जुबीन गर्ग की मौत पर बैंडमेट का बड़ा आरोप, कहा मैनेजर और आयोजक ने दिया था जहर

इन दिनों सिंगर जुबीन गर्ग की मौत को लेकर जांच चल रही है। इस दौरान सिंगर के एक बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी ने नया खुलासा किया है।पीटीआई की खबर के अनुसार शेखर ज्योति गोस्वामी ने जांच एजेंसियों को बताया है कि जुबीन गर्ग को जहर दिया गया। शेखर ज्योति गोस्वामी नेअपने बयान में जुबीन गर्ग के शो के आयोजक श्यामकानु महंत और मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एसिड रिफ्लक्स बताकर खारिज कर दियापुलिस के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार जुबीन गर्ग के बैंड के साथी शेखर ज्योति गोस्वामी ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। बैंडमेट ने आरोपलगाया है कि जुबीन गर्ग को सिंगापुर में जहर दिया गया था। शेखर ज्योति गोस्वामी ने एसआईटी (SIT) को दिए गए अपने बयान में कहा कि जुबीनके मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और शो के आयोजन श्यामकानु महंत ने सिंगर को जहर दिया। साथ ही इस साजिश को छिपाने के लिए जानबूझकर एकविदेशी जगह को चुना। शेखर ज्योति गोस्वामी ने यह भी बताया कि मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा ने उन्हें यॉट के वीडियो शेयर करने से मना किया था। साथ हीसिंगर के बैंडमेट शेखर ने यह आरोप भी लगाया कि मैनेजर ने खुद शराब अरेंज करने पर जोर दिया था।आयोजकों को इसके लिए मना कर दिया। इसबात से ही शक बढ़ जाता है। शेखर ने कहा, ‘आखिरी पलों में जुबीन गर्ग हांफ रहे थे, मुंह और नाक से झाग निकल रहा था। लेकिन मैनेजर ने इनबातों को एसिड रिफ्लक्स बताकर खारिज कर दिया। वह कहते सुनाई दिए, ‘जाबो दे, जाबो दे’ ( जाने दो, जाने दो)। इस बयान पर आगे जांच होगी। असम सरकार ने निष्पक्ष जांच का वादावहीं दूसरी तरफ असम पुलिस ने शनिवार को सिंगापुर से आई जुबीन गर्ग की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट उनकी पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग को सौंप दी।पीटीआई के मुताबिक एसआईटी का एक अधिकारी यह रिपोर्ट सौंपने के लिए गुवाहाटी के काहिलीपारा इलाके में गरिमा के घर गया था। इससे पहलेअसम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी शुक्रवार को कहा था कि राज्य सरकार ने सिंगापुर में हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट गुरुवार को गरिमा को सौंपदी है। उन्होंने कहा, ‘यह गरिमा पर निर्भर है कि वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करती हैं या नहीं।’सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले में एसआईटी अधिकारी मोरमी दास ने भी मीडिया से बात की है। वह कहती हैं, ‘मैंने आज गरिमा (जुबीन गर्ग कीपत्नी) और पाल्मी (जुबीन गर्ग की बहन) के बयान दर्ज किए। मैं इस समय और कोई टिप्पणी नहीं कर सकती हूं, क्योंकि जांच अभी जारी है।’सिंगर जुबीन गर्ग का निधन 19 सितंबर को सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग दुर्घटना में हुआ। सिंगर जुबीन, पूर्वोत्तर भारत महोत्सव के लिए सिंगापुर में थे।जुबीन गर्ग की मौत से उनके फैंस काफी दुखी हुए। सिंगर की मौत को लेकर आगे चलकर असम सरकार ने निष्पक्ष जांच का वादा किया। स्पेशलइंवेस्टिगेशन टीम भी बनी।
सौरभ भारद्वाज का आरोप भाजपा सरकार बर्बाद कर रही है सरकारी अस्पताल, दे रही निजी हाथों में

