टी20 सीरीज से बुमराह की धमाकेदार वापसी! सूर्यकुमार बोले “पावरप्ले में बनेगा मैच का पासा, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बुमराह हैं हमारी सबसे बड़ी ताकत

भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मंगलवार को कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में पावरप्ले काफी महत्वूर्णरहेगा। सूर्यकुमार ने कहा कि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की उपस्थिति इस दौरान भारत का पलड़ा भारी रखने में मदद करेगी। कप्तान ने बुमराह कोटीम का अहम सदस्य बताते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया जिस तरह आक्रामक क्रिकेट खेलता है उसके खिलाफ विशेष रूप से बुमराह टीम के मुख्यखिलाड़ी हैं।बुमराह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं थे, लेकन वह टी20 सीरीज से मैदान पर वापसी कर रहे हैं। सूर्यकुमार ने प्रेसकॉन्फ्रेंस में कहा, पावरप्ले में गेंदबाजी करना हमेशा चुनौती होती है। हमने देखा है कि ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज और टी20 विश्व कप में किस तरह सेखेली। पावरप्ले हमेशा महत्वपूर्ण होता है। आपने एशिया कप में देखा होगा कि बुमराह ने पावरप्ले में कम से कम दो ओवर गेंदबाजी करने कीजिम्मेदारी ली थी, इसलिए हमारे लिए यह अच्छी बात है कि वह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ निश्चित रूप से पावरप्ले मेंगेंदबाजी करना अच्छी चुनौती होगी। खिलाड़ियों ने उनसे बात कीबुमराह को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने का अच्छा अनुभव है और सूर्यकुमार ने कहा कि बुमराह अच्छी तरह जानते हैं कि इस टीम के खिलाफप्रदर्शन करने के लिए कैसी तैयारी करनी है। सूर्यकुमार ने कहा, जिस तरह से बुमराह ने पिछले कई वर्षों से क्रिकेट खेला है, उन्होंने खुद को शीर्ष परबनाए रखा है और वह जानते हैं कि एक अच्छी सीरीज के लिए कैसे तैयारी करनी है। वह जानते हैं कि यहां कैसे क्रिकेट खेलना है। मुझे लगता है किउन्होंने सभी खिलाड़ियों में से इस देश का सबसे ज्यादा बार दौरा किया है, इसलिए सभी खिलाड़ियों ने उनसे बात की है। वह काफी मददगार हैं।उनका हमारी टीम में होना हमारे लिए अच्छी बात है। सूर्यकुमार ने यह भी संकेत दिया कि चोटिल होने के कारण तीसरे और अंतिम वनडे से बाहर हुएऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी टी20 सीरीज के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि वह ठीक है। सोमवार को उसने थोड़ी दौड़लगाई और नेट्स पर बल्लेबाजी भी की। आज वह ब्रेक लेना चाहता था क्योंकि यह वैकल्पिक अभ्यास था। सीरीज से मैदान पर वापसी कर रहेभारतीय कप्तान कहा कि टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज को अगले साल होने वाले विश्व कप की तैयारी के रूप में देखती है।उन्होंने कहा, टीम संयोजन में ज्यादा बदलाव नहीं है, क्योंकि पिछली बार जब हम दक्षिण अफ्रीका गए थे, तो हम एक तेज गेंदबाज, एक ऑलराउंडरऔर तीन स्पिनरों के साथ खेले थे। यहां की परिस्थितियां भी वैसी ही हैं। यह विश्व कप की तैयारी है लेकिन इसके साथ ही यह काफी चुनौतीपूर्ण है।उम्मीद है कि हमारे लिए यह सीरीज अच्छी साबित होगी। बुमराह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं थे, लेकन वहटी20 सीरीज से मैदान पर वापसी कर रहे हैं।
सतीश शाह के निधन की सच्चाई आई सामने किडनी फेल नहीं, अचानक आए हार्ट अटैक से गई जान ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ के को-स्टार राजेश कुमार ने किया खुलासा

बॉलीवुड जगत अभी तक अभिनेता सतीश शाह के निधन के सदमे से उबर नहीं पाया है। चार दिन पहले आई उनकी मौत की खबर ने पूरी इंडस्ट्री कोझकझोर दिया था। शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि उनकी मौत किडनी फेल होने से हुई है, लेकिन अब उनके करीबी दोस्त और‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ में बेटे का किरदार निभाने वाले अभिनेता राजेश कुमार ने खुलासा किया है कि सतीश शाह की मौत किडनी की वजह सेनहीं, बल्कि अचानक आए हार्ट अटैक से हुई थी। राजेश कुमार ने ‘बॉलीवुड हंगामा’ से बातचीत में बताया कि सतीश शाह की किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरीपूरी तरह सफल रही थी और उनकी सेहत पहले से बेहतर हो रही थी। उन्होंने कहा, “सतीश जी की तबीयत अब कंट्रोल में थी। किडनी से जुड़ी दिक्कतपर काबू पा लिया गया था। उनकी हालत स्थिर थी, लेकिन अचानक दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।” राजेश ने यह भी बताया किअभिनेता का निधन उस वक्त हुआ जब वे अपने घर पर दोपहर का भोजन कर रहे थे। कुछ ही देर बाद उन्हें अचानक सीने में दर्द हुआ और वे गिर पड़े। किडनी फेल से नहीं बल्कि दिल के दौरे से हुईअभिनेता के इस तरह अचानक चले जाने से उनके साथी कलाकार, दोस्त और प्रशंसक गहरे सदमे में हैं। राजेश कुमार ने कहा कि पिछले 24 घंटे उनकेलिए बेहद भावनात्मक रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ‘यह दुखद जरूर है, लेकिन लोगों को सच्चाई पता होनी चाहिए कि सतीश जी की मौतकिडनी फेल से नहीं बल्कि दिल के दौरे से हुई थी।’ अभिनेता के इस तरह अचानक चले जाने से उनके साथी कलाकार, दोस्त और प्रशंसक गहरे सदमेमें हैं। राजेश कुमार ने कहा कि पिछले 24 घंटे उनके लिए बेहद भावनात्मक रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ‘यह दुखद जरूर है, लेकिन लोगोंको सच्चाई पता होनी चाहिए कि सतीश जी की मौत किडनी फेल से नहीं बल्कि दिल के दौरे से हुई थी।’ नियति को कुछ और ही मंजूर था25 अक्टूबर को सतीश शाह के निधन की खबर सामने आई थी। उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें फैलने लगीं। किसीने इसे किडनी फेल बताया, तो किसी ने ट्रांसप्लांट से जुड़ी जटिलता का कारण बताया। हालांकि अब सतीश शाह के करीबी के बयान के बाद सारीअटकलों पर विराम लग गया है। ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’, ‘ये जो है जिंदगी’, ‘मैं हूं ना’ और ‘जाने भी दो यारों’ जैसी फिल्मों और शोज के लिएपहचान बनाने वाले सतीश शाह ने मनोरंजन जगत में एक अमिट छाप छोड़ी। उनकी कॉमिक टाइमिंग, सरलता और अद्भुत संवाद शैली ने उन्हें दर्शकोंका प्रिय बना दिया था। अभिनेता की निजी जिंदगी की बात करें तो वे अपनी पत्नी मधु शाह के साथ रहते थे। मधु शाह लंबे समय से अल्जाइमर जैसीगंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। सतीश शाह अक्सर कहा करते थे कि वो अपनी पत्नी की देखभाल के लिए ज्यादा जीना चाहते हैं। यही वजह थी किउन्होंने कुछ महीने पहले ही किडनी ट्रांसप्लांट करवाया था ताकि वे बेहतर स्वास्थ्य के साथ अपनी पत्नी का साथ निभा सकें। लेकिन नियति को कुछऔर ही मंजूर था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट से समाजवादी पार्टी को बड़ी राहत मुरादाबाद सपा कार्यालय खाली कराने का प्रशासनिक आदेश रद्द, कोर्ट ने माना प्रक्रिया में खामी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादी पार्टी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने मुरादाबाद में सपा के जिला कार्यालय को खाली कराने के प्रशासनिक आदेशको रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले से पार्टी कार्यकर्ताओं को राहत मिली है। मुरादाबाद स्थित समाजवादी पार्टी के कार्यालय का आवंटनप्रशासन ने 16 सितंबर को निरस्त कर दिया था। जिला प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में कहा गया था कि यह भवन नजूल की भूमि पर बना है, जोनगर निगम के प्रबंध क्षेत्र में आती है। आदेश में उल्लेख था कि नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद नगर निगम की टीम भवन पर कब्जा लेगी। मामलेकी सुनवाई के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रशासन का आदेश रद्द करते हुए सपा को राहत दी। कोर्ट ने माना कि नोटिस की प्रक्रिया में आवश्यकतथ्यों पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया था। आवंटन 16 सितंबर को निरस्त कियाइससे पहले 30 जुलाई को भी प्रशासन ने सपा जिलाध्यक्ष को नोटिस जारी कर कार्यालय खाली करने को कहा था। इसके जवाब में सपा जिलाध्यक्षने प्रशासन को बताया था कि कार्यालय का किराया नियमित रूप से जमा किया जाता रहा है और पार्टी का कब्जा पूरी तरह वैध है। प्रशासन ने अपनेआदेश में शासनादेश का हवाला देते हुए कहा था कि किसी भी भवन का आवंटन अधिकतम 15 वर्ष तक ही वैध रह सकता है, जबकि सपा कार्यालयको तीन दशक से अधिक समय