देश छोड़ने की अफवाहों पर बोले पूर्व PM केपी ओली ,मैं कहीं नहीं जा रहा, राजनीतिक लड़ाई के लिए हूं तैयार

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएलके प्रमुख केपी शर्मा ओली ने उन अटकलों को खारिज किया है, जिनमें कहा जा रहा था कि वह देशछोड़ने की योजना बना रहे हैं उन्होंने मौजूदा अंतरिम सरकार पर आरोप लगाया कि वह उनकी सुरक्षा और सरकारी सुविधाओं को छीनने की कोशिश कररही है ‘ढाका ट्रिब्यून’ अखबार की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई. ओली ने भक्त के गुंडु में पार्टी के संगठन ‘युवा संघ नेपाल’ को संबोधित किया इसदौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह देश छोड़ने वाले नहीं हैं और राजनीतिक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं उन्होंने समर्थकों से पूछा, क्या आपको लगता हैकि हम यह देश इस आधारहीन सरकार को सौंपकर भाग जाएंगे? ओली ने कहा कि उनका लक्ष्य देश में शांति, सुशासन और सांविधानिक व्यवस्था कीबहाली करना है. रिपोर्ट के मुताबिक, ओली ने हाल ही में नौ सितंबर को प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास ‘बलुवातार’ खाली किया था यह कदमतब उठाया गया, जब जेन जेड के विरोध प्रदर्शनों के कारण उनकी सरकार गिर गई इसके बाद वह भक्तपुर के गुंडु में एक किराए के मकान पर रहनेचले गए। प्रदर्शनकारियों ने उनका निजी आवास जला दिया था. प्रधानमंत्री ने सरकार पर आरोप लगायाउन्होंने आरोप लगाया कि सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार जनता की इच्छा से नहीं, बल्कि तोड़फोड़ और आगजनी के जरिए सत्ता मेंआई है उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि अगर विरोध प्रदर्शन के दौरान उनकी ओर से सरकारी अधिकारियों को कोई निर्देश दिए गए हैं, तो उन्हेंसार्वजनिक किया जाए ओली ने कहा, उन्हें हिम्मत से प्रकाशित करो मेरे निर्देश सार्वजनिक करो। मेरे पास छिपाने जैसा कुछ नहीं है. ओली ने यह भीकहा कि उन्हें फिर से हमले होने का डर है। उन्होंने सरकार की आलोचना की कि वह उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रही है उन्होंने पूछा, सोशलमीडिया पर खुलेआम मेरे घर पर हमले की बातें हो रही हैं सरकार क्या कर रही है? केवल देख रही है? उन्होंने उन रिपोर्ट पर भी आपत्ति जताई, जिनमेंकहा जा रहा है कि सकार उनके साथ ही नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा, आरजू राणा देउबा, रमेश लेखक और दीपक खडका के पासपोर्टजब्त करने का फैसला किया है पूर्व प्रधानमंत्री ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाकर देश को असुरक्षा कीस्थिति में धकेल रही है. आठ सितंबर को विरोध शांतिपूर्ण रहाजेन-जेड के विरोध के दूसरे दिन ही ओली की सरकार गिर गई थी मानवाधिकार संगठनों ने ओली और तत्कालीन गृहमंत्री रमेश लेख को विरोध केदौरान अत्यधिक बल प्रयोग करने का जिम्मेदार ठहराया है, जिससे दर्जों लोगों की मौत हुई थी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट में कहा गया किसरकार प्रदर्शन की तीव्रता का अनुमान नहीं लगा सकी और सुरक्षा बलों का मनोबल गिरा हुआ है जिसके कारण भारी जनहानि और संपत्ति की क्षतिहुई रिपोर्ट मे यह भी बताया गया कि आठ सितंबर को विरोध शांतिपूर्ण रहा लेकिन अगले दिन पुलिस की ओर से गोली चलने के बाद हिंसा भड़कउठी. नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने देश छोड़ने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि वह राजनीतिक लड़ाई के लिए तैयार हैंउन्होंने मौजूदा सरकार पर उनकी सुरक्षा और सुविधाएं छीनने का आरोप लगाया. ओली ने यह भी कहा कि उन निर्देशों को सार्वजनिक किया जाए, जोजेन-जेड के विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों को दिए गए थे.
