राजनाथ सिंह का बड़ा बयान, तीनों सेनाओं में लॉजिस्टिक्स एकीकरण और साइबर युद्ध से निपटने की तैयारी जरूरी

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि आज के समय में साइबर हमलों, सूचना युद्ध और बदलती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भारतीयसेना के बीच बेहतर तालमेल और एक समान प्रणाली की जरूरत है वह दिल्ली में आयोजित त्रि-सेवा संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे उन्होंने कहा किरक्षा मंत्रालय इस दिशा में हरसंभव सहयोग करेगा. राजनाथ सिंह ने कहा, हमारी सेनाओं ने वर्षों के अनुभव से अपनी ऑडिट प्रणाली विकसित की हैंलेकिन आज के एकीकृत अभियानों के दौर में जरूरी है कि ये प्रणाली एक-दूसरे जुड़ी हों अगर हर सेना अलग-अलग काम करेगी, तो फैसला लेनामुश्किल हो सकता है एकीकृत प्रणाली से सेनाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा आज हमें साइबर हमलों और सूचना युद्ध का खतरा है, इसलिए हमेंइनके लिए मानक तय करने होंगे. उन्होंने आगे कहा, जब हम मानक तय करने की बात करते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि सेनाओं की अपनीपहचान खत्म हो जाएगी. जरूरतों के हिसाब से समाधान तैयार करना होगाहम हर सेना पर एक जैसा तरीका नहीं थोप सकते। हमें ऐसी प्रणाली बनानी होगी जो तीनों सेनाओं के काम को एकसाथ जोड़े मुझे भरोसा है कि इसपर गंभीर चर्चा होगी और रक्षा मंत्रालय पूरा सहयोग करेगा रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि देश को इस दिशा में लगातार काम करने की जरूरत है, ताकिएक ऐसी आधुनिक और सक्षम प्रणाली तैयार की जा सके जो सभी सेवाओं के लिए उपयोगी हो. उन्होंने कहा, इसके लिए हमें लगातार संवाद कीजरूरत होगी इस प्रक्रिया में नेतृत्व की भूमिका बहुत अहम होगी हर कदम पर यह स्पष्ट करना होगा कि यह सुधार क्यों जरूरी है जब तक हर सेवा औरहर कर्मचारी को ‘संयुक्तता’ का महत्व समझ में नहीं आएगा, तब तक यह सफल नहीं हो सकता। हम दूसरे देशों के अच्छे अनुभवों से सीख सकते हैं, लेकिन हर देश की अपनी परिस्थितियां होती हैं हमें अपनी जरूरतों के हिसाब से समाधान तैयार करना होगा. लॉजिस्टिक्स एकीकरण’ की दिशा में होना चाहिएरक्षा मंत्री ने थल सेना, वायु सेना और नौसेना के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि देश ऑपरेशनल तैयारियों की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिनअब अगला कदम ‘त्रि-सेवा लॉजिस्टिक्स’ का एकीकरण होना चाहिए। उन्होंने कहा, हमें एक ऐसी डिजिटल प्रणाली बनानी चाहिए जो हर सेवा कीजरूरतों का सम्मान करे और सभी के लिए जरूरी संसाधनों की स्थिति को साझा रूप से दिखा सके इस दिशा में काम शुरू हो चुका है हमें मिलकरसंयुक्तता की ओर बढ़ना है जब तीनों सेनाएं एक साथ आगे बढ़ेंगी, तभी हम बड़ी चुनौतियों का डटकर सामना कर सकेंगे. राजनाथ सिंह ने देवी दुर्गा काउदाहरण देते हुए कहा, जब चुनौतियां बहुत बड़ी हों, तो एकता की ताकत अजेय बन जाती है हमारी सेना ऑपरेशनल तैयारी कर रही है, वायुसेना औरनौसेना भी इसी दिशा में काम कर रही हैं लेकिन जैसे ही हम ‘संयुक्त सेवा कमान’ की बात करते हैं, तो अगला कदम ‘अखिल भारतीय त्रि-सेवालॉजिस्टिक्स एकीकरण’ की दिशा में होना चाहिए.
