ट्रम्प के दूत विटकॉफ की -मॉस्को में बैठक, पुतिन से तीन घंटे की ‘प्रोडक्टिव’ चर्चा, अगले हफ्ते ट्रम्प-पुतिन मुलाकात की है संभावना “शीतयुद्ध को लेकर दिए नए संकेत”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मॉस्को मेंमुलाकात की. ये मुलाकात उस समय हुई जब रूस को यूक्रेन के साथ शांति वार्ता करने के लिए दी गई समय सीमा लगभग खत्म होने वाली है. अगरसमझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका रूस पर सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगा सकता है. जिससे रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भी असर पड़ सकता है।इस बीच, खबर है कि डोनाल्ड ट्रंप रूसी राष्ट्रपति पुतिन से अगले हफ्ते व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर सकते हैं. क्रेमलिन ने बताया कि यह मुलाकातकरीब तीन घंटे तक चली. पुतिन के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि यह बातचीत उपयोगी और सकारात्मक रही. इसमें यूक्रेनके हालात, अमेरिका-रूस संबंधों में सुधार और दोनों देशों के बीच भविष्य में रणनीतिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई. हमला कम करने की अपीलडोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर बताया कि विटकॉफ की पुतिन के साथ ‘बहुत उपयोगी बैठक’ हुई, जिसमें काफी प्रगति हुईहै. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने यूरोप में अमेरिका के सहयोगियो को बैठक के बारे में जानकारी दे दी है. अमेरिका अब अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथमिलकर रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ेगा. इससे पहले, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि ट्रंप की दी हुई 10 दिन कीडेडलाइन खत्म होने के बाद अमेरिका रूस पर और भी कड़े प्रतिबंध लगा सकता है. हालांकि, व्हाइट हाउस ने अभी तक इन प्रतिबंधों की पूरी जानकारीसार्वजनिक नहीं की है. अधिकारी को सार्वजनिक रूप से बोलने का अधिकार नहीं था और उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर यह बात कही. अमेरिका नेधमकी दी है कि अगर हत्याएं नहीं रुकीं, तो कड़े टैरिफ और अन्य आर्थिक दंड लगाए जाएंगे. ट्रंप ने रूस द्वारा यूक्रेन के यूक्रेन के नागरिक क्षेत्रों पर बढ़तेहमलों को लेकर नाराजगी जताई है. उन्होंने कई बार पुतिन से हमला कम करने की अपील की थी, लेकिन रूस ने हमले और तेज कर दिए हैं. यूक्रेन कर रहा है सर्दियों की तैयारीयूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बुधवार शाम (स्थानीय समयानुसार) को बताया कि उन्होंने पुतिन-विटकॉफ की मुलाकात के बाद अमेरिकीराष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर बात की. उन्होंने कहा कि यूरोपीय नेताओं ने भी बातचीत में भाग लिया. जेलेंस्की ने कहा कहा, ‘हमने मॉको में हुई बातचीत परचर्चा की. जेलेंस्की ने कहा कि सभी की राय साफ है ‘युद्ध खत्म होना चाहिए. हालांकि, उन्होंने बातचीत का कोई विवरण नहीं दिया. क्षेत्रीय गवर्नरइवान फेडोरोव ने बुधवार को बताया कि रूस ने मंगलवार रात यूक्रेन के जापोरिज्जिया इलाके में एक मनोरंजन केंद्र पर हमला किया. जिसमें दो लोगोंकी मौत हो गई और 12 घायल हुए, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं. उन्होंने बताया कि रूसी सेना ने क्षेत्र पर कम से कम चार हमले किए और शुरुआतमें शक्तिशाली ग्लाइड बमों से हमला किया. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, ‘इन हमलों का कोई सैन्य मकसद नहीं, बस डरफैलाना है. जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने यूक्रेन के पावर ग्रिड और हीटिंग व रसोई गैस की सुविधाओं पर भी हमला किया, क्योंकि यूक्रेन सर्दियों कीतैयारी कर रहा है.
महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने जताई गहरी चिंता, कहा सभी कार्यस्थलों पर किया जाए पॉश ऑडिट अनिवार्य

महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने कार्यस्थलों पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून पॉश एक्ट की कमजोर अमलवारी परचिंता जताई है. आयोग ने सभी दफ्तरों में पॉश ऑडिट को अनिवार्य करने की मांग की है. आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने सोशल मीडियाप्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने हाल ही में राज्य के कई हिस्सों का दौरा किया और पाया कि कई दफ्तरों में आंतरिकशिकायत समिति (आईसीसी) तो बनी है लेकिन वो सिर्फ कागजों पर ही मौजूद है। उन्होंने कहा, ‘कई बार समिति के सदस्यों को यह तक नहीं पताहोता कि उनके अधिकार और जिम्मेदारियां क्या हैं. ऐसे में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं, भले ही कमेटी हो भी. सुरक्षित माहौल है तैयार करनाइस स्थिति को सुधारने के लिए महिला आयोग ने महिला और बाल विकास मंत्री को एक प्रस्ताव सौंपा है. इस प्रस्ताव में मांग की गई है कि पॉशकानून के अनुपालन की नियमित जांच के लिए सरकार एक सरकारी निर्णय (जीआर) जारी करे. रूपाली चाकणकर ने कहा, ‘पॉश ऑडिट को वित्तीयऑडिट या अग्नि सुरक्षा ऑडिट जितना ही जरूरी माना जाना चाहिए।’ उन्होंने आगे कहा कि ऐसे ऑडिट से सुनिश्चित होगा कि कार्यस्थल सिर्फ कानूननसुरक्षित नहीं, बल्कि वास्तव में महिलाओं के लिए सुरक्षित और सहायक वातावरण वाले हों. कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध और निवारण एक्ट 2013 में लागू हुआ था. इसका उद्देश्य कार्यस्थलों पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से बचाना है और उनके लिए सुरक्षितमाहौल तैयार करना है. महिलाएं करवा सकेंगी अपनी शिकायत दर्जइसके तहत हर दफ्तर में 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले संस्थान को एक आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) बनानी होती है, जहाँ महिलाएंअपनी शिकायत दर्ज करवा सकें. यह पता लगाने के लिए कि आईसीसी वाकई में सक्रिय है या नहीं. समिति के सदस्यों को कानून और प्रक्रिया कीपूरी जानकारी होनी चाहिए। महिला कर्मचारी खुलकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकें, ऐसा भरोसेमंद माहौल बनाना. कार्यस्थल पर महिलाओं कीसुरक्षा को गंभीरता से लिया जाए. महाराष्ट्र महिला आयोग ने साफ कहा है कि सभी दफ्तरों में पॉश ऑडिट जरूरी किया जाए और राज्य सरकार इसप्रस्ताव पर अमल करे व इसे लेकर एक आदेश जारी करे, जिससे हर दफ्तर में पॉश ऑडिट अनिवार्य किया जाए. इससे न केवल कानूनी अनुपालनसुनिश्चित होगा, बल्कि महिलाओं को कार्यस्थल पर असली सुरक्षा भी मिलेगी.
भारत-फिलीपीन संबंधों में अब बना नया अध्याय, राष्ट्रपति मार्कोस ने भारत दौरे को बताया सबसे सफल यात्रा रात्रिभोज पर बोले मार्कोस

मार्कोस राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राष्ट्रपति भवन में आयोजित रात्रिभोज में बोल रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘यह मेरी अब तक की सबसे अच्छी औरसफल यात्राओं में से एक रही है और इसका श्रेय भारत और फिलीपीन की गहरी दोस्ती को जाता है. फिलीपीन के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोसजूनियर ने भारत दौरे को अब तकी अपनी सबसे फायदेमंड और सफल यात्राओं में से एक बताया. उन्होंने कहा कि यह सब भारत और फिलीपीन केबीच मजबूत दोस्ती की वजह से संभव हुआ है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में फिलीपीन के राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर का औपचारिक स्वागतकिया. उनके सम्मान में एक भोज का आयोजन किया। मार्कोस की यह यात्रा महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. क्योंकि दोनों देश राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं. भारत की राष्ट्रपति मुर्मू ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘उन्होंने राष्ट्रपति भवन में फिलीपीन के राष्ट्रपति मार्कोस कास्वागत किया और उनके सम्मान में भोज दिया. साझेदारी बनाने में करेंगी मदददोनों देशों के नेताओं ने माना कि यह यात्रा भारत और फिलीपीन के बीच मजबूत साझेदारी बनाने में मदद करेगी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह भी कहाकि भारत और फिलीपीन के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और व्यावसायिक आदान-प्रदान से बने संबंध हमारी मित्रता और सहयोग को एक मजबूतआधार प्रदान करते हैं. मुझे विश्वास है कि वीजा व्यवस्था में और अधिक सुगमता, बेहतर हवाई संपर्क के साथ हमारे लोग और व्यवसाय अधिकसहयोग करेंगे. उन्होंने कहा कि हमारे दोनों देश समृद्ध कलात्मक विरासत और सांस्कृतिक विविधता से संपन्न हैं. हमारे सदियों पुराने संबंधों की झलकआज भी देखी जा सकती है. मुझे बताया गया है कि रामायण पर आधारित दंतकथाएं फिलीपीन में भी लोकप्रिय हैं. मुझे आशा है कि फिलीपीन केहमारे मित्र रात्रिभोज के दौरान इस सांस्कृतिक बंधन का