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भारत-न्यूजीलैंड ने रक्षा और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने पर जताई प्रतिबद्धता, मुक्त व्यापार समझौते को लेकर भी बनी सहमति

न्यूजीलैंड रक्षा मंत्रालय की अंतरराष्ट्रीय शाखा की प्रमुख कैथलीन पीयर्स ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से मुलाकातकी. इस दौरान दोनों नेताओं ने प्रमुख रणनीति क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई. एक्स पर एक पोस्ट में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ताने कहा, न्यूजीलैंड के रक्षा मंत्रालय की अंतरराष्ट्रीय शाखा की प्रमुख कैथलीन पीयर्स और न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त पैट्रिक जॉन राटा ने आज रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ से मुलाकात की. बैठक में मजबूत रक्षा संबंधों और प्रमुख रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई. इसीदिन रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने भी कैथलीन पीयर्स से मुलाकात की. एक्स पर पोस्ट में रक्षा मंत्रालय ने कहा, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह नेनई दिल्ली में कैथलीन पीयर्स और पैट्रिक जॉन राटा से मुलाकात की. दोनों पक्षों ने रणनीतिक वार्ता की शुरुआत का स्वागत किया और रक्षा संबंधोंको और मजबूत करने पर सहमति जताई. आर्थिक संबंधों को और करना है मजबूतरक्षा सहयोग के प्रति यह प्रतिबद्धता ऐसे समय में दोहराई गई है जब भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) पर बातचीत कादूसरा दौर हाल ही में नई दिल्ली में पूरा हुआ है। इस व्यापार वार्ता में, वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश, उत्पत्ति के नियम, सीमा शुल्कप्रतिक्रियाएं और व्यापार सुगमता, व्यापार में तकनीकी बाधाएं, साफ-सफाई से जुड़े नियम, और आर्थिक सहयोग समेत कई क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुईहै. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, इस चर्चा में दोनों देशों ने कई मुद्दों पर जल्द सहमति बनाने की इच्छा जताई है. दोनों पक्षों नेएक संतुलित, व्यापक और दूरदर्शी समझौते पर पहुंचने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. भारत और न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के लिएबातचीत का दूसरा दौर 25 जुलाई को नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. इसका मकसद द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को औरमजबूत करना है. घनिष्ठ रहा है दोस्तानाभारत और न्यूजीलैंड के बीच रिश्ते ऐतिहासिक रूप से घनिष्ठ और दोस्ताना रहे हैं. विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देश राष्ट्रमंडल के सदस्य हैं, समानकानून प्रथाएं और लोकतांत्रिक शासन प्रणाली के जरिये अपने नारिकों के लिए विकास और समृद्धि हासिल करने की समान सोच रखते हैं. जो इनरिश्तों को और मजबूत करने की एक मजबूत नींव प्रदान करती है. न्यूजीलैंड के रक्षा मंत्रालय की अंतरराष्ट्रीय शाखा की प्रमुख कैथलीन पीयर्स औरन्यूजीलैंड के उच्चायुक्त पैट्रिक जॉन राटा ने सोमवार को रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से मुलाकात की. बैठक में मजबूत रक्षा संबंधों और प्रमुखरणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई. इसी दिन रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने भी पीयर्स से मुलाकात की.

शिवसेना (यूबीटी) और मनसे साथ मिलकर लड़ेंगी महाराष्ट्र निकाय चुनाव, ठाकरे भाइयों की नजदीकियों से बदले सियासी समीकरण

