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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुरू किया ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी स्वच्छता अभियान’, चलेगा पूरा अगस्त जानें सफाई को लेकर क्या है खास तैयारियां

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक अगस्त से ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी-स्वच्छता अभियान’ शुरू करने की घोषणा की है. यह अभियान पूरे माह चलेगा इसमेंदिल्लीवासियों के साथ-साथ सरकारी विभाग, स्कूल, कॉलेज, आरडब्ल्यूए और मार्केट एसोसिएशन भी हिस्सा लेंगे. अभियान को सफल बनाने के लिएसरकार ने खास तैयारी की है. शुक्रवार को आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, मुख्य सचिव धमेंद्र और कई विभागों केअधिकारियों के साथ योजना की समीक्षा की. अभियान में नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, एनडीएमसी और दिल्ली मेट्रो सहित अन्य विभाग भी शामिल होंगे. सीएम ने बताया कि अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष पोर्टल शुरू किया जाएगा जहां लोग सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें अपलोडकर सकेंगे. कबाड़ हटाने पर दिया जाएगा ध्यानअभियान में रिहायशी इलाकों, बाजारों, स्कूलों, अस्पतालों, स्लम व अनधिकृत कॉलोनियों को साफ किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों सेअपील की है कि वे इस मुहिम में शामिल होकर राजधानी को साफ-सुथरा बनाएं. अभियान के तहत स्कूलों, सरकारी दफ्तरों और अस्पतालों में वर्षों सेपड़ा कबाड़ हटाने पर ध्यान दिया जाएगा. सब्जी मंडियों, औद्योगिक क्षेत्रों, बस अड्डों और डिपो को भी साफ किया जाएगा. शनिवार और रविवार कोविशेष सफाई कार्यक्रम होंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान सिर्फ सरकारी योजना नहीं बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदीके स्वच्छता के विचारों को दोहराते हुए कहा कि जब हर व्यक्ति अपने कर्तव्य को समझेगा तभी देश साफ होगा. देश को स्वच्छता का संदेशशहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि अभियान पूरे देश को स्वच्छता का संदेश देगा. स्कूली बच्चे और कॉलेज के छात्र इस मुहिम को जागरूकताफैलाने में मदद करेंगे. पोर्टल पर तस्वीरें डालने वालों को इनाम देने की भी योजना है। 29 जुलाई को सिविक सेंटर में एक बड़ी बैठक होगी जिसमेंमंत्रियों, सांसदों, पार्षदों और एसोसिएशनों की जिम्मेदारियां तय होंगी. यह अभियान पूरे माह चलेगा इसमें दिल्लीवासियों के साथ-साथ सरकारीविभाग, स्कूल, कॉलेज, आरडब्ल्यूए और मार्केट एसोसिएशन भी हिस्सा लेंगे। अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार ने खास तैयारी की है. दिल्लीवासियों को सफाई अभियान में सक्रिय रूप से शामिल करने के लिए एक विशेष डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया जाएगा, जहां लोग सफाई सेपहले और बाद की तस्वीरें अपलोड कर सकेंगे। इस पोर्टल पर सक्रिय प्रतिभागियों को पुरस्कार भी दिए जाएंगे. नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, एनडीएमसी, दिल्ली मेट्रो, शहरी विकास विभाग, और अन्य सरकारी एजेंसियां इस अभियान में हिस्सा लेंगी। इसके अलावा स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, सरकारीकार्यालय, रिहायशी इलाके, बाज़ार, स्लम व अनधिकृत कॉलोनियां भी सफाई की प्रक्रिया में शामिल होंगी.

150 रन से इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ चौथे टेस्ट में बनाई मजबूत बढ़त, बेन स्टोक्स ने 89 साल पुराना रिकॉर्ड किया बराबर