‘80% कमीशन सरकार’ कर्नाटक में ठेकेदारों के आरोपों पर BJP का हमला, सिद्धारमैया से इस्तीफे की मांग

कर्नाटक में ठेकेदार संघ की ओर कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हमलावर हो गई है भाजपा केवरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है आर अशोक ने सिद्धारमैयासरकार को ’80 फीसदी कमीशन वाली सरकार’ बताया उन्होंने कहा कि कर्नाटक अब इस भ्रष्ट कांग्रेस सरकार को बर्दाश्त नहीं कर सकता.पिछले हफ्ते कर्नाटक राज्य ठेकेदार संघ (केएससीए) ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में आरोप लगाया गया था कि कांग्रेससरकार में विभिन्न विभागों में बिल पास करवाने के लिए मांगी जाने वाली कमीशन की दर पिछली भाजपा सरकार की तुलना में दोगुनी हो गई हैकेएससीए ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पिछले करीब दो वर्षों से ठेकेदारों का लंबित भुगतान नहीं किया है. अब 80 फीसदी कमीशन सरकार बन गई2023 के विधानसभा चुनावों से पहले केएससीए ने 40 फीसदी कमीशन का आरोप लगाया था जो राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया था, जिसेकांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था. आर. अशोक ने एक्स पर लिखा, कर्नाटक के ठेकेदारों ने कांग्रेस के भ्रष्टाचार की पोलखोल दी है जब विपक्ष में थे, तब सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार (मौजूद उपमुख्यमंत्री) 40 फीसदी कमीशन को लेकर खूब बोलते थे आज उनकेराज में खुद ठेकेदार कह रहे हैं कि अब (कमीशन की) दर दोगुनी हो गई है। कर्नाटक में अब 80 फीसदी कमीशन सरकार बन गई है भाजपा के वरिष्ठनेता ने पूछा कि इन आरोपों पर मंत्री आखिर चुप क्यों हैं और सामने आकर सफाई क्यों नहीं दे रहे? कांग्रेस सरकार को ’80 फीसदी कमीशन सरकार’ बतायाउन्होंने पूछा, जब राज्य की साख दांव पर लगी है, तब मुख्यमंत्री चुप क्यों हैं? बिदाडी टाउनशिप जैसी परियोजनाओं का इस्तेमाल आखिर अवैधरियल एस्टेट सौदों और किसानों की उपजाऊ जमीन को हड़पने के लिए क्यों किया जा रहा है? उन्होंने लिखा, यह विश्वासघात की चरम सीमा हैपारदर्शिता के नाम पर कांग्रेस सरकार ने उत्पीड़न, लूट और पर्दे के पीछे भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है अगर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया में जरा भी आत्मसम्मानबचा है, तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए. कर्नाटक ठेकेदार संघ की ओर से कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने के बाद भाजपा नेमुख्यमंत्री सिद्धारमैया से इस्तीफे की मांग की है भाजपा नेता आर. अशोक ने कांग्रेस सरकार को ’80 फीसदी कमीशन सरकार’ बताया उन्होंने पूछा किइन आरोपों पर मुख्यमंत्री और मंत्रियों क्यों चुप हैं?
सूर्यकुमार का सेना को डोनेशन, AAP नेता ने बदला रुख अब केंद्र-ICC से मांगी एशिया कप की कमाई

आम आदमी पार्टी प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने हाल ही में एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान मैचों का विरोध करते हुए भारतीय क्रिकेट टीमके कप्तान सूर्य कुमार यादव को चुनौती दी उन्होंने कहा था कि सूर्य कुमार यादव, अगर तुममे हिम्मत हो तो मैच फीस पहलगाम आतंकी हमले केपीड़ितों को दान कर दो तो हम भी मान जाएंगें एशिया कप 2025 जीत के बाद भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने आम आदमी पार्टी नेतासौरभ भारद्वाज के चैलेंज का जवाब देते हुए अपनी सारी मैच फीस भारतीय सेना को देने का एलान किया. सूर्यकुमार के इस कदम के बाद सौरभभारद्वाज का नया बयान सामने आया है उन्होंने अपने पिछले बयान से पलटते हुए फोकस को सूर्य कुमार से हटाकर केंद्र सरकार, बीसीसीआई औरआईसीसी पर डाल दिया अब सौरभ भारद्वाज ने अपने बयान पर यूटर्न लेते हुए कहा कि यह अच्छा कदम है, लेकिन असली संवेदना दिखाने के लिएकेंद्र सरकार और बीसीसीआई/आईसीसी को एशिया कप के भारत-पाक मैचों से हुई कुल कमाई को पहलगाम हमले 26 पीड़ित परिवारों को दानकरना चाहिए. जबकि वीडियो सबूत इसके उलट साबित करतेउन्होंने जोर देकर कहा कि क्रिकेटरों की व्यक्तिगत दान से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरे आयोजन की कमाई को पीड़ितों तक पहुंचाना जरूरी हैबीसीसीआई और आईसीसी को अपने विज्ञापन, टिकट, और टीवी ब्रॉडकास्टिंग से मिले सारे पैसे पीड़ितों तक पहुंचाने चाहिए यही सच्चा सम्मान औरदेशभक्ति होगी. वहीं, सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और मंत्रियों ने एशिया कप में भारतीय कप्तान के पाकिस्तानी कप्तान औरमंत्री से हाथ नहीं मिलाने का झूठ फैलाया, जबकि वीडियो सबूत इसके उलट साबित करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने देश को धोखा दियाऔर पहलगाम हमले की 26 विधवाओं के जख्मों पर नमक छिड़का. भारद्वाज ने कहा कि बीसीसीआई की कमाई 490 से 690 करोड़ रुपये तकबताई जा रही है अगर यह रकम पहलगाम हमले के पीड़ित परिवारों में बांटी जाए तो हर परिवार को 19 से 25 करोड़ रुपये मिल सकते हैं. दोनों कप्तानों ने हाथ मिलायाआप नेता ने कहा कि शुरुआत में भारतीय कप्तान ने पाकिस्तानी कप्तान से हाथ मिलाया और कप रखकर फोटो खिंचवाई देशभर में मैच का विरोधबढ़ने पर भाजपा की पटकथा बदल गई। दावा किया गया कि जीत के बाद हाथ नहीं मिलाया गया भारद्वाज ने वीडियो जारी कर दिखाया कि प्रेसकॉन्फ्रेंस स्टेज पर हाथ नहीं मिलाने के बावजूद बाहर निकलते समय दोनों कप्तानों ने हाथ मिलाया भारद्वाज ने कहा कि बीसीसीआई की कमाई 490 से 690 करोड़ रुपये तक बताई जा रही है अगर यह रकम पहलगाम हमले के पीड़ितों में बांटी जाए तो हर परिवार को 19 से 25 करोड़ रुपये मिलसकते हैं.
