 22 जुलाई 2025 को एक अधिसूचना के जरिये भारत के उपराष्ट्रपतिजगदीप धनखड़ के इस्तीफे की सूचना दी है. इसमें कहा गया कि चुनाव आयोग को अनुच्छेद 324 के तहत भारत के उपराष्ट्रपति पद के चुनाव करानेका अधिकार प्राप्त है. यह चुनाव राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम 1952 और इसके तहत बने नियमों (राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनावनियम 1974) द्वारा कराया जाता है. आयोग ने कहा कि हमने उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 से संबंधित तैयारियां शुरू कर दी हैं. तैयारियां पूरी होने के बादउपराष्ट्रपति पद के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी. आयोग ने कहा कि निर्वाचक मंडल की तैयारी, जिसमें राज्यसभा एवं लोकसभा केनिर्वाचित तथा मनोनीत सदस्य शामिल होते हैं शुरू कर दी गई है. इसके अलावा रिटर्निंग ऑफिसर / सहायक रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति को अंतिमरूप दिया जा रहा है. आयोग ने कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति चुनावों से संबंधित जानकारियों और रिकॉर्ड को देखा जा रहा है. उपराष्ट्रपति चुनाव मेंराज्यसभा के 233 निर्वाचित सांसद, राज्यसभा में मनोनीत 12 सांसद और लोकसभा के 543 सांसद वोट डाल सकते हैं. इस तरह के कुल 788 लोगवोट डाल सकते हैं. हालांकि, चुनाव आयोग जब उपराष्ट्रपति चुनाव की तारीखों का एलान करेगा, तब वह लोकसभा और राज्यसभा में सभी मौजूदासदस्यों की गिनती करेगा.20 सदस्यों को करना होता है नामितसंविधान के अनुच्छेद 66 में उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया का जिक्र है यह चुनाव अनुपातिक प्रतिनिधि पद्धति से किया जाता है. जो कि लोकसभा याविधानसभा चुनाव की वोटिंग प्रक्रिया से बिल्कुल अलग है. उपराष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम से होती है. चुनाव में खड़े होनेके लिए किसी भी व्यक्ति को कम से कम 20 संसद सदस्यों को प्रस्तावक और कम से कम 20 संसद सदस्यों को समर्थक के रूप में नामित करानाहोता है. उपराष्ट्रपति का प्रत्याशी बनने के लिए 15 हजार रुपए की जमानत राशि जमा करनी होती है. नामांकन के बाद फिर निर्वाचन अधिकारीनामांकन पत्रों की जांच करता है और योग्य उम्मीदवारों के नाम बैलट में शामिल किए जाते हैं. उपराष्ट्रपति चुनाव में संसद के दोनों सदनों के सदस्य वोटडालते हैं. इनमें राज्यसभा के मनोनीत सदस्य भी शामिल होते हैं. राष्ट्रपति चुनाव में निर्वाचित सांसद और सभी राज्यों के विधायक मतदान करते हैं. राष्ट्रपति चुनाव में मनोनीत सांसद वोट नहीं डाल सकते हैं लेकिन उपराष्ट्रपति चुनाव में ऐसा नहीं है उपराष्ट्रपति चुनाव में ऐसे सदस्य भी वोट कर सकतेहैं.

बिहार विधानसभा में SIR को लेकर हंगामा, ‘बाप-बाप’ की गूंज से गूंजा सदन अध्यक्ष ने कार्यवाही की स्थगित

बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के नेताओं ने SIR के मुद्दे पर फिर से हंगामा किया. इसके बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव नेसदन में अपनी बात रखी और SIR के मुद्दे पर विरोध जताया और इसे वापस लेने की मांग की. इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खड़े हो गए उन्होंनेफिर से लालू और राबड़ी राज की याद दिलाई. तेजस्वी यादव से कहा कि तब तुम बच्चे थे 2005 से पहले क्या होता था यह तुम नहीं जानते हो. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी सरकार के कामों को गिनाया फिर बैठ गए. इसी बीच भाई वीरेंद्र ने कहा कि विधानसभा किसी के बाप की नहीं हैइतना सुनते ही विधानसभा अध्यक्ष भड़क गए और माफी मांगने की बात कहने लगे. गलत शब्दों का किया प्रयोगइस पर सत्ता पक्ष के विधायक हंगामा करने लगे. अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने नेता प्रतिपक्ष से कहा कि सदन में भाई वीरेंद्र ने जिन शब्दों का प्रयोगकिया वह गलत है. आप उनसे कहिए कि वह माफी मांगे इसी बीच तेजस्वी यादव ने कहा कि मेरे किसी भी विधायक ने अगर कुछ कहा तो उसका बुरामत मनाए. इसी बीच डिप्टी सीएम विजय सिन्हा उठा खड़े हुए और माफी मांगने की बात कहने लगे. यह सुनते ही विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें फटकारलगाई और कहा कि आप बैठ जाइए. सदन आप नहीं मैं चलाता हूं. मुझे तय करने दीजिए क्या करना है क्या नहीं. मैं फैसला करूंगा. इसके बादहंगामा होने लगा यह कहते हुड़न अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी. सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद डिप्टीसीएम विजय सिन्हा बाहर निकले. सदन में करते है गुंडागर्दीउन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आज राजद के विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि विधानसभा किसी के बाप की नहीं है. यह अत्यंत हीआपत्तिजनक है. लोकतंत्र के मंदिर में ऐसी भाषा शोभा नहीं देती है. राजद के लोग गुंडाराज चलाना चाहते हैं वह सदन में गुंडागर्दी करते हैं. अपशब्दोंका प्रयोग करते हैं और सदन चलने नहीं देते हैं। बिहार विधानसभा चुनाव में भाषा का स्तर कहां जाएगा, अंदाजा बिहार विधानसभा के अंदर लग रहाहै. बुधवार को विधानसभा में ‘बाप-बाप’ की गूंज रही। अध्यक्ष नंद किशोर भड़के भी. फिर यह गूंज बाहर तक आई उनकी इस बात से सदन का माहौलगरमा गया। विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने इसे आपत्तिजनक करार दिया और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से माफी मंगवाने को कहा स्थितितनावपूर्ण होती देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी.से ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी दलों ने SIR कोलेकर विरोध जताना शुरू कर दिया. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की.