अनुभव कर पाएंगे. इससे पहले सोमवार को, राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर ने अपनी पांच दिवसीयआधिकारिक भारत यात्रा की शुरुआत विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात कर की. मोदी के साथ व्यापक चर्चाउन्होंने हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी व्यापक चर्चा की. राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में बोलते हुए, फिलीपीन के राष्ट्रपति ने यह भीकहा, ‘इंडो-पैसिफिक, एशिया-प्रशांत का सही विकास है. उन्होने अपनी यात्रा को भारत और फिलीपीन के बीच गठबंधन की पुनः पुष्टि बताया. मार्कोस जूनियर के 2022 में पदभार ग्रहण करने के बाद से फिलीपीन के किसी राष्ट्रपति की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। उनके साथ प्रथममहिला लुईस अरनेटा मार्कोस और कई कैबिनेट मंत्रियों सहित एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है. फिलीपीन के राष्ट्रपति 4-8 अगस्त तक भारत कीयात्रा पर हैं. फिलीपीन के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित रात्रिभोज के दौरान कहा कि यह मेरी अब तक कीसबसे अच्छी और सफल यात्राओं में से एक है. इसका श्रेय भारत और फिलीपीन की गहरी दोस्ती को जाता है.
बरेली को सीएम योगी ने दी बड़ी सौगात, 545 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्यास, 6000 लोगों को मिलेगा रोजगार का अवसर

बरेली कॉलेज स्थित जनसभा स्थल पर मुख्यमंत्री की मौजूदगी में रोजगार मेले में निजी कंपनियों के प्रतिनिधि 6000 पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयनकरेंगे. सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत लाभार्थियों को डमी चेक भी दिए जाएंगे. बरेली मंडल के पहले यूनानी मेडिकल कॉलेज में अब इलाज केसाथ पढ़ाई की राह आसान होगी. शिलान्यास के लगभग चार साल बाद 129 करोड़ रुपये की लागत से हजियापुर में बन कर तैयार यूनानी मेडिकलकॉलेज का बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकार्पण करेंगे.मुख्यमंत्री 22.64 अरब रुपये की 545 परियोजनाओं की सौगात जिले के लोगों को देंगे. वह 223 उन विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे, जिनकालाभ सीधे जनता को मिलने लगा है या मिलना शुरू हो जाएगा. इसी तरह से जिले में होने वाले 322 विकास कार्यों का शिलान्यास भी मुख्यमंत्रीकरेंगे. इससे पहले बारिश के कारण मंगलवार की देर रात तक जिला प्रशासन की तरफ से बरेली कॉलेज के मैदान पर जलभराव वाले स्थल को दुरुस्तकरा कर इंटरलॉकिंग कराई गई. डमी चेक जाएंगें बांटेविभागों की ओर से लगाए जाने वाले स्टॉल के सामने प्लाई बिछाई गई. बरेली कॉलेज के मैदान पर आकर्षक तरीके से तिरंगा पंडाल बनाया गया है।मुख्यमंत्री जनसभा स्थल पर आते ही सबसे पहले अलग-अलग विभागों के स्टॉल का निरीक्षण करेंगे. इसके बाद वह 545 विकास कार्यों का लोकार्पणऔर शिलान्यास करेंगे. उपायुक्त उद्योग विकास यादव ने बताया कि सीएम युवा उद्यमी योजना में 1550 अभ्यर्थियों को लोन बांटा गया है. इसमेंमुख्यमंत्री के हाथों से पांच लोगों को डमी चेक दिलाकर सम्मानित कराएंगे. इसी तरह आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह की लखपति दीदियोंको सम्मानित किया जाएगा. डूडा की तरफ से बने प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चाबी दी जाएगी. शिक्षा विभाग के तीनप्रतिभावान खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री सम्मानित करेंगे. किसान दुर्घटना बीमा योजना के लाभार्थी परिवारों को डमी चेक बांटे जाएंगे. पुलिस बल को दिए गए दिशा निर्देशमुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को मंगलवार की देर शाम अंतिम रूप दे दिया. कार्यक्रम की नोडल अधिकारीसीडीओ देवयानी हैं. जनसभा स्थल को सात जोन में बांटा गया है. इसमें जोनल-सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। जनसभा स्थल के सभी ब्लॉक मेंपानी की व्यवस्था की गई है. व्यवस्था में लगे अधिकारियों को किसी भी विपरीत स्थिति में कंट्रोल रूम के नंबर 9454417441 पर सूचना देने केलिए कहा गया है. व्यवस्थाओं के क्रम में एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने आदेश जारी किए हैं. मुख्यमंत्री सर्किट हाउस में बरेली मंडल के 28 जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक सुबह 10:30 से 11:45 बजे तक चलेगी. सवा घंटे की बैठक के बाद वह जनसभा स्थल पर जाएंगे।जनसभा के मंच पर मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे. विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर योजनाओंके लाभार्थियों को प्रमाण पत्र बांटेंगे. इसके बाद बरेली के लोगों को संबोधित करेंगे. मुख्यमंत्री के बरेली कॉलेज में प्रस्तावित कार्यक्रम की निगरानी केलिए कई ड्रोन लगाए गए हैं. करीब 1600 पुलिसवालों की तैनाती सुरक्षा व यातायात व्यवस्था में रहेगी. पीएसी अलग से लगाई गई है. मंगलवार कोएडीजी, डीएम-एसएसपी ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया. एसएसपी ने ड्यूटी में लगे पुलिस बल दिशा-निर्देश दिए.
