पुलिस स्मृति दिवस पर बोले रक्षा मंत्री पुलिस और सेना का मिशन एक, बोले देश को है गर्व “जानें क्या कुछ कहा”

आज देशभर में शहीद पुलिसकर्मियों को याद करने के लिए पुलिस स्मृति दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवारको राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (नेशनल पुलिस मेमोरियल), चाणक्यपुरी नई दिल्ली में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में भाग लिया और देश केलिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले बहादुर पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान संबोधन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नेपुलिस और सेना की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चाहे मंच अलग हों लेकिन बात अगर राष्ट्रीय सुरक्षा की हो तो सेना और पुलिस दोनों कामिशन एक ही है, दोनों की भूमिका एक जैसी ही है। उन्होंने कहा कि आज जब भारत ‘अमृत काल’ में प्रवेश कर चुका है और हम 2047 तक विकसितभारत का सपना देख रहे हैं, तो देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा में संतुलन बनाए रखना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है। धन्यवाद दिया और कहा कि देश को उन पर गर्वरक्षा मंत्री ने कहा कि आज पुलिस को सिर्फ अपराध से नहीं, बल्कि छवि से भी लड़ना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि हमारीपुलिस न केवल अपनी आधिकारिक जिम्मेदारी निभा रही है, बल्कि नैतिक कर्तव्यों का भी पालन कर रही है। जनता को आज यह भरोसा है कि अगरकुछ गलत होता है, तो पुलिस उनके साथ खड़ी होगी। राजनाथ सिंह ने याद किया कि उन्होंने गृह मंत्री के रूप में काम करते हुए पुलिस के कार्यों कोनजदीक से देखा है और अब रक्षा मंत्री के रूप में उन्हें सेना की कार्यशैली को भी देखने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि चाहे दुश्मन सीमा पार सेआए या हमारे बीच छिपा हो, जो भी भारत की सुरक्षा के लिए खड़ा होता है, वह एक ही भावना का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने पुलिस बल कोउनके बलिदान, समर्पण और सेवा के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि देश को उन पर गर्व है। पूरी तरह से सम्मान नहीं दियाराजनाथ सिंह ने आगे कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि समाज और देश के रूप में हमने लंबे समय तक पुलिस के योगदान को पूरी तरह से सम्मान नहींदिया। उन्होंने कहा कि हम वह सकारात्मक प्रयास नहीं कर पाए जो पुलिस के बलिदान को याद रखने के लिए करने चाहिए थे। लेकिन प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2018 में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की स्थापना कर इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया। राजनाथ सिंह ने यह भी बताया किसरकार ने पुलिस बल को आधुनिक हथियार और बेहतर सुविधाएं भी मुहैया कराई हैं ताकि वे चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकें। उन्होंनेकहा कि देश के सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन उन्हें निपटाने के लिए संसाधन सीमित हैं। ऐसे में उनका सर्वश्रेष्ठ उपयोग जरूरी है, जो तभी संभव हैजब सुरक्षा एजेंसियों में बेहतर तालमेल और समन्वय हो। आगे रक्षा मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि यही एकमात्र रास्ता है जिससे हम आंतरिकऔर बाहरी खतरों से मजबूती से निपट सकते हैं।
बच्चू कडू का विवादित बयान किसानों से कहा ‘विधायक को काटो या मारो’, गहन आलोचना

