भारत ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को आमंत्रित किया, दोनों देशों के बीच 50 अरब डॉलर व्यापार साझेदारी की उम्मीद

भारत ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को अगले साल की शुरुआत में नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के लिए आमंत्रितकिया है। कनाडाई अखबार द ग्लोब एंड मेल के अनुसार, यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक और मुक्त व्यापार साझेदारी का मार्ग प्रशस्तकर सकता है। भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश कुमार पटनायक ने द ग्लोब एंड मेल को बताया कि दोनों देश तनावपूर्ण कूटनीतिक संबंधों को सुधारनेऔर व्यापार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए “ईमानदार प्रयास” कर रहे हैं, खासकर अमेरिका के साथ चल रहे टैरिफ तनाव के बीच। उन्होंने कहा, यदिव्यापक समझौता होता है, तो द्विपक्षीय व्यापार सालाना 50 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है। पटनायक ने कहा, “हम चाहते हैं कि कनाडा केप्रधानमंत्री जल्द से जल्द भारत आएं। यह एक ऐसा रिश्ता है, जिसे हम खराब नहीं होने देना चाहते। उच्च–स्तरीय द्विपक्षीय चर्चाएं जारीवर्ष 2023 में, तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने मोदी सरकार पर सिख कार्यकर्ता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था, जिसके बाद मुक्त व्यापार वार्ता रोक दी गई थी। रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने भारतीय सरकारी एजेंटों को हिंसक गतिविधियों से जोड़कर देखाऔर कनाडा ने भारत के उच्चायुक्त और राजनयिकों को निष्कासित कर दिया। जवाबी कार्रवाई में भारत ने कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित करदिया था। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध जून में अल्बर्टा में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान कनाडाई पीएम कार्नी और पीएम मोदी की मुलाकातके बाद सामान्य होने शुरू हुए। पटनायक ने बताया कि गर्मियों के बाद से राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को संबोधित करने और आर्थिक सहयोग कोप्राथमिकता देने के लिए उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय चर्चाएं जारी हैं। चर्चा के लिए समय निकालेंगेभारत ने कार्नी को फरवरी में नई दिल्ली में होने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्शन सम्मेलन में आमंत्रित किया है। पटनायक ने कहा कि पीएममोदी द्विपक्षीय मुद्दों, विशेष रूप से आर्थिक और मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा के लिए समय निकालेंगे। उन्होंने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि वेनिमंत्रण स्वीकार करेंगे। यदि नहीं, तो हम मार्च से पहले कोई समय निकाल लेंगे। मैं चाहता हूं कि वे मई से पहले आएं, जब गर्मी बढ़ जाती है।वर्ष 2024 में, भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार रिकॉर्ड 23.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो 2023 के मुकाबले 12.7 अरब डॉलरअधिक है। पटनायक ने कहा कि एक औपचारिक व्यापार समझौता इस मूल्य को आसानी से दोगुना कर सकता है। उन्होंने कहा, अगर कनाडा वार्ताएंशुरू करना चाहता है, तो हम चीजों को तेज करने के लिए तैयार हैं। सही माहौल मिले तो कम से कम 50 अरब डॉलर का व्यापार संभव है।
अमेरिका और यूरोपीय संघ के नए प्रतिबंधों पर भड़के पुतिन, चेतावनी “तेल कीमतें बढ़ेंगी “रूस दबाव में नहीं झुकेगा”

