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मुंबई के रा स्टूडियो में फर्जी ऑडिशन के नाम पर अपहरण, AICWA ने जताई गंभीर चिंता

मुंबई के पॉवई इलाके में स्थित रा स्टूडियो से हाल ही में सामने आया अपहरण कांड ने पूरे फिल्म जगत को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक फर्जीऑडिशन के बहाने करीब 20 यंग कलाकारों को अगवा कर लिया गया था। हालांकि मुंबई पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी को सुरक्षित बाहरनिकाल लिया, लेकिन इस घटना ने इंडस्ट्री की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन(AICWA) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे बॉलीवुड के इतिहास का सबसे चिंताजनक मामला बताया है। संगठन के अध्यक्ष सुरेशश्यामलाल गुप्ता ने राज्य सरकार से तत्काल उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि बिना किसी वैध अनुमति के इतने बड़े स्टूडियोपरिसर में फर्जी ऑडिशन कैसे आयोजित किए जा सकते हैं? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आयोजकों को कलाकारों के व्यक्तिगत डेटा और संपर्कजानकारी आखिर कहां से मिली। सपने दिखाने की आड़ में ऐसे अपराध न कर सकेंश्यामलाल गुप्ता ने कहा कि रोजाना मुंबई में सैकड़ों ऑडिशन होते हैं, जहां हजारों युवा कलाकार अपने सपनों को साकार करने आते हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर ऐसे अपराध यहां हो सकते हैं, तो देशभर से आने वाले हर कलाकार की सुरक्षा खतरे में है।’ उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अपील की हैकि स्टूडियो, कास्टिंग एजेंसियों और प्रोडक्शन हाउस के लाइसेंस और पंजीकरण की तुरंत जांच कराई जाए। AICWA ने राज्य के गृह विभाग सेआग्रह किया है कि आने वाले समय में किसी भी ऑडिशन या कास्टिंग इवेंट के लिए अनिवार्य सत्यापन प्रक्रिया तय की जाए, ताकि अपराधी करियरको लेकर सपने दिखाने की आड़ में ऐसे अपराध न कर सकें। संगठन का मानना है कि मुंबई की पहचान हमेशा “ड्रीम सिटी” रही है, लेकिन इन घटनाओंसे इसका गौरव धूमिल हो रहा है। AICWA ने चिंता जाहिर कीयह भी सामने आया है कि आजकल कई फर्जी स्टूडियो और नकली कास्टिंग एजेंसियां सोशल मीडिया के जरिए कलाकारों को लुभाती हैं और उनसेपैसे वसूलती हैं। AICWA ने सभी उभरते कलाकारों और तकनीशियनों से अपील की है कि किसी भी ऑडिशन या मीटिंग में जाने से पहले संबंधितसंस्था की साख और पंजीकरण की पुष्टि जरूर करें। गुप्ता ने कहा, ‘यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि मुंबई फिल्म इंडस्ट्री की साख पर हमला है।सरकार को पारदर्शी जांच करनी चाहिए ताकि कोई भी अपराधी भविष्य में बॉलीवुड के नाम का दुरुपयोग न कर सके।’ मुंबई में गुरुवार को एकसिरफिरे ने 17 बच्चों समेत 20 लोगों को एक स्टूडियो में बंधक बना लिया, हालांकि पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई और आरोपी को पकड़ लिया। अब इसमामले पर AICWA ने चिंता जाहिर की है।

बिहार में कांग्रेस का मेगा चुनावी मिशन शुरू राहुल, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे करेंगे 20 से ज्यादा रैलियां

