शिल्पी जैन और गौतम कुमार की निर्मम हत्या और बलात्कार की घटना ,बिहार में लालू यादव के जंगलराज की काली सच्चाई

दर्दनाक और हृदय विदारक घटना3 जुलाई 1999 की रात बिहार की राजधानी पटना में एक ऐसी दर्दनाक और हृदय विदारक घटना घटी, जिसने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया। यहकहानी है शिल्पी जैन और उसके बॉयफ्रेंड गौतम कुमार की, जिनका जीवन सत्ता और सत्ता के दुरुपयोग की बर्बरता का शिकार बन गया।शिल्पी जैनउस समय सिर्फ 19 साल की थी। वह बेहद खूबसूरत, होनहार और प्रतिभाशाली लड़की थी, जिसने ‘मिस पटना’ का खिताब भी जीता था। शिल्पीपटना के एक प्रसिद्ध कपड़ा व्यवसायी की बेटी थी और एक सफल स्टाइलिस्ट भी। उसकी जिंदगी उज्जवल भविष्य की तरफ बढ़ रही थी। उसका परिवार लंदन में रहता थागौतम कुमार, शिल्पी का बॉयफ्रेंड, एक अमीर परिवार से था। उसका परिवार लंदन में रहता था। गौतम आरजेडी की युवा शाखा का नेता था और वहलालू यादव के साले साधु यादव के बहुत करीब माना जाता था। दोनों का रिश्ता पूरी तरह से सार्वजनिक और स्वीकार्य था। उस दिन साधु यादव केकुछ समर्थकों ने शिल्पी को बताया कि गौतम उसे गेस्ट हाउस पर बुला रहा है। शिल्पी उन लोगों को जानती थी, इसलिए वह उनके साथ चली गई।जब गौतम वहां पहुंचा तो उसने देखा कि सब कुछ पहले ही खत्म हो चुका था। शिल्पी का बलात्कार किया जा चुका था। अगले दिन दोनों की लाशेंसाधु यादव के सरकारी बंगले के गैराज में एक कार में मिलीं। दोनों नंगे थे। इस क्रूरता और अमानवीयता ने पूरे बिहार को झकझोर दिया। पुलिस औरप्रशासन की घोर लापरवाही लाश मिलने से पहले साधु यादव के सैकड़ों समर्थक वहां पहुंचकर हंगामा और तोड़-फोड़ करने लगे। साधु यादव ने अपनेसमर्थकों को घटना स्थल की जानकारी पहले ही दे दी थी। सावधानी और कानून का पालनपुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचते ही बिना सावधानी और कानून का पालन किए, उस कार को ड्राइव कर के अपने कब्जे में ले लिया, जबकि नियम यहथा कि ऐसे किसी भी वाहन को ‘लिफ्ट’ कर के ले जाया जाता है ताकि कोई भी साक्ष्य न मिट सके। बिना पोस्टमार्टम और किसी जांच के पुलिस नेइस मामले को ‘आत्महत्या’ घोषित कर दिया। दोनों की लाशें परिवार की मौजूदगी के बिना ही जलाकर उनकी अस्थियां जल में प्रवाहित कर दी गईं, वह भी केवल 24 घंटे के भीतर। जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो पूरी देश की आंतें हिल गईं। रिपोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिल्पी के साथ बलात्कार हुआथा। उसके शरीर पर कई लोगों के सीमेन के निशान थे। पूरे देश में इस मामले को लेकर गुस्सा और विरोध की लहर उठी, पटना की सड़कों पर प्रदर्शनहुए।विधानसभा चुनाव और जनता का जवाबअब सवाल उठता है क्या बिहार की जनता इस बार के विधानसभा चुनाव में उन दरिंदों, उनके सिपहसालारों और उनके वारिसों को शिल्पी जैन औरगौतम कुमार की निर्मम हत्या का बदला अपने वोट अधिकार से लेकर उनकी पार्टी के ताबूत में आखिरी कील बनने देगी? यह घटना हर मतदाता केलिए एक चेतावनी है कि जब लोकतंत्र और कानून कमजोर पड़ जाएं, तो जनता की जिम्मेदारी बनती है कि वह सही चुनाव और सही मतदान से न्यायका रास्ता तय करे। बिहार की जनता इस बार अपने वोट के जरिए यह संदेश दे सकती है कि अपराध और सत्ता का गठबंधन बर्दाश्त नहीं कियाजाएगा। समाज के लिए सबकशिल्पी और गौतम की कहानी हमें याद दिलाती है कि अगर अपराध और राजनीति एक-दूसरे से जुड़े हों, तो आम आदमी की सुरक्षा खतरे में पड़ जातीहै। न्याय और कानून हर किसी के लिए समान होना चाहिए। हर नागरिक का अधिकार है कि वह सुरक्षित और स्वतंत्र जीवन जी सके।लोकतंत्र में वोटका अधिकार सबसे बड़ी ताकत है, और इसका इस्तेमाल करके जनता अपने न्याय की रक्षा कर सकती है।
नीरव मोदी की एक और चाल, प्रत्यर्पण रोकने के लिए लंदन कोर्ट में नई याचिका

