विजेंद्र गुप्ता ने लॉन्च किया ‘विधान साथी’, दिल्ली विधानसभा में तकनीक से बढ़ेगी कामकाज की रफ्तार

सरिता साहनीनई दिल्ली, 19 मार्च 2026 दिल्ली विधानसभा ने अपने कामकाज को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने ‘विधान साथी’ नाम के एक एआई चैटबॉट को लॉन्च किया है। यह नई सुविधा आगामी बजट सत्र से लागू की जाएगी, जिससे विधायकों को काम करने में काफी आसानी होगी। क्या है ‘विधान साथी’ और कैसे करेगा मदद‘विधान साथी’ एक एआई आधारित डिजिटल सहायक है, जिसे खासतौर पर विधायकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। अक्सर विधायकों को कम समय में बड़े और जटिल विषयों को समझना होता है। ऐसे में यह चैटबॉट उन्हें तुरंत सही और आसान जानकारी उपलब्ध कराएगा। इसकी मदद से विधायक किसी भी बिल, रिपोर्ट या दस्तावेज को जल्दी समझ सकते हैं। अगर कोई सदस्य किसी दस्तावेज का स्क्रीनशॉट अपलोड करता है, तो ‘विधान साथी’ उसका विश्लेषण करके मुख्य बातें समझा देगा। इससे सदन में होने वाली चर्चा ज्यादा तथ्यपूर्ण और प्रभावी हो सकेगी। विधायकों को मिलेगा त्वरित और सटीक डेटाइस प्लेटफॉर्म में विधानसभा के पुराने रिकॉर्ड, बहसें, समिति रिपोर्ट और कानूनों से जुड़ा डेटा शामिल किया गया है। यानी विधायकों को एक ही जगह पर पूरी जानकारी मिल जाएगी। ‘विधान साथी’ का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना नहीं है, बल्कि जटिल विषयों को आसान भाषा में समझाना भी है। इससे विधायक अपनी बात को ज्यादा स्पष्ट और मजबूती से रख पाएंगे। इस्तेमाल करना होगा बेहद आसानविधानसभा के हर सदस्य की सीट पर एक क्यूआर कोड दिया जाएगा, जिसे स्कैन करके ‘विधान साथी’ का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके अलावा एक लिंक भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे इसे बिना किसी अतिरिक्त डाउनलोड के सीधे खोला जा सकेगा। यह सुविधा केवल 70 विधायकों के लिए सुरक्षित रूप से उपलब्ध होगी। खास बात यह है कि यह हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में काम करेगा और इसमें वॉइस फीचर भी होगा, जिससे इसे बोलकर भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। ‘विधान साथी’ नहीं लेगा निर्णय, सिर्फ करेगा मददविधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने साफ किया कि यह चैटबॉट विधायकों के निर्णय की जगह नहीं लेगा। यह सिर्फ उनकी मदद के लिए बनाया गया है, ताकि वे बेहतर तरीके से जानकारी समझ सकें और चर्चा में भाग ले सकें। आगे चलकर इसे राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) के साथ भी जोड़ा जाएगा, जिससे विधानसभा का पूरा सिस्टम और ज्यादा डिजिटल और पेपरलेस बन सके। 23 मार्च से शुरू होगा बजट सत्रविजेंद्र गुप्ता ने जानकारी दी कि दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र 23 मार्च से शुरू होगा। इस सत्र में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी, जैसे समिति रिपोर्ट, सीएजी से जुड़े विषय और अन्य विधायी काम। इस बार एक खास बदलाव भी किया गया है। अब विधानसभा की कार्यवाही के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गीत का पूरा गायन किया जाएगा, जिससे सदन में एकता और भावना को मजबूती मिलेगी। दिल्ली विधानसभा बनी सौर ऊर्जा से चलने वाली संस्था“विरासत भी, विकास भी” के संदेश को आगे बढ़ाते हुए विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि दिल्ली विधानसभा अब पूरी तरह सौर ऊर्जा पर चलने वाली संस्था बन गई है। इसकी क्षमता को बढ़ाकर करीब 800 किलोवाट तक किया जा रहा है। इसके साथ ही पिछले दो सत्रों से विधानसभा पूरी तरह पेपरलेस तरीके से चल रही है, जो डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। नवरात्रि और हिंदू नववर्ष पर खास सजावटआने वाले हिंदू नववर्ष और नवरात्रि के मौके पर दिल्ली विधानसभा को केसरिया रोशनी से सजाया जाएगा। यह रंग ऊर्जा, आस्था और नए संकल्प का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर विजेंद्र गुप्ता ने दिल्लीवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाला वर्ष सभी के लिए खुशियां और समृद्धि लेकर आए। कुल मिलाकर ‘विधान साथी’ का लॉन्च दिल्ली विधानसभा के लिए एक बड़ा और आधुनिक कदम है। इससे न केवल विधायकों का काम आसान होगा, बल्कि सदन की कार्यवाही भी ज्यादा प्रभावी और तथ्यपूर्ण बनेगी। तकनीक के इस उपयोग से भविष्य में शासन व्यवस्था और भी पारदर्शी और मजबूत होने की उम्मीद है।
सौरभ भारद्वाज का बड़ा बयान: पालम आग हादसा नहीं, लापरवाही से गई 9 लोगों की जान