जो रूट के 150 रन की बदौलत इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज के चौथे टेस्ट के तीसरे दिन अपनी पहली पारी में सात विकेट पर 544 रन बनाकरभारत के खिलाफ अपनी पकड़ काफी मजबूत कर ली है. भारत की पहली पारी 358 रन पर सिमटी थी जिससे इंग्लैंड की कुल बढ़त अब 186 रन कीहो गई है और उसके तीन विकेट शेष है. स्टंप्स के समय इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स 77 रन पर खेल रहे थे. जबकि लियाम डॉसन 21 रन बनाकरक्रीज पर डटे हुए है। इस मैच में इंग्लैंड ने कई रिकॉर्ड्स भी बनाए. उसके शीर्ष चार बल्लेबाजों ने 77 साल बाद एकसाथ एक पारी में 70+ रन बनाएहैं। वहीं, कप्तान स्टोक्स ने भी 89 साल पुराने एक रिकॉर्ड की बराबरी की. पहली बार हुआ ऐसाइंग्लैंड की पहली पारी में जैक क्राउली ने 84 रन, बेन डकेट ने 94 रन, ओली पोप ने 71 रन और जो रूट ने 150 रन की पारी खेली. 1948 के बादइंग्लैंड के लिए टेस्ट में ऐसा पहली बार हो रहा है. जब उसके शीर्ष चार बल्लेबाजों ने एक पारी में 70 से ज्यादा रन बनाए हों. इससे पहले साल1948 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच लीड्स में खेले गए टेस्ट में शीर्ष चार इंग्लिश बल्लेबाजों ने मैच की पहली पारी में 70+ रन बनाए थे. तबसर लियोनार्ड हटन ने 81 रन, साइरिल वॉशब्रूक ने 143 रन, बिल एडरिच ने 111 रन और सर एलेक बेडसर ने 79 रन की पारी खेली थी हालांकि वहमैच इंग्लैंड सात विकेट से हार गया था. बन गए तीसरे कप्तानइसके अलावा स्टोक्स ने 89 साल पुराने एक रिकॉर्ड की बराबरी की वह किसी एक टेस्ट में अर्धशतक लगाने और पारी में पांच विकेट लेने वाले तीसरेइंग्लिश कप्तान बन गए हैं. इससे पहले साल 1905 में स्टैनली जैक्सन और साल 1936 में गबी एलेन ने ऐसा किया था। 1936 के बाद सीधे जाकर2025 में इंग्लैंड के किसी कप्तान ने ऐसा किया है। स्टोक्स ने भारत की पहली पारी में साई सुदर्शन, शुभमन गिल, शार्दुल ठाकुर, वॉशिंगटन सुंदर औरअंशुल कम्बोज के विकेट समेत कुल पांच विकेट झटके थे.वहीं, भारत के जसप्रीत बुमराह भी एक खास उपलब्धि हासिल करने की रेस में हैं. उन्होंने शुक्रवार को जेमी स्मिथ का विकेट लिया. इसी के साथइंग्लैंड में उनके 50 टेस्ट विकेट पूरे हो गए. वह ईशांत शर्मा के बाद इंग्लिश सरजमीं पर टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारती हैं. बुमराह ईशांतकी बराबरी से एक विकेट दूर हैं. वहीं, बुमराह पाकिस्तान के वसीम अकरम (53 विकेट) और ईशांत के बाद इंग्लैंड में 50 या इससे ज्यादा टेस्ट विकेटलेने वाले तीसरे एशियाई गेंदबाज भी हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने सावरकर टिप्पणी मामले में राहुल गांधी को दी बड़ी राहत, सुनवाई को किया चार सप्ताह के लिए स्थगित

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ उत्तर प्रदेश में दर्ज आपराधिक मामले में सुनवाई पर लगी रोक को शुक्रवार को आगे बढ़ा दिया. यहमामला 2022 में विनायक दामोदर सावरकर पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है. न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ नेमामले में स्थगन की मांग को स्वीकार करते हुए सुनवाई चार सप्ताह के लिए टाल दी. उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गरिमाप्रसाद ने अदालत को बताया कि राज्य ने राहुल गांधी की याचिका का जवाब दाखिल कर दिया है. उत्तर प्रदेश सरकार ने कांग्रेस नेता की याचिका काविरोध करते हुए कहा कि अधिवक्ता नृपेन्द्र पांडे द्वारा दर्ज की गई शिकायत उचित है और राहुल गांधी के बयान समाज में घृणा फैलाने के उद्देश्य सेदिए गए थे. सेनानियों का नहीं किया जाना चाहिए उपहास25 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की टिप्पणी को ‘गैर-जिम्मेदाराना’ बताया था और कहा था कि आजादी के सेनानियों का उपहास नहीं कियाजाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि दिल्ली हाईकोर्ट 28 जुलाई को उस याचिका पर सुनवाई करे, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा फिल्म ‘उदयपुरफाइल्स’ को रिलीज की मंजूरी दिए जाने को चुनौती दी गई है. याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि यह फिल्म समाज में नफरत और सांप्रदायिक तनावफैला सकती है. केंद्र ने इस फिल्म को प्रदर्शन के लिए हरी झंडी दी थी, जिसके खिलाफ कुछ संगठनों ने कोर्ट में याचिका दाखिल की है. उनका कहनाहै कि फिल्म का कंटेंट एकतरफा है और यह विशेष समुदाय को निशाना बना सकता है. अब हाईकोर्ट तय करेगा कि फिल्म की रिलीज पर रोक लगाईजाए या नहीं. यह मामला अभिव्यक्ति की आजादी बनाम सामाजिक जिम्मेदारी के सवाल को एक बार फिर चर्चा में ला रहा है. याचिका का दवाब किया दाखिलयू.पी. सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गरिमा प्रसाद ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने याचिका का जवाब दाखिल कर दिया है औरबताया गया कि शिकायतकर्ता नृपेन्द्र पांडे द्वारा की गई शिकायत उचित है और गांधी के बयान से घृणा फैलने का इरादा थाअप्रैल में सुप्रीम कोर्ट नेराहुल गांधी के बयान को “गैर‑जिम्मेदाराना” बताया था और कहा था कि स्वतंत्रता सेनानियों का उपहास नहीं किया जाना चाहिए सुप्रीम कोर्ट ने राहुलगांधी को साफ निर्देश दिया कि आगे से कोई अपमानजनक बयान नहीं दें, विशेष रूप से स्वतंत्रता सेनानियों के संबंध में, उदाहरण के लिए आदिसुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी के खिलाफ 2022 की टिप्पणी (विनायक दामोदर सावरकर पर विवादित बयान) से जुड़े आपराधिक मामलेमें शून्य अवधि की स्थगन में चार सप्ताह की बढ़ोतरी की है. यह सुनवाई सीमा 4 सप्ताह बाद पुनर्निर्धारित की गई है.

