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विश्व शांति स्तूप का 56वां स्थापना दिवस, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राजगीर में शांति और बौद्ध विरासत को किया सम्मानित

रत्नागिरी पहाड़ी पर स्थित विश्व शांति स्तूप के 56वें स्थापना दिवस के अवसर पर शनिवार को बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने इस पवित्रस्थल पर आयोजित समारोह में भाग लिया। यह स्तूप न केवल बौद्ध धर्म की महान विरासत का प्रतीक है, बल्कि भारत और जापान के बीच गहरेसांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों का भी जीवंत प्रमाण है। कार्यक्रम की शुरुआत राज्यपाल के भव्य स्वागत के साथ हुई, जब नालंदा पुलिस ने उन्हेंगार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद राज्यपाल रत्नागिरी पहाड़ी पर आयोजित मुख्य समारोह में सम्मिलित हुए, जहां पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानसंपन्न हुए। पूजा-पाठ के उपरांत राज्यपाल खान ने अपने संबोधन में कहा कि आज इस शुभ अवसर पर विश्व शांति स्तूप की 56वीं वर्षगांठ के इसपवित्र समारोह में उपस्थित होना मेरे लिए बहुत बड़े सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि राजगीर जैसे पवित्र स्थान पर, जहां भगवान बुद्ध के चरणों नेधरती को पावन किया, यह स्मारक शांति का पवित्र प्रतीक है। सप्तपर्णि गुफा में महत्वपूर्ण बौद्ध परिषद का आयोजन हुआराज्यपाल ने राजगीर बुद्ध विहार सोसायटी, निपोन्जन म्योहोजी के अनुयायियों और परम पूज्य निचिदात्सू फूजी गुरुजी के शिष्यों को हार्दिक बधाई दी।समारोह में कई देशों से आए प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। राज्यपाल ने विशेष रूप सेजापान के संतोपु कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष श्री केनसुके ओरियोची, सीजीसी और सनपो के प्रतिनिधियों, तथा पीस एंड गुडविल पिलग्रिमेज मिशनऑफ इंडिया की डॉ. महास्वेता महाराठी के साथ-साथ वेनेरेबल सीनियर मोंक्स और महाविहार एवं नागर मंदिर के संघ के सभी सदस्यों की सराहनाकी। राज्यपाल ने राजगीर के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राजगीर, जो प्राचीन मगध साम्राज्य की राजधानी रहा है, बौद्धधर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। यहीं पर द्वितीय धर्म चक्र परिवर्तन हुआ था और सप्तपर्णि गुफा में महत्वपूर्ण बौद्ध परिषद का आयोजन हुआथा। महान गुरु भगवान बुद्ध की शिक्षाओं में निहितअपने संबोधन में राज्यपाल खान ने भारत और जापान के बीच मैत्री के प्रतीक पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आप सभी की उपस्थिति इस कालातीतबंधन को दर्शाती है, जिसकी जड़ें महान गुरु भगवान बुद्ध की शिक्षाओं में निहित हैं। उन्होंने बताया कि राजगीर बुद्ध विहार सोसायटी, जिसकी स्थापनाभारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री मोरारजी देसाई और परम पूज्य निचिदात्सू फूजी गुरुजी के नेतृत्व में हुई थी, पिछले आधी सदी से अधिक समय से भारत-जापान मैत्री को मजबूत करने और विश्व शांति को बढ़ावा देने में समर्पित रही है। राज्यपाल ने कहा कि रत्नागिरी पहाड़ी की चोटी पर स्थित विश्व शांतिस्तूप, जहां भगवान बुद्ध ने सात वर्षों तक उपदेश दिया था, अहिंसा और करुणा में हमारी अटूट आस्था का प्रतीक है। समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुऔर बौद्ध धर्म के अनुयायी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक बौद्ध प्रार्थनाएं और मंत्रोच्चारण भी किए गए। विश्व शांति स्तूप आज भी दुनियाभर से आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है और यह बिहार की समृद्ध बौद्ध विरासत का गौरवशाली प्रतीक बनाहुआ है।

