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असम में सियासी घमासान तेज: घुसपैठ, बेरोजगारी और पहचान की लड़ाई में उलझा चुनावी रण

असम में जोरदार घमासान की तैयारी है। घुसपैठ का मुद्दा यहां बड़ा बनता दिख रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा इसे जोरशोर से उठा रहे हैं। वहीं, कांग्रेस को हिमंत के रुख से खुद का फायदा होता दिख रहा है। कहा जा रहा है कि घुसपैठियों को बाहर करने का मुद्दा भाजपा के पक्ष में असम मूल केलोगों को कर सकता है। डेमोग्राफी बदलने के खतरे का मुद्दा भी भाजपा उठा रही है। कांग्रेस को भाजपा के 15 साल के शासन से उपजी सत्ता विरोधीलहर से जीत मिलने की उम्मीद है।राज्य में भाजपा 126 में से 89 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। 37 सीट पर सहयोगी दल बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट और यूपीपीएल लड़ेंगे। भाजपा ने मौजूदा19 विधायकों टिकट काट दिया है। इनमें राज्य मंत्री नंदिता गारलोसा शामिल हैं। टिकट कटने पर गारलोसा कांग्रेस में चली गई हैं। गारलोसा अबहाफलांग सीट से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ेंगी। कांग्रेस के भी कई नेता भाजपा में आ गए हैं। इनमें प्रद्युत बोरदोलोई, भूपेन बोरा, नवज्योतितालुकदार शामिल हैं। समीकरण बनाएंगे, बिगाड़ेंगेपिछले चुनावों में ऊपरी असम में भाजपा काफी मजबूत रही है। निचले असम में कांग्रेस और एआईयूडीएफ से मुकाबला होता है। बराक घाटी मेंस्थिति थोड़ी भिन्न रहती है। हालांकि, इस बार चुनाव परिसीमन के बाद हो रहा है। इसलिए समीकरण बदल गए हैं। जहां तक बात मुद्दों की है तोअसम में बेरोजगारी का मुद्दा काफी बड़ा है। लोगों को रोजगार चाहिए। कांग्रेस इस मुद्दे पर जोर दे रही है। असमिया पहचान और अवैध प्रवासन भी बड़ेमुद्दों में शामिल है। बाढ़ और पुनर्वास, एनआरसी को लेकर जनता के बीच में चर्चा है। राज्य में राज्य सरकार का कामकाज, प्रशासन और भ्रष्टाचार भीबड़ा मुद्दा है। असम के चाय बगानों की समस्या, श्रमिकों की समस्या, बाल विवाह, बेदखली, गायक जुबिन की मृत्यु का ममला जैसे मुद्दे भी वोटों कासमीकरण बनाएंगे, बिगाड़ेंगे.

Narendra Modi का बड़ा बयान, होर्मुज संकट के बीच भी भारत में तेल-गैस सप्लाई नहीं होगी प्रभावित

पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत ने बड़ी मात्रा में कच्चातेल, गैस और फर्टिलाइजर जैसी अहम चीजें होर्मुज से आती हैं। होर्मुज में फिलहाल जहाजों का आना-जाना मुश्किल हुआ है। पीएम मोदी ने कहा, “हमारी सरकार का प्रयास रहा है कि पेट्रोल-डीजल और गैस की सप्लाई प्रभावित न हो। हम सभी जानते हैं कि दे अपनी जरूरत की 60 फीसदीएलपीजी आयात करता है। इसकी सप्लाई में अनिश्चितता के कारण सरकार ने इसके घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता दी है। साथ ही इसके देश मेंउत्पादन को बढ़ाया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार और उद्योग के साझा प्रयास से हम परिस्थितियों का बेहतर तरीके से सामना कर पाएंगे। भारत को 180 करोड़ लीटर तेल अतिरिक्त लगतापेट्रोल-डीजल की आपूर्ति लगातार बरकरार रखने की कोशिश की जा रही है। बीते एक दशक में उठाए गए कदम अब और भी प्रासंगिक हो गए हैं।भारत ने बीते 11 साल में अपनी ऊर्जा जरूरतों की आपूर्ति का डायवर्सिफिकेशन किया है। पहले भारत में 27 देशों से कच्चे तेल और गैस का आयातकिया जाता था। अब भारत 41 देशों से ऊर्जा जरूरतों का आयात किया जाता है। भारत ने कच्चे तेल के भंडारण को भी प्राथमिकता दी है। आजभारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन का स्ट्रैटिजिक रिजर्व है और 65 लाख मीट्रिक टन के रिजर्व पर काम किया जा रहा है। पिछले 11 वर्ष में हमारीरिफाइनरिंग क्षमता भी बढ़ी है। भारत लगातार अलग-अलग सप्लायर्स से भी संपर्क में है। हमारा प्रयास है कि जहां से संभव हो वहां से सप्लाई होतीरहे। हमारा प्रयास है कि तेल हो गैस हो, फर्टिलाइजर हो, ऐसे सभी जहाज भारत तक सुरक्षित पहुंचें। हम सभी वैश्विक सहयोगियों के साथ निरंतरसंवाद कर रहे हैं, ताकि हमारे मैरिटाइम कॉरीडोर सुरक्षित रहें। इन वार्ताओं के चलते होर्मुज में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए भी हैं। हमारी एक औरतैयारी बहुत काम आ रही है। बीते 10-11 साल में इथेनॉल की मिक्सिंग को बढ़ाया गया है। आज पेट्रोल में 20 फीसदी तक इथेनॉल की मिक्सिंगको बढ़ाया गया है। रेलवे के विद्युतीकऱण से भी काफी फायदा हो रहा है। इतना इलेक्ट्रिफिकेशन आज न होता तो भारत को 180 करोड़ लीटर तेलअतिरिक्त लगता।

ट्रंप का बड़ा फैसला: ईरान पर हमले 5 दिन टले, बातचीत से सुलह की उम्मीद

अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा अपडेट साझा किया है। राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, अमेरिका कीईरान के साथ सकारात्मक और उत्पादक बातचीत हुई है, जिसके बाद वह मिलिट्री को ईरानी पावर प्लांट और ऊर्जा ढांचों के खिलाफ किसी भी सैन्यहमले को टालने का आदेश देंगे। उन्होंने दावा किया कि दोनों देशों के बीच मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को पूरी तरह खत्म करने को लेकर गंभीर वार्ताजारी है। दिनों के लिए टाल दिया जाएअमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा, ‘ईरान के साथ पिछले दो दिनों में बेहद सकारात्मक और उत्पादक बातचीतहुई है, जिसका मकसद मध्य पूर्व में जारी टकराव का पूर्ण समाधान निकालना है। चर्चाओं का ये दौर पूरे हफ्ते जारी रहेगा। दोनों देशों के बीच गहनऔर विस्तृत चर्चाओं के सकारात्मक रवैए को देखते हुए, ‘मैंने अमेरिकी रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट्स और ऊर्जा ढांचे परसभी सैन्य हमलों को फिलहाल पांच दिनों के लिए टाल दिया जाए।’

तीसरे विश्व युद्ध की आहट? ईरान का बड़ा दावा- अमेरिका का F-15 फाइटर जेट मार गिराया!

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज के पास अमेरिका के F-15 फाइटर जेट को मार गिराया है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब पूरा मध्य पूर्व युद्ध की आग में झुलस रहा है। वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे बड़ा मार्ग यानी ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ रणक्षेत्र बना हुआ है। ईरान के सरकारी मीडिया आउटलेट्स ने इस घटना का एक वीडियो भी जारी कियाहै। ईरानी ‘जॉइंट एयर डिफेंस कमांड’ के मुताबिक, उनके रडार ने दक्षिण तट के पास एक अज्ञात लड़ाकू विमान की पहचान की थी। चेतावनी केबावजूद जब विमान ने अपनी दिशा नहीं बदली, तो ईरानी मिसाइल ने उसे लॉक किया और ध्वस्त कर दिया। ईरान का कहना है कि अमेरिकी विमानसीधे तौर पर उनकी संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा था। जारी किए गए वीडियो में आसमान में एक जोरदार धमाके के साथ विमान के मलबे में तब्दीलहोने की तस्वीर है। यह एक बड़ा झटका होगाबता दें कि फरवरी 2026 के अंत से ही ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच सीधा सैन्य टकराव जारी है। पिछले कुछ हफ्तों में तनाव इस कदर बढ़ा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दे डाली। उन्होंने कहा कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की आवाजाही को बाधित किया गया, तो ईरान के बुनियादी ढांचे पर भीषण हमले किए जाएंगे। ईरान का यह ताजा पलटवार उसी चेतावनी का जवाब माना जा रहा है। हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग ने अभी तक अपने किसी F-15 विमान के गिरने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इससे पहले भी मार्च की शुरुआत में ईरान नेएक F-35 विमान को गिराने का दावा किया था। लेकिन अमेरिका ने इसे खारिज कर दिया था। बता दें कि इस्राइल-अमेरिका और ईरान की जंग कीवजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया। दुनिया के कुल तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरताहै। अगर यह युद्ध और लंबा खिंचता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए यह एक बड़ा झटका होगा।