भारतीय फार्मा कंपनियों को चीन का तोहफा दवाओं पर आयात शुल्क शून्य, अरबों डॉलर के एक्सपोर्ट का रास्ता साफ

चीन ने भारत के दवा उत्पादों पर 30 फीसदी आयात शुल्क को घटाकर शून्य कर दिया है चीन ने यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर सेफार्मा आयात पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने के ठीक बाद उठाया है इस फैसले के बाद भारत की दवा बनाने वाली कंपनियां बिना किसी सीमा शुल्कके चीन को दवाएं निर्यात कर सकेंगी ट्रंप के टैरिफ से अमेरिकी बाजार में लागत बढ़ने के बीच चीन का यह फैसला भारतीय कंपनियों को सस्ती दवाओंकी मजबूत मांग वाले वैकल्पिक बाजार के तौर पर उभर सकता है। इससे आने वाले समय में भारतीय दवा निर्यात में अरबों डॉलर की बढ़ोतरी होसकती है दो दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फार्मा उत्पादों सहित कई चीजों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया था इनमें फार्मा उत्पादों पर 100 फीसदी का शुल्क प्रमुख था यह बढ़ा हुआ शुल्क एक अक्तूबर से प्रभावी होगा जिसके बाद दवाइयों से लेकर भारी ट्रकों तक आयातित सामान महंगेहो जाएंगे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जिन उत्पादों पर टैरिफ की घोषणा की थी. अमेरिका में भारत की सस्ती दवाएं भी महंगी दरों पर बिकेंगीउनमें, किचन कैबिनेट, बाथरूम वैनिटी, गद्देदार फर्नीचर और भारी ट्रकों शामिल थे उन्होंने कहा था कि दवाइयों पर 100 फीसदी, किचन कैबिनेट औरबाथरूम वैनिटी पर 50 फीसदी, फर्नीचर पर 30 फीसदी और भारी ट्रकों पर 25 फीसदी आयात कर लगाया जाएगा. ट्रंप के दवाओं के आयात पर100 फीसदी टैरिफ लगाने के फैसले का भारत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। खासकर देश के दवा निर्माण उद्योग पर बीते वित्त वर्ष में भारतीयउद्योगों की तरफ से दुनिया को करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये (27.9 अरब डॉलर) की दवाओं का निर्यात हुआ था इसमें अमेरिका को ही करीब 77 हजार करोड़ रुपये (8.7 अरब डॉलर) की दवाएं निर्यात हुई थीं भारत के दवा निर्माताओं के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार रहा है 2025 के पहलेछह महीनों में ही अमेरिका को कुल 32 हजार 505 करोड़ रुपये (3.7 अरब डॉलर) की दवाओं का निर्यात हो चुका है ऐसे में 100 फीसदी टैरिफ लगनेसे अमेरिका में भारत की सस्ती दवाएं भी महंगी दरों पर बिकेंगी. भारत को दुनिया की फार्मेसी के रूप में जाना जातागौरतलब है कि भारत को दुनिया की फार्मेसी के रूप में जाना जाता है भारत दुनिया भर को जेनेरिक दवाएं और टीके का निर्यात करता है अब चीन कीओर से आयात शुल्क शून्य करते हुए अपना बाजार खोलने से भारतीय फार्मा कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी उन्हें दुनिया की दूसरी सबसे अधिकआबादी वाले चीन के बड़े बाजार में समान अवसर और बेहतर पहुंच मिलेगी व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारत-चीन व्यापार संबंधोंमें संतुलन आएगा, जो अब तक बीजिंग के पक्ष में झुके रहते हैं इनका यह भी मानना है कि यह बदलाव भारत में हजारों नौकरियां पैदा करेगा, आमदनीबढ़ाएगा और वैश्विक स्वास्थ्य आपूर्ति शृंखला में भारत की स्थिति को मजबूत करेगा
दशहरा रैली छोड़ो, राहत का हाथ बढ़ाओ, भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये का उद्धव ठाकरे पर सीधा वार “जानें क्या है पूरा मामला”

महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री उद्ध ठाकरे से मांग की कि वह अपनी पार्टी की वार्षिक दशहरा रैली कोरद्द कर दें और उस खर्च को मराठवाड़ा के बाढ़ पीड़ितों को दें. उपाध्ये ने आरोप लगाया कि जब ठाकरे मुख्यमंत्री थे, तब वह कार्रवाई करने में विफलरहे और घर पर बैठे रहे उन्होंने कहा, अब अपनी गलती सुधारने का समय आ गया है. भारी बारिश की वजह से राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ से कई लोगप्रभावित हुए हैं अक्सर सूखे में रहने वाला मराठवाड़ा क्षेत्र में भारी बारिश ने तबाही मचाई. उद्धव ठाकरे और शिवसेना के लिए दशहरा रैली करना एकपुरानी परंपरा है इस साल भी वह दो अक्तूबर को मुंबई के शिवाी पार्क में दशहरा रैली को संबोधित करने वाले हैं.दूसरों को गद्दार कहने और अपनी पार्टी के छिन जाने की कहानीकेशव उपाध्ये ने कहा कि मराठवाड़ा में बाढ़ के कारण लोगों ने सबकुछ खो दिया है। उद्धव ठाकरे ने पहले पांच जिलों का दौरा किया और पीड़ितो केप्रति संवेदना जताई अब कार्रवाई का समय है उन्हें दशहरा रैली रद्द कर उस खर्च को बाढ़ पीढ़ितों के लिए खर्च करना चाहिए इससे उनकी संवेदना कामतलब निकलेगा. भाजपा नेता यह भी कहा कि जब सत्ता में थे, तब उद्धव ठाकरे कार्रवाई करने में विफल रहे और घर पर बैठे रहे उन्होंने कहा, रैली रद्दकर और फंड को बाढ़ पीड़ितों को देकर लोगों के प्रति वास्तविक चिंता दिखाई जा सकती है केशव उपाध्ये ने इस साल दशहरा रैली के विषय (थीम) की भी आलोचना की उन्होंने कहा कि पहले शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के समय यह रैली विचारधारा का केंद्र हुआ करती थी अब यह केवलदूसरों को गद्दार कहने और अपनी पार्टी के छिन जाने की कहानी दोहराने तक सीमित हो गई है. भाजपा प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने आरोप लगायाउन्होंने पूछा कि आम कार्यकर्ता को लाखों रुपये क्यों खर्च करने पड़ते हैं, जबकि रोजाना सामना में वही बातें चलती रहती हैं हाल ही में ठाकरे नेमराठवाड़ा के पांच बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा किया, जहां उन्होंने प्रभावितों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं भाजपा ने शिवसेना (उद्धवबालासाहेब ठाकरे गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तंज कसते हुए कि वह अपनी दशहरा रैली रद्द करें और उसका खर्च मराठवाड़ा के बाढ़ पीड़ितों कीमदद में लगाएं भाजपा प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने आरोप लगाया कि ठाकरे मुख्यमंत्री रहते हुए निष्क्रिय रहे, अब अपनी गलती सुधारने का यह सहीसमय है.