संसद मानसून सत्र में हंगामा जारी, लोकसभा स्थगित ऑपरेशन सिंदूर और बिहार एसआईआर पर विपक्ष का विरोध तेज

मानसून सत्र में विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी और विरोध के बीच निचले सदन की कार्यवाही शुक्रवार को भी स्थगित कर दी गई. इसके बाद लोकसभाअध्यक्ष ओम बिरला ने सर्वदलीय बैठक बुलाई और सदस्यों से सदन को सुचारू रूप से चलने देने का आग्रह किया. बैठक के दौरान ऑपरेशन सिंदूर परएक सत्र आयोजित करने पर भी चर्चा हुई. इससे पहले आज सुबह राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. उच्च सदनकी बैठक अब सोमवार सुबह 11 बजे होगी. जबकि लोकसभा दोपहर 2 बजे फिर से शुरू होगी। सोमवार से (28 जुलाई) से सदन सुचारू रूप सेचलाने पर सहमति बन गई है। इसी दिन ऑपरेशन सिंदूर पर भी चर्चा होगी. बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा की मांगकर रहे विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद में प्रश्नकाल, चर्चा और संवाद को जारी रखने की अपील की और कहा किसभी सांसदों को संसदीय मर्यादा का पालन करते हुए जनहित के मुद्दों पर बहस करनी चाहिए. प्रतिनिधित्व के अधिकार पर हमलाविपक्षी सांसद बिहार में चल रही विशेष तीव्र पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर चर्चा की मांग कर रहे हैं. उनका आरोप है कि चुनाव आयोगद्वारा राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले की जा रही यह प्रक्रिया जन प्रतिनिधित्व के अधिकार पर हमला है. विपक्ष का कहना है कि इसप्रक्रिया के जरिए लाखों मतदाताओं को वोटर लिस्ट से हटाया जा रहा है जो संविधान और लोकतंत्र पर जानबूझकर किया गया हमला है.शुक्रवार कोजब विपक्षी सदस्य तख्तियां लिए सदन के वेल में आ गए तो ओम बिरला ने कहा कि विरोध दर्ज करने का एक तरीका होता है. अगर आप संसद नहींचलाना चाहते हैं. तो सदन की कार्यवाही आज दोपहर 2:00 बजे तक के लिए स्थगित की जाती है। लोकसभा स्थगित करने से पहले लोकसभाअध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों से निचले सदन को सामान्य रूप से चलने देने का आग्रह किया और बैनरों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह “गतिरोध” ठीक नहीं है. गतिरोध समाप्त करने के लिए होगी चर्चागतिरोध समाप्त करने के लिए चर्चा होगी. सरकार के प्रतिनिधि भी होंगे. अगर कोई असहमति है, तो उसे सदन के नियमों के अनुसार व्यक्त किया जानाचाहिए ।इससे पहले दिन में कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने बिहार में 52 लाख मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर किए जाने के मुद्दे पर चर्चा केलिए स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया था. उन्होंने इसे मोदी सरकार द्वारा चुनाव आयोग का उपयोग कर संविधान और लोकतंत्र पर सुनियोजित हमलाबताया। 21 जुलाई को शुरू होने के बाद से संसद की कार्यवाही बार-बार स्थगित हो रही है. कल विपक्ष के हंगामे के बीच संसद के दोनों सदनों कीकार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई थी. इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद भवन के मकर द्वार पर विपक्षी गठबंधन इंडियाके सांसदों के विरोध प्रदर्शन में भाग लिया. यह विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया. इसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुलगांधी, प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने हिस्सा लिया.