राज्यसभा सांसद संजय राउत ने मंगलवार को घोषणा की कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) जरूर मिलकरमहाराष्ट्र में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव लड़ेंगे. कई महीनों की अटकलों के बाद चचेरे भाई उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे जुलाई में फिर एक मंच परआए. दोनों नेता महाराष्ट्र सरकार की पहली से पांचवीं कक्षा के छात्रों के लिए तीन-भाषा की नीति और कथित तौर पर हिंदी भाषा थोपे जाने केखिलाफ एक साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. इसके बाद जब सरकार ने अपना फैसला वापस लिया, तब दोनों नेताओं ने एक साझा विजय रैलीका भी आयोजन किया था. नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब राउत से पूछा गया कि क्या शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की मनसेमिलकर आगामी स्थानीय चुनाव लड़ेंगी. तो उन्होंने कहा ‘जरूर. उन्होंने आगे कहा, ‘दोनों ठाकरे एक साथ बैठकर इस पर चर्चा करेंगे. बृहन्मुंबई महानगरपालिका और अन्य नगर निगमों में आने वाले महीनों में चुनाव होने हैं. ठाकरें भाइयों के बीच नजदीकियांराऊत ने कहा कि चचेरे भाइयों के बीच फिर से संबंध सुधरने के बाद शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के कार्यकर्ताओं में आत्मविश्वास है कि यह गठबंधनमुंबई, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, ठाणे और कल्याण-डोंबिवली जैसे शहरों की नगरपालिकाओं में बहुमत हासिल करेगा। गौरतलब है कि राजठाकरे ने 2005 में अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे से मतभेद के चलते शिवसेना से अलग होकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) बनाई थी. उन्होंने मनसेको ‘मूल निवासियों के अधिकारों’ की असली आवाज़ बताकर जनता के सामने पेश किया. तबसे लेकर अब तक दोनों चचेरे भाइयों की पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ती रही हैं. शिवेसना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी और मनसे मिलकर महाराष्ट्र के आगामी स्थानीयनिकाय चुनाव लड़ेंगे. तीन भाषा की नीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान ठाकरे भाइयों के बीच नजदीकियां बढ़ीं. महायुति को टक्कर देने की संभावनाराउत ने कहा कि दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं को आगामी निकाय चुनाव में बहुत मिलने का भरोसा है. एनसीपी नेता छगन भुजबळ ने सुझाव दियाकि यह गठबंधन सिर्फ मुंबई तक सीमित रह सकता है. अन्य निकायों में विस्तारित न हो. “स्थानीय निकाय चुनावों के लिए शिवसेना (यूबीटी) औरमनसे मिलकर लड़ेगी” विषय को लेकर उत्साह जताया गया है कि कार्यकर्ता इस गठबंधन से मजबूत बहुमत की उम्मीद कर रहे हैं पहले से अलग–अलग चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके शिवसेना (यूबीटी) ने अब मोड़ लिया है पहले स्थानीय निकाय चुनाव अकेले लड़ने की बात कही गई थी. लेकिन हाल के घटनाक्रम में रुख बदल गया है. BMC और अन्य नगर निगम चुनाव रणनीति यह गठबंधन बीएमसी (मुंबई), पुणे, नासिक सहित अन्यनगरीय निकायों में भाजपा-महायुति को टक्कर देंगे की संभावना जताई जा रही है.

सत्येंद्र जैन केस में CBI को नहीं मिला भ्रष्टाचार का सबूत, कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट की मंजूरी दी आप ने भाजपा पर बोला हमला

