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करूर भगदड़ पर सियासी घमासान विजय पर डीएमके का हमला, भाजपा पर स्टालिन का तंज

करूर भगदड़ मामले पर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। अब डीएमके पार्टी ने टीवीके नेता और फिल्म अभिनेता विजय पर तीखा हमला बोला है। डीएमके नेअपने मुखपत्र मुरासोली में प्रकाशित एक लेख में विजय पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, ‘विजय ने जो वीडियो जारी की है, वह उनके अहंकार, पैसे-प्रचार की भूख और सत्ता पाने की चाह को दिखाती है।’दरअसल विजय ने एक वीडियो जारी कर कहा कि सरकार को जो भी कार्रवाई करनी है, उनकेखिलाफ करे, लेकिन उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को छोड़ दे। इसी पर निशाना साधते हुए डीएमके ने कहा कि ‘विजय ने सरकार के दबाव में हीमृतकों के परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया है। क्योंकि सरकार ने 10 लाख रुपये देने की बात कही तो उन्होंने 20 लाखदेने का एलान कर दिया, लेकिन अगर सरकार एक लाख रुपये देती तो विजय दो लाख देने की बात करते।’राज्य का दौरा नहीं किया और न ही कोई फंड जारी कियासीएम स्टालिन ने करूर भगदड़ पर भाजपा द्वारा प्रतिनिधिमंडल गठित करने पर तंज कसा है। सीएम ने भाजपा पर करूर भगदड़ पर राजनीति करने काआरोप लगाया और कहा कि भाजपा को लोगों की चिंताओं के बजाय आगामी चुनाव की चिंता है। रामनाथपुरम जिले में विकास कार्यों का उद्घाटनकरते हुए सीएम स्टालिन ने कहा कि ‘जब तमिलनाडु में तीन बड़ी आपदाएं आईं, जिनसे हजारों लोग प्रभावित हुए, तब केंद्र सरकार की तरफ से किसीने राज्य का दौरा नहीं किया और न ही कोई फंड जारी किया। भाजपा ने तुरंत अपना प्रतिनिधिमंडल भेज दियाअब करूर मामले पर भाजपा ने तुरंत अपना प्रतिनिधिमंडल भेज दिया है, जबकि मणिपुर दंगों, गुजरात की घटना और कुंभ मेले में हुई मौतों की जांच केलिए उन्होंने कोई प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजा। भाजपा को तमिलनाडु के लोगों की चिंता नहीं है, बस उन्हें अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव सेमतलब है।’सीएम ने एआईएडीएमके पर भी निशाना साधा और कहा कि भाजपा राज्य के हितों को नजरअंदाज कर रही है, लेकिन एआईएडीएमकेउनका समर्थन कर रही है। मजबूती से खड़े होने के बजाय एआईएडीएमके भाजपा की गुलामी कर रही है। सीएम स्टालिन ने कहा कि ‘जब तमिलनाडुमें तीन बड़ी आपदाएं आईं, जिनसे हजारों लोग प्रभावित हुए, तब केंद्र सरकार की तरफ से किसी ने राज्य का दौरा नहीं किया और न ही कोई फंड जारीकिया। अब करूर मामले पर भाजपा ने तुरंत अपना प्रतिनिधिमंडल भेज दिया है।’

राहुल गांधी लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन कांग्रेस में है राजशाही” सुधांशु त्रिवेदी का करारा हमला

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय लोकतंत्र पर हमला हो रहा है। त्रिवेदी ने गांधी की लोकतांत्रिक साख पर सवाल उठाते हुए उन्हें ऐसे परिवार कानया मुखिया बताया, जिसने कांग्रेस में लोकतंत्र की आड़ में राजशाही को जिंदा रखा है।सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, पिछले 36 घंटे में देश ने दो प्रकार के दृश्य देखे। एक विगत 100 वर्षों के देश के लिए निरंतर समर्पित राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक उत्थान के लिएअपना प्रतिपल समर्पित करने वाले विश्व के सबसे बड़े संगठन आरएसएस के शताब्दी पूर्ण होना और उस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एकऐसा सिक्का जारी होना जिसमें संभवतः पहली बार भारत के किसी मुद्रा पर मां भारती का चित्र है। भारत विरोधी बयान की एक लंबी सूचीइन्हीं 24 घंटे में देश ने दूसरा दृश्य देखा कि 140 वर्ष पुरानी पार्टी, 100 वर्ष से जिस पर एक ही परिवार का वर्चस्व है उस पार्टी के पतन और सत्ताछूटने की बदहवासी ने उनके खानदान के बरखुरदार ने एक और ऐसा बयान दिया है जिसमें कुछ भी आश्चर्यजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधीकी विदेशी यात्रा में भारत विरोधी बयान की एक लंबी सूची है। उन्होंने कहा, राहुल गांधी में ऐसी कौन सी प्रतिभा है, जिसके लिए उन्हें विदेशविश्वविद्यालय बुलाते हैं? उन्होंने कहा कि कांग्रेस में एक से एक बुद्धिमान लोग हैं, उन्हें क्यों नहीं बुलाया जाता? कांग्रेस में पी. चिदंबरम, अभिषेक मनुसिंघवी, शशि थरूर, मनीष तिवारी जैसे बुद्धिमान और अपने-अपने विषय में विशेषज्ञ लोग मौजूद हैं। न तो जयराम रमेश और न ही सैम पित्रोदा, जोविदेश में रहते हैं और बुद्धिजीवी माने जाते हैं, उनको कभी नहीं बुलाया जाता। लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला होने की बात कहीविदेशी विश्वविद्यालय सिर्फ राहुल गांधी को ही क्यों आमंत्रित करते हैं? सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, राहुल गांधी को भारत में किसी भी विश्वविद्याल में नहींबुलाया जाता है। यहां तक कि 2004 से 2014 तक जब कांग्रेस केंद्र में सत्ता में थी, तब भी उन्हें नहीं बुलाया गया। सवाल ये है कि भारत के बाहर हीउनको क्यों बुलाया जाता है। ये अपने आप में यक्ष प्रश्न है।उन्होंने इंडिया ब्लॉक पार्टियों की भी आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी काविरोध करने की मानसिकता इतनी प्रबल हो गई है कि सच्चाई नजर ही नहीं आती। भाजपा नेता ने कहा, जिनकी आंखों में ‘मोदी-ए-बिंदु’ है, उन्हें देशमें हो रहा निर्माण दिखाई नहीं दे रहा है।कोलंबिया में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला होने की बात कही, जिसकेबाद भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है।