दिल्ली में निजी स्कूलों की फीस बढ़ाकर शिक्षा माफियाओं को फायदा पहुंचाने के बाद भाजपा सरकार अब प्राइवेट अस्पतालों को फायदा पहुंचाने केलिए सरकारी अस्पतालों को बर्बाद कर रही है। यही वजह है कि जानबूझ कर सरकारी अस्पतालों में सर्जिकल उपकरण, ग्लब्स व दवाओं की कमी कीजा रही है।उधर, स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पतालों द्वारा दवाइयों की खरीद पर रोक लगा रखी है ,अस्पताल अधीक्षकों को अपने स्तर पर दवा खरीद कीअनुमति नहीं दी जा रही है। परिणाम स्वरूप सरकारी अस्पतालों में हाहाकार मचा हुआ है। भाजपा सुविधाओं का अभाव दिखाकर स्वास्थ्य सेवाओं कोनिजी हाथों में देना चाहती है। शनिवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने ये बातें कहीं। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवा नहीं मिलने पर कड़ी प्रतिक्रियाउधर, “आप” के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवा नहीं मिलने पर कड़ीप्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर कहा कि भाजपा ने 6 महीनों में ही दिल्ली के अस्पतालों का क्या हाल कर दिया है? आज दिल्ली की जनता दवाई, स्ट्रेचर और ग्लव्स तक के लिए तरस रही है। ये वही दिल्ली है जहाँ अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री रहते हुए बड़ी मुश्किल से इन अस्पतालों को ठीककिया था और यह सुनिश्चित किया था कि किसी भी सरकारी अस्पताल में आम आदमी को दवाई बाहर से नहीं खरीदनी पड़े, लेकिन भाजपा ने 6 महीनों में सब बर्बाद कर दिया। सरकारी अस्पतालों के इतने बुरे हाल कभी नहीं“आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की सरकार को करीब आठ महीने हो गए हैं। इस समय दिल्ली केसरकारी अस्पतालों की हालत बहुत खराब है। सरकारी अस्पतालों के इतने बुरे हाल कभी नहीं थे। एक समय था जब दिल्ली सरकार के अस्पतालों मेंसभी दवाइयां मुफ्त मिलती थीं, क्योंकि अरविंद केजरीवाल ने सभी दवाइयां मुफ्त कराई थीं, सभी जांच भी मुफ्त होती थीं। योजना थी कि अगरदिल्ली सरकार के अस्पताल में एमआरआई, सीटी स्कैन नहीं हो रहा या कोई जांच नहीं हो पा रही तो निजी जांच केंद्र में भेजकर मुफ्त जांच कराईजाती थी। अगर कोई ऑपरेशन समय पर सरकारी अस्पताल में नहीं हो पा रहा था, मरीजों का बोझ ज्यादा है या सर्जन उपलब्ध नहीं होते थे तो निजीअस्पताल में इलाज कराया जाता था।
भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा को श्रद्धांजलि, पार्टी मुख्यालय में शोक सभा का आयोजन

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. विजय कुमार मल्होत्रा के निधन पर आज दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में एकशोक सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर पार्टी के शीर्ष नेताओं, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की औरउनके योगदान को याद किया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्रसचदेवा, और कई वरिष्ठ नेताओं ने सभा में भाग लिया। सभा में पार्टी कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या मौजूद रही, जिन्होंने विजय कुमार मल्होत्रा जी केसाथ अपने अनुभवों को साझा किया। सभा की शुरुआत विजय कुमार मल्होत्रा के चित्र पर माल्यार्पण और मौन श्रद्धांजलि से हुई। इसके बादवक्ताओं ने उनके राजनीतिक जीवन, समाजसेवा और संगठन निर्माण में दिए गए अमूल्य योगदान को स्मरण किया। जेपी नड्डा ने कहा-“विजय कुमार मल्होत्रा जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा और संगठन को समर्पित रहा। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी को मजबूत किया औरजनसेवा को सर्वोपरि रखा। उनका जाना भारतीय राजनीति और भाजपा परिवार के लिए एक गहरी क्षति है।” गृह मंत्री अमित शाह ने कहा-डॉ. मल्होत्रा भारतीय जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी के निर्माण तक, हर दौर में पार्टी के स्तंभ रहे। उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर खड़ा करनेमें जो भूमिका निभाई, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।” विजय कुमार मल्होत्रा ने जनसंघ के दौर से राजनीति की शुरुआत की थी और वह भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। वे