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‘मन की बात’ में PM मोदी ने खुदीराम बोस को दी श्रद्धांजलि, कहा– 18 साल की उम्र में जो बलिदान दिया, आज भी है वह हमारे लिए प्रेरणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के ताजा एपिसोड में रविवार को स्वतंत्रता संग्राम के वीर सपूत खुदीराम बोस कोयाद किया. उन्होंने कहा कि खुदीराम बोस ने बहुत ही कम उम्र में देश के लिए बलिदान दिया, जो आज भी हम सभी को प्रेरणा देता है. पीएम मोदी नेबताया कि यह घटना 11 अगस्त 1908 की है. उस दिन का सुबह का वक्त था और जगह थी बिहार का मुजफ्फरपुर शहर अंग्रेज सरकार ने खुदीरामबोस को फांसी देने की तैयारी कर ली थी. आज भी हमें है गर्वपीएम मोदी ने कहा कि जेल के अंदर अंग्रेज अफसर एक 18 साल के युवा को फांसी देने की तैयारी में थे. लेकिन उस युवा के चेहरे पर कोई डर नहींथा वहां सिर्फ और सिर्फ गर्व था, वही गर्व जो किसी को देश के लिए मर-मिटने पर होता है. उन्होंने बताया कि उस वक्त जेल के बाहर हजारों लोगजमा थे. हर गली, हर चौराहा शांत था, लोगों की आंखों में आंसू थे, लेकिन दिलों में गुस्सा और जोश था. वे सब एक ऐसे वीर को अंतिम विदाई देनेआए थे जिसने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी.प्रधानमंत्री ने कहा कि खुदीराम बोस ने ब्रिटिश अफसर किंग्सफोर्ड को लक्ष्यबनाकर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ विद्रोह किया था. भले ही उनकी योजना पूरी तरह सफल नहीं हो सकी और वे पकड़े गए, लेकिन उन्होंने फांसी केफंदे को भी हंसते-हंसते गले लगा लिया. खुदीराम बोस को दी श्रद्धांजलिइस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर सपूत खुदीराम बोस को श्रद्धांजलि दी. साथ ही कहा कि खुदीराम बोस का साहस और देशभक्तिआज भी हम सभी को प्रेरित करती है. हमें अपने ऐसे वीर सपूतों के बलिदान को याद रखना चाहिए और उनसे सीख लेनी चाहिए. बता दें कि खुदीरामबोस सिर्फ 18 साल की उम्र में देश के सबसे नौजवान स्वतंत्रता सेनानी बन गए जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ बगावत करते हुए बलिदान दिया. उन्होंनेब्रिटिश अफसरों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसमें अंग्रेज अफसर किंग्सफोर्ड को मारने की योजना थी. हालांकि योजना पूरी तरह सफल नहींहो पाई, लेकिन खुदीराम पकड़े गए और उन्हें फांसी की सजा हुई।प्रधानमंत्री मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के ताजा एपिसोजमें रविवार को स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने बताया कि 11 अगस्त 1908 को मुजफ्फरपुर में 18 वर्षीय खुदीराम बोस कोफांसी दी गई थी. उनका चेहरा गर्व से भरा था, डर का नामोनिशान नहीं था. जेल के बाहर हजारों लोग एक वीर को अंतिम विदाई देने जुटे थे. पीएममोदी ने कहा कि उनका बलिदान आज भी प्रेरणा देता है.

हिंदू धर्म में जब तक समानता नहीं आएगी, धर्मांतरण नहीं रुकेगा सपा सांसद रामजीलाल सुमन का बयान

समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने धर्मांतरण पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जब तक हिंदू धर्म में समानता नहीं आएगी, तबतक देश में धर्मांतरण को कोई नहीं रोक सकता. सांसद फिरोजाबाद में समाजवादी पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होने आए थे. यहां मीडिया से रूबरूहोते हुए उन्होंने धर्मांतरण के मुद्दे पर बयान दिया. सपा सांसद ने कहा कि ‘स्वामी विवेकानंद और महात्मा गांधी ने कहा था कि अगर हिंदू धर्म समानताका धर्म नहीं बन सकता तो हम ये चाहेंगे कि ये एकदम नष्ट हो जाए। धर्म परिवर्तन की पूरी जिम्मेदारी हिंदू धर्म के ठेकेदारों की है. जब तक हिंदू धर्म मेंविषमता रहेगी, समता का भाव नहीं होगा. इस देश में धर्म परिर्वतन होगा, कोई रोक नहीं सकता’ फिरोजाबाद में सपा जिला कार्यालय पर आरक्षणदिवस एवं संविधान स्तंभ स्थापना दिवस मनाया गया. संचालन किया शिवराज सिंह यादव नेसपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा कि मनु महाराज का संविधान इस देश में नहीं चलेगा. यह देश बाबा साहबडॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान से चलेगा. जो सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की सीख देता है. सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने कहाकि हम जब भी किसी पीड़ित के पास जाने का प्रयास करते हैं तो भाजपा का प्रशासन हमें जाने नहीं देता है. क्या यह संविधान का अपमान नहीं है. कार्यक्रम में सपा सांसद अक्षय यादव ने कहा कि बूथ को बचाना है संविधान को बचाना है. वोटर लिस्ट को बचाने के साथ ही संविधान की जीत होगीउन्होंने कहा कि हम सदन में बहस करने को तैयार हैं. संचालन सपा के जिलाध्यक्ष शिवराज सिंह यादव ने किया. संविधान के प्रति की भेंटसपा विधायक डा.मुकेश वर्मा, विधायक इंजी. सचिन यादव,पूर्व जिलाध्यक्ष रमेशचंद्र चंचल आदि मौजूद रहे भारतीय हलधर किसान यूनियन केजिलाध्यक्ष ऋषभ यादव ने सपा जिला कार्यालय पर आरक्षण दिवस के मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन एवंसांसद अक्षय यादव को बाबा साहब के संविधान की प्रति भेंट की. प्रदेश में धर्मांतरण के मामले सामने आने के बाद अब इस पर सियासी बयानबाजीभी शुरू हो गई है. सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा कि धर्मांतरण की जिम्मेदार हिंदू धर्म के ठेकेदारों की है. उन्होंने प्रशासन पर भीसवाल उठाए और आरोप लगाया कि जब समाजवादी पार्टी के नेता किसी पीड़ित या वंचित वर्ग के लोगों से मिलने जाते हैं तो उन्हें भाजपा शासितप्रशासन द्वारा रोका जाता है. उन्होंने कहा कि यह संविधान का सीधा अपमान है. यह बयान आरक्षण दिवस और संविधान स्तंभ स्थापना दिवस केअवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दिया गया. भारतीय हलधर किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष ऋषभ यादव ने इस मौके पर बाबा साहब के संविधान कीप्रति रामजीलाल सुमन और अक्षय यादव को भेंट की.