लंदन की एक अदालत 23 नवंबर को भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की उस याचिका पर सुनवाई करेगी। पीएनबी घोटाले के आरोप मोदी ने अपनेप्रत्यर्पण के मुकदमे को फिर से खोलने की मांग की है। नीरव मोदी ने इस आधार पर याचिका दायर की है कि अगर उसे भारत वापस लाया गया तोएजेंसियों की ओर से उससे पूछताछ की जा सकती है। उसने अदालत से इस आशंका को देखते हुए मामले को फिर से खोलकर उस पर सुनवाई करनेको कहा है। नीरव मोदी सुप्रीम कोर्ट तक अपनी सभी कानूनी अपीलें दायर कर चुके हैं। अब उन्होंने प्रत्यर्पण के मुकदमे को फिर से खोलने के लिएवेस्टमिंस्टर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। अपनी याचिका में नीरव मोदी ने दलील दी है कि यदि उन्हें भारत प्रत्यर्पित किया गया तो विभिन्नएजेंसियां उनसे पूछताछ करेंगी। इस कारण उन्हें यातनाएं दी जा सकती हैं। जांच एजेंसियां इस बात पर एकमतजानकारों के अनुसार इस इस मामले में जांच कर रही एजेंसियां अदालत को अपना पुराना आश्वासन दोहरा सकती हैं कि प्रत्यर्पित किए जाने पर मोदीपर भारतीय कानूनों के अनुसार मुकदमा चलाया जाएगा और एजेंसियों की ओर से उससे कोई पूछताछ नहीं की जाएगी।घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा, “हमने मामले में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। अभी उनसे पूछताछ की जरूरत नहीं है।हमारी जांच लगभग पूरी हो चुकी है। उन्हें मुकदमे का सामना करना होगा। अगर ब्रिटेन की अदालत हमसे कहती है, तो हम अपना आश्वासन दोहरासकते हैं कि अगर उन्हें भारत प्रत्यर्पित किया जाता है, तो उनसे कोई पूछताछ नहीं की जाएगी। हमने पहले भी ऐसा आश्वासन दिया है।मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक से धोखाधड़ी से जारी सैकड़ों लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स के जरिए 6,498 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हड़पने का आरोपहै। उनके खिलाफा मामलों पर काम कर रही सभी जांच एजेंसियां इस बात पर एकमत हैं कि उनसे पूछताछ की जरूरत नहीं है। वेस्टमिंस्टर न्यायालय का दरवाजा खटखटायाभारत ने पहले ही ब्रिटेन को बता दिया है कि मोदी को मुंबई के आर्थर रोड जेल की बैरक 12 में रखा जाएगा। वहां किसी भी तरह की हिंसा, भीड़भाड़, दुर्व्यवहार का कोई खतरा नहीं है और वहां चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध है। एजेंसियों ने ब्रिटेन को आश्वासन दिया है कि उन पर भारतीय कानूनों केअनुसार मुकदमा चलाया जाएगा और कोई नया आरोप नहीं लगाया जाएगा।कभी भारतीय आभूषण उद्योग की जानी-मानी हस्ती रहे 54 वर्षीय हीराव्यापारी नीरव मोदी को 19 मार्च, 2019 को प्रत्यर्पण वारंट पर गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान ब्रिटेन की गृह सचिव प्रीति पटेल ने अप्रैल2021 में उसके प्रत्यर्पण का आदेश दिया था। वह लगभग छह साल से लंदन की जेल में है। नीरव मोदी ने अपने प्रत्यर्पण के मुकदमे को फिर सेखोलने के लिए वेस्टमिंस्टर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। अपनी याचिका में नीरव मोदी ने दलील दी है कि यदि उन्हें भारत प्रत्यर्पित कियागया तो विभिन्न एजेंसियां उनसे पूछताछ करेंगी। इस कारण उन्हें यातनाएं दी जा सकती हैं।
बस्तर की धरती से विकास और विश्वास का संदेश अमित शाह ने मुरिया दरबार में की शिरकत, देवी दंतेश्वरी से मांगी नक्सल-मुक्त बस्तर की कामना

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो दिवसीय छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं। इसी कड़ी में अमित शाह बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होने के लिएजगदलपुर पहुँचे। जगदलपुर में स्थित मां दंतेश्वरी हवाई अड्डे पर मंत्री, सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधियों ने गृह मंत्री का स्वावगत किया। केंद्रीयगृह मंत्री मुरिया दरबार, लाल बाग में प्रदर्शनी का अवलोकन, बस्तर दशहरा लोकोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। गृह मंत्री के साथ में प्रदेश केमुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी पहुंचे हैं। बस्तर दशहरा व मड़ई जैसे त्योहारों का केंद्रहवाई अड्डे पर वन मंत्री केदार कश्यप, जनजाति कल्याण मंत्री राम विचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ,बस्तर सांसद महेशकश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक चैतरामअटामी, विधायक कांकेर आशाराम नेताम जगदलपुर के महापौर संजय पांडेय, ब्रेवरेज कार्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, पूर्व विधायक सहितअन्य जनप्रतिनिधियों और डीजीपी अरुण देव गौतम, प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदर राज पी., कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने स्वागत किया।