महाराष्ट्र के पूर्व विधायक बच्चू कडू ने किसानों से आत्महत्या करने के बजाय विधायक को ‘काटने या मारने’ की अपील करने वाली टिप्पणी पर विवादखड़ा हो गया है। महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की तथा उनसे किसानों को उकसाने से बचने को कहा है।अमरावती जिले से प्रहार जनशक्ति पार्टी के नेता और पूर्व विधायक बच्चू कडू ने एक सभा को संबोधित करते हुए किसानों से कहा कि अगर वे चाहतेहैं कि सरकार उनके मुद्दों का शीघ्र समाधान करे तो उन्हें अपनी जान लेने के बजाय विधायकों को हिंसक तरीके से निशाना बनाना चाहिए। संजय शिरसाट ने कडू को किसानों को भड़कानेकडू ने कथित तौर पर कहा, आत्महत्या क्यों करें? विधायक को मार दें, काट दें। किसानों को बिना कपड़ों के विधायक के आवास के सामने जाकरबैठना चाहिए और पेशाब करना चाहिए। अगर ये सब किया गया तो सरकार पटरी पर आ जाएगी। इस बयान का वीडियो प्रसारित होने के बादशिवसेना नेता एवं मंत्री संजय शिरसाट ने कडू को किसानों को भड़काने के बजाय अपने शब्दों पर अमल करने की चुनौती दी। अपराध दर्ज करवाना चाहतेउन्होंने कहा, बच्चू कडू को ये सब खुद करना चाहिए। क्या वह (उन्हें भड़काकर) किसानों के खिलाफ और अपराध दर्ज करवाना चाहते हैं? उन्हें अपनीज़ुबान पर लगाम लगानी चाहिए। (सितंबर में बाढ़ और बारिश के कारण) किसान पहले से ही संकट में हैं। क्या कडू चाहते हैं कि वे हत्याएं करें? उन्होंने कहा, किसान पहले से परेशान हैं और ऐसे भड़काऊ बयानों से अपराध और हिंसा को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने कादू को जिम्मेदारी सेबोलने और किसानों को उकसाने से बचने की चेतावनी भी दी। महाराष्ट्र विधानसभा में पूर्व विधायक रहे बच्चू कडू ने विवादित बयानों से हिंसा भड़कानेका प्रयास किया है। उन्होंने किसानों को खुदकुशी की बजाय विधायकों को “काटने या मारने” के साथ-साथ उनके समक्ष अभद्र प्रदर्शन करने कीसलाह दी।
नागालैंड की राजनीति में नया मोड़, NDPP-NPF विलय को रियो ने बताया जनता की एकता का प्रतीक

नागालैंड की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने सोमवार को स्पष्ट किया कि नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिवपार्टी (एनडीपीपी) और नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) का प्रस्तावित विलय किसी निजी स्वार्थ या सत्ता लाभ के लिए नहीं, बल्कि नागा जनता कीएकता और भलाई के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह एक दैवी हस्तक्षेप से मिला आशीर्वाद है, जो नागालैंड की राजनीति में नया अध्यायखोलने जा रहा है। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने कहा कि एनडीपीपी और एनपीएफ का विलय किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि नागाजनता की एकता और भलाई के लिए है। उन्होंने इसे दैवी हस्तक्षेप से मिला अवसर बताया। रियो को एनपीएफ का नया अध्यक्ष चुना गया है। उन्होंनेभाजपा के साथ रणनीतिक गठबंधन जारी रखने और शांति के लिए विकास’ के सिद्धांत को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।स्वीकार करने का संकल्प पारित कियापारंपरिक सेंट्रल एक्जीक्यूटिव काउंसिल (सीईसी) की बैठक में रियो ने कहा कि यह विलय नागा राजनीति को स्थिरता और दिशा देगा। एनडीपीपी केछठे आम सम्मेलन में रियो को सर्वसम्मति से एनपीएफ विधायक दल का नया नेता और पार्टी का अध्यक्ष चुना गया। सम्मेलन ने सर्वसम्मति से छहसितंबर को एनपीएफ द्वारा दिए गए विलय प्रस्ताव को स्वीकार करने का संकल्प पारित किया। रियो ने इस मौके पर एनडीपीपी और एनपीएफनेताओं का आभार जताया और कहा कि यह कदम नागा राजनीति के लंबे संघर्ष में ऐतिहासिक मोड़ साबित होगा। विकास के लिए समर्पित होने की अपीलरियो ने अपने राजनीतिक करियर को याद करते हुए कहा कि 1973 में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट से शुरुआत कर उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं।2002 में उन्होंने नागालैंड पीपुल्स फ्रंट का गठन किया, जो बाद में नागा पीपुल्स फ्रंट बना। 2013 में इस पार्टी ने 38 विधायकों के साथ बहुमतहासिल किया था, लेकिन अंदरूनी मतभेदों और लालच ने पार्टी को कमजोर कर दिया। उन्होंने कहा कि लालच और अविश्वास ने हमें बांट दिया था, लेकिन अब यह विलय हमें फिर एक करेगा। हमारी ताकत हमारी एकजुटता में है।रियो ने अपने संबोधन में भाजपा के साथ रणनीतिक गठबंधन बनाएरखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पार्टी के साथ सहयोग शासन और विकास के लिए जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनपीएफ का मूलसिद्धांत ‘शांति के लिए विकास और विकास के लिए शांति’ रहेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर नागालैंड केविकास के लिए समर्पित होने की अपील की।