अब AI चलाएगा दिल्ली विधानसभा! ‘विधान साथी’ चैटबॉट के साथ शुरू होगा बजट सत्र

विधानसभा का बजट सत्र 23 से 25 मार्च तक चलेगा। अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने तैयारियों का जायजा लेते हुए कहा कि इस बार का सत्र परंपरा औरतकनीक से चलेगा। 23 से 25 मार्च तक चलने वाले इस सत्र में 24 मार्च को दिल्ली का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा। शनिवार को अध्यक्ष नेआठवीं विधानसभा के चौथे सत्र (बजट सत्र) की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी सदस्यों से कहा है कि सदन की गरिमा बनाए रखना औरसार्थक चर्चा करना सबकी जिम्मेदारी है। अध्यक्ष ने सदन के भीतर व्यवस्थाओं, सुरक्षा और प्रक्रियाओं का निरीक्षण किया, ताकि सोमवार कोकार्यवाही बिना किसी बाधा के चले। इस बार तकनीक के इस्तेमाल पर खास जोर है। सभी विधायकों की मेजों पर टैबलेट लगाए गए हैं ताकि उन्हेंकार्यवाही और जरूरी दस्तावेज रियल-टाइम में मिल सकेंगे। पहली बार सदन की शुरुआत वंदे मातरम के पूर्ण गायन से होगी। इस दौरान सदन में लगीस्क्रीन पर गीत की पंक्तियां भी दिखाई जाएंगी। सत्र परंपरा और तकनीक से चलेगाविधान साथी नाम का एआई चैटबॉट लॉन्च हो गया है, सोमवार को विधायक इसके जरिये विधेयकों, कानून और नीतियों से जुड़ी जानकारी औरविश्लेषण तुरंत ले सकेंगे। इससे विधायी कामकाज में तेजी और स्पष्टता आने की उम्मीद है। सरकार के मुताबिक, इस बार बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर औरग्रीन ट्रांसपोर्ट पर खास ध्यान रहेगा। लैंडफिल साइटों पर जमा कूड़े को हटाने के लिए भी ज्यादा फंड रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया है किसरकार का बजट दिल्ली के विकास को ध्यान में रखते हुए संतुलित और समावेशी होगा। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने तैयारियों का जायजा लेतेहुए कहा कि इस बार का सत्र परंपरा और तकनीक से चलेगा। 23 से 25 मार्च तक चलने वाले इस सत्र में 24 मार्च को दिल्ली का वार्षिक बजट पेशकिया जाएगा।

लखनऊ ईदगाह में नमाज़ के बीच पहुंचे अखिलेश यादव, भीड़ बेकाबू—योगी सरकार पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश में आज यानी शनिवार को ईद मनाई जा रही है। राजधानी लखनऊ के ऐशबाग ईदगाह पर मुबारकबाद देने सपा मुखिया अखिलेश यादव पहुंचे। उनके पहुंचने पर भीड़ बेकाबू हो गई। मौजूद लोगों ने अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस मौके पर अखिलेश यादव ने गले मिलकर बधाई दी। लोगों से बात की। ईदगाह से बाहर निकलने पर मीडिया से भी बात की। उन्होंने प्रदेश में ब्राह्मणों के अपमान और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर योगी सरकार को घेरा। तंज कसा कि राजधानी में अब दोबारा बाटी-चोखा की दावत नहीं हो पाएगी। चुटिया पकड़कर खींच लिया गया है। बताइए कितना अपमान हुआ। लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दियासपा मुखिया ने आगे कहा कि 2027 में बड़ी शपथ होने जा रही है। भाजपा का अब कुछ चलने वाला नहीं है। पीएम मोदी जहां से कई बार चुने गए हैं, वहां एक छात्र की हत्या कर दी गई। खुलेआम, गोलियां चल रही हैं। इससे पहले गोरखपुर में भी गोरख धंधा होते देखा है। प्रदेशभर में कोई कानून व्यवस्था नहीं बची है। उधर, राजधानी में शिया समुदाय के लोगों ने खामेनेई की मौत के गम में काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ी। ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनई सहित ईरानी लोगों के मारे जाने के खिलाफ नमाज के बाद अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी भी की। प्रशासन की ओर से ईदगाह और प्रमुख मस्जिदों के आसपास सुरक्षा और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नमाजियों की सहूलियत के लिए यातायात और पार्किंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। ईद-उल-फित्र के मौके पर लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दिया। गले मिलकर खुशियां साझा की। साथ ही जरूरतमंदों की मदद करके सामाजिक भाईचारे की मिसाल पेश की।