हरियाणा कांग्रेस का बड़ा दांव 48 साल बाद अहीरवाल नेता को सौंपी कमान, हुड्डा का दबदबा बरकरार

हरियाणा कांग्रेस ने इस बार प्रदेश संगठन में बड़ा फेरबदल किया है पिछले 20 साल से चले आ रहे दलित (प्रदेश अध्यक्ष) और जाट (सीएम या नेताप्रतिपक्ष) के समीकरण को बदलते हुए ओबीसी वर्ग से आने वाले किसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है. 48 साल बाद किसी अहीरवाल नेताको कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी है इससे पहले राव निहाल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के पद पर नियुक्त थे हालांकि जब उन्हें प्रदेश अध्यक्षनियुक्त किया गया तो उस दौरान राव ओबीसी वर्ग में नहीं आते थे। वहीं, नेता प्रतिपक्ष के तौर पर पार्टी ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को चुना है इससेएक यह भी संकेत मिलता है कि पार्टी के अंदर हुड्डा का दबदबा कायम है और वे अब भी कांग्रेस में (लगातार तीन विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद) अहमियत रखते हैं. कांग्रेस में पिछले 20 साल से दलित वर्ग से ही प्रदेश अध्यक्ष बनते रहे हैं 2001 से 2004 तक पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा अध्यक्षथे उसके बाद कांग्रेस ने फूलचंद मुलाना, अशोक तंवर, कुमारी सैलजा और उदयभान को प्रदेश अध्यक्ष चुना मगर 2014 के बाद कांग्रेस कोविधानसभा चुनाव में सफलता नहीं मिली वहीं, दूसरी तरफ भाजपा ने गैर जाट वोट ओबीसी में डोरे डालते हुए उन्हें अपना मुख्य वोट बैंक बना लिया।पिछले तीन विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत में ओबीसी वोट बैंक सबसे बड़ा निर्णायक साबित होता रहा है. कांग्रेस ने चिरंजीव राव के मुकाबले राव नरेंद्र पर विश्वास जतायाइसलिए पार्टी ने इस बार अपने समीकरण में बदलाव करते हुए ओबीसी वर्ग के नेता राव नरेंद्र को प्रदेश अध्यक्ष चुना. राव नरेंद्र सिंह हरियाणा कांग्रेसप्रदेश अध्यक्ष के लिए सबसे मुख्य विकल्प के तौर पर थे ओबीसी में यादव यानी राव सबसे बड़ा वोट बैंक है कांग्रेस हाईकमान ने पहले से ही मन बनालिया था कि प्रदेश अध्यक्ष के पद के लिए ओबीसी पर ही दांव लगाना है मगर किसे बनाना है इसके लिए पार्टी ने काफी मंथन किया और क्षेत्रीयसमीकरण को भी ध्यान में रखा हाईकमान के पास तीन नाम भेजे गए थे, जिनमें राव नरेंद्र के अलावा चिरंजीव राव और राव दान सिंह का नाम थाराव दान सिंह पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के काफी करीबी हैं साथ ही उनके परिवार पर ईडी के मामले चल रहे हैं इसलिए कांग्रेस ने उनके नाम सेपरहेज किया वहीं, चिरंजीव राव पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव के बेटे हैं अजय यादव समय-समय पर कांग्रेस आलाकमान को असहज स्थिति मेंडालते रहे हैं इसलिए कांग्रेस ने चिरंजीव राव के मुकाबले राव नरेंद्र पर विश्वास जताया. राहुल गांधी के सामाजिक समीकरण में भी फिट बैठतेवहीं, अहीरवाल बेल्ट हरियाणा कांग्रेस के लिए सबसे कमजोर कड़ी साबित होती रही है 2024 विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस यादव बहुल इलाके में11 में से 10 सीटें हार गई थी वहीं, राव नरेंद्र सिंह पर किसी गुट का ठप्पा नहीं है। कांग्रेस पिछले कई समय से गुटबाजी से जूझ रही है ऐसे में उन्हें ऐसेनेता की जरूरत है, जो किसी गुट में शामिल नहीं रहा है राव नरेंद्र सिंह राहुल गांधी के सामाजिक समीकरण में भी फिट बैठते हैं. कांग्रेस के प्रदेश मेंपांच सांसद और 38 विधायक हैं इनमें से चार सांसद और 32 विधायक पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पाले में हैं इतना बड़े जनसमर्थन को हाईकमानअनदेखी नहीं कर सकता हुड्डा के अलावा उनके पास कोई दूसरा चारा भी नहीं था दूसरा बड़ा कारण जाट वोट बैंक है. हरियाणा में करीब 21 फीसदीवोट बैंक जाट बिरादरी का है यह वोट बैंक एकतरफा हुड्डा के पीछे खड़ा है दरअसल जाट वोट बैंक को आज भी भरोसा है कि भाजपा को यदि कोई हरासकता है तो वे पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ही हैं वहीं, कांग्रेस के पुराने नेता में आज भूपेंद्र सिंह हुड्डा ही बचे हैं, बाकी पुराने कांग्रेसी पार्टी को छोड़ चुकेहैं। इनमें मुख्य रूप से पूर्व सीएम भजनलाल, पूर्व सीएम बंसीलाल, राव इंद्रजीत का परिवार शामिल रहा है ये सभी भाजपा में हैं.