CDS जनरल अनिल चौहान का बड़ा बयान ऑपरेशन सिंदूर जारी, भविष्य के युद्धों के लिए हाइब्रिड वॉरियर होंगे जरूरी

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है. देशकी सैन्य तैयारियों के पहलू पर उन्होंने कहा कि हमारी तैयारी का स्तर बहुत ऊंचा होना चाहिए. तैयारियां ऐसी हों जिसमें हम चौबीसों घंटे और 365 दिन मुस्तैद रहें. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एक रक्षा संगोष्ठी के दौरान सीडीएस जनरल चौहान ने कहा कि युद्ध के उभरते परिदृश्य में, भविष्यके सैनिक को सूचना और तकनीक के साथ साथ युद्ध कौशल के ऐसे मिश्रण से लैस होना चाहिए जो वॉरियर की तरह हो. उन्होंने कहा कि सेना केलिए ‘शस्त्र’ (युद्ध) और ‘शास्त्र’ (ज्ञान) दोनों सीखना आवश्यक है. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने आधुनिक युद्ध की बदलतीरणनीतियों पर भी कई बाते कही. उन्होंने कहा कि आज की लड़ाइयां पारंपरिक सीमाओं में नहीं सिमटी हैं बल्कि वे पारदर्शी, तीव्र, बहु-क्षेत्रीय औरतकनीकी रूप से बेहद जटिल हो गई हैं. रणनीतिक स्तरों पर एक साथ होगा दक्षउन्होंने इसे तीसरी सैन्य क्रांति करार दिया और कहा कि आज का युद्ध केवल बंदूक और टैंक तक सीमित नहीं रह गया है. सीडीएस चौहान के मुताबिक, आज के योद्धा को सामरिक, परिचालन और रणनीतिक स्तरों पर एक साथ दक्ष होना होगा. उन्हें थल, जल, वायु के साथ-साथ साइबर और कॉग्निटिववॉरफेयर जैसे नए युद्धक्षेत्रों में भी सक्षम होना पड़ेगा. यह एक ऐसा युग है जहां एक ड्रोन हमला, साइबर अटैक, नैरेटिव वॉर और अंतरिक्ष में बाधा एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं. जनरल चौहान ने कन्वर्जेंस वॉरफेयर शब्द का प्रयोग करते हुए कहा कि आज काइनेटिक और नॉन-काइनेटिक (यानि पारंपरिकऔर डिजिटल) युद्ध एक-दूसरे में घुलमिल रहे हैं. पहली और दूसरी पीढ़ी के युद्ध आज तीसरी पीढ़ी के साइबर और AI आधारित युद्ध के साथसम्मिलित हो चुके हैं। सीडीएस ने आगे बताया कि ने कहा कि भविष्य में हमें ऐसे ‘हाइब्रिड वॉरियर’ की आवश्यकता होगी जो बॉर्डर पर लड़ सके, रेगिस्तान में रणनीति बना सके, शहरों में काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन चला सके, ड्रोन को निष्क्रिय कर सके, साइबर हमलों का जवाब दे सके औरप्रभावशाली सूचना अभियान भी चला सके. सूचनाओं का करेगें मुकाबलाजनरल चौहान ने कहा कि अब हमें तीन तरह के योद्धाओं की ज़रूरत होगी टेक वॉरियर्स, इंफो वॉरियर्स और स्कॉलर वॉरियर्स जहां टेक वॉरियर्स एआईऔर साइबर ताकत को इस्तेमाल कर पाएंगे, वहीं इंफो वॉरियर्स नैरेटिव्स को आकार देंगे और फर्जी सूचनाओं का मुकाबला करेंगे. स्कॉलर वॉरियर्सरणनीति और युद्ध विज्ञान की गहरी समझ के साथ निर्णय लेंगे. सीडीएस चौहान के अनुसार, आने वाले युद्धों में सैनिक को इन तीनों भूमिकाओं में दक्षहोना अनिवार्य होगा. यही आधुनिक युद्ध की नई परिभाषा है. सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने एक कार्यक्रम में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भीजारी है और सेना को चौबीस घंटे तैयार रहना चाहिए. उन्होंने भविष्य के युद्धों को ‘कन्वर्जेंस वॉरफेयर’ बताया जिसमें पारंपरिक और तकनीकी युद्धमिलते हैं. साथ ही उन्होंने हाइब्रिड वॉरियर की आवश्यकता बताई जो टेक, इंफो और स्कॉलर वॉरियर्स का मिश्रण हों.