दिल्ली में ऑफिसर्स वॉयस 2025’ का ग्रैंड फिनाले – अधिकारियों ने गीतों से बांधा समा, पंजाबी कलाकारों ने किया मनोरंजन का धमाका

सिरी फोर्ट स्थित NCUI ऑडिटोरियम में हुआ शानदार सांस्कृतिक आयोजनराजधानी दिल्ली के NCUI ऑडिटोरियम, सिरी फोर्ट में शनिवार को ‘ऑफिसर्स वॉयस 2025’ का भव्य ग्रैंड फिनाले शानदार माहौल में आयोजित हुआ। यह प्रतियोगिता केंद्र सरकार के अधिकारियों के बीच आयोजित एक वार्षिक गायन महोत्सव है, जिसमें देशभर के कई अधिकारी अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। इस साल का आयोजन संगीत, उत्साह और सांस्कृतिक रंगों से भरपूर रहा जहां एक ओर अधिकारियों ने अपने सुरों से जादू बिखेरा, वहीं दूसरी ओर पंजाबी कलाकारों ने अपनी ऊर्जा भरी प्रस्तुतियों से पूरे सभागार को झूमने पर मजबूर कर दिया। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ताइस भव्य समारोह में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने मंच पर उपस्थित सभी अधिकारियों औरकलाकारों की प्रशंसा करते हुए कहा, “हमारे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी केवल अपने कर्तव्यनिष्ठ कार्यों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी रचनात्मक प्रतिभा के लिए भी प्रशंसा के पात्र हैं। ऐसे आयोजन तनावमुक्त वातावरण बनाते हैं और टीम भावना को मजबूत करते हैं। गुप्ता ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों और प्रतिभागियों को बधाई दी और कहा कि यह पहल देशभर के अधिकारियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। कई दिल्ली और केंद्र सरकार के प्रशासनिक अधिकारी बने आकर्षण का केंद्रइस प्रतियोगिता में दिल्ली और केंद्र सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस सेवा की अधिकारियों, सीबीआई, राजस्व सेवा से इनकम टैक्स औरजीएसटी सहित विभिन्न अधिकारियों ने भाग लिया ।सभी प्रतिभागियों ने अपनी आवाज़ से समां बांध दिया। किसी ने पुराने फिल्मी गीतों से यादें ताज़ा कीं, तो किसी ने देशभक्ति गीतों से सबका मन मोहलिया।ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूंजता रहा। डॉ. अत्यानंद की प्रस्तुति ने बांधा समावित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (Department of Expenditure) में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) के रूप में कार्यरत डॉ. अत्यानंद ने भी इस अवसर पर मंच संभाला और एक बेहद भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किया। उनकी आवाज़ और अभिव्यक्ति ने उपस्थित सभी अधिकारियों और दर्शकों कोमंत्रमुग्ध कर दिया। डॉ. अत्यानंद ने कहा कि, यह मंच हमें न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देता है, बल्कि यह बताता है कि संगीत भी सेवाका एक रूप है जो दिलों को जोड़ता है। पंजाबी कलाकारों ने जमाया रंग, दर्शकों ने जमकर किया आनंदकार्यक्रम की खास बात रही पंजाबी कलाकारों की जोशीली प्रस्तुति। प्रसिद्ध पंजाबी गायक और लोक कलाकारों ने मंच पर धमाल मचा दिया।उनकी गायकी, ढोल की थाप और भांगड़ा की ताल ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। दर्शकों ने कुर्सियों पर बैठकर भी तालियां बजाईं और झूमते हुए कलाकारों का हौसला बढ़ाया।इन प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को एक संगीतमय उत्सव का रूप दे दिया। आयोजन का नेतृत्व किया वरिष्ठ पत्रकार राजीव निशाना ने‘ऑफिसर्स वॉयस 2025’ का आयोजन वरिष्ठ पत्रकार राजीव निशाना के निर्देशन और पहल पर किया गया। उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य है कि देश की सुरक्षा में जुटे हमारे अधिकारी अपने भीतर छिपी कला को भी मंच पर लाएं। यह कार्यक्रम उनके जीवन में आनंद, आत्मविश्वास और सामूहिकता की भावना को बढ़ाता है।