UKSSSC पेपर लीक पर धामी की ‘सीधी परीक्षा’ आंदोलन की आग में तपे, CM पुष्कर सिंह धामी ने किया CBI जांच का ऐलान”

यूकेएसएसएससी परीक्षा लीक को लेकर प्रदेश में उठा तूफान अचानक शांत हो गया कौन जीता-कौन हारा, यह बहस का विषय हो सकता है लेकिनइस पूरे प्रकरण में धामी सरकार को कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ा है लोकतांत्रिक मूल्यों की कसौटी पर कसा जाए तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अतत: इस परीक्षा में पास हुए हैं जो युवा घूम-घूमकर वीक और लीक, गद्दी छोड़ के नारे बुलंद कर रहे थे, उन्हीं युवाओं ने तालियां बजाकर अपने मंच परमुख्यमंत्री धामी का स्वागत किया. अब बारी सरकार की है, जिसे उन सभी सवालों के जवाब हल करने हैं जो परेड ग्राउंड से उठे हैं. कुछ इस परीक्षा सेसंबंधित सवाल हैं, कुछ भविष्य की परीक्षाओं को लेकर हैं इसे सुखद पटाक्षेप मान सकते हैं, जिसने राज्य के जेन-जी और आंदोलन को गलत दिशा मेंनहीं भटकने दिया आंदोलन से उपजे उत्तराखंड के युवाओं की परिपक्वता भी स्पष्ट तौर पर दिखी. राज्य में भाजपा के मुख्यमंत्रियों में सबसे लंबेकार्यकाल के साथ सरकार चला रहे धामी इस आंदोलन की आंच में तपे जरूर लेकिन सीबीआई जांच की घोषणा उसी मंच से की जहां से उन्हें याउनकी सरकार को न जाने क्या-क्या कहा गया.युवाओं ने सरकार और प्रशासन को खरी-खरीमुख्यमंत्री धामी को बीते कुछ दिनों में जवाब सिर्फ आंदोलनरत युवाओं को नहीं देना था, बल्कि अपने कार्यकाल में बनाए गए सख्त नकल विरोधीकानून को भी आंच से बचाना था, जिसे लेकर भाजपा ने कई चुनाव लड़े और जीते हैं इस प्रकरण में हार की माला सरकार के सलाहकारों के गले पड़ीहै. आंदोलन की तरुणाई और युवाओं के आक्रोश को समझने में कहीं चूक हुई सरकार ने पेपर लीक को लेकर जो कार्रवाई और फैसले लिए, उचिततो कहे जा सकते थे लेकिन युवाओं ने उसे सिरे से नकार दिया आंदोलन में तीखापन आने के बाद सरकार का देहरादून के जिलाधिकारी और एसएसपीको धरना स्थल परेड ग्राउंड भेजना सेफ्टीवॉल्व का काम कर गया युवाओं ने सरकार और प्रशासन को खरी-खरी सुनाकर अपना गुबार निकाला. सरकारके सलाहकार कतई नहीं चाहते थे मुख्यमंत्री सीधे तौर पर आगे आएं, लेकिन बीते तीन दिनों में मुख्यमंत्री के बयानों में युवाओं के प्रति हमदर्दी औरचिंता का भाव झलकने लगा था. गाड़ी में बैठाकर इस मिशन पर निकलेमुख्यमंत्री ने एक दिन पूर्व फैसला कर लिया था कि सीबीआई जांच के लिए भी तैयार हैं. सलाहकारों पर उठते सवालों के बीच सोमवार सुबह सीएम नेउनसे कोई सलाह नहीं ली, नतीजे की परवाह किए बिना खुद धरना स्थल पर पहुंचने का फैसला कर लिया मुख्यमंत्री की फ्लीट में शामिल एकअधिकारी को ही इसकी सूचना थी शेष स्टाफ को परेड ग्राउंड पहुंचने से कुछ दूरी पर ही पता चला सीएम के साथ धरना स्थल पर पहुंचे विधायकखजानदास को भी परेड ग्राउंड के समीप पहुंचकर सीएम के प्लान का पता चला मुख्यमंत्री उन्हें यूं ही गाड़ी में बैठाकर इस मिशन पर निकले थे.यूकेएसएसएससी परीक्षा लीक को लेकर चले युवाओं के आंदोलन इस आंदोलन की आंच में मुख्यमंत्री धामी तपे जरूर लेकिन सीबीआई जांच कीघोषणा उसी मंच से की जहां से उन्हें या उनकी सरकार को न जाने क्या-क्या कहा गया.