छठ महापर्व के खत्म होने के साथ ही बिहार में सियासी दलों के चुनाव प्रचार ने रफ्तार पकड़ ली है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की बिहारमें 12 से ज्यादा सभाएं होगी। जबकि पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी की छह और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की चार सभाएं होंगी। राहुलगांधी ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के साथ अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी है। जबकि प्रियंका गांधी नवंबर से और कांग्रेस अध्यक्षखरगे 3 नवंबर से अपने प्रचार की शुरुआत करेंगे। इसके अलावा पार्टी के अन्य बड़े चेहरे भी बिहार में प्रचार करते हुए नजर आएंगे। कांग्रेस पार्टी केसूत्रों का कहना है कि, कांग्रेस के तीनों दिग्गज मिलकर 20 से ज्यादा रैली करेंगे। इन रैलियों के जरिए कांग्रेस मतदाताओं के दिल तक पहुंचने कीकोशिश करेगी और महागठबंधन के पक्ष में हवा बनाने का प्रयास करेगी। साथ ही कमजोर इलाकों में पार्टी के प्रति माहौल बनाने की कोशिश भीकरेंगे। प्रेस वार्ता को भी संबोधित करेंगेजानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दो नवंबर को खगड़िया, चार नवंबर को पूर्णिया और बहादुरगंज, पांच नवंबर को औरंगाबाद औरवजीरगंज, सात नवंबर को फारबिसगंज और बरारी में रैली प्रस्तावित है। जबकि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी एक नवंबर को बेगुसराय औरखगड़िया में रैली करेगी। जबकि तीन नवंबर को लखीसराय और रोसड़ा, छह नवंबर को गोविंदगंज और चनपटिया, आठ नवंबर को कदवा और कस्बामें सभा होगी। पार्टी का कहना है कि, प्रियंका गांधी अपनी सभाओं में महिला मतदाताओं और युवाओं पर खास ध्यान देंगी। क्योंकि कांग्रेस चाहती हैकि प्रियंका की रैलियों से चुनावी अभियान में नई ऊर्जा आए और महिलाओं के मुद्दे चर्चा में लौटें। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अस्वस्थ होने केबावजूद बीमार में पार्टी के लिए प्रचार करते हुए नजर आएंगे। हाल ही में उनकी पेसमेकर लगाने की सर्जरी हुई है। खरगे 3 नवंबर को राजापाकर मेंप्रेस वार्ता करेंगे। इसके बाद वहां एक जनसभा को संबोधित करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राजधानी पटना में एक रिव्यू बैठक भी करेंगे। 4 नवंबर को कांग्रेसअध्यक्ष पटना में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगे। 5 नवंबर को पूर्णिया में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। 7 नवंबर को गया शहर में एक जनसभाको संबोधित करेंगे। 8 नवंबर को गया में एक प्रेस वार्ता को भी संबोधित करेंगे। जनता बदलाव चाहतीशुक्रवार दोपहर में दिल्ली में अपने आवास पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि, उनकी व्यक्तिगतराय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्योंकि देश में ज्यादातर कानून-व्यवस्था की समस्याएं भारतीय जनतापार्टी (भाजपा) और आरएसएस की वजह से पैदा हो रही हैं। इस दौरान खरगे ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओरसे कांग्रेस पर किए गए हमलों पर पलटवार किया। उन्होंने सरदार पटेल के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या (1948) के बाद आरएसएस की आलोचना की थी। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा हमेशा यह दिखाने की कोशिश करती है कि नेहरू और पटेल के बीचमतभेद थे, जबकि हकीकत में दोनों एक-दूसरे का बहुत सम्मान करते थे। नेहरू ने पटेल की देश की एकता कायम करने में भूमिका की तारीफ की थीऔर पटेल ने नेहरू को देश का आदर्श नेता बताया था। राहुल गांधी ने 29 अक्टूबर को बिहार के मुजफ्फरपुर और दरभंगा से अपने चुनाव अभियान कीशुरुआत की। मंच पर उनके साथ तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने एनडीए सरकार पर तीखे हमले किए और जनता से भ्रष्ट औरसांप्रदायिक ताकतों को उखाड़ फेंकने की अपील की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर लिखा, “सकरा और दरभंगा कीरैलियों ने चुनावी माहौल गरमा दिया है, जनता बदलाव चाहती है।”

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का संदेश, युवाओं की ताकत को दो दिशा ‘वरना बन जाएगी देश पर बोझ’