अमित शाह ने खगड़िया में छठ पर जनसभा में कहा बिहार को फिर कभी जंगलराज नहीं होने देंगे, विकास और सुरक्षा को मिलेगा बल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खगड़िया में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा को छठ पर्व के अवसर पर संबोधित करते हुए बिहार के विकासऔर सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार कभी जंगलराज का शिकार नहीं होगा और बहू-बेटियां सुरक्षित रहेंगी। अमित शाह ने कहा, “मैं छठमैया से यही प्रार्थना करता हूं। मुझे लगा था कि छठ पर्व के बीच कौन आएगा, लेकिन पूरा पंडाल भर गया है।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नेखगड़िया में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा को छठ पर्व के अवसर पर संबोधित करते हुए बिहार के विकास और सुरक्षा पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि बिहार कभी जंगलराज का शिकार नहीं होगा और बहू-बेटियां सुरक्षित रहेंगी। अमित शाह ने कहा, “मैं छठ मैया से यही प्रार्थना करताहूं। मुझे लगा था कि छठ पर्व के बीच कौन आएगा, लेकिन पूरा पंडाल भर गया है।” बहुमत दिलाने की अपीलशाह ने महागठबंधन सरकार पर कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लालू यादव ने “लैंड फॉर जॉब” और “अलकतरा” जैसे बड़े घोटाले किए हैं। उन्होंनेकांग्रेस के दस साल के शासनकाल को भी घोटालों से भरा बताया। शाह ने आरोप लगाया कि बिहार और केंद्र में घोटालों के रिकॉर्ड वाले लोगमहागठबंधन में हैं, जो बिहार के विकास का बीड़ा कभी उठा नहीं सकते। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि बिहार का विकास केवल नरेंद्र मोदी औरनीतीश कुमार के नेतृत्व में संभव है। उन्होंने ग्रामीण विकास, सुरक्षा व्यवस्था और रोजगार सृजन को आगे बढ़ाने के लिए एनडीए को बहुमत दिलाने कीअपील की।खगड़िया की इस जनसभा में अमित शाह की धमाकेदार उपस्थिति और तगड़े आरोपों ने चुनावी माहौल गरमा दिया है। बिहार के लोगों के लिए यहचुनाव विकास का समय है, न कि फिर से जंगलराज के अंधकार में लौटने का। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खगड़िया में एनडीए प्रत्याशियों केसमर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार को फिर कभी जंगलराज का शिकार नहीं होने देंगे और राज्य को विकास की राह पर आगेबढ़ाएंगे।

एलआईसी ने वॉशिंगटन पोस्ट की अदाणी निवेश रिपोर्ट को खारिज किया, कहा सभी निवेश स्वतंत्र और नियामक दिशा निर्देशों के अनुरूप

भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी ने बीमा कंपनी के निवेश पर सवाल उठाने वाली द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्टों का खंडन किया है।एलआईसी ने पुष्टि की है कि उसके सभी निवेश पूरी ईमानदारी और उचित मापदंडों के तहत किए गए हैं। अमेरिका के अखबार वॉशिंगटन पोस्ट नेअपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि भारतीय अधिकारियों ने मई में एक प्रस्ताव तैयार किया था। इस प्रस्ताव के तहत देश की सबसे बड़ी बीमाकंपनी एलआईसी से करीब 3.9 अरब डॉलर (करीब 34,000 करोड़ रुपये) की रकम अदाणी समूह की कंपनियों में निवेश की जानी थी। हालांकि, अब एलआईसी ने इन दावों को सरासर झूठ करार दिया है। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी ने वाशिंगटन पोस्ट के निवेश से जुड़े आरोपों को सिरे सेखारिज किया है। कंपनी ने कहा,”एलआईसी के निवेश से जुड़े निर्णय बाहरी कारणों से प्रभावित होते हैं, ऐसा आरोप झूठे, निराधार और सच्चाई सेकोसों दूर हैं। लेख में जो आरोप लगाए गए हैं वैसा कोई दस्तावेज या योजना एलआईसी की ओर से कभी तैयार नहीं की गई है, जिसके जरिएएलआईसी की ओर से अदाणी समूह की कंपनियों में निवेश का रोडमैप तैयार करती हो।” उच्चतम मानकों को सुनिश्चित कियाएलआईसी ने कहा, “निवेश के फैसले एलआईसी की ओर से विस्तृत जांच-पड़ताल के बाद और बोर्ड की ओर से जिन नीतियों को हरी झंडी दिखाईजाती है, उनके अनुसार स्वतंत्र रूप से लिए जाते हैं। वित्तीय सेवा विभाग या किसी अन्य निकाय की ऐसे निर्णयों में कोई भूमिका नहीं होती है।एलआईसी ने जांच-पड़ताल के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित किया है और इसके सभी निवेश निर्णय मौजूदा नीतियों, अधिनियमों के प्रावधानों औरनियामक दिशानिर्देशों के अनुपालन में, इसके सभी हितधारकों के सर्वोत्तम हित में किए गए हैं। लेख में दिए गए ये कथित बयान एलआईसी कीसुव्यवस्थित निर्णय लेने की प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने और एलआईसी की प्रतिष्ठा और छवि और भारत में वित्तीय क्षेत्र की मजबूत नींव को धूमिलकरने के इरादे से दिए गए महसूस होते हैं।”भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में, बुनियादी बातों और विस्तृत जांच-पड़ताल के आधार पर विभिन्न कंपनियों में निवेश केफैसले लिए हैं। भारत की शीर्ष 500 कंपनियों में इसका निवेश मूल्य 2014 से 10 गुना बढ़कर 1.56 लाख करोड़ रुपये से 15.6 लाख करोड़ रुपयेहो गया है, जो मजबूत फंड प्रबंधन को दर्शाता है। सरकारी बॉन्ड और कॉर्पोरेट ऋण भी हैंबात दें कि यह बीमा कंपनी कोई छोटा-मोटा, एकल-उद्देश्य वाला फंड नहीं है, बल्कि 41 लाख करोड़ रुपये (500 अरब डॉलर से ज़्यादा) की संपत्तिके साथ भारत का सबसे बड़ा संस्थागत निवेशक है। यह लगभग हर बड़े व्यावसायिक समूह और क्षेत्र में फैले 351 सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध शेयरों(2025 की शुरुआत तक) में निवेश करता है। एलआईसी के पास पर्याप्त सरकारी बॉन्ड और कॉर्पोरेट ऋण भी हैं। इसका पोर्टफोलियो अत्यधिकविविधीकृत है, जिससे जोखिम का वितरण होता है। एलआईसी का अदाणी समूह पर कर्ज, समूह के कुल कर्ज का दो प्रतिशत से भी कम है, जिसकानेतृत्व भारत के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अदाणी करते हैं। अमेरिका के सबसे बड़े फंड ब्लैकरॉक, अपोलो, जापान के सबसे बड़े बैंक मिजुहो, एमयूएफजी और जर्मनी के दूसरे सबसे बड़े बैंक डीजेड बैंक जैसे वैश्विक निवेशकों ने भी हाल के महीनों में अदाणी ऋण में निवेश किया है, जो समूह मेंवैश्विक विश्वास को दर्शाता है। सूत्रों के अनुसार, अदाणी का कुल 2.6 लाख करोड़ रुपये का कर्ज 90,000 करोड़ रुपये के वार्षिक परिचालन लाभऔर 60,000 करोड़ रुपये की नकदी पर निर्भर है। इसका मतलब है कि अगर अदाणी नए बुनियादी ढांचे के निवेश को रोक दे, तो वह तीन साल सेभी कम समय में अपना पूरा कर्ज चुका सकता है। इक्विटी के मामले में, अदाणी एलआईसी की सबसे बड़ी होल्डिंग नहीं है बल्कि इस मामले मेंरिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, आईटीसी और टाटा समूह अदाणी से आगे हैं।

डीके शिवकुमार ने तेजस्वी सूर्या को ‘खाली डिब्बा’ कहा, टनल रोड विवाद पर कसा निशाना “जानें क्या है पूरा मामला”