भारत-ब्रिटेन एफटीए व्यापार में क्रांति लाएगा नया समझौता, भारतीय किसानों और निर्यातकों को होगा बड़ा लाभ

भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। व्यापार एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौतेको भारत के किसानों, व्यापारियों, एमएसएमई क्षेत्रों, युवाओं और मछुआरों के लिए परिवर्तनकारी बताया. गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि अबतक हस्ताक्षरित सभी एफटीए में से भारत-ब्रिटेन एफटीए सबसे बड़ा, सबसे व्यापक और सबसे महत्वपूर्ण है. यह अब तक का व्यापक समझौता है, जिसमें 30 अध्याय शामिल हैं। मुझे याद नहीं आता कि किसी अन्य एफटीए में इतने सारे अध्याय हों. गोयल ने कहा, भारत में कैबिनेट की मंजूरी मिलचुकी है। अब इस समझौते को ब्रिटेन में संसदीय मंजूरी की प्रतीक्षा है. इसके लागू होने पर, 99% भारतीय निर्यात ब्रिटेन में शुल्क-मुक्त पहुंच सकेंगे, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को काफी बढ़ावा मिलेगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की मजबूत और निर्णायक नेतृत्व क्षमता, तेजी से बढ़ता मध्यमवर्ग और लोगों की बढ़ती आय ने भारत को वैश्विक साझेदार के रूप में एक पसंदीदा देश बना दिया है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि यह ब्रिटेनका ब्रेक्जिट के बाद का सबसे महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौता है. उन्होंने कहा, हमने लैंगिक, पर्यावरण, बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) जैसेमुद्दों पर भी सहमति बनाई है. सबसे व्यापक और महत्वपूर्णगोयल ने कहा, कुछ गलत धारणाएं फैली हैं, जिन्हें मैं स्पष्ट करना चाहता हूं. हमने भारत के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा की है. हर देश के कुछक्षेत्र होते हैं जो संवेदनशील होते हैं, और ‘वन साइज फिट्स ऑल’ का सिद्धांत यहां लागू नहीं होता. उदाहरण के तौर पर, हमने डेयरी, चावल और चीनीजैसे क्षेत्रों को ब्रिटेन के लिए नहीं खोला है. उन्होंने कहा, यह समझौता निवेश को भी प्रोत्साहित करेगा. भारत- ब्रिटेन के लिए टेक्नोलॉजी औरइनोवेशन में साझेदार बन सकता है. पीयूष गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि अब तक हस्ताक्षरित सभी एफटीए में से भारत-ब्रिटेन एफटीए सबसेबड़ा, सबसे व्यापक और सबसे महत्वपूर्ण है. एफटीए में है अध्याययह अब तक का व्यापक समझौता है जिसमें 30 अध्याय शामिल हैं. मुझे याद नहीं आता कि किसी अन्य एफटीए में इतने सारे अध्याय हों. पीयूषगोयल ने कहा कि यह एफटीए अब तक भारत द्वारा हस्ताक्षरित सभी समझौतों में सबसे व्यापक और गहरा है. इस समझौते में 30 अध्याय शामिल हैंजो इसे अत्यधिक विस्तृत और व्यापक बनाते हैं. उन्होंने दावा किया कि उन्हें याद नहीं आता कि किसी अन्य एफटीए में इतने विषयों पर सहमति बनीहो. “यह अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक एफटीए है। इसमें 30 अध्याय हैं जो व्यापार, निवेश, नवाचार, बौद्धिक संपदा, पर्यावरण और श्रमिकअधिकारों जैसे अनेक पहलुओं को समेटते हैं. “भारत के किसानों, उद्यमियों और युवाओं के लिए यह गेम-चेंजर साबित होगा. हमने अपने संवेदनशीलक्षेत्रों की पूरी सुरक्षा की है.