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को कहा कि भारत एक युवा देश है, लेकिन अगर ‘जनसांख्यिक लाभ’ (युवाओं की संख्या) का सही दिशा मेंइस्तेमाल नहीं किया गया, तो यह ‘जनसांख्यिकीय बोझ’ बन सकता है। यह बात उन्होंने नई दिल्ली के मानेकशॉ केंद्र में सरदार वल्लभभाई पटेल की150वीं जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने वहां मौजूद दर्शकों के साथ बातचीत भी की। कार्यक्रम में थल सेना प्रमुख जनरलउपेंद्र द्विवेदी भी मौजूद थे। यह आयोजन सेना और रक्षा थिंक-टैंक सेंटर फॉर लैंड वारफेयर स्टडीज द्वारा ‘चाणक्य डिफेंस डायलॉग: यंग लीडर्स फोरम’ के तहत किया गया। रिजिजू ने अपने संबोधन में कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने का लक्ष्य केवल इच्छा नहीं, बल्कि यह हमारी यात्रा है, ताकि भारत दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो। जानकारी से बचने का आग्रह कियादर्शकों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवा संपत्ति बनें, बोझ नहीं। उन्होंने कहा कि भारत के लिए इसे जनसांख्यिक लाभ कहते हैं, लेकिन अगर इसे सही दिशा में नहीं लगाया गया, तो यह बोझ बन सकता है। इसलिए यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में कर्नल सोफियाकुरैशी भी मौजूद थीं, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मीडिया ब्रीफिंग में प्रमुख भूमिका निभाई थी। मंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों की क्षमता औरयुवाओं के सही उत्साह के साथ यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं से कहा कि वे चुस्त और सतर्क रहें, गलतजानकारी से बचें और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा दें। इस सेमिनार में विभिन्न विषयों पर पूरा दिन चलने वाले सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि भारत का युवा जनसंख्या लाभ तभी देश के लिए फायदेमंद होगा, जब इसे सही दिशा में इस्तेमाल किया जाए, अन्यथा यह बोझ बन सकता है। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं से डिजिटल साक्षरता बढ़ाने, सतर्क रहने और गलत जानकारी से बचने का आग्रहकिया।

क्रिकेट के मैदान से सत्ता के मैदान तक, मोहम्मद अजहरुद्दीन बने तेलंगाना सरकार के मंत्री

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन कभी राष्ट्रीय टीम की कमान संभालते थे और अब वह तेलंगाना सरकार का हिस्सा बन गए हैं। कांग्रेसनेता और पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन ने शुक्रवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ली। राजभवन मेंआयोजित एक समारोह में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के मौके पर मुख्यमंत्री सहित कईप्रमुख नेता मौजूद थे। अजहरुद्दीन के शामिल होने के साथ मंत्रिमंडल में अब कुल 16 सदस्य हो गए हैं, जबकि दो और पद खाली हैं। विधानसभा केआकार के अनुसार तेलंगाना में अधिकतम 18 मंत्री हो सकते हैं। अजहरुद्दीन को अगस्त के अंतिम सप्ताह में राज्यपाल कोटे के तहत विधान परिषद कासदस्य नामित किया गया था, हालांकि राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने अभी इस पर अंतिम स्वीकृति नहीं दी है। अजहरुद्दीन ने 2023 के विधानसभाचुनाव में जुबली हिल्स सीट से उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी। बीआरएस उम्मीदवार को 80,549 और अजहरुद्दीन को 64,212 वोट मिलेअजहरुद्दीन ने साल 2009 में राजनीति में कदम रखा था। कांग्रेस ने उन्हें युपी के मुरादाबाद सीट से लोकसभा चुनाव में टिकट दिया था। वह पार्टी केउम्मीदों पर खरे उतरे और चुनाव जीता, लेकिन इसके बाद 2014 और 2023 के चुनाव में उन्हें हार मिली थी। 2014 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेउन्हें राजस्थान की टोंक-सवाई माधोपुर सीट से टिकट दिया, जहां उन्हें हार मिली। इसके बाद वह 2018 में तेलंगाना कांग्रेस प्रदेश कमेटी के कार्यकारीअध्यक्ष बनाए गए। फिर उन्होंने तेलंगाना की जुब्ली हिल्स विधानसभा से चुनावा लड़ा, लेकिन वे बीआरएस उम्मीदवार मगंती गोपीनाथ से 16,337 वोट से हार गए थे। बीआरएस उम्मीदवार को 80,549 और अजहरुद्दीन को 64,212 वोट मिले थे। अब हालांकि, अब वह तेलंगाना सरकार काहिस्सा बन गए हैं।’ अजहरुद्दीन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाईअजहरुद्दीन की गिनती भारत के सबसे सफल कप्तानों में होती है। अजहरुद्दीन के क्रिकेट करियर की बात करें तो उन्होंने 99 टेस्ट मैचों में 6215 रनबनाए हैं जिसमें 22 शतक और 21 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, वनडे में अजहरुद्दीन ने 334 मैचों में 9378 रन बनाए जिसमें सात छक्के और 58 अर्धशतक शामिल हैं। टेस्ट में कप्तान के तौर पर उन्होंने 47 मैचों में टीम की कमान संभाली, जबकि वनडे में 174 मैचों में कप्तानी की। कलाई केजादूगर के नाम से विख्यात अजहर का करियर मैच फिक्सिंग कांड से बर्बाद हुआ। साल 2000 में बीसीसीआई ने उन पर आजीवन बैन लगाया था।राजभवन में आयोजित एक समारोह में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने अजहरुद्दीन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