दिल्ली में निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर अब होगी लगाम, फीस विनियमन विधेयक पर सदन में जोरदार बहस, पास होने की है उम्मीद

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) विधेयक-2025 परगंभीर चर्चा हुई लेकिन यह पास नहीं हो सका. शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस बिल को लाखों अभिभावकों के लिए राहतकारी बताया. उन्होंने कहा किये निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर लगाम लगाएगा. सत्ता पक्ष के विधायकों ने इसे अभिभावकों के हित में क्रांतिकारी कदम बताया. बुधवार कोसदन में इस बिल के पास होने की उम्मीद है. विधानसभा में मंगलवार को बहुप्रतीक्षित दिल्ली स्कूल शिक्षा विधेयक पर चर्चा के दौरान गहमागहमीरही. ये बिल सोमवार को शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सदन में पेश किया था लेकिन दो दिन बाद भी यह पास नहीं हो सका. सत्ताधारी भाजपा केविधायकों ने इसे दिल्ली के 18 लाख बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए गेम चेंजर बताया शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने चर्चा में कहा कि ये बिलदिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम, 1973 को और मजबूत करता है, उसे कमजोर नहीं. 10 लाख तक का जुर्मानामंत्री सूद ने साफ किया कि एक भी अभिभावक की शिकायत पर शिक्षा विभाग मनमानी फीस वृद्धि के खिलाफ कार्रवाई करेगा. इस बिल के प्रमुखप्रावधानों ने अभिभावकों में उम्मीद जगाई है. सभी निजी स्कूलों को हर तीन साल में प्रस्तावित फीस स्ट्रक्चर जमा करना होगा और बदलाव सिर्फ तीनसाल में एक बार ही हो सकेगा. स्कूलों को अपनी वित्तीय स्थिति सार्वजनिक करनी होगी. अगर कोई स्कूल बिना इजाजत फीस बढ़ाता है तो 1 लाख से 10 लाख तक का जुर्माना लगेगा. बार-बार गलती करने पर यह जुर्माना दोगुना या तिगुना हो सकता है. अगर कोई स्कूल फीस के लिए बच्चे को तंग करता है तो प्रति बच्चा 50,000 रुपये का जुर्माना लगेगा. गंभीर मामलों में स्कूल की मान्यता रद्द हो सकती है या सरकार उसका प्रबंधनअपने हाथ में ले सकती है. भाजपा विधायक राजकुमार भाटिया ने कहा कि ये बिल दिल्ली के लाखों अभिभावकों के लिए राहत है. विधायक तरविंदरसिंह मारवाह ने कहा कि बिल में छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा गया है. अगर कोई स्कूल फीस के लिए अभिभावकों या बच्चों को परेशान करता है, तो उसे सजा मिलेगी.सरकार का किया धन्यवादबिल में तीन स्तरों स्कूल, जिला और राज्य स्तर की शिकायत निवारण प्रणाली होगी. फीस तय करने में स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टाफ की सैलरी औरसालाना वृद्धि को ध्यान में रखा जाएगा लेकिन मुनाफाखोरी पर सख्त रोक होगी. विवाद के दौरान स्कूल केवल पिछले साल की फीस ही वसूल सकेंगे. शिक्षा मंत्री ने अभिभावकों से इस बिल का समर्थन करने की अपील की. हालांकि विपक्ष ने इस बिल पर कुछ सवाल उठाए जिसके चलते यहमंगलवार को पास नहीं हो सका. अब बुधवार को होने वाली चर्चा और मतदान पर सबकी नजर है. अगर यह बिल पास हो जाता है तो दिल्ली के निजीस्कूलों की फीस व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा. मंगलवार को कुछ अभिभावकों ने दिल्ली विधानसभा परिसर में आकर इस बिल को लाने के लिएसरकार का धन्यवाद भी किया.