भारत की जीत से बौखलाए नकवी, ट्रॉफी लेकर स्टेज से भागे राजनीति की पिच पर गिरी एशिया कप की गरिमा

एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को पांच विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की. यह जीत भारतीय टीम के लिए जश्न का पलहोना चाहिए था, लेकिन पोस्ट-मैच समारोह विवाद का केंद्र बन गया एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान के मंत्री मोहसिननकवी ने भारतीय खिलाड़ियों को ट्रॉफी और विजेता मेडल लेने से रोक दिया भारतीय टीम ने पहले ही एलान कर दिया था कि खिलाड़ी नकवी के हाथसे ट्रॉफी नहीं लेंगे. इस फैसले का सम्मान करने के बजाय नकवी बेशर्मों की तरह स्टेज पर ही खड़े रहे और फिर ट्रॉफी लेकर वहां से होटल निकलते बनेनकवी की बेशर्मी की हद तब पार हो गई, जब उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बधाई वाले ट्वीट पर फिर से झूठ बोला दूसरों को खेल औरराजनीति से नहीं जोड़ने की सलाह देने वाले नकवी खुद ही मामले को राजनीतिक बनाते दिखे हैं. भारत ने नकवी को पाकिस्तान प्रतिनिधि के रूप मेंदेखते हुए ट्रॉफी लेने से इनकार किया एसीसी अधिकारियों ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की और सुझाव दिया कि पुरस्कारों की प्रस्तुति एमिरेट्सक्रिकेट बोर्ड के उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी करें, लेकिन नकवी ने ऐसा नहीं होने दिया लगभग एक घंटे तक चले तनाव के बाद आयोजकों नेचुपचाप ट्रॉफी ले ली, जबकि व्यक्तिगत प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी जैसे तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा को सम्मानित किया गया.मैच के दौरान स्टैंड में बैठे दर्शकों और सोशल मीडिया पर भारतीय फैंस ने अपनी नाराजगी जाहिर की.-क्रिकेट मैच इस सच को नहीं बदलसकता खेल में युद्धदर्शकों ने तो ‘भारत माता की जय’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारे तक लगाए जैसे ही पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा स्टेज की ओर बढ़े, उन्हेंहूटिंग का सामना करना पड़ा इससे बौखलाए नकवी मैदान छोड़ भारत की ट्रॉफी के साथ भाग खड़े हुए दूसरी ओर, पाकिस्तान की टीम मैच खत्म होनेके बाद लंबे समय तक ड्रेसिंग रूम में रही, जिससे नकवी काफी देर तक अकेले और असहज स्थिति में दिखे यह किसी को समझ नहीं आ रहा है किनकवी पीसीबी का प्रतिधित्व कर रहे हैं या पीसीबी का. भारत की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय टीम को बधाई दी थी उन्होंने ट्वीट करते हुएलिखा था, ‘खेल के मैदान पर भी ऑपरेशन सिंदूर यहां भी नतीजा वही- भारत जीता हमारे क्रिकेटरों को इसके लिए बधाई’ इसके जवाब में नकवी नेट्वीट कर एक चौंकाने वाला और झूठा बयान दिया उन्होंने लिखा, ‘अगर गर्व का पैमाना युद्ध है, तो इतिहास पहले ही आपकी शर्मनाक हार कोपाकिस्तान के हाथों दर्ज कर चुका है कोई भी क्रिकेट मैच इस सच को नहीं बदल सकता खेल में युद्ध घसीटना केवल हताशा दिखाता है और खेल कीआत्मा का अपमान है. नकवी ने इस तनाव को मैदान से बाहर भी जारी रखाइस बयान ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों और विश्लेषकों के बीच गुस्सा और विवाद पैदा कर दिया नकवी पर खेल को राजनीतिक मुद्दा बनाने और चैंपियंसका अपमान करने का आरोप लगाया गया फैंस ने तो यहां तक कहा कि नकवी कौन से युद्ध की बात कर रहे हैं 1965 का युद्ध हो या 1971 का याफिर 1999 में करगिल युद्ध, भारत ने हर जगह पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी थी और उनके नापाक इरादों को नेस्तनाबूद कर दिया था यहां तक किहाल ही में भारत ने पाकिस्तान के ड्रोन हमलों का भी मुंहतोड़ जवाब दिया था और उनके सारे ड्रोन्स और मिसाइल को गिरा दिया था. पाकिस्तानबौखलाया रह गया था ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर स्थित आतंकी ठिकानों को भी नेस्तनाबूद कर दिया थाऔर 100 से ज्यादा आतंकी मार गिराए थे नकवी इनमें से कौन से युद्ध की बात कर रहे हैं, शायद वही साफ बता पाएंगे अब तो खेल के मैदान पर भीभारत ने पाकिस्तान को आईना दिखा दिया है पीएम मोदी के ट्वीट से पाकिस्तान खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे वाली स्थिति में आ गया है नकवी खुदराजनीतिक बयान दे रहे हैं और साथ ही दूसरों को लेकर बेतुका और बचकानी बयानबाजी भी कर रहे हैं. इससे पहले ही भारतीय टीम ने पाकिस्तानखिलाड़ियों से हाथ न मिलाने और पारंपरिक ट्रॉफी के साथ फोटोशूट में शामिल न होने के जरिए अपनी नाराजगी व्यक्त की थी टीम ने मैदान पर भीस्पष्ट संकेत दिए कि वे केवल खेल पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं, न कि राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बनना चाहते हैं. पाकिस्तान के गृह मंत्रीनकवी ने इस तनाव को मैदान से बाहर भी जारी रखा.