सरिता साहनी दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोरादिल्ली के पालम में हुई आग की घटना ने पूरे शहर को दुखी कर दिया। इस हादसे में एक ही परिवार के कई लोगों की मौत हो गई, जिससे इलाके में शोक का माहौल है। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई और कहा कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं है, बल्कि बड़ी लापरवाही का नतीजा है। “समय पर मदद मिलती तो बच सकती थीं जानें”सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब आग लगी, तब लोग जिंदा थे और बालकनी में खड़े होकर मदद के लिए आवाज लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती और सही तरीके से काम करती, तो उन सभी लोगों को बचाया जा सकता था। उनके अनुसार, देरी और खराब तैयारी के कारण यह दुखद स्थिति बनी। फायर ब्रिगेड की देरी बनी बड़ी वजहउन्होंने बताया कि आग लगने के काफी समय बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। इस देरी के कारण आग पर काबू पाने में देर हुई और लोगों को बाहर निकालने का मौका कम हो गया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में हर मिनट बहुत कीमती होता है, लेकिन यहां समय का सही इस्तेमाल नहीं हुआ। जरूरी साधनों की भारी कमीसौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड के पास जरूरी उपकरण नहीं थे। उन्होंने कहा कि मौके पर न तो सही ऊंचाई तक पहुंचने वाली सीढ़ी थी और न ही लोगों को पकड़ने के लिए जाल मौजूद था। साथ ही, जो हाइड्रोलिक लिफ्ट लाई गई थी, वह भी ठीक से काम नहीं कर रही थी। इससे बचाव कार्य और मुश्किल हो गया। दिल को झकझोर देने वाला मंजरउन्होंने घटना का एक बेहद दुखद पहलू बताया। उन्होंने कहा कि हालात इतने खराब हो गए कि एक पिता को मजबूरी में अपनी 6 महीने की बच्ची को ऊपर से नीचे फेंकना पड़ा और खुद भी कूदना पड़ा। यह दिखाता है कि उस समय लोग कितने डरे हुए और बेबस थे। मुख्यमंत्री पर उठाए सवालसौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में मुख्यमंत्री को तुरंत मौके पर जाकर लोगों से मिलना चाहिए और उनकी समस्याएं सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो पार्टी विरोध करेगी। पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएंउन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब ऐसी लापरवाही सामने आई है। उन्होंने द्वारका और रोहिणी जैसे इलाकों की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी समय पर मदद नहीं पहुंची और लोगों की जान गई। उन्होंने कहा कि बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं बताती हैं कि व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। फायर सेफ्टी सिस्टम पर बड़ा सवालसौरभ भारद्वाज ने कहा कि नियम के अनुसार फायर ब्रिगेड के पास ऐसे उपकरण होने चाहिए जो ऊंची इमारतों में फंसे लोगों तक आसानी से पहुंच सकें। लेकिन इस घटना में तीसरी मंजिल तक पहुंचने में भी दिक्कत हुई, जो बहुत गंभीर बात है। यह दिखाता है कि फायर सेफ्टी सिस्टम में बड़ी कमी है। सरकार के दावों और हकीकत में अंतरउन्होंने कहा कि सरकार ने पहले फायर विभाग को मजबूत करने के कई वादे किए थे। लेकिन अब तक जमीन पर कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जरूरी चीजों पर ध्यान नहीं दे रही है, जिससे आम लोगों की सुरक्षा खतरे में है। पालम की यह घटना एक बड़ा सबक है कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई भी कमी कितनी भारी पड़ सकती है। सौरभ भारद्वाज के आरोपों ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। अब जरूरत है कि सरकार जल्दी से जल्दी सुधार करे, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके और लोगों की जान सुरक्षित रहे।
वीरेन्द्र सचदेवा ने पालम अग्नि हादसे पर जताया दुख, अग्नि सुरक्षा सुधारने का दिया भरोसा

सरिता साहनी हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्तदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने पालम में हुए दुखद अग्नि हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं बहुत दर्दनाक होती हैं और इससे कई परिवार प्रभावित होते हैं उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता देने का प्रयास किया जाएगा। जांच के आदेश और सुधार का आश्वासनवीरेन्द्र सचदेवा ने बताया कि इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार केवल कारण जानने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बचाव कार्यों को और तेज़ और प्रभावी बनाने के लिए व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंच सके। विपक्ष के बयानों पर उठाए सवालभाजपा अध्यक्ष ने अरविंद केजरीवाल और सौरभ भारद्वाज के बयानों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के दुखद समय में राजनीतिक बयानबाज़ी करना ठीक नहीं है। उनके अनुसार, विपक्ष के नेताओं के बयानों में संवेदनशीलता कम और राजनीति अधिक दिखाई दी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस समय मिलकर काम करें और पीड़ितों की मदद पर ध्यान दें। पुराने अग्निकांडों का जिक्रवीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली में पहले भी कई बड़े अग्नि हादसे हो चुके हैं, जैसे करोल बाग, अनाज मंडी, मुंडका, अलीपुर, भगीरथ प्लेस और विवेक विहार की घटनाएं। उन्होंने कहा कि इन हादसों से सबक लेना चाहिए था, लेकिन पिछले वर्षों में अग्नि सुरक्षा को उतनी प्राथमिकता नहीं दी गई जितनी जरूरी थी। “27 साल के कुशासन” पर टिप्पणीभाजपा अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली में अग्नि सुरक्षा की वर्तमान स्थिति कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के 27 साल के शासन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज भी कई क्षेत्रों में पर्याप्त फायर स्टेशन नहीं हैं, जिससे आपात स्थिति में समय पर मदद नहीं मिल पाती। फायर स्टेशन की कमी और जरूरी कदमवीरेन्द्र सचदेवा ने बताया कि विशेषज्ञों ने दिल्ली में करीब 85 फायर स्टेशन बनाने की सिफारिश की थी, लेकिन इस दिशा में काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अब