RSS संस्थापक हेडगेवार को भारत रत्न देने की मांग, जमाल सिद्दीकी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र”

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रमुख जमाल सिद्दीकी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर आरएसएस संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को मरणोपरांत भारतरत्न देने की मांग की है। उन्होंने हेडगेवार को ‘स्वतंत्रता सेनानी’ और ‘राष्ट्र निर्माता’ बताया। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अल्पसंख्यक मोर्चा केराष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक केशवबलिराम हेडगेवार को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की है। इस पत्र में सिद्दीकी ने हेडगेवार को स्वतंत्रता सेनानी और राष्ट्र निर्माता बताया और कहाकि उन्होंने देश की आजादी और राष्ट्र निर्माण में जो योगदान दिया है, उसके लिए उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया जानाचाहिए। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं में देशभक्ति की भावना को भी प्रेरणा मिलेगी। भारत रत्न देना बिलकुल उपयुक्त होगाजमाल सिद्दीकी ने कहा, हेडगेवार जी के योगदानों- जैसे स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी, संगठन निर्माण की अद्भुत क्षमता और एक भारत कासपना- को देखते हुए उन्हें भारत रत्न देना बिलकुल उपयुक्त होगा। यह सम्मान न केवल उनके बलिदान को मान्यता देगा, बल्कि देशभर में सेवा कार्यमें लगे स्वयंसेवकों को भी प्रेरित करेगा। केशव बलिराम हेडगेवार का जन्म एक अप्रैल 1889 को नागपुर में हुआ था। उन्होंने 1925 में राष्ट्रीयस्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना की थी। यह संगठन इस साल दो अक्तूबर को विजयदशमी के दिन अपने 100 साल पूरे कर रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आरएसएस के इस शताब्दी वर्ष के अवसर पर आज दिल्ली के डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित समारोह में मुख्यअतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने इसकी जानकारी दी है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने एक विशेष डाक टिकट औरस्मृति सिक्का भी जारी किया, जो आरएसएस के राष्ट्र के प्रति कथित योगदान को दर्शाएगा. 100 साल पहले आरएसएस की स्थापनामन की बात’ कार्यक्रम में देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आरएसएस और उसके संस्थापक हेडगेवार की ‘अभूतपूर्व और प्रेरणादायक’ यात्रा की सराहना की। पीएम मोदी खुद पहले आरएसएस से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब 100 साल पहले आरएसएस की स्थापना हुई थी, तबभारत गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। उन्होंने कहा, ‘सदियों की गुलामी ने हमारे आत्म-सम्मान और आत्म-विश्वास को गहरी चोट पहुंचाई थी।दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता पहचान के संकट से गुजर रही थी। हमारे नागरिक हीन भावना के शिकार हो रहे थे। ऐसे समय में पूज्यनीय हेडगेवार जीने विजयदशमी के शुभ अवसर पर 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। हेडगेवार जी के निधन के बाद गुरुजी ने इस महान सेवा कार्य कोआगे बढ़ाया।’
हरियाणा भाजपा में नेतृत्व बदलाव की सुगबुगाहट मोहन लाल बड़ौली सबसे आगे, लेकिन दलित कार्ड खेल सकती है पार्टी

हरियाणा कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बाद भाजपा में बदलाव की आहट शुरू हो गई है। भाजपा के ओबीसी वोट बैंक में सेंध लगाने के मकसद सेकांग्रेस ने अहीरवाल बेल्ट के राव नरेंद्र पर विश्वास जताया है।दो दशक में यह पहली बार है जब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए किसी दलित नेताके बजाय ओबीसी के नेता को नियुक्त किया गया है। कांग्रेस इसे पार्टी की बदली हुई रणनीति बता रही है। वहीं, भाजपा आने वाले दिनों में इसी कोभुना सकती है। भाजपा में भी अध्यक्ष पद का चुनाव होना है। ऐसे में भाजपा अध्यक्ष पद के लिए पार्टी किसी दलित नेता पर दांव खेल सकती है।