निगम में ठेकेदारी के विरुद्ध खोलेंगे मोर्चा संजय गहलोत

दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन संजय गहलोत निगम में हाल ही में उत्पन्न ठेकेदारी के खिलाफ वे मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहे हैं। संजय गहलोत ने कहा कि संज्ञान में आया है कि निगम ने कुछ सफाई कर्मचारियों को ठेकेदारों के अधीनस्थ कार्य करने हेतु टेंडर जारी कर दिया है, और प्राइवेट सफाई कर्मचारी प्रत्येक ज़ोन में कार्य करते हुए देखे जा रहे हैं। संजय गहलोत के मुताबिक दशकों से पीढ़ी दर पीढ़ी विशेष समुदाय के लोग सफाई कार्य मे कार्यरत है जिससे उनका जीवन यापन हो रहा है । उन्होंने कहा कि जिस समय मल मूत्र से भरे हुए ड्रम अपने हाथों से कर्मचारी ढ़लावघरों तक पहुंचाया करते थे और वहां से मजनूं का टीला के आस पास खाली करके बाद में ड्रम की धुलाई करके वापस उसी स्थान पर रखा करते थे, उस समय किसी ने कल्पना भी नही की थी सफाई कार्य को ठेके पर करवाने की। चूंकि विशेष समुदाय के लोग ही अपनी जान पर खेलकर इस घ्रणित कार्य को करते थे, लेकिन अब जिस प्रकार बदलते माहौल में कुछ टेक्निकल कार्य हुआ है तो निगम कर्मचारियों को ठेकेदारी प्रथा के अंतर्गत कार्य करवाने हेतु विभिन्न प्रकार की योजनाए लागू की जा रही है। दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन संजय गहलोत ने कहा कि इस विषय मे निगम को कानूनन आयोग को भी अवगत करवाना चाहिए परन्तु एकतरफा निर्णय लेकर कर्मचारियों पर गाज़ गिराई जा रही है जो कि क़ानूनों की अवहेलना है ,लिहाजा अब मजबूर होकर कर्मचारियों की रक्षा सुरक्षा और उनके न्यायोचित अधिकार हेतु लामबंद होना पड़ेगा जिसमे सम्पूर्ण रूप से काम बंद हड़ताल एवं दिल्ली का चक्का जाम करना इत्यादि भी शामिल रहने वाला है।

केरल में एलडीएफ सरकार पैंसे, लॉटरी और शराब पर निर्भर, UDF का मुद्दा केरल 2.0

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार राज्य को प्रवासियों की ओर से भेजे गए पैंसे (रेमिटेंस), लॉटरी और शराब पर निर्भर बनाए रख रही है। इस तरह की व्यवस्था आगे नहीं चल सकती। उन्होंने कहा, संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के लिए यह एक अहम मुद्दा है, जो पिछले एक दशक से सत्ता से बाहर है। उन्होंने एलडीएफ सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया। थरूर ने कहा कि राज्य सरकार के पास सितंबर तक वेतन देने के लिए पैसे खत्म हो जाते हैं और उसे भुगतान करने के लिए कर्ज लेना पड़ता है। हमारे पास एक बहुत ही सकारात्मक संदेशजब पूछा गया कि क्या कांग्रेस का मुख्य मुद्दा पिनरई विजयन सरकार के खिलाफ सत्ता की नाराजगी होगा, तो शशि थरूर ने कहा, नहीं, मुझे लगता है कि हमारा मुद्दे इससे कहीं ज्यादा बेहतर और आगे की सोच वाला है। यह केरल 2.0 के बारे में है। थरूर ने कहा, हां, सरकार के खिलाफ लोगों में कुछ नाराजगी है। हमारे अभियान के प्रमुख नारों में से एक यह है कि अब समय आ गया कि सरकार ने जो भी गलत काम किए हैं, उनका हिसाब लिया जाए। इसके अलावा हमारे पास एक बहुत ही सकारात्मक संदेश भी है। उदाहरण के लिए , महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त यात्रा से लेकर बेहतर पेंशन भुगतान तक हमने पांच खास गारंटी देने की बात की है, जिसे वाम मोर्चा सरकार लगातार पूरा करने में असफल रही है।