केंद्रीय गृह मंत्री माँ दंतेश्वरी मंदिर पहुँचे, जहाँ पूजा अर्चना करने के साथ ही बस्तर से नक्सलवाद खत्महोने व मिशन 2026 की सफलता की कामना की। बता दे कि जगदलपुर का दंतेश्वरी मंदिर देवी दंतेश्वरी को समर्पित है, जो बस्तर की कुलदेवी हैं औरशक्ति का अवतार मानी जाती हैं, यह 14वीं शताब्दी में बना एक महत्वपूर्ण शक्तिपीठ है, जो दक्षिण भारतीय वास्तुकला शैली में बना है, मंदिर कामहत्व धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक है, जो बस्तर के लोक जीवन का अभिन्न अंग है और बस्तर दशहरा व मड़ई जैसे त्योहारों का केंद्र है। जिलों में संचालित होने वाली बसों को हरी झंडीमाना जाता है कि यह भारत के 52 शक्तिपीठों में से एक है, देवी दंतेश्वरी बस्तर के काकतीय राजाओं और आदिवासी समुदायों की कुलदेवी हैं, जो उन्हेंशक्ति का अवतार मानती हैं, देश-विदेश से भक्त देवी के दर्शन करने और मन्नत मांगने आते हैं, और माना जाता है कि यहाँ सच्चे मन से मांगी गईमनोकामनाएं पूरी होती हैं, इसके अलावा नवरात्रि में विदेशों में रहने वाले लोग भी अपनी मनोकामना को लेकर जोत जलाते हैं।लालबाग मैदान में आयोजित कार्यक्रम स्थल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 केतहत बस्तर संभाग के जिलों में संचालित होने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लालबाग में आयोजितस्वदेशी मेला के स्टॉल का भी अवलोकन किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो दिवसीय छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं। जगदलपुर के लालबाग मैदान मेंआयोजित कार्यक्रम स्थल में अमित शाह ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 के तहत बस्तर संभाग के जिलों में संचालित होने वाली बसों को हरीझंडी दिखाकर रवाना किया।
पीएम मोदी का बिहार युवाओं से ऑनलाइन संवाद, नीतीश सरकार के विकास और कौशल विकास योजनाओं की सराहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ देर में बिहार के युवाओं के साथ ऑनलाइन संवाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले एक कार्यक्रम होना था। लेकिन, सोनेपर सुहागा हो गया कि भारत सरकार के आईटीआई के कार्यक्रम के साथ बिहार सरकार के भी कई कार्यक्रम हो गए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमारनेतृत्व में बिहार का काफी विकास हुआ है। युवा आयोग, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड समेत कई योजना बिहार के युवाओं के बेहतर भविष्य की गारंटी है। आजबिहार के युवाओं के सशक्तिकरण का यह मेगा प्रोग्राम है। यह दिखाता है कि एनडीए सरकार बिहार के नौजवानों और महिलाओं को कितनीप्राथमिकता देती है। आज 21वीं सदी की मांग है कि हम देश की जड़ों को ध्यान में रखें। लोकल टेलेंट, लोकल स्किल, लोकल नॉलेज को तेजी सेआगे बढ़ाना हमारा कर्तव्य है। यह काम देश के आईटीआई कर रहा है। बीते 11 साल में डेढ़ करोड़ से ज्यादा नौजवान अलग-अलग ट्रेडों में प्रशिक्षितहो चुकी है। सबसे बड़ी बात यह है कि इन युवाओं को उनकी स्थानीय भाषाओं में उनकी स्किल सिखाई गई है। राज्य में बेहतर शिक्षा हासिल कर रहेपीएम मोदी ने कहा कि इस साल भी 10 लाख से ज्यादा छात्र ऑल इंडिया ट्रेड में शामिल हुए। इनमें से 45 टॉपर्स साथियों को मुझे सम्मानित करतेका अवसर मिला। इसमें बड़ी संख्या में वो नौजवान शामिल हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। इन्हें देखकर मुझे इनमें लघु भारत नजर आता है। पीएमनरेंद्र मोदी ने कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत की वर्कशॉप है। साल 2014 तक हमारे देश में 10 हजार आईटीआई बने थे। लेकिन, बीते एक दशक मेंकरीब पांच हजार नए आईटीआई बने। यानी देश आजाद होने के बाद 2014 तक 10 हजार और मोदी के आने के बाद नई पांच हजार आईटीआईबने। आज पीएम सेतु योजना का भी शुभारंभ हुआ। यह योजना दुनिया की स्किल डिमांड से भारत के युवा साथियों को जोड़ेगी। पीएम नरेंद्र मोदी नेलालू-राबड़ी राज को याद करते हुए कहा कि दो दशक पहले राजद के कुशासन ने बिहार की हालत खराब कर दी थी। शिक्षा व्यवस्था का हाल ऐसाहो गया था कि मां-बाप को अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए बाहर भेजना पड़ता था। लेकिन, जनता ने नीतीश जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार को चुना।