इस कमी को दूर करने के लिए सरकार गंभीरता से काम करेगी और नए फायर स्टेशन खोलने पर ध्यान दिया जाएगा। आग की घटनाओं में बढ़ती मौतेंउन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि 2023-24 में आग लगने की घटनाओं में 1303 लोगों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा दिखाता है कि अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना कितना जरूरी है और इसमें अब देरी नहीं की जा सकती। अग्नि शमन विभाग को मजबूत बनाने का वादावीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि भाजपा सरकार अग्नि शमन विभाग को आधुनिक बनाने के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि इसमें नई तकनीक, बेहतर उपकरण, अधिक फायर स्टेशन और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने जैसे कदम शामिल होंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। पालम अग्नि हादसे ने एक बार फिर दिल्ली में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद सरकार ने सुधार का भरोसा दिया है, जबकि विपक्ष अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है। अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ठोस कदम उठाकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जाए और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
आशीष सूद ने ‘विकसित भारत – युवा कनेक्ट’ कार्यक्रम में युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए किया प्रेरित

सरिता साहनी दिल्ली सरकार के शिक्षा एवं खेल मंत्री आशीष सूद ने युवाओं को देश का सबसे बड़ा ताकत बताते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। दिल्ली के डॉन बॉस्को इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में आयोजित ‘विकसित भारत – युवा कनेक्ट’ कार्यक्रम में उन्होंने छात्रों से सीधे संवाद किया और उन्हें अपने भविष्य के साथ-साथ देश के भविष्य के बारे में सोचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश केवल सरकार के प्रयासों से नहीं बनता, बल्कि युवाओं के संकल्प, मेहनत और जिम्मेदारी से आगे बढ़ता है। कार्यक्रम का उद्देश्य और महत्व‘विकसित भारत – युवा कनेक्ट’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को देश की विकास यात्रा से जोड़ना है। आशीष सूद ने कहा कि यह कोई साधारण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा मंच है जहां से देश के भविष्य की दिशा तय होती है। यहां से युवाओं को यह समझने का मौका मिलता है कि वे देश के विकास में क्या योगदान दे सकते हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे खुद को सिर्फ पढ़ाई तक सीमित न रखें, बल्कि समाज और देश के लिए भी सोचें। युवाओं को बताया देश का भविष्यकार्यक्रम में बोलते हुए आशीष सूद ने कहा कि आज का युवा ही कल का भारत बनाएगा। उन्होंने कहा कि जब भारत 2047 में अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब आज के युवा ही देश को उस मुकाम तक पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे खुद को केवल विद्यार्थी न समझें, बल्कि देश के “वास्तुकार” और “निर्माता” के रूप में देखें।अमृत काल और 2047 का सपना आशीष सूद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बताए गए ‘अमृत काल’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह समय भारत के लिए बहुत खास है। उन्होंने कहा कि इस समय का लक्ष्य है कि भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाया जाए और यह जिम्मेदारी आज की युवा पीढ़ी के कंधों पर है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे इस लक्ष्य को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और पूरी मेहनत से इसे पूरा करने की कोशिश करें। ‘वंदे मातरम्’ से मिली प्रेरणाकार्यक्रम के दौरान आशीष सूद ने ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह गीत केवल एक गाना नहीं, बल्कि देशभक्ति और बलिदान की भावना का प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम के समय इसने लोगों में नई ऊर्जा और जोश भरा था। उन्होंने युवाओं से कहा कि उसी भावना के साथ उन्हें आज देश को विकसित बनाने के लिए आगे आना होगा। दिल्ली सरकार की योजनाएं और युवाओं की भूमिकाआशीष सूद ने बताया कि दिल्ली सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि युवा केवल दर्शक न रहें, बल्कि देश के विकास में भागीदारी निभाएं और नेतृत्व भी करें। खेल, शिक्षा और नीति निर्माण जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। ‘माई भारत’ पहल से बढ़ रही युवा शक्तिआशीष सूद ने ‘माई भारत’ पहल का भी जिक्र किया, जिसे केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडवीया के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं में सेवा भावना और देश के प्रति जिम्मेदारी को बढ़ाना है। उन्होंने गर्व से कहा कि ‘माई भारत बजट क्वेस्ट 2026’ में दिल्ली के लगभग 45 हजार छात्रों ने हिस्सा लिया, जो यह दिखाता है कि दिल्ली का युवा जागरूक और जिम्मेदार है। बजट में युवाओं की भागीदारी जरूरीआशीष सूद ने कहा कि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होता, बल्कि यह लोगों की उम्मीदों और जरूरतों को दर्शाता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने सुझाव दें, ताकि आने वाले बजट में उनकी बातों को शामिल किया जा सके। इससे सरकार को सही दिशा में काम करने में मदद मिलेगी और योजनाएं ज्यादा प्रभावी बनेंगी। ‘राष्ट्रनीति’ पाठ्यक्रम की खास पहलआशीष सूद ने दिल्ली के स्कूलों में शुरू किए गए ‘राष्ट्रनीति’ पाठ्यक्रम के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम बच्चों को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनना भी सिखाता है।