राहुल गांधी को गोली मारने की धमकी पर बवाल, कांग्रेस बोली साजिश के पीछे BJP या RSS

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एक पूर्व नेता की ओर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर की गई कथित विवादित टिप्पणी को लेकरविपक्षी पार्टी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर हमला तेज कर दिया. पार्टी ने कहा कि जोलोग वैचारिक लड़ाई हार रहे हैं और जिनकी (वोट) चोरी पकड़ी जा चुकी है, वे अब विपक्ष के नेता की आवाज को दबाने की साजिश रच रहे हैं.विपक्षी पार्टी ने कहा कि प्रिंटू महादेव की राहुल गांधी को धमकी एक खौफनाक और घिनौनी साजिश है महादेव एबीवीपी के पूर्व राज्य अध्यक्ष हैं औरएबीवीपी आरएसएस की छात्र शाखा है कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, भाजपा के एक प्रवक्ता ने टेलीविजन परकहा कि राहुल गांधी के सीने में गोली मारी जाएगी और अब तक उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है. उन्होंने आगे कहा, इससे पहलेसीआरपीएफ ने राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे को एक पत्र लिखा और उसे लीक कर दिया तो फिर उनकी सुरक्षाको राजनीतिक रंग क्यों दिया जा रहा है और ऐसा माहौल क्यों बनाया जा रहा है? पवन खेड़ा ने कहा कि इस पूरी घटना से साजिश की बू आ रही हैउन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ये साजिश रच कौन रहा है? भाजपा वैचारिक लड़ाई हा रहीउन्होंने आगे कहा, ये वही लोग हैं, जो वैचारिक लड़ाई हार रहे हैं, जिनके पास जवाब देने के लिए कोई विचार नहीं है अब यह साजिश उगाकर होनीचाहिए पहले तो आपने राहुल गांधी को गोलियों से चुप कराने की कोशिश की और अब आप उन्हें गोलियों से डराने की धमकी दे रहे हैं खेड़ा ने कहाकि भाजपा यह बर्दाश्त नहीं कर पा रही है कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक लोग राहुल गांधी की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों की ओर आकर्षित होरहे हैं उन्होंने कहा, आपकी चोरी रंगे हाथों पकड़ी गई है अब आपको समझ आ गया है कि आपका समय खत्म हो गया है. उन्होंने यह भी कहा किकांग्रेस ऐसे लोगों को हिंसा का सहारा नहीं लेने देगी खेड़ा ने यह भी दावा किया कि देश जानता है कि साजिश कौन रच रहा है और क्यों? कांग्रेस नेताने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, हर बार जब आरएसएस भारत की विचारधारा को हराने में असफल होता है, तो उसके कार्यकर्ता शारीरिक हिंसा पर उतरआते हैं और कोई न कोई गोडसे गांधी को मार देता है अब जब भाजपा वैचारिक लड़ाई हा रही है, तब उनके प्रवक्ता और नेता राहुल गांधी को मारनेकी धमकी दे रहे हैं. विपक्ष के नेता और देश के एक प्रमुख नेता को दी गईखेड़ा ने कहा, गरीबों, वंचितों और कमजोर तबकों की आवाज को दबाने की साजिश चल रही है राहुल गांधी की आवाज को चुप कराने की साजिशकी जा रही है कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने रविवार को गृहमंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा इसमें उन्होंने डिबेट के दौरान एबीवीपी के पूर्वनेता की ओर से राहुल गांधी पर दिए गए बयान को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की उन्होंने कहा कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं की गई तो यह मानाजाएगा कि सरकार भी इस साजिश में शामिल है और यह हिंसा को सामान्य बना रही है. वेणुगोपाल ने कहा कि महादेव भाजपा का प्रवक्ता है औरउसने यह बयान एक मलयालयम टेलीविजन चैनल पर डिबेट के दौरान दिया. उन्होंने कहा, इस डिबेट के दौरान महादेव ने खुलेआम कहा कि राहुलगांधी के सीने में गोली मार दी जाएगी यह न तो जुबान फिसलने की बात है, न ही कोई भावुकता में बहने वाली बात यह सोच-समझकर दी गईडरावनी और खौफनाक मौत की धमकी है, जो विपक्ष के नेता और देश के एक प्रमुख नेता को दी गई है.