आज बिहार के बच्चे अपने राज्य में बेहतर शिक्षा हासिल कर रहे हैं। एनडीए सरकार ने शिक्षा का बजट कई गुना बढ़ा दिएपीएम मोदी ने कहा कि आज सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने युवाओं के कौशल विकास के लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशलविश्वविद्यालय की स्थापना की है। यह विवि बिहार के युवाओं के भविष्य के मील का पत्थर साबित होगा। वहीं पिछले कुछ दिनों में राहुल गांधी औरतेजस्वी यादव को जननायक कहने पर तंज कसते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बिहार के लोगों को मैं कहन चाहता हूं कि आप चौकन्ने रहिए आजकललोग जननायक शब्द की भी चोरी कह रहे हैं। मैं बिहार के लोगों से कहूंगा कि हमारे कर्पूरी ठाकुर जी के लिए जिस जननायक शब्द का उपयोग कियागया उसकी चोरी न हो। कर्पूरी ठाकुर ने समाज में अतुलनीय योगदान दिया। पीएम मोदी ने कहा कि बिहार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को ब्याजमुक्त कर दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि बिहार के युवाओं का सामर्थ बढ़ाने के लिए एनडीए सरकार काम कर रही है। राजद-कांग्रेस की सरकार कीतुलना में एनडीए सरकार ने शिक्षा का बजट कई गुना बढ़ा दिए हैं।
भारत ने अहमदाबाद में वेस्टइंडीज को पारी और 140 रनों से हराकर टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई, भारत ने की बड़ी जीत हासिल

भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट में अपना दबदबा कायम रखा और पहले मैच में पारी और 140 रनों के अंतर से जीत दर्ज की। अहमदाबादके नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने तीसरे दिन ही जीत हासिल कर ली। भारत ने दिन के खेल की शुरुआत से पहले अपनीपहली पारी पांच विकेट पर 448 रन पर घोषित की थी और 286 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। वेस्टइंडीज की टीम शनिवार को पूरे दो सत्र भीबल्लेबाजी नहीं कर सकी और उसकी दूसरी पारी 146 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत ने इस तरह दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त ले लीहै। भारत के लिए रवींद्र जडेजा और मोहम्मद सिराज ने शानदार गेंदबाजी की और चायकाल से पहले ही वेस्टइंडीज की पारी ढेर कर दी। दोनों टीमों केबीच टेस्ट सीरीज में यह 17वीं बार है जब कोई टीम पारी के अंतर से जीती है। इसमें से 20वीं सदी में वेस्टइंडीज ने नौ बार जीत दर्ज की है, जबकि21वीं सदी में भारत ने सभी आठ मैच जीते हैं। यानी भारत ने वेस्टइंडीज को आठवीं बार पारी के अंतर से हराया है। वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी दोनों हीपारी में काफी खराब रही है। पिछली 15 पारियों को देखें तो वेस्टइंडीज सिर्फ दो बार 200 रन का आंकड़ा पार कर पाया है और इस दौरान उसकासर्वोच्च टोटल 253 का रहा है। अहमदाबाद में भी वेस्टइंडीज की स्थिति नहीं बदलीहाल के वर्षों में वेस्टइंडीज का भारतीय सरजमीं पर टेस्ट में रिकॉर्ड काफी खराब रहा है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच भारत में खेले गए पिछले पांचटेस्ट मैच की बात करें तो चार बार वेस्टइंडीज को पारी की हार झेलनी पड़ी है, जबकि एक मैच में भारत ने उसे 10 विकेट से हराया था। भारत नेकोलकाता में 2013 में खेले गए टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज को पारी और 51 रनों से हराया था। वहीं, 2013 में ही मुंबई में खेले गए मैच में भारतीय टीमने पारी और 126 रनों से जीत दर्ज की थी। 2018 में राजकोट टेस्ट में भारत ने वेस्टइंडीज को पारी और 272 रनों से हराया था, जबकि उसी सालहैदराबाद टेस्ट में 10 विकेट से जीत दर्ज की थी। अब अहमदाबाद में भी वेस्टइंडीज की स्थिति नहीं बदली और उसे पारी की हार झेलनी पड़ी।दिलचस्प बात यह है कि ये सभी पांच मैच तीन दिन के अंदर ही खत्म हुए हैं। अंतिम मुकाबला 10 अक्तूबर से दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगाइस मैच में वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी दोनों पारी में खराब रही और तीनों दिन भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा रहा। वेस्टइंडीज के लिए दूसरी पारी मेंएलिका अथानाजे ने सबसे ज्यादा 38 रन बनाए, जबकि जस्टिन ग्रीव्स ने 25, जेडन सील्स ने 22, जोहान लेन ने 14, जॉन कैंबेल ने 14, तेगनारायणचंद्रपॉल ने 8, ब्रेंडन किंग ने 5, रोस्टन चेज ने 1 और शाई होप ने 1 रन बनाए। वहीं, खैरी पियरे 13 रन बनाकर नाबाद लौटे। वेस्टइंडीज कीबल्लेबाजी