इसमें ट्रैफिक नियम, समाज के प्रति जिम्मेदारी, महिलाओं के प्रति सम्मान और देश के प्रति कर्तव्य जैसी बातें सिखाई जाती हैं। युवाओं के लिए खास संदेशकार्यक्रम के अंत में आशीष सूद ने युवाओं से कहा कि वे खुद से यह सवाल जरूर करें कि 2047 में जब भारत 100 साल का होगा, तब उनका देश के लिए क्या योगदान होगा। उन्होंने कहा कि हर युवा को यह तय करना चाहिए कि वह देश के लिए समस्या नहीं, बल्कि समाधान बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि हर बड़ा बदलाव छोटे-छोटे कदमों से शुरू होता है, इसलिए आज से ही अपने अंदर बदलाव लाना जरूरी है। कुल मिलाकर, ‘विकसित भारत – युवा कनेक्ट’ कार्यक्रम युवाओं को जागरूक बनाने और उन्हें देश के विकास से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल है। आशीष सूद ने अपने संबोधन में यह साफ कर दिया कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथ में है। अगर युवा सही दिशा में मेहनत करें और देश के लिए सोचें, तो 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।
सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली की जिम्मेदारी छोड़ स्वागत को दी प्राथमिकता – सौरभ भारद्वाज का बड़ा आरोप

सरिता साहनी दिल्ली की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब दिल्ली में लोग दुख और परेशानी का सामना कर रहे थे, तब मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय भाजपा नेता के स्वागत में व्यस्त थीं। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने कई सवाल उठाए हैं। रूपनगर में पुल गिरने की दुखद घटनासौरभ भारद्वाज ने बताया कि दिल्ली के रूपनगर इलाके में लोहे का एक पुल अचानक गिर गया। इस हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना बहुत गंभीर होती है और इसमें सरकार को तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी चाहिए। मुख्यमंत्री को खुद वहां जाकर हालात देखने चाहिए थे, अधिकारियों से बात करनी चाहिए थी और पीड़ित परिवारों को मदद का भरोसा देना चाहिए था। लेकिन आरोप है कि मुख्यमंत्री वहां नहीं गईं और इस कारण लोगों में नाराजगी है। एयरपोर्ट पर स्वागत करने को लेकर विवादसौरभ भारद्वाज ने कहा कि उसी समय मुख्यमंत्री नितिन नबीन के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंच गईं। उन्होंने कहा कि नितिन नबीन का राज्यसभा सांसद बनना अच्छी बात है, लेकिन इसके लिए मुख्यमंत्री और मंत्रियों का एयरपोर्ट जाना जरूरी नहीं था।उनका कहना है कि जब शहर में इतना बड़ा हादसा हुआ हो, तब मुख्यमंत्री का वहां मौजूद रहना ज्यादा जरूरी था। उन्होंने इसे गलत प्राथमिकता बताया। वजीरपुर में हत्या की घटना पर भी सवालसौरभ भारद्वाज ने वजीरपुर की एक और घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वहां ड्रग माफिया के हमले में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। इस व्यक्ति के पीछे एक परिवार है और उसकी तीन छोटी-छोटी बेटियां हैं, जिनकी जिंदगी पर इसका बहुत बुरा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस परिवार से मिलना चाहिए था, उनका दुख समझना चाहिए था और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा देना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कानून व्यवस्था पर उठे बड़े सवालसौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की कानून व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिस अधिकारियों के बयान सामने आए हैं, जिनमें कहा गया है कि जब पुलिस ड्रग माफिया के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो ऊपर से दबाव आ जाता है और अपराधियों को छोड़ना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर यह सच है, तो यह बहुत गंभीर मामला है और इससे साफ होता है कि अपराधियों के खिलाफ सही कार्रवाई नहीं हो पा रही है। मुख्यमंत्री की भूमिका पर सवालसौरभ भारद्वाज ने कहा कि एक मुख्यमंत्री की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का समाधान करना होता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री का काम एयरपोर्ट जाकर स्वागत करना है या फिर उन जगहों पर जाना है जहां लोग परेशानी में हैं? उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में कई हादसे हो रहे हैं—कहीं पुल गिर रहा है, कहीं हत्या हो रही है, कहीं लोग दुर्घटनाओं में जान गंवा रहे हैं। ऐसे समय में सरकार को और ज्यादा सक्रिय होना चाहिए। नितिन नबीन से भी मांगा जवाबसौरभ भारद्वाज ने नितिन नबीन से भी इस मामले पर जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि अब जब वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, तो उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि दिल्ली की मुख्यमंत्री और मंत्री अपनी जिम्मेदारियां ठीक से निभा रहे हैं या नहीं। उन्होंने उनसे अपील की कि वे इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करें। यह मामला अब दिल्ली की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। एक तरफ आम आदमी पार्टी सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठा रही है, तो दूसरी तरफ यह बहस हो रही है कि संकट के समय नेताओं को क्या करना चाहिए। सौरभ भारद्वाज का कहना है कि जनता की समस्याएं सबसे पहले आनी चाहिए और सरकार को हर हाल में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। अब देखना यह होगा कि इस मुद्दे पर आगे क्या प्रतिक्रिया आती है और सरकार क्या कदम उठाती है।