बीत चुका है। इसी आधार पर आवंटन रद्द करने का निर्णय लिया गया था। सपा ने इस नोटिस को भेदभावपूर्ण औरअनुचित बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। पार्टी का कहना था कि उन्होंने कभी भी किराए या नियमों का उल्लंघन नहीं किया। सभीबकाया नियमित रूप से जमा किए गए हैं, बावजूद इसके केवल राजनीतिक कारणों से कार्रवाई की जा रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादीपार्टी को बड़ी राहत देते हुए मुरादाबाद स्थित सपा कार्यालय खाली कराने के प्रशासनिक आदेश को रद्द कर दिया है। प्रशासन ने नजूल भूमि और 15 वर्ष से अधिक आवंटन अवधि का हवाला देते हुए भवन का आवंटन 16 सितंबर को निरस्त किया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व पर साझा आस्था और राष्ट्रीय एकता का संदेश, बताया भारत की संस्कृति और राष्ट्र सेवा का प्रतीक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा में सिख गुरुओं का योगदान अविस्मरणीय एवं सराहनीय है। वह गुरु तेग बहादुर जीके 350वें शहीदी पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि , “… गुरबाणी में लिखा है कि जहां भी गुरु महाराज के पावनचरण पड़ते हैं, वह स्थान राम राज्य के समान पवित्र हो जाता है। यह हमारा सौभाग्य है कि गुरु चरण यात्रा के दौरान हमें गुरु महाराज और गुरु साहिबानके पावन चरणों के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त होता है। इस अवसर पर मैं केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंनेहमें गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व में सम्मिलित होने का अवसर प्रदान किया। गुरु चरण यात्रा के माध्यम से इस पावन अवसर से जुड़ने कासौभाग्य भी हमें प्राप्त हुआ है। भारत की सनातन परंपरा में सिख गुरुओं का योगदान अविस्मरणीय एवं सराहनीय है। साझा आस्था और राष्ट्रीय एकता का प्रतीकमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गुरु परंपरा ने भारत को केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा, सेवा और बलिदान का आदर्श भी दिया है। उन्होंने कहा किहमारी जिम्मेदारी है कि हम इस विरासत को अक्षुण्ण रखें और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी प्रेरणा पहुंचाएं। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंहपुरी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग ढाई सौ वर्षों से गुरु महाराज के पावन चरण पादुकाएं, जो पहले अखंड भारत के हिस्से पाकिस्तान मेंथीं, अब पटना साहिब में स्थापित की जा रही हैं। दिल्ली से शुरू हुई यह यात्रा पूरे देश में गुरु परंपरा के प्रति सम्मान और गौरव का भाव जगाती जा रहीहै। उन्होंने कहा कि लखनऊ का यहियागंज गुरुद्वारा इसलिए भी विशेष है क्योंकि गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की स्मृतियांइस स्थान से जुड़ी हैं। यह गुरुद्वारा हमारी साझा आस्था और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। पदाधिकारी व कई जनप्रतिनिधिगण मौजूदमुख्यमंत्री योगी ने सिख समुदाय के प्रति आदर व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु परंपरा ने भारत को केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा, सेवा औरबलिदान का आदर्श भी दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस विरासत को अक्षुण्ण रखें और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी प्रेरणापहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख समाज की यह यात्रा केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शन है। उन्होंने सभीश्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे इस “गुरु चरण यात्रा” को राष्ट्रीय एकता और आध्यात्मिक जागरण के संदेश के रूप में आगे बढ़ाएं। इस अवसर परकेंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, यूपी कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार परबिंदर सिंह केअलावा गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारी व कई जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।
Chhath Mahaparv Symbolizes Sanatan Heritage and National Unity, Delhi Social Welfare Minister Ravinder Indraj Singh