दक्षिण दिल्ली से कईबार लोकसभा सांसद रहे और एक बार दिल्ली के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार भी बनाए गए थे। उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ और अंतर्राष्ट्रीय कुश्तीमहासंघ में भी महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उन्हें एक शालीन, विचारशील और संगठन-निष्ठ नेता के रूप में याद किया जाता है। सभा के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर डॉ. मल्होत्रा को अंतिम श्रद्धांजलि दी। अनेक कार्यकर्ताओं की आंखें नम थीं, जो उनकेसाथ वर्षों तक काम कर चुके थे। भाजपा नेताओं ने यह भी घोषणा की कि उनके सम्मान में पार्टी की ओर से विभिन्न जिलों में श्रद्धांजलि सभाएंआयोजित की जाएंगी। डॉ. विजय कुमार मल्होत्रा का निधन भारतीय राजनीति और भाजपा संगठन के लिए एक युग का अंत है। उनके आदर्श, सादगी, समर्पण और दूरदर्शिता को हमेशा याद किया जाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान भारत का विकास कोई संयोग नहीं, यह नीति और परिश्रम का फल है

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है, ऐसे समय में भी भारत की स्थिति मजबूत है और भारतीय अर्थव्यवस्था इन बाहरी झटकों को झेलने में सक्षम है। वित्त मंत्री ने कहा कि दुनियाभर केदेशों के सामने अनिश्चितता का माहौल है। देशों को इस अनिश्चितता के माहौल से भी निपटना है और साथ ही व्यापार, वित्त और ऊर्जा असंतुलन काभी सामना करना एक बड़ी चुनौती है। कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन 2025 में अपने संबोधन में वित्त मंत्री ने कहा ‘भू-राजनीतिक संघर्ष तेज हो रहे हैं।प्रतिबंध, टैरिफ और अलगाव की रणनीतियां वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को नया आकार दे रही हैं। भारत के लिए, ये बदलाव चिंताजनक भी हैं, लेकिनसाथ ही हमारे जुझारूपन को भी उजागर करते हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलावबाहरी झटकों को झेलने की हमारी क्षमता मजबूत है और हमारी आर्थिक क्षमता भी विकसित हो रही है।’सम्मेलन में ‘अशांत समय में समृद्धि कीतलाश’ विषय पर सत्र को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि ‘युद्ध और रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता, सहयोग और संघर्ष को फिर से परिभाषित कर रहीहैं। जो गठबंधन कभी मजबूत दिखते थे, उनके लिए परीक्षा का समय है और दुनिया में नए गठबंधन उभर रहे हैं।’ वित्त मंत्री ने कहा कि हम जिस चीजका सामना कर रहे हैं, वह कोई अस्थायी बाधाएं नहीं हैं बल्कि हम वैश्विक अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव होते देख रहे हैं। दुनिया में नए गठबंधन उभर रहेनिर्मला सीतारमण ने भारतीय अर्थव्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि ‘भारतीय अर्थव्यवस्था लचीली है और लगातार बढ़ रही है। वर्षों से सकलघरेलू उत्पाद में उपभोग और निवेश की स्थिर हिस्सेदारी के साथ, भारत का विकास उसके घरेलू कारकों पर टिका हुआ है, जो बाहरी प्रभाव को कमकरता है।’ सीतारमण ने कहा, ‘भारत का उदय न तो आकस्मिक है और न ही क्षणिक; बल्कि, यह कई कारकों के एक मजबूत संयोजन का परिणामहै।’वित्त मंत्री ने कहा कि ‘युद्ध और रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता, सहयोग और संघर्ष को फिर से परिभाषित कर रही हैं। जो गठबंधन कभी मजबूत दिखते थे, उनके लिए परीक्षा का समय है और दुनिया में नए गठबंधन उभर रहे हैं।’
लद्दाख में राज्य के दर्जे की मांग के बीच सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, पत्नी ने NSA लगाने पर उठाए सवाल