आप नेता सत्येंद्र जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में क्लोजर रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया की पहलीप्रतिक्रिया आई है। जिसमें उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि आठ साल तक जांच चली. लेकिन भ्रष्टाचार का एक रुपया भी बरामद नहीं हुआ साथही उन्होंने भाजपा पर भी तंज कसा. आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने एक्स पर लिखा कि आठ साल तक जांच चली. सीबीआई-ईडी कीरेड और मीडिया ट्रायल हुआ. यहां तक कि बच्चों के कपड़े तक खंगाले गए. लेकिन कोर्ट में खुद सीबीआई ने कहा कि एक रुपये का भी भ्रष्टाचार नहींमिला. आगे लिखा कि तो जिन्होंने झूठा केस गढ़ा था. जिन्होंने सत्येंद्र जैन को विलेन बनाकर चैनलों पर चीख-चीखकर टीआरपी बटोरी गई. जिन्होंने“भ्रष्टाचार उजागर” की भाजपाई स्क्रिप्ट पढ़ पढ़कर सत्येंद्र को जेल भेजने का जश्न मनाया था. भाजपा पर तंज कसते हुए लिखा कि भाजपा औरउसकी झूठ फैलाने की नौकरी बजाकर जीने वाली जमात को अब माफी मांगनी चाहिए कि देश से, सच्चाई से और उस परिवार से जिसे आठ सालतक बदनाम किया गया. क्या झूठ फैलाने वालों की कोई जवाबदेही नहीं होती है. विजेंद्र गुप्ता करते है झूठी शिकायतआप नेता सौरभ भारद्वाज ने सत्येंद्र जैन पर केस क्लोज होने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है एक्स पर भारद्वाज ने लिखा कि दिल्ली विधानसभा अध्यक्षविजेंद्र गुप्ता विजेंद्र गुप्ता झूठी शिकायत करते हैं. एलजी उसे सीबीआई को भेज देते हैं. शिकायत में कुछ होता नहीं, फिर भी सत्येंद्र जैन पर झूठा केसदर्ज होता है. बिना सबूत के सीबीआई जांच शुरू करती है और सत्येंद्र जैन और उनके परिवार और पार्टी को लगातार परेशान किया जाता है. क्या इसतरह के उत्पीड़न के लिए कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए? लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में पेशेवरों की अनियमित नियुक्ति और असंबंधित परियोजना निधि से भुगतान के आरोपों से संबंधित एक मामले मेंकेंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की तरफ से दायर क्लोजर रिपोर्ट को राउज एवेन्यू कोर्ट ने स्वीकार कर लिया. मामला दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्रीसत्येंद्र जैन और अन्य के खिलाफ था.समर्थन करने के लिए नहीं मिला कोई सबूतविशेष न्यायाधीश दिग्विनय सिंह ने कहा था कि कई वर्षों की जांच के बावजूद आरोपितों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम या किसी अन्यअपराध के तहत आरोपों का समर्थन करने के लिए कोई सुबूत नहीं मिला. कोर्ट ने कहा कि इतने लंबे समय बाद भी जांच एजेंसी को कोई सुबूत नहींमिला ऐसे में आगे की कार्यवाही का कोई औचित्य नहीं है। भ्रष्टाचार के प्रावधानों को लागू करने के लिए कुछ सामग्री तो होनी ही चाहिए. केवलकर्तव्य की उपेक्षा या कर्तव्य का अनुचित प्रयोग ही अधिनियम के तहत उल्लंघन नहीं माना जा सकता. दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की एकशिकायत के आधार पर सत्येंद्र जैन और अन्य लोक निर्माण विभाग अधिकारियों के खिलाफ 2018 में प्राथमिकी की गई थी।आरोप है कि जैन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने भर्ती और वित्तीय नियमों का उल्लंघन करते हुए सलाहकारों की एक क्रिएटिव टीम कीअनियमित रूप से नियुक्ति की गई थी. यह भी आरोप लगाया गया था कि भर्ती प्रक्रिया में मानक भर्ती प्रक्रियाओं को दरकिनार कर दिया गया था औरवित्त विभाग की मंजूरी के बिना बारापुला फेज-तीन जैसी असंबंधित परियोजनाओं पर खर्च कर दिया गया था. लगभग चार वर्षों तक मामले की जांचकरने के बाद सीबीआई को कोई आपराधिक मामला या व्यक्तिगत लाभ, रिश्वतखोरी के सुबूत नहीं मिले.

दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता का विपक्ष पर तीखा हमला ‘ऑपरेशन सिंदूर और महादेव’ को सेना के शौर्य का बताया प्रतीक “सेना पर सवाल उठानेवालों को नहीं बख्शेंगी देश की बेटियाँ”

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा के मानसून सत्र में ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव को लेकर भारतीय सेना के शौर्य को नमन किया. उन्होंनेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व की सराहना करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला भी बोला. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सैन्य अभियान मात्ररणनीतिक नहीं बल्कि हर भारतीय परिवार के सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक था. उन्होंने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला और वर्षों पहले युद्ध केदौरान कांग्रेस की सरकारों की ओर से लिए गए निर्णयों पर सवाल उठाया. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर उन सभी आंसुओं का उत्तर था जोहमारी बहनों की आंखों से निकले. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक संवेदनशील भाई, साहसी पिता और राष्ट्रनायक की भूमिका निभा रहे हैं. राजनीति पर उठाए गंभीर सवालमुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वे देशहित से दूर होते जा रहे हैं. उन्हें देश की प्रगति से नहीं बल्कि अपनी राजनीति से प्रेम है. बिनानाम लिए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के बयान पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ नेता मंचों पर संवेदनाओं का नाटक करते हैं वहीं संसद मेंदेश की सेना और सरकार पर सवाल उठाते हैं जिन्हें अपने प्रधानमंत्री और सेनाओं पर भरोसा नहीं वे हमेशा विदेशी आकाओं के पांव छूते दिखते हैं. वहीं, समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन पर सीधा कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग वर्षों तक ग्लैमर और रोल में खोए रहे आज वेसेना के रोल पर सवाल उठा रहे हैं, क्या उनके लिए देश की बेटियों की इज्जत से बड़ा कोई मंच हो सकता है. मुख्यमंत्री ने 1965, 1971, कारगिलयुद्ध और कश्मीर से कश्मीरी पंडितों के पलायन जैसे ऐतिहासिक विषयों को उठाते हुए पूर्ववर्ती सरकारों की निर्णयहीनता और दबाव की राजनीति परगंभीर सवाल उठाए. राजनीति का लगाया आरोपउन्होंने कहा कि जब देश ने युद्ध जीता तब नेताओं ने उसे बातचीत की टेबल पर हार में बदल दिया. आज जब भारत निर्णायक नेतृत्व में आत्मनिर्भर औरसाहसी कदम उठा रहा है, तब उसे नीचा दिखाने की कोशिश की जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर उन सभी आंसुओं का उत्तर था जोहमारी बहनों की आंखों से निकले. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक संवेदनशील भाई, साहसी पिता और राष्ट्रनायक की भूमिका निभा रहे हैं. धन्यवाद प्रस्तावके माध्यम से NDA सांसदों ने ऑपरेशन सिंदूर और महादेव की सराहना की गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारतीय सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों कोपाकिस्तान भागने से रोका, और कांग्रेस पर वोट बैंक राजनीति का आरोप लगाया.