On the auspicious occasion of Chhath Mahaparv, Delhi’s Minister for Social Welfare, Ravinder Indraj Singh, visited several Chhath Ghats across the Bawana Assembly to extend his greetings to the devotees. He also participated in the Sandhya Arghya (evening offering) and joined the devotees in offering prayers to Lord Surya (the Sun God) and Chhathi Maiya. Devotees and members of the Purvanchal Chhath Puja Seva Samiti expressed their gratitude to the Delhi Government, appreciating the excellent facilities and enhanced safety arrangements at the ghats this year. While offering prayers at the Model Ghat located at Lake Park, Rohini Sector 20, Shri Ravinder Indraj said that Chhath Mahaparv beautifully represents the rich cultural heritage of Sanatan Dharma and the spirit of national unity. He added that this festival is not merely an act of Sun worship but a symbol of discipline, cleanliness, and community harmony.The Cabinet Minister stated that Chhath has evolved from being a traditional festival to becoming a grand cultural celebration in Delhi. Under the leadership of Chief Minister Smt. Rekha Gupta, the people of Delhi are witnessing the most magnificent celebration of Chhath ever held in the national capital. The Delhi Government has ensured comprehensive arrangements including cleanliness, lighting, drinking water, security, and medical assistance at all ghats so that no devotee faces any inconvenience. Delhi are inspired by the visionMinister further emphasized that the ongoing grand celebrations across Delhi are inspired by the vision of Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi’s call for “Sabka Saath, Sabka Vikas” (Together with all, Development for all). He said that community-driven festivals like Chhath strengthen the bonds of brotherhood, unity, and social cooperation. The Social Welfare Minister inspected various Chhath Ghats located at Rohini Sectors 24, 25, and 26, Pansali Ghat, Bawana JJ Colony (Blocks A, F, G, and L), Jain Colony Ghat, and Panch Mandir Ghat at Shahbad Dairy, where thousands of devotees performed rituals with devotion. He personally interacted with the devotees and reviewed the arrangements at each site. Indraj appreciated the effortsRavinder Indraj appreciated the efforts of officials from MCD, Delhi Police, Irrigation and Flood Control, PWD, Health Department, Power Department, and Delhi Jal Board for their coordinated efforts and directed them to continue monitoring all facilities until the conclusion of the festival. On the occasion of Chhath Mahaparv, Minister extended his heartfelt wishes to all citizens, praying that the festival brings happiness, prosperity, and good fortune to everyone.
छठ महापर्व पर शराब की दुकानें खुली दिल्ली में, आप” के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने BJP सरकार को धर्म और पवित्रता के उल्लंघन का लगाया आरोप

आम आदमी पार्टी ने आस्था और पवित्रता के महापर्व छठ पर दिल्ली में शराब की दुकानें खुली होने को लेकर भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ाकिया है। “आप” के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में नकली एक्यूआई और नकली यमुना बनाने वाली भाजपा की नकलीसनातनी सरकार है। भाजपा सरकार ने छठ महापर्व पर सारे शराब के ठेके खोल दिए। जबकि अरविंद केजरीवाल की सरकार में सारी शराब की दुकानेंबंद रहती थीं। अब दिल्ली में नक़ली सनातन सरकार आते ही शराब के सारे ठेके खोल दिए गए। भाजपा सरकार के मुंह से अब आस्था और पवित्रताजैसे शब्द नक़ली लगते हैं। अब देखते हैं कि नक़ली सनातन सोशल मीडिया नायक क्या करते हैं? लेकिन यह पूरी तरह से पूर्वांचल आस्था व असलीसनातन का अपमान है और इसे हिंदुस्तान नहीं सहेगा। दरअसल, सोमवार