राजनाथ सिंह और अमेरिकी युद्ध मंत्री हेगसेथ ने किया 10 साल का रक्षा समझौता, Indo-US रिश्ते हुए और मजबूत

भारत और अमेरिका के बीच एक 10 वर्षीय रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। दोनों देशों के रिश्तों के लिए इसे अहम समझौता बताया जा रहा है।अमेरिका के युद्ध मंत्री ने समझौते पर हस्ताक्षर के बाद कहा कि दोनों देशों के रक्षा संबंध इतने मजबूत कभी नहीं रहे। अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ नेसोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में बताया कि उनकी भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात हुई और एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर हुए।उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुआ समझौता क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि सूचनाएं साझा करने, तकनीकी सहयोगबढ़ाने में हम अपने समन्वय को बेहतर कर रहे हैं। भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने समझौते को लेकर कहा कि मुझे लगता है कि आज रक्ष ढांचासमझौते पर हस्ताक्षर के बाद एक नए अध्याय की शुरुआत होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ये समझौता भारत और अमेरिका के बीच कीरक्षा साझेदारी की नीतियों को तय करने में मार्गदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि ‘हमारे द्विपक्षीय संबंधों में रक्षा क्षेत्र एक अहम स्तंभ है। एक मुक्त, नियमआधारित हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र के लिए हमारी साझेदारी बेहद अहम है। यह समझौता दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक सहयोग के मजबूतहोने का संकेत है।’ गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहाराजनाथ ने इससे पहले अगस्त में वाशिंगटन में हेगसेथ से मिलने की योजना बनाई थी लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय आयात परटैरिफ दोगुना करके 50% कर दिया और दोनों देशों के बीच संबंध दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए, जिसके बाद राजनाथ सिंह की अमेरिकायात्रा रद्द कर दी गई थी। अब आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए राजनाथ सिंह कुआलालंपुर गए, जहां उनके औरअमेरिकी रक्षा मंत्री के बीच इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए। पिछले हफ्ते अमेरिका ने रूस की दो शीर्ष कच्चे तेल निर्यातक कंपनियों पर प्रतिबंधों केएलान किया। जिसके बाद भारतीय रिफाइनरियों ने रूसी तेल आयात में कटौती की है, जिसके बाद दोनों देश अब संबंधों के पुनर्निर्माण की संभावनादेख रहे हैं। पिछले दिनों दक्षिण कोरिया दौरे के दौरान ट्रंप ने भी कहा कि वह भारत के साथ एक व्यापार समझौता करना चाहते हैं। हाल के वर्षों मेंअमेरिका और भारत के बीच अच्छे संबंध रहे हैं, लेकिन टैरिफ विवाद और रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर दोनों देशों के संबंधों में थोड़ी गिरावटआई। भारत ने इसे लेकर कहा कि उसे गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, जबकि अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगी अपने हितों के अनुसारमॉस्को के साथ व्यापार जारी रखे हुए हैं। राजनाथ सिंह की अमेरिका यात्रा रद्द कर दी गईइससे पहले भारतीय विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने भी कुआलालंपुर में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ मुलाकात की थी। उस मुलाकात मेंभी दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर करने पर चर्चा हुई थी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी अपने एक बयान में कहा था कि भारत केसाथ रिश्तों की कीमत पर अमेरिका, पाकिस्तान से संबंध मजबूत नहीं करेगा। राजनाथ ने इससे पहले अगस्त में वाशिंगटन में हेगसेथ से मिलने कीयोजना बनाई थी लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय आयात पर टैरिफ दोगुना करके 50% कर दिया और दोनों देशों के बीच संबंधदशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए, जिसके बाद राजनाथ सिंह की अमेरिका यात्रा रद्द कर दी गई थी।

FOभारतीय महिला क्रिकेट का गौरव, जेमिमा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रचा इतिहास