पीएम मोदी ने पांच देशों के नेताओं से की बातचीत, भारत ने शांति और संवाद पर जोर

पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों और बढ़ती सैन्य तनातनी के बीच भारत ने अपनी कूटनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के पांच प्रभावशाली देशों के राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर बात कर भारत का रुख स्पष्ट किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री ने ओमान, मलेशिया, फ्रांस, जॉर्डन और कतर के नेताओं के साथ मौजूदा स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। जल्द से जल्द शांति की बहाली करनाप्रधानमंत्री ने ओमान के सुल्तान से भी बात की। इस दौरान उन्होंने भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में ओमान के प्रयासों की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को केवल ‘संवाद और कूटनीति’ के जरिए ही सुलझाया जा सकता है। भारत का प्राथमिक उद्देश्य फिलहाल तनाव को कम करना और क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति की बहाली करना है।

द्रौपदी मुर्मु ने अयोध्या में किया श्रीराम यंत्र स्थापित, योगी आदित्यनाथ बोले– ‘रामराज्य की अनुभूति’

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस पर गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना की। इस अवसर पर राष्ट्रपति की उपस्थिति में गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने सबसे पहले प्रदेशवासियों को भारतीय नवसंवत्सर की शुभकामना दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरयू मैया अयोध्या धाम को पवित्र करते हुए अपने निर्मल जल से पूरे क्षेत्र को पवित्र करती हैं। रामराज्य की अनुभूति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में युद्ध चल रहे हैं और हम श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना कार्यक्रम में सहभागी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने वर्तमान पीढ़ी की प्रशंसा की और कहा कि यह पीढ़ी नववर्ष पर ऐसे किसी टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर नहीं जाती, जहां सनातन के विरोध में कोई कार्य हो रहा है। वह नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाती है। रामराज्य की अनुभूति कर रहेमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व-मार्गदर्शन में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन, श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा, रामदरबार के पवित्र विग्रह की स्थापना, ध्वजा आरोहण और आज श्रीराम यंत्र की स्थापना का कार्यक्रम हर सनातन धर्मावलंबी व सच्चे भारतीय को आनंद से विभोर कर देता है और यही भारत की आस्था है। सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा, कहा कि आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया था। इसे अपमानित करने वाले वही लोग हैं, जो सत्ता बचाने के लिए नोएडा नहीं जाते थे। नोएडा न जाना उनके लिए अंधविश्वास नहीं था, लेकिन राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, कृष्ण-कन्हैया के मथुरा-वृंदावन की बात करना अंधविश्वास का पर्याय था। लेकिन जो आस्था 500 वर्ष तक निरंतर बनी रही, संघर्षों का मुकाबला करती रही, वह न रुकी, न डिगी और न झुकी। आस्था को अपमानित करने वाली सत्ता के खिलाफ संघर्ष निरंतर जारी रहा। अंततः वह दिन आया, जब अयोध्या इस रूप में सबके सामने है। सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर भारत के राष्ट्र मंदिर का प्रतीक बन गया है। यह रामराज्य की आधारशिला भी है। दुनिया में तमाम युद्ध चल रहे हैं, अव्यवस्था, आर्थिक अराजकता, भय-आतंक है और अयोध्याधाम में हजारों की संख्या में उपस्थित हम लोग भयमुक्त होकर राष्ट्रपति जी के अभिवादन और श्रीराम यंत्र की स्थापना कार्यक्रम में सहभागी बनकर रामराज्य की अनुभूति कर रहे हैं।