राजीव निशाना ने बताया कि भविष्य में इस प्रतियोगिता को और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा, ताकि अधिकाधिक अधिकारी इसमें भाग लेकर अपने हुनर को पहचान दिला सकें। संगीत, कला और सेवा की एक अद्भुत शामकार्यक्रम के दौरान कई अधिकारी अपने परिवारों के साथ उपस्थित थे। सभी ने उत्साहपूर्वक प्रस्तुतियों का आनंद लिया।देशभक्ति गीतों से लेकर रोमांटिक धुनों और लोक संगीत तक हर प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर किया। कार्यक्रम का संचालन बेहद आकर्षक अंदाज़ में किया गया और अंत में विजेताओं को ट्रॉफी व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम ने दिया सकारात्मक संदेश‘ऑफिसर्स वॉयस 2025’ ने यह साबित कर दिया कि भारत के अधिकारी केवल अपनी प्रशासनिक दक्षता में ही नहीं, बल्कि कला, संगीत और संस्कृति में भी किसी से कम नहीं हैं। यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि इसने एकता, रचनात्मकता और आत्म-अभिव्यक्ति का सुंदर संदेश भी दिया।
बिहार चुनाव 2025 पहले चरण में सियासी घमासान, 121 सीटों पर महागठबंधन और NDA आमने-सामने “जानें क्या है पूरा मामला”

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान छह नवंबर को है। पहले चरण में 18 जिले के 121 सीटों पर चुनाव होना है। अब तक 1698 विभिन्न दलों के साथ ही निर्दलीय प्रत्याशियों ने नामांकन किया है। 20 अक्टूबर तक नाम वापसी की अंतिम तिथि है। खास बात यह है कि पहलेचरण में राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल यूनाईटेड की सबसे अधिक सीटें दांव पर लगी है। इस बार महागठबंधन की ओर से राजद ने 71, कांग्रेस ने25, भाकपा माले 13, वीआईपी और सीपीआई छह-छह, सीपीएम और आईआईपी ने दो प्रत्याशी उतारे हैं। वहीं एनडीए से जदयू ने 57 उतारे हैं।भाजपा के 48, लोजपा (राम) के 14 और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोमो से दो प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। ज्यादा चर्चा में रहे मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टीपहले चरण में 36 सीटों पर राजद और जदयू के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। वहीं राजद और भाजपा के बीच 23 सीटों पर आमने सामने हैं। कांग्रेस औरभाजपा के प्रत्याशियों के बीच 23 सीटों पर मुकाबला है। वहीं कांग्रेस और जदयू 12 सीटों पर आमने-सामने हैं। वहीं चिराग और तेजस्वी के बीच 10 सीटों पर मुकाबला होना है। पहले यह संख्या 11 थी। लेकिन, मढ़ौरा से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) सीमा सिंह का नामांकन रद्द होने के कारणयह संख्या अब 10 रह गई। महागठबंधन में पिछले कुछ दिनों से सबसे ज्यादा चर्चा में रहे मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी का मुकाबलापहले चरण की छह में से चार सीटों पर भाजपा और दो सीटों पर जदयू से है। हजारी कल्याणपुर से चुनावी मैदानपहले चरण में राजद से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव राघोपुर और छपरा से भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा से उपमुख्यमंत्रीविजय कुमार सिन्हा लखीसराय, सम्राट चौधरी तारापुर से, मंत्री मंगल पांडेय सीवान से, जिवेश मिश्रा जाले से, संजय सरावगी दरभंगा सदर से, राजूसिंह राजू कुमार सिंह, नितिन नवीन बांकीपुर और लोकगायिका मैथिली ठाकुर अलीनगर सीट, पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा से चुनावी मैदानमें हैं। वहीं जदयू से मंत्री विजय कुमार चौधरी सरायगंज से, महेश्वर हजारी कल्याणपुर से चुनावी मैदान में हैं।
महागठबंधन में टिकटों की तकरार, NDA में बूथ तक मैनेजमेंट किसकी रणनीति होगी भारी?