सरकार का स्पष्ट रुख ‘समाजवाद’ और ‘पंथनिरपेक्षता’ शब्दों को संविधान से हटाने की कोई योजना नहीं

केंद्र सरकार ने कहा है कि उनकी संविधान से ‘समाजवाद’ और ‘पंथनिरपेक्ष’ शब्द हटाने पर विचार करने की फिलहाल कोई मंशा या योजना नहीं है. सरकार ने कहा कि इस संबंध में कोई प्रक्रिया शुरू भी नहीं की गई है. राज्यसभा में सरकार ने यह जानकारी दी. एक सवाल के जवाब में केंद्रीय कानूनमंत्री ने ये भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट भी 42वें संविधान संशोधन को वैध करार दे चुका है. राज्यसभा में सांसद रामजी लाल सुमन ने इस संबंध मेंसवाल किया था. जिस पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने गुरुवार को लिखित जवाब में बताया कि ‘सरकार का आधिकारिक रुख यह है किसंविधान की प्रस्तावना से ‘समाजवाद’ और ‘पंथनिरपेक्ष’ शब्दों पर पुनर्विचार करने या उन्हें हटाने की कोई योजना या मंशा नहीं है. प्रस्तावना मेंसंशोधनों के संबंध में किसी भी चर्चा के लिए गहन विचार-विमर्श और व्यापक सहमति की जरूरत होगी, लेकिन अभी तक सरकार ने इन प्रावधानों कोबदलने के लिए कोई औपचारिक प्रक्रिया शुरू नहीं की है. वैधता की कर चुका है पुष्टीकेंद्रीय मंत्री ने जवाब में बताया कि ‘सर्वोच्च न्यायालय साल 1976 में हुए 42वें संविधान संशोधन की वैधता की पुष्टि कर चुका है जिसके तहतसंविधान की प्रस्तावना में ‘समाजवाद’ और ‘पंथनिरपेक्ष’ शब्द जोड़े गए थे. उन्होंने कहा कि ‘नवंबर 2024 में, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने ‘डॉ. बलराम सिंह एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य’ के मामले में, 1976 के संशोधन (42वें संविधान संशोधन) को चुनौती देने वाली याचिकाओं कोखारिज कर दिया था, और पुष्टि की थी कि संसद के पास संविधान की प्रस्तावना में भी संशोधन की शक्ति है। मेघवाल ने अपने जवाब में कहा, सर्वोच्च न्यायालय ने साफ किया है कि भारत के संदर्भ में समाजवाद एक कल्याणकारी राज्य का प्रतीक है और यह निजी क्षेत्र के विकास में बाधा नहींडालता, जबकि पंथनिरपेक्षता संविधान के मूल ढांचे का अभिन्न अंग है. पुनर्विचार करने की कर रहे है वकालतसरकार ने कहा’कुछ सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा बनाए गए माहौल के चलते, यह संभव है कि कुछ समूह इन शब्दों पर पुनर्विचार करनेकी वकालत कर रहे हों. लेकिन इस तरह की गतिविधियां सार्वजनिक चर्चा या माहौल तो बना सकती हैं. लेकिन जरूरी नहीं कि ये सरकार काआधिकारिक रुख हो. गौरतलब है कि जून में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा था कि समाजवाद और पंथनिरपेक्ष जैसेशब्दों को संविधान में जबरन डाला गया था और अब इस पर पुनर्विचार करने की जरूरत है. संघ महासचिव ने आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ परइंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में ये बात कही थी। हालांकि कई विपक्षी नेताओं ने होसबाले के बयान की तीखीआलोचना की थी. केंद्र सरकार ने राज्यसभा में कहा है कि फिलहाल सरकार की संविधान की प्रस्तावना से समाजवाद और पंथनिरपेक्ष शब्दों को हटानेया उनके संशोधन पर विचार करने की कोई योजना नहीं हैं. सरकार ने ये भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी इन संशोधनों को वैध करार दे चुका है.

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों पर केंद्रित, भारत की कार्रवाई संतुलित और गैर-उत्तेजक