ऑपरेशन सिंदूर पर गरमाया विधानसभा सत्र AAP-BJP में तीखी बहस, संजीव झा मार्शल आउट विधानसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर हंगामा

विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के साथ शुरू हुआ. इस दौरान युद्धविराम को लेकर आम आदमी पार्टी और भाजपाविधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और कई बार हंगामा भी हुआ. आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाया कि जब भारतीय सेना पाक अधिकृतकश्मीर के नजदीक तक पहुंच गई थी तब सरकार पीछे क्यों हटी. इस दौरान आप विधायक संजीव झा की टिप्पणी को लेकर उन्हें मार्शल आउट करदिया गया. चर्चा की शुरुआत भाजपा विधायक अभय वर्मा ने की. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि नारी सम्मानऔर राष्ट्र की गरिमा की रक्षा का प्रतीक है. मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि जब देश एकजुट था और सेना मोर्चे पर थी तो ऐसी स्थिति में विपक्ष कीतरफ से सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन बहस में मोड़ तब आया जब आप विधायक कुलदीप कुमार और संजीव झा ने पूछा कि आखिर किसकेकहने पर युद्धविराम किया गया. जब सेना तैयार थी तब पीओके वापस लेने का मौका क्यों गंवाया गया. संजीव झा ने कहा कि भारत ने अपनी रणनीतिक बढ़त खो दी और ऐसा प्रतीत होता है कि यह अंतरराष्ट्रीय दबाव खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप केबयान के चलते हुआ. उन्होंने प्रधानमंत्री के युद्ध विराम के निर्णय को कायरताचर्चा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि हम भारतीय सेना का सम्मानकरते हैं लेकिन हमें यह जानने का अधिकार है कि जब सैन्य जीत संभव थी तब राजनीतिक नेतृत्व ने क्यों कदम पीछे खींचे. देश के नागरिकों को जवाबचाहिए कि क्या भारत ने अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर यह निर्णय लिया. आतिशी ने यह भी कहा कि भाजपा को हर सवाल को राष्ट्रविरोध की तरहदेखना बंद करना चाहिए लोकतंत्र में सवाल पूछना गुनाह नहीं है विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आखिर आम आदमी पार्टी को ऑपरेशन सिंदूर से समस्या क्या है. यह सेना और नारी गरिमा की रक्षा का ऐतिहासिक क्षण था।राजनीतिक आरोपों की आड़ में सेना की छवि को कमजोर नहीं किया जा सकता. इस बीच भाजपा विधायक मारवाह ने आप विधायकों की टोका-टाकी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हम गुंडागर्दी भी करेंगे और पिटाई भी करेंगे. इसको लेकर भी सदन में तीखी प्रतिक्रिया हुई. अध्यक्ष ने इस बयानको कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया. वहीं भाजपा विधायकों ने कहा कि भारत ने घर में घुसकर मारा है और ऑपरेशन सिंदूर के बाद कश्मीर में कोईबड़ी आतंकी घटना नहीं हुई है. यह भारतीय सेना की रणनीति और साहस का प्रमाण है. उन्होंने कहा कि ऐसा देश के किसी भी प्रधानमंत्री ने नहीं किया था. उनके बयान को लेकर भाजपा विधायकों ने आक्रोश जताया. सूर्य प्रकाश खत्री नेसंजीव झा की टिप्पणी को देशद्रोह के समान बताते हुए विरोध किया. अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि यह निर्णय सेना और सरकार की संयुक्तरणनीति का हिस्सा था इसे राजनीति में घसीटना अनुचित है. इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने संजीव झा से उनकी टिप्पणी वापस लेनेको कहा लेकिन उनके मना करने पर उन्हें मार्शल बुलाकर सदन से बाहर करवाया गया. इसके बाद आप विधायकों ने सदन में विरोध किया औरअध्यक्ष पर एकपक्षीय रवैया अपनाने का आरोप लगाया.