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने लद्दाख प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत की गई उनकेपति की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। 24 सितंबर को लद्दाख में हुई हिंसक झड़पों के बाद उन्हें हिरासत में लेलिया गया था। जिसके बाद से वह राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद हैं।वांगचुक को लद्दाख में प्रदर्शनों के दो दिन बाद 26 सितंबर को कड़े राष्ट्रीयसुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत में लिया गया था। लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर उसकेंद्र शासित प्रदेश में हुए विरोध प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हो गई थी और 90 लोग घायल हो गए थे। वांगचुक से कोई संपर्क नहीं हो पायागीतांजलि आंगमो ने दो अक्तूबर को शीर्ष अदालत में संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत अपनी याचिका दायर की है। आंगमो ने सोनम वांगचुक केखिलाफ एनएसए कानून के तहत कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीचहुई झड़प के बाद लेह में भड़की हिंसा के कुछ दिनों बाद सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया गया था।आंगमो ने वकील सर्वम रीतम खरे के माध्यम सेदायर अपनी याचिका में वांगचुक की हिरासत को चुनौती दी है और उनकी तत्काल रिहाई का अनुरोध किया है। याचिका में वांगचुक पर रासुका लगानेके फैसले पर भी सवाल उठाए गए हैं। आंगमो ने आरोप लगाया कि उन्हें अभी तक हिरासत आदेश की प्रति नहीं मिली है, जो नियमों का उल्लंघन है।इसके अलावा, उन्होंने कहा कि उनका अभी तक वांगचुक से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठीइससे पहले गीतांजलि जे. आंगमो ने लद्दाख के पुलिस महानिदेशक के बयानों को झूठा और गढ़ी गई कहानी बताते हुए कहा था कि यह एक सोची-समझी साजिश है, जिसके जरिए किसी को फंसाकर मनमर्जी करने की कोशिश हो रही है। गीतांजलि ने कहा था, ‘हम डीजीपी के बयान की कड़ी निंदाकरते हैं। सिर्फ मैं ही नहीं, बल्कि पूरा लद्दाख इन आरोपों को खारिज करता है। ये एक बनावटी कहानी है, ताकि किसी को बलि का बकरा बनाया जासके और वे जो चाहें वो कर सकें।’उन्होंने सवाल उठाया था कि सीआरपीएफ को गोली चलाने का आदेश किसने दिया? अपने ही नागरिकों पर गोलीकौन चलाता है? खासकर वहां, जहां कभी हिंसक प्रदर्शन नहीं हुए। गीतांजलि का कहना था कि सोनम वांगचुक का इस पूरी घटना से कोई लेना-देनानहीं था। वे तो उस समय किसी और जगह शांतिपूर्वक भूख हड़ताल पर बैठे थे। वे वहां मौजूद ही नहीं थे, तो वे किसी को कैसे उकसा सकते हैं?अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करके जम्मू कश्मीर राज्य का पुनर्गठन किया गया। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के तहतपूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांटा गया। इसमें जम्मू-कश्मीर को विधानसभा वाला केंद्र शासितप्रदेश बनाया गया। वहीं, लद्दाख को बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया। इस बदलाव के तहत जम्मू कश्मीर में पिछलेसाल नई विधानसभा का भी गठन हो गया। वहीं, दूसरी ओर राज्य पुनर्गठन के साथ ही लद्दाख में इस केंद्र शासित प्रदेश को छठी अनुसूची में शामिलकरने और इसे पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग उठने लगी। इसे लेकर अलग-अलग समय पर प्रदर्शन हुए। इन्हीं मांगो को लेकर चल रहे ताजा प्रदर्शनके दौरान हिंसा भड़क उठी।
राहुल गांधी ने कोलंबिया में बजाज-हीरो की सराहना की, बोले इनोवेशन से जीत रही हैं भारतीय कंपनियां, न कि भाई-भतीजावाद से