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने छह अत्याधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वैन लॉन्च कर जांच तंत्र को किया सशक्त, साक्ष्य संग्रह में पारदर्शिता और सटीकता

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को अपने अधिकारिक आवास ओक ओवर शिमला से छह अत्याधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वैन को झंडीदिखाकर रवाना किया. पहले चरण में ये वैन तीन जिला फोरेंसिक इकाइयों (बद्दी, नूरपुर और बिलासपुर), जुन्गा स्थित राज्य फोरेंसिक लैब औरधर्मशाला व मंडी स्थित क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं में तैनात की जाएंगी इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फोरेंसिक साक्ष्य संग्रह, संरक्षण औरभंडारण (जांच अधिकारियों और चिकित्सा पेशेवरों के लिए मानक दिशा-निर्देश) नामक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को भी लॉन्च किया तथाआपराधिक घटना स्थल का निरीक्षण करने वाले फोरेंसिक विशेषज्ञों के लिए जैकेट का अनावरण किया उन्होंने कहा कि इन अत्याधुनिक वाहनों काउपयोग जांचकर्ताओं की ओर से आपराधिक स्थल पर साक्ष्य इकट्ठा करने के लिए किया जाएगा. इससे कुशल, त्वरित तथा निपुणता से साक्ष्य कासंरक्षण और वैज्ञानिक रूप से प्रसंस्करण और संग्रहण किया जाएगा फोरेंसिक जांच को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है इससे सजा कीदर में सुधार होगा और न्याय प्रणाली मजबूत होगीफोरेंसिक साक्ष्यों का तत्काल और दोषमुक्त संग्रह सुनिश्चित करनाप्रत्येक वाहन की कीमत 65 लाख रुपये है और यह वैन, किट और ड्रग तथा विस्फोटक पहचान प्रणाली, फिंगर प्रिंट, फुट प्रिंट डवेल्पमेंट किट्स, डीएनए सैपलिंग किट्स, एरोजन किट, रेफ्रिजरेशन यूनिटस, पोर्टेबल पावर जनरेटर, साइबर फोरेंसिक सॉफ्टवेयर, उच्च रेजोल्यूशन वीडियो डॉक्यूमेंटेशनप्रणाली, माइक्रोस्कोप, जीपीएस के साथ बड़े वार्न कैमरा, डीएसएलआर कैमरा, सीसीटीवी फ्रंट एंड रियर एंड ऑफ व्हीकल और अन्य आवश्यक उपकरणों से लैस है। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक विशेषज्ञ इंटेग्रेटिड किट में उपलब्ध लेटेंट फिंगरप्रिंट, जैविक तरल पदार्थ, बाल, कपड़ा फाइबर, गोली और विस्फोटक अवशेष, काटने के निशान, संदिग्ध दस्तावेज, टायर के निशान, जूते के निशान, नशीले पदार्थ और अन्य ट्रेस साक्ष्य से जांचको प्रभावशाली तरीके से कर पाएंगे इन मोबाइल प्रयोगशालाओं का एक प्राथमिक उद्देश्य फोरेंसिक साक्ष्यों का तत्काल और दोषमुक्त संग्रह सुनिश्चितकरना है, क्योंकि देरी से साक्ष्यों को एकत्रित करने से जांच प्रक्रिया बाधित होती है उन्होंने कहा कि यह पहल सबूत इकट्ठा करने में अधिक पारदर्शिताऔर अपराध को साबित करने की प्रक्रिया को तेज करेगी. जांच तंत्र को भी उन्नत करने की आवश्यवर्तमान में बदलते आपराधिक मामलों के अनुरूप जांच तंत्र को भी उन्नत करने की आवश्यकता है उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल फोरेंसिक सेवाओंमें तेजी लाएगी, बल्कि सटीक, विश्वसनीय साक्ष्य संग्रह सुनिश्चित करके अपराध सिद्ध करने में भी बढ़ावा देगी उन्होंने कहा कि फोरेंसिक सेवानिदेशालय अब न केवल राज्य जांच एजेंसियों, बल्कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच में मदद करता है विधायक संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, अतिरिक्त मुख्यसचिव के.के. पंत, डीजीपी अशोक तिवारी, फोरेंसिक सेवा निदेशालय की निदेशक डॉ. मीनाक्षी महाजन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर परउपस्थित थे.