दिल्ली में शुरू हुआ कांग्रेस का नेशनल टैलेंट हंट, अब हर युवा को मिलेगा अपनी बात रखने का बड़ा मौका – देवेन्द्र यादव की नई पहल

सरिता साहनी दिल्ली में युवाओं के लिए एक बड़ा और नया मौका सामने आया है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कांग्रेस पार्टी के नेशनल टैलेंट हंट कार्यक्रम को दिल्ली में शुरू किया है। इस कार्यक्रम का मकसद है कि ऐसे युवाओं को आगे लाया जाए, जो देश और समाज के मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखना चाहते हैं और राजनीति में कुछ करना चाहते हैं। आज के समय में बहुत से युवा जागरूक हैं, उन्हें देश की समस्याओं की समझ है, लेकिन उन्हें अपनी आवाज उठाने के लिए सही मंच नहीं मिलता। इस पहल के जरिए कांग्रेस पार्टी ऐसे युवाओं को एक मजबूत प्लेटफॉर्म देना चाहती है। नेशनल टैलेंट हंट क्या है और इसका उद्देश्य क्या हैभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का यह नेशनल टैलेंट हंट कार्यक्रम पूरे देश में चलाया जा रहा है। अब इसे दिल्ली में भी शुरू कर दिया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है कि ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को खोजा जाए, जो अपनी सोच को साफ और मजबूत तरीके से रख सकते हैं। साथ ही, जो समाज और देश की समस्याओं को समझते हैं और उनके समाधान के बारे में सोचते हैं। देवेन्द्र यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी चाहती है कि नई पीढ़ी आगे आए और लोकतंत्र को मजबूत बनाए। यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आवेदन करना बहुत आसान, हर युवा ले सकता है हिस्साइस कार्यक्रम की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें शामिल होना बहुत आसान है। देवेन्द्र यादव ने बताया कि कोई भी युवा क्यूआर कोड स्कैन करके ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। इसके लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है, सब कुछ मोबाइल या इंटरनेट के जरिए किया जा सकता है। आवेदन करने की अंतिम तारीख 15 अप्रैल 2026 रखी गई है। इसलिए सभी इच्छुक युवाओं से कहा गया है कि वे समय रहते आवेदन करें और इस मौके को हाथ से न जाने दें। चयन की प्रक्रिया होगी पूरी तरह साफ और आसानइस कार्यक्रम में युवाओं का चयन एक तय और साफ प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। सबसे पहले जिला स्तर पर आवेदन करने वालों को देखा जाएगा। वहां से चुने गए उम्मीदवारों को राज्य स्तर पर बुलाया जाएगा। इसके बाद सबसे अच्छे उम्मीदवारों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मौका मिलेगा। इस पूरी प्रक्रिया को संभालने के लिए एक विशेष कमेटी बनाई गई है। इसमें अनिल भारद्वाज को कन्वीनर और अनुज आत्रेय को को-कन्वीनर बनाया गया है। यह कमेटी सुनिश्चित करेगी कि चयन पूरी तरह निष्पक्ष और योग्यता के आधार पर हो। युवाओं को किन-किन क्षेत्रों में मिलेगा काम करने का मौकाइस टैलेंट हंट के जरिए युवाओं को तीन मुख्य भूमिकाओं में काम करने का मौका दिया जाएगा। पहला है प्रवक्ता, जहां युवा मीडिया और जनता के सामने पार्टी की बात रखेंगे। दूसरा है रिसर्च कोऑर्डिनेटर, जहां वे विभिन्न मुद्दों पर जानकारी जुटाएंगे और उसे समझेंगे। तीसरा है पब्लिसिटी कोऑर्डिनेटर, जहां वे पार्टी के संदेश को लोगों तक पहुंचाने का काम करेंगे। इन तीनों भूमिकाओं के जरिए युवा राजनीति को करीब से समझ सकेंगे और अपनी क्षमता को साबित कर सकेंगे। बड़े नेताओं के मार्गदर्शन में मिलेगा काम करने का अवसरदेवेन्द्र यादव ने बताया कि यह पूरा कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है।इसका मतलब है कि युवाओं को सीधे बड़े और अनुभवी नेताओं से सीखने का मौका मिलेगा। इससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और उन्हें आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम की खास बात हर वर्ग के युवाओं को मिलेगा बराबर मौकाइस कार्यक्रम की एक बड़ी खासियत यह है कि इसमें हर वर्ग के युवाओं को बराबर मौका दिया जाएगा। देवेन्द्र यादव ने कहा कि यह पहल पारदर्शिता, निष्पक्षता और समान अवसर पर आधारित है। इसमें कोई भेदभाव नहीं होगा और हर प्रतिभाशाली युवा को अपनी योग्यता साबित करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि चाहे कोई छात्र हो, नौकरी करने वाला हो या किसी अन्य क्षेत्र से जुड़ा हो, अगर उसमें प्रतिभा है तो वह इस कार्यक्रम का हिस्सा बन सकता है। अन्य नेताओं ने भी युवाओं को किया प्रोत्साहितइस मौके पर काजी निजामुद्दीन ने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि हर छोटा-बड़ा कार्यकर्ता अपनी बात खुलकर रख सके। वहीं अमी याजनिक ने कहा कि आज का युवा देश की बदलती