सूर्यकुमार ने सेना को समर्पित की पूरी मैच फीस, AAP नेता सौरभ भारद्वाज बोले ‘ट्रॉफी ना ली, मगर तस्वीरों में हाथ था’ मिलाया

एशिया कप 2025 जीत के बाद भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज के चैलेंज का जवाब देते हुए अपनीसारी मैच फीस भारतीय सेना को देने का ऐलान किया. सौरभ के बयान पर भाजपा की आईटी सेल के अध्यक्ष अमित मालवीय ने तंज कसा. भारतीयटी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव एशिया कप के सभी मैचों की अपनी फीस भारतीय सेना को देंगे सूर्यकुमार ने यह एलान पाकिस्तान से एशिया कपफाइनल जीतने के बाद किया है भारत ने रविवार को दुबई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में पाकिस्तान को पांच विकेट से करारी शिकस्त दी थीभारतीय टीम के एशिया कप की ट्रॉफी जीतने पर आप दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने मोहसिन नकवी के हाथों से कप नहीं लियाजब यह सीरीज शुरू हुई थी, तब मैंने एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें भारतीय टीम के कप्तान मोहसिन नकवी के साथ कप पकड़े हुए और हाथमिलाते हुए तस्वीर खिंचवा रहे थे. आयोजित कार्यक्रम में भाजपा सरकार की तुलना अंग्रेजी हुकूमत से कीमैंने एक वीडियो भी अपलोड किया था, जिसमें एशिया कप के लिए कप्तान की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, वह मंच पर पाकिस्तानी कप्तान से हाथ नहींमिला रहे थे लेकिन, जैसे ही वह मंच से उतरे, उन्होंने उनसे हाथ मिलाया जनता तय कर सकती है कि स्क्रिप्ट से पहले क्या हुआ और बाद में क्या हुआपीएम मोदी पाकिस्तानी टीम के साथ मैच खेलने के लिए टीम को बधाई दे रहे हैं इजराइल और गाजा के बीच क्रिकेट और फुटबॉल मैच भी होंगे. पाकिस्तान को हराने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘मैं इस टूर्नामेंट में खेले गए सभी मैचों की अपनी मैचफीस भारतीय सेना को देना चाहता हूं हालांकि, मैच समाप्त होने के बाद पुरस्कार समारोह में भारत ने अपने पदक और ट्रॉफी नहीं ली, जिससे दर्शकोंऔर खिलाड़ियों में निराशा देखने को मिली. वहीं दूसरी तरफ आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक्स पर पोस्ट लिख कहा कि चाहे क्रिकेट कामैदान हो या युद्ध का मैदान भारत जानता है कि कैसे प्रदर्शन करना है ‘ऑपरेशन तिलक’ ने फाइनल में क्या ही शानदार जीत हासिल की!आप ने रविवार को शहीद भगत सिंह की जयंती मनाई प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा सरकार कीतुलना अंग्रेजी हुकूमत से की. आवाज उठाने वालों को जेल में डालतेउन्होंने कहा कि जैसे अंग्रेज आवाज उठाने वालों को जेल में डालते थे वैसे ही आज की सरकार आंदोलनकारियों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है उन्होंनेसोनम वांगचुक और आप विधायक मेहराज मलिक की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा कि जेल में डालने से लोग उन्हें नहीं भूलेंगे.उत्तराखंड, लद्दाख, मणिपुर और दिल्ली में उठ रहे आंदोलनों से सरकार घबराई हुई है। देशभर में पुलिस तैनात करना इस डर की ही निशानी है उन्होंनेसोनम के योगदानों का उल्लेख करते हुए कहा कि लद्दाख के इस शिक्षा-प्रवर्तक ने दुनिया का पहला सौर ऊर्जा से गर्म होने वाला टेंट और आइस स्तूपजैसी तकनीकें विकसित कीं इनका लाभ सेना और आम लोग उठा रहे हैं ऐसे महान व्यक्ति को जेल में डालना लोकतंत्र पर धब्बा है.उन्होंने कहा कि भगत सिंह की चेतना आज भी लोगों के दिलों में जीवित है हमें जेल से नहीं डरना है क्योंकि सरकार राजनीतिक मुकदमों के अलावाऔर कुछ नहीं कर सकती यदि जनता ने मन से जेल का डर निकाल दिया तो ऐसी सरकारें ज्यादा दिन नहीं टिकेंगी। वहीं, आप नेता जितेंद्र सिंह शंटी नेकहा कि भगत सिंह ने इंकलाब जिंदाबाद का नारा देकर गुलामी को सबसे बड़ा अभिशाप बताया.
ट्रंप-नेतन्याहू की मुलाकात पर टिकी दुनिया की नजरें, गाजा संघर्ष विराम को लेकर बन सकती है ऐतिहासिक सहमति

सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच मुलाकात होनी है यह मुलाकात व्हाइट हाउस में होगी इसबैठक पर पूरी दुनिया की नजर है क्योंकि उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में गाजा में संघर्ष विराम को लेकर सहमति बन सकती है खासकर ऐसेसमय में जब इस्राइल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ रहा है और कई पश्चिमी देश फलस्तीन को मान्यता दे चुके हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नेबैठक से पहले सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में कहा कि मध्य पूर्व में कुछ खास होने वाला है। ट्रंप के इस पोस्ट के बाद उम्मीद की जा रही हैकि गाजा में जल्द ही शांति आ सकती है. अमेरिका, गाजा युद्ध में इस्राइल का कट्टर समर्थक रहा है, लेकिन संघर्ष के लंबा खिंचने और गाजा मेंइस्राइली हमलों के खिलाफ बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव से अमेरिका भी असहज हुआ है इस्राइल में नेतन्याहू की गठबंधन सरकार पर भी दबाव लगातारबढ़ रहा है ऐसे में सोमवार को ओवल ऑफिस में होने वाली ट्रंप और नेतन्याहू की बैठक बेहद अहम है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजा में संघर्षविराम के लिए शांति समझौते पर गंभीरता से चर्चा चल रही