यूरोपीय संघ ने रूस पर नए आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं, जो एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूसी तेल उद्योग पर लगाए गएप्रतिबंधों के बाद बढ़ी हुई कार्रवाई का हिस्सा हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के इस कदम को ‘बैर बढ़ाने वाली कार्रवाई’ (unfriendly act) बताया और चेतावनी दी कि इससे वैश्विक तेल कीमतें बढ़ सकती हैं। अमेरिका और यूरोप के ये प्रतिबंध रूस की आय औरआपूर्ति को रोकने के प्रयास का हिस्सा हैं, ताकि यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए पुतिन को वार्ता पर मजबूर किया जा सके। पुतिन ने स्वीकारकिया कि अमेरिकी प्रतिबंधों के ‘कुछ असर’ होंगे, लेकिन रूस की अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा। मास्को दबाव के आगे नहीं झुकेगामास्को में पत्रकारों से बात करते हुए रूसी राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि गंभीर अमेरिकी प्रतिबंधों के रूस पर निश्चित परिणाम होंगे, लेकिन उन्होंने कहाकि इनका उसकी अर्थव्यवस्था पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। पुतिन ने ट्रंप को चेतावनी दी है कि रूसी तेल निर्यात पर अंकुश लगाने की कोशिशवैश्विक तेल बाजारों को अस्थिर कर देगी और अमेरिका के खिलाफ इसका उल्टा असर होगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों में भेजे जाने वाले हमारेतेल और तेल उत्पादों की मात्रा में भारी कमी से कीमतें बढ़ेंगी। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को इसका असर महसूसहोगा।इसी के साथ पुतिन ने अमेरिकी प्रतिबंधों की निंदा करते हुए इसे एक “अमित्र कार्रवाई” बताया, जो वाशिंगटन के साथ संबंधों को नुकसानपहुंचाएगी और कहा कि मास्को दबाव के आगे नहीं झुकेगा। चौंकाने वाली प्रतिक्रिया को जन्म देगीउन्होंने कहा, “अमेरिकी प्रशासन की ऐसी कार्रवाई निश्चित रूप से रूस-अमेरिका संबंधों को नुकसान पहुचाएगी। यह रूस पर दबाव बनाने की एककोशिश है, लेकिन कोई भी स्वाभिमानी देश और स्वाभिमानी लोग दबाव में कोई फैसला नहीं लेते।” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को रूसकी प्रमुख तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर प्रतिबंधों की घोषणा की थी। इसके एक दिन बाद यूरोपीय संघ ने भी ऊर्जा, शिपिंग और वित्तीयलेनदेन को निशाना बनाते हुए नए आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान किया है। इधर, रूसी नेता ने चेतावनी दी कि यूक्रेन के पश्चिम द्वारा आपूर्ति किए गएलंबी दूरी के हथियारों से रूस के अंदरूनी हिस्सों में हमला करने की कोई भी कोशिश तनाव को बढ़ाएगी और रूस की ओर से “बेहद गंभीर, बल्किचौंकाने वाली” प्रतिक्रिया को जन्म देगी।
अतीक अहमद की बेनामी संपत्तियों से जुड़ा नया खुलासा, गुर्गे अशरफ ने मुंबई में खरीदे फ्लैट “आयकर विभाग जब्ती की तैयारी में”