भारत और फिलीपींस की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई, पीएम मोदी और राष्ट्रपति मार्कोस की हुई ऐतिहासिक मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत दौरे पर आए फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर से राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली मेंमुलाकात की. साथ ही गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया. विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच दोस्ताना और गहरे रिश्तों को आगेबढ़ाने के लिए बातचीत हुई. विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भारत और फिलीपींस के बीच सभ्यता, इतिहासऔर लोगों के बीच मजबूत जुड़ाव पर आधारित पुराने रिश्ते हैं. दोनों नेताओं के बीच हो रही बातचीत का उद्देश्य दोनों देशों की दोस्ती और आपसीसहयोग को और मजबूत करना है. इस मुलाकात से उम्मीद की जा रही है कि भारत और फिलीपींस के संबंध और भी मजबूत होंगे और कई अहम क्षेत्रोंमें सहयोग बढ़ेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत और फिलीपींस अपनी मर्जी से दोस्त हैं और उनकी दोस्ती नियति से जुड़ी है. स्वतंत्रता का करते है समर्थउन्होंने कहा कि हिंद महासागर से लेकर प्रशांत महासागर तक दोनों देशों को साझा मूल्य जोड़ते हैं. यह दोस्ती केवल पुरानी नहीं बल्कि भविष्य के लिएभी एक मजबूत वादा है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और ‘महासागर’ विजन में फिलीपींस एक महत्वपूर्ण साझेदार है. दोनोंदेश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, समृद्धि और नियमों पर आधारित व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं. वे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार नौवहन कीस्वतंत्रता का समर्थन करते हैं. अगले साल फिलीपींस आसियान का अध्यक्ष होगा, जिसके सफल संचालन के लिए भारत पूरी मदद देगा. पीएम मोदीने बताया कि दोनों देशों के बीच हर स्तर पर बातचीत और सहयोग जारी है. आज दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग, क्षेत्रीय मुद्दों और अंतरराष्ट्रीयपरिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की. इस बैठक में भारत-फिलीपींस संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाने का फैसला किया गया है. इससाझेदारी को सफल बनाने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना भी बनाई गई है. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 3 अरब डॉलर से अधिक हो गयाहै। इसे और मजबूत करने के लिए भारत-आसियान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की समीक्षा जल्द पूरी करने और द्विपक्षीय प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट पर काम करनेका निर्णय लिया गया है. सुरक्षा क्षेत्र में आएगी मजबूतीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर के साथ वार्ता की. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीचरक्षा संबंध दिन-ब-दिन मजबूत हो रहे हैं. जो गहरे विश्वास का प्रतीक हैं। दोनों देश समुद्री राष्ट्र हैं. इसलिए समुद्री सहयोग जरूरी और स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि पहली बार, भारतीय नौसेना के तीन जहाज फिलीपींस में हो रही नौसेना अभ्यास में भाग ले रहे हैं जिसमें भारत का हाइड्रोग्राफी जहाजभी शामिल है. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिन भारत-फिलीपींस के द्विपक्षीय संबंधों के लिए ऐतिहासिक है. अब दोनों देशों के रिश्ते रणनीतिकसाझेदारी के स्तर पर पहुंच रहे हैं, जिससे रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में मजबूती आएगी. पिछले कुछ वर्षों में व्यापार, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य, खाद्यसुरक्षा और विकास साझेदारी जैसे क्षेत्रों में बहुत प्रगति हुई है. अगले पांच वर्षों के लिए एक कार्य योजना बनाई गई है फिलीपींस जुलाई 2027 तकभारत का देश समन्वयक होगा और 2026 में वह आसियान के अध्यक्ष पद का संचालन करेगा. पीएम मोदी ने फिलीपींस के राष्ट्रपति से मुलाकात केदौरान भारत फिलीपींस के रिश्ते के 75 साल पूरे होने का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस साल भारत और फिलीपींस के बीच राजनयिक रिश्तों को75 साल पूरे हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि भले ही हमारे कूटनीतिक रिश्ते नए हों, लेकिन हमारी संस्कृतियों का जुड़ाव बहुत पुराना है। फिलीपींस मेंरामायण की कहानी ‘महारादिया लवाना’ इसका बड़ा उदाहरण है, जो हमारी सदियों पुरानी सांस्कृतिक कड़ी को दर्शाता है.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर पीएम मोदी को एनडीए का सम्मान, आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई को दी सराहना