भाजपा में अध्यक्ष पद का चुनाव पिछले कई महीनों से लंबित है। बताया जा रहा है कि अगले एक महीने के भीतर प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चुनावकी घोषणा की जा सकती है। प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए कुल 117 वोटर हैं। मोहन लाल बड़ौली का नाम सूची में सबसे ऊपरइनमें 27 जिला अध्यक्ष और 90 हलका अध्यक्ष शामिल हैं। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष बनने की दौड़ में मोहन लाल बड़ौली का नाम सूची में सबसे ऊपरहै। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व पूर्व सीएम मनोहर लाल के करीबी होने के साथ-साथ संगठन के कार्यक्रमों को सफल बनाना उनका दावा मजबूतकरता है। पिछले दिनों सभी बूथों पर मन की बात कार्यक्रम होने पर केंद्रीय हाईकमान ने उनके नेतृत्व को सराहा भी था। मगर कांग्रेस की बदलीरणनीति और मौजूदा हालात को देखते हुए पार्टी दूसरे विकल्प के साथ भी जा सकती है। जाहिर है कि पार्टी अभी 2029 के विधानसभा चुनाव में जुटगई है। विधानसभा चुनाव में हारी सीटों के साथ पार्टी अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी है। अध्यक्ष पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार तो मोहनलाल बड़ौली ही हैं। मगर दूसरे विकल्प के तौर पर पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार का दावा भी कमजोर नहीं है। दलित बिरादरी से आने वाले कृष्णलाल पंवार शीर्ष नेतृत्व के साथ हरियाणा नेतृत्व के करीबी हैं। भाजपा एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
किसानों को बड़ी राहत, गेहूं की MSP ₹160 बढ़ी, दालों में आत्मनिर्भरता के लिए ₹11,440 करोड़ का मिशन शुरू

केंद्र सरकार ने बुधवार को कई अहम फैसले लिए। इसकी जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि गेहूं की एमएसपी₹160 प्रति क्विंटल बढ़ाकर ₹2,585 प्रति क्विंटल कर दिया गया है। वहीं रबी सीजन 2026-27 में सरकार 297 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदका अनुमान लगा रही है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘रबी सीजन की MSP बढ़ाने से कुल 84263 करोड़ रुपए हमारे किसानों भाईयों केमेहनत के इसमें जाएंगे…रबी सीजन 2026-27 के दौरान अनुमानित खरीद 297 लाख मीट्रिक टन होने की संभावना है और प्रस्तावित एमएसपी परकिसानों को भुगतान की जाने वाली राशि 84,263 करोड़ रुपये है। हमारे किसानों को उनकी कड़ी मेहनतकैबिनेट के फैसलों पर प्रेस को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘रबी सीजन के लिए एमएसपी बढ़ाने के फैसले से हमारेकिसानों को उनकी कड़ी मेहनत का लाभ मिलेगा। सीएसीपी की सिफारिशों के आधार पर, छह प्रमुख रबी फसलों, गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड, सरसों और सूरजमुखी के लिए एमएसपी को मंजूरी दी गई है। नीति यह सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक फसल के लिए एमएसपी उत्पादन लागत परन्यूनतम 50% का मार्जिन प्रदान करे।’ केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, ‘भारत, दुनिया के सबसे बड़े दाल उत्पादकों और उपभोक्ताओं में से एक है। 2024 के भाजपा घोषणापत्र में दालों के लिए एक मिशन बनाने की बात कही गई थी और हम आत्मनिर्भरता हासिल करने और आयात में कटौती के लिए11,440 करोड़ रुपये का मिशन शुरू कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य बेहतर बीजों के साथ उत्पादकता में सुधार, खेती को 275 लाख हेक्टेयर सेबढ़ाकर 310 लाख हेक्टेयर करना और खेती से लेकर भंडारण तक पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना है। इसका लक्ष्य उपज को 881 किलोग्राम सेबढ़ाकर 1,130 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर करना है, जिससे उत्पादन में बढ़ोतरी और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित होगी
करुर में हुई भगदड़ त्रासदी के बाद टीवीके ने रैलियों को दो हफ्तों के लिए स्थगित किया, पार्टी ने मृतकों के प्रति जताई गहरी संवेदना