माफिया अतीक अहमद की बेनामी संपत्तियों के राज धीरे-धीरे खुलते जा रहे हैं। अतीक के गुर्गे अशरफ उर्फ लल्ला ने अपराध की कमाई से अर्जितसंपत्तियों को खुर्द-बुर्द करने के साथ अपने लिए भी संपत्तियां खरीदी थीं। आयकर विभाग की बेनामी संपत्ति निषेध इकाई की जांच में सामने आया हैकि अतीक की कुछ बेनामी संपत्तियों को बेचने से मिली रकम से अशरफ ने मुंबई में कुछ फ्लैट खरीदे हैं। अब आयकर विभाग इन फ्लैटों को जब्तकरने की तैयारी में है। अतीक अहमद की बेनामी संपत्तियों की जांच के दौरान आयकर विभाग को अशरफ उर्फ लल्ला का पता चला था, जिसके नौकरसूरजपाल के नाम पर करीब 100 बीघा जमीन खरीदी गई थी। फास्ट फूड का ठेला लगाने वाले सूरजपाल के नाम पर अतीक और अशरफ ने बेनामीसंपत्तियों को खरीदने के बाद उन्हें ऊंचे दामों पर बेचा था। खुर्द-बुर्द करने में जुट गएहालांकि उमेश पाल हत्याकांड के बाद अतीक की मुश्किलें बढ़ गईं और अशरफ और सूरजपाल इन संपत्तियों को खुर्द-बुर्द करने में जुट गए। आयकरविभाग ने जांच के बाद करीब 6.35 करोड़ रुपये कीमत की छह संपत्तियों को जब्त कर लिया था। आयकर विभाग के इस आदेश पर निर्णायकप्राधिकारी ने मुहर लगाने के साथ बाकी संपत्तियों को भी चिह्नित कर जब्त करने का आदेश दिया था। विभाग की आगे की जांच में सामने आया किअशरफ ने अतीक की कुछ संपत्तियों को बेचने से मिली रकम से मुंबई में कुछ फ्लैट खरीदे हैं। इसकी पुष्टि अशरफ और उसकी पत्नी के बैंक खातों सेहुई है। अब आयकर विभाग इस फ्लैट के बारे में जानकारी जुटाकर जब्त करने की कवायद में जुटा है। इस संबंध में पूछताछ के लिए जल्द अशरफऔर उसकी पत्नी को नोटिस देकर तलब भी किया जाएगा। बेनामी संपत्तियों की जांच के दौरान आयकर विभाग को अशरफ उर्फ लल्ला का पता चलाथा, जिसके नौकर सूरजपाल के नाम पर करीब 100 बीघा जमीन खरीदी गई थी।
गंभीर ने रोहित शर्मा के मजे लिए, बोले “सबको लगा आज फेयरवेल मैच था ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज 2-0 से जीती

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जा रही है जिसमें रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी हिस्सा लेरहे हैं। सीरीज की शुरुआत से ही इस बात की अटकलें लगाई जा रही है कि रोहित और कोहली की यह आखिरी सीरीज हो सकती है। हालांकि, इसेलेकर ना तो इन दोनों खिलाड़ियों ने कोई आधिकारिक बयान दिया है और ना ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से कुछ कहागया है। अब एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें मैच के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर रोहित के मजे ले रहे हैं।रोहित का बल्लाऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले मैच में खामोश रहा था और वह सस्ते में आउट हो गए थे। लेकिन उन्होंने एडिलेड में खेले गए दूसरे मैच में शानदारबल्लेबाजी की और 73 रनों की पारी खेली। रोहित ने इस दौरान श्रेयस अय्यर के साथ मिलकर शतकीय साझेदारी की जिससे भारत ने ऑस्ट्रेलिया केसामने 265 रनों का लक्ष्य रखा था। हालांकि, रोहित की यह मेहनत टीम के काम नहीं आ सकी क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने आठ विकेट खोकर लक्ष्यहासिल कर लिया। रोहित के मजे लिएमैच के बाद जब टीम होटल पहुंची तो गंभीर ने रिटायरमेंट की अटकलों को लेकर रोहित के मजे लिए। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में दिखरहा है कि जब रोहित टीम होटल पहुंचे तो उनके पीछे गंभीर आ रहे थे। गंभीर ने रोहित से कहा, ‘रोहित सबको लग रहा था कि आज फेयरवेल मैच था, एक फोटो तो लगा दो।’ इस पर पूर्व भारतीय कप्तान अपनी हंसी नहीं रोक सके। यह वीडियो देखकर फैंस काफी खुश हुए। तीन मैचों की सीरीज गंवा दीभारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे सीरीज की बात करें तो भारतीय टीम ने तीन मैचों की सीरीज गंवा दी है। भारत को पर्थ और एडिलेड में खेले गएमैच में हार मिली थी और अब टीम का अंतिम वनडे शनिवार को सिडनी में खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को दूसरे वनडे मैच में दो विकेट सेहराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। भारतने रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर के अर्धशतकों से 50 ओवर में नौ विकेट पर 264 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया के लिए मैथ्यू शॉर्ट और कूपरकोनोली ने अर्धशतक लगाए जिससे टीम ने 46.2 ओवर में आठ विकेट पर 265 रन बनाकर मैच जीता।