दूसरी पारी में इतनी खराब रही कि टीम सिर्फ चार घंटे ही भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक सकी। भारत के लिए अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्रजडेजा ने इस मैच में बल्ले के बाद गेंद से भी दम दिखाया। जडेजा ने पहली पारी में नाबाद शतक लगाया था और दूसरी पारी में उन्होंने चार विकेटलिए। जडेजा का साथ सिराज ने निभाया और वह तीन विकेट अपने नाम करने में सफल हुए। वहीं, कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव ने दो औरवाशिंगटन सुंदर को एक विकेट मिला। जसप्रीत बुमराह दूसरी पारी में एक भी सफलता हासिल नहीं कर सके। भारत और वेस्टइंडीज के बीच टेस्टसीरीज का दूसरा और अंतिम मुकाबला 10 अक्तूबर से दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा।
कॉमेडियन सुनील पाल ने आर्यन खान की ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ वेब सीरीज की कड़ी आलोचना की, कहा- बॉलीवुड का मजाक नहीं चाहिए बनाना

हाल ही में नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ के साथ शाहरुख के बड़े बेटे आर्यन खान निर्देशन की दुनिया में कदम रख चुके हैं।उनके इस पहले प्रोजेक्ट को दर्शकों और क्रिटिक्स से प्यार मिला है। सीरीज में कॉमिक टाइमिंग, बॉलीवुड के अंदर होने वाली राजनीति और फिल्मोंकी दुनिया के रूढ़िवादों पर तीखी टिप्पणी ने कई लोगों का ध्यान खींचा। अब मशहूर कॉमेडियन सुनील पाल ने आर्यन की इस सीरीज पर अपनीप्रतिक्रिया दी। जिन्होंने आर्यन के इस शो को लेकर अपनी कड़ी आलोचना की है।’हिंदी रश’ के एक पॉडकास्ट में बातचीत करते हुए सुनील पाल नेआर्यन के शो की तुलना बॉलीवुड के प्रति उनकी जिम्मेदारी के नजरिए से की। उन्होंने कहा, ‘जिस बॉलीवुड ने आपके पिता, शाहरुख खान को इतनाबड़ा सुपरस्टार बनाया, उसी बॉलीवुड की आलोचना आप इस तरह क्यों कर रहे हैं।’ प्रतिद्वंद्वियों के बीच बैलेंस बनाने की जद्दोजहदसुनील पाल का मानना है कि आर्यन ने उस उद्योग का मजाक उड़ाकर अपनी पहली फिल्म में गलती की, जिसने उनके पिता को भारतीय सिनेमा कासबसे बड़ा नाम बनाने में मदद की।’द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में लक्ष्य, सहर बंबा, बॉबी देओल, राघव जूयाल, अन्हा सिंह, मोना सिंह और मनोज पहवामुख्य भूमिकाओं में हैं। इसके साथ ही कई बॉलीवुड ए-लिस्ट कलाकारों ने कैमियो किया है। यह कहानी एक बाहरी व्यक्ति के संघर्ष की है, जोबॉलीवुड में खुद को स्थापित करने की कोशिश करता है और उद्योग की आंतरिक राजनीति और प्रतिद्वंद्वियों के बीच बैलेंस बनाने की जद्दोजहद करताहै। बॉलीवुड का इस तरह से मजाक नहीं बनाना चाहिएसीरीज में आर्यन ने अपने पिता शाहरुख खान का भी मजाक उड़ाया है, लेकिन शो में शामिल हुए कलाकारों ने किसी भी तरह की आपत्ति नहीं जताई।इसके बावजूद सुनील पाल का कहना है कि आर्यन को यह ध्यान रखना चाहिए था कि उनके पास पॉरपुलेरिटी, धन और मंच की कोई कमी नहीं थी।वो घर पर बैठकर और पांच साल इंतजार कर सकते थे और कुछ ऐसा बना सकते थे जिसे संजय लीला भंसाली भी सराहते।बता दें आर्यन की सीरीज को अब तक मिक्स्ड रिएक्शन्स मिले हैं। कई लोगों को सीरीज काफी पसंद आई है। उनका कहना है कि इसमें बॉलीवुड केसच को दिखाया गया है। वहीं कुछ यूजर्स का कहना है कि सीरीज में बॉलीवुड के बड़े सुपरस्टार्स का मजाक नहीं बनाना चाहिए था।कॉमेडियन सुनील पाल ने हाल ही में आर्यन खान की सीरीज ‘बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा किबॉलीवुड का इस तरह से मजाक नहीं बनाना चाहिए था।
भाजपा सांसद संबित पात्रा का आरोप: यूपीए सरकार ने 2008 मुंबई हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, राजनीतिक इच्छाशक्ति का था अभाव

भाजपा सांसद संबित पात्रा ने शनिवार को दावा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने साल 2008 के मुंबई हमले के बाद विदेशी दबावमें पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई नहीं की थी। भुवनेश्वर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि 2014 से पहलेभी भारतीय सशस्त्र बल पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करने में पूरी तरह से सक्षम थे, लेकिन देश के नेतृत्व में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी।संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि तत्कालीन यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस के दबाव में तत्कालीन प्रधानमंत्रीमनमोहन सिंह से पाकिस्तान के खिलाफ तुरंत कार्रवाई न करने के लिए कहा होगा, जबकि मुंबई हमले में लगभग 160 लोग मारे गए थे। अपने दावेके समर्थन में, संबित पात्रा ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के एक हालिया इंटरव्यू का हवाला दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हालात बदलेउन्होंने इंटरव्यू में चिदंबरम के उस कथन का हवाला दिया, जिसमें चिदंबरम ने कहा कि ‘पूरी दुनिया पाकिस्तान के खिलाफ बदले की कार्रवाई कोरोकने के लिए नई दिल्ली आई थी।’संबित पात्रा ने कहा कि चिदंबरम के बयान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता क्योंकि वे उस समय देश के गृहमंत्री थे। पात्रा ने कहा कि, ‘2014 से पहले भी भारतीय सशस्त्र बलों में वीरता थी और वे सक्षम थे, लेकिन देश के नेतृत्व में राजनीतिक इच्छाशक्तिका अभाव था। 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हालात बदले क्योंकि देश को एक मजबूत सशस्त्र बल और मजबूत राजनीतिकइच्छाशक्ति मिली।’ पात्रा ने यह भी दावा किया कि पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि यूपीए सरकार अमेरिका से सलाह-मशविरा करने के बाद ही कैबिनेट मंत्रियों का चयन करती थी। पाकिस्तान के खिलाफ बदले की कार्रवाईभाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, ‘हम सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत कैसे मजबूत हुआ है। भारतीय सशस्त्र बलों को पूरी आजादी दी गई और ऑपरेशन सिंदूर में, हमने देखा कि कैसे एकमजबूत संदेश दिया गया। भारत के विपक्ष के नेता चार दिनों से विदेशी दौरे पर हैं और उनका एकमात्र काम भारत को बदनाम करना है। यूपीए सरकारमें पी चिदंबरम गृह मंत्री थे, और कल पूर्व मंत्री मनीष तिवारी ने खुलासे किए। यह खुलासा चिंताजनक है, यह हमें डराता है कि एक सरकार जिसेभारत की संप्रभुता की रक्षा करने की संवैधानिक जिम्मेदारी दी गई थी, वह सरकार विदेशी ताकतों के हाथों की कठपुतली बन गई।संबित पात्रा ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के एक हालिया इंटरव्यू का हवाला दिया। उन्होंने इंटरव्यू में चिदंबरम के उस कथन का हवाला दिया, जिसमें चिदंबरम ने कहा कि ‘पूरी दुनिया पाकिस्तान के खिलाफ बदले की कार्रवाई को रोकने के लिए नई दिल्ली आई थी।’
बीजेपी ने जगदीश विश्वकर्मा को गुजरात भाजपा अध्यक्ष बनाया, OBC वर्ग को लुभाने की रणनीति

भाजपा ने जगदीश विश्वकर्मा को गुजरात भाजपा का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। जगदीश विश्वकर्मा ओबीसी वर्ग से आते हैं। ऐसे में उन्हें राज्यइकाई की कमान देने को भाजपा द्वारा ओबीसी वर्ग को लुभाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। गुजरात भाजपा अध्यक्ष चुनाव के लिए पार्टीके चुनाव अधिकारी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने गांधीनगर स्थित पार्टी मुख्यालय ‘कमलम’ में राज्य के वरिष्ठ नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं कीएक बैठक में विश्वकर्मा के नाम की आधिकारिक घोषणा की।गुजरात सरकार के मंत्री और ओबीसी नेता जगदीश विश्वकर्मा केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिलकी जगह लेंगे। सीआर पाटिल का तीन साल का कार्यकाल जुलाई 2023 में समाप्त हो गया था, लेकिन वे पद पर बने हुए थे। अहमदाबाद कीनिकोल सीट से तीन बार विधायक रहे विश्वकर्मा शुक्रवार को इस पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने वाले एकमात्र उम्मीदवार थे। विश्वकर्मावर्तमान में गुजरात सरकार में सहकारिता, नमक उद्योग, एमएसएमई, कुटीर, खादी और ग्रामीण उद्योग राज्य मंत्री हैं। आंदोलन के दौरान निकोल में हिंसा हुईजगदीश विश्वकर्मा इससे पहले भाजपा की अहमदाबाद शहर इकाई के अध्यक्ष के रूप में काम कर चुके हैं। विश्वकर्मा ने गुजरात भाजपा अध्यक्षनियुक्त किए जाने के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाटीदार आरक्षण आंदोलन के 10 साल पूरे होनेके मौके पर बीती 25 अगस्त को अहमबाद के निकोल में एक रैली को संबोधित किया था। अब उस रैली के करीब एक महीने बाद निकोल सेविधायक जगदीश विश्वकर्मा को गुजरात भाजपा का नया अध्यक्ष चुना गया है। निकोल एक पाटीदार बहुल इलाका है और 2015 के आरक्षणआंदोलन के दौरान निकोल में हिंसा