बिहार की सियासत में दोस्ती-दुश्मनी की नई इबारत लिखी जा रही है। महागठबंधन की ‘युवा जोड़ी’ राहुल गांधी-तेजस्वी यादव टिकट बंटवारे के पहलेपायदान पर ही भिड़ गई। दोनों कुछ नहीं बोल रहे, लेकिन दोनों दलों के सूरमा एक- दूसरे को ज़ख़्मी कर गए। यूं कहें कि नेट प्रैक्टिस में हीमहागठबंधन के खिलाड़ी ऐसा भिड़े कि मुकाबले से पहले तमाम खिलाड़ी रिटायर्ड हर्ट होते दिख रहे हैं। वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीशकुमार की जोड़ी और टीम काफी हद तक एकजुट दिख रही है। कांग्रेस-राजद के बीच सीट बंटवारे की खींचतान अब खुली जंग में बदल चुकी। करीबदर्जनभर सीटों पर दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतार दिए। वैशाली से लालगंज, कहलगांव से राजापाकड़ तक ‘दोस्ती में कुश्ती’ कानजारा साफ। कांग्रेस के दलित नेता राजेश राम के मुकाबले राजद ने सुरेश पासवान को टिकट थमा दिया। पासवान ने साफ कहा, ‘कई सीटों परफ्रेंडली फाइट होगी।’ वहीं राजेश राम ने साफ कहा फाइट में फ्रेंडली कुछ नहीं होता। लड़ाई तो लड़ाई है। जदयू-बीजेपी संगठन और बूथ प्रबंधन की कमान खुद थामीकांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट को ठेंगा दिखाकर टिकट बंटवारे से असंतोष चरम पर है। वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने खुला सवाल उठाया कि“जो कल तक कांग्रेस को कोसते थे, उन्हें टिकट कैसे?” योगेंद्र यादव के करीबी अनुपम को टिकट मिलने से कार्यकर्ताओं में बगावत भड़क उठी है।राजद के भीतर भी कई सीटों पर नाराजगी, और कांग्रेस में नेतृत्व-संवाद की कमी से गठबंधन की ‘एकता’ पर खतरा मंडरा रहा। मौजूदा स्थिति से खिन्नबिहार कांग्रेस के प्रवक्ता और प्रदेश के शोध विभाग के अध्यक्ष आनंद माधव ने कहा कि ‘हम राहुल गांधी को प्रधानमंत्री देखना चाहते हैं, लेकिनवर्तमान व्यवस्था के खिलाफ आवाज नहीं उठाई तो ये कांग्रेस के लोकतांत्रिक मूल्यों और फासीवाद के खिलाफ हमारे संघर्ष को कमजोर करेगा।उन्होंने करीब 150 कांग्रेस के पूर्व विधायकों, जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों के साथ मीडिया से बात की और कहा कि हम आवाज उठा रहे हैं ताकिआलाकमान तक सच्चाई पहुंचे। इधर, शुरुआती रस्साकशी के बाद एनडीए में तालमेल बढ़िया दिख रहा है। गृह मंत्री अमित शाह ने जदयू-बीजेपीसंगठन और बूथ प्रबंधन की कमान खुद थामी। उन्होंने इसे ‘चुनावी अनुशासन’ का नया मॉडल बताया। वहीं राहुल ने चुनाव से पहले वोट चोरी पर तो खूब बवाल काटागृह मंत्री अमित शाह ने पटना के होटल मौर्यालोक पहुंचते ही संगठन के ‘नट-बोल्ट’ कस दिए। पहले अलीनगर से पराजय की कगार पर खड़ी मैथिलीठाकुर के सामने बागी उम्मीदवार पप्पू सिंह को बिठाया और फिर औरंगाबाद सीट पर खड़े 2 निर्दलीय उम्मीदवारो को भी समझा लिया। शाह केमैनेजमेंट ने पार्टी को ‘रेस में वापसी’ का मौका दिया। पीएम मोदी बिहार में 12 मेगा रैलियां करेंगे। 23 अक्तूबर को सासाराम, भागलपुर, गया; 28 को पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा; 1 नवंबर को पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, छपरा; 3 को पश्चिम चंपारण, सहरसा, अररिया। इनसे NDA का प्रचारअभियान निर्णायक मोड़ लेगा। मोदी जब जाते हैं तो चुनावी चक्रवात पैदा करते हैं। वहीं राहुल ने चुनाव से पहले वोट चोरी पर तो खूब बवाल काटा, लेकिन अब बिहार से जैसे वह दूर हुए, कांग्रेस और महागठबंधन पर उसका प्रभाव ख़राब पड़ा है। बिहार का चुनाव विचारों से ज्यादा टीम मैनेजमेंट काहै। महागठबंधन सीटों पर उलझा, टिकटों पर बिखरा और प्रचार पर अटका। एनडीए एकजुट रणनीति से मैदान पर हावी दिख रहा है वहीं.. एक तरफफ्रेंडली फाइट की फिजा, दूसरी ओर नीतीश-मोदी की केमिस्ट्री..! दीवाली के बाद हवाएं कैसी चलेंगी, उससे ही तय होगा कि 14 नवंबर को बिहार मेंसत्ता की दीवाली कौन मनायेगा।
शिंदे का ऐलान किसानों की दिवाली नहीं होगी अंधेरे में, जिन्होंने शिवसेना बेची उन्हें मिलेगी सिर्फ टिकली