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इन दिनों दक्षिण अमेरिका के चार देशों के दौरे पर हैं। इस दौरान जब वे कोलंबिया पहुंचेतब वहां उन्होंने भारतीय दोपहिया वाहन कंपनियों बजाज, हीरो और टीवीएस की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों की सफलता दिखाती हैकि भारतीय कंपनियां इनोवेशन (नवाचार) के दम पर जीत सकती हैं, न कि भाई-भतीजावाद से।बता दें कि राहुल गांधी ने कोलंबिया की सड़कों परबजाज पल्सर मोटरसाइकिल के सामने खड़े होकर एक तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। साथ ही लिखा कि बजाज, हीरो औरटीवीएस को कोलंबिया में इतना अच्छा प्रदर्शन करते देखकर गर्व महसूस हो रहा है। यह दर्शाता है कि भारतीय कंपनियां साठगांठ वाले पूंजीवाद सेनहीं, बल्कि नवाचार से सफलता हासिल कर सकती हैं। हमारा देश उस तरह की प्रणाली को स्वीकार नहीं करेगाइससे पहले गुरुवार को अपने कोलंबिया दौरे के दौरान राहुल गांधी ने ईआईए यूनिवर्सिटी में आयोजित एक सेमिनार ‘द फ्यूचर इड टूडे’ को संबोधित भी किया था। जहां उन्होंने लोकतंत्र और उद्योगजगत के बारे में बातचीत की थी। साथ ही दावा किया था कि मौजूदा समय में भारत में ‘लोकतांत्रिक व्यवस्था पर व्यापक हमला’ हो रहा है, लेकिन यह एक ऐसा बड़ा जोखिम है जिससे देश को पार पाना होगा। साथ ही राहुल ने येभी कहा था कि भारत में कुछ गिने-चुने उद्योगपतियों का पूरा अर्थव्यवस्था पर कब्जा होता जा रहा है, जो खतरनाक है।उन्होंने कहा कि भारत एकजटिल लेकिन विविधता भरा देश है। यहां अलग-अलग धर्म, भाषाएं और परंपराएं हैं। यह देश अपने लोगों के बीच एक संवाद है और उस संवाद केलिए लोकतंत्र सबसे जरूरी माध्यम है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि भारत की ताकत चीन से अलग है। चीन की तरह भारत में लोगों को दबाकरतानाशाही शासन नहीं चलाया जा सकता। हमारा देश उस तरह की प्रणाली को स्वीकार नहीं करेगा। भारत के लिए खतरा बतायाराहुल गांधी ने भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं और विचारधारा को आज के दौर में भी बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि भारत की सोचऔर परंपराएं दुनिया को बहुत कुछ दे सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज भारत के लोकतंत्र पर बड़ा हमला हो रहा है, जो एक गंभीर खतरा है।अगर देश की विविध आवाज़ों को जगह नहीं दी गई, तो हम आगे नहीं बढ़ सकते। दक्षिण अमेरिका दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी ने कोलंबिया में बजाज, हीरो और टीवीएस की सफलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीयकंपनियां इनोवेशन से दुनिया में नाम कमा रही हैं, न कि भाई-भतीजावाद से।ईआईए यूनिवर्सिटी में उन्होंने चंद उद्योगपतियों के बढ़ते दबदबे को भारत के लिए खतरा बताया।
चोटों को मात देकर मीराबाई चानू ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीता रजत, पेरिस ओलंपिक 2028 की ओर बढ़ाया मजबूत कदम

भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने एक बार फिर विश्व मंच पर देश का परचम लहराया। उन्होंने शुक्रवार को नॉर्वे के फोर्डे में चल रहीभारोत्तोलन विश्व चैंपियनशिप में महिला 48 किग्रा वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया। यह मीराबाई का इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में तीसरा पदक है।मीराबाई चानू हालफिलहाल में चोट से काफी जूझती रही हैं। इसी वजह से पिछले कुछ टूर्नामेंट्स में उनका प्रदर्शन कुछ नहीं रहा था, लेकिन विश्वभारोत्तोलन चैंपियनशिप में उन्होंने जलवा बिखेरा। उनका यह प्रदर्शन साबित करता है कि चोटों और संघर्षों के बावजूद वह आज भी विश्व वेटलिफ्टिंगमें भारत की सबसे बड़ी उम्मीद बनी हुई हैं। उनका यह रजत पदक आने वाले पेरिस ओलंपिक 2028 की तैयारियों की दिशा में एक मजबूत कदममाना जा रहा है। चानू का प्रदर्शन स्नैच में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहामीराबाई चानू 2017 में विश्व चैंपियन बनी थीं और 2022 में उन्होंने रजत पदक हासिल किया था। इस बार उन्होंने 48 किग्रा वर्ग में उतरकर 199 किग्रा (84 किग्रा स्नैच + 115 किग्रा क्लीन एंड जर्क) का कुल भार उठाया और पोडियम तक पहुंचीं। चानू इससे पहले 49 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धाकर रही थीं, लेकिन रणनीतिक बदलाव के चलते उन्होंने 48 किग्रा वर्ग में हिस्सा लिया।