हुई थी। उत्तरी गुजरात में पिछड़े वर्गों को अपने पक्ष में करने की कोशिशजगदीश विश्वकर्मा को केंद्रीय गृह मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अमित शाह का बेहद करीबी माना जाता है। विश्वकर्मा, जिन्हें ‘जगदीश पांचाल’ के नामसे भी जाना जाता है, काशीराम राणा के बाद गुजरात भाजपा अध्यक्ष बनने वाले केवल दूसरे ओबीसी नेता हैं। वह अहमदाबाद शहर से राज्य में भाजपाका शीर्ष पद संभालने वाले पहले पार्टी नेता भी होंगे। उनकी नियुक्ति को भाजपा द्वारा ओबीसी मतदाताओं को लुभाने के तौर पर देखी जा रही है। यहपार्टी द्वारा मध्य और उत्तरी गुजरात में पिछड़े वर्गों को अपने पक्ष में करने की कोशिश है। संयोग से, कांग्रेस ने हाल ही में मध्य गुजरात के ओबीसी नेताअमित चावड़ा को अपना राज्य अध्यक्ष नियुक्त किया है।जगदीश विश्वकर्मा इससे पहले भाजपा की अहमदाबाद शहर इकाई के अध्यक्ष के रूप में कामकर चुके हैं। विश्वकर्मा निकोल सीट से विधायक हैं। निकोल एक पाटीदार बहुल इलाका है और 2015 के आरक्षण आंदोलन के दौरान यहां हिंसा हुईथी।
सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने दाड़लाघाट में शुरू की नई दूध प्रोत्साहन योजना, किसानों के खाते में सीधे 3 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त राशि जमा

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोलन जिले के दाड़लाघाट में कामधेनु हितकारी मंच के वार्षिक समारोह में प्रदेश की महत्वाकांक्षी दूध प्रोत्साहनयोजना का शुभारंभ किया। इस योजना के लागू होने से दुग्ध उत्पादकों की आय में इजाफा होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसदाैरान सीएम ने बटन दबाकर नई दूध प्रोत्साहन योजना में सोसायटी की ओर से एकत्रित किए जा रहे दूध पर 3 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त राशिसरकार की ओर से किसानों के बैंक खातों में सीधे डीबीटी के माध्यम से डाली। ढोल-नगाड़ों और फूल मालाओं से उनका स्वागत कियाइस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो वर्षों में जिस परिवार की पेंशन नहीं है, उनके लिए 1500 रुपये का इंतजाम करेंगे। उन्होंने कहा किराज्य सरकार ने सीमेंट पर कोई टैक्स नहीं बढ़ाया, भाजपा के आरोप निराधार हैं। उन्होंने साधन संपन्न लोगों से स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ने का भीआह्वान किया। सीएम ने घोषणा की कि दाड़लाघाट में मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना की जाएगी। सुक्खू ने कहा कि भाजपा पांच गुटों में बंटी हुईहै और सोशल मीडिया पर उन्हें गालियां देने में व्यस्त है। भाजपा की पूर्व सरकार ने जनता की संपदा को लुटाया है।सीएम ने कहा कि सरकार एकयोजना ला रही है। इसके तहत यदि आप अपने डीजल ट्रक को इलेक्ट्रिक में बदलते हैं तो सरकार इसके लिए 40 फीसदी सब्सिडी देगी। इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू शनिवार को अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत दाड़लाघाट पहुंचे, जहां लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री के साथ स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनी राम शांडिल, कृषि मंत्री चंद्र कुमार, अर्की विधायक संजय अवस्थी और दून के विधायकराम कुमार भी मौजूद रहे। लोगों ने ढोल-नगाड़ों और फूल मालाओं से उनका स्वागत किया। किसानों के बैंक खातों में सीधे डीबीटी के माध्यम से डालीकामधेनु हितकारी मंच नम्होल के अध्यक्ष नानक चंद, सचिव जीत राम कौंडल, संस्थापक सदस्य डॉ. देवराज शर्मा एवं लेख राम कौंडल ने कहा किकामधेनु संस्था की स्थापना एक अक्तूबर 2001 को मात्र 10-12 किसान परिवारों और 37 लीटर दूध से हुई। 24 वर्षों की यात्रा के बाद संस्थाबिलासपुर और सोलन जिलों की 70 पंचायतों के 6000 से अधिक परिवारों से जुड़ चुकी है। कुल्लू के आनी उपमंडल और शिमला ग्रामीण के धामीक्षेत्र के लगभग 1000 परिवार भी संस्था से जुड़े हैं। संस्था प्रतिदिन 50 हजार लीटर से अधिक दूध का एकत्रीकरण कर रही है, जिसका वितरण प्रदेशके आठ जिला मुख्यालयों में किया जाता है।सीएम ने बटन दबाकर नई दूध प्रोत्साहन योजना में सोसायटी की ओर से एकत्रित किए जा रहे दूध पर 3 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त राशि सरकार की ओर से किसानों के बैंक खातों में सीधे डीबीटी के माध्यम से डाली।