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर जवाब दिया है. उन्होंने बताया कि यह सैन्य अभियानपाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों द्वारा किए गए एक बर्बर सीमा-पार पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था. मंत्री ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी ढांचे को ध्वस्त करना और उन आतंकियों को खत्म करना था। जिन्हें भारत में घुसपैठ केलिए भेजा जा सकता था. भारत की कार्रवाई केंद्रित, संतुलित और गैर-उत्तेजक रही. केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि भारत की कार्रवाई से बौखलाएपाकिस्तान ने न केवल भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, बल्कि नागरिक क्षेत्रों पर भी हमला करने की कोशिश की. इसके जवाब में भारतीयसशस्त्र बलों ने पाकिस्तान हमलों का जवाब देते हुए पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचाया. जनता के भावनाओं के थे खिलाफमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि इस कार्रवाई के बाद 10 मई 2025 को पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (डीजीएमओ) ने भारत केडीजीएमओ से संपर्क कर गोलीबारी और सैन्य गतिविधियों को रोकने का अनुरोध किया. जिसे उसी दिन सहमति दे दी गई. सपा संसद ने लिखितसवाल में पूछा था कि ऑपरेशन सिंदूर अंतरराष्ट्रीय दबाव में घोषित किया गया था. इस संबंध में वास्तविक स्थिति क्या है? उन्होंने दूसरा सवाल पूछा- ऑपरेशन सिंदूर में युद्धविराम की अचानक घोषणा से सेना के मनोबल पर क्या प्रभाव पड़ा, जब हमारी सेनाएं महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त कर रही थीं. लेकिन अचानक युद्धविराम की घोषणा देश की जनता की भावनाओं और मनोबल के खिलाफ थी. शुक्रवार को पहली बार दिया जवाबउपरोक्त की वास्तविक स्थिति क्या है? ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर के सवालों पर गुरुवार को सरकार ने संसद में शुक्रवार को पहली बार जवाबदिया .विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में लिखित जवाब में कहा, ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान की ओर से किए बर्बर आतंकी हमले केजवाब में शुरू हुआ था. इसका उद्देश्य था उन आतंकवादियों को खत्म करना, जिन्हें भारत में घुसपैठ के लिए भेजा जा सकता था.   पाकिस्तानद्वारा भारतीय ठिकानों और नागरिक क्षेत्रों पर हमले की कोशिशों के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने कार्रवाई की जिसका उद्देश्य पाकिस्तान कीआतंक क्षमताओं को क्षीण करना था. इसके बाद, 10 मई 2025 को पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ से संपर्क कर गोलीबारी औरसैन्य गतिविधियाँ रोकने का अनुरोध किया. जिसे उसी दिन स्वीकार कर लिया गया.

उपराष्ट्रपति धनखड़ का अचानक इस्तीफा सियासत में मचा भूचाल, विपक्ष बोला सरकार का है दबाव

मानसून सत्र के पहले ही दिन उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने सियासत में गर्मी ला दी है। विपक्ष आरोपलगा रहा है कि इस्तीफा सरकार के दबाव में हुआ है. वहीं सत्ता पक्ष ने कहा कि कांग्रेस जबरन इसे नाटकीय रंग दे रहा है. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़प्रोटोकॉल तोड़कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंपने पहुंच गए थे. बिना पूर्व सूचना के पहुंचे धनखड़ को राष्ट्रपति भवन में आधे घंटे तकइंतजार करना पड़ा. इस्तीफा देने के बाद धनखड़ सीधे अपने सरकारी आवास को खाली करने पहुंच गए. अब जबकि उन्होंने उपराष्ट्रपति पद सेइस्तीफा दे दिया है तब सरकार और उनके बीच असहज स्थिति के कई किस्से सामने आ रहे हैं. इनमें उनकी ओर से अप्रैल में भारत आए अमेरिकीउपराष्ट्रपति जेडी वेंस से बैठक कराने की जिद और किसानों के मुद्दे पर सार्वजनिक मंच पर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को सुनाई खरी-खरी जैसीकई घटनाओं का जिक्र किया जा रहा है. राष्ट्रपति भवन के सूत्रों के मुताबिक सोमवार को धनखड़ करीब 8:30 बजे अचानक राष्ट्रपति भवन पहुंचे. उन्होंने राष्ट्रपति से मिलने का समय नहीं लिया था. अफरा-तफरी का मच गया था माहौलउनके अचानक वहां पहुंचने से अफरातफरी का माहौल था अधिकारियों ने तत्काल इसकी सूचना राष्ट्रपति को दी. ऐेसे में उन्हें राष्ट्रपति से मिलने केलिए करीब आधा घंटा इंतजार करना पड़ा इस मुलाकात में धनखड़ ने तत्काल राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंपा और जब तक कोई कुछ समझ पाताउन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दी. सरकार और धनखड़ के बीच असहज स्थिति की शुरुआत बीते साल दिसंबर महीने मेंतब शुरू हुई जब उन्होंने सार्वजनिक मंच पर किसान आंदोलन पर सरकार नीति का विरोध किया था. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति मेंउन्होंने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया था। तब उन्होंने कहा था कृषि मंत्री जी आपका एक-एक पल भारी है. मुझे बताईये कि क्या सरकार नेकिसानों से कोई वादा किया था? अगर किया था तो उसे पूरा क्यों नहीं किया गया? किसान आंदोलन को सीमित रूप में देखना आपकी बड़ी भूलहोगी. क्योंकि जो किसान सड़क पर नहीं हैं वह भी चिंतित हैं. अचानक दिया इस्तीफाहालांकि धनखड़ ने अचानक इस्तीफा क्यों दिया, अपना इस्तीफा सोशल मीडिया के जरिए क्यों सार्वजनिक किया, इस पर अब भी सस्पेंस कायम है. मंगलवार को उनके करीबी सूत्रों ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है। चूंकि इस्तीफे के बाद कयासों का दौर शुरू हो गया.विपक्ष ने आरोप लगाया कि इस्तीफा सरकार के दबाव में हुआ है इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रकरण के 15 घंटे बाद सोशल मीडिया केजरिए उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की, जिससे यह संदेश न जाए कि धनखड़ ने किसी दबाव में इस्तीफा दिया है. सूत्रों के मुताबिक, अबकार्यवाहक सभापति हरिवंश राज्यसभा में महाभियोग के नोटिस पर फैसला लेंगे. चूंकि लोकसभा में सभी पक्षों के 152 सांसदों ने इसी आशय कानोटिस दिया है। ऐसे में सरकार निम्न सदन में महाभियोग की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है. हालांकि, अब विपक्ष का क्या रुख होगा, यह देखनादिलचस्प होगा. अगर प्रक्रिया राज्यसभा में शुरू हुई तो इस मामले में सारा श्रेय विपक्ष ले लेगा.

भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर, मोदी-स्टार्मर की मुलाकात से खुले नए निवेश और व्यापार के द्वार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नरेंद्र मोदी अपने दो दिनों की आधिकारिक यात्रा पर बुधवार को ब्रिटेन पहुंच गए है. इस दौरान पीएम मोदी की मौजूदगी में भारतऔर ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने है. इससे पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भारत के साथ होने वाले एफटीए से दोनोंदेशों को होने वाले फायदे की बात पर जोर दिया. उन्होंने इसे बड़ी जीत बताते हुए कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाला फ्री ट्रेडएग्रीमेंट (एफटीए) एक ऐतिहासिक समझौता है. जो ब्रिटेन के लिए रोजगार और विकास के लिहाज से एक बड़ी जीत है. स्टार्मर ने कहा कि भारत केसाथ होने वाले इस समझौते से कपड़े, जूते और खाने-पीने की चीजों की कीमतें कम होंगी. जिससे आम ब्रिटिश परिवारों को राहत मिलेगी. नौकरियों और व्यापार के मौके लाएगाबता दें कि प्रधानमंत्री मोदी के ब्रिटेन दौरे के दौरान दोनों नेता गुरुवार को चीकर्स स्थित ब्रिटिश प्रधानमंत्री के निवास पर मुलाकात करेंगे. इस बैठक सेपहले स्टार्मर ने यह भी घोषणा की कि करीब 6 अरब पाउंड के नए निवेश और निर्यात सौदे तय हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसमें भारतीय कंपनियोंका ब्रिटेन में विस्तार और ब्रिटिश कंपनियों का भारत में व्यापार के नए मौके पाना शामिल है. कीर स्टार्मर ने कहा कि यह समझौता ब्रिटेन के हर कोने मेंनई नौकरियां और व्यापार के मौके लाएगा. उन्होंने कहा कि यह हमारे प्लान फोर चेंज का हिस्सा है हम अर्थव्यवस्था को तेजी से बढ़ाएंगे और लोगों केजीवन स्तर को ऊपर उठाएंगे. बता दें कि एफटीए के तहत ब्रिटेन से भारत आने वाले उत्पादों पर औसतन 15% की जगह अब सिर्फ 3% टैक्स लगेगा. इससे कार, मेडिकल डिवाइस, सौंदर्य उत्पाद और सॉफ्ट ड्रिंक्स जैसी चीजें भारत में सस्ती और आसानी से उपलब्ध होंगी. व्हिस्की पर टैक्स 150% सेघटकर 75% किया जाएगा और 10 वर्षों में 40% तक आ जाएगा. नए विमान करेंगें डिलीवरइससे ब्रिटेन को भारतीय बाजार में बढ़त मिलेगी. एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिकल मशीनरी जैसे क्षेत्रों में लगने वाले टैक्स में भारी कटौतीकी जाएगी, जिससे उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी. नई रिपोर्ट के मुताबिक, इस समझौते से हर साल ब्रिटेन की जीडीपी में 4.8 अरब पाउंड की वृद्धिहोगी. ब्रिटिश सरकार के अनुसार, इस समझौते से 26 ब्रिटिश कंपनियों को भारत में नया व्यापार मिला है. एयरबस और रोल्स-रॉयस जल्द भारत कोनए विमान डिलीवर करेंगे. इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को भारत के बाजार में पहले से कहीं ज्यादा पहुंच मिलेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोदिवसीय यात्रा पर ब्रिटेन पहुंचे हैं इस दौरान भारत-ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर होंगे. ब्रिटिश पीएम कीरस्टार्मर ने इसे रोजगार और विकास के लिए बड़ी जीत बताया. उन्होंने कहा कि इससे कीमतें घटेंगी और दोनों देशों को छह अरब पाउंड के निवेश वव्यापार के नए अवसर मिलेंगे.