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) संसदीय दल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के लिए सम्मानित किया. पहलगाम आतंकी हमले पर पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया की एनडीए की बैठक में जमकर सराहना की गई. इस दौरान पीममोदी ने बैठक को संबोधित भी किया. उन्होंने कहा कि 5 अगस्त एक ऐतिहासिक दिन था क्योंकि इसी दिन पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेषअधिकार देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त किया गया था. एनडीए सरकार ने संविधान का पूरी भावना से पालन किया है. सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह की भी प्रशंसा की और कहा कि वह इस मंत्रालय में सबसे लंबे समय तक रहने वाले मंत्री बन गए हैं. विपक्ष परनिशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष सोच रहा होगा कि क्या ऑपरेशन सिंदूर पर बहस की मांग करके उसने कोई गलती की है. संघर्ष विराम की लगाई थी गुहारइस दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ के दौरान पीएम मोदी के नेतृत्व और सशस्त्र बलों के अद्वितीय साहस और अटूट प्रतिबद्धता कीप्रशंसा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया गया. श्रीनगर के बाहरी इलाके में 28 जुलाई को ‘ऑपरेशन महादेव’ नाम से हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा(एलईटी) के तीन दहशतगर्द मारे गए थे. भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन के सांसदों ने जून 2024 में सरकार बनने के बाद से संसद के सत्रों केदौरान अपनी इस तरह की दूसरी बैठक की. ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच भाजपा और उसके सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने पीएम मोदी काअभिनंदन किया. दरअसल, 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद 7 मई को भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान में आतंकीठिकानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी. इसके पाकिस्तान ने भी कायराना हरकत करते हुए भारत में नागरिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था. जवाब में भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेस को हमला बोला था चार दिन तक चले संघर्ष के बाद 10 मई को पाकिस्तान ने भारत के सामने घुटनेटेक दिए थे और संघर्ष विराम की गुहार लगाई थी. पीएम मोदी को किया सम्मानितराष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल दलों के नेताओं ने आज संसदीय दल की बैठक के दौरान पीएम मोदी को सम्मानित किया. आतंकवादके खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को सभी लोगों की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सम्मानित किया. संसद के मानसूनसत्र के दौरान एनडीए में शामिल दलों के नेताओं की इस पहली बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया जिसमें ऑपरेशन सिंदूर और महादेव के दौरान सशस्त्र बलों की “अद्वितीय साहस” और अमनपरकप्रतिबद्धता की तारीफ की गई कश्मीरी पर्यटन स्थल बइसारान घाटी में लश्कर‑ए‑तैयबा/रजिस्टेंस फ्रंट ने 26 यात्रियों की हत्या की थी. जिनमेंअधिकांश हिंदू धर्मावलंबी थे.
प्रियंका गांधी की सुप्रीम कोर्ट पर तीखी प्रतिक्रिया “कौन सच्चा है भारतीय , यह तय नहीं कर सकते जज “जानें क्या है पूरा मामला”

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर अपने भाई राहुल गांधी का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जज यहतय नहीं कर सकते कि कौन सच्चा भारतीय है. बता दें कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राहुल गांधी के खिलाफ लखनऊकी एक अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाई, लेकिन साथ ही कहा कि ‘अगर वह सच्चे भारतीय हैं, तो उन्हें ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था.’ सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी राहुल गांधी के उस बयान को लेकर थी जो उन्होंने दिसंबर 2022 में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान सेना को लेकर दिया था.इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से कहा, ‘माननीय सुप्रीम कोर्ट के जजों का मैं सम्मान करती हूं. बयान को किया जा रहा है गलत तरीके से पेशलेकिन यह तय करना उनका काम नहीं है कि कौन सच्चा भारतीय है. विपक्ष के नेता का काम होता है सरकार से सवाल पूछना और उसे चुनौती देना. उन्होंने कहा कि उनके भाई राहुल गांधी को सेना का बहुत सम्मान है और वह कभी भी सेना के खिलाफ कुछ नहीं कह सकते. प्रियंका ने कहा, ‘राहुलसेना का हमेशा सम्मान करते हैं उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. राहुल गांधी ने 9 दिसंबर 2022 को ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरानएक भाषण में सेना से जुड़ा बयान दिया था, जिसे लेकर उनके खिलाफ लखनऊ की अदालत में मामला दर्ज हुआ था. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उसमामले में उन्हें राहत दी, लेकिन साथ में यह भी कहा कि ‘एक सच्चा भारतीय ऐसा बयान नहीं देगा.वहीं इस मामले को लेकर भाजपा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने ‘चीन को मजबूत करने की कसम खाई है. इसके जवाब मेंकांग्रेस ने कहा कि देशभक्त भारतीयों ने गलवां घाटी की घटना के बाद से सरकार से जवाब मांगा है लेकिन सरकार सच्चाई को ‘डीडीएलजे नीति- डिनाई (इंकार), डिस्ट्रैक्ट (ध्यान भटकाना), लाइ (झूठ), जस्टिफाई (सफाई)’ के जरिए छिपा रही है. राहुल ने कभी नहीं किया सेना का अपमानकांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने कभी सेना का अपमान नहीं किया. वे केवल सरकार से जवाब मांग रहे थे कि गलवां में चीन के हाथों हमारेजवानों की शहादत के बाद क्या कदम उठाए गए. भाजपा ने राहुल गांधी पर चीन के समर्थन का आरोप लगाते हुए कहा कि उनका रवैया देश विरोधीहै. भाजपा नेताओं ने राहुल के पुराने बयानों को आधार बनाकर यह आरोप लगाया. एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कांग्रेस नेता राहुल गांधीको सेना पर टिप्पणी के मामले में लगी फटकार पर प्रियंका गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के जज यहतय नहीं कर सकते कि कौन सच्चा भारतीय है.