कर्पूरी ठाकुर के जन्मस्थान पहुंचे पीएम मोदी, कांग्रेस ने कसा तंज पूछा, “क्या जनसंघ ने 1979 में उनकी सरकार नहीं गिराई थी?”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को बिहार दौरे पर हैं और विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार का आगाज करेंगे। पीएम मोदी बिहार के समस्तीपुर मेंसमाजवादी नेता और पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर के जन्मस्थान जाएंगे और समस्तीपुर और बेगूसराय में दो चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। पीएम मोदीके पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर के जन्मस्थान जाने पर कांग्रेस ने तंज कसा है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या ये सच नहीं है किजनसंघ ने ही अप्रैल 1979 में बिहार में कर्पूरी ठाकुर की सरकार गिराई थी? प्रधानमंत्री और उनकी ‘ट्रबल इंजन सरकारकांग्रेस ने ये भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और उनकी ‘ट्रबल इंजन सरकार’ ने बिहार में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी औरआर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 65 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए कुछ नहीं किया। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश नेसोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि ‘क्या ये मानी हुई बात नहीं है कि जनसंघ, जिससे भाजपा बनी, ने अप्रैल 1979 में बिहार में कर्पूरीठाकुर की सरकार गिरा दी थी क्योंकि तत्कालीन सीएम कर्पूरी ठाकुर ने अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण लागू किया था?’ भारत रत्न सम्मान से सम्मानितगौरतलब है कि मोदी सरकार में कर्पूरी ठाकुर को बीते साल भारत रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। पीएम मोदी ने आज बिहार दौरे को लेकरसोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि ‘भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर को सादर नमन! आज समस्तीपुर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने का सौभाग्यप्राप्त होगा। फिर दोपहर करीब 12:15 बजे वहां के अपने परिवारजनों से संवाद का सुअवसर मिलेगा। इसके बाद लगभग 2 बजे बेगूसराय कीजनसभा में अपने भाई-बहनों का आशीर्वाद प्राप्त करूंगा। बिहार की जनता-जनार्दन का जोश और उत्साह बताता है कि इस बार के विधानसभा चुनावोंमें भी भाजपा-एनडीए को प्रचंड जीत मिलने जा रही है।’ कांग्रेस नेता ने लिखा कि ‘क्या ये सच नहीं है कि उस समय संघ और जनसंघ के नेताओं नेकर्पूरी ठाकुर को सबसे ज्यादा गालियां दी थीं?’ जयराम रमेश ने पूछा, ‘क्या यह सच नहीं है कि 28 अप्रैल, 2024 को उन्होंने खुद जाति जनगणनाकी मांग करने वालों को ‘शहरी नक्सली’ कहा था और संसद (20 जुलाई 2021) और सुप्रीम कोर्ट (21 सितंबर 2021) दोनों में उनकी सरकार नेजाति जनगणना को साफ तौर पर खारिज कर दिया था?’