कर्नाटक में टनल रोड परियोजना को राजानीति विवाद अपने चरम पर पहुंच गया है। ऐसे में अब कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवारको भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या को टनल रोड परियोजना का विरोध करने पर आड़े हाथों लिया। शिवकुमार ने पूछा कि तेजस्वी और उनकी पार्टी नेबंगलूरू के ट्रैफिक की समस्या को हल करने में क्या योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि कोई भी विरोध करे, मुझे फर्क नहीं पड़ता। भाजपा केवलपीआईएल डाल रहे हैं। भाजपा कर्नाटक सरकार को अच्छा नाम कमाने नहीं देना चाहते। इस दौरान जमीन अधिकरण को लेकर भी शिवकुमार नेकर्नाटक सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए कोई जमीन अधिग्रहित नहीं की जा रही, केवल क्राइस्ट कॉलेज/यूनिवर्सिटी के पास थोड़ा सा हिस्सा इस्तेमाल होगा। उन्होंने कहा कि इतिहासिक लालबाग को कोई नुकसान नहीं होगा, यह टनल भूमिगत होकरगुजरेगा। कदम जनता के लिए सुविधाएं बढ़ाने की दिशा मेंशिवकुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ एक छोटा हिस्सा अस्थायी रूप से इस्तेमाल करेंगे और बाद में उसे पार्क में बदल देंगे। इसके साथ हीतेजस्वी सूर्या को ‘खाली डिब्बा’ कहते हुए शिवकुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा ने सत्ता में रहते हुए बंगलूरू के लिए कोई सार्थक काम नहीं किया।सूर्या के यह कहने पर कि टनल केवल अमीरों के लिए है। इसपर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि हां, यह उनके लिए है जिनके पास पैसाहै। तेजस्वी हमें बताएं कि बंगलूरू ट्रैफिक हल करने की उनकी योजना क्या है? शिवकुमार ने सूर्या पर आरोप लगाया कि उन्होंने सांसद रहते हुएपीएमएलएडी फंड का इस्तेमाल नहीं किया, शहर में सड़क चौड़ीकरण, फ्लाईओवर निर्माण या कचरा प्रबंधन की योजना नहीं बनाई। उन्होंने कहा किभाजपा ने शहर की बुनियादी ढांचा को भी बिगाड़ा, इसलिए जनता ने हमें 224 सदस्यीय विधानसभा में 140 सीटें दी। शिवकुमार ने यह भी बतायाकि बी-खाता संपत्तियों को ए-खाता में बदलने का कदम जनता के लिए सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में है। विकसित करने के लिए प्रतिबद्धउन्होंने कहा कि लोग आवेदन कर रहे हैं और इसे जनता ने सराहा है। शिवकुमार ने सवाल किया कि भाजपा ने क्यों शहर की संपत्तियों को स्कैन नहींकिया। उन्होंने कहा कि हम बेंगलुरु को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और जनता के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। हमारी छठी गारंटी सहीदस्तावेज देना है।कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या पर आरोप लगाया कि उन्होंने बेंगलुरु के ट्रैफिक के लिए कुछनहीं किया। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहित नहीं की जा रही, लालबाग को कोई नुकसान नहीं होगा और सूर्या ‘खाली डिब्बा’ हैं।

छठ और दिवाली के मौके पर बिहार यात्री बेहाल, राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार पर लगाए आरोप

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को बिहार जाने वाली ट्रेनों में भीड़ को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राहुलने कहा कि बिहार जाने वाली ट्रेनें पूरी तरह भरी हुई हैं, टिकट मिलना लगभग असंभव है और यात्रा अमानवीय बन गई है। उन्होंने कहा कि ये बेबस यात्रीएनडीए सरकार की छल भरी नीतियों और इरादों का जीता-जागता सबूत हैं। राहुल ने कहा कि सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा कोई एहसान नहीं, बल्कि एक अधिकार है। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट में कहा, “त्योहारों का महीना है – दिवाली, भाईदूज, छठ। बिहार में इन त्योहारों का मतलबसिर्फ आस्था नहीं, घर लौटने की लालसा है- मिट्टी की खुशबू, परिवार का स्नेह, गांव का अपनापन। लेकिन यह लालसा अब एक संघर्ष बन चुकी है।बिहार जाने वाली ट्रेनें ठसाठस भरी हैं, टिकट मिलना असंभव है, और सफर अमानवीय हो गया है। कई ट्रेनों में क्षमता से 200% तक यात्री सवार हैं।लोग दरवाजों और छतों तक लटके हैं। अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिएकांग्रेस नेता ने आगे कहा, “फेल डबल इंजन सरकार के दावे खोखले हैं। कहां हैं 12,000 स्पेशल ट्रेनें? क्यों हालात हर साल और बदतर ही होते जातेहैं? क्यों बिहार के लोग हर साल ऐसे अपमानजनक हालात में घर लौटने को मजबूर हैं? अगर राज्य में रोजगार और सम्मानजनक जीवन मिलता, तोउन्हें हजारों किलोमीटर दूर भटकना नहीं पड़ता। राहुल ने कहा कि ये सिर्फ मजबूर यात्री नहीं, एनडीए की धोखेबाज नीतियों और नीयत का जीता-जागता सबूत हैं। यात्रा सुरक्षित और सम्मानजनक हो यह अधिकार है, कोई एहसान नहीं। बता दें कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव त्योहारों में ट्रेनों में बढ़तीभीड़ के मद्देनजर खुद व्यवस्थाओं का जायजा लेने कई बार नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे हैं। इसी शनिवार को उन्होंने स्टेशन पर ट्रेन में चढ़कर सफाई, खानपान, टिकट व्यवस्था, सुरक्षा और समयबद्धता को लेकर यात्रियों से फीडबैक लिया। कई यात्रियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव साझा किए जिनपर मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालना होतीवैष्णव ने कहा था कि त्योहारों के दौरान रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालना होती है। हमारा लक्ष्य है कि हरयात्री को सुरक्षित व समय पर सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिले। दिवाली और छठ पर्व को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रेनों की संख्या बढ़ाई गई हैऔर सभी प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त स्टाफ व हेल्प डेस्क लगाए गए हैं। यात्री सुविधा केंद्र में बहुत सारे टिकट काउंटर हैं। यात्रियों का आवागमनव्यवस्थित तरीके से हो रहा है। होल्डिंग एरिया से बहुत लाभ मिल रहा है। इस बार देशभर में 12 हजार स्पेशल ट्रेनें संचालित की जा रही हैं।