राहुल गांधी बने ‘दूसरे आंबेडकर’? – उदित राज की बड़ी टिप्पणी, ओबीसी सम्मेलन में राहुल की आत्मस्वीकृति चर्चा में

कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद उदित राज ने शनिवार को अपने एक बयान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तुलना संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकरसे की। उदित राज ने कहा कि अगर अन्य पिछड़ा वर्ग उस बात को सुनता है. जो राहुल गांधी ने भागीदारी न्याय सम्मेलन के दौरान कही, तो राहुल गांधीइस बात को साबित कर देंगे कि वे ओबीसी वर्ग के दूसरे आंबेडकर हैं. कांग्रेस नेता उदित राज ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा एक पोस्ट मेंलिखा कि ‘तेलंगाना में हुई जाति जनगणना समाज का एक्स-रे है. राहुल गांधी का उद्देश्य इसे देशभर में कराने का है. उनके विचार दूरदर्शी हैं. अगरदलित और पिछड़ा वर्ग के लोग आगे आएं तो हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। समाज में जो असमानता है, वह कम होगी. अगर पिछड़ा वर्ग के लोगउसे समझने की कोशिश करें, जो राहुल गांधी कह रहे हैं तो राहुल गांधी इस बात को साबित कर देंगे कि वे उनके लिए दूसरे आंबेडकर हैं. आदिवासियों के मुद्दे आते है आसानी से समझ‘उदित राज ने लिखा कि ‘पिछड़ा वर्ग को यह सोचना होगा कि इतिहास उन्हें विकास का मौका बार-बार नहीं देगा. उन्होंने उस बात को मानना चाहिएऔर इसका समर्थन करना चाहिए. जो राहुल गांधी ने तालकटोरा स्टेडियम में हुए सम्मेलन में कही अगर वे ऐसा करते हैं तो राहुल गांधी उनके लिए दूसरेआंबेडकर साबित होंगे. शुक्रवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में कांग्रेस ने ‘ओबीसी नेतृत्व भागीदारी न्याय सम्मेलन’ का आयोजन किया। इसकार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ‘मुझे राजनीति करते हुए 21 साल हो गए हैं. जब मैं पीछे देखता हूं और खुद काआत्मनिरिक्षण करता हूं. मैंने कहां-कहां सही काम किया और कहां कमी रही, तो दो तीन बड़े मुद्दे दिखते हैं। मैंने जमीन अधिग्रहण कानून बनाया मनरेगालेकर आया और नियमगिरी की लड़ाई लड़ी. ये काम मैंने ठीक किए. चाहे वह आदिवासियों, दलितों और अल्पसंख्यकों की बात हो तो मुझे अच्छेनंबर मिलने चाहिए, महिलाओं के मुद्दे पर सही नंबर मिले चाहिए।’राहुल गांधी ने पिछड़ा वर्ग को लेकर कहा कि ‘अगर मैं अपनी कमी की बात करता हूंतो मैंने एक गलती की है, जो ओबीसी वर्ग है उसकी जिस तरह से मुझे रक्षा करनी चाहिए थी. वह मैंने नहीं की। इसका कारण था. आपके जो मुद्दे थेउस समय, मुझे गहराई से समझ नहीं आए. 10-15 साल पहले जो दिक्कतें दलितों के सामने थी वह मुझे समझ आ गई. आदिवासियों के मुद्दे भीआसानी से समझ आ जाते हैं. पहले ही करवा देते जाति जनगणनालेकिन ओबीसी के मुद्दे आसानी से नहीं दिखते हैं वह छुपे रहते हैं. अगर मुझे आपकी दिक्कतों के बारे में थोड़ा सा भी पता होता तो मैं उसी समय जातिजनगणना करवा देता. यह कांग्रेस की गलती नहीं बल्कि मेरी गलती है। वो मेरी गलती है, जिसे मैं ठीक करने जा रहा हूं. ये एक तरह से अच्छा हीहुआ, क्योंकि अगर उस समय मैंने जातिगत जनगणना करवा दी होती, तो वो आज जैसी नहीं होती. राहुल गांधी ने कहा कि ‘देश में दलित, पिछड़ा, आदिवासी, अल्पसंख्यक वर्ग की आबादी कुल मिलाकर करीब 90 फीसदी है. लेकिन जब बजट बनने के बाद हलवा बांटा जा रहा था, तो वहां 90 फीसदी की आबादी का कोई नहीं था. देश की 90 फीसदी की आबादी ही प्रोडक्टिव फोर्स है। हलवा बनाने वाले लोग आप हैं लेकिन हलवा वो खारहे हैं। हम ये नहीं कह रहे कि वो हलवा न खाएं, लेकिन कम से कम आपको भी तो मिले.’ राहुल गांधी ने दिल्ली में आयोजित न्याय सम्मेलन मेंस्वीकार करते हुए कहा था कि ‘अगर मैं अपनी कमी की बात करता हूं तो मैंने एक गलती की है जो ओबीसी वर्ग है उसकी जिस तरह से मुझे रक्षा करनीचाहिए थी वह मैंने नहीं की. इसका कारण था आपके जो मुद्दे थे उस समय मुझे गहराई से समझ नहीं आए.