सचिन तेंदुलकर बोले, ICC महिला वनडे विश्व कप महिला क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण मोड़, समान मैच फीस से मिलेगी नई पहचान

महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का मानना है कि भारत में मंगलवार से शुरू हो रहा आईसीसी महिला वनडे विश्व कप देश में महिला क्रिकेट के लिएएक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है तेंदुलकर का कहना है कि यह सिर्फ एक खिताब जीतने का टूर्नामेंट नहीं होगा, बल्कि यह उन अनगिनतलड़कियों के सपनों को पूरा करने का मंच बनेगा जो क्रिकेट को करियर के रूप में देखती हैं भारतीय महिला टीम ने 2017 में इंग्लैंड में हुए विश्व कप केफाइनल में जगह बनाकर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था हालांकि, टीम इंडिया अभी तक किसी वैश्विक ट्रॉफी को नहीं जीत पाई हैतेंदुलकरका मानना है कि हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली यह टीम घरेलू मैदान पर इतिहास रच सकती है और महिला क्रिकेट को एक नई दिशा दे सकती है बेहतरीन बल्लेबाजों की श्रेणी में खड़ा करतीतेंदुलकर ने आईसीसी के कॉलम में लिखा, ‘मुझे आज भी 2017 विश्व कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हरमनप्रीत कौर की 171 रनोंकी नाबाद पारी याद है. उनके शॉट्स की निडरता, दिमाग की स्पष्टता और दिल में साहस ने भारत में महिला क्रिकेट की तस्वीर बदल दी. यह वह पलथा जब लोगों ने महिला क्रिकेट को गंभीरता से लेना शुरू किया।’उन्होंने आगे लिखा कि मोगा में एक लड़की होगी जो अपने आदर्श हरमनप्रीत की तरहबनने के लिए बल्ला कसकर पकड़ रही होगी, और सांगली में एक और लड़की होगी जो स्मृति मंधाना की तरह कवर ड्राइव खेलने का अभ्यास कर रहीहोगी तेंदुलकर स्मृति मंधाना की बल्लेबाजी से भी बेहद प्रभावित हैं। उन्होंने कहा, “स्मृति की बल्लेबाजी कला की तरह है उनके शॉट खेलने काअंदाज, टाइमिंग और गैप खोजने की क्षमता उन्हें दुनिया की बेहतरीन बल्लेबाजों की श्रेणी में खड़ा करती है. पुरुष और महिला खिलाड़ियों के लिए समान मैच फीस लागूसचिन तेंदुलकर का मानना है कि घरेलू मैदान पर हो रहा यह विश्व कप महिला क्रिकेट को वह पहचान देगा जिसकी उसे लंबे समय से जरूरत थी उन्होंनेकहा, ‘यह टूर्नामेंट लिंग, धारणा और पहुंच की बाधाओं को तोड़ने का मौका है छोटे शहरों की लड़कियों को यह विश्वास होना चाहिए कि दुनिया उनकेलिए खुली है, ठीक वैसे ही जैसे मैंने 1983 में कपिल देव की टीम को विश्व कप जीतते देख कर महसूस किया था. मास्टर ब्लास्टर ने मौजूदाआईसीसी अध्यक्ष जय शाह की भी तारीफ की उन्होंने कहा कि महिला क्रिकेट के लिए जो बदलाव हुए हैं, उनका बड़ा श्रेय जय शाह को जाता हैबीसीसीआई सचिव रहते हुए उन्होंने पुरुष और महिला खिलाड़ियों के लिए समान मैच फीस लागू करने और महिला प्रीमियर लीग (WPL) कीशुरुआत में अहम भूमिका निभाई.