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंद ने कहा कि सरकार राज्य के बाढ़ प्रभावित किसानों की मदद लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनकी दीपावलीअंधेरे में नहीं रहेगी। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के गठबंधन कीअटकलों पर शिंदे ने कहा कि जो अपने सिद्धांतों के साथ खड़े नहीं होंगे, उन्हें लोग नकार देंगे। उन्होंने कहा, कुछ नेता कह रहे थे कि अगर दो ठाकरे(उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे) एक साथ आ गए तो धमाका होगा। पर ठाणे के लोग उन्हें दिखा देंगे कि बॉस कौन है। जो अपने सिद्धांतों के साथ नहींहैं, उन्हें लोग नकार देंगे। शिंदे ने उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, जिन्होंने शिवसेना को बेच दिया, उन्हें लोगों से’टिकली’ (छोटे पटाखे) मिलेगी, पर हम अपनी एकता और ताकत से विरोधियों को खत्म कर देंगे।कार्यकर्ता मुश्किल वक्त में किसानों के साथ खड़े रहेशनिवार देर रात ठाणे में अपनी पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा, दिवाली शुरू हो गई है और हम खुशी के साथ मना रहे हैं।पर जश्न के बीच मराठवाड़ा में बाढ़ की वजह से दुख है और किसानों की आंखें नम हैं। उन्होंने मराठवाड़ा में बाढ़ पर अपनी पार्टी की तत्काल प्रतिक्रियाका जिक्र किया और बताया कि शिवसेना कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से राहत कार्य को प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया था। उन्होंने कहा, हमारेकार्यकर्ता प्रभावित इलाकों में गए और हमने उनसे कहा कि वे दशहरा रैली (मुंबई) में न आएं, बल्कि वहीं रुककर किसानों की मदद करें। हमनेप्रभावितों को मदद के किट भेजे और सहायता की। मुझे गर्व है कि हमारे कार्यकर्ता मुश्किल वक्त में किसानों के साथ खड़े रहे। हम दशहरा मना रहेशिंदे ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने प्रभावितों के लिए वित्तीय मदद को तेज किया है ताकि उनकी दिवालीसामान्य तरीके से गुजर सके। उन्होंने कहा, हम दशहरा मना रहे हैं और मैंने एलान किया है कि हम किसानों की दिवाली में अंधकार नहीं होने देंगे। हमनेनिर्णय लिया है और मुआवजा राशि वितरित की जा रही है। मुझे इसमें खुशी है।
ड्रग्स से भरी पनडुब्बी पर अमेरिकी हमला, ट्रंप बोले अगर ये पहुंच जाती, 25 हज़ार मौतें तय थीं

अमेरिकी ने कैरेबियाई जल क्षेत्र में एक संदिग्ध पनडुब्बी को निशाना बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को बताया कि इस पनडुब्बी सेफेंटानिल ड्रग की अमेरिका में तस्करी की जा रही थी। उन्होंने बताया कि अमेरिकी हमले में ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका दोसंदिग्ध ड्रग तस्करों को उनके मूल देश इक्वाडोर और कोलंबिया वापस भेज रहा है। ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर साझा एक पोस्ट में लिखा, ‘एक बड़े पैमाने पर ड्रग ले जाने वाली पनडुब्बी को नष्ट करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात थी। यह पनडुब्बी एक जाने-माने मादक पदार्थों कीतस्करी के रास्ते से अमेरिका की ओर आ रही थी।’ उन्होंने आगे कहा कि यह पनडुब्बी फेंटेनाइल और अन्य ड्रग्स से भरी हुई थी। ट्रंप ने लिखा किपनडुब्बी पर चार तस्कर सवार थे, जिनमें से दो अमेरिकी हमले में मारे गए और बाकी दो को हिरासत में लेकर उनके मूल देश कोलंबिया और इक्वाडोरभेजा जा रहा है। अगर यह पनडुब्बी अमेरिका पहुंच जाती तो इसमें मौजूद ड्रग्स से कम से कम 25 हजार अमेरिकी लोगों की मौत होती। हालांकि ताजा हमले में भी अमेरिका ने ऐसा कोई सबूत नहीं दियाकोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने भी एक कोलंबियाई संदिग्ध को अमेरिका से वापस भेजे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखाकि ‘हमें खुशी है कि वह जिंदा है और उस पर कानून के मुताबिक मुकदमा चलाया जाएगा।’ पनडुब्बी पर अमेरिकी हमला ऐसे समय हुआ है, जबअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान छेड़ा हुआ है। इसके चलते ट्रंप ने वेनेजुएला से अमेरिकी की तरफ कथित तौर परड्रग तस्करी करने वाली नौकाओं को निशाना बनाया है। हालांकि ताजा हमले में भी अमेरिका ने ऐसा कोई सबूत नहीं दिया, जिससे पता चले कि जिसपनडुब्बी पर हमला हुआ, उस पर ड्रग तस्कर ही सवार थे। न ही अमेरिका ने ये बताया कि ये पनडुब्बी कहां से आ रही थी। ट्रंप ने लिखा कि पनडुब्बीपर चार तस्कर सवार थे, जिनमें से दो अमेरिकी हमले में मारे गए और बाकी दो को हिरासत में लेकर उनके मूल देश कोलंबिया और इक्वाडोर भेजा जारहा है।
दार्जिलिंग में भाजपा सांसद राजू बिष्टा के काफिले पर हमला, शुभेंदु अधिकारी बोले TMC की हताशा का नतीजा

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा सांसद राजू बिष्टा के काफिले पर हुए हमले की कड़ी निंदाकी है और हमले का आरोप टीएमसी पर लगाया है। भाजपा सांसद राजू बिष्टा पर के काफिले पर शनिवार को दार्जिलिंग में हमला किया गया। इससेपहले भी भाजपा सांसद और विधायक पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हुए। भाजपा सांसद राजू बिष्टा के काफिलेपर हमले की घटना दार्जिलिंग के मसधुरा इलाके में हुई, जो सुखिया पोखरी के नजदीक है। कुछ अज्ञात लोगों ने राजू बिष्टा के काफिले की गाड़ी परपत्थर फेंके। इस हमले में कार क्षतिग्रस्त हुई, गनीमत रही कि जिस गाड़ी पर हमला हुआ, उसमें भाजपा सांसद नहीं थे। भाजपा सांसद राजू बिष्टा नेहमले के कायराना करार दिया और इस हमले को पूर्व में अन्य भाजपा सांसदों पर हुए हमलों की कड़ी बताया। पश्चिम बंगाल के लोग उनके साथ खड़ेराजू बिष्टा पर हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा ‘मैं सुखिया पोखरी केपास मसधुरा में अपने सहयोगी और दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्टा जी पर हुए कायराना हमले की कड़ी निंदा करता हूं। यह हमला भाजपा सांसदखगेन मुर्मू और विधायक डॉ. शंकर घोष पर हुए जानलेवा हमले के बाद हुआ है। टीएमसी के गुंडों द्वारा उनके काफिले को निशाना बनाकर, उन्हें गंभीररूप से घायल करने के इरादे से किया गया यह जघन्य हमला उनकी हताशा और डर को दिखाता है। विनाशकारी बाढ़ के बाद राजू बिष्टा के राहतकार्यों और लोगों के प्रति उनके समर्पण ने टीएमसी को झकझोर दिया है, जिसने उन्हें चुप कराने के लिए ऐसे घिनौने हथकंडे अपनाए हैं। लेकिन मैं यहसाफ कर दूं कि ये कायराना हमले हमारे संकल्प को और मजबूत करेंगे। न केवल दार्जिलिंग के लोग, बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल के लोग उनके साथ खड़ेहैं और वह इस नेक काम को दोगुने जोश के साथ जारी रखेंगे।’ मसधुरा में मेरे काफिले पर अज्ञात बदमाशों ने हमला कियादार्जिलिंग से भाजपा सांसद राजू बिष्टा ने उनके काफिले को निशाना बनाए जाने के बाद सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा एक पोस्ट में लिखा, ‘आज सुखिया पोखरी के पास मसधुरा में मेरे काफिले पर अज्ञात बदमाशों ने हमला किया। हालांकि, उन कायरों ने मुझे निशाना बनाया था, लेकिनहमले का असर मेरे ठीक पीछे वाले वाहन पर पड़ा। हमारे क्षेत्र के लिए एक वार्ताकार की घोषणा के बाद हुए इस हमले का समय बेहद संदिग्ध है।यह हमारे क्षेत्र में शांति भंग करने की साजिश की ओर इशारा करता है।’ भाजपा नेता ने कहा कि टीएमसी के गुंडों द्वारा उनके काफिले को निशानाबनाकर, उन्हें गंभीर रूप से घायल करने के इरादे से किया गया यह जघन्य हमला उनकी हताशा और डर को दिखाता है।
Delhi BJP Hosts Grand Diwali Milan with Journalists; Leaders Celebrate Cultural Pride and Green Festivities

Delhi BJP’s annual Diwali Milan celebration with journalists was held today at the new state office on Deendayal Upadhyay Marg. The event was presided over by Delhi BJP President Mr. Virendra Sachdeva and graced by the Chief Minister of Delhi, Mrs. Rekha Gupta. The event was coordinated by Media Head Mr. Praveen Shankar Kapoor. Along with them, Delhi BJP Co-incharge Dr. Alka Gurjar, Union Minister of State Harsh Malhotra, and National Spokesperson Dr. Sudhanshu Trivedi addressed the gathering and extended warm greetings for the Diwali festival that begins today with Dhanteras. The event saw participation from a large number of senior journalists, party officials, and media professionals covering the BJP beat. Prominent attendees included :• MPs: Mr. Manoj Tiwari, Mr. Yogendra Chandolia, Ms. Bansuri Swaraj• Assembly Speaker: Mr. Vijender Gupta• Delhi Ministers: Mr. Manjinder Singh Sirsa, Mr. Ashish Sood, Mr. Ravindra Indraj Singh• Board