गुजरात मिशन 2027 आनंद में राहुल गांधी का किसानों से संवाद, सहकारी मॉडल को फिर से मजबूत करने की पहल

राहुल गांधी 26 जुलाई को गुजरात के आनंद में कांग्रेस के नए जिला अध्यक्षों को संबोधित करेंगे और सहकारी दुग्ध समितियों के किसानों सेमुलाकात करेंगे. यह दौरा मिशन 2027 की तैयारी का हिस्सा है. हाल ही में दूध खरीद मूल्य को लेकर साबर डेयरी में किसानों ने प्रदर्शन किया था. कांग्रेस का दावा है कि भाजपा ने सहकारी मॉडल को कमजोर किया है जिसे फिर से मजबूत करने की जरूरत है. गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावोंको देखते हुए कांग्रेस ने मिशन 2027 की तैयारी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में संसद में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को गुजरातपहुंचे. इस दौरान वडोदरा एयरपोर्ट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया. राहुल गांधी आणंद में पार्टी के प्रशिक्षणशिविर में शामिल हुए. वहीं, आज वो वडोदरा के जितोदिया गांव में सहकारी दुग्ध उत्पादकों और सहकारी समुदाय के नेताओं के साथ बैठक करेंगे।इस मुलाकात में दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं, स्थानीय सहकारी समितियों की स्थिति और किसानों के हित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. कांग्रेसनेतृत्व का मानना है कि सहकारी मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकता है. भागीदारी भी मिलेगी देखने कोबैठक में स्थानीय किसानों की भागीदारी भी देखने को मिलेगी. गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने मिशन 2027 की तैयारीशुरू कर दी है. इसी कड़ी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी 26 जुलाई को गुजरात के आनंद शहर में पार्टी के नए जिला अध्यक्षों को संबोधित करेंगे औरसहकारी दुग्ध समितियों से जुड़े किसानों व नेताओं से भी मुलाकात करेंगे. यह दौरा खासकर उन मुद्दों पर केंद्रित रहेगा, जो वर्तमान में गुजरात कीसहकारी व्यवस्था और दुग्ध उद्योग को प्रभावित कर रहे हैं. गुजरात कांग्रेस ने हाल ही में जिला कांग्रेस समितियों के नए अध्यक्षों की नियुक्ति की है. इननए अध्यक्षों के लिए 26 से 28 जुलाई तक आनंद के एक रिसॉर्ट में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया है। इसका उद्देश्य मिशन2027 के लिए संगठन को मजबूत करना है। इस दौरान राहुल ने सभी अध्यक्षों को संबोधित किया। दोपहर में वे सहकारी दुग्ध उत्पादकों और नेताओंके साथ बैठक करेंगे. हाल ही में साबर डेयरी में दूध खरीद मूल्य को लेकर किसानों ने प्रदर्शन किया था. जिसके संदर्भ में यह बैठक हो रही है. नेताओं से भी करेंगे मुलाकातशिविर के उद्घाटन के बाद राहुल गांधी शाम करीब 3 बजे गुजरात की विभिन्न दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े किसानों और नेताओं से मुलाकात करेंगे. यह बातचीत खासकर हाल ही में साबर डेयरी के बाहर हुए प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में हो रही है. जिसमें दूध किसानों ने दूध खरीद दरों को लेकर विरोधजताया था साबर डेयरी, गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन से जुड़ी हुई है, जो अमूल ब्रांड के तहत उत्पाद बेचती है. गुजरात कांग्रेस नेभाजपा पर राज्य के सहकारी मॉडल को नष्ट करने का आरोप लगाया है. पार्टी प्रवक्ता मनीष दोषी ने कहा कि कभी गुजरात का सहकारी मॉडल पूरे देशके लिए एक उदाहरण था. लेकिन भाजपा के लंबे शासनकाल में इस व्यवस्था में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन बढ़ा है। राहुल गांधी का यह संवाद इसी मुद्देपर केंद्रित रहेगा कि कैसे इन सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता लाई जा सकती है और किसानों को उनका उचित हक मिल सके. राहुल गांधी का यहसंवाद दौरा किसानों की समस्याएं समझने और उन्हें पार्टी की आगामी रणनीति में शामिल करने का एक प्रयास है. दूध उत्पादन से जुड़ी लागत, भुगतानमें देरी, मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दे किसानों को लंबे समय से परेशान कर रहे हैं. कांग्रेस इन मुद्दों को 2027 के चुनावी एजेंडे मेंशामिल कर किसानों को एक नई आवाज देना चाहती है.

दुनिया में सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता बने पीएम मोदी, ‘मॉर्निंग कंसल्ट’ सर्वे में टॉप पर पहुंचे