नीतीश सरकार का बड़ा कदम बिहार में रोजगार के लिए जरूरी होगा राज्य का शैक्षणिक प्रमाणपत्र,शिक्षक भर्ती में बाहरी आवेदकों को झटका

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले दिनों राज्य में पहली बार डोमिसाइल नीति पर सीधे एलान कर दिया था. शुरुआत उन्होंने शिक्षा विभाग सेकी बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से ली जाने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षा – 4 से डोमिसाइल नीति लागू करने का उन्होंने एलान किया था. उसएलान के साथ यह बात चल निकली थी कि अब बिहार का डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाने वालों की बाढ़ आएगी, क्योंकि नौकरी में इससेप्राथमिकता मिलेगी. लेकिन बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने राज्य मंत्रिपरिषद् की बैठक में इस पॉलिसी पर मुहर लगाते समय साफ किया किजिनके पास बिहार के शिक्षण संस्थान से मैट्रिक या इंटर का प्रमाणपत्र होगा उन्हें ही इस नीति का लाभ मिलेगा. शैक्षणिक इकाई का मान्य होगा प्रमाण पत्रअगस्त की पहली कैबिनेट बैठक में मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने 36 फैसलों पर सहमतिजताई. इसमें शिक्षक भर्ती के लिए डोमिसाइल नीति के प्रस्ताव पर मुहर लगाना एक अहम बिंदु था. इस प्रस्ताव में लिखा गया है “बिहार राज्यविद्यालय अध्यापक (नियुक्ति, स्थानान्तरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशत) (संशोधन) नियमावली, 2025 के गठन के उपरांत बिहार राज्य सेशैक्षणिक अर्हता प्राप्त अभ्यर्थी विद्यालय अध्यापक के पद पर अधिक संख्या में नियुक्त हो सकेंगे. मतलब साफ है कि बिहार में पढ़ने वालों को हीशिक्षक भर्ती परीक्षा में प्राथमिकता मिलेगी. यानी, डोमिसाइल के नाम पर जो आरक्षण जैसी सुविधा मिलेगी, उसके लिए बिहार की शैक्षणिक इकाईका प्रमाणपत्र ही मान्य होगा. बाहरी भी ले सकेंगें प्राथमिकताएंपिछले हफ्ते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर एलान किया था कि शिक्षकों की बहाली में बिहार के निवासियों (DOMICILE) कोप्राथमिकता देने हेतु शिक्षा विभाग को संबंधित नियम में आवश्यक संशोधन करने का निर्देश दिया है. शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण (TRE-4) सेही इसे लागू करने की बात कही गई थी। सीएम ने लिखा था कि वर्ष 2025 में TRE-4 एवं वर्ष 2026 में TRE-5 का आयोजन किया जाएगा. TRE-5 के आयोजन के पूर्व STET का आयोजन करने का भी निर्देश दिया गया है. अब कैबिनेट ने मुख्यमंत्री के उसी एलान पर मुहर लगाई है औरएक पंक्ति में स्पष्ट कर दिया है कि आवासीय प्रमाणपत्र बनवाने से कोई बिहार का निवासी नहीं हो जाएगा, बल्कि यहां पढ़ने वालों को ही इसकालाभ मिलेगा. शिक्षक भर्ती परीक्षा से बिहार में डोमिसाइल नीति लागू होने के साथ ही एक चर्चा चल निकली थी कि अब यहां का आवासीयप्रमाणपत्र बनवाकर बाहरी भी प्राथमिकता ले सकेंगे. लेकिन, अब बिहार कैबिनेट ने सबकुछ साफ कर दिया है.