Chairpersons: Mr. Arvinder Singh Lovely (Yamuna Vikas Board), Mr. Rajkumar Chauhan (Rural Development Board)• Deputy Speaker: Mr. Mohan Singh Bisht• Former Presidents: Dr. Harsh Vardhan, Mr. Vijay Goel• MLAs: Mr. Kailash Gahlot, Mr. Kartar Singh, Mr. Rajkumar Bhatia• NDMC Member: Mr. Dinesh Pratap Singh• National Spokespersons: Mr. Shehzad Poonawalla, Mr. Pradeep Bhandari• Office Bearers: Mr. Vishnu Mittal, Mr. Satish Garg, Mrs. Yogita Singh, Mrs. Sunita Kangra, Mrs. Sarika Jain, Mr. Vinod Bacheti, Mr. Sumeet Bhasin• Deputy Mayor of Delhi : Mr. Jagdish Yadav• Standing Committee Chairperson : Mrs. Satya Sharma• Several Morcha Presidents, District Presidents and party in-charges also attended. Media Team including Mr. Praveen Shankar Kapoor (Media Head), Mr. Vikram Mittal (Media Relations Head), Mr. Brijesh Rai (Office Secretary), Mr. Amit Gupta (Joint Secretary), and Spokespersons Dr. Anil Gupta, Mr. Shubhendu Shekhar Awasthi, Mr. Yasir Jilani, Mr. Ajay Sahrawat, Mr. Neeraj Tiwari, Dr. Mamta Tyagi, Mr. Rajkumar Phulwaria, and Mr. Vikram Vidhuri welcomed the journalists in a traditional manner and arranged traditional refreshments. Culinary Highlights : The musical event featured traditional dishes from Old Delhi, Bihar’s Litti Chokha, Rajasthan’s Dal Baati, Karnataka’s Dosa, and the famous tea from Green Park. Mr. Virendra Sachdeva, while extending Diwali greetings, remarked: “For the last 8 years, the previous government misrepresented facts before the Hon’ble Supreme Court to maintain the ban on firecrackers during Diwali. This year, the BJP government advocated for celebrating with green crackers before the Supreme Court, which has now allowed it. This Diwali will reflect both cultural and environmental harmony in Delhi.” He added: “Only the Sanatan government has given Delhiites the opportunity to celebrate Diwali with firecrackers this time. The central government has also offered a big Diwali gift by giving relief in GST. With over ₹738 crore in refunds, Delhi’s traders are celebrating a ‘double Diwali’. Today, Delhi’s Chief Minister is making history by lighting over 1.5 lakh diyas at Kartavya Path.” I thank you allChief Minister Mrs. Rekha Gupta said: “I thank you all. It is because of your efforts that BJP has come to power in Delhi after 27 years. The party is deeply grateful to the people of Delhi. We will strive to meet your expectations in governance.”She further said: “Together, let’s make this Diwali green and glorious. It’s not just a festival, but a symbol of our cultural consciousness and responsibility. The Hon’ble Supreme Court’s decision has brought happiness back to homes while opening a new chapter of environmental awareness.” She appealed to the people of Delhi: “Amid the glitter of festivities, give space to the peace of nature and contribute to building a green and prosperous Delhi.” Dr. Sudhanshu Trivedi saidDr. Alka Gurjar remarked: “This Diwali brings joy and enthusiasm because Delhi now has a progressive ‘triple-engine’ government. Visible change is happening. This is a government of the people, filled with energy, and committed to celebrating festivals with proper arrangements.” Dr. Sudhanshu Trivedi said: “It wouldn’t be an exaggeration to say that this is the first real Diwali in Delhi after the dawn of the 21st century. Earlier, even though the festival brought light, the government’s dark policies dimmed the people’s faith. Today, Delhi has a Sanatan government that believes in preserving Indian culture while ensuring the holistic development of all.”