प्रधानमंत्री मोदी देश में तो खासे लोकप्रिय हैं ही अब दुनियाभर में उनकी लोकप्रियता सिर चढ़कर बोल रही है. दरअसल एक हालिया सर्वे में पीएममोदी को लोकतांत्रिक देशों के लोकप्रिय नेताओं की सूची में पहले स्थान पर रखा गया है। सर्वे में प्रधानमंत्री मोदी को 75 प्रतिशत रेटिंग मिली है. जोसबसे ज्यादा है सर्वे का डेटा यूएस बिजनेस इंटेलीजेंस कंपनी ‘मॉर्निंग कंसल्ट’ ने शुक्रवार को जारी किया. सर्वे में भाग लेने वाले लोगों में से 75 प्रतिशत ने पीएम मोदी को दुनिया का सबसे स्वीकार्य नेता बताया. वहीं 18 प्रतिशत ने इसके विपरीत मत दिया. 7 प्रतिशत लोग ऐसे थे, जिन्होंनेकोई मत नहीं दिया. 50 प्रतिशत लोगों का मिला था समर्थनलोकतांत्रितक देशों के लोकप्रिय नेताओं की सूची में दूसरे स्थान पर दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग को जगह मिली है, जिन्हें 59 प्रतिशतलोगों का समर्थन मिला. ये दिखाता है कि पीएम मोदी न सिर्फ सबसे लोकप्रिय नेता चुने गए हैं बल्कि उन्होंने अच्छे खासे अंतर से दूसरे नेताओं कोपीछे छोड़ा है। इस सूची में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आठवें स्थान पर हैं और उनकी अप्रूवल रेटिंग 45 प्रतिशत से भी कम है. इस सर्वे में तीसरेस्थान पर अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई हैं. जिनकी अप्रूवल रेटिंग 57 प्रतिशत है. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी चौथे स्थान पर हैं. जिन्हें 56 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला है. इसी तरह पांचवें स्थान पर ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी एल्बानीस, छठे स्थान पर मेक्सिको की नेता क्लाउडियाशिनबाम का नाम है. चौंकाने वाली बात ये है कि दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सूची में आठवें स्थान पर हैं औरसिर्फ 44 प्रतिशत लोगों ने ही उन्हें स्वीकार्य नेता माना है जबकि 50 प्रतिशत ने इसके खिलाफ मत दिया. पहले दिया गया था 10वां स्थानइटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी भी इस सूची में शीर्ष दस में हैं और उन्हें 10वां स्थान दिया गया है. पीएम मोदी के सबसे लोकप्रिय नेता चुनेजाने को लेकर बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट भी किया. इस पोस्ट में भाजपा नेता ने लिखा कि एक अरबसे ज़्यादा भारतीयों के प्रिय और दुनिया भर में लाखों लोगों के सम्मान के पात्र, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर मॉर्निंग कंसल्ट ग्लोबल लीडरअप्रूवल ट्रैकर में शीर्ष पर हैं. दुनिया भर में सर्वोच्च रेटिंग वाले सबसे विश्वसनीय नेता। मजबूत नेतृत्व, वैश्विक सम्मान, भारत सुरक्षित हाथों में है. सर्वे मेंभाग लेने वाले लोगों में से 75 प्रतिशत ने पीएम मोदी को दुनिया का सबसे स्वीकार्य नेता बताया. वहीं 18 प्रतिशत ने इसके विपरीत मत दिया। 7 प्रतिशत लोग ऐसे थे, जिन्होंने कोई मत नहीं दिया.

तमिलनाडु में पीएम मोदी का विकास संकल्प ₹4800 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन, चोल सम्राट को दी श्रद्धांजलि

ब्रिटेन और मालदीव की अपनी यात्रा से लौटने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तमिलनाडु का दौरा करेंगे. यहां वह तूतीकोरिन में एकसार्वजनिक कार्यक्रम में 4800 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे. यह कार्यक्रम रात8 बजे आयोजित होगा. इसके बाद वह रविवार को तिरुचिरापल्ली के गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर में दोपहर 12 बजे महान चोल सम्राट राजेंद्र चोलप्रथम की जयंती समारोह और आदी तिरुवथिरा उत्सव में भाग लेंगे.पीएम मोदी की आधिकारिक बयान के अनुसार, मालदीव की राजकीय यात्रा केबाद प्रधानमंत्री सीधे तूतीकोरिन पहुंचेंगे। यहां वे कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे। ये परियोजनाएं क्षेत्रीयकनेक्टिविटी, रसद दक्षता, स्वच्छ ऊर्जा ढांचे और तमिलनाडु के नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएंगे. प्रधानमंत्री विश्वस्तरीय हवाई अड्डा ढांचे केविकास और कनेक्टिविटी बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत तूतीकोरिन हवाई अड्डे पर 450 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए टर्मिनल भवन काउद्घाटन करेंगे. यात्रियों को संभालने में होगें सक्षम17,340 वर्ग मीटर में फैला यह टर्मिनल व्यस्त समय के दौरान 1,350 यात्रियों और सालाना 20 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा. 100 प्रतिशत एलईडी लाइटिंग, ऊर्जा-कुशल विद्युत से युक्त यांत्रिक प्रणालियों, और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से जल पुनर्चक्रण के साथ यहटर्मिनल जीआरआईएचए-4 स्थिरता रेटिंग प्राप्त करेगा. इस परियोजना से तमिलनाडु में पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देगा. सड़क व बुनियादीढांचे के क्षेत्र में प्रधानमंत्री दो महत्वपूर्ण राजमार्ग परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे. पहली परियोजना एनएच-36 के सेथियाथोप-चोलपुरम खंड की50 किमी की 4-लेन वाली सड़क है. इसे विक्रवंडी-तंजावुर कॉरिडोर के तहत 2,350 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है।इसमें तीन बायपास, कोल्लिदम नदी पर एक किमी का चार-लेन पुल, चार प्रमुख पुल, सात फ्लाईओवर और कई अंडरपास शामिल हैं. इससेसेथियाथोप और चोलपुरम के बीच यात्रा समय 45 मिनट तक कम हो जाएगा. दूसरी परियोजना एनएच-138 तूतीकोरिन पोर्ट रोड की 5.16 किमीकी 6-लेनिंग है। इसे लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है. इसमें अंडरपास और पुल शामिल हैं. स्टालिन ने दी जानकारीतमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे. सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में स्टालिनने इसकी जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि ‘अस्पताल में होने की वजह से उन्होंने मुख्य सचिव के जरिए एक याचिका भेजी है. जिसे मुख्य सचिवप्रधानमंत्री मोदी को देंगे. पीएम मोदी मालदीव का दौरा पूरा कर आज तमिलनाडु पहुंचेंगे, जहां वे 4800 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं काउद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. इसमें 3 बायपास, कोल्लिदम नदी पर 1 किमी का चार‑लेन पुल, चार बड़े पुल, सात फ्लाईओवर और कई अंडरपासशामिल हैं। यात्रा समय में 45 मिनट तक की बचत होगी दोपहर 12 बजे महान चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम की जयंती समारोह और उत्सव मेंभागीदारी. यह समारोह 1,000-वर्ष पूरे होने का प्रतीक है (उनकी दक्षिण-पूर्व एशिया यात्रा और मंदिर स्थापना), और रामेश्‍वर के प्रतिष्ठित भगद्गा मंदिरस्थल में होगा। इस दौरे के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु की वायु, सड़क, रेल, बंदरगाह और ऊर्जा अवसंरचना के क्षेत्र में ₹4,800 करोड़ सेअधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन किया है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, पर्यटन, बंदरगाह‑आधारित औद्योगिकीकरण, और ग्रामीण नागरिकों केलाभ को बढ़ावा मिलेगा.