क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया शायद ही कभी हारता है और महिला क्रिकेट में तो लगभग कभी नहीं, लेकिन 2017 में भारत ने कुछ ऐसा किया जिसने दुनियाको हिला दिया था। 2017 में ब्रिस्टल में खेले गए महिला वनडे विश्व कप सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया की 26 मैचों की अजेय लड़ी तोड़ी थी।उस दिन हरमनप्रीत कौर ने जो 171 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी, वह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हमेशा दर्ज रहेगी। उसी दिन, मुंबई में एक16 साल की लड़की जेमिमा रॉड्रिग्स टीवी के सामने बैठी थी। वह पहले से ही हॉकी की नेशनल प्लेयर थी, लेकिन उसने हाल ही में हॉकी छोड़करक्रिकेट को अपनाने का कठिन फैसला लिया था। जब हरमन ने ऑस्ट्रेलियाई स्पिनरों की गेंदों पर छक्का उड़ाया, तो जेमिमा के भीतर कुछ जल उठा।जैसे 1983 की कपिल देव की टीम ने सचिन को प्रेरित किया था, वैसे ही 2017 की हरमन ने जेमिमा को सपना दिया। जेमिमा ने ठान लिया ‘एकदिन मैं भी ऐसा करूंगी’। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे बड़ी पार्टनरशिपकुछ दिनों बाद, मुंबई एयरपोर्ट पर वही जेमिमा तिरंगा लहराते हुए टीम इंडिया का स्वागत कर रही थी। भले ही भारत लॉर्ड्स में फाइनल हार गया था, लेकिन जेमिमा की नजरों में वे हारे नहीं थे। उन्होंने भारतीय क्रिकेट में एक नई आग जलाई थी, एक ऐसी आग, जिसने हर उस लड़की को प्रेरित कियाजो बल्ला उठाने का सपना देखती थी। 2017 का वह सेमीफाइनल सिर्फ भारत का गौरव नहीं था, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के लिए भी एक मोड़ था। हारनेके बाद उन्होंने खुद को और भी मजबूत बनाया। उन्होंने 15 मैच लगातार जीते, 2022 का वर्ल्ड कप आसानी से अपने नाम किया और 2025 तकअजेय बने रहे। लेकिन इतिहास खुद को दोहराने वाला था। 2017 में हरमन ने चमत्कार किया था और 2025 में वही कहानी दोहराई जेमिमा ने। नवीमुंबई में गुरुवार को खेले गए महिला वनडे विश्व कप 2025 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर प्रबल दावेदार था। उन्होंने ग्रुप स्टेज में भारतके खिलाफ 331 रन का टारगेट चेज किया था, लेकिन इस बार कुछ असाधारण हुआ। वही लड़की, जिसने कभी एयरपोर्ट पर झंडा लहराया था, अबबल्ला थामे खड़ी थी। 25 साल की जेमिमा रॉड्रिग्स ने 127 नाबाद रन ठोककर ऑस्ट्रेलिया को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया और भारत को फाइनल मेंपहुंचाया।जेमिमा हमेशा कहती हैं, ‘ये सब जीसस की योजना है। उनका टाइम सही होता है, मेरा नहीं।’ यह कहानी उनके विश्वास की भी कहानी है। 2017 में’हैरी दी’ (हरमन) को देखकर जिसने सपना देखा था, वही अब उनके साथ क्रीज पर थी। ऑस्ट्रेलिया ने 338 रन का पहाड़ जैसा स्कोर बनाया था।स्मृति मंधाना जल्द ही आउट हो गईं, और सबको लगा- अब तो सपना खत्म, लेकिन जेमिमा और हरमन ने मिलकर चमत्कार कर दिया। दोनों ने 167 रनों की साझेदारी की, जो वर्ल्ड कप इतिहास में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे बड़ी पार्टनरशिप थी। पार्टनर के लिए दौड़ रही थींहरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा, ‘हम एक-दूसरे को बहुत अच्छे से कॉम्प्लिमेंट कर रहे थे। वो (जेमिमा) हर ओवर के बाद मुझे बताती थी कि हमने कितनेरन लिए हैं, आगे कितना चाहिए। वो खुद पूरी तरह इनवॉल्व थी और खुद को भी और मुझे भी पुश कर रही थी। बहुत क्रेडिट उसे जाता है कि उसनेकैसे खुद को संभाला।’ हरमनप्रीत 89 रन बनाकर आउट हुईं और तब भारत को 113 रन और चाहिए थे। अब जिम्मेदारी पूरी तरह जेमिमा के कंधों परथी और उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। रॉड्रिग्स के 127 रन में से 71 रन रनिंग से आए। उन्होंने अपनी पारी में एक भी छक्का नहीं लगाया। वो खुद केऔर अपनी पार्टनर के लिए दौड़ रही थीं। जब अमनजोत कौर ने 49वें ओवर में विजयी चौका लगाया, जेमिमा पिच के बीचोंबीच घुटनों पर गिर पड़ीं।आंसू, थकान, और एक सपना, उनके मन में सब एक साथ था।

अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर में बदलाव किया, दिसंबर की दर कटौती पर संदेह

फेडरल रिजर्व की ओर से मौद्रिक नीति दर में 25 आधार अंकों की कटौती के बाद दिसंबर में एक और दर कटौती की संभावना अब कुछ कम हो गईहै। आईसीआईसीआई बैंक की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि फेड अध्यक्ष जेरोम पॉवेल के हालिया संकेतों औरश्रम बाजार से जुड़े आर्थिक आंकड़ों में संभावित देरी को देखते हुए दिसंबर में 25 आधार अंकों की नई कटौती की उम्मीद कुछ घट गई है। फेडरलओपन मार्केट कमेटी ने अपनी ताजा बैठक में नीति दर को 25 आधार अंकों तक घटाकर 3.75 से 4.00 प्रतिशत के दायरे में ला दिया। यह कदमबाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप था और इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था में वृद्धि को संतुलित रखते हुए महंगाई पर नियंत्रण बनाए रखना है। हालांकिब्याज दरों में कटौती का फैसला सर्वसम्मति से नहीं हुआ। कमेटी के सदस्य मीरान ने 50 आधार अंकों की बड़ी कटौती का समर्थन किया, जबकिसदस्य श्मिड ने दरों अपरिवर्तित रखन का मत दिया। केंद्रीय बैंक भविष्य की नीति में अधिक सतर्क रुख अपनाएगारिपोर्ट के अनुसार, यह असहमति फेड की नीति दिशा में मौजूद अनिश्चितता को दर्शाती है, क्योंकि केंद्रीय बैंक अब भी विकास और मुद्रास्फीति, दोनोंके बीच संतुलन साधने की कोशिश में है। नीतिगत बयान में पिछले बैठक के मुकाबले अधिक बदलाव नहीं किया गया, हालांकि इसमें यह उल्लेखकिया गया कि अमेरिकी सरकार के शटडाउन के कारण कई महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों का प्रकाशन प्रभावित हुआ है। बैठक की सबसे बड़ी चौंकानेवाली बात फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल का अपेक्षाकृत सख्त रुख रहा। उन्होंने दिसंबर में एक और दर कटौती की संभावना को काफी हद तक खारिजकरते हुए संकेत दिया कि केंद्रीय बैंक भविष्य की नीति में अधिक सतर्क रुख अपनाएगा। बाजार की उम्मीदें मुख्य रूप से पॉवेल की टिप्पणियोंपॉवेल ने कहा कि पिछली नीति बैठक के बाद से श्रम बाजार में कोई उल्लेखनीय गिरावट नहीं आई है। उन्होंने स्वीकार किया कि मुद्रास्फीति अभी भीऊंची बनी हुई है। उन्होंने सरकारी शटडाउन के दौरान आर्थिक स्थिति का आकलन करने में आने वाली चुनौतियों की ओर भी ध्यान दिलाया, क्योंकिप्रमुख डेटा जारी नहीं किए गए, जिससे भविष्य में नीतिगत निर्णय लेने में बाधा उत्पन्न हो सकती है। रिपोर्ट ने 2025 और 2026 के शेष समय में 75 आधार अंकों की और संचयी कटौती का अपना पूर्वानुमान बरकरार रखा है। इससे ब्याज दर 3.00 प्रतिशत से 3.25 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।हालांकि, इसने आगाह किया है कि इस अनुमान के जोखिम ऊपर की ओर झुके हुए हैं। इस बार कोई नया आर्थिक अनुमान या डॉट प्लॉट जारी नहींकिए जाने के कारण, रिपोर्ट में कहा गया है कि बाजार की उम्मीदें मुख्य रूप से पॉवेल की टिप्पणियों और समिति के भीतर व्याप्त तीखी असहमति सेनिर्देशित थीं। बैठक से पहले, फेड फंड्स फ्यूचर्स ने दिसंबर 2025 में 25 बीपीएस कटौती की पूरी उम्मीद जताई थी, लेकिन अब संभावना घटकरलगभग 70 प्रतिशत रह गई है।

गन्ना किसानों को सिर्फ़ 30 पैसे का ‘चुनावी लॉलीपॉप’ , लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह का सरकार पर हमला