है रविवार को सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा कि’मध्य पूर्व में महान बदलाव का हमारे पास असली मौका है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसका पुरजोर विरोध करेगाहम सभी पहली बार कुछ खास करने के लिए साथ आए हैं और हम इसे पूरा करके रहेंगे. ट्रंप और नेतन्याहू की ओवल ऑफिस में होने वाली बैठकइस्राइली पीएम के लिए अग्निपरीक्षा का समय है इस्राइल की राजनीतिक की जानकार ईटन गिलबोआ का कहना है कि ट्रंप, नेतन्याहू पर संघर्षविराम के लिए दबाव डाल सकते हैं, लेकिन अगर नेतन्याहू संघर्ष विराम के लिए राजी होते हैं तो उनकी अपनी गठबंधन सरकार खतरे में आ सकती हैक्योंकि नेतन्याहू सरकार के कई सहयोगी लड़ाई जारी रखने और हमास के पूर्ण खात्मे की बात कर रहे हैं ऐसे में अगर नेतन्याहू ने संघर्ष विराम परसहमति दी को इससे उनकी सरकार के कई सहयोगी नाराज हो सकते हैं. इस्राइल द्वारा बीते दिनों कतर में हमास नेताओं के ठिकानों पर किए गएहमले के बाद पश्चिम एशिया के देश इस्राइल के खिलाफ लामबंद होने की कोशिश कर रहे हैं इससे अमेरिका पर भी दबाव बढ़ा है यही वजह है किअमेरिका का धैर्य भी अब जवाब दे रहा है। बीते हफ्ते ही ट्रंप ने इस्राइल के वेस्ट बैंक पर भी कब्जा करने की मंशा को खारिज कर दिया था और कहाथा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसका पुरजोर विरोध करेगा. ट्रंप प्रशासन ने एक समझौता प्रस्ताव तैयार कियाइस्राइल और हमास के बीच संघर्ष विराम के लिए ट्रंप प्रशासन ने एक समझौता प्रस्ताव तैयार किया है हालांकि इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहींआई है इस समझौते में सभी बंधकों की 48 घंटे में रिहाई और गाजा से चरणबद्ध तरीके से इस्राइली सेना की वापसी जैसे प्रावधान हैं ट्रंप प्रशासन नेइस समझौता प्रस्ताव को लेकर अरब देशों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की है 21 बिंदु वाले इस प्रस्ताव में गाजा में हमास के शासन को खत्म करनेऔर हमास का निशस्त्रीकरण करने की भी बात की गई है गौरतलब है कि गाजा से फलस्तीनी नागरिकों को निकालने की बात इसमें नहीं है, जैसा किपूर्व में ट्रंप ने प्रस्ताव दिया था प्रस्ताव में गाजा में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती करने का भी सुझाव दिया गया है.
मन की बात का 126वां एपिसोड भगत सिंह को नमन, लता दीदी को श्रद्धांजलि और छठ पर्व को यूनेस्को की सूची में लाने की तैयारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 126वां एपिसोड रविवार को जारी किया गया. इस दौरान उन्होंने श्रोताओं से कहा, ‘मन कीबात में आप सभी से जुड़ना, आप सभी से सीखना, देश के लोगों की उपलब्धियों के बारे में जानना, वाकई मुझे बहुत सुखद अनुभव देता है एक दूसरेके साथ अपनी बातें साझा करते हुए, अपने मन की बात करते हुए, हमें पता ही नहीं चला, इस कार्यक्रम ने 125 एपिसोड पूरे कर लिए हैं. उन्होंने कहा, आज इस कार्यक्रम का 126वां एपिसोड है और आज के दिन के साथ कुछ विशेषताएं भी जुड़ी हैं आज भारत की दो महान विभूतियों की जयंती है मैंबात कर रहा हूं शहीद भगत सिंह और लता दीदी की साथियों, अमर शहीद भगत सिंह हर भारतवासी, विशेषकर देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणापुंज हैं. निर्भीकता उनके स्वभाव में कूट-कूटकर भरी थी देश के लिए फांसी के फंदे पर झूलने से पहले भगत सिंह जी ने अंग्रेजों को पत्र भी लिखा थाउन्होंने कहा था कि मैं चाहता हूं कि आप मेरे और मेरे साथियों से युद्धबंदियों से जैसा व्यवहार करें इसलिए हमारी जान फांसी से नहीं, सीधा गोलीमारकर ली जाए। यह उनके अदम्य साहस का प्रमाण है भगत सिंह लोगों की पीड़ा के प्रति भी बहुत संवेदनशील थे और उनकी मदद में हमेशा आगेरहते थे मैं शहीद भगत सिंह को आदरपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. समंदर में मौसम कभी भी बिगड़ जाताउन्होंने आगे कहा, साथियों, आज लता मंगेशकर की भी जयंती है भारतीय संस्कृति और संगीत में रुचि रखने वाला कोई भी उनके गीतों को सुनकरअभिभूत हुए बिना नहीं रह सकता उनके गीतों में वह सबकुछ है, जो मानवीय संवेदनाओं को झकझोरता है उन्होंने देशभक्ति के जो गीत गाए, उन गीतोंने लोगों को बहुत प्रेरित किया. भारत की संस्कृति से भी उनका गहरा जुड़ाव था मैं लता दीदी के लिए हृदय से अपनी श्रद्धांजलि प्रकट करता हूंसाथियों, लता दीदी जिन महान विभूतियों से प्रेरित थीं, उनमें वीर सावरकर भी एक थे जिन्हें वह तात्या कहती थीं उन्होंने वीर सावरकर के कई गीतों कोअपने सुरों में पिरोया लता दीदी से मेरा स्नेह का जो बंधन था, वह हमेशा कायम रहा वह मुझे बिना बोले हर साल राखी भेजा करती थीं मुझे याद हैमराठी सुगम संगीत की महान हस्ती सुधीर फड़के जी ने सबसे पहले मेरा परिचय लता दीदी से कराया था। मैंने लता दीदी को कहा कि मुझे आपकेद्वारा गाया और सुधीर जी द्वारा संगीतबद्ध गीत ‘ज्योति कलश छलके’ बहुत पसंद है. प्रधानमंत्री ने कहा, मेरे प्यारे देशवासियों, नवरात्रि के इस समय मेंहम शक्ति की उपासना करते हैं हम नारी शक्ति का उत्सव मनाते हैं बिजनेस से लेकर स्पोर्ट्स तक, एजुकेशन से लेकर साइंस तक.. आप किसी भी क्षेत्रको लीजिए देश की बेटियां हर जगह अपना परचम लहरा रही हैं आज वह ऐसी चुनौतियों