अमित शाह ने एन्क्रिप्टेड संचार पर चिंता जताई, आतंकवादी समूहों से निपटने के लिए विशेष मंच स्थापित करने के आदेश दिए

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवादी समूहों द्वारा एन्क्रिप्टेड संचार प्लेटफार्मों का इस्तेमाल करने पर चिंता जताई और साथ ही इस समस्या सेनिपटने के लिए एक विशेष मंच स्थापित करने के निर्देश दिए ताकि आतंकी संगठनों के सोशल मीडिया के जरिए खुफिया संचार पर लगाम कसी जासके. गृह मंत्री ने भगोड़ों को वापस लाने के लिए भी एक मजबूत तंत्र और बेहतर समन्वय स्थापित करने की अपील की।गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 8वें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में ये बातें कही इससम्मेलन में देशभर से 800 के करीब अधिकारियों ने भाग लिया. जिनमें से कुछ भौतिक तो कुछ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे. इस सम्मेलन में राष्ट्रीयसुरक्षा के मुद्दे पर विचार विमर्श किया गया. सम्मेलन के पहले दिन राष्ट्र के हितों के खिलाफ रहने वाले बाहरी तत्वों की भूमिका और मादक पदार्थों केव्यापार में उनकी संलिप्तता सहित उनके घरेलू संबंधों के मुद्दे पर मंथन हुआ. इनमें आतंकी समूहों द्वारा इस्तेमाल की जानी वाली एन्क्रिप्टेड संचार ऐप्सऔर अन्य नई तकनीकों के गलत इस्तेमाल से पैदा हुईं चुनौतियों पर बात हुई. साथ ही भीड़ प्रबंधन, निर्जन द्वीपों की सुरक्षा के मुद्दे पर मंथन हुआ. मुद्दों पर किया विचार- विमर्शआतंकवाद के वित्तपोषण से मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया. गृह मंत्री ने आतंकवादी और तस्करी गतिविधियों में शामिल भगोड़ों को वापस लानेके लिए कड़े उपाय करने के भी निर्देश दिए, जिसमें केंद्रीय और राज्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच अंतर-एजेंसी समन्वय को बढ़ाने, आतंकवाद-अपराधी के घरेलू गठजोड़ को तोड़ने के निर्देश दिए. गृह मंत्रालय ने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि पुलिस संगठनों द्वारा केवल स्वदेशीतकनीक का ही उपयोग किया जाए.सम्मेलन के दूसरे दिन नागरिक उड्डयन और बंदरगाह सुरक्षा, आतंकवाद-निरोध, वामपंथी उग्रवाद और मादकपदार्थों की तस्करी की रोकथाम के मुद्दे पर केंद्रित होगा. इस बैठक में भाग लेने वाले वरिष्ठ अधिकारियों में, केंद्रीय गृह सचिव, उप राष्ट्रीय सुरक्षासलाहकार और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों व केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख शामिल रहे. साल 2016 में डीजीएसपी और आईजीएसपी सम्मेलन केदौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर साल राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन आयोजित करने का निर्देश दिया था.हाईब्रिड मोड में होगा आयोजितदरअसल जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों के अनुभव के माध्यम से और क्षेत्र विशेषज्ञों के सहयोग से प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षाचुनौतियों का समाधान खोजना था. प्रधानमंत्री के निर्देशों के तहत साल 2021 से सम्मेलन हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जा रहा है. उन्होंने भगोड़ोंको वापस लाने के लिए मजबूत प्रणाली और बेहतर समन्वय स्थापित करने की अपील की, जिसमें केंद्र और राज्यों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीचसमन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाएगा उन्होंने भगोड़ों को वापस लाने के लिए मजबूत प्रणाली और बेहतर समन्वय स्थापित करने की अपील की, जिसमें केंद्र और राज्यों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