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पंचायत चुनाव नज़दीक आते ही सरकार ने गन्नाकिसानों को केवल 30 पैसे प्रति किलो (₹30 प्रति क्विंटल) की दर से मूल्यवृद्धि देकर किसानों की मेहनत का मज़ाक उड़ाया है। उन्होंने इस बढ़ोतरीको “ऐतिहासिक” बताने वाले सरकारी बयानों को “चुनावी नौटंकी” करार दिया। सुनील सिंह ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक यह वृद्धि इतनीमामूली है कि इसे “उपहार” कहना किसानों का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और बीजेपी किसान मोर्चा द्वारा इस छोटे से बढ़ोतरी कोतीन हज़ार करोड़ रुपये के उपहार के रूप में प्रचारित करना सिर्फ़ चुनावी प्रचार का हिस्सा है। 30 पैसे प्रति किलो की गन्ना मूल्य वृद्धिउन्होंने यह भी कहा कि जब वर्ष 2014 में सोने का भाव ₹26,000 प्रति 10 ग्राम था और आज बढ़कर ₹1,25,000 प्रति 10 ग्राम हो गया है, तोकेवल 30 पैसे प्रति किलो की गन्ना मूल्य वृद्धि को “मास्टर स्ट्रोक” कहना किसानों के साथ अन्याय और उपहास है। सुनील सिंह ने सवाल उठाया किक्या गन्ना किसान की लागत नहीं बढ़ी? क्या बिजली, डीज़ल, खाद, मजदूरी सब सस्ते हो गए हैं? अंत में उन्होंने कहा कि लोकदल हमेशा किसानोंकी वास्तविक लागत के अनुरूप गन्ने का दाम तय करने और समय पर भुगतान की गारंटी की मांग करता रहेगा।

Unity of Hearts and Purpose: Hon’ble Governor Arif Mohammad Khan and Speaker Vijender Gupta Pay Tribute to Sardar Vallabhbhai Patel on His 150th Birth Anniversary”

Unity is not created by bricks and stones, unity arises from emotion and emotion arises from thought,” said Hon’ble Governor of Bihar, Shri Arif Mohammad Khan, while addressing a Symposium organised at the Delhi Legislative Assembly on the occasion of the 150th Birth Anniversary of Sardar Vallabhbhai Patel. Floral tributes were offered to the statue of Shri Vithalbhai Patel in the presence of Hon’ble Speaker Shri Vijender Gupta, Hon’ble Deputy Speaker Shri Mohan Singh Bisht, Delhi Cabinet Minister Shri Kapil Mishra, and Ms. Niranjanaben Kalarthi, Administrator, Swaraj Ashram, Bardoli (Gujarat). A special exhibition titled “Sardar Patel and the Journey of India’s Unification” was also inaugurated in the Assembly premises, showcasing rare archival photographs and historical exhibits celebrating the life, vision, and legacy of the Iron Man of India.Vice Chairman of Gandhi Smriti Shri Vijay Goel, Senior Leader Shri Sudhanshu Mittal and other MLAs were also present at the event. Hon’ble Governor underlined that true unity is born from the collective consciousness of a nation. Expressing his gratitude for being invited to speak on ‘Sardar Patel and the Journey of India’s Unification’, he said he was deeply thankful for the opportunity to bow before the sacred soil of the great son of Mother India. He added that to fulfil the resolve of Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi Ji to make India a developed and leading nation, “we must constantly recall and reawaken the ideals and values for which Sardar Vallabhbhai Patel dedicated his entire life.” Shankaracharya established the spiritualDrawing an inspiring parallel between Adi Shankaracharya and Sardar Patel, Shri Khan noted that just as Adi Shankaracharya established the spiritual unity of India through Vedanta, Sardar Patel achieved political unity through courage and conviction. Quoting the timeless lesson from Shankaracharya’s encounter with a Chandala in Varanasi, he said, “true unity is born of the realization that the same divine consciousness dwells within every being.” He emphasized that Sardar Patel’s unification of more than 565 princely states was a historic act of statesmanship — “a task comparable to that of Bismarck in Germany, or perhaps even greater.” Recalling Sardar Patel’s own words at the inauguration of the Indian Union — “After centuries, for the first time in history, India can truly call itself a united and integrated nation” — Shri Khan said that Patel’s vision continues to shape India’s strength and integrity. He lauded the Government of India’s decision, under the leadership of Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi Ji, to celebrate Sardar Patel’s birth anniversary as Rashtriya Ekta Diwas, calling it “a fitting tribute to the Architect of India’s Unity, expressing the gratitude and respect of an entire nation for the man who made India one.” Unity of hearts and purpose“The strength of a nation lies not in its might, but in its unity of hearts and purpose,” said Hon’ble Speaker of the Delhi Legislative Assembly, Shri Vijender Gupta, while addressing at the Symposium on the occasion of the 150th birth anniversary of the Iron Man of India, Sardar Vallabhbhai Patel. He paid tribute to the architect of India’s integration — a leader whose courage and foresight transformed a divided land into one sovereign nation. From the fields of Bardoli to the halls of the Constituent Assembly, Shri Vijender Gupta noted that Sardar Patel’s vision turned hope into harmony and independence into enduring nationhood. Through his diplomacy, determination, and deep faith in the Indian spirit, over 565 princely states were united into one India, and the foundation of a strong administrative framework , the Indian Administrative Service, was laid for generations to come.Hon’ble Speaker Vijender Gupta emphasized that Sardar Patel’s life reminds us that unity is not a slogan, but a sacred duty. He stated that Patel’s ideals of discipline, integrity, and selfless service continue to inspire India’s progress and purpose. As the nation observes Rashtriya Ekta Diwas, Shri Gupta urged everyone to rededicate themselves to preserving the unity Sardar Patel built and the values he embodied. Under the visionary leadership of Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi, he said, the nation reaffirms Sardar Patel’s timeless message — that India’s true strength lies in the unity of its people and the integrity of its institutions.