चानू का प्रदर्शन स्नैच में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने87 किग्रा का वजन दो बार उठाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहीं। हालांकि, तीसरे प्रयास में 84 किग्रा सफलतापूर्वक उठाया। इसके बादक्लीन एंड जर्क में उन्होंने शानदार वापसी की और तीनों प्रयास सफलतापूर्वक पूरे किए। चानू ने तीन प्रयासों में 109 किग्रा, 112 किग्रा और 115 किग्रा का भार उठाकर सबको प्रभावित किया। पेरिस ओलंपिक 2028 की तैयारियों की दिशामीराबाई ने पिछली बार टोक्यो ओलंपिक (2021) में क्लीन एंड जर्क में 115 किग्रा उठाया था, जहां उन्होंने भारत को ऐतिहासिक रजत पदकदिलाया था। इस बार भी उसी ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ उन्होंने यह वजन आसानी से उठाया।भारतीय टीम के मुख्य कोच विजय शर्मा ने पहलेही कहा था कि इन विश्व चैंपियनशिप का लक्ष्य मीराबाई को फिर से 200 किग्रा का आंकड़ा पार कराने का है और उन्हें 49 किग्रा वर्ग में उठाए गएभार के करीब लाना है। हालांकि, चानू 199 किग्रा तक ही पहुंच सकीं, लेकिन उनका प्रदर्शन उत्साहवर्धक रहा। प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक उत्तरकोरिया की रि सोंग गुम के नाम रहा। उन्होंने 213 किग्रा (91 किग्रा स्नैच + 122 किग्रा क्लीन एंड जर्क) उठाकर नए विश्व रिकॉर्ड बनाए। खासकरउनके अंतिम दो प्रयास (120 किग्रा और 122 किग्रा) ऐतिहासिक साबित हुए। इस मुकाबले का कांस्य पदक थाईलैंड की थनयाथोन सुक्चारो नेजीता। उन्होंने 198 किग्रा (88 + 110 किग्रा) वजन उठाकर कांस्य पदक हासिल किया। मीराबाई चानू का यह प्रदर्शन साबित करता है कि चोटोंऔर संघर्षों के बावजूद वह आज भी विश्व वेटलिफ्टिंग में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद बनी हुई हैं। उनका यह रजत पदक आने वाले पेरिस ओलंपिक2028 की तैयारियों की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
मैं तुम्हें इंडिया के लिए बना रहा हूं” युवराज सिंह के विज़न ने बदली अभिषेक शर्मा की किस्मत, एशिया कप 2025 में बने प्लेयर ऑफ दटूर्नामेंट

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रह चुके युवराज सिंह ने जब युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा को अपने साये में लिया, तब से ही उनकी सोचसाफ थी, उन्हें सिर्फ घरेलू क्रिकेट या आईपीएल के लिए नहीं, बल्कि टीम इंडिया का मैच-विनर बनाने का। युवराज, जिन्होंने भारत को 2007 काटी20 विश्व कप और 2011 का वनडे विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी, खुद जानते थे कि बड़े मंच पर जीत दिलाने के लिए कैसी तैयारीजरूरी होती है।अभिषेक शर्मा ने हाल ही में ‘ब्रेकफास्ट विद चैंपियंस’ शो पर बताया कि लॉकडाउन के दौरान युवराज सिंह के साथ ट्रेनिंग करना उनकेकरियर का टर्निंग प्वॉइंट रहा। उन्होंने कहा, ‘मैं युवी पाजी का बहुत आभारी हूं। लॉकडाउन में हम उनके घर पर कैंप करते थे। मैं, शुभमन, प्रभसिमरन, अनमोलप्रीत। मुझे इसकी बहुत जरूरत थी। हम फ्लाइट में थे तो मैंने उनसे कहा कि क्या कुछ दिनों का कैंप किया जा सकता है। उन्होंने तुरंत हां करदी। उस समय मैं संघर्ष कर रहा था।’अभिषेक ने बताया कि उस कैंप के बाद उन्हें समझ आयाअभिषेक ने बताया कि उस दौर में उनका प्रदर्शन निरंतर नहीं था और वह अपनी आईपीएल टीम के प्लेइंग इलेवन में भी जगह नहीं बना पा रहे थे।