कारगिल युद्ध में BSF का अदम्य शौर्य काली पहाड़ी पर कब्जा, जानें सुरंगों से घिरे क्षेत्र में रचा इतिहास

कारगिल की लड़ाई के दौरान बीएसएफ को जो भी जिम्मेदारी दी गई. उसे इस बल ने अपने शौर्य से पूरा कर दिखाया. ‘काली पहाड़ी’ एक सामरिकमहत्व वाली जगह थी. पाकिस्तान ने इसके रास्ते में जगह जगह पर बारूद बिछा रखा था. बीएसएफ को यह जिम्मेदारी दी गई कि उसे किसी भी हालमें सामरिक महत्व वाली ‘काली पहाड़ी’ पर कब्जा करना है. वहां पर पाकिस्तान की सेना ने ऐसी किलेबंदी कर रखी थी कि परिंदा भी पर न मार सके।इसके बावजूद बीएसएफ की अचूक रणनीति और असीम शौर्य के चलते ‘काली पहाड़ी’ पर दोबारा से कब्जा कर लिया गया. बीएसएफ के मुताबिक, काली पहाड़ी क्षेत्र में बटालियन के वे सैनिक तैनात थे. जो बटालियन मुख्यालय को सुरक्षा प्रदान करते थे बटालियन मुख्यालय को निशाना बनाकरपाकिस्तान की तरफ से भरपूर गोले गिराए गए थे। 1965 के दौरान, पाकिस्तान ने लद्दाख को कश्मीर घाटी से जोड़ने वाली सड़क को काटकर इसपहाड़ी पर कब्जा कर लिया था. आकलन के आधार पर, ब्रिगेड मुख्यालय ने बीएसएफ को ‘काली पहाड़ी’ पर कब्जा करने का आदेश दिया. एफडीएल पर किया गया तैनातपाकिस्तान द्वारा इस पहाड़ी के आसपास, बारूदी सुरंगे बिछाई गई थी. वहां पर सैनिकों के लिए कोई आश्रय या कोई दूसरी ऐसी व्यवस्था नहीं थीपानी और भोजन, खच्चरों से भेजा जाता था। सैनिकों को खुले में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता था. काली पहाड़ी के इस जोखिम भरे आपरेशन केदौरान बीएसएफ के सहायक कमांडेंट सुरेंद्र सिंह ने एक छोटी सी टीम का नेतृत्व किया। टीम को यह बात मालूम थी कि काली पहाड़ी, बारूदी सुरंगोंसे घिरा एक क्षेत्र है, फिर भी बीएसएफ को उस पर कब्जा करने का काम सौंपा गया. इस क्षेत्र को दुश्मन की घुसपैठ और कब्जे से मुक्त कराना जरुरीथा. एंटी-पर्सनल बारूदी सुरंगों पर पैर रखने की उच्च संभावना के बावजूद, बीएसएफ के चंद जांबाजों ने तय समय योजना के अनुसार काली पहाड़ीपर कब्जा करने के लिए आगे बढ़ना जारी रखा.दुर्भाग्य से, सहायक कमांडेंट सुरेंद्र सिंह एक बारूदी सुरंग पर पैर रख बैठे और अपना एक पैर खो बैठे. उनकी वीरता के लिए उन्हें पराक्रम पदक सेसम्मानित किया गया. यूनिट मोर्टार प्लाटून के अलावा, यूनिट को एसएचक्यू और ब्रिगेड से अतिरिक्त मोर्टार प्रदान किए गए. उन्हें विभिन्न एफडीएलपर तैनात किया गया. बड़े पैमाने पर किया जा रहा है इस्तेमानइन मोर्टारों का बीएसएफ जवानों द्वारा अत्यंत प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया. सहायक कमांडेंट प्रदीप कुमार के निर्देशन में, चोरबत ला में तैनातमोर्टार अत्यंत प्रभावी रहे. उन्होंने पाकिस्तानी चौकियों के कई पेट्रोल, तेल और स्नेहक (पीओएल) भंडार, गोला-बारूद भंडार आदि को नष्ट कर दिया. चूंकि सेना के तोपखाने का कई मोर्चों पर बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा था, इसलिए सेना को गोलाबारी का निर्देशन करना मुश्किल हो रहाथा. बीएसएफ की चौकियां अग्रिम रिज लाइन पर थीं, इसलिए डिप्टी कमांडेंट अजीत कुमार व अन्य बीएसएफ कंपनी कमांडरों ने आर्टिलरी ऑपरेशनऑपरेटर के रूप में कार्य कर गोलाबारी का निर्देशन किया. युद्ध में लगी कई सैन्य इकाइयों के कारण, आदेशों के त्वरित प्रसार की आवश्यकता थी. दक्षिण भारतीय राज्यों से संबंधित बीएसएफ कर्मियों को रेडियो टेलीफोनी (आरटी) प्रसारण प्रदान किया गया. यह बहुत उपयोगी साबित हुआ, क्योंकि सेना द्वारा सूचना के उल्लंघन के खतरे के बिना यथासंभव शीघ्रता से सूचना साझा की गई. साथ ही, पाकिस्तानियों के इंटरसेप्ट किए गएसंदेशों को समझने में भी कठिनाई हुई, क्योंकि सेना के कर्मियों को स्थानीय भाषाएं नहीं आती थीं। इसके लिए आर्मी इंटरसेप्शन सेंटर में तैनातबीएसएफ के स्थानीय लद्दाखी कर्मी बहुत उपयोगी साबित हुए. बीएसएफ द्वारा सेना के हताहतों को, विशेष रूप से काकसर के आसपास के इलाकोंमें, प्रभावी चिकित्सा और रसद कवर प्रदान किया गया.