परिस्थितियों को समझता है और अपनी आवाज उठाना चाहता है, इसलिए यह कार्यक्रम उनके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा। अनिल भारद्वाज ने बताया कि चयन के बाद युवाओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जाएंगी और उन्हें आगे बढ़ने के पूरे अवसर मिलेंगे। युवाओं के लिए सुनहरा मौका, नई पहचान बनाने का अवसरयह कार्यक्रम उन युवाओं के लिए बहुत बड़ा मौका है, जो राजनीति में आना चाहते हैं या समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं। इससे उन्हें न केवल अपनी पहचान बनाने का मौका मिलेगा, बल्कि वे देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी आवाज भी उठा सकेंगे। देवेन्द्र यादव ने सभी युवाओं से अपील की कि वे इस कार्यक्रम से जुड़ें और अपने भविष्य को एक नई दिशा दें। कुल मिलाकर, कांग्रेस का नेशनल टैलेंट हंट कार्यक्रम युवाओं के लिए एक नई शुरुआत की तरह है। देवेन्द्र यादव की इस पहल से दिल्ली में नई ऊर्जा और नई सोच को बढ़ावा मिलेगा। अब यह युवाओं पर निर्भर करता है कि वे इस मौके का कितना फायदा उठाते हैं और आने वाले समय में देश और समाज में अपनी क्या भूमिका निभाते हैं।
पश्चिम बंगाल चुनाव वाम मोर्चा ने 192 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी, जादवपुर से विकास रंजन भट्टाचार्य और उत्तरपारा से मीनाक्षी मुखर्जी मैदान में

वाम मोर्चा ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 192 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। इस सूची में राज्यसभा के निवर्तमान सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य और मीनाक्षी मुखर्जी जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। भट्टाचार्य जादवपुर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, वाम मोर्चा का युवा चेहरा मानी जाने वाली मीनाक्षी मुखर्जी उत्तरपारा सीट से चुनाव लड़ेंगी। मीनाक्षी मुखर्जी ने 2021 के नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में वह शुभेंदु और ममता बनर्जी के बाद तीसरे स्थान पर रही थीं।उपचुनाव की मतगणना वाम मोर्चा ने कालीगंज सीट से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की उम्मीदवार के रूप में सबीना यास्मीन को मैदान में उतारा है। वह छह साल की बच्ची तमन्ना की मां हैं, जिसकी पिछले साल जून में उपचुनाव की मतगणना के दिन कथित तौर पर जीत के जुलूस से फेंके गए देसी बम के विस्फोट में मौत हो गई थी। यह उपचुनाव तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने जीता था। वाम मोर्चा ने कालीगंज सीट से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की उम्मीदवार के रूप में सबीना यास्मीन को मैदान में उतारा है। वह छह साल की बच्ची तमन्ना की मां हैं, जिसकी पिछले साल जून में उपचुनाव की मतगणना के दिन कथित तौर पर जीत के जुलूस से फेंके गए देसी बम के विस्फोट में मौत हो गई थी। यह उपचुनाव तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने जीता था।
देवेन्द्र यादव ने रमजान के पवित्र महीने में रोजेदारों के लिए आयोजित की इफ्तार पार्टी, भाईचारे और इंसानियत का दिया संदेश

सरिता साहनीनई दिल्ली, 16 मार्च 2026 दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव की अगुवाई में रमजान के पवित्र महीने के अवसर पर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक भव्य रोजा इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में रोजेदारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कांग्रेस नेताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में मगरीब की अजान के बाद रोजेदारों ने अपना रोजा खोला और अल्लाह का शुक्र अदा करते हुए देश और समाज की खुशहाली के लिए दुआ की। इफ्तार के इस आयोजन में देवेन्द्र यादव ने सभी रोजेदारों के साथ बैठकर इफ्तार किया और रमजान के इस पवित्र अवसर पर भाईचारे, शांति और आपसी सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना इंसान को आत्मिक रूप से मजबूत बनाता है और उसे दूसरों के प्रति दया, करुणा और सहानुभूति की भावना सिखाता है। रमजान का महीना आत्म शुद्धि, सब्र और इबादत का प्रतीकइस अवसर पर अपने संबोधन में देवेन्द्र यादव ने कहा कि रमजान का पवित्र महीना केवल उपवास रखने का समय नहीं है, बल्कि यह आत्म शुद्धि, धैर्य, अनुशासन और ईश्वर के प्रति समर्पण का समय है। उन्होंने कहा कि इस महीने में मुसलमान भाई-बहन पूरे मन और श्रद्धा से इबादत करते हैं और अल्लाह के करीब आने की कोशिश करते हैं। उन्होंने बताया कि रोजा केवल खाने-पीने से दूर रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह इंसान को अपनी इच्छाओं, अपने शब्दों और अपने व्यवहार पर नियंत्रण रखना भी सिखाता है। रोजा रखने वाला व्यक्ति पूरे दिन सब्र और संयम के साथ रहता है और शाम को इफ्तार के समय अल्लाह का शुक्र अदा करता है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि रमजान का महीना इंसानियत, भाईचारे और जरूरतमंदों की मदद करने की प्रेरणा देता है। इस महीने में लोग गरीबों और जरूरतमंदों को दान देते हैं और उनकी सहायता करते हैं, जिससे समाज में समानता और सहयोग की भावना मजबूत होती है। आखिरी दिनों में इबादत का महत्व और बढ़ जाता हैदेवेन्द्र यादव ने यह भी कहा कि रमजान का पाक महीना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। रमजान