महात्मा गांधी की 156वीं जयंती पर राष्ट्र ने किया नमन, राजघाट पर पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू, राहुल गांधी समेत नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि

आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जयंती है इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, विपक्ष केनेता राहुल गांधी समेत तमाम नेता राजघाट पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी प्रतिमा को नमन किया और पुष्प अर्पित किए.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता के आदर्शों ने मानव इतिहासकी दिशा को बदल दिया और आज भी भारत के विकास की दिशा तय कर रहे हैं प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि गांधीजीने दिखाया कि साहस और सादगी बड़े बदलाव के उपकरण बन सकते हैं. उन्होंने सेवा और करुणा की शक्ति में विश्वास रखा, जो लोगों को सशक्तबनाने का मूल आधार है उन्होंने कहा, गांधी जयंती प्यारे बापू के असाधारण जीवन को श्रद्धांजलि अर्पित करने का दिन है, जिनके आदर्शों ने मानवइतिहास का मार्ग बदल दिया उन्होंने दिखाया कि साहस और सादगी कैसे बड़े बदलाव ला सकते हैं। वह सेवा और करुणा को लोगों को सशक्त बनानेके जरूरी माध्यम मानते थे। हम उनका रास्ता अपनाकर विकसित भारत के निर्माण की ओर बढ़ेंगे। दो अक्तूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में जन्मेमोहनदास करमचंद गांधी अहिंसा और सत्याग्रह के प्रवर्तक थे। उनके विचारों ने लाखों भारतीयों को ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में भागलेने के लिए प्रेरित किया। सशक्त व समृद्ध भारत का निर्माण करके गांधी जी के सपनों को साकार करेंगे30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली में गांधी स्मृति स्थल पर नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी। भारत की स्वतंत्रता के कुछ महीनेबाद यह घटना हुई। उनका जीवन और बलिदान दुनियाभर में शांति और मानव गरिमा का प्रतीक बना हुआ है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपतिसीपी राधाकृष्णन ने भी महात्मा गांधी की जयंती पर राजघाट पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे पहले गांधी जयंती के मौके पर राष्ट्रपति ने अपनेसंदेश में कहा, गांधी जयंती हम सभी के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्शों और जीवन मूल्यों के प्रति स्वयं को पुनः समर्पित करने का अवसर है।गांधीजी ने विश्व को शांति, सहिष्णुता और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया जो संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा स्रोत है। वह आजीवनअस्पृश्यता, निरक्षरता, नशाखोरी और अन्य सामाजिक बुराइयों को मिटाने के लिए संघर्ष करते रहे। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प से समाज के कमजोर सेकमजोर व्यक्ति को संबल और शक्ति प्रदान की।राष्ट्रपति ने कहा, नैतिकता और सदाचार में उनका अटूट विश्वास था जिसका उन्होंने आजीवन पालनकिया और जन समुदाय को भी उस मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। एक स्वावलंबी, आत्मनिर्भर और शिक्षित भारत के निर्माण के लिए उन्होंनेचरखा चलाकर आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। अपने आचरण एवं उपदेशों के माध्यम से वे सदैव श्रम की गरिमा को प्रतिष्ठित करते रहे। उनके जीवन-मूल्य आज भी प्रासंगिक हैं और भविष्य में भी बने रहेंगे। आइए, गांधी जयंती के इस शुभ अवसर पर हम सब यह संकल्प लें कि हम सत्य और अहिंसाके मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र के कल्याण और प्रगति के लिए समर्पित रहेंगे और एक स्वच्छ, समर्थ, सशक्त व समृद्ध भारत का निर्माण करके गांधी जी केसपनों को साकार करेंगे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती पर उन्हें सादर नमनउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, आज दो अक्तूबर है, राष्ट्रपति महात्मा गांधी की जयंती है। यह पूरी दुनिया के लिए शोध औरजिज्ञासा का विषय रहा है कि क्या केवल सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही स्वतंत्रता प्राप्त की जा सकती है। लेकिन भारत ने यह कर दिखाया।इतना ही नहीं, स्वदेशी का भी आजादी की लड़ाई में बहुत बड़ा योगदान रहा… भारत की आजादी की लड़ाई ने दिखाया कि सत्य, अहिंसा और स्वदेशीके सहारे भी सदियों की गुलामी से आजादी मिल सकती है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गांधी जयंती के अवसर पर शासन सचिवालय मेंस्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी राजघाट पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किएऔर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अपनी एक्स पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, सत्य, अहिंसा और सौहार्द के सिद्धांतों से भारत को एकजुट करने वाले बापू केआदर्श हमें नफरत के सामने शांति, भाईचारे, सच्चाई और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती परउन्हें सादर नमन।