तमिल अभिनेता और तमिलगा वेत्त्री कझगम (टीवीके) पार्टी प्रमुख विजय की रैलियों में करुर में हुई भगदड़ की घटना का गहरा असर देखने को मिलाहै। इस हादसे में 41 लोगों की मौत और 60 से अधिक लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद पार्टी ने अगले दो हफ्तों के लिए विजय की सभीरैलियों को अस्थायी रूप से स्थगित करने का एलान किया है। 27 सितंबर को करुर में विजय की जनसभा के दौरान भगदड़ मच गई थी। भीड़ कोनियंत्रित करने में भारी चूक सामने आई और बड़ी संख्या में लोग दबकर जान गंवा बैठे। इस घटना के बाद से पार्टी और समर्थकों में शोक का माहौलहै। टीवीके मुख्यालय ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि करुर की इस त्रासदी ने सबको हिला दिया है और ऐसे माहौल में कार्यक्रम जारीरखना उचित नहीं होगा। रैलियां दो हफ्तों तक नहीं होंगीपार्टी ने कहा है कि विजय की “जनता से मिलो” पहल के तहत हर शनिवार को होने वाली रैलियां दो हफ्तों तक नहीं होंगी। विजय अब तकतिरुचिरापल्ली, नमक्कल और करुर का दौरा कर चुके हैं। करुर हादसे के बाद अगली निर्धारित रैलियां अस्थायी तौर पर रोक दी गई हैं। पार्टी ने साफकिया है कि नए कार्यक्रमों की घोषणा विजय की मंजूरी के बाद ही की जाएगी। टीवीके की आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि हमअपने 41 साथियों की मौत से दुखी और व्यथित हैं। इस स्थिति में हमारे नेता के अगले दो हफ्तों के कार्यक्रम स्थगित किए जाते हैं। संशोधितकार्यक्रम की जानकारी बाद में दी जाएगी। बयान में यह भी कहा गया कि इस मुश्किल समय में पार्टी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताईहादसे के बाद विजय और उनकी पार्टी नेताओं ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई है। विजय ने खुद भी इस त्रासदी पर शोक व्यक्तकिया था और घायलों के इलाज व पीड़ितों के परिवारों की मदद के लिए कदम उठाने की घोषणा की थी। इस स्थगन को कई राजनीतिक पर्यवेक्षकोंने “संवेदनशील फैसला” बताया है।पार्टी सूत्रों के अनुसार, विजय की रैलियों की नई तारीखें पार्टी मुख्यालय द्वारा तय की जाएंगी। यह भी माना जारहा है कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने के बाद ही अगले सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। करुर की त्रासदी ने न केवलपार्टी बल्कि तमिलनाडु की राजनीति पर भी बड़ा असर डाला है
शिमला के रिज मैदान पर अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुजुर्गों को सम्मानित किया, नई रोगी मित्र योजना का किया ऐलान

शिमला के रिज मैदान पर बुधवार को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खूने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान खलीनी और विकासनगर की 60 से 80 वर्ष के आयु वर्ग की महिलाओं ने रैंप वॉक किया। उपस्थितसभी दर्शकों ने तालियों से बुजुर्गों का बढ़ाया। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह चौपाल के सदस्यों ने चौपाल का पारंपरिक नृत्य भी प्रस्तुत किया।इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों को अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मुख्यमंत्री की ओर से सम्मान दिया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्रसिंह सुक्खू ने कहा कि आने वाले समय में 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए रोगी मित्र योजना ला रहे हैं। रोगी मित्र लोगों के घर जाएंगे औरउनकी बीमारियों की जानकारी लेंगे। अच्छा इलाज यहीं देंगे। थोड़ा सा इसमें सहयोग करें। हिमाचल प्रदेश में बुजुर्गों की उम्र में इजाफा हुआ है। भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे को बंद करके योजना लाईबुजुर्गों के लिए सरकार आने वाले समय में कुछ न कुछ करेगी। सीएम सुक्खू ने कहा कि भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे को बंद करके योजना लाई है।सबको सुविधाएं होंगी तो हिमाचल समृद्धशाली राज्य बनेगा। सुक्खू ने कहा कि साक्षरता दर में हिमाचल पूरे हिंदुस्तान में पहले नंबर पर आया है।आंवला खाते हैं तो पहले खट्टा लगता है, बाद में मुंह मीठा हो जाता है। सीबीएसई से स्कूलों को जोड़ा गया है। उससे बदलाव आ रहा है। सीएम नेकहा कि पहले मेडिकल कॉलेजों को दुरुस्त किया जाएगा। एम्स की तर्ज पर आईजीएमसी में सुविधाएं दे रहे हैं। पहली रोबोटिक सर्जरी चमियानाअस्पताल में शुरू की गई है। ओल्ड पेंशन स्कीम भी बुजुर्गों के सम्मान के लिए दी गई। सीएम ने कहा कि आने वाले समय में हिमाचल के लोगों केआशीर्वाद की जरूरत है