को भी पार कर रही हैं, जिनकी कल्पना तक मुश्किल है अगरमैं आपसे यह सवाल करूं कि क्या आप समंदर में लगातार आठ महीने रह सकते हैं क्या आप समंदर में पतवार वाली नाव यानी हवा के वेग से आगेबढ़ने वाली नाव से पचास हजार किलोमीटर की यात्रा कर सकते हैं और वो भी तक जब समंदर में मौसम कभी भी बिगड़ जाता है ऐसा करने से पहलेआप हजार बार सोचेंगे. यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर की सूची में शामिल कराने का प्रयासलेकिन भारतीय नौसेना की दो बहादुर अधिकारियों ने नाविका सागर परिक्रमा के दौरान ऐसा कर दिखाया है उन्होंने दिखाया है कि साहस और दृढ़संकल्प होता क्या है आज मैं मन की बात के श्रोताओं को इन दो जांबाज अधिकारियों से मिलवाना चाहता हूं एक हैं लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना औरदूसरी हैं लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा इसके बाद प्रधानमंत्री दोनों अधिकारियों से फोन पर बात करते हुए सुनाई देते हैं. साथियों, हमारे पर्व-त्योहार भारत कीसंस्कृति को जीवंत बनाए रखते हैं. छठ पर्व एक ऐसा पावन-पर्व है जो दिवाली के बाद आता है सूर्य देव को समर्पित यह महापर्व बहुत ही विशेष हैइसमें हम डूबते सूर्य को भी अर्घ्य देते हैं उनकी आराधना करते हैं छठ न केवल देश के अलग-अलग हिस्सों में मनाया जाता है बल्कि दुनियाभर में इसकीछठा देखने को मिलती है आज यह एक वैश्विक त्योहार बन रहा है साथियों, मुझे आपको यह बताते हुए बहुत खुशी है कि भारत सरकार भी छठ पूजाको लेकर एक बड़े प्रयास में जुटी है भारत सरकार छठ पर्व को यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर की सूची में शामिल कराने का प्रयास कर रही है.छठ पूजामें यूनेस्को की सूची में शामिल होगी, तो दुनिया के कोने-कोने में लोग इसकी भव्यता और दिव्यता का अनुभव कर पाएंगे साथियों, कुछ समय पहलेभारत सरकार के ऐसे ही प्रयासों से कोलकाता की दुर्गा पूजा भी यूनेस्को की इस सूची का हिस्सा बनी है हम अपने सांस्कृतिक आयोजनों को ऐसे हीवैश्विक पहचान दिलाएंगे, तो दुनिया भी उनके बारे में जानेगी, समझेगी, उनमें शामिल होने के लिए आगे आएगी.
TVK रैली में 39 की मौत, EPS बोले ‘सरकार और पुलिस ने लापरवाही की हदें पार की

तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर को तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की रैली के दौरान हुई भगदड़ को लेकर अन्नाद्रमुक महासचिव और पूर्वमुख्यमंत्री ई.के. पलानीस्वामी ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं उन्होंने कहा कि इस दर्दनाक हादसे की वजह साफ तौर पर सुरक्षा मेंचूक है हादसे में 39 लोगों की मौत हो गई और 51 लोग घायल हो गए. पलानीस्वामी ने कहा कि अगर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने पहले सेसावधानी बरती होती तो इस खौफनाक हादसे को टाला जा सकता था उन्होंने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर कहा कि अभिनेता विजय की पार्टी टीवीकेकी रैली के दौरान बिजली गुल हो गई, जिससे वहां भ्रम की स्थिति बनी और भगदड़ मच गई उन्होंने यह भी कहा कि टीवीके ने अब तक चार रैलियां कीहैं ऐसे में उसे सुरक्षा इंतजामों को लेकर पहले से तैयार रहना चाहिए था. सत्तारूढ़ द्रमुक के कार्यक्रमों में पूरी सुरक्षापूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस को पिछली रैलियों में जुटी भीड़ और करूर की स्थिति को देखकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए थी सरकारऔर टीवीके नेतृत्व को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए था पलानीस्वामी ने करूर के सरकारी अस्पताल में घायलों से मुलाकात की और उनका हालजाना उन्होंने कहा कि एक राजनेता को भीड़ पर नजर रखनी चाहिए और किसी भी चूक को तुरंत सुधारना चाहिए. उन्होंने कहा कि जनता रैलियों में इसभरोसे के साथ आती है कि पार्टी, सरकार और पुलिस उनकी सुरक्षा ध्यान रखेंगे इतने लोगों की जान चली गई यह बहुत ही दुखद और चौंकाने वालीघटना है उन्होंने हा कि राज्य की दूसरी राजनीतिक पार्टियों की रैलियों में ऐसा कभी नहीं हुआ. पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि जब उनकी सरकारथी, तब राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान सभी जरूरी एहतियात बरते जाते थे लेकिन अब की सरकार और पुलिस निष्पक्ष नहीं है उन्होंने कहा कि पुलिसएक तरफ सत्तारूढ़ द्रमुक के कार्यक्रमों में पूरी सुरक्षा देती है बिजली गुल होने और भीड़ नियंत्रित न होने के कारण यह हादसालेकिन विपक्ष को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का फर्ज बनता है कि वहपीड़ितों से मिलने अस्पताल जाएं और राहत की घोषणा करें उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने भगदड़ रोकने के लिए कोई गंभीर प्रयास नहींकिए और पुलिस बिल्कुल निष्क्रिय रही. तमिलनाडु के करूर में टीवीके की रैली में हुई भगदड़ को पूर्व मुख्यमंत्री ई.के. पलानीस्वामी ने पुलिस-प्रशासनकी सुरक्षा में चूक बताया उन्होंने कहा कि बिजली गुल होने और भीड़ नियंत्रित न होने के कारण यह हादसा हुआ, जिसे सावधानी से टाला जा सकताथा। पलानीस्वामी ने सरकार पर पक्षपात और विपक्ष को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया.