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन विपक्ष को एकजुट करने वाले ‘चाणक्य’ ने था कहा 2024 में एक उम्मीदवार बनाम हो एक उम्मीदवार “जानें मलिक की पूरी कहानी”

जे एंड के सहित कई राज्यों के पूर्व राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को आरएमएल अस्पताल में निधन हो गया है. पुलवामा के आतंकी हमले को लेकर मलिक ने बड़ा खुलासा किया था. उसके बाद उन्होंने भाजपा के खिलाफ ‘विपक्षी चाणक्य’ की भूमिका निभाईथी. मलिक ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को टक्कर देने के लिए विपक्षी दलों को एक मंत्र दिया था. अपने राजस्थान दौरे के दौरान पूर्वराज्यपाल ने कहा था मैंने दिल्ली में सभी राजनीतिक दलों से बात की है. वे इस बात पर राजी हैं कि लोकसभा चुनाव में ‘एक उम्मीदवार के बदले एकउम्मीदवार’ खड़ा करेंगे. ऐसा संभव हो गया तो ये लोग (भाजपा) दिल्ली में बचेंगे नहीं. मलिक ने लोकसभा चुनाव से पहले कहा था, वे हर माह दसपब्लिक मीटिंग करेंगे. हालांकि उन्होंने दावा किया था कि वे न तो चुनाव लड़ेंगे और न ही कोई पार्टी ज्वाइन करेंगे. वे विपक्षी दलों के बीच एकता कोस्थापित करने का काम करेंगे. मलिक का कहना था. लोग ऐसी स्थिति पैदा करें कि उन्हें सरकार से मांगना ही न पड़े सरकार उनसे पूछे कि क्या चाहिए. ये तभी संभव हो सकेगा, जब दिल्ली में सरकार को बदला जाएगा. मंच पर आना होगा आनेइसके लिए विपक्षी दलों कुछ एकता दिखाई है लोगों को जात-पात छोड़कर एक मंच पर आगे आना होगा. अगर एक समान मकसद के लिए सभी दल एकत्रित हो जाते हैं तो दिल्ली में भाजपा को कोई बचा नहीं सकता बाद में मलिक की तबीयत बिगड़ती चली गई. 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले मलिक ने कहा था, मैंने दिल्ली में सभी पार्टियों से बात कर ली है. सभी राजनीतिक दल इस बात पर सहमत हैं कि 2024 केलोकसभा चुनाव में ‘एक उम्मीदवार के बदले एक उम्मीदवार खड़ा हो’ की रणनीति पर काम करेंगे. ऐसा संभव हो जाता है तो वोट नहीं बटेंगे. उसकेबाद भाजपा वाले दिल्ली में नहीं लौट पाएंगे. तब इनका नाम लेने वाला कोई नहीं होगा. मलिक ने कहा था, आज जिस घमंड को लेकर ये लोग घूमरहे हैं, वह चूर-चूर हो जाएगा. मैने लोगों से कहा है कि एक बात यह भी समझ लो कि 2024 के आम चुनाव में, ये लोग बच गए तो उसके बाद आपनहीं बचेंगे. दूसरे मुद्दों पर घेरा भाजपा कोआपके पास यह आखिरी मौका है. पूर्व राज्यपाल मलिक ने कई मुद्दों पर खुलकर बोला उन्होंने पुलवामा के अलावा कई दूसरे मुद्दों पर भी भाजपा कोघेरा था. वह चाहे जंतर मंतर पर बैठे पहलवान हों या अदाणी का मुद्दा हो, इन्हें लेकर मलिक खासे मुखर रहे. किसानों को लेकर, राज्यपाल रहते हुए भीमलिक ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लेकर एक बड़ा बयान दे दिया था. मलिक ने कहा था, राजनाथ सिंहप्रधानमंत्री पद के ‘सीरियस उम्मीदवार’ हैं. अगर उनके भाग्य में है तो वह प्रधानमंत्री जरूर बनेंगे. पुलवामा हमले को लेकर उनके द्वारा दिए गए बयान परजब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि जब वे राज्यपाल थे, तब उन्होंने कुछ क्यों नहीं कहा था। सीकर में दो दिवसीय दौरे पर मलिक ने कहाथा, मैंने तब भी पुलवामा मुद्दे पर बोला था। कोई एक दिन नहीं, कई बार उस बाबत बोला था. हमले के दिन, अगले दिन और फिर बाद में भी कईदफा इस मुद्दे को उठाया था. प्रधानमंत्री को पुलवामा मुद्दे पर बयान देना चाहिए था। इस बाबत अगर कोई जांच हुई है, कौन कसूरवार है, उस परकार्रवाई हुई है या नहीं, इस संबंध में पीएम बताएं.