SIR पर सियासी संग्राम विपक्ष का चुनाव आयोग और केंद्र पर बड़ा हमला, 65 लाख नामों की कटौती पर बवाल

मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर हमलावर है. बिहार में चुनाव से पहले आयोग की इसप्रक्रिया को लेकर कांग्रेस से लेकर राजद तक, सभी विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं. संसद के अंदर और बाहर विपक्ष विरोध प्रदर्शन कर रहा है राज्यों मेंभी इसे लेकर विपक्ष का हल्लाबोल जारी है. कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘7 अगस्त को दिल्ली में एक बैठक होगी। विपक्षी गठबंधन’INDIA’ के नेता वहां मौजूद रहेंगे.’ उन्होंने कहा कि हम संसद के अंदर और बाहर SIR के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. चुनाव आयोग इस देशके लोकतांत्रिक मूल्यों को सुनियोजित तरीके से निशाना बना रहा है. हमें चुनाव आयोग से निष्पक्षता की उम्मीद थी लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे हैं. गड़बड़ियों का हो रहा है खुलासाबिहार में कई मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं ऐसे में निष्पक्ष लोकतंत्र कैसे चल सकता है? हम 5 अगस्त को बंगलूरू में चुनाव आयोग कीगंभीर गड़बड़ियों का खुलासा करने जा रहे हैं.इससे पहले बिहार में एसआईआर को लेकर बवाल मचा हुआ है. जहां हाल ही में चुनाव आयोग ने प्रक्रिया को पूरा कर मसौदा मतदाता सूची तैयार कीहै. इस दौरान करीब 65 लाख नाम मतदाता सूची से काटे जाने की बात सामने आई है. राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव नेअपना नाम भी मतदाता सूची में न होने की बात कही थी. हालांकि, चुनाव आयोग ने सबूत के साथ इसका खंडन कर दिया था. इस बीच तेजस्वी केआरोप पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ‘राहुल गांधी और तेजस्वी यादव सिर्फ झूठ बोलते हैं और भ्रम फैलाते हैं. एसआईआर (विशेष गहनपुनरीक्षण) पर झूठ बोलते-बोलते उन्होंने अपनी मतदाता पहचान पत्र के बारे में भी झूठ बोला. यह (चुनाव आयोग) एक संवैधानिक संस्था है लेकिनउन्होंने इसे भी नहीं छोड़ा उन्होंने इसकी भी आलोचना की. सीएम भावी है समझतेअगर तेजस्वी यादव, जो खुद को भावी सीएम समझते हैं, ऐसे ओछे झूठ बोलेंगे और भ्रम फैलाएंगे, तो वह संस्था निश्चित रूप से कानूनी रास्ताअपनाएगी.’सीमांचल जैसे मुस्लिम‑बहुल इलाकों में 7.62 लाख नाम हटाए गए, जिससे राजनीतिक मुकाबले में स्पष्ट असर होने की आशंका जताईगई है विरोधियों ने सवाल उठाया कि SIR में केवल 11 “मान्य दस्तावेजों” को स्वीकार किया गया, जबकि आधार कार्ड, वोटर ID या राशन कार्ड कोअस्वीकृत किया गया–जिससे गरीब, प्रवासी तथा पिछड़े वर्ग वंचित हो सकते हैं तेजस्वी यादव ने दावा किया कि उनका नाम सूची में नहीं है, जबकिउनके पास वैध EPIC है. चुनाव आयोग ने इस दावे को खारिज करते हुए फैक्ट चेक सोशल मीडिया पर साझा किया चुनाव आयोग ने बार‑बार कहाहै कि यह प्रक्रिया संवैधानिक और पारदर्शी है, जिसमें सभी योग्य नागरिकों को शामिल किया जाएगा, और दलों के बूथ‑स्तरीय एजेंटों की बड़ी संख्यातैनात की गई है.