राहुल गांधी की ओबीसी माफी पर गरमाई सियासत बीजेपी और BRS ने उठाए सवाल, बताई ‘देर से आई समझ’

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को ओबीसी वर्ग को लेकर बड़ा बयान दिया था. राहुल गांधी ने कहा था किकांग्रेस को जिस तरह से इस वर्ग के हितों की रक्षा करनी थी, वह कार्य उस प्रकार से नहीं हुआ. राहुल के इस बयान पर भाजपा समेत अन्य दलों नेनिशाना साधा है.केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, राहुल जी को बहुत देर से समझ आती है। पहले उन्होंने इमरजेंसी के लिए माफी मांगी. फिर उन्होंने सिखदंगों के लिए माफी मांगी फिर उन्होंने ओबीसी से माफी मांगी। कांग्रेस ने ओबीसी के लिए क्या किया? कांग्रेस ने ओबीसी को हर संभव कुचलने काकाम किया। उन्होंने राफेल मामले में भी माफी मांगी और अब राहुल गांधी जो कर रहे हैं, उसके लिए वह दस साल बाद फिर माफी मांगेंगे.वह कभीसही काम नहीं करते और दस साल बाद माफी मांगते हैं. वहीं बीआरएस नेता के कविता ने भी राहुल गांधी पर हमला बोला है. के कविता ने कहा किकल राहुल गांधी ने देश से माफी मांगी और दावा किया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी तो वे जाति जनगणना नहीं करा सके. यह दुर्भाग्यपूर्ण है किआजादी के पिछले 75 वर्षों में ज्यादातर समय कांग्रेस पार्टी सत्ता में रही. ओबीसी के लिए छूटे अवसरों के बारे में आप क्या कहेंगे? उन छात्रों से क्याकहेंगे जो अपनी पसंद के कॉलेजों में नहीं जा सके? सिर्फ एक साधारण माफी से कुछ नहीं होगा. राहुल गांधी को देता हूं चुनौतीकविता ने राहुल पर निशाना साधते हुए आगे कहा मैं राहुल गांधी को चुनौती देती हूं. अगर आपकी ओबीसी समुदाय से मांगी गई माफी सच्ची है. अगरआप ओबीसी सशक्तिकरण को लेकर वास्तव में ईमानदार हैं. तो तेलंगाना में कराई गई ओबीसी जाति जनगणना के आंकड़े सामने हैं सभी विवरणउपलब्ध हैं. अगर इनमें कोई त्रुटि है तो लोगों को सुधारने का अवसर दीजिए. तेलंगाना के लोग बहुत अडिग और मजबूत हैं. हम बिहार सहित पूरे देशमें आपके खिलाफ प्रचार करेंगे और आपके झूठ को उजागर करेंगे. राहुल गांधी ने कल कार्यक्रम में कहा था कि मैं 2004 से राजनीति में हूं और मुझे21 साल हो गए. जब मैं पीछे देखता हूं और अपना आत्मविश्लेषण करता हूं मैंने कहां-कहां सही काम किया और कहां कमी रही तो दो-तीन बड़े मुद्देदिखाई देते हैं. राहुल गांधी पर साधा निशानाओबीसी की मुश्किलें छुपी रहती हैं. मुझे अगर आपके मुद्दों और परेशानियों के बारे में उस वक्त पता होता तो मैं उसी वक्त जातिगत जनगणना करवादेता. वो मेरी गलती है जिसे मैं ठीक करने जा रहा हूं. हालांकि, ये एक तरह से अच्छा ही हुआ क्योंकि अगर उस समय मैंने जातिगत जनगणना करवा दीहोती. तो वो आज जैसी नहीं होती कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा ओबीसी वर्ग को लेकर दिए गए बयान पर सियासत शुरू हो गई है. भाजपा औरबीआरएस ने राहुल गांधी के बयान को लेकर निशाना साधा है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हेंहमेशा बहुत देर से समझ आता है पहले इमरजेंसी, फिर सिख दंगों, राफेल और अब ओबीसी के लिए माफी. उनका कहना है कि कांग्रेस ने पिछड़ों केहितों को कुचलने का कार्य किया है BRS नेता K Kavitha ने राहुल गांधी को चुनौती दी. यदि उनकी माफी सच में ईमानदार है तो तेलंगाना केजाति जनगणना के आंकड़ों में त्रुटि हो तो उसे सुधार करने दें, वरना सिर्फ माफी पर्याप्त नहीं है। उनका संकेत था कि कांग्रेस ने वर्षों तक ओबीसी कोमौका नहीं देना चाहा.