प्रधानमंत्री मोदी ने 17वें रोजगार मेले में बांटे 51 हजार नियुक्ति पत्र, कहा युवा सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने कई यूरोपीय देशों के साथ निवेश साझेदारी की है, जिससे हजारों नए रोजगार के मौके पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘हमनेनिवेश को बढ़ावा देने और स्टार्ट-अप्स और MSME को सपोर्ट करने के लिए ब्राजील, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और कनाडा जैसे देशों के साथ कईसमझौते भी किए हैं।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित 17वें रोजगार मेले में 51 हजार से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्रबांटें। प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़े। इस दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि देश के युवा वर्ग कासशक्तिकरण उनकी सरकार की प्राथमिकता है। नए रोजगार के मौके पैदा हुएप्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने कई यूरोपीय देशों के साथ निवेश साझेदारी की है, जिससे हजारों नए रोजगार के मौके पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘हमनेनिवेश को बढ़ावा देने और स्टार्ट-अप्स और MSME को सपोर्ट करने के लिए ब्राजील, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और कनाडा जैसे देशों के साथ कईसमझौते भी किए हैं। ये सहयोग निर्यात को मजबूत करेंगे और भारत के युवाओं के लिए विकास और अवसरों के नए रास्ते खोलेंगे।’ रोजगार मेले मेंविभिन्न सरकारी विभागों में नौकरियों के लिए 51,000 से ज्यादा नियुक्ति पत्र बांटे गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश भर में रोजगार मेलों के जरिए अबतक 11 लाख से ज्यादा नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं।
यूएन की 80वीं सालगिरह पर बोले एस. जयशंकर बहुप्रतिक्षेप सहयोग में विश्वास बनाए रखना होगा, संगठन में सुधार की सख्त जरूरत

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की 80वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बहुपक्षीय सहयोग में विश्वास बनाए रखने की जरूरत परजोर दिया। साथ ही संगठन के सामने आने वाली चुनौतियों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज दुनिया सामाजिक-आर्थिक प्रगति, व्यापारिकअसमानताओं और आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता जैसी समस्याओं से जूझ रही है। जयशंकर ने 80वीं वर्षगांठ पर जारी स्मारक डाक टिकट के विमोचनसमारोह में कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की बात केवल औपचारिकता बनकर रह गई है, तो विकास और सामाजिक-आर्थिक प्रगति कीस्थिति और भी चिंताजनक है। सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी 2030) की गति धीमी पड़ना ग्लोबल साउथ की कठिनाइयों का संकेत है। दुनिया में कई संघर्ष चल रहेएस जयशंकर ने आगे कहा कि दुनिया में कई संघर्ष चल रहे हैं, जिनसे न केवल मानव जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि वैश्विक समुदाय की स्थिरता भीखतरे में है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्लोबल साउथ ने इसका दर्द झेला है, जबकि विकसित देश खुद को प्रभाव से अलग रख रहे हैं। विदेश मंत्रीने कहा कि हालांकि समय कठिन है, लेकिन बहुपक्षीयता के प्रति हमारा विश्वास मजबूत रहना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र में सुधार की आवश्यकता है, लेकिन हमें इसे और बेहतर बनाने के प्रयास जारी रखने होंगे। एस जयशंकर ने भारत की वैश्विक शांति में भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा किभारत हमेशा शांति स्थापना अभियानों में सक्रिय रहा है और इसे अपनी जिम्मेदारी मानता है। जयशंकर ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ‘चीफ्सऑफ आर्मी स्टाफ कॉन्क्लेव’ का भी उल्लेख किया, जिसमें 30 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सुरक्षा और विकास के आदर्शों के प्रति हमेशा समर्पित रहाविदेश मंत्री ने कहा कि भारत शांति, सुरक्षा और विकास के आदर्शों के प्रति हमेशा समर्पित रहा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हमारा लक्ष्यएक बेहतर और सुरक्षित दुनिया बनाना है। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी 80वीं वर्षगांठ पर दुनिया से एकजुट होकर वैश्विकचुनौतियों का सामना करने का आह्वान किया। इसके साथ ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूएन की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा किसंगठन की निर्णय लेने की प्रक्रिया न तो उसके सदस्य देशों का सही प्रतिनिधित्व करती है और न ही वैश्विक प्राथमिकताओं को संबोधित करती है।उन्होंने कहा कि यूएन की बहसें अब बेहद ध्रुवीकृत हो गई हैं और उसका कामकाज ठप पड़ता जा रहा है। जयशंकर ने कहा कि किसी भी सार्थक सुधारको उसकी अपनी प्रक्रिया के जरिये ही रोका जा रहा है
भारतीय विज्ञापन जगत के दिग्गज पीयूष पांडे का 70 वर्ष की उम्र में निधन, रचनात्मकता के एक युग का अंत

भारतीय विज्ञापन जगत के प्रखर व्यक्तित्व और रचनात्मक क्रांति के वाहक पीयूष पांडे का गुरुवार को 70 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्हें भारतीयविज्ञापन का आत्मा और चेहरा माना जाता था। उनके निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। देश के बड़े दिग्गज नेताओं समेत कई लोगों नेउनके निधन पर शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञापन जगत के दिग्गज पीयूष पांडे के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा किपांडे की रचनात्मकता की हमेशा प्रशंसा की जाती थी और उन्होंने विज्ञापन और संचार की दुनिया में अभूतपूर्व योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वेउनके साथ बिताए गए पलों को हमेशा याद रखेंगे। उनके निधन से वे गहरे दुखी हैं और उनके परिवार एवं प्रशंसकों के साथ अपने विचार साझा किए।ओम शांति। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर शोक व्यक्त कियापीयूष पांडे के निधन पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर शोक व्यक्त किया। उन्होंने पीयूष पांडे कोभारतीय विज्ञापन के दिग्गज और प्रेरक बताया और कहा कि उन्होंने रोजमर्रा की भाषा, सटीक हास्य और सच्ची गर्मजोशी को विज्ञापन में बखूबी पेशकिया। उन्होंने पांडे के परिवार और पूरे रचनात्मक समुदाय के प्रति संवेदना व्यक्त की। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी पीयूष पांडे के निधनपर शोक जताया। उन्होंने उन्हें विज्ञापन जगत का ‘फेनोमेनन’ बताया, जिन्होंने कहानी कहने की कला को नई परिभाषा दी। गोयल ने कहा कि उनकेविचार और कहानियां अमर हैं। वे न केवल एक महान विज्ञापन विशेषज्ञ थे बल्कि सच्चे मित्र भी थे, और उनके जाने से गहरा खालीपन महसूस हो रहाहै। एक युग शांतिपूर्वक समाप्त हो गयाभाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि पीयूष पांडे के जाने से रचनात्मकता और प्रतिभा का एक युग शांतिपूर्वक समाप्त हो गया है। उनके प्रयोग औरकाम आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे। ठाकुर ने पांडे को भारतीय विज्ञापन के वास्तुकार और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित व्यक्तित्वबताया। वहीं उदय कोटक ने लिखा कि पांडे ने 2003 में कोटक महिंद्रा बैंक के लिए ‘कॉमन सेंस’ अभियान शुरू किया और हर बार अपनी रचनात्मकसोच को भारतीय संदर्भ में पिरोया। वे सरलता और विनम्रता के साथ बेहद अलग सोच रखने वाले व्यक्ति थे।
तीन दशक बाद बड़ा बदलाव, सीएम योगी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के वित्तीय अधिकारों में पांच गुना तक वृद्धि की

सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोक निर्माण विभाग के विभागीय अधिकारियों के वित्तीय अधिकारों में पांच गुना तक की वृद्धि किए जाने का निर्णयलिया है। कहा कि बदलावों से विभागीय अधिकारियों को निर्णय लेने में अधिक स्वायत्तता प्राप्त होगी। उच्च स्तर पर अनुमोदन की आवश्यकता घटनेसे निविदा, अनुबंध गठन एवं कार्यारंभ की प्रक्रिया में गति आएगी। यह सुधार वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिताको बढ़ाने में सहायक होगा। शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की बैठक में यह तथ्य सामने आया कि विभाग के अधिकारियों के वित्तीय अधिकार वर्ष1995 में निर्धारित किए गए थे। इस बीच निर्माण कार्यों की लागत में पांच गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। कॉस्ट इन्फ्लेशन इंडेक्स के अनुसार वर्ष1995 की तुलना में वर्ष 2025 तक लगभग 5.52 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। अधिकारों का पुनर्निर्धारण आवश्यकमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में वित्तीय अधिकारों का पुनर्निर्धारण आवश्यक है, जिससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी आए और परियोजनाओं काक्रियान्वयन समयबद्ध रूप से किया जा सके। अपर मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग ने मुख्यमंत्री को सिविल, विद्युत एवं यांत्रिक कार्यों के लिएवित्तीय अधिकारों की वर्तमान व्यवस्था की जानकारी दी। विमर्श के उपरांत निर्णय लिया गया कि सिविल कार्यों के लिए अधिकारियों के वित्तीयअधिकारों की सीमा अधिकतम पांच गुना तक व विद्युत एवं यांत्रिक कार्यों के लिए कम से कम दो गुना तक बढ़ाई जाएगी। स्वीकृति का अधिकार होगामुख्यमंत्री के निर्णय के अनुसार, मुख्य अभियंता को अब 2 करोड़ के स्थान पर 10 करोड़ तक के कार्यों की स्वीकृति का अधिकार होगा। अधीक्षणअभियंता को 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ तक के कार्यों की स्वीकृति का अधिकार दिया जाएगा।अधिशासी अभियंता के वित्तीय अधिकार 40 लाख से बढ़ाकर 2 करोड़ किए जाएंगे। सहायक अभियंता को भी सीमित दायरे में टेंडर स्वीकृति एवं छोटेकार्यों की अनुमति देने के अधिकार बढ़ाए जाएंगे। बता दें कि यह पुनर्निर्धारण तीन दशकों के बाद होने जा रहा है।
पीयूष गोयल का बयान भारत जल्दबाजी या दबाव में नहीं करेगा व्यापार समझौते, राष्ट्रीय हित सर्वोपरि

वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत जल्दबाजी में या बंदूक की नोक पर व्यापार समझौते नहीं करता। उन्होंने कहा किभारत यूरोपीय संघ (ईयू) और अमेरिका सहित अन्य देशों व क्षेत्रों के साथ व्यापार समझौतों पर सक्रिय रूप से बातचीत कर रहा है। जर्मनी मेंआयोजित बर्लिन डायलॉग के दौरान बोलते हुए पीयूष गोयल ने कहा कहा, “हम यूरोपीय संघ के साथ सक्रिय बातचीत कर रहे हैं। हम अमेरिका सेबात कर रहे हैं, लेकिन हम जल्दबाजी में कोई समझौता नहीं करते और न ही हम कोई समय सीमा तय करके या बंदूक तानकर कोई समझौता करते हैं. डॉयलॉग में भाग लेने के लिए फिलहाल बर्लिनपीयूष गोयल डॉयलॉग में भाग लेने के लिए फिलहाल बर्लिन में हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार समझौते को दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि भारत कभी भी जल्दबाजी में या तात्कालिक आवेश में निर्णय नहीं लेता। उन्होंने कहा कि भारत जरूरत से अधिक टैरिफ से निपटने केलिए नए बाजारों की तलाश कर रहा है। गोयल ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि भारत ने कभी भी राष्ट्रीय हित के अलावा किसी अन्य आधार पर यहनिर्णय लिया है कि उसके मित्र कौन होंगे… और यदि कोई मुझसे कहता है कि आप यूरोपीय संघ के मित्र नहीं हो सकते, तो मैं इसे स्वीकार नहीं करूंगाया कोई कल मुझसे कहता है कि मैं केन्या के साथ काम नहीं कर सकता, यह स्वीकार्य नहीं है।” उन्होंने कहा कि किसी देश से कोई विशेष उत्पादखरीदने का निर्णय पूरी दुनिया को लेना होगा। ये टिप्पणियां इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि अमेरिका भारत पर रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करने कादबाव बना रहा है।