दिल्ली विधानसभा में स्कूल फीस बिल पर सियासी संग्राम, मानसून सत्र के पहले दिन ही घमासान के आसार

दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार को दोपहर 2 बजे से शुरू होगा. पहले ही दिन स्कूल फीस नियंत्रण बिल सहित अन्य मुद्दों पर राजनीतिकघमासान के पूरे आसार हैं. 8वीं विधानसभा का तीसरा सत्र 4 से 8 अगस्त तक चलेगा लेकिन जरूरत पड़ी तो इसे बढ़ाया भी जा सकता है. सत्र कीशुरुआत में ही शिक्षा मंत्री आशीष सूद स्कूल फीस नियंत्रण बिल पेश करेंगे, जिसे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की कैबिनेट पहले ही मंजूरी दे चुकी है. इसबिल से दिल्ली के लाखों अभिभावकों को स्कूलों की मनमानी फीस से राहत मिलने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को साफ किया है किये बिल अभिभावकों के हित में है और स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाएगा लेकिन आम आदमी पार्टी ने बिल का कड़ा विरोध शुरू कर दिया है. सत्र की दिशा कर सकती है आप नेता आतिशी समेत वरिष्ठ नेताओं का आरोप है कि सरकार इस बिल के जरिये निजी स्कूलों को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रही है. आप नेसवाल उठाया कि अगर बिल वाकई जनहित में है तो सरकार ने इसे अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया. विपक्ष के तीखे तेवरों से साफ है कि बिलपर सदन में जोरदार टकराव होगा. विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि सत्र में सभी मुद्दों पर खुली चर्चा होगी. सत्र में कई अन्य अहम विषयभी उठेंगे। विधायक अशोक गोयल रूरल कमेटी की पहली रिपोर्ट पेश करेंगे. साथ ही, विधानसभा अब पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है अध्यक्ष नेबताया कि विधायकों की हाजिरी अब रजिस्टर में नहीं बल्कि नेशनल ई-विधान ऐप (नेवा) पर लॉग-इन के जरिए दर्ज होगी.सत्र में दिल्ली के विकास और जनहित के कई मुद्दों पर चर्चा होगी लेकिन स्कूल फीस बिल पर सरकार और विपक्ष की सहमति, असहमति सत्र कीदिशा तय कर सकती है. ऱाजनीतिक शोर बनकर जाएगा रहदिल्ली की जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह बिल वाकई अभिभावकों को राहत देगा या सिर्फ राजनीतिक शोर बनकर रह जाएगा. पहले ही दिन स्कूल फीस नियंत्रण बिल सहित अन्य मुद्दों पर राजनीतिक घमासान के पूरे आसार हैं. 8वीं विधानसभा का तीसरा सत्र 4 से 8 अगस्त तकचलेगा लेकिन जरूरत पड़ी तो इसे बढ़ाया भी जा सकता है। प्रत्येक स्कूल में फीस रेगुलेशन कमेटी गठित होगी जिसमें अभिभावक, शिक्षक, स्कूलप्रशासन और SC/ST/पीछड़े वर्ग तथा महिलाएं शामिल होंगी. आलोचकों ने यह भी कहा कि बिल में ऑडिट व्यवस्था को खत्म किया गया है, जिसमें15% अभिभावकों का शिकायत में हस्ताक्षर अनिवार्य करने जैसा प्रावधान अभावग्रस्त है. सत्र की शुरुआत से ही शिक्षा मंत्री द्वारा बिल पेश किए जानेके कारण सदन में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव की संभावना है.

भाजपा का समाजवादी पीडीए पाठशाला पर हमला बच्चों को ‘ए फॉर अखिलेश’ सिखाना है ब्रेनवॉशिंग बोले भूपेंद्र सिंह चौधरी