एलन मस्क बने दुनिया के पहले 500 अरब डॉलर की संपत्ति वाले व्यक्ति, टेस्ला-एक्सएआई और स्पेस एक्स की उछाल ने रचा इतिहास

टेस्ला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क बुधवार को दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति बन गए हैं, जिनकी कुल संपत्ति 500 अरब डॉलरतक पहुंच गई। यह उपलब्धि उन्हें टेस्ला के शेयरों में तेजी और उनकी दूसरी टेक कंपनियों के तेजी से बढ़ते मूल्यांकन की वजह से मिली। फोर्ब्स केअरबपतियों की सूची के अनुसार, बुधवार शाम सवा चार बजे (पश्चिमी समयानुसार) तक मस्क की संपत्ति 500.1 अरब डॉलर थी।मस्क की संपत्ति का बड़ा हिस्सा टेस्ला से जुड़ा है। 15 सितंबर तक मस्क के पास टेस्ला में 12.4 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी थी। टेस्ला के शेयर इससाल अब तक 14 फीसदी से ज्यादा बढ़े हैं और बुधवार को इसमें 3.3 फीसदी की और तेजी आई, जिससे मस्क की संपत्ति में एक दिन में छह अरबडॉलर से ज्यादा का इजाफा हुआ। साल की शुरुआत में टेस्ला के शेयरों में गिरावट देखी गई थी। लेकिन अब उनमें फिर से मजबूती आई है। निवेशकोंका भरोसा तब और बढ़ा, जब मस्क ने फिर से अपने कारोबार की ओर ध्यान देना शुरू किया है। शेयर सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में से एक रहेटेस्ला के निदेशक मंडल की अध्यक्ष रॉबिन डेनहोल्म ने पिछले महीने कहा था कि मस्क अब कंपनी में फिर से पूरी तरह से सक्रिय हो चुके हैं। इससेपहले वह कुछ महीनों तक व्हाइट हाउस से जुड़े कामों में व्यस्त थे। इसके कुछ ही दिन बाद मस्क ने करीब एक अरब डॉलर के टेस्ला शेयर खरीदने कीजानकारी दी, जो टेस्ला के भविष्य को लेकर उनके मजबूत भरोसे को दिखाता है। कंपनी अब पारंपरिक कार निर्माता से आगे बढ़कर एआई औररोबोटिक्स की दुनिया में बड़ी ताकत बनने की दिशा में काम कर रही है।हालांकि, कारों की घटती बिक्री और लगातार मुनाफे पर दबाव की वजह सेटेस्ला के शेयरों को नुकसान हुआ है। इसी कारण ‘मैग्निफिसेंट सेवन’ कहे जाने वाले बड़ी टेक कंपनियों के समूह में इसके शेयर सबसे कमजोर प्रदर्शनकरने वाले शेयरों में से एक रहे हैं। वित्तीय और ऑपरेशनल लक्ष्य तय किए गएटेस्ला के निदेशक मंडल ने पिछले महीने एलन मस्क के लिए एक ट्रिलियन डॉलर (लगभग 83 लाख करोड़ रुपये) की मुआवजा योजना प्रस्तावितकिया था। इस योजना में मस्क के लिए कुछ बड़े वित्तीय और ऑपरेशनल लक्ष्य तय किए गए। साथ ही उनकी उस मांग को भी ध्यान में रखा गया है, जिसमें उन्होंने कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी की इच्छा जताई थी।मस्क की एआई कंपनी एक्सएआई और रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स के मूल्यांकन (वैल्यूएशन) में भी इस साल भारी इजाफा हुआ है। पिचबुक के आंकड़ों के अनुसार, एक्स की वैल्यू जुलाई में करीब 75 अरब डॉलर आंकी गई थी। सितंबर मेंसीएनबीसी ने रिपोर्ट में बताया था कि यह कंपनी एक फंडिंग के जरिए 200 अरब डॉलर तक की वैल्यूएशन का लक्ष्य बना रही है। लेकिन मस्क ने उससमय कहा था कि कंपनी कोई पूंजी नहीं जुटा रही है।ब्लूमबर्ग न्यूज ने जुलाई में बताया था कि स्पेसएक्स निवेश जुटाने और कुछ आंतरिक शेयर बेचनेकी योजना पर काम कर रही है, जिससे कंपनी का मूल्यांकन करीब 400 अरब डॉलर तक हो सकता है। फोर्ब्स की सूची में मस्क के बाद दूसरे सबसेअमीर व्यक्ति लैरी एलिसन हैं, जो ओरेकल कंपनी के संस्थापक हैं। बुधवार तक उनकी कुल संपत्ति करीब 350.7 अरब डॉलर थी।