के आखिरी दस दिन बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं और इन्हें अशरा-ए-नजात कहा जाता है। इन दिनों में रोजेदार पूरी लगन और श्रद्धा के साथ इबादत करते हैं और अल्लाह से अपनी गलतियों की माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि इन पवित्र दिनों में की गई दुआ और इबादत का विशेष महत्व होता है। इसलिए हर रोजेदार इन दिनों में अधिक से अधिक इबादत करने की कोशिश करता है और समाज में शांति और भाईचारे की कामना करता है। बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगीदिल्ली प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित इस इफ्तार कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, दिल्ली प्रभारी सचिव दानिश अबरार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के एससी विभाग के चेयरमैन राजेन्द्र पाल गौतम, मनीष चतरथ, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री हारून यूसुफ, मंगतराम सिंघल, डा. नरेन्द्र नाथ, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन एवं पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज, कुंवर कारण सिंह, प्रदेश प्रशासनिक प्रभारी जतीन शर्मा, पूर्व विधायक विजय लोचव, प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन अब्दुल वाहिद कुरेशी, अल्पसंख्यक विभाग प्रभारी सिबली मंजूर, सहप्रभारी अल्ताफ हुसैन, मुदित अग्रवाल, जितेन्द्र कुमार कोचर, एडवोकेट सुनील कुमार, निगम पार्षद हाजी जरीफ, समीर मंसूरी, डा. पी.के. मिश्रा, जगजीवन शर्मा, लक्ष्मण रावत, दिल्ली महिला कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पा सिंह और राजीव वर्मा मुख्य रूप से मौजूद रहे। सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रोजेदारों के साथ इफ्तार किया और देश में शांति, सौहार्द और तरक्की के लिए दुआ की। भाईचारे और एकता का संदेश देता है रमजानकार्यक्रम के अंत में देवेन्द्र यादव ने कहा कि रमजान का महीना हमें यह सिखाता है कि समाज में एक-दूसरे की मदद करना और सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करना कितना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता और भाईचारे में है, और ऐसे आयोजन इस एकता को और मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी रोजेदारों को रमजान की मुबारकबाद देते हुए कहा कि यह पवित्र महीना देश में शांति, खुशहाली और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने कामना की कि सभी लोगों की दुआएं कबूल हों और समाज में प्रेम, सद्भाव और इंसानियत की भावना हमेशा बनी रहे।
गैस सिलेंडर की कमी से दिल्ली में गरीबों पर संकट – देवेंद्र यादव

सरिता साहनीनई दिल्ली, 15 मार्च 2026 दिल्ली में रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कमी को लेकर राजनीति तेज हो गई है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गैस सिलेंडर की कमी के कारण गरीबों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की अटल कैंटीन और रैन बसेरों में रहने वाले लाखों गरीब लोग इस समय बहुत मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं। देवेंद्र यादव ने कहा कि स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई जगहों पर गरीब लोगों को खाना तक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार यह कह रही है कि पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीन पर हालात बिल्कुल अलग दिखाई दे रहे हैं। अटल कैंटीन और रैन बसेरों में भोजन की समस्यादेवेंद्र यादव ने कहा कि गैस सिलेंडर की कमी का सबसे ज्यादा असर गरीबों के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं पर पड़ रहा है। दिल्ली में चल रही अटल कैंटीन योजना के तहत गरीब लोगों को सिर्फ 5 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन अब गैस सिलेंडर की कमी के कारण इन कैंटीनों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में करीब 71 अटल कैंटीन चल रही हैं। इन कैंटीनों में हर दिन सुबह और शाम लगभग 1000 लोगों को भोजन दिया जाता है। लेकिन गैस की कमी के कारण अब इन कैंटीनों के लिए इतनी बड़ी संख्या में लोगों को भोजन उपलब्ध कराना मुश्किल हो गया है। देवेंद्र यादव ने कहा कि इसी तरह रैन बसेरों की स्थिति भी खराब हो गई है। रैन बसेरों में रहने वाले लोगों को भी गैस सिलेंडर की कमी के कारण समय पर भोजन नहीं मिल पा रहा है। कई जगहों पर लोग भूखे सोने को मजबूरदेवेंद्र यादव के अनुसार, दिल्ली के अधिकतर रैन बसेरों में पिछले करीब दो हफ्तों से केवल 40 प्रतिशत लोगों को ही भोजन मिल पा रहा है। बाकी लोगों को कई बार बिना खाना खाए ही रात गुजारनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बहुत चिंताजनक है क्योंकि रैन बसेरों में रहने वाले लोग पहले से ही गरीब और बेघर होते हैं। ऐसे लोगों के लिए भोजन ही सबसे बड़ी जरूरत होती है। लेकिन अब उन्हें भी पर्याप्त खाना नहीं मिल पा रहा है। देवेंद्र यादव ने कहा कि नरेला, मंगोलपुरी, हैदरपुर, बुध विहार, इंद्रपुरी, गीता कॉलोनी, झिलमिल और आर.