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने शुक्रवार को सहारनपुर में आयोजित समाजवादी पार्टी की पीडीए पाठशाला की आलोचना की. उन्होंनेकहा कि इसमें बच्चों को ए फॉर अखिलेश और डी फॉर डिंपल जैसे पाठ पढ़ाया जाना शिक्षा नहीं, समाजवादी ब्रेनवॉश है। उन्होंने इसे मासूम बच्चोंकी कोमल चेतना में राजनीतिक विष घोलने का षड्यंत्र बताया और कहा कि इस विकृत सोच का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा. भाजपा के प्रदेशअध्यक्ष शुक्रवार को काशी आए और पत्रकारों से बात की. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने जब शासन किया तब भी बच्चों के भविष्य के साथखिलवाड़ किया और अब विपक्ष में रहते हुए भी बच्चों की शिक्षा को राजनीतिक रंग देने की ओछी कोशिश कर रही है. सपा की पाठशाला में भीपरिवार से आगे सोच नहीं बढ़ पाई है. मंच नहीं बनने जाएगा दियाबच्चों को ए फॉर अब्दुल कलाम पढ़ाने की जगह ए फॉर अखिलेश और डी फॉर डिंपल सिखाया जा रहा है। बच्चों की शिक्षा को राजनीतिकविचारधारा थोपने का मंच नहीं बनने दिया जाएगा. सपा शासन में शिक्षा व्यवस्था नकल माफिया, जर्जर स्कूल भवनों और शिक्षकों की भारी कमी सेजूझ रही थी. इसके विपरीत योगी आदित्यनाथ की सरकार में न सिर्फ शिक्षा की बुनियादी संरचना को मजबूती दी गई बल्कि डिजिटल शिक्षा, नईपाठ्यपुस्तकों और नकलविरोधी अभियानों के माध्यम से छात्रों को एक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक माहौल मिला है. प्रधानमंत्री जनसभा में मंचपर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहेंगे। इसके अलावा केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर, डिप्टी सीएम ब्रजेशपाठक, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य मौजूद रहेंगे. उनके साथ कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल, राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकरमिश्र दयालु और पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय मौजूद रहेंगे. परिवार से आगे नहीं बढ़ पाई सोचइसके अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और मेयर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, अवधेश सिंह, नील रतन पटेल, सुनील पटेल, टी राम, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा भी मंच पर रहेंगे. भाजपाके प्रदेश अध्यक्ष पीएम मोदी की जनसभा में हिस्सा लेने के लिए बनारस पहुंचे। इस दारौन उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर सियासी तंजकिया. उन्होंने कहा कि सपा की पाठशाला में भी परिवार से आगे सोच नहीं बढ़ पाई है.

बाढ़ राहत, महिला सुरक्षा और तिरंगा उत्सव पर CM योगी का फोकस, लापरवाही नहीं चलेगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ राहत कार्य में लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये किबाढ़ शरणालय में महिला सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की जाए. वहीं बच्चों के लिए दूध उपलब्ध कराने और रेस्क्यू कार्य में छोटी-मझली नाव का प्रयोगन करने के सख्त हिदायत भी दी. वह रविवार को अपने सरकारी आवास पर बाढ़ग्रस्त इलाकों में राहत कार्य की समीक्षा कर रहे थे. सीएम ने कहा किक्षति ग्रस्त मकानों का तत्काल सर्वे कर प्रभावित लोगों को मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास व जमीन का पट्टा उपलब्ध कराया जाए. बाढ़ प्रभावित इलाकों में जिन चीजों की आवश्यकता हो, उसके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय को तत्काल बताएं ताकि उन चीजों की उपलब्धता सुनिश्चितकी जा सके वाले बच्चों के लिए दूध की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. तिरंगा को जाना है फहरायाकोई भी व्यक्ति जर्जर भवन में न रहे, उसे बिना देर किये बाढ़ शरणालय में शिफ्ट किया जाए.सीएम ने रक्षाबंधन के अवसर पर आगामी 8 अगस्त की सुबह से 10 अगस्त की रात्रि 12 बजे तक यूपीएसआरटीसी व नगरीय बस सेवा की बसों मेंमाताओं-बहनों को निःशुल्क यात्रा की घोषणा करने के साथ पर्याप्त मात्रा में बसें संचालित करने को कहा उन्होंने कहा कि आगामी 14 अगस्त कोविभाजन विभीषिका दिवस के अवसर पर तिरंगा यात्रा निकली जाए. स्कूल, कॉलेजों,डिग्री कॉलेजों व अन्य संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित करें. आगामी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भव्य रूप से सभी जगह तिरंगा फहराया जाए तथा राष्ट्रगान गया जाए। हर घर तिरंगा अभियानकी समीक्षा करते हुए कहा कि इस राष्ट्रीय अभियान से हर नागरिक को जुड़ना चाहिए. विगत वर्षों में यूपी का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा है। इस वर्ष प्रदेश में4.60 करोड़ तिरंगों को फहराया जाना है. महोत्सव आयोजित करने का है लक्ष्यआगामी 8 अगस्त तक तिरंगा बनाने का कार्य पूर्ण कर लिया जाए. 9 अगस्त से 12 अगस्त तक तिरंगा यात्रा, तिरंगा महोत्सव व मेला का आयोजनहो. सीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि मानक के अनुरूप ही स्कूलों की पेयरिंग की जाए. इस कार्य मेंअनियमितता बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए. बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए. उन्होंने कहा कि किसानों कोउनकी जरूरत के अनुसार तय रेट पर फर्टिलाइजर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए. रक्षाबंधन पर महिलाओं को तोहफा देते हुए योगी सरकार नेआठ अगस्त से लेकर दस अगस्त तक महिलाओं का परिवहन निगम की बसों में सफर फ्री कर दिया है। रक्षाबंधन (8–10 अगस्त) महिलाओं को यूपीपरिवहन निगम और नगरीय बसों में निःशुल्क यात्रा; तिरंगा यात्रा एवं अभियान की योजना, 4.60 करोड़ तिरंगा तक महोत्सव आयोजित करने का लक्ष्यहै.