कांग्रेस ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर हमला, ट्रंप की पाक सेना प्रमुख की तारीफ को बताया भारत के लिए बड़ी चुनौती

कांग्रेस ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से पाकिस्तान के सेना प्रमुखजनरल असीम मुनीर की तारीफ ने भारत की कूटनीति को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पार्टी का कहना है कि अब केवल नारेबाजी, डींगे मारने औरभाषण झाड़ने से काम नहीं चलेगा। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘स्वयंभू विश्वगुरु और उनके चेले अब पूरीतरह बेनकाब हो गए हैं। भारतीय कूटनीति के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हैं, सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि और भी कई देशों के साथ संबंधों मेंदिक्कतें हैं।’ इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने ट्रंप के उस भाषण को साझा किया जिसमें उन्होंने पाकिस्तान आर्मी चीफ आसिम मुनीर की जमकर तारीफकी थी। उन्होंने कहा कि ट्रंप का मुनीर के प्रति आकर्षण अब भी जारी है, जबकि मुनीर के भड़काऊ और सांप्रदायिक बयानों के बाद ही अप्रैल मेंपहलगाम आतंकी हमला हुआ था। तीन महीनों में व्हाइट हाउस में मुनीर से दो बार मुलाकात कीकांग्रेस नेता ने दावा किया कि ट्रंप ने पिछले तीन महीनों में व्हाइट हाउस में मुनीर से दो बार मुलाकात की है। अब ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें अच्छालगा जब फील्ड मार्शल मुनीर ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने 10 मई को भारत-पाकिस्तान के बीच टकराव रोककर लाखों लोगों की जानबचाई। ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि उनके चीफ ऑफ स्टाफ ने मुनीर की इस बात को ‘सबसे खूबसूरत चीज’ बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार कोएक बार फिर यह दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान जैसे परमाणु संपन्न देशों के बीच बड़े टकराव को खत्म किया। वर्जीनिया के क्वांटिकोमें सैन्य अधिकारियों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘मैंने अपने कार्यकाल के नौ महीनों में सात युद्ध खत्म कर दिए। कल शायद मैंने अब तक का सबसेबड़ा विवाद सुलझा लिया। भारत और पाकिस्तान का विवाद बहुत बड़ा था और मैंने उसे रोक दिया।’ कांग्रेस का कहना है कि ट्रंप की इन टिप्पणियोंऔर पाकिस्तान सेना प्रमुख की मौजूदगी में हुई इन मुलाकातों से साफ है कि मोदी सरकार की विदेश नीति केवल प्रचार तक सीमित रही है और असलकूटनीतिक मोर्चे पर भारत की साख कमजोर पड़ रही है।
दिल्ली में अपराध की भयावह वृद्धि, बीजेपी के केंद्रीय शासन की नाकामी उजागर , एनसीआरबी 2023 रिपोर्ट में हुआ खुलासा आप नेता कुलदीप कुमार ने लगाये गंभीर गंभीर आरोप

दिल्ली में बदहाल कानून व्यवस्था की पोल बीजेपी की केंद्र सरकार की ही एजेंसी एनसीआरबी ने खोल कर रख दी है। एनसीआरबी की 2023 कीरिपोर्ट से साफ है कि बीजेपी के राज में सिर्फ अपराध का विकास हो रहा है। इसलिए अपराध के मामले दिल्ली देश भर में टॉप पर पहुंच गई है। येरिपोर्ट बता रही है कि 2023 में दिल्ली में एक फीसद बढ़ा अपराध है और साल भर में कुल 3.23 लाख केस दर्ज हुए है। अपराध ऐसे ही बढ़ता रहातो, 2025 में सारे रिकॉर्ड टूटने के आसार हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस न सिर्फ अपराध रोकने में फेल है, बल्कि चार्जशीट दाखिल करने में भी देशभर मेंफिसड्डी है। जब से अमित शाह देश के गृहमंत्री बने