‘बाबा’ के भेष में हैवान, 17 छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपी पार्थसारथी की गिरफ्तारी, वसंतकुंज आश्रम में शर्मनाक कांड

देश की राजधानी दिल्ली के वसंतकुंज स्थित आश्रम में 17 छात्राओं से छेड़छाड़ करने के आरोपी मैनेजर चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी कोदिल्ली पुलिस ने देर रात ताजगंज इलाके के होटल से गिरफ्तार कर लिया शनिवार शाम से वह होटल में रुका था दिल्ली पुलिस ने होटल के कमरे में15 मिनट तक आरोपी से पूछताछ की, इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ ले गई. दिल्ली में वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियनमैनेजमेंट रिसर्च के मैनेजर चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी पर पीजी डिप्लोमा कर रहीं छात्राओं ने छेड़छाड़ और अश्लील हरकत के आरोप लगाए थेछात्राओं की शिकायत पर संस्थान प्रबंधन ने थाने में शिकायत दी थी, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था. आरोपी बाबा फरार हो गया. हालांकिउसकी लोकेशन बुधवार को आगरा में मिली थी आरोपी के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया गया था दिल्ली पुलिस शनिवार रात तीन बजेताजगंज क्षेत्र में फतेहाबाद रोड स्थित होटल फर्स्ट में पहुंची. होटल के कर्मचारी भरत ने बताया कि सादा कपड़ों में दिल्ली क्राइम ब्रांच के दो अधिकारीहोटल में आए थे। उन्होंने रजिस्टर चेक किया रजिस्टर की एंट्री देखने के बाद वे होटल के कमरा नंबर 101 में रुके स्वामी पार्थ सारथी के पास पहुंचे. वसंतकुंज इलाके में 17 छात्राओं से छेड़छाड़कमरे में करीब 15 मिनट तक रुककर उन्होंने पूछताछ की इसके बाद वह स्वामी पार्थ सारथी को अपने साथ ले गए। स्वामी पार्थ सारथी के नाम सेहोटल के रजिस्टर में एंट्री थी वह शनिवार शाम चार बजे होटल में पहुंचा था. रात में रेस्टोरेंट से खाना मंगाया था क्राइम ब्रांच देर रात ही चैतन्यानंदसरस्वती उर्फ पार्थसारथी को अपने साथ ले गई थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह सिरोही का कहना है कि उन्हें दिल्ली पुलिस कीकार्रवाई की कोई जानकारी नहीं है. वसंतकुंज इलाके में 17 छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की एक-एक करतूत सामने आरही है साल 2016 में एफआईआर करवाने वाली छात्रा ने प्राथमिकी में कहा था कि उसने संस्थान में आठ महीने बिताए, वो मेरी जिंदगी का सबसेखराब दौर था उसके बाद उसने वहां पढ़ाई छोड़ दी थी. संस्थान ज्वॉइन करते ही बाबा की हरकतें शुरू हो गई थीं वह मुझे अश्लील मैसेज भेजने लगाथा। आरोपी स्वामी उसे स्वीट गर्ल बुलाने लगा प्राथमिकी में कहा गया कि आरोपी शाम को 6.30 बजे क्लास खत्म होने के बाद उसे अपने ऑफिस मेंबुलाता और परेशान करता. छात्राओं को डराया और धमकायावह कहता था-तुम बहुत टैलेंटेड हो और तुम्हे दुबई ले जाकर पढ़ाऊंगा। पढ़ाई का पूरा खर्च उठाऊंगा मैं ये बिल्कुल नहीं चाहती थी, लेकिन उसकास्टाफ मुझ पर दबाव बनता रहता था स्वामी ने मेरा मोबाइल फोन छीन लिया और मुझे हॉस्टल में अकेले रहने पर मजबूर कियाउसे किसी से बात नहीं करने दी जाती थी छात्रा के कमरे में लगे फोन पर रात में कॉल करता था आरोपी रात में डिनर और अच्छे होटलों में रुकवाने कीबातें करता था छात्रा ने कहा था कि कई बार बाबा ने मुझे गलत तरीके से टच करने की कोशिश की. छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया है किचैतन्यानंद उन्हें जबरन छूने की कोशिश करता था विरोध करने पर शारीरिक संपर्क करने की कोशिश की और इसके लिए कई तरह के दबाव भी बनाए. कथित तौर पर छात्राओं को डराया और धमकाया गया यह भी कहा जा रहा है कि इस मामले में कुछ फैकल्टी के लोग भी जुड़े हैं आरोप है किचैतन्यानंद ने छात्राओं को आवाज को दबाने के लिए अपनी ताकत और प्रतिष्ठा का इस्तेमाल किया. चैतन्यानंद उर्फ पार्थ सारथी श्री शारदा इंस्टीट्यूटऑफ इंडियन मैनेजमेंट का प्रबंधक था संस्थान श्रृंगेरी पीठ के अधीन चलता है, जिसका प्रबंधक स्वामी चैतन्यानंद को नियुक्त किया गया था।हालांकि एफआईआर के बाद उसे पद से हटा दिया गया है.