2027 की तैयारी शुरू हर हाथ में तिरंगा, हर बूथ पर मजबूत वोटर भाजपा का बूथ अभियान तेज

प्रदेश में भाजपा मतदाता सूची से गलत नाम हटाने के साथ ही पात्र लोगों का नाम जुड़वाने में जुटेगी। 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेशभाजपा की टीम को मतदाता पुनरीक्षण में सभी पात्रों के नाम सूची में शामिल कराने को कहा गया है. सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में रविवारको इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में हुई भाजपा की संगठनात्मक बैठक में सभी पदाधिकारियों को घर-घर पहुंचने और नए वोटरों को मतदाता बनवाने केअभियान में जुटने के निर्देश दिए गए. इस दौरान तिरंगा यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की गई. बैठक में सभी पदाधिकारियों को 18 साल की उम्र पूरीकर पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं पर खास फोकस करने को कहा गया. साथ ही पदाधिकारियों को हर बूथ पर 100 और विधानसभावार10-15 हजार नए मतदाता बनाने का लक्ष्य दिया गया है. समर्पण का संदेश स्पष्ट जाएगा कियापदाधिकारियों से कहा गया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सैकड़ों भाजपा समर्थक मतदाताओं के नाम सूची से कट गए हैं इसलिए इस काम मेंसतर्क रहें. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि हर घर तिरंगा प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र के प्रति गौरव, आस्था और उत्तरदायित्व कीभावना को जाग्रत करने का अभियान है. कार्यकर्ता मतदाता पुनरीक्षण अभियान में पूरी निष्ठा के साथ जुटें उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा किहर घर तिरंगा अभियान सिर्फ सरकार की पहल नहीं, बल्कि जन भावनाओं का स्वाभाविक प्रकटीकरण है.उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को हर गांव एवं शहर तक ले जाकर कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करें कि तिरंगा हर घर मेंफहराए. चुनाव का निर्णय बूथ पर होता है. इसलिए ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ केवल एक नारा नहीं बल्कि भाजपा की कार्य संस्कृति का आधार है. हरघर तिरंगा अभियान के राष्ट्रीय सह संयोजक ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि इस अभियान से देश के प्रति हमारे समर्पण का स्पष्ट संदेश जाएगा. शामिल होने से न छूटने पाएसीएम योगी ने कहा कि मतदाता पुनरीक्षण लोकतंत्र की आधारशिला है हर कार्यकर्ता सुनिश्चित करे कि उसके बूथ पर कोई भी पात्र मतदाता सूची मेंशामिल होने से न छूटने पाए. 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवा मतदाताओं को जोड़ने पर खास फोकस करें. तिरंगा यात्रा निकालने के कार्यक्रम को लेकर सीएम ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान केवल झंडा फहराने का आयोजन नहीं, बल्कि जन-जन में राष्ट्र भक्ति की भावना जगाने का जनआंदोलन है. हर घर तिरंगा अभियान और हर हाथ में स्वदेशी उत्पाद का मंत्र, आत्मनिर्भर भारत की भावना को जमीन पर उतारने कीदिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने आह्वान किया कि अभियान से जुड़कर घरों पर तिरंगा फहराएं, उसके साथ सेल्फी लें और ओडीओपी जैसे स्वदेशीउत्पादों को अपनाकर स्थानीय शिल्प को प्रोत्साहन दें. सीएम ने मालेगांव मामले में फैसले के बाद कांग्रेस को निशाने पर लिया है. कहा, जैसे ही सचसामने आया कांग्रेस की साजिशें बेनकाब हो गई हैं. भगवा को आतंक का प्रतीक बताने वालों का चेहरा अब उजागर हो गया है. ऑपरेशन सिंदूर परदुष्प्रचार करके विपक्ष देशविरोधी ताकतों की ढाल बन रहा है.