को सौरभ भारद्वाज खुद शराब की कई दुकानों पर यह देखने के लिए पहुंचे थेकि छठ महापर्व पर ये दुकानें खुली हैं या बंद हैं। क्योंकि जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंदकेजरीवाल छठ मैया के प्रति श्रद्धा और पूर्वांचलियों के प्रति सम्मान जताते हुए छठ पूजा वाले दिन दिल्ली को ड्राई डे घोषित करते थे। दिल्ली में कहींभी शराब बेचने की अनुमति होती थी। सौरभ भारद्वाज सोमवार को जब इन दुकानों पर पहुंचे तो पाया कि भाजपा की सरकार ने सभी दुकानें खुलवारखी है। ज्यादा शर्मिंदगी महसूस होतीसौरभ भारद्वाज ने अपने इस विजिट का वीडियो एक्स पर साझा कर कहा कि पूर्वांचल के लोगों के लिए छठ महापर्व स्वच्छता और पवित्रता का प्रतीकहै। लेकिन सोमवार को छठ के दिन दिल्ली की सनातनी सरकार की दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (डीएसआईआईडीसी) और दिल्ली टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (डीटीटीडीसी) की शराब की दुकानें खुली हैं। ये दुकानें पूरी तरह चालू हैं, जबकि एक भीग्राहक नहीं है क्योंकि लोगों को पता है कि आम आदमी पार्टी की सरकार में पिछले कई सालों से छठ के दिन शराब की दुकानें बंद रहती थीं, क्योंकियह पवित्रता का पर्व है। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि छठ में प्रसाद जैसे ठेकुआ और चावल की खीर बनाने के लिए मिट्टी का नया चूल्हा बनाया जाताहै, गैस सिलेंडर और स्टील का चूल्हा भी नया लिया जाता है, ताकि कोई पकवान अपवित्रता न हो। पूर्वांचल के विधायकों के कहने पर आम आदमीपार्टी की सरकार में छठ के दिन शराब की दुकानें बंद होती थीं, लेकिन अब केंद्र और दिल्ली में भाजपा की सरकार और भाजपा के एलजी होने केबावजूद छठ के दिन शराब की दुकानें खुली हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की अत्यंत सनातनी सरकार ने धर्म की झूठी ठेकेदारी ले रखी है। इस सरकारके समय में छठ के दिन शराब की दुकानें खुली हैं, लेकिन लोग नहीं हैं, क्योंकि उनको सरकार से ज्यादा शर्मिंदगी महसूस होती है। शराब की दुकानें किसके लिए खोली गईंसौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि सनातन धर्म के नाम पर वोट मांगने वाली, लोगों को गालियां देने और लड़ाने वाली भाजपा सरकार ने छठ जैसेपवित्र दिन पर शराब की दुकानें क्यों खोली? क्या ये दुकानें खोलने की बात आम आदमी पार्टी या अरविंद केजरीवाल ने कही थी? उन्होंने कहा कियह गलत है और दिल्ली सरकार को इसका जवाब देना होगा।सौरभ भारद्वाज ने कहा कि शराब की दुकानों पर एक भी ग्राहक नहीं आ रहे, क्योंकि लोगों को पता है कि हर साल छठ पर शराब की दुकानें बंद रहतीहैं। शराब पीकर लोग छठ के आयोजनों में झगड़े और दंगे कर सकते हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों के लिए माहौल खराब होगा। ज्यादातर लोगशराब उन्हीं पार्कों में जाकर पिएंगे, जहां छठ मनाई जाती है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से पूछा कि शराब की दुकानें किसके लिए खोली गईं। येदिखने तुरंत बाद की जानी चाहिए। यह पूरी पूर्वांचल के लोगों और छठी मैया का अपमान बताया।
चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान, देशभर में चलेगा एसआईआर फेज-2 अभियान “ECI का बड़ा कदम”

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि एसआईआर का फेज-1 खत्म हो गया है, अब इसका दूसरा चरणशुरू होगा। बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण सफल तरीके से किया गया है। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने आगे कहा कि बिहार के लोगों ने एसआईआर परभरोसा जताया है। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दूसरे फेज में देश के 12 राज्यों में यह अभियान चलाया जाएगा। इसदौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि देश में 21 साल पहले आखिरी विशेष गहन पुनरीक्षण किया गया था। उन्होंने साफ किया कि एसआईआर मेंसभी योग्य मतदाताओं को जोड़ा जाएगा और अयोग्य मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर किया जाएगा। सीईसी ने आगे कहा कि चुनावों से पहलेएसआईआर किया जाना सबसे ज्यादा जरूरी है। उन्होंने बताया कि हर घर पर बीएलओ तीन बार जाएंगे और मतदाताओं की जानकारी जुटाएंगे। पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगीविशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची में सुधार करना और इसमें नए मतदाताओं का समावेश करना है। इसमें नामों की जांच, पुरानेमतदाताओं की पुष्टि, और आवश्यक संशोधन शामिल होंगे। आयोग ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। एसआईआर केतहत मतदाता सूची में त्रुटियों को दूर कर नए मतदाताओं को शामिल किया जाएगा, जिससे चुनावों में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके। बता देंकि देश के पांच राज्यों में साल 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसमें असम, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। 2026 में विधानसभा चुनाव होने वालेहालांकि, अभी तक पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में 10 से 15 राज्य शामिल होंगे। इनमें ऐसेराज्य होंगे, जहां 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इन राज्यों में तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुद्दुचेरी शामिल हैं। एसआईआरमें मतदाता सूची की संपूर्ण समीक्षा की जाएगी और आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। भारतीय निर्वाचन आयोग ने देशभर में एसआईआर अभियान कीतैयारियां की तैयारी में है। ईसी के शीर्ष अधिकारियों ने हाल ही में सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक की है। चुनाव आयोग नेदेशव्यापी एसआईआर को लेकर बड़ा एलान किया है। चुनाव आयोग के अनुसार, एसआईआर के दूसरे चरण में 12 राज्यों में अभियान चलायाजाएगा। इसमें मतदाता सूची में सुधार, नए मतदाताओं का समावेश और सूची में त्रुटियों का निवारण किया जाएगा।
क्वाड की बैठक अगले साल पहली तिमाही में संभव, ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने उम्मीद जताई है कि क्वाड देशों की अगली बैठक अगले साल की पहली तिमाही में हो सकती है। उन्होंनेचार देशों- भारत, अमेरिका, जापान के साथ ऑस्ट्रेलिया के गठजोड़ वाले इस समूह को एक अहम मंच करार दिया। गौरतलब है कि भारत में इसी सालक्वाड सम्मेलन होना था। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रवैये और जापान में जारी सियासी उठापटक के चलते अब इस बैठक की उम्मीदकम ही है।अल्बनीज ने रविवार आसियान सम्मेलन के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “क्वाड एक अहम फोरम है, जो ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, जापान और भारतको जोड़ता है। मुझे उम्मीद है कि इसकी बैठक अगले साल की पहली तिमाही में होगी।” उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बैठक कीमेजबानी करेंगे। क्वाड सम्मेलन में देरी को लेकर पर पूछे गए सवाल पर अल्बनीज ने कहा कि यह व्यस्त शिखर सम्मेलन सत्र है और अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रंप काफी व्यस्त कार्यक्रम में बंधें हैं। अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य करार दियाअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों एशिया के तीन देशों के दौरे पर हैं। वे मलयेशिया में आसियान सम्मेलन में शामिल होने के बाद जापान रवानाहुए और वहां से दक्षिण कोरिया जाएंगे, जहां वे एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) सम्मेलन के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलनेवाले हैं। इससे पहले अगस्त में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ट्रंप ने इस वर्ष भारत यात्रा की योजना रद्द कर दी है, क्योंकि उनके औरप्रधानमंत्री मोदी के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते तब से तनाव में हैं जब ट्रंप प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत तक आयात शुल्क और रूसी तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत कर लगा दिया। भारत ने इस कदम को अनुचित, अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्यकरार दिया था।
देशहित में एकजुट हुए डीएमके और कांग्रेस: स्टालिन बोले राहुल मुझे बड़ा भाई मानते

तमिनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने सोमवार को अपने एक बयान में कहा कि उनकी पार्टी डीएमके और कांग्रेस भले हीअलग-अलग रास्तों पर आगे बढ़ीं थी, लेकिन अब देशहित में दोनों पार्टियां एक ही टीम में हैं। स्टालिन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी जमकरसराहा और कहा कि राहुल गांधी उन्हें बड़ा भाई मानते हैं और राहुल गांधी द्वारा उनके लिए दिखाए गए प्यार को वे शब्दों में नहीं बयां कर सकते।सोमवार को स्टालिन तमिलनाडु के विरुधुनगर में कांग्रेस नेता के बेटे की शादी में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि ‘यह बताना जरूरी है किहालांकि डीएमके और कांग्रेस एक समय अलग-अलग रास्तों पर चले थे, लेकिन आज देश की भलाई के लिए, तमिलनाडु के विकास और भारत कीएकता के लिए, हम एक ही तरफ हैं। हम एक जैसी सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी द्वारा उनके प्रति दिखाए गए प्यारको शब्दों में बयान नहीं कर सकते। मेरे प्यारे भाई’ कहकर बुलातेस्टालिन ने कहा कि ‘मैंने दूसरे राजनीतिक नेताओं को भाई कहकर संबोधित नहीं किया है। लेकिन जब भी मैं राहुल गांधी से बात करता हूं तो ऐसाकरता हूं। इसकी वजह ये है कि वह मुझे भाई, बड़े भाई जैसा मानते हैं। जब भी वह मुझसे बात करते हैं, चाहे फोन पर हो या आमने-सामने, वह मुझे’मेरे प्यारे भाई’ कहकर बुलाते हैं। मैं उन सभी बातों को भूल नहीं सकता।’ देश के भविष्य को सुरक्षित करेगाडीएमके प्रमुख ने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक दोस्ती नहीं है बल्कि एक वैचारिक रिश्ता है जो पूरे देश में गूंज रहा है। उन्होंने कहा कि ‘हम सभीसे ऐसी ही भावना की उम्मीद करते हैं। यह दोस्ती (दोनों पार्टियों के बीच) देश की भलाई को महत्व देते हुए जारी रहे।’ स्टालिन ने कहा, ‘इन दोनोंराजनीतिक आंदोलनों के बीच समझ और वैचारिक रिश्ता इस देश के भविष्य को सुरक्षित करेगा। उन्होंने नवविवाहित जोड़े से बच्चों के ‘सुंदर तमिलनाम’ रखने का आग्रह किया। स्टालिन ने कहा कि ‘मैंने दूसरे राजनीतिक नेताओं को भाई कहकर संबोधित नहीं किया है। लेकिन जब भी मैं राहुल गांधीसे बात करता हूं तो ऐसा करता हूं। इसकी वजह ये है कि वह मुझे भाई, बड़े भाई जैसा मानते हैं।’
लखीमपुर खीरी का मुस्तफाबाद बनेगा कबीरधाम, CM योगी का बड़ा ऐलान “कबीरदास ने दिखाया समाज को एकता का मार्ग”

संत क्षमा देव और गुरमन देव के स्मृति जन्मोत्सव मेले में सोमवार को लखीमपुर खीरी के मुस्तफाबाद स्थित कबीरधाम पहुंचे मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ ने कहा कि जब वह यहां आए तो गांव का नाम मुस्तफाबाद होने के बारे में जानकारी ली। पता चला कि यहां मुस्लिम आबादी एक भीनहीं है। उन्होंने कहा कि इस गांव का नाम कबीरधाम होना चाहिए। इसके लिए प्रस्ताव मांगा गया है। जल्द ही मुस्तफाबाद का नाम बदलकरकबीरधाम किया जाएगा। बाउंड्री वॉल बनाने में जातामुख्यमंत्री ने कहा कि आज जो भाजपा की सरकार राष्ट्र हित के भाव से काम कर रही है, वैसे भाव 2014 से पहले नहीं थे। तब हिंदू आस्था पर प्रहारकरने व देश के खजाने को लूटने का काम होता था। योगी ने कहा कि भाजपा सरकार में अयोध्या और काशी के साथ ही धार्मिक आस्था वाले स्थलोंके लिए धन खर्च किया। पहले यह पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल बनाने में जाता था। समाज का विभाजन हुआमुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक आस्था पर चोट करने के लिए अयोध्या का नाम बदलकर फैजाबाद और प्रयागराज का नाम बदलकरइलाहाबाद किया गया था। हमारी सरकार आई तो अयोध्या और प्रयागराज को उसका पुराना गौरवशाली इतिहास वापस मिला। इसी तरह से अबमुस्तफाबाद भी कबीरधाम के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने कबीरधाम से जात-पात पर भी प्रहार किया। यहां से समाज को एकजुटता का संदेशदिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कबीरदास ने जातीयता पर प्रहार किया। जाति की विसंगितयों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा था कि जात-पात पूछेना कोई, हरि को भजे सो हरि का होइ। मुख्यमंत्री ने कहा कि जात-पात देश की गुलामी का कारण रहा था। जाति के नाम पर समाज का विभाजनहुआ था। इस विभाजन से उबारने के लिए उस समय गुरु रामानंद, कबीरदास, रविदास समेत अनेक संतों ने समाज को नई दिशा दी। उनकी वाणीआज भी उतनी ही प्रासांगिक है, जितना उस समय थी।