राष्ट्र प्रथम की भावना को जीने वाला एक युग समाप्त, प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा नहीं रहे, सेवा का माध्यम मानने वाले नेता को अंतिम प्रणाम

भारतीय राजनीति के एक गौरवशाली अध्याय का अंत हो गया है। भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य, भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश के प्रथमअध्यक्ष और पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं में शुमार प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा का मंगलवार, 30 सितंबर 2025 को 94 वर्ष की आयु में दिल्ली केएम्स अस्पताल में निधन हो गया. वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और एम्स में उनका इलाज जारी था।उनके निधन की खबर से राजनीतिक, सामाजिक और राष्ट्रवादी जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। विभिन्न दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और लाखों कार्यकर्ताओं ने उन्हेंभावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है. प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा का जीवन “राष्ट्र प्रथम” की भावना के लिए समर्पित रहा उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवनकी शुरुआत 1960 के दशक में भारतीय जनसंघ से की अपने शुरुआती दौर में ही उन्होंने दिल्ली में संघ की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने काकार्य किया और एक सशक्त राष्ट्रवाद की नींव को मजबूत किया. न्यायिक प्रणाली को भी सुदृढ़ करने के लिए कार्यरत रहेवे उन चुनिंदा नेताओं में से एक थे, जिन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मदनलाल खुराना, केदारनाथ साहनी जैसे दिग्गजों के साथन सिर्फ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया, बल्कि पार्टी को संगठनात्मक रूप से विस्तार देने में भी अग्रणी भूमिका निभाई. 1980 में जब भाजपा कागठन हुआ, तो प्रो. मल्होत्रा को दिल्ली प्रदेश का पहला अध्यक्ष नियुक्त किया गया उनका नेतृत्व न केवल पार्टी के ढांचे को संगठित करने में सहायकसिद्ध हुआ, बल्कि उन्होंने भाजपा को दिल्ली की सड़कों से संसद तक पहुंचाने की आधारशिला रखी. उनकी सादगी, अनुशासन और संगठन निष्ठा कीमिसाल आज भी दी जाती है. उनका घर पार्टी नेताओं के लिए नीति निर्धारण का केंद्र बना रहा। 1960-70 के दशक में, जब आडवाणी जी उनकेसरकारी आवास के फ्रंट ऑफिस में बैठते थे, वहीं से डीएमसी एल्डरमैन की सूची बनी थी, जिसने दिल्ली की राजनीति की दशा और दिशा तय की।वेन केवल राजनीतिक रूप से, बल्कि शासन और न्यायिक प्रणाली को भी सुदृढ़ करने के लिए कार्यरत रहे. जमीन पर मजबूत आधार देने का कार्य कियाउन्होंने समय-समय पर केंद्रीय एजेंसियों को सुझाव और सहयोग देकर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की भाजपा के संस्थापक काल में जहांअटल बिहारी वाजपेयी विचारों की भावुकता के प्रतीक थे और आडवाणी संगठन की कुशलता के पर्याय बने, वहीं प्रो. मल्होत्रा ने इन दोनों धाराओं कोसंतुलित करते हुए पार्टी को जमीन पर मजबूत आधार देने का कार्य किया. उनकी राजनीति में जहां सैद्धांतिक कठोरता दिखती थी, वहीं निजी जीवन मेंवे उतने ही सरल, सौम्य और अनुशासित थे। उनका जीवन हर कार्यकर्ता के लिए यह संदेश छोड़ता है कि “राजनीति केवल सत्ता के लिए नहीं, सेवाऔर सिद्धांत के लिए होती है” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा, दिल्ली भाजपा केवरिष्ठ नेता, आरएसएस प्रमुख, और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया दिल्ली भाजपा के नवनिर्मित कार्यालय का लोकार्पण, जनसंघ से भाजपा तक की 45 वर्ष की यात्रा का भावुक संगम”

भारत के यशस्वी प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सांय दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर आयोजित एक भव्य समारोह में दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टीके नवनिर्मित निजी कार्यालय का पार्टी कार्यों में उपयोग के लिए लोकार्पण किया। समारोह में प्रधान मंत्री जी के साथ मंचासीन रहे भाजपा के राष्ट्रीयअध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, दिल्ली की मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा, दिल्ली भाजपा की सह प्रभारी डा. अल्का गुर्जर, केन्द्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसद मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी, श्री योगेन्द्र चांदोलिया, कमलजीत सहरावत, प्रवीन खंडेलवाल एवं सुश्रीबाँसुरी स्वराज, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, कपिल मिश्रा, डा. पंकज सिंह एवं इन्द्रराज सिंह, महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह, एन.डी.एम.सी. उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल एवं प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल। आज ही प्रातः राष्ट्रीय संगठनमहामंत्री बी.