केरल में पीएम श्री स्कूल योजना लागू होने पर सियासी भूचाल, सुरेश गोपी बोले ‘देर आई, दुरुस्त आई सरकार

केरल सरकार द्वारा प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) स्कूल योजना लागू करने के फैसले ने राज्य की सियासत गरमा दी है। सरकारके इस फैसले के चलते वाम मोर्चे के भीतर ही बगावत जैसा माहौल बन गया है, केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने इसे ‘देर आए, दुरुस्त आए’ बताया। कुलमिलाकर शिक्षा सुधार की पहल के बीच अब राजनीति और नीतियों की जंग तेज हो गई है। ऐसे में केद्रीय राज्यमंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि राज्यसरकार ने यह कदम बहुत देर से उठाया, लेकिन देर आए, दुरुस्त आए। बता दें कि केरल सरकार ने हाल ही में इस योजना के लिए केंद्र के साथसमझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके दो दिन बाद सुरेश गोपी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस योजना के असली लाभार्थीबच्चे हैं, जिनका किसी राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए उन्हें इस योजना के फायदे से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहाकि सीपीआई, सीपीएम, कांग्रेस और भाजपा सभी पार्टियों के अपने राजनीतिक अधिकार हैं, लेकिन इनकी राजनीति के कारण बच्चों की जरूरतें पूरीहोने में बाधा नहीं आनी चाहिए। सामूहिक अनुशासन का उल्लंघन हुआइस दौरान गोपी ने राज्य के स्कूलों की हालत पर चिंता भी जताई। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों की इमारतें 40–50 साल पुरानी हैं और खराब हालत मेंहैं। उन्होंने कहा कि क्या हमारे बच्चों को जर्जर इमारतों में पढ़ाई करनी चाहिए? इन स्कूलों को सुधारा जाना जरूरी है। यह योजना बच्चों के लिएफायदेमंद होगी।हालांकि दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री के इस बयान से पहले केरल की सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) में शामिल सीपीआई ने सरकार के इसफैसले पर खुला विरोध जताया था। सीपीआई के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने आरोप लगाया कि पार्टी और अन्य सहयोगियों को इस निर्णय कीजानकारी नहीं दी गई, जिससे मोर्चे की सामूहिक अनुशासन का उल्लंघन हुआ है। शिक्षा नीतियों को बरकरार रख सकेवहीं, राज्य के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह एक रणनीतिक कदम है ताकि राज्य को केंद्र से फंडमिल सके, जबकि राज्य अपनी शिक्षा नीतियों को बरकरार रख सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पीएम श्री योजना से जुड़ने का मतलब यह नहीं हैकि केरल सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2022 को स्वीकार कर लिया है, जिसका वाम मोर्चा लंबे समय से विरोध करता रहा है।दूसरी ओर, विपक्षी कांग्रेस ने कहा कि यह फैसला एलडीएफ के भीतर गहरे मतभेदों को उजागर करता है। केरल सरकार के पीएम श्री स्कूल योजना लागू करने केफैसले से राज्य की सियासत गरमा गई है। वाम मोर्चे में मतभेद गहराए तो केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने इसे “देर आए, दुरुस्त आए” कहा। उन्होंने जोरदेकर कहा कि राजनीति से ऊपर बच्चों की जरूरतें हैं और किसी भी दल की खींचतान उनके भविष्य में बाधा नहीं बननी चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर कड़ा आरोप लगाया, पी. हरीश ने सुरक्षा परिषद में जोरदार बयान दिया