पीओके में प्रदर्शनकारियों ने झुकाया पाकिस्तान सरकार को, शहबाज शरीफ ने मांगे मानीं, हिंसक प्रदर्शन समाप्त

पीओके में प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार को झुका दिया है। पाकिस्तान सरकार ने प्रदर्शनकारियों की अधिकतर मांगें मानली हैं और समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके साथ ही पीओके में बीते कई दिनों से चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन बंद हो गए। पाकिस्तान केकब्जे वाले कश्मीर में बीते कई दिनों से हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे थे, जिनमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और सैंकड़ों घायल हुए। शनिवार को पाकिस्तान की संघीय सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच विरोध प्रदर्शनों को समाप्त करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इससमझौते के तहत पाकिस्तान सरकार ने प्रदर्शनकारियों की कई मांगें मान ली हैं। पीओके में बिगड़ते हालात को देखते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्रीशहबाज शरीफ ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल को मुजफ्फराबाद भेजा। पूर्व प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ केनेतृत्व में इस प्रतिनिधिमंडल ने लगातार दो दिनों तक गहन चर्चा की, जो बीती रात को समाप्त हुई। 20 मंत्रियों और सलाहकारों तक सीमित किया जाएगासंसदीय कार्य मंत्री तारिक फजल चौधरी ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। उन्होंने लिखा कि’प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएसी) के साथ अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। प्रदर्शनकारी अपने घरोंको लौट गए हैं। सभी सड़कें फिर से खोल दी गई हैं। यह शांति की जीत है।’ विरोध प्रदर्शन समाप्त करने के लिए 25 बिंदुओं वाले एक समझौतादस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए, जिसमें पाकिस्तान सरकार हिंसा में मारे गए लोगों के लिए मुआवजा देगी, हिंसा की घटनाओं के लिए आतंकवाद केमामले दर्ज किए जाएंगे, जिनमें प्रदर्शनकारी मारे गए। शरीफ सरकार ने पीओके के मुजफ्फराबाद और पुंछ संभागों के लिए दो अतिरिक्त इंटरमीडिएटऔर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड स्थापित करने पर भी सहमति व्यक्त की। स्थानीय सरकार मरीजों के मुफ्त इलाज के लिए 15 दिनों के भीतर स्वास्थ्य कार्डके लिए धनराशि जारी करेगी और संघीय सरकार द्वारा पीओके के प्रत्येक जिले में चरणबद्ध तरीके से एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें उपलब्धकराई जाएंगी। यह भी सहमति हुई कि संघीय सरकार पीओके में बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए 10 अरब पाकिस्तानी रुपये देगी। जैसा किप्रदर्शनकारियों की मांग थी, उसके अनुसार, पीओके में मंत्रिमंडल का आकार घटाकर 20 मंत्रियों और सलाहकारों तक सीमित किया जाएगा, औरप्रशासनिक सचिवों की संख्या भी 20 से अधिक नहीं होगी। नेताओं के बीच बातचीत टूट गई तो हिंसासरकार के आकार को कम करने के लिए कुछ विभागों का विलय किया जाएगा। यह सहमति बनी कि पाकिस्तान सरकार नीलम घाटी सड़क केकाहोरी/कामसेर (3.7 किमी) और चपलानी (0.6 किमी) पर दो सुरंगों के निर्माण के लिए अध्ययन करेगी। साथ ही कानूनी और संवैधानिक विशेषज्ञोंवाली एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति पीओके विधानसभा के सदस्यों के मुद्दे पर विचार-विमर्श करेगी। इस बात पर भी सहमति बनी कि मीरपुर में एकअंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के लिए कदम उठाए जाएंगे। संपत्ति के हस्तांतरण पर कर तीन महीने के भीतर पंजाब या खैबर पख्तूनख्वा के बराबरकर दिया जाएगा। समझौते की निगरानी और कार्यान्वयन के लिए एक निगरानी और कार्यान्वयन समिति का गठन किया जाएगा।जम्मू कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएसी) के नेतृत्व में पीओके में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने 38 बिंदुओं का एक चार्टरजारी किया था, जिसकी मांगें पूरी न होने पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उतरने की चेतावनी दी थी। जब 29 सितंबर को प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल और सरकार के अधिकारियों और नेताओं के बीच बातचीत टूट गई तो हिंसा भड़क गई थी, जिसमें 10 लोग मारे गए।