भाजपा विधायक मिश्री लाल यादव की सदस्यता बहाल, हाईकोर्ट से मिली राहत के बाद विधानसभा सचिवालय ने जारी की अधिसूचना

दरभंगा के अलीनगर विधानसभा से भाजपा विधायक मिश्रिलाल यादव की विधानसभा की सदस्यता फिर बहाल कर दी गई है. इस बात कीअधिसूचना देर रात विधानसभा की सचिव ख्याति सिंह द्वारा बुधवार देर रात जारी कर दी है. विधायक मिश्रिलाल यादव को दरभंगा के एमपी एमएलएकी विशेष न्यायालय ने एक पुराने मारपीट के मामले सुनवाई करते हुए 27 मई को दो साल की सजा सुनाई थी. इसके बाद मिश्री लाल को जेल होगई थी. जिस वजह से 20 जून को भाजपा विधायक मिश्रिलाल यादव की विधानसभा की सदस्यता समाप्त कर दी गई थी. हालांकि इस मामले मेंविधायक को हाईकोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है. जबकि हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए 18 जुलाई को विधानसभा सदस्यता रद्द करने के मामलेको निरस्त कर दिया था. एक पुराने मारपीट के मामले में कोर्ट ने विधायक मिश्रिलाल यादव को 27 मई को दोषी पाते हुए दो साल की सजा सुनाईथी. जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया था. 6 बजे निकला था मॅार्निंग वाक से बाहरइसके बाद विधायक द्वारा हाईकोर्ट में अपील किया गया जिसमें सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 23 जून को जमानत देते हुए रिहा कर दिया था. भाजपाविधायक मिश्री लाल यादव को 27 मई को दरभंगा व्यवहार न्यायालय के MP MLA कोर्ट के एडीजे 3 सुमन कुमार दिवाकर ने धारा 506 में उमेशमिश्र दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए भाजपा विधायक को 2 साल कैद के साथ 1 लाख रुपया का अर्थदंड की सजा सुनाई थी. इससे पहले इसीधारा में तीन महीने और 500 रुपया अर्थदंड की सजा मिली मिली थी. सजा मिलने के बाद पुलिस अभिरक्षा में अलीनगर भाजपा विधायक मिश्रीलाल यादव को जेल भेज दिया था.अदालत ने रैयाम थानाकांड सं 04/19 से बने बिचारण वाद सं. 884/23 का बिचारण कर दोनों दोषी अभियुक्तको सजा सुनाई है।पूर दोनो के विरूद्ध समैला निवासी उमेश मिश्र ने 29 जनवरी 19 की आपराधिक घटना को लेकर 30 जनवरी को प्राथमिकी सं. 4/19 दर्ज कराया था. सूचक का आरोप था कि 29 जनवरी 19 को सुबह 6 बजे मॉर्निंग वाक के लिए घर से निकला. गाली गलौज करने का भी आरोपजब वह गोसाईं टोल पहूंचा तो पुरब दिशा से आ रहे मिश्री लाल यादव, सुरेश यादव एवं अन्य 20/25 व्यक्ति हरवे हथियार से लैस होकर कदमचौकपर घेर कर गाली गलौज करने लगा. जब उसने इस बात का विरोध किया तो मिश्रीलाल यादव ने सूचक के सिर पर फरसा से प्रहार कर दिया. जिससेउसका सिर कट गया और खून बहने लगा. सुरेश यादव ने रॉड और लाठी से मारकर सूचक के पॉकेट से 2300 रुपये निकाल लिए. जख्मी का इलाजपहले केवटी पीएचसी और तत्पश्चात डीएमसीएच में हुआ. अनुसंधानक ने 12 अक्टूबर 19 को आरोप पत्र समर्पित किया. कोर्ट ने 17 अप्रैल 20 कोसंज्ञान लिया.बुधवार, 23 जुलाई 2025 की रात को बिहार विधानसभा सचिवालय, सचिव ख्याति सिंह की अधिसूचना के माध्यम से मिश्री लालयादव की सदस्यता बहाल कर दी गई. इस बहाली को हाईकोर्ट के फैसले का अनुपालन बताया गया. राज्य विधानसभा सचिवालय ने बुधवार देर रातअधिसूचना जारी कर उनकी सदस्यता बहाल कर दी. इसकी वजह हाईकोर्ट निर्णय है. विशेष न्यायालय की सजा के चलते मिश्री लाल यादव की छहमहीने पहले सदस्यता रद्द की गई.