वहीं, उनके साथी खिलाड़ी शुभमन गिल जैसे क्रिकेटर पहले ही भारत के लिए डेब्यू कर चुके थे। अभिषेक बोले, ‘मैं आईपीएल में लगातार अच्छा नहींकर पा रहा था और टीम में भी नहीं खेल रहा था। शुभमन इंडिया के लिए खेल रहा था। मुझे लगने लगा कि मैं पीछे छूट गया हूं, क्योंकि मेरी उम्र केखिलाड़ी अच्छा कर रहे थे। एक दिन मैं और शुभमन, पाजी (युवराज) के साथ लंच कर रहे थे तभी पाजी ने मुझे सीधे कहा कि वह मुझे राज्य याआईपीएल के लिए नहीं, बल्कि इंडिया के लिए तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा- मैं तुम्हें इंडिया के लिए मैच जिताने वाला खिलाड़ी बना रहा हूं। इसेलिख लो, यह अगले दो-तीन साल में होगा।’अभिषेक ने बताया कि उस कैंप के बाद उन्हें समझ आया कि उनका असली लक्ष्य कुछ और है। उन्होंनेकहा, ‘जिन्हें मैं अपना आदर्श मानता हूं, अगर उन्हें मुझपर इतना विश्वास है…मुझे लगा कि मेरा लक्ष्य ही कुछ और है। जिसके लिए मैं तैयार हो रहा हूं, जो युवराज करवा रहे हैं मुझे, वो तो कुछ और है और मैं करके रहूंगा।’ नतीजा अब पूरी दुनिया देख रहीअभिषेक ने बताया कि युवराज सिंह उनके शॉट्स और तकनीक को सुधारने के लिए वीडियो देखकर नोट्स बनाते थे। वह छोटी-छोटी गलतियों कोपकड़कर उन्हें समझाते और पावर-हिटिंग पर खास काम कराते। उन्होंने कहा, ‘वो घर पर बैठकर हमारी बैटिंग के वीडियो देखते थे, उनसे नोट्स बनाते थेऔर फिर अलग-अलग वीडियो से स्क्रीनशॉट लेकर पहले और बाद की तुलना करते थे। किसी को नहीं पता कि युवी पाजी इतनी बारीकियों में जातेहैं। और जब हम पांच घंटे से ज्यादा अभ्यास करते थे, तो वो पूरे समय हमारे साथ मौजूद रहते थे।’आज हालात बिल्कुल बदल चुके हैं। अभिषेक शर्माहाल ही में समाप्त हुए एशिया कप 2025 में भारत के लिए हीरो बनकर उभरे। उन्होंने टूर्नामेंट में 314 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए।अभिषेक का कहना है कि युवराज सिंह के मार्गदर्शन ने उन्हें यह मुकाम दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उनकी यह कहानी बताती है कि किस तरहसही मेंटर और सही सोच एक खिलाड़ी का करियर बदल सकते हैं। युवराज सिंह जैसे दिग्गज ने जिस विजन के साथ अभिषेक को तैयार किया, उसकानतीजा अब पूरी दुनिया देख रही है।
आरएसएस पर स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी, कांग्रेस का तंज “देश गांधी का था, है और रहेगा

देश में आजादी के इतिहास पर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। इसकी वजह है- सरकार की तरफ से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के योगदान पर डाकटिकट और 100 रुपये का विशेष स्मारक सिक्का जारी करना। लेकिन कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार इतिहास कोचाहे जितना बदलने की कोशिश करे, देश हमेशा महात्मा गांधी का ही रहेगा। पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘अगरआरएसएस के नाम पर सिक्का जारी करना ही था तो वह 60 रुपये का होना चाहिए था। वही 60 रुपये जो स्वतंत्रता सेनानी कहे जाने वाले विनायकदामोदर सावरकर को अंग्रेजों से पेंशन के तौर पर मिला करता था।’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगर डाक टिकट जारी करना था तो वह ब्रिटिश पोस्ट का करनाचाहिए था, जिससे सावरकर अंग्रेजों को अपनी दया याचिकाएं भेजते थे।’ दूसरी ओर वर मुद्रा में भारत माता का चित्रपवन खेड़ा ने आरएसएस और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चाहे कितने भी सिक्के छापे जाएं, डाक टिकट निकाले जाएं या पाठ्यक्रममें आरएसएस की विचारधारा भरी जाए, ‘यह देश गांधी का था, है और रहेगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि एक दिन सत्ता से बाहर होने के बादआरएसएस-भाजपा की विचारधारा को लोग ऐसे निकाल फेंकेंगे जैसे दूध से मक्खी निकाली जाती है।आरएसएस का स्मारक सिक्का जारी को जारीकरते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कहा कि यह संभवतः स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार है कि भारतीय मुद्रा पर भारत माता कीछवि छपी है। 