टीम इंडिया की नई जर्सी में एंट्री अपोलो टायर्स की, 579 करोड़ की डील के साथ बना नया किट स्पॉन्सर

भारत और वेस्टइंडीज के बीच टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया नई जर्सी में नजर आई। अभ्यास सत्र के दौरान भारतीय खिलाड़ी और टॉस के दौरान भारतीयकप्तान ‘अपोलो टायर्स’ लिखी हुई जर्सी में दिखे। जर्सी के बीच में अपोलो टायर्स का लोगो प्रमुखता से देखा गया। बीसीसीआई ने हाल ही में अपोलोटायर्स को आधिकारिक किट स्पॉन्सर के रूप में पेश किया है। हालांकि, भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने इस पर चुटकी भी ली। इससे पहले कई बड़ीकंपनियों के नाम भारतीय टीम की जर्सी पर दिखाई दे चुके हैं। अपोलो टायर्स से पहले ड्रीम-11 भारत का जर्सी स्पॉनसर था।टीम इंडिया की नई जर्सी लॉन्च होते ही पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने मजाकिया अंदाज में चुटकी ली। उन्होंने कहा, ‘उम्मीद है यह जर्सी लंबा टिकेगी।’ शास्त्री का यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। माना जा रहा है कि यह तंज उन कंपनियों पर था जिनका जर्सी स्पॉन्सरशिप कासफर ज्यादा लंबा नहीं चला। ओप्पो से लेकर ड्रीम-11 तक, कोई भी ज्यादा समय तक भारतीय किट स्पॉनसर के रूप में नहीं रह सका। अपोलो टायर्स के बीच ढाई साल की अवधि के लिए करारयानी ज्यादातर कंपनियां करार का समय पूरा होने से पहले ही या तो हट गईं, या फिर किसी और को स्पॉनसशिप बेच दी। इनमें से ज्यादातर कंपनियोंकी तो हालत भी खराब हो गई। बायजू की स्थिति खराब है, जबकि ओप्पो का मार्केट भी डाउन हुआ था। ड्रीम-11 पर भी असर पड़ने की संभावना है।सहारा की भी हालत खराब हो चुकी है। ड्रीम11 के बाहर होने के बाद अपोलो टायर्स भारतीय क्रिकेट टीम का नया प्रायोजक बना है। बीसीसीआईऔर अपोलो टायर्स के बीच ढाई साल की अवधि के लिए करार हुआ है, जो मार्च 2028 में समाप्त होगा। इस डील के तहत, अपोलो टायर्स कालोगो सभी प्रारूपों में भारतीय पुरुष और महिला राष्ट्रीय टीमों की जर्सी पर दिखाई देगा। यह करार 579 करोड़ रुपये का है, जो ड्रीम-11 के 358 करोड़ रुपये के समझौते से कहीं ज्यादा है। इस टायर्स मेजर के साथ डील में 121 द्विपक्षीय मैच और 21 आईसीसी मैच शामिल हैं।बीसीसीआई ने ड्रीम11 के साथ अपना अनुबंध को खत्म कर दिया था। ड्रीम11 से यह अनुबंध इसलिए समाप्त किया गया क्योंकि यह एक बेटिंग-संबंधित एप है, जिस पर हाल ही में बैन लगा दिया गया। टेस्ट सीरीज में जीत के इरादे से मैदान में उतरेगीइस वजह से 358 करोड़ रुपये का करार समय से पहले ही खत्म हो गया था। यह करार 2023 में तीन साल की अवधि के लिए हुआ था। हाल ही मेंपारित ‘ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025’ के कारण ड्रीम-11 ने अनुबंध से बाहर निकलने का फैसला किया। ड्रीम-11 ने 2023 में बायजू (Byju’s) कीजगह ली थी।दो सितंबर को बीसीसीआई ने भारतीय टीम के मुख्य प्रायोजक अधिकारों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे और बोली प्रक्रिया 14 सितंबर को हुई। बीसीसीआई ने नियम बताते हुए कहा था कि गेमिंग, सट्टेबाजी, क्रिप्टो और तंबाकू ब्रांडों को बोली प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमतिनहीं होगी।आने वाले समय में भारत के व्यस्त अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर को देखते हुए इस साझेदारी से अपोलो टायर्स को वैश्विक स्तर पर बड़ीपहचान मिलेगी। यह करार हाल के वर्षों में भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े और सबसे फायदेमंद स्पॉन्सरशिप कॉन्ट्रैक्ट्स में से एक माना जा रहा है।नई जर्सी में उतरी भारतीय टीम अब वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जीत के इरादे से मैदान में उतरेगी। कप्तान शुभमन गिल ने साफ कहा है किवह घर पर हर टेस्ट मैच जीतना चाहते हैं और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के फाइनल के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहते हैं।

आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर बोले अमित शाह ‘त्याग और समर्पण से बना विश्व का सबसे बड़ा संगठन’, जेपी नड्डा ने बताया राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर कहा कि संगठन के कार्यकर्ता हमेशा सभी सुख-सुविधाओं का त्याग कर राष्ट्रकी सेवा और सुरक्षा के लिए समर्पित रहे हैं। शाह ने स्वयं को गौरवान्वित स्वयंसेवक बताते हुए कहा कि आरएसएस ने अपने 100 वर्षों में शीर्ष नेतृत्वसे लेकर जमीनी स्तर तक के कार्यकर्ताओं तक कई व्यक्तित्वों को आकार दिया है।अमित शाह ने एक्स पर लिखा, विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन’राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ की शताब्दी वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। संघ शताब्दी की इस विशाल यात्रा में मां भारती की सेवा, सुरक्षा और संवेदना केलिए अपना सर्वस्व अर्पण कर देने वाले आरएसएस के सभी साधकों को नमन करता हूं।सभी सुख-वैभव को त्यागकर एक स्वयंसेवक और प्रचारक केरूप में पूरा जीवन राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित कर देना आसान नहीं है। 100 वर्षों में संघ के असंख्य स्वयंसेवकों और प्रचारकों ने त्याग और समर्पण सेइसे सिद्ध कर दिखाया है। परम पूज्य हेडगेवार जी के नेतृत्व में वर्ष 1925 में नागपुर में विजयादशमी के दिन कुछ लोगों के साथ शुरू हुआ संघ आजव्यक्ति से लेकर राष्ट्र के प्रति समर्पण और संगठन कौशल के दम पर दुनिया का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन बन गया है। मुझे गर्व है कि मैं भी एकस्वयंसेवक हूं।इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखीउन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पदों पर आसीन नेताओं से लेकर जमीनी कार्यकर्ताओं तक, संघ शताब्दी की ऐतिहासिक यात्रा ने अनेक ऐसे व्यक्तित्वगढ़े हैं, जिनके जीवन का लक्ष्य ही राष्ट्रनिर्माण रहा। हैदराबाद मुक्ति संग्राम हो, आपातकाल का प्रतिकार हो, गोवा मुक्ति आन्दोलन हो, युद्धों में वीरजवानों की सहायता हो, धारा 370 का विरोध हो, पूर्वोत्तर में घुसपैठिया विरोधी आंदोलन हो, स्वयंसेवकों ने राष्ट्रनिर्माण के कार्यों को त्याग औरसमर्पण से नई ऊंचाई दी है। मरुभूमि हो या बीहड़ जंगल, हिमालय की दुर्गम चोटियां हों या सुदूर देहात, संघ ने हर जगह ‘महामंगले पुण्यभूमे’ के प्रतिनिष्ठा और सेवा का ध्वज लहराया। वनवासियों, पिछड़ों, दलितों, वंचितों और देश के सभी वर्गों को एकता के सूत्र में पिरोकर, आत्मगौरव से युक्त राष्ट्रकी संकल्पना में अहर्निश योगदान देने वाली संघ शताब्दी की यह यात्रा इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जाएगी। प्रेरणा देकर राष्ट्रनिर्माण में अद्वितीय योगदानभारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने युवाओं को जीवन का हर क्षणमातृभूमि की सेवा के लिए समर्पित करने की प्रेरणा देकर राष्ट्रनिर्माण में अनूठा योगदान दिया है।जेपी नड्डा ने एक्स पर लिखा कि सेवा, अनुशासन औरराष्ट्रीय विचारों के प्रबल संवाहक, विश्व के सबसे बड़े सामाजिक व सांस्कृतिक संगठन ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ के शताब्दी वर्ष की कोटि: स्वयंसेवकोंको हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के इस संकल्प को लेकर 100 साल तक मां भारती की सेवा का लक्ष्यलेकर असंख्य स्वयंसेवकों ने मातृभूमि के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। नड्डा ने आगे कहा, समाज में राष्ट्रीय विचारों का प्रसार करसमर्थ व अखण्ड भारत निर्माण के दिव्य ध्येय के साथ लोगों को जोड़ता यह संगठन असंख्य नागरिकों के लिए प्रेरणा का केंद्र है। विगत 100 वर्षों सेमातृभूमि की सेवा और स्वाभिमान के लिए युवाओं को अपने कण-कण व क्षण-क्षण के समर्पण की प्रेरणा देकर राष्ट्रनिर्माण में अद्वितीय योगदानप्रणम्य है।

14 साल बाद भारत लौटेंगे लियोनल मेसी, कोलकाता से शुरू होगी यात्रा देश भर में फैंस के लिए फुटबॉल महोत्सव

अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनल मेसी ने गुरुवार को भारत दौरे की पुष्टि कर दी है। उन्होंने इसके लिए उत्सुकता जताई है और कहा है कि एक ऐसेदेश में खेलना जहां फुटबॉल को लेकर काफी जुनून है, ये उनके लिए सम्मान की बात है। मेसी 14 साल पहले भारत दौरे पर आए थे और उस दौरानउन्होंने एक दोस्ताना मुकाबले में हिस्सा लिया था। मेसी ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा, ‘इस दौरे पर आना मेरे लिए सम्मान की बात है। भारतएक विशेष देश है और 14 साल पहले वहां की मेरी अच्छी यादें हैं। भारत एक जुनूनी फुटबॉल राष्ट्र है और मैं नई पीढ़ी के फैंस से मिलने के लिएउत्साहित हूं।’ आयोजकों ने 15 अगस्त को ही मेसी के कार्यक्रम की घोषणा कर दी थी, लेकिन इस स्टार फुटबॉलर ने पहली बार इस दौरे की पुष्टि कीहै। मेसी अपनी चार शहरों की यात्रा की शुरुआत 13 दिसंबर को कोलकाता से करेंगे, जिसके बाद वह अहमदाबाद, मुंबई और नई दिल्ली जाएंगे। इसयात्रा का समापन 15 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के साथ होगा। अर्जेंटीना का यह सुपरस्टार इस दौरे के दौरान कई कार्यक्रमों मेंशिरकत करेगा। इनमें कॉन्सर्ट, मुलाकात का सत्र, फूड फेस्टिवल, फुटबॉल मास्टरक्लास और यहां तक कि मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम में एक पैडलप्रदर्शनी भी शामिल है। जीओएटी कप में भी शामिल होंगे और कई सितारों से मुलाकातकोलकाता में मेसी का कार्यक्रम सॉल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। यह स्टेडियम दूसरी बार इस दिग्गज की मेजबानी करेगा। जहां वह13 दिसंबर को जीओएटी कॉन्सर्ट और जीओएटी कप का हिस्सा बनेंगे। मेसी के जीओएटी कप में सौरव गांगुली, बाईचुंग भूटिया और लिएंडर पेसजैसे भारतीय खेल नायकों के साथ मैदान साझा करने की उम्मीद है।आयोजक दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान एक 25 फुट ऊंचा भित्ति चित्र का अनावरणकरने की भी योजना बना रहे हैं। इसके साथ ही मेसी की अब तक की सबसे बड़ी मूर्ति का उद्घाटन भी किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के लिए टिकटों कीकीमत 3,500 रुपये से शुरू होने की उम्मीद है। मेसी ने इससे पहले 2011 में सॉल्ट लेक स्टेडियम में वेनेजुएला के खिलाफ फीफा के मैत्री मैच मेंअर्जेंटीना की कप्तानी की थी। इस दौरे के प्रमोटर शतद्रु दत्ता ने बताया कि इस दौरान भारतीय और अर्जेंटीना की संस्कृति का मिश्रण पेश कियाजायेगा। मेसी मुंबई में पैडल जीओएटी कप में भी शामिल होंगे और कई सितारों से मुलाकात करेंगे। आयोजनों में से एक होने की उम्मीदइसमें शाहरुख खान, सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी और अन्य बॉलीवुड सितारे शामिल हो सकते हैं। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व होने कीउम्मीद है, जिसमें मेसी की टीम और स्थानीय अधिकारी दोनों शामिल होंगे। मेसी अपने दिसंबर के कार्यक्रमों की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन अर्जेंटीना कीराष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने नवंबर के फीफा अंतरराष्ट्रीय विंडो के लिए अपने कार्यक्रम में भारत को शामिल किया है।कोच लियोनेल स्कालोनी की यह विश्वचैंपियन टीम 10 से 18 नवंबर के बीच केरल में एक मैत्री मैच खेलने वाली है। इसके लिए हालांकि प्रतिद्वंद्वी और स्थान अभी तय नहीं किए गए हैं।टीम का यह दौरा अगर हुआ तो इसका मतलब हो सकता है कि मेसी दो महीनों के भीतर दो बार भारत आ सकते हैं। राज्य के एक सूत्र ने कहा, यहमहान फुटबॉल खिलाड़ी अगर एक महीने के अंदर दो बार भारत आता है तो मुझे आश्चर्य होगा। यह भी हो सकता है कि अर्जेंटीना की टीम मेसी के बिनाकेरल में खेलने आए।ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और 2022 फीफा विश्व कप विजेता कप्तान मेसी दुनिया भर में सबसे ज्यादा लोकप्रियता वालेफुटबॉल खिलाड़ी है। उनका दिसंबर का दौरा भारत में आयोजित होने वाले सबसे बड़े फुटबॉल-संबंधित आयोजनों में से एक होने की उम्मीद है।

आरएसएस के 100 साल संजय सिंह ने उठाए तीखे सवाल दलित, आदिवासी, पिछड़े और महिलाओं की अनुपस्थिति पर जताई चिंता

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने 100 वर्ष पूरे होने पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक (आरएसएस) से कुछ तीखे, कड़वे और सच्चे सवाल पूछे हैं। उन्होंनेपूछा है कि 100 सालों में 1 भी दलित, पिछड़ा, आदिवासी आरएसएस प्रमुख क्यों नहीं बना? जिन्ना की मुस्लिम लीग के साथ मिलकर तुम्हारेआकाओं ने सरकार क्यों बनाई? आजादी के आंदोलन में क्रांतिकारियों की मुखबिरी क्यों की? संघ के लोगों को अंग्रेजों की सेना में भर्ती क्यों कराया? भारत की आन बान और शान तिरंगे झंडे का विरोध क्यों किया? आरएसएस के मुख्यालय पर 52 साल तक तिरंगा क्यों नहीं फहराया? जो राष्ट्र केनहीं हुए, हम उनके नहीं। संजय सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का नाम सुनकर ऐसा लगता है कि यह पूरे राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन 100 वर्षों की यात्रा में मेरे कुछ सवाल हैं, जो तीखे, कड़वे और सच्चे हैं। उन्होंने पूछा कि 100 वर्षों में देश की 85 फीसद आबादी कीआरएसएस में हिस्सेदारी क्यों नहीं हुई? एक भी दलित, आदिवासी या पिछड़े वर्ग का व्यक्ति आरएसएस का प्रमुख क्यों नहीं बना? इतना ही नहीं, आज तक कोई महिला भी इस संगठन की प्रमुख नहीं बनी? उन्होंने इसे दकियानूसी और संकुचित सोच वाला संगठन बताया, जो संविधान, आरक्षण, दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के खिलाफ है। आरएसएस मनुवादी व्यवस्था, जाति भेदभाव और छूत-अछूत की सोच में विश्वास रखता है। यहसंगठन बाबा साहब डॉ. बीआर अंबेडकर और उनके बनाए संविधान के खिलाफ है। देशवासियों को ऐसे संगठनों से सावधान रहना चाहिए। आरएसएस के योगदान पर भी सवाल उठाएसंजय सिंह ने भारत की आजादी के आंदोलन में आरएसएस के योगदान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आरएसएस की स्थापना 1925 में हुई।जब देश अंग्रेजों की गुलामी में था, तब आरएसएस ने अंग्रेजों का साथ दिया। देशवासियों को आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने पर उसकी यह सच्चाईजाननी चाहिए। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान आरएसएस ने हिंदुस्तानियों को अंग्रेजों की सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित किया और उनका साथ दिया।इतिहास की जांच करने पर पता चलता है कि आरएसएस ने क्रांतिकारियों की मुखबिरी की, भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया और तिरंगे झंडे काभी विरोध किया। यह इतिहास का काला सच है, जिसे आरएसएस कभी इंकार नहीं कर सकता। संजय सिंह ने कहा कि 100 वर्ष पूरे होने परप्रधानमंत्री द्वारा टिकट जारी करने या पाठ्यक्रमों में आरएसएस का इतिहास पढ़ाए जाने की बात हो रही है, जहां केवल आरएसएस की तारीफ होगी, लेकिन आजादी के आंदोलन में देश के साथ गद्दारी की सच्चाई छिपाई जाएगी। उन्होंने देश के लोगों को याद दिलाया कि 52 साल तक आरएसएसने अपने मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया। यह संगठन भेदभाव में विश्वास रखता है। यही वजह है कि आज तक इसका कोई प्रमुख दलित, पिछड़ा, आदिवासी या महिला नहीं बना

भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, दिल्ली ने नम आँखों से दी विदाई

भारतीय जनसंघ, भारतीय जनता पार्टी एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संस्थापक सदस्य एवं दिल्ली के पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद प्रोफेसरविजय कुमार मल्होत्रा का अंतिम संस्कार आज लोधी रोड़ श्मशान घाट पर सम्पन्न हुआ।दिल्ली भाजपा की सह प्रभारी डा. अल्का गुर्जर, दिल्ली की मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता एवं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने आज अपने अंतिमसंयुक्त शोक संदेश में कहा – “हमेशा याद आयेगा संगठन के हर कठिन समय में दिया आपका मार्गदर्शन।दिल्ली में जनसंघ एवं भाजपा दोनों के लिए मजबूत राजनीतिक भूमी तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा का निधनकल मंगलवार 30 सितम्बर की प्रातः इलाज के दौरान एम्स अस्पताल में हुआ था। आज दिल्ली सरकार एवं दिल्ली पुलिस द्वारा दिये गये पूरे राजकीयसम्मान के साथ आज उनका अंतिम संस्कार उनके पुत्र श्री अजय मल्होत्रा ने मुखांगणी देकर सम्पन्न किया और इसी के साथ उनका शरीर पंचतत्व मेंविलीन हो गया। रेखा गुप्ता की उपस्थिती में बिगुल बजालोधी रोड़ श्मशान घाट पर पार्थिव शरीर के पहुंचने पर घोषित राजकीय सम्मान के अंतिम संस्कार की परम्परा अनुसार दिल्ली पुलिस की पलटन नेमुख्य मंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिती में बिगुल बजा कर, पहले बंदूक उल्टी कर फिर हवा में फायर कर दिल्ली के पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद प्रो. विजयकुमार मल्होत्रा को अंतिम सलामी दी।अंतिम संस्कार से पूर्व आज प्रातः 12 बजे से दोपहर 3 बजे तक कार्यकर्ताओं के दर्शन हेतू प्रो. विजय कुमारमल्होत्रा का पार्थिव शरीर दिल्ली भाजपा के 14 पंत मार्ग स्थित कार्यालय के सभाकक्ष में रखा गया। दिल्ली के अलग अलग कोनों से आये हजारोंकार्यकर्ताओं के साथ ही प्रबुद्ध नागरिकों एवं खेल संस्थाओं के पदाधिकारियों ने आल इंडिया स्पोर्ट्स काउंसिल के भी दो बार अध्यक्ष रहे प्रो. विजयकुमार मल्होत्रा को अंतिम श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्मशान घाट पर मुख्य मंत्री के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा, केन्द्रीय राज्य मंत्री हर्षमल्होत्रा, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह एवं आशीष सूद, सांसद मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी, श्री कमलजीत सहरावत एवं सुश्रीबाँसुरी स्वराज, विधायक श्री नीरज बसोया, श्री अनिल शर्मा आदि, डी.डी.ए. सदस्य श्री राजीव बब्बर के अलावा अनेक प्रदेश एवं जिला भाजपापदधिकारियों के साथ ही खेल संस्थाओं से जुड़े सरदार तरोचलन सिंह एवं श्री ललित भनोट प्रमुख थे। मंडल स्तर के हजारों कार्यकर्ताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किएपंत मार्ग स्थित भाजपा कार्यालय सभाकक्ष में पार्थिव शरीर रखे जाने के दौरान जिला एवं मंडल स्तर के हजारों कार्यकर्ताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।प्रदेश कार्यालय में श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में प्रमुख थे विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अलोक कुमार एडवोकेट, भाजपा के राष्ट्रीयसंगठन महामंत्री श्री बी.एल. संतोष, सह संगठन महामंत्री श्री शिव प्रकाश राष्ट्रीय संगठक श्री वी. सतीश, संघ परिवार प्रतिनिधि श्री दयानंद जी, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री अरूण सिंह, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा, मुख्य मंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, दिल्ली सरकार के मंत्री श्री प्रवेशसाहिब सिंह, श्री आशीष सूद, सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा एवं श्री रविन्द्र इन्द्रराज, सांसद श्रीमती कमलजीत सहरावत एवं सुश्री बाँसुरी स्वराज, महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह, वरिष्ठ नेता डा. हर्षवर्धन एवं श्री राजवरधन सिंह राठौर, प्रदेश महामंत्री श्री विष्णु मित्तल, उपाध्यक्ष श्री दिनेशप्रताप सिंह एवं श्रीमती योगिता सिंह, मीडिया प्रमुख श्री प्रवीण शंकर कपूर, कार्यालय मंत्री श्री बृजेश राय एवं श्री अमित गुप्ता सहित अनेक मुख्यप्रदेश, मोर्चों, प्रकोष्ठों एवं जिलों के पदाधिकारियों के आलावा विधायक श्री राजकुमार भाटिया, श्री गजेन्द्र यादव एवं श्री हरीश खुराना और अनेकनिगम पार्षद आदि।

जेल में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर हमला, परिवार ने बताई साजिश; सुरक्षा बढ़ाने की मांग

पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति पर हुए हमले के बाद उनके परिवार ने बुधवार को उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। साथ ही परिवार ने हमले कोएक साजिश का हिस्सा बताया है। पूर्व मंत्री पर मंगलवार को लखनऊ जिला जेल में हमला हुआ था, हमले में उनके सिर पर चोट आई थी।अस्पताल से निकलते समय प्रजापति ने बताया कि उन पर एक सजायाफ्ता कैदी विश्वास ने चाकू से हमला किया। उनकी बेटी अंकिता प्रजापति नेकहा कि उनके पिता पिछले आठ वर्षों से एक ऐसे अपराध (सामूहिक दुष्कर्म) के लिए जेल में हैं जो उन्होंने कभी किया ही नहीं। आरोपी (महिला) कामेडिकल नहीं कराया गया और पिता को आजीवन कारावास की सजा सुना दी गई। हमारी बात नहीं सुनी गई। हमने मुख्यमंत्री से मिलने और मददकरने का अनुरोध किया। मेरे पिता निर्दोष हैं। कुछ भी हुआ वह एक साजिशउन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता की जान को खतरा है और जेल में उनकी सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए। अमेठी से सपा विधायक और गायत्री कीपत्नी महाराजी प्रजापति ने कहा कि जेल में जो कुछ भी हुआ वह एक साजिश थी। उन्होंने कहा कि जब सुई भी अंदर नहीं पहुंच सकती, तो चाकू जेलमें कैसे पहुंच गया? मैं सरकार से अपने पति के साथ न्याय की मांग करती हूं। पुलिस ने बताया कि अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकारमें मंत्री रहे प्रजापति पर एक साथी कैदी ने हमला कर दिया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि झगड़े के दौरान कैदी ने कथित तौर पर प्रजापतिपर अलमारी की एक स्लाइडिंग हिस्से से प्रहार किया, जिससे उन्हें चोट आई। प्रजापति दुष्कर्म सहित कुछ मामलों में न्यायिक हिरासत मेंप्रजापति अब पूरी तरह से ठीक हो गए हैं। प्रजापति दुष्कर्म सहित कुछ मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उन पर हुएकथित हमले की न्यायिक जांच की मांग की है। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री गायत्री प्रजापतिपर जेल में हुए जानलेवा हमले की निष्पक्ष न्यायिक जांच होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश में कहीं भी कोई सुरक्षित नहीं है।लखनऊ जिला जेल में बंद पूर्वमंत्री गायत्री प्रजापति पर मंगलवार की शाम एक बंदी ने हमला कर दिया। बंदी ने लोहे की रॉड से गायत्री प्रजापति का सिर फोड़ दिया। जेल केचिकित्सक ने छह टांके लगाते हुए प्राथमिक उपचार किया। मौके पर जेल अधीक्षक व जेलर समेत अन्य अधिकारी भी पहुंच गए। चोट को देखते हुएपूर्व मंत्री को कड़ी सुरक्षा के बीच ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे गायत्री प्रजापति डायबिटीज, बीपी, किडनी, कमर दर्द समेत अन्य बीमारियों से ग्रसित हैं। इसी वजह से उन्हें जेल अस्पताल में रखा गया है। जेल अफसरों के मुताबिक, मंगलवार की शामकरीब साढ़े छह बजे उन्होंने अस्पताल में साफ सफाई करने वाले बंदी विश्वास को पानी देने के लिए बुलाया था।