एल. संतोष एवं वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिती में प्रदेश अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने सपत्नीक नये भवन में प्रवेश पूर्व हवन पूजन किया।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने 9 जून 2023 को इस नवनिर्मित भवन का शिलान्यास किया था और आज 29 सितम्बर 2025 कोशारदीय नवरात्र के बीच प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में लोकार्पणकिया। दिल्ली में जनसंघ काल हो या वर्तमान भाजपा की लगभग 45 वर्ष की यात्रादिल्ली में जनसंघ काल हो या वर्तमान भाजपा की लगभग 45 वर्ष की यात्रा भाजपा कार्यकर्ताओं को हमेशा पार्टी के पास निजी कार्यालय ना होनाकुचेटता था और आज प्रधान मंत्री जी द्वारा लोकार्पण ने यह कमी भी पूरी कर दी।समारोह के मंच से प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कार्यालय लोकार्पणने जहां समारोह स्थल से बाहर दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर उपस्थित लगभग 20 हजार कार्यकर्ताओं के उत्साह को दुगना कर डाला पर समारोह मंचके सामने बैठे लगभग 250 ऐसे बुजुर्ग एवं वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं जिनमे से अनेक ने जनसंघ काल से या 1980 में भाजपा स्थापना वर्ष सेपार्टी को नेतृत्व दिया के लिए यह निजी संगठन कार्यालय भवन लोकार्पण समारोह एक भावुकता भरा पल था। अनेक बुजुर्ग एवं वरिष्ठ नेताओं कीआंख में आंसू छलकते दिखे। भाजपा की वर्तमान पदाधिकारी टीम जिसमे प्रमुखवहीं दिल्ली भाजपा की वर्तमान पदाधिकारी टीम जिसमे प्रमुख थे संगठन महामंत्री पवन राणा, कोषाध्यक्ष सतीश गर्ग, सभी उपाध्यक्ष, मंत्री, मीडियाप्रमुख एवं प्रवक्ता जिनके कार्यकाल में कार्यालय निर्माण हुआ के लिए आज का दिन एक गौरवशाली दिन बना। नवनिर्मित कार्यालय के उत्साह में भरेकार्यकर्ताओं ने कहा की निजी कार्यालय की खुशी दिवाली पूर्व ही दिवाली आने जैसी खुशी है।आज के लोकार्पण समारोह में राष्ट्रीय पदाधिकारी बी.एल. संतोष, श्री वी. सतीश, बैजयंत जय पांडा, श्री अरूण सिंह, विनोद तावड़े, दुष्यंत गौतम, अनिल बलूनी, ओमप्रकाश धनखड़ आदि उपस्थित रहे। केन्द्रीय मंत्री श्री पियूष गोयल एवं श्री एस.पी.एस. बघेल की गरिमापूर्ण उपस्थिती रही. प्रदेश पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. हर्षवर्धन, श्री विजय गोयल, श्रीसतीश उपाध्याय, श्री मनोज तिवारी एवं आदेश गुप्ता एवं पूर्व संगठन महामंत्री विजय शर्मा एवं श्री पवन शर्मा के साथ ही अधिकांश विधायक एवंपार्षद उपस्थित रहे।
मन की बात में पीएम मोदी ने की महिला नौसेना अफसरों की तारीफ ‘नाविक सागर परिक्रमा’ बन गया गौरव का प्रतीक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 126वें एपिसोड में भारतीय नौसेना के अभियान ‘नाविक सागरपरिक्रमा’ की खूब तारीफ की और इसे अंजाम देने वाली महिला नौसेना अधिकारियों की बहादुरी को सराहा जिस पर नाविक सागर परिक्रमा अभियानको सफलतापूर्वक पूरा करने वाली लेफ्टिनेंट कमांडर डिलना के और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए ने पीएम मोदी की सराहना पर खुशी जाहिर की और इसेगौरवपूर्ण पल बताया. मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि ‘भारतीय नौसेना की दो जांबाज महिला अधिकारियों ने नाविक सागर परिक्रमाअभियान के दौरान बहादुरी और समर्पण का परिचय दिया मैं मन की बात के श्रोताओं को उनके बारे में बताना चाहता हूं कि वे हैं लेफ्टिनेंट कमांडर रूपाए और लेफ्टिनेंट कमांडर डिलना के. देश का प्रतिनिधित्व करने वालों और भारतीय सशस्त्र बलों की कितनी कद्र करतेपीएम मोदी से तारीफ मिलने पर लेफ्टिनेंट कमांडर डिलना के ने कहा कि ‘यह उनके और उनकी साथी अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए के लिएगौरवपूर्ण पल है कि पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में उनकी उपलब्धि का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ‘पीएम मोदी द्वारा उनकी तारीफ करनाये दर्शाता है कि देशवासी अपने देश का प्रतिनिधित्व करने वालों और भारतीय सशस्त्र बलों की कितनी कद्र करते हैं हमें देश के हर कोने में जाने कामौका मिला और हमने अपने अनुभव साझा कर बताया कि अगर आप अपने शरीर, दिमाग और आत्मा के साथ कोई काम करते हैं तो कोई भी सपनाअसंभव नहीं है. लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए ने भी कहा कि ‘पीएम मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम में उनकी तारीफ किए जाने से वह बेहद गौरवान्वितमहसूस कर रही हैं प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में बड़े ध्यान से हमारी बात सुनी। जब हमें ये पता चला कि वे हमारे बारे में जानकार रोमांचित थे तो हमें बेहदखुशी हुई दुनिया के सबसे अलग-थलग स्थानों पर अपने देश और भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व करके हमें बहुत खुशी मिली और हम इससेगौरवान्वित हैं.लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए ने कहा कि ‘पीएम मोदी द्वारा उनकी तारीफ करना ये दर्शाता है कि देशवासी अपने देश का प्रतिनिधित्व करने वालों औरभारतीय सशस्त्र बलों की कितनी कद्र करते हैं.