100 रुपये के सिक्के पर एक ओर राष्ट्रीय प्रतीक (अशोक स्तंभ का शेर) और दूसरी ओर वर मुद्रा में भारत माता का चित्र है। ‘ऐतिहासिक कदम’ कहा जा रहाभारत माता के पास एक सिंह खड़ा है और सामने स्वयंसेवक सलामी की मुद्रा में दिखाई दे रहे हैं। सिक्के पर संघ का मूल मंत्र भी अंकित है, ‘राष्ट्रायस्वाहा, इदं राष्ट्राय, इदं न मम।’ इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने जारी किए गए डाक टिकट की ऐतिहासिक महत्ता भी बताई। उन्होंने याद दिलाया कि1963 के गणतंत्र दिवस परेड में आरएसएस स्वयंसेवक अनुशासन और देशभक्ति की धुनों के साथ शामिल हुए थे। नया टिकट उसी क्षण को दर्शाताहै। एक तरफ सरकार ने आरएसएस के 100 वर्ष के योगदान को सम्मान देने की कोशिश की, तो वहीं कांग्रेस ने इसे इतिहास तोड़-मरोड़कर पेश करनेकी कवायद बताया। एक ओर भारत माता की छवि वाले सिक्के को ‘ऐतिहासिक कदम’ कहा जा रहा है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे गांधी के विचारोंको दबाने की कोशिश मान रहा है।
पंडित छन्नूलाल मिश्र के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी की श्रद्धांजलि ,काशी की आत्मा और संगीत का स्वर सदा जीवित रहेगा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्रजी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पंडित छन्नूलालमिश्रजी का जाना भारत के संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पंडित छन्नूलाल मिश्र जीवन भर कला और संस्कृति केलिए समर्पित रहे और उन्होंने बनारस घराने की संगीत परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि काशी की परंपराओं औरउत्सवों को पंडित मिश्र जी ने अपने स्वरों और गीतों से समृद्ध किया। मणिकर्णिका घाट पर होने वाली होली हो या सावन की उनकी कजरी, उनकेसंगीत से काशी सदा गुंजायमान होता रहेगा। उन्होंने लोकगायन की महत्वपूर्ण विधाओं को विश्व पटल पर प्रतिष्ठा दिलाने के लिए पंडित मिश्र जी द्वाराकिये गए कार्य की सराहना की। सन्देश लिखते हुए उनके लिए जीवंतप्रधानमंत्री मोदी ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें कई बार पंडित मिश्र जी से मिलने और उनका स्नेह पाने का अवसर मिला।2014 के चुनाव में पंडित छन्नूलाल मिश्र जी उनके प्रस्तावक बने थे – इस बात को स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा की काशी के प्रति पंडित मिश्रजी का आत्मीय भाव अद्वितीय था।प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी के विकास और परंपराओं पर पंडित मिश्रजी ने उन्हें कई बार महत्वपूर्ण सुझाव दिए।साथ ही प्रधानमंत्री ने यह भी कहा की महात्मा गांधीजी की 150वीं जयंती पर वे उनके आवास पर पधारे थे, जिसकी स्मृति आज गांधी जयंती के दिनयह सन्देश लिखते हुए उनके लिए जीवंत है। हर संगीत प्रेमी उनके जीवन से प्रेरणा लेता रहेगाप्रधानमंत्री ने कहा कि यद्यपि पंडित मिश्रजी आज सशरीर हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन भारत का हर संगीत प्रेमी उनके जीवन से प्रेरणा लेता रहेगा तथाकाशी उनके भजनों से उन्हें हर उत्सव में स्मरण करती रहेगी।प्रधानमंत्री ने पंडित मिश्र जी के शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करतेहुए कहा कि पंडित मिश्र जी के स्वजनों की पीड़ा उनकी व्यक्तिगत पीड़ा है। प्रधानमंत्री ने प्रार्थना की कि बाबा विश्वनाथ पंडित छन्नूलाल मिश्र जी कोअपने चरणों में स्थान दें और उनके शुभचिंतकों को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करें।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित छन्नूलाल मिश्र के परिवार कोपंत्र भेजकर अपनी शोक संवेदना जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि भारत का हर संगीत प्रेमी उनके जीवन से प्रेरणा लेता रहेगा।