हैं, दिल्ली अपराधियों का अड्डा बन गई है, रोज हत्या-लूट हो रही है। मंगलवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेसवार्ता कर वरिष्ठ नेता और विधायक कुलदीप कुमार ने ये बातें कहीं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथ में कुलदीप कुमार ने कहा किदिल्ली की कानून व्यवस्था केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथ में है। उनके गृहमंत्री रहते दिल्ली में हर दिन चाकूबाजी, लूट, बलात्कार और छेड़छाड़की खबरें आ रही हैं। आज दिल्ली में बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। सुबह पार्क में टहलने वाले बुजुर्ग डरते हैं। लाखों बच्चे स्कूल जाते हैं, लेकिन माता-पिता को बम धमकी की खबर मिलती है। जब बच्चा स्कूल में हो और बम से स्कूल उड़ाने की धमकी आए तो एक पेरेंट्स पर क्या गुजरती होगी? बड़ेप्राइवेट स्कूलों को बार-बार बम धमकियां मिल रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार का खुफिया तंत्र स्रोत नहीं बता पा रहा।कुलदीप कुमार ने हालिया घटनाओं का जिक्र किया और कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट तक को ईमेल से बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बादपूरा परिसर खाली कराया गया। दिल्ली वालों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। चार इंजन वाली सरकार अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी कोगालियां देने, फोटो खिंचवाने, रील बनाने और झूठे प्रचार में लगी है। उधर एलजी साहब भी लापता हैं, अब उनका कोई बयान नहीं आता। फीसद केसों की बढ़ोतरीकुलदीप कुमार ने एनसीआरबी 2023 डेटा का हवाला देते हुए कहा कि एक फीसद केसों की बढ़ोतरी के साथ दिल्ली अपराध के मामलों में शीर्ष परआ चुका है। डेटा के अनुसार, 2022 में दिल्ली में 2.98 लाख अपराध के मामले दर्ज हुए, जबकि 2023 में यही संख्या बढ़कर 3.23 लाख हो गई।वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध में भी दिल्ली शीर्ष पर पहुंच गया है। आलम यह है कि दिल्ली हर तरह के अपराध में शीर्ष पर है, लेकिन दिल्लीपुलिस चार्जशीट दाखिल करने के मामले में सबसे निचले पायदान पर है। इसलिए अपहरण, हत्याएं बढ़ रही हैं। कुलदीप कुमार ने पूर्व “आप” सरकारकी तुलना की, जहां अरविंद केजरीवाल ने शिक्षा में रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार में सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे पूरे देश मेंसुर्खियां बटोरी, लेकिन भाजपा राज में अपराध सुर्खियां बटोर रहा है। 11 साल से केंद्र में बीजेपी की सरकार हैं, दिल्ली की जिम्मेदारी केंद्रीय गृहमंत्रीके अधीन है। भाजपा के पास केंद्र, उपराज्यपाल, एमसीडी और डीडीए है। दिल्लीवासियों ने भाजपा को चुनकर यह चार इंजन वाली सरकार दी, इसके बावजूद दिल्ली सुरक्षित नहीं है, क्योंकि अपराधी भाजपा के संरक्षण में पल रहे हैं।
भाजपा में पवन सिंह की फिर से वापसी? कुशवाहा के साथ मुलाकात के बाद गरमाई सियासत

भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह ने मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े से मुलाकात की सांसद उपेंद्र कुशवाहा के आवासपर हुई इस बैठक की कई तस्वीरें वायरल हो रही हैं तावड़े ने बैठक के बाद कहा कि पवन जी भाजपा में ही हैं आदरणीय उपेंद्र कुशवाहा जी ने उन्हेंशुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया है आने वाले दिनों में पवन जी सक्रियता से एनडीए के लिए काम करेंगे, भाजपा के कार्यकर्ता के तौर पर.गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही भाजपा नेता आरके सिंह ने कहा था कि पवन सिंह को पहले भाजपा से टिकट दिया गया था, फिर चुनाव लड़ने सेमना कर दिया गया और कहीं और से भी टिकट नहीं मिला यह सुनकर थोड़ा दर्द हुआ. तृणमूल कांग्रेस ने शत्रुघ्न सिन्हा क उम्मीदवार बनायाइसलिए मेरा मानना है कि पवन सिंह को फिर से भाजपा में शामिल हो जाना चाहिए। आरके सिंह के इस बयान के बाद से यह अटकलें थीं कि पवनसिंह भाजपा से पूरी तरह से नाता तोड़ चुके हैं हालांकि, अब तावड़े के बयान ने एक बार फिर पवन सिंह को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दियाबीते साल हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पवन सिंह को आसनसोल सीट से उम्मीदवार बनाया था हालांकि, पवन सिंह ने अगले ही दिन इस सीट सेचुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस ने शत्रुघ्न सिन्हा क उम्मीदवार बनाया था पवन सिंह के नाम वापस लेने के बाद उनकीभाजपा से दूरियां बनना शुरू हो गई थीं हालांकि, इसमें अगला पड़ाव तब आया, जब भोजपुरी स्टार ने काराकाट सीट से निर्दलीय ही ताल ठोंकने काएलान कर दिया. मुलाकात के बाद चर्चाओं का बाजार गर्मइस सीट पर एनडीए पहले ही उपेंद्र कुशवाहा का नाम तय कर चुकी थी इसके बाद भाजपा ने पवन सिंह को निष्कासित कर दिया था. हालांकि, पवनसिंह के काराकाट से लड़ने का असर यह रहा कि वोट बंटने से लोकसभा चुनाव में कुशवाहा की हार हुई इसके बाद एनडीए में दरार की स्थिति पैदा होगई थी बताया जाता है कि कुशवाहा समाज में भी भाजपा को लेकर नाराजगी थी ऐसे में भाजपा विधानसभा चुनाव से पहले इस नाराजगी को खत्मकरने की तैयारी कर रही थी. बीते साल भाजपा ने पवन सिंह को निष्कासित कर दिया था अब बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा औरराष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख से मुलाकात के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया.
वरिष्ठ भाजपा नेता प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा का 94 वर्ष की आयु में निधन जनसंघ से लेकर भाजपा तक की यात्रा के थे साक्षी

दिल्ली भाजपा के प्रथम अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा का 30 सितंबर 2025 को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया एम्स दिल्लीमें इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम साँस ली जनसंघ काल से लेकर भाजपा के उदय तक, प्रो. मल्होत्रा भाजपा और दिल्ली की राजनीति का अहमकिरदार रहे. अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे दिग्गजों के साथ उनका नाता गहरा था संगठन विस्तार करना हो या बात वैचारिकप्रतिबद्धता की हो, वह अटल-आडवाणी युग के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ बने रहे. वे पांच बार सांसद और दो बार विधायक चुने गए, तथा लोकसभा मेंभाजपा संसदीय दल के उपनेता के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई. मल्होत्रा जी की राजनीतिक शुरुआत 1960 के दशक में भारतीय जनसंघ सेहुई, जब उन्होंने दिल्ली में संघ की विचारधारा को जमीनी स्तर पर फैलाया वे वह आरएसएस छोड़कर जनसंघ में शामिल हुए, जहां वाजपेयी कीकाव्यात्मक दृष्टि और आडवाणी की संगठनात्मक कुशलता के बीच एक मजबूत स्तंभ बने. सार्वजनिक लेखा समिति के अध्यक्ष भी रहेएक यादगार घटना 1960-70 के दशक की है, जब दिल्ली मेट्रोपोलिटन कौंसिल से जुड़े मल्होत्रा जी के सरकारी बंगले में आडवाणी जी फ्रंट ऑफिसमें बैठते थे उनके घर पर हुई एक महत्वपूर्ण मीटिंग में केदारनाथ साहनी और मदनलाल खुराना के साथ डीएमसी एल्डरमैन की लिस्ट तैयार की गई, जिसने आडवाणी के राजनीतिक उदय की नींव रखी. 1980 में भाजपा के गठन में वे संस्थापक सदस्य थे और दिल्ली इकाई के पहले अध्यक्ष बने।राम जन्मभूमि आंदोलन में आडवाणी के नेतृत्व में सक्रिय योगदान दिया, जबकि वाजपेयी सरकार में राष्ट्रीय एकता और विकास योजनाओं में सहयोगकिया युवा अवस्था में तीनों ने घंटों चर्चा, फिल्म देखना, चाट खाना और होली मनाने जैसे सामाजिक पल साझा किए लोकसभा में उपनेता के रूप मेंउन्होंने भाजपा की विपक्षी भूमिका को प्रभावी बनाया, विशेषकर 2004 के बाद, जहां सार्वजनिक लेखा समिति के अध्यक्ष भी रहे. राष्ट्रीय एकता और विकास योजनाओं में सहयोगराजनीति के अतिरिक्त, मल्होत्रा जी हिंदी साहित्य में पीएचडी धारक थे और दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़कर युवाओं को प्रेरित किया खेल प्रशासन मेंउनका योगदान अविस्मरणीय रहा इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में 1974 के एशियाई खेलों में भारतीय दल का नेतृत्वकिया, तथा आर्चरी और चेस फेडरेशन को मजबूत बनाया. सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार के रूप में उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल को बढ़ावादिया, जिससे लाखों युवाओं को दिशा मिली. प्रो. मल्होत्रा जी का निधन हमें याद दिलाता है कि सच्ची विरासत संगठन निर्माण, वैचारिक संघर्ष औरसामाजिक दायित्वों में निहित होती है वाजपेयी-आडवाणी की त्रयी में वे एक अनमोल कड़ी थे, जिनकी सादगी और समर्पण की मिसाल दी जाती रहेगी.1980 में भाजपा के गठन में वे संस्थापक सदस्य थे और दिल्ली इकाई के पहले अध्यक्ष बने राम जन्मभूमि आंदोलन में आडवाणी के नेतृत्व में सक्रिययोगदान दिया, जबकि वाजपेयी सरकार में राष्ट्रीय एकता और विकास योजनाओं में सहयोग किया.
भारत से तीसरी हार के बाद बवाल, पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी पर फूटा पाकिस्तान का गुस्सा

एशिया कप 2025 में भारत के हाथों लगातार तीसरी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी को सोशल मीडिया परतीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है रविवार को खेले गए फाइनल में पाकिस्तान भारत से हार गया, जिसके बाद भारतीय खिलाड़ियों नेनकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया यह घटना एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) के अध्यक्ष होने के बावजूद उनके लिए शर्मनाक साबित हुईसोशल मीडिया पर कई फैन्स नेनकवी को तुरंत हटाने की मांग उठाई और असली प्रतिभाओं को वापस टीम में लाने की अपील की. पाकिस्तानतहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के वरिष्ठ नेता मूनिस इलाही ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, ‘अगर प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ में थोड़ी भी हिम्मत है तो उन्हेंमोहसिन नकवी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए इस व्यक्ति ने इतने कम समय में पाकिस्तान क्रिकेट को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है इलाही नेयह भी कहा कि नकवी को हटाना जरूरी है क्योंकि उन्होंने अपने फैसलों से टीम की ताकत कमजोर कर दी है. खिलाड़ियों को चुना इस फैसले से पाकिस्तान की बल्लेबाजी लाइनसिंध के पूर्व राज्यपाल मोहम्मद जुबैर ने भी नकवी पर निशाना साधा उनका आरोप है कि नकवी ने पाकिस्तान के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को टीम से बाहरकर दिया जुबैर ने कहा, ‘नकवी ने पाकिस्तान के सबसे अच्छे बल्लेबाज बाबर आजम और विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को टीम से बाहरकर दिया. उनकी जगह सलमान आगा और हारिस जैसे खिलाड़ियों को चुना इस फैसले से पाकिस्तान की बल्लेबाजी लाइन-अप पूरी तरह बिखर गई. जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी नकवी की तुलना सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से करते हुए कहा, ‘मोहसिन नकवी पाकिस्तान क्रिकेटके साथ वही कर रहे हैं जो सेना प्रमुख देश के साथ कर रहे हैं. मोहसिन नकवी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिएपत्रकार उमर दराज गोंडल ने लिखा कि भारतीय खिलाड़ियों का नकवी से हाथ मिलाने या ट्रॉफी लेने से इनकार करना एक चेतावनी है उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान में क्रिकेट का पतन हो चुका है, ठीक वैसे ही जैसे हॉकी का हुआ था नकवी को सिर्फ ‘बिग बॉस’ की चहेती होने के कारण पीसीबी काअध्यक्ष बनाया गया है जब तक इस तरह की राजनीतिक नियुक्तियां खत्म नहीं होंगी, पाकिस्तान क्रिकेट सुधार नहीं सकता.पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के वरिष्ठ नेता मूनिस इलाही ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, ‘अगर प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ में थोड़ी भी हिम्मतहै तो उन्हें मोहसिन नकवी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए.