मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई में दिल्ली में पहली बार कर्तव्य पथ पर भव्य दीपोत्सव”रचा नया इतिहास”

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में देश की राजधानी दिल्ली में एक नया इतिहास लिखा गया। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या की तरह देश कीराजधानी में पहली बार कर्तव्य पथ आज दीपोत्सव का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि आज का दीपोत्सव केवल दीपोंका उत्सव नहीं, बल्कि नई क्रांति की आहट है। दिल्ली एक नया इतिहास लिखने जा रही है, जहां आस्था और आधुनिकता का संगम अद्भुत रूप मेंसामने आया है। राजधानी ने यह दिखा दिया कि दिल्ली अब केवल शासन की राजधानी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना की धड़कन भी है। श्रीराम केजीवन चरित का ड्रोन प्रदर्शन और दीपों का महासागर इस बात का प्रतीक है कि राजधानी दिल्ली अब सनातन परंपरा, देश की सांस्कृतिक समझ केसाथ आगे बढ़ रही है। आजादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ है, जब कर्तव्य पथ पर सामूहिक रूप से दीपावली का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में मुख्यमंत्री के साथ उनके मंत्रिमंडल के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी तो साथ थे ही, दिल्ली के हजारों लोगों का जुड़ाव भी देखने को मिला।कर्तव्य पथ पर आयोजित इस दीपोत्सव में भव्य ड्रोन शो, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और रामायण थीम आधारित लाइट कार्यक्रम ने उपस्थित हजारोंदर्शकों को अभिभूत कर दिया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी इस कार्यक्रम में भावविह्वल व श्रीराम की भक्ति से प्रेरित दिखीं। उन्होंने कहा कि वर्षों बाददिल्ली का हृदय इस तरह दीपों की आभा से जगमगा उठा है। यह केवल रोशनी का उत्सव नहीं, बल्कि दिल्ली की नई ऊर्जा, नई उम्मीद और नईदिशा का प्रतीक है। इस बार की दिवाली दिल्ली के हर वर्ग तक पहुची है । मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आभार व्यक्तकरते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से आज दिल्ली का प्रत्येक वर्ग लाभान्वित हो रहा है । उन्होंने कहा कि इस दिवाली बच्चों के चेहरों परमुस्कान है, महिलाओं के घर में बचत है, युवाओं को नए अवसर हैं, बुजुर्गों को स्वास्थ्य का भरोसा है, और हर नागरिक को अपने शहर पर गर्व है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प है कि प्रभु श्रीराम की कृपा से दिल्ली में रामराज्य की स्थापना हो, जहां हर नागरिक को समान अवसर, सुरक्षा औरसम्मान मिले। दिल्ली की सरकार जनता की सरकार है, और हम जनता के सेवक हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार सीएम रेखा गुप्ता का यह भी कहना है कि कर्तव्य पथ पर आयोजित इस दीपोत्सव की सबसे विशेष बात यह रही किपहली बार ड्रोन शो के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन चरित को आकाश में प्रदर्शित किया गया। हजारों ड्रोन से सुसज्जित इस भव्य दृश्य नेरामायण की पवित्र गाथा को आधुनिक तकनीक के जरिये जीवंत कर दिया। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन आदर्शों का यह दृश्य न केवलश्रद्धालुओं को भावविभोर कर गया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि भारत की परंपराएं समय के साथ आधुनिकता के संग समरसता से आगे बढ़ सकतीहैं। मुख्यमंत्री का यह भी कहना था कि दीपावली विशेष पर्व है जो अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है।त्रेतायुग में जब भगवान श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के पश्चात अयोध्या लौटे, तब अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। तभी सेयह पर्व दीपों के माध्यम से उजियारे का प्रतीक बन गया। यह पर्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है।परिवार, समाज और राष्ट्र के स्तर पर यह उत्सव हमें एक-दूसरे से जोड़ता है, और अंधकार को मिटाकर उम्मीद और सद्भाव के दीप जलाने की प्रेरणा देताहै। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का यह आयोजन विशेष है। अब तक दीपोत्सव का भव्य आयोजन अयोध्या में देखने को मिलता था, लेकिन पहलीबार दिल्ली ने भी उस गौरवमयी परंपरा को अपने आंगन में साकार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है किदिल्ली न केवल प्रशासनिक राजधानी रहे, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी भारत की आत्मा को प्रतिबिंबित करे। दीपावली का यह आयोजन दिल्ली कोआध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक गौरव की दिशा में एक नई पहचान देगा।
एमके स्टालिन का केंद्र पर हमला, तमिलनाडु के साथ वित्तीय भेदभाव और सांस्कृतिक पक्षपात पर सवाल

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शनिवार को केंद्र की भाजपा सरकार पर राज्य के साथ गहरा पक्षपात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहाकि न केवल राज्य के वित्त मंत्री थंगम थेनारासु ने वित्तीय भेदभाव की ओर इशारा किया है, बल्कि लोगों के दिलों में भी कई सवाल उठ रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं भी कुछ सवाल पूछना चाहता हूं। जो लोग भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे हैं, वे भाजपा गठबंधन में शामिल होते ही कैसे साफ होजाते हैं? यह कैसी वॉशिंग मशीन है?’ उन्होंने एक बार फिर अपने वॉशिंग मशीन वाले तंज को दोहराया। सीएम स्टालिन ने यह भी पूछा कि देश कीयोजनाओं और कानूनों के नाम केवल हिंदी और संस्कृत में ही क्यों रखे जाते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘केंद्रीयमंत्री हमारे बच्चों को अंधविश्वास क्यों सिखा रहे हैं? विपक्षी दलों के शासन वाले राज्यों में राज्यपालों के जरिए अराजकता क्यों फैलाई जा रही है?’ 10 सवाल पूछे और वित्तीय भेदभाव का आरोप लगायाउन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वोट पाने के लिए धांधली की रणनीति अपना रही है और एसआईआर मॉडल के जरिए चुनाव में गड़बड़ी कर रही है।साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र सरकार कीझाड़ी पुरातात्विक स्थल की वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित रिपोर्ट को स्वीकार क्यों नहीं कर रही।स्टालिन ने कहा, ‘क्या आप फिर से व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से झूठा प्रचार शुरू करेंगे?’ इससे पहले, 17 अक्तूबर को विधानसभा में राज्य की वित्तीयस्थिति पर बोलते हुए वित्त मंत्री थंगम थेनारासु ने केंद्र से 10 सवाल पूछे और वित्तीय भेदभाव का आरोप लगाया। जिसमें ये आरोप शामिल हैं- 1) सहकारी संघवाद के नाम पर जीएसटी सुधार के बावजूद राज्यों को उचित हिस्सा नहीं। 2) राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) और हिंदी थोपकर तमिलनाडुके बच्चों की शिक्षा को नुकसान। 3) सड़कों की योजनाओं में तमिलनाडु को शामिल न करना। 4) दक्षिण रेलवे को नई परियोजनाओं के लिए फंड मेंभेदभाव। 5) मदुरै और कोयंबटूर मेट्रो रेल परियोजनाओं को मंजूरी में देरी। 6) जल जीवन मिशन योजना के तहत तमिलनाडु को मिलने वाले ₹3709 करोड़ की राशि जारी न करना। 7) जनसंख्या में 6% हिस्सेदारी के बावजूद वित्तीय वितरण में केवल 4% हिस्सा देना।
अखिलेश यादव के समक्ष सपा में शामिल हुए दर्जनों नेता, भाजपा पर तंज और सरकार पर गंभीर आरोप “जानें क्या है पूरा मामला”

राजधानी लखनऊ में शनिवार को सपा मुख्यालय में कई नेताओं ने समाजवादी पार्टी का दामन थामा। सपा में शामिल होने वालों में देवेंद्र कुशवाहा, नदीम अशरफ, रणवीर सिंह गौतम अहिरवार और गाजीपुर से श्यामलाल बिंद रहे। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी का पार्टी में स्वागत किया।कहा कि पीडीए के सामाजिक आंदोलन और बाबा साहब के आंदोलन के लिए बहुत से लोग जुड़ रहे हैं। इन सभी साथियों के आने से पीडीए की लड़ाई और मजबूत होगी। इस मौके पर अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज कसते हुए कार्यकर्ताओं से कहा कि आज धनतेरस है, इसलिए किसी के बारे में ज्यादा भला-बुरा मत कहिए। एक सवाल के जवाब पर सरकार पर तंज कसा कि दिवाली पर फुस्स फुलझड़ी से क्या उम्मीद कीजा सकती है? जिसने बिजली बनाई नहीं, वो बिजली देंगे कैसे? सरकार विभागों में चोरी नहीं रोक पा रहीअखिलेश ने आगे कहा कि हमारे सीएम बिहार में पार्टी की तरफ से स्टार प्रचारक बनकर गए हैं। हम कहते हैं वह स्टार प्रचारक नहीं बल्कि, स्टारविभाजक बनकर गए हैं। बिहार साम्प्रदायिक लोगों को कभी स्वीकार नहीं करेगा। सरकार पहला झूठ यही बोल रही है कि आठ साल हुए हैं। जबकिसरकार 9 वर्ष होने वाले हैं। अब सिर्फ एक आखिरी बजट आना है, इस सरकार का। पहले बिजली बेचना चाह रहे थे, अब निजीकरण भी नहीं कर पारहे हैं। सपा मुखिया ने आगे कहा कि हमारे समय में सरकार का बजट चार लाख करोड़ था। तब हमने स्टेडियम बनवाया, मेट्रो बनवाया, एक्सप्रेसवेबनवाया। अब सरकार का बजट आठ लाख करोड़ रुपये हो गया है, काम का पता नहीं। सरकार विभागों में चोरी नहीं रोक पा रही है। इसीलिए तोविधायकों के घरों में चोरी हो रही है। 52 लोगों पर हमले हो चुकेउन्होंने कहा कि आजकल लोग भेड़िये की दहशतगर्दी से परेशान हैं। अभी तक छतों पर सांड चढ़ रहा था, अब तो गुलदार भी छतों पर चढ़ रहा है। कुछही दिनों में 52 लोगों पर हमले हो चुके हैं। समाजवादी लोग बुल और बुलडोजर दोनों के खिलाफ हैं। दिवाली पर कुम्हार परेशान हैं। सपा सरकार बनीतो दिवाली पर सरकार कुम्हारों से एक करोड़ दीये खरीदा करेगी। अखिलेश ने आगे कहा कि कानपुर के अखिलेश दुबे के घर बुलडोजर नहीं चलेगा।उस पर कार्रवाई हुई तो सरकार के कई अफसर फंस सकते हैं। अब उसकी जान की फिकर हम सबको करनी है। नए कमिश्नर को यह कहकर भेजागया है कि अब उसके खिलाफ एक भी केस दर्ज नहीं किया जाएगा। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में कई नेताओं ने सपाका दामन थामा। इस मौके पर सपा मुखिया ने कहा कि इन सभी साथियों के आने से पीडीए की लड़ाई और मजबूत होगी.
लखनऊ ब्रह्मोस मिसाइल की पहली खेप को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दिखाई हरी झंडी, यूपी की धरती बन रही है सोना “सीएम योगी ने कही बड़ी बात”

लखनऊ स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस इकाई से तैयार की गई ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप को शनिवार को हरी झंडी दिखाई गई। कार्यक्रम कोसंबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, ये हमारे लिए खुशी का क्षण है। मेरे लिए खासतौर से। क्योंकि ये स्वदेशी तकनीक पर आधारित मिसाइलहै। हमको प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया के संकल्प को पूरा करने और रक्षा मंत्री की उपस्थिति में स्वदेशी तकनीक पर आधारित ब्रह्मोस मिसाइल केपहले बैच को हरी झंडी दिखाने का मौका मिला। यह मिसाइल भारत की रक्षा आवश्यकताओं में आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। यूपी की धरती सोना बन रहीइसका अर्थ है कि ब्रह्मोस जैसी मिसाइलों के माध्यम से, भारत अब न केवल अपनी सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है, बल्कि दुनिया भर केअपने मित्र देशों की सुरक्षा को भी पूरा करने में सक्षम है। जहां भी डिफेंस लैंड को जरूरत पड़ेगी, वहां यूपी दिल खोलकर जमीन देगा। यही धरती माताचाहती हैं। जमीन का सदुपयोग होना चाहिए। मैंने डीआरडीओ को कहा है कि आपको जितनी भी जमीन चाहिए, यूपी में मिलेगी। हमारी कैबिनेट नेफ्री में जमीन मुहैया कराने का फैसला किया था। अब देखिए यूपी की धरती सोना बन रही है। दुनिया ने भारत की ताकत को मानाकार्यक्रम में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, आज का दिन उत्तर प्रदेश की जनता के लिए महत्वपूर्ण दिन है। लखनऊ डिफेंस सेक्टर में अहम भूमिकानिभा रहा है। मैंने पांच महीने पहले ब्रह्मोस यूनिट का उ्दघाटन किया था। आज उसकी पहली खेप रवाना कर दी गई। यह आम बात नहीं है।ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया है कि जीत अब हमारी आदत बन चुकी है। दुनिया ने भारत की ताकत को माना है। देश को ये विश्वास है कि अबहम बहुत मजबूत हो चुके हैं। मैं बता दूं कि जब भारत पाकिस्तान को जन्म दे सकता है, अब आगे आप लोग समझदार है। सीएम योगी और रक्षामंत्रीराजनाथ सिंह ने ब्रह्मोस की पहली खेप को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि यह मिसाइल भारत की रक्षा आवश्यकताओं मेंआत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
पाकिस्तान सेना प्रमुख ने तालिबान को आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दिया अल्टीमेटम दोहा में शांति वार्ता शुरू, सीमा पर झड़पें जारी

पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने अफगानिस्ता को शांति और अशांति के बीच चयन करने की चेतावनी दी। उन्होंने तालिबानशासन से कहा कि वह पाकिस्तान के अंदर हमले करने के लिए अफगानिस्तान की धरती का उपयोग करने वाले आतंकवादियों के खिलाफ सख्तऔरतत्काल कार्रवाई करे। वहीं, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हाल में हुई खूनी झड़प और हवाई हमलों के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधि आजदोहा में शांति वार्ता के लिए मुलाकात करने जा रहे हैं। इस बीच, तालिबान सरकार ने स्पष्ट कहा है कि अफगानिस्तान को पाकिस्तान के हवाई हमलोंका जवाब देने का पूरा हक है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान शांति और बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिनहाल की घटनाएं पाकिस्तान की आक्रामकता की वजह से हुई हैं। मुजाहिद ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि पहले से तय कार्यक्रम के अनुसारआज पाकिस्तान के साथ बातचीत दोहा में होनी है। इसके लिए अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मौलवी मोहम्मद याकूब मुजाहिद के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल दोहा के लिए रवाना हो चुका है। हालांकि, उन्होंने बताया कि बातचीत से ठीक पहले बीती रात पाकिस्तानी सेना ने पक्तिकाप्रांत के आम नागरिक इलाकों में फिर से हवाई हमले किए। जिसमें कई आम नागरिकों की मौत और घायल होने की खबर है। तालिबान ने इन हमलोंकी कड़ी निंदा की और इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन बताया। अफगान सीमा बलों और पाकिस्तानी सैनिकों के बीच झड़पमुजाहिद ने कहा, इस्लामी अमीरात इन हमलों का जवाब देने का अधिकार रखता है। लेकिन अपने वार्ताकारों की गरिमा और बातचीत की गंभीरता कोध्यान में रखते हुए फिलहाल नई सैन्य कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया गया है। हम दोहराते हैं कि अफगानिस्तान क्षेत्रीय शांति और समाधान केलिए प्रतिबद्ध है। लेकिन हालिया घटनाएं पूरी तरह से पाकिस्तान की ओर से की गई आक्रामकता का नतीजा हैं। टोलो न्यूज के अनुसार, इस बीचपाकिस्तान का प्रतिनिधिमंडल भी दोहा पहुंच गया है, जिसमें पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और खुफिया प्रमुख असीम मलिक शामिल हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, कंधार के स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि अफगान सीमा बलों और पाकिस्तानी सैनिकों के बीच झड़पों की वजह से स्पिनबोल्दक इलाके से करीब 20,000 परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। बुनियादी सुविधाएं भी नहींअधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान की तरफ से की गई अंधाधुंध बमबारी की वजह से ये लोग रेगिस्तानी इलाकों और अन्य असुरक्षित जगहों परजाकर शरण ले रहे हैं, जहां बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। इन विस्थापित परिवारों की मदद के प्रयास जारी हैं। पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान कोचेतावनी दी है कि वह अपनी धरती से हो रहे आतंकी हमलों पर सख्त कार्रवाई करे, वरना गंभीर परिणाम होंगे। वहीं, तालिबान सरकार ने पाकिस्तानीहवाई हमलों की कड़ी निंदा की और जवाबी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखने की बात कही है। हालिया खूनी झड़पों और हमलों के बीच दोनोंदेशों के प्रतिनिधि आज दोहा में शांति वार्ता के लिए बैठक कर रहे हैं।
हिमाचल कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल का रास्ता साफ, दीपावली के बाद प्रदेश अध्यक्ष का होगा एलान मंत्रीपद विस्तार भी समीकरणों में

हिमाचल कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर जारी अटकलों पर जल्द विराम लग सकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, दीपावली के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नाम का एलान किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू शुक्रवार शाम को दिल्ली दौरे के बादशिमला लौट आए हैं। दिल्ली में मुख्यमंत्री ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल से मुलाकात की। मुलाकातके दौरान हिमाचल संगठन की मौजूदा स्थिति, आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियों और मंत्रिमंडल विस्तार पर विचार विमर्श किया। मुख्यमंत्री नेअपने मंत्रिमंडल में खाली चल रहे एक पद पर नियुक्ति को लेकर भी सुझाव दिए हैं। माना जा रहा है कि दीपावली के बाद संगठन में बदलाव कियाजाएगा। इस पद के लिए कई नामों पर मंथन चल रहा है। इनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान विधायक कुलदीप सिंह राठौर और शिक्षा मंत्री रोहितठाकुर का नाम सबसे अधिक चर्चा में है। प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर अर्की से विधायक संजय अवस्थी और विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमारके नामों की भी अटकलें लगाई जा रही हैं। संजय अवस्थी का नाम मंत्रीपद की दौड़ में शामिलदूसरी ओर, पार्टी का एक बड़ा धड़ा प्रतिभा सिंह को दोबारा से कमान सौंपने के पक्ष में है। उनका तर्क है कि 2022 के विधानसभा चुनावों में प्रतिभासिंह की भूमिका और उनके नेतृत्व में कांग्रेस की संगठनात्मक मजबूती को देखते हुए उन्हें फिर से अध्यक्ष बनाना पार्टी के हित में होगा। रोहित ठाकुर तोअध्यक्ष बनने पर मंत्रीपद छोड़ने का एलान भी कर चुके हैं। ऐसी स्थिति में दो विधायकों की मंत्री के तौर पर लॉटरी लग सकती है। कुल्लू से सुंदर सिंहठाकुर, कांगड़ा से संजय रतन और अर्की से संजय अवस्थी का नाम मंत्रीपद की दौड़ में शामिल है। आगामी फैसला हाईकमान को लेनाकांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि पार्टी हाईकमान जिसे भी प्रदेशाध्यक्ष बनाएगा, वह सभी को मान्य होगा। पार्टी के आला नेता शिमलाआकर फीडबैक लेकर चले गए हैं। अब आगामी फैसला हाईकमान को लेना है। शिमला के रिज मैदान पर शुक्रवार को नीफा संस्था की ओर से शहीदोंकी याद में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचीं कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संगठन को भंग हुए अब एक साल हो गया है। उन्होंने इसके गठन का मामला पार्टीहाईकमान के सामने रखा था। प्रतिभा सिंह ने कहा कि सेना के जवान देश की रक्षा में जुटे हैं, जो जवान शहीद हो गए हैं, उनकी याद में दिवाली सेपहले यह दीये लेफ्टिनेंट जनरल दौलत सिंह की प्रतिमा के पास यह दीये जलाए जा रहे हैं। जलाए गए।
तेजस्वी से तकरार फिर समझौता VIP को मिला सम्मान और 15 सीटें, सहनी की वापसी पर महागठबंधन ने खेला बड़ा दांव

बिहार चुनाव के पहले चरण की विधानसभा सीटों पर नामांकन का आज आखिरी दिन है। अब तक महागठबंधन यह घोषणा नहीं की है की किस दलको कितनी सीटें दी गई है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से जिस बात को लेकर पेंच फंसा हुआ था, उसका समाधान हो गया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वीयादव के करीबी और विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी की डील अंततः फाइनल हो गई है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने उन्हेंमहागठबंधन में उचित सम्मान का भरोसा दिलाया। साथ ही उनके खाते में 15 सीटें दी है। इतना ही नहीं मुकेश सहनी को राज्यसभा और विकासशीलइंसान पार्टी के दो लोगों को विधान परिषद भेजा जाएगा, यह बात भी तय हो गई। सहनी ने दरभंगा में स्पष्ट कहा कि इस बार मैं चुनाव नहीं लडूंगा।महागठबंधन को प्रत्याशियों को जिताने के लिए प्रचार-प्रसार करूंगा। महागठबंधन के मैं समर्पित हूं। सीट बंटवारे पर उन्होंने कहा कि सारी बातफाइनल हो चुकी है। एक से दो दिनों से सब बाते स्पष्ट हो जाएंगी। एनडीए छोड़ दिया और फिर से महागठबंधन में शामिल हो गएमहागठबंधन में अपने मन मुताबिक डील मंजूर करने के बाद मुकेश साहनी दरभंगा पहुंचे। वहां उन्होंने अपने भाई को गौड़ाबौराम विधानसभा से चुनावलड़ने का एलान किया। कहा कि चर्चा थी कि मुकेश सहनी इस सीट से खुद चुनाव लड़ेंगे। लेकिन अब उनके राज्यसभा जाने की बात हो रही है। इधरमहागठबंधन में मुकेश साहनी के खाते में जो सीटें आई हैं, उनमें केसरिया, झंझारपुर, गोपालगंज, छातापुर, गौड़ाबौराम, भभुआ, रजौली, सहरसा, सकरा, अलीनगर, अमौर, हरनौत, नालंदा, बथनाहा, नौतन विधानसभा सीटें शामिल हैं। विधानसभा चुनाव 2020 में सीट बंटवारे की घोषणा से पहलेमुकेश सहनी महागठबंधन से अलग हो गए थे। तब उन्होंने तेजस्वी यादव पर पीठ में छुड़ा भेजने आरोप लगाया था। इसके बाद वह एनडीए के साथचले गए थे। उनकी पार्टी 11 सीटों पर उम्मीदवार उतारे गए। इन में से 4 सीटों पर VIP ने जीत हासिल की। हालांकि मुकेश सहनी खुद सिमरीबख्तियारपुर सीट से चुनाव हार गए। उन्हें राजद सलाउद्दीन से हराया। इसके बाद एनडीए गठबंधन की सरकार बनी। वह मंत्री भी बने लेकिन उनकेजीते हुए विधायक भाजपा में शामिल हुए गए। इसके बाद उन्होंने एनडीए छोड़ दिया और फिर से महागठबंधन में शामिल हो गए। मुकेश साहनी को 15 सीट देने की बात सामने आईवीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी शुरुआत में 50 सीट और डिप्टी सीएम का पद मांग रहे थे। कुछ दिन बाद 40 सीट और डिप्टी सीएम की मांग की।इसके बाद 20 सीट और डिप्टी सीएम के पद की मांग को लेकर अड़ गए। कुछ दिन पहले जब वह महागठबंधन के प्रमुख नेताओं से मिलने दिल्लीगए थे तो वहां पर उन्होंने कहा था कि महागठबंधन अभी बीमार हो गया है मैं इलाज करने आया हूं। महागठबंधन के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत कर मुकेशसहनी दिल्ली से लौटे लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद बुधवार देर रात फिर से महागठबंधन के नेताओं की बैठक हुई लेकिन बात नहीं बनी। सुबह10:00 बजे वीआईपी की ओर से बताया गया की 12:00 बजे मुकेश साहनी प्रेस वार्ता करेंगे। सुबह 11:00 वीआईपी की ओर से फिर बताया गयाकि मुकेश सहनी अब 2:00 बजे प्रेस वार्ता करेंगे। लेकिन दोपहर 1:30 बजे विप ने फिर से कहा कि अब 4:00 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। इसके बादफिर से प्रेस कॉन्फ्रेंस का समय 6:00 बजे कर दिया गया। 6:00 प्रेस कॉन्फ्रेंस को डाल दिया गया कहा गया कि राहुल गांधी से अभी बातचीत चलरही है। शुक्रवार दोपहर तक सारी बातें स्पष्ट हो गई और मुकेश साहनी को 15 सीट देने की बात सामने आई।
गुजरात में नई राजनीतिक तस्वीर 26 मंत्रियों ने ली शपथ, मिशन 2027 की तैयारी

गुजरात में नए मंत्रिपरिषद का आज शपथ ग्रहण समारोह हुआ। हर्ष सांघवी को राज्य का नया डिप्टी सीएम बनाया गया है। हर्ष सांघवी तीन बार केविधायक हैं और फिलहाल मजुरा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने 25 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई, जिसके बाद सीएम भूपेंद्र पटेल को मिलाकर मंत्रीपरिषद में 26 मंत्री हो गए हैं। पिछले साल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए विधायक अर्जुनमोढवाडिया को भी मंत्री बनाया गया है। विसनगर विधायक रुशीकेश पटेल, प्रफुल पनशेरिया, कुंवरजी बावलिया को फिर से मंत्रीपरिषद में शामिलकिया गया है। कनुभाई देसाई, पुरषोत्तम सोलंकी, नरेश पटेल, अहमदाबाद की पूर्व डिप्टी मेयर दर्शना वाघेला, गुजरात भाजपा एससी मोर्चा के पूर्वप्रमुख प्रद्युमन वाजा, मोरबी विधायक कांतिलाल अमरुतिया और वडोदरा विधायक मनीषा वाकिल को भी मंत्रिपरिषद में जगह मिली है। गुरुवार कोगुजरात सीएम भूपेंद्र पटेल को छोड़कर मंत्रिपरिषद के अन्य सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया था। गुजरात भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और भावनगर सेविधायक जीतू वाघाणी, अमरेली से विधायक और भाजपा के डिप्टी चीफ व्हिप कौशिक वेकारिया, स्वरूपजी ठाकोर, टीकाराम छंगा, जयराम गमित, जामनगर उत्तर विधायक रिवाबा जडेजा, पीसी बारांदा, दाहोद विधायक रमेश कटारा, अंकलेशअवर विधायक इश्वरसिहं पटेल, दीसा विधायक प्रवीणमाली, बारसोड विधायक रमनभाई सोलंकी, पेटलाद विधायक कमलेश पटेल, महुधा विधायक संजय सिंह महिदा को भी मंत्रिपरिषद में जगह मिलीहै। विधायक मनीषा वाकिल को भी शामिल किया गयागुजरात सरकार के मंत्रिपरिषद में यह फेरबदल भाजपा के मिशन 2027 के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पार्टी आगामी निकाय चुनाव में नएसामाजिक समीकरणों को परखने की तैयारी कर रही है। पार्टी का मानना है, युवा विधायकों को मंत्रिपरिषद में शामिल करने से युवा नेताओं काहौसला और सरकार में ओबीसी-पाटीदार प्रतिनिधित्व बढ़ा है। आगामी चुनाव में भाजपा को इसका फायदा मिल सकता है। विश्लेषकों का मानना हैकि भाजपा गुजरात में सुनिश्चित करना चाहती है कि पाटीदार समुदाय के साथ ओबीसी और शहरी वर्ग का संतुलन बना रहे। विश्लेषक मानते हैं किचेहरे बदलकर भाजपा राज्य में लंबे समय से चल रही सरकार के प्रति होने वाली एंटी इनकंबेंसी को खत्म कर रही है। मंत्रिपरिषद में कनुभाई देसाई, पुरषोत्तम सोलंकी, नरेश पटेल, अहमदाबाद की पूर्व डिप्टी मेयर दर्शना वाघेला, गुजरात भाजपा एससी मोर्चा के पूर्व प्रमुख प्रद्युमन वाजा, मोरबीविधायक कांतिलाल अमरुतिया और वडोदरा विधायक मनीषा वाकिल को भी शामिल किया गया है।
बिहार चुनाव के बाद सीएम कौन? अमित शाह बोले फैसला विधायक दल करेगा “जानें क्या कुछ कहा”

बिहार विधानसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा? यह अब तक तय नहीं हुआ है। गृह मंत्रीअमित शाह के बयान के बाद यह बात साफ हो गई है। गृह मंत्री अमित शाह से एक चैनल पर दिए गए इंटरव्यू में जब सवाल किया गया कि अगरबिहार चुनाव में एनडीए जीतता है तो क्या आप नीतीश कुमार बनाएंगे? तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि मैं भला कौन होता हूं किसी को मुख्यमंत्री बनानेवाला। इतनी सारी पार्टियों का गठबंधन है। बिहार चुनाव के बाद जब सभी दल एकजुट होंगे विधायक दल के नेता बैठेंगे तो अपना नेता तय कर लेंगे।हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ रहा है नीतीश कुमार पर न सिर्फ भाजपा बल्कि बिहार की जनता कोभी पूरा भरोसा है। गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री कौन होगा? इसका फैसला विधायक दल के नेता आपस में बैठकर तय कर लेंगे। गठबंधन में सब कुछ ठीक हो चुकाइधर गृह मंत्री अमित शाह के इस बयान के बाद सियासत गरमा गई कांग्रेस ने अमित शाह के इस बयान को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया औरलिखा कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। अमित शाह ने क्लियर कर दिया। वहीं एनडीए गठबंधन के घटक दल के प्रमुख केंद्रीय मंत्री जीतनमांझी ने कहा कि अमित शाह एनडीए के प्रमुख नेताओं में आते हैं। उन्होंने कहा है कि उस बात को आधिकारिक ही माना जाएगा। लेकिन, मुझे लगताहै कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का नाम तय हो जाना चाहिए था। ऐसे में कोई दुविधा नहीं रहती। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नाराजगी के सवाल परजीतन राम मांझी ने कहा कि हाल में ही सीएम नीतीश ने नाराजगी जताई थी। लेकिन, अब सब ठीक हो चुका है। गठबंधन में सब कुछ ठीक हो चुकाहै। जीतन राम मांझी ने भी इस बात पर बयान दियाबता दें कि शुक्रवार सुबह गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम नीतीश कुमार से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की थी। इसके बाद जदयू के कार्यकारीअध्यक्ष ने इस मुलाकात के बारे में कहा कि बिहार चुनाव में आगे की कैंपेनिंग रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। अब समय कम है, इसलिए कईमुद्दों पर बातचीत हुई। एनडीए में कोई गड़बड़ी नहीं है। सबकुछ ठीक है। हमलोग एकजुट हैं। सीएम नीतीश कुमार ही चेहरा हैं। भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) और जनता दल (यूनाइटेड) यानी जदयू दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें मिली हैं।राष्ट्रीय लोक मोर्चा को छह सीटें दी गई हैं। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) को भी छह सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिला है। गृह मंत्री अमित शाहके सीएम फेस को लेकर दिए गए बयान पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा है कि अब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। यहअमित शाह ने क्लियर कर दिया है। इधर, जीतन राम मांझी ने भी इस बात पर बयान दिया है।