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की मुद्दा जोर-शोर से उठाया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने कहा किपाकिस्तान को अवैध रूप से कब्जाए इलाकों में मानवाधिकार उल्लंघन बंद करना चाहिए, खासकर जम्मू और कश्मीर के इलाकों में। गौरतलब है किहाल के दिनों में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। बीते दिनों ही पीओके में बुनियादी मांगों कोलेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिन्हें पाकिस्तान की सेना ने बेरहमी से कुचला था और इस दौरान कई लोगों की जान गई थी। मानवाधिकार उल्लंघन को बंद करेभारतीय राजदूत पी. हरीश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 80वें यूएन दिवस के अवसर पर हुई खुली बहस के दौरान अपने बयान में कहा कि ‘हम मांगकरते हैं कि पाकिस्तान अवैध रूप से कब्जाए इलाकों में जारी मानवाधिकार उल्लंघन को बंद करे। वहां जनता पाकिस्तानी सेना के कब्जे, शोषण, निर्दयता और प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन के खिलाफ खुलकर विद्रोह कर रही है।’ पी. हरीश ने जोर देकर कहा कि ‘जम्मू कश्मीर हमेशा भारतका अभिन्न अंग रहा है और हमेशा रहेगा। जम्मू कश्मीर के लोग भारत की लोकतांत्रिक परंपरा के अनुसार अपने मौलिक अधिकारों का इस्तेमाल करतेहैं। बेशक ये बातें पाकिस्तान के लिए अजूबा ही हैं।’ पी. हरीश ने कहा कि ‘ग्लोबल साउथ की जरूरतों का असरदार तरीके से जवाब देने के लिएग्लोबल फैसले लेने वाले ढांचे को ज्यादा लोकतांत्रिक और सबको साथ लेकर चलने वाला होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय सहयोग को तेजी से समाज सेवाके तौर पर देखा जा रहा है और तरक्की को तेजी से सीमित किया जा रहा है।’ तकनीक तक पहुंच कम होती जा रहीभारतीय राजदूत पी हरीश ने संयुक्त राष्ट्र की वैधानिकता, विश्वसनीयता और मौजूदा समय में इसकी जरूरत पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा किसंयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हुई और यह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की उम्मीद था। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ कीजरूरतों का असरदार तरीके से जवाब देने के लिए ग्लोबल फैसले लेने वाले ढांचे को ज्यादा लोकतांत्रिक और सबको साथ लेकर चलने वाला होनाचाहिए। अंतरराष्ट्रीय सहयोग को तेजी से समाज सेवा के तौर पर देखा जा रहा है और तरक्की को तेजी से सीमित किया जा रहा है। ग्लोबल साउथ केनागरिकों की विकास और उम्मीदों को पूरा करने के लिए जरूरी संसाधनों और तकनीक तक पहुंच कम होती जा रही है। पी. हरीश ने कहा कि ऐसातरीका जो तरक्की और खुशहाली को वैश्विक नजरिए से नहीं देखता, वह न तो टिकाऊ है और न ही नैतिक तौर पर सही है।

Delhi Government Illuminates Rural Delhi, Minister Ravinder Indraj Singh Inaugurates High Mast Lights in Six Villages to Boost Safety and Development

Delhi Government’s Minister for Social Welfare, Shri Ravinder Indraj Singh, inaugurated high mast lights installed through the MLA fund in the villages of Punjab Khor, Jat Khor, Qutubgarh, Bajitpur Thakran, Nangal Thakran, and Dariyapur along with local residents. He said that this initiative is not only a step towards development but also an effort to improve the quality of life in rural areas. On this occasion, concerned departmental officers and a large number of villagers were present. Villagers said that these villages remainedExpressing gratitude, the villagers said that these villages remained in darkness for a long time, which caused inconvenience in movement after dusk. Now, with the installation of high mast lights, the main squares and intersections will be illuminated, providing a sense of safety and security. The lighting will also benefit local athletes by enabling nighttime practice sessions in village playgrounds. The Social Welfare Minister stated that the government’s priority is to provide basic amenities in rural areas and to bring the last person in society into the mainstream of development. He added that continuous development of roads, street lights, parks, and community buildings in the villages will be ensured.Delhi Government is committed to the balancedRavinder Indraj emphasized that the Delhi Government is committed to the balanced development of villages. The goal of a developed Delhi cannot be achieved without rural development. Developed villages will form the strength of a developed Delhi. He also informed that the concerned department has been assigned the responsibility for the regular maintenance of the newly installed high mast lights to ensure their smooth functioning for a long time.On this occasion, the Cabinet Minister appealed to the villagers to actively participate in keeping their villages clean and beautiful so that the villages not only remain well-lit but also become clean and aesthetically appealing.