के. पुरम जैसे कई इलाकों में अटल कैंटीन लोगों को सही तरीके से भोजन उपलब्ध कराने में असफल हो रही हैं। अटल कैंटीन के बाहर लंबी लाइनेंदेवेंद्र यादव ने कहा कि गैस सिलेंडर की कमी के कारण अटल कैंटीनों के बाहर लोगों की भीड़ बहुत ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि पहले जितने लोग भोजन लेने आते थे, अब उससे चार गुना ज्यादा लोग कैंटीनों के बाहर लाइन में खड़े हो रहे हैं। कई लोग तो खाना पाने के लिए 3 से 4 घंटे पहले ही टोकन लेने के लिए लाइन में लग जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बताती है कि दिल्ली में गरीब लोगों के सामने भोजन का संकट कितना गंभीर हो गया है। देवेंद्र यादव ने यह भी कहा कि अटल कैंटीन चलाने वाले लोग भी गैस सिलेंडर न मिलने के कारण खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। उनके पास खाना बनाने के लिए पर्याप्त गैस नहीं है। छोटे कारोबारियों पर भी असरदेवेंद्र यादव ने कहा कि गैस सिलेंडर की कमी का असर सिर्फ गरीबों पर ही नहीं बल्कि छोटे कारोबारियों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में कई स्ट्रीट फूड विक्रेता, छोटे ढाबे और रेस्टोरेंट भी गैस की कमी के कारण बंद होने लगे हैं। इससे हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है। जो लोग इन छोटे व्यवसायों के जरिए अपना परिवार चलाते थे, अब उनके सामने भी रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोपदेवेंद्र यादव ने भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा के शासन में लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले ही देश में बेरोजगारी और महंगाई की समस्या है, और अब गैस सिलेंडर की कमी के कारण लोगों को खाना तक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण आम लोगों का जीवन संकट में पड़ गया है। उनके अनुसार भाजपा की सरकार पूंजीपतियों के हितों को प्राथमिकता देती है, जबकि गरीब और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। गैस संकट के पीछे सरकार की नाकामीदेवेंद्र यादव ने कहा कि देश में गैस सिलेंडर की कमी सरकार की गलत नीतियों और दूरदर्शिता की कमी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि दुनिया में चल रहे संघर्षों का असर भारत पर पड़ सकता है, इसका अनुमान सरकार को पहले से लगाना चाहिए था। उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि अगर युद्ध के तीसरे दिन ही देश में गैस की कमी दिखाई देने लगे तो इसका मतलब है कि सरकार ने पहले से कोई तैयारी नहीं की थी। देवेंद्र यादव के अनुसार, 140 करोड़ की आबादी वाले देश में सरकार के पास कम से कम छह महीने का पेट्रोलियम भंडार होना चाहिए था या फिर किसी वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी होनी चाहिए थी। गरीबों के लिए संकट की स्थितिदेवेंद्र यादव ने कहा कि वर्तमान स्थिति गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए बहुत कठिन बनती जा रही है। अटल कैंटीन और रैन बसेरों जैसी योजनाएं गरीबों के लिए सहारा होती हैं। लेकिन अगर इन योजनाओं में भी भोजन की कमी होने लगे तो गरीब लोगों के लिए जीवन और भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने केंद्र और दिल्ली सरकार से मांग की कि गैस सिलेंडर की सप्लाई को जल्द से जल्द सामान्य किया जाए, ताकि गरीब लोगों को भोजन की समस्या का सामना न करना पड़े।देवेंद्र यादव ने कहा कि सरकार को तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि अटल कैंटीन और रैन बसेरों में रहने वाले लोगों को नियमित रूप से भोजन
1973 तक वडनगर में प्लेटफॉर्म ही नहीं था, पीएम के चाय बेचने के दावे पर अय्यर का बड़ा सवाल

कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित जातिवादी टिप्पणी करने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणियां प्रधानमंत्री की जाति के लिए नहीं, बल्कि उनके चरित्र के लिए थीं। अय्यर ने अपने पुराने विवादित बयान पर सफाई देते हुए कहा, उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया। अय्यर के अनुसार, प्रधानमंत्री ने इस बयान को जाति से इसलिए जोड़ा क्योंकि अय्यर खुद एक ब्राह्मण हैं। उन्होंने ‘चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री नहीं बन सकता’ वाले बयान पर भी अपनी बात रखी। अय्यर ने कहा कि उन्होंने ऐसा कभी नहीं कहा। उन्होंने बताया कि उनकी आलोचना मोदी के ‘इतिहास के कम ज्ञान’ को लेकर थी। अय्यर के अनुसार, उन्होंने यह सवाल उठाया था कि कोई ऐसा व्यक्ति, जिसे उनकी नजर में कुछ ऐतिहासिक तथ्यों की जानकारी नहीं है, वह उस भूमिका (प्रधानमंत्री की) में कैसे हो सकता है, जिसमें जवाहरलाल नेहरू थे। देश में सांप्रदायिक बंटवारे को बढ़ावा दियाअय्यर ने बताया कि उन्होंने मजाक में कहा था कि अगर मोदी चुनाव हार जाते हैं, तो उनके लिए चाय बांटने का इंतजाम किया जा सकता है। उन्होंने मोदी के वडनगर रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने के दावे पर भी सवाल उठाए। अय्यर ने दावा किया कि 1973 तक वडनगर में कोई रेलवे प्लेटफॉर्म ही नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे भ्रामक दावों ने मोदी को प्रधानमंत्री बनने में मदद की। अंग्रेजी बोलने पर खुद को ‘मैकाले की संतान’ कहे जाने पर भी अय्यर ने पलटवार किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री मोदी को तमिल भाषा आती है? इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुस्लिमों के बारे में की गई टिप्पणियों ने देश में सांप्रदायिक बंटवारे को बढ़ावा दिया है।