दिसंबर तक भारत की लॉजिस्टिक्स कॉस्ट घटकर 9% होगी, नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि भारत की लॉजिस्टिक्स कॉस्ट (परिवहन लागत) इस साल दिसंबर तकसिंगल डिजिट यानी 9 प्रतिशत तक आ जाएगी। उन्होंने बताया कि यह कमी देशभर में तेजी से बन रहे एक्सप्रेसवे और आर्थिक गलियारों (इकोनॉमिककॉरिडोर्स) की वजह से संभव हो पाई है। गडकरी एसोचैम वार्षिक सम्मेलन 2025 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि आईआईटी चेन्नई, आईआईटी कानपुर और आईआईएम बंगलूरू की एक संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, भारत की लॉजिस्टिक्स कॉस्ट पहले 16 प्रतिशत थी, जो अब घटकर10 प्रतिशत रह गई है। नितिन गडकरी ने कहा, “दिसंबर तक यह लागत 9 प्रतिशत तक आ जाएगी। इससे भारत का उद्योग और निर्यात दोनों औरज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेंगे। मुझे पूरा भरोसा है कि इससे हमारे उद्योग को 100 प्रतिशत फायदा होगा।” खासकर दिल्ली जैसे शहरों के लिए बड़ी समस्या बन चुकाउन्होंने बताया कि लॉजिस्टिक्स कॉस्ट अमेरिका और यूरोप में करीब 12 प्रतिशत, जबकि चीन में 8-10 प्रतिशत के बीच है। ऐसे में भारत भी अब इनदेशों के बराबर पहुंचने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। गडकरी ने भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “अगले पांच साल में हमारा लक्ष्य है कि भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री दुनिया में नंबर 1 बने।” उन्होंने बताया कि जब उन्होंने मंत्रालय संभाला था, तब भारतीय ऑटो इंडस्ट्री का आकार 14 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह सेक्टर आज 4 लाख युवाओंको रोजगार दे रहा है और केंद्र व राज्य सरकारों को सबसे ज्यादा जीएसटी भी यही उद्योग देता है। वर्तमान में अमेरिका की ऑटो इंडस्ट्री का आकार 78 लाख करोड़ रुपये, चीन का 47 लाख करोड़ रुपये, और भारत का 22 लाख करोड़ रुपये है। गडकरी ने बताया कि भारत में कुल वायु प्रदूषण का 40 प्रतिशत हिस्सा ट्रांसपोर्ट ईंधन से आता है, और यह खासकर दिल्ली जैसे शहरों के लिए बड़ी समस्या बन चुका है। उन्होंने कहा, “हम राष्ट्रीय हित में देशका प्रदूषण घटाने के लिए काम कर रहे हैं।”निर्भरता देश की अर्थव्यवस्था पर बोझ डाल रहीगडकरी ने कहा कि भारत की फॉसिल फ्यूल (तेल और गैस) पर निर्भरता देश की अर्थव्यवस्था पर बोझ डाल रही है। क्योंकि हर साल करीब 22 लाखकरोड़ रुपये सिर्फ ईंधन आयात में खर्च होते हैं। इसके साथ ही यह पर्यावरण प्रदूषण का भी बड़ा कारण है। इसलिए अब देश के लिए क्लीन एनर्जी(स्वच्छ ऊर्जा) अपनाना बहुत जरूरी हो गया है। मंत्री ने कहा कि अगर भारत को तेजी से आगे बढ़ाना है, तो कृषि क्षेत्र पर ध्यान देना होगा। उन्होंनेबताया कि सरकार ने कॉर्न (मक्का) से बायो-इथेनॉल बनाने की अनुमति दी थी, जिससे किसानों की कमाई में भारी इजाफा हुआ है। पहले मक्का कीकीमत 1,200 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो अब बढ़कर 2,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। इस फैसले से उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों को45,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हुई है। दोनों राज्यों में मक्का की खेती अब तीन गुना बढ़ गई है, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था को सीधाफायदा हुआ है। गडकरी ने कहा कि उद्योग जगत को भी कृषि पर ध्यान देना चाहिए, “हमें कृषि में नई तकनीक, नवाचार और शोध पर ध्यान देनाहोगा, ताकि कृषि विकास दर बढ़ाई जा सके। कृषि के बिना आत्मनिर्भर भारत बनाना संभव नहीं है।”