AAP MLA Sanjeev Jha Slams BJP’s Secret Cloud Seeding Trial in Burari, Questions Safety, Transparency, and Intent Behind ‘Reel Government’s’ Move

Senior AAP Leader and Burari MLA Sanjeev Jha has raised sharp questions over the BJP government’s so-called cloud seeding trial to curb Delhi’s pollution, calling the claim unbelievable. He asked why the BJP, which is projecting the exercise as historic, carried it out secretly without following the Standard Operating Procedure (SOP), informing the local MLA or alerting residents. The Burari MLA said the chemicals used, like silver iodide, could harm the eyes, skin and lungs, and questioned whether the effects were hidden because most residents of Burari—mainly from Uttar Pradesh and Bihar—are treated as second-class citizens by the BJP. Addressing a press conference, AAP MLA Sanjeev Jha stated, “On Thursday, Delhi’s BJP government’s Environment Minister Manjinder Singh Sirsa tweeted a video saying that a cloud seeding trial had been conducted in the Burari area and that it was successful. The claim of success implies that the government carried out cloud seeding. The BJP minister said that when cloud seeding takes place, it results in rainfall, which we call artificial rain, and this helps control air pollution. I believe that when the government conducts cloud seeding, there must be a Standard Operating Procedure (SOP) in place. This is not something that should be done secretly.” Questioning the trial, Sanjeev Jha said, “When the Rafale deal was happening, BJP leaders were asking people to make reels and take photos. The entire day, the media showed how the deal happened. But when the cloud seeding trial took place, why was it done quietly? People are asking where the trial happened, what it looked like, and what the impact was.” Government could have simply called the media“The government could have simply called the media, and that too could have become a reel. BJP leaders are experts at making reels; theirs is a ‘reel government’ where nothing happens in ‘real’. BJP Minister Manjinder Singh Sirsa is two steps ahead in making reels — he could have stood there making one while the plane flew and flares were fired. That would have at least provided some solid information,” he added.Sanjeev Jha said, “I am the local MLA of Burari. The BJP government should have at least informed me. I would have informed the public. People could have taken photos of the plane involved in cloud seeding, and everyone would have known where the trial took place. But residents of Burari say they neither saw any flare nor heard any sound. No one got any information. So what kind of cloud seeding was this? What is more worrying is that the SOP clearly states that residents of the area where the trial is conducted must be alerted beforehand. This is not something to be hidden. The government was not conducting a nuclear test that required secrecy.” He continued, “I have concrete information that the Environment Minister was informed that before conducting cloud seeding anywhere, the residents of that area must be alerted because the chemicals used in the process are not safe for the skin. Was there any impact on crops or the public? What were the effects? Which chemicals were used? Across the world, wherever cloud seeding has been carried out, people have been alerted in advance. It should not be conducted in densely populated areas. Why, then, is the BJP government hiding this information? Why did it not inform the people beforehand? They are tweeting about it after the seeding, yet no one has any details. Why did this happen?” Questioning the government’s intent, Sanjeev Jha stated, “Why did the BJP government choose Burari for the trial? Burari has a large population of migrants, and in the eyes of the BJP, they are treated as second-class citizens because BJP leaders have previously called Purvanchali people ‘infiltrators’. They have said that those living here are outsiders, and houses belonging to people from Bihar and Uttar Pradesh have been demolished.”BJP’s view, the people of Burari“Perhaps, in BJP’s view, the people of Burari are second-class citizens. But everyone’s dignity and life are equally important. The BJP minister said that the North-East area was chosen for the trial. Does this mean that cloud seeding in the North-East will eliminate pollution across Delhi? If not, why were North-East and Burari chosen? Why only nearby areas? Could there be long-term effects that the BJP wants to avoid controversy over? The BJP government must provide complete information to the people of Delhi,” he asserted. The AAP MLA added that the BJP government says India Meteorological Department (IMD) has predicted clouds between 27 and 29 October. But the BJP must explain in detail how the clouds will form, what level of humidity is required for rainfall, and whether such humidity exists. They are giving people incomplete information. The public is unaware of the potential effects. Scientists must have briefed the government. If the government does not understand, then scientists themselves should hold a press conference and explain it to the people of Delhi. It is not right to mock people through tweets. Therefore, I demand that the BJP government, the Chief Minister, and the Environment Minister conduct a proper analysis of the effects of cloud seeding. Why was it done secretly? This secrecy only deepens suspicion.” Pointing to the lack of transparency, he further added, “If the government is claiming that it has conducted cloud seeding — the first time ever in history — then it should have done it in a grand manner. Invite all media houses, record videos, and broadcast them on television; that would have earned them praise. But instead, the BJP is busy patting itself on the back, saying, ‘We did cloud seeding, see the video, it was successful, flares were fired.’ Either there was some serious doubt that the BJP could not answer, or there was another reason altogether. There is definitely something fishy in this matter.” Calling the BJP a “reel-making government,” Sanjeev Jha said, “The BJP keeps promoting itself through reels at every step. Chhath Puja is around the corner, but the condition of ghats

अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान दिल्ली में करेंगे श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के धार्मिक कार्यक्रमों में शिरकत

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान शनिवार (25 अक्टूबर) को पंजाब सरकार द्वाराश्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में दिल्ली के आयोजित होने वाले विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहाअरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि हिंद दी चादर, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी, जिन्होंने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपना शीश कुर्बानकर दिया। इस लासानी शहादत की 350वीं वर्षगांठ पंजाब सरकार श्रद्धा और सम्मान के साथ मना रही है। शनिवार, 25 अक्टूबर को गुरुद्वारा सीसगंज साहिब, दिल्ली में गुरु साहिब के चरणों में अरदास के साथ इन समागमों की शुरुआत होगी। शाम 6 बजे, गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब, दिल्ली मेंविशाल कीर्तन दरबार आयोजित किया जाएगा, जहां गुरु रूप संगत गुरु साहिब के उपदेशों को स्मरण करेगी। इस अवसर पर आयोजित कीर्तन दरबारऔर गुरु साहिब के लंगर में आप भी हाज़री लगवाएं और गुरु साहिब जी का आशीर्वाद प्राप्त करें। इस संबंध में पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने बतायाकि राज्य सरकार सिखों के नौवें गुरु ‘हिंद की चादर’ श्री गुरु तेग बहादर जी की अमूल्य विरासत को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से इन समारोहों की शुरुआतके लिए 25 अक्तूबर को दिल्ली स्थित गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब में अरदास करेगी। शाम को गुरुद्वारा श्री रकाब गंज साहिब में कीर्तन दरबार काआयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और अरविंद केजरीवाल नतमस्तक होंगे। इस कीर्तन दरबार में प्रमुख रागी भाई अमरजीतसिंह तान, भाई अनंतबीर सिंह, भाई चमनजीत सिंह लाल, भाई जोगिंदर सिंह रियाड़, भाई दविंदर सिंह सोढी, भाई जसकर्ण सिंह सहित अन्य रागियोंद्वारा कीर्तन प्रस्तुत किया जाएगा।मुख्यमंत्री की अगुवाई में राज्य सरकारउल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की अगुवाई में राज्य सरकार ने पहले ही इस ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण अवसर को राज्य भर में प्रभावशाली ढंग से मनानेके लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं। श्री गुरु तेग बहादर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस पर पंजाब सरकार द्वारा महत्वपूर्ण और ऐतिहासिकआयोजनों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। ये समारोह पूरे राज्य में श्रद्धा और सम्मान के साथ आयोजित किए जाएंगे और मुख्य रूप से राज्य सरकारकी देखरेख में श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र भूमि पर होंगे।इन समारोहों का मुख्य संदेश लोगों को गुरु तेग बहादर जी के धर्मनिरपेक्षता, मानवतावाद और बलिदान के उच्च आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरितकरना है। गुरु साहिब ने धार्मिक स्वतंत्रता, मानवाधिकारों और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। श्री गुरु तेग बहादर जीकी यह सर्वोच्च कुर्बानी मानवता के इतिहास में अनोखी और बेमिसाल है और यह अन्याय, अत्याचार और दमन के खिलाफ धर्म युद्ध का प्रतीक है। दया का संदेश देतीगुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज गुरु साहिब की बाणी मानवता के एकता, वैश्विक भाईचारे, साहस, धर्म और दया का संदेश देती है। राज्य सरकार द्वाराआयोजित इन कार्यक्रमों की श्रृंखला महान सिख गुरु साहिब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी और लोगों को उनके उपदेशों पर चलने के लिए प्रेरित करेगी. गुरु तेग बहादर जी का जीवन और दर्शन मानवता के लिए प्रकाश स्तंभ है। ये आयोजन एक ओर उनके महान विरासत को आगे बढ़ाने में सहायक होंगेऔर दूसरी ओर समाज में सद्भावना, भाईचारा और शांति को और मजबूत करेंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महान गुरु साहिबकी प्रेरक विरासत आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाई जाए।