Sangam Vihar Erupts Over Water Shortage, AAP’s Prem Chauhan Leads Protest Against BJP’s Water Minister Parvesh Verma”

In yet another sign of Delhi’s deepening water crisis, residents of Sangam Vihar erupted in protest on Thursday after the BJP government removed water tankers from the area. Furious over days of severe shortage, locals — led by Aam Aadmi Party (AAP) MLA from Deoli, Prem Chouhan — confronted Delhi’s Water Minister Parvesh Verma during his visit, demanding immediate restoration of tankers or supply through pipelines. The situation turned tense as Delhi Police detained several AAP workers and local residents amid loud slogans accusing the BJP’s “four-engine government” of failing to provide even drinking water to the people of Delhi. Even as temperatures continue to drop, Delhi is facing a worsening water crisis, prompting sharp criticism from, AAP Delhi State President Saurabh Bharadwaj. He asserted that the BJP’s “Jhoothi Sarkar” (fraud government) of Delhi has removed water tankers from Sangam Vihar (Deoli Assembly), causing immense hardship to residents. “There is a severe shortage of water. Despite the cold weather and abundant water in the Yamuna — even fit for ritual use — why is Delhi suffering such a shortage?” he asked.Saurabh Bharadwaj added that BJP’s Water Minister Parvesh Verma, who promised ₹1,100 during elections, faced public protest in Sangam Vihar on Thursday, as people demanded that the removed tankers be restored or water supply through pipelines be ensured. During the protest against Water Minister Parvesh VermaDuring the protest against Water Minister Parvesh Verma, AAP MLA from Deoli, Prem Chauhan, said, “We have been continuously trying to meet the Water Minister. Residents of the Devli constituency have complained that earlier 20 government water tankers were provided here, but they have been withdrawn and diverted to the constituency of a BJP MLA. The people here are facing a water tragedy. Earlier, 70 tankers were supplied, and now their number too has been reduced. On top of that, the ₹31 crore fund allocated for Devli constituency has been withdrawn by the BJP government, halting road construction and other developmental works. These are genuine complaints from the people.” Displaying complaint letters from residents, the AAP MLA said, “I will hand over these grievances to BJP Minister Parvesh Verma. These letters represent the voices of thousands of citizens who have approached me through petitions. But the police are stopping me and saying I cannot go there. Parvesh Verma is also a minister for the people of Devli constituency — he must listen to our concerns and resolve the water crisis. Local BJP leaders are making people’s lives miserable. Residents are being deprived of water, their tankers are being cut off or diverted elsewhere. The tanker mafia is thriving in Deoli, while the government remains completely blind, mute, and deaf.” Basic facilities thatPrem Chauhan further said, “The basic facilities that the government had earlier provided in Devli constituency must continue. Tankers should not be removed, and the halted fund for road construction must be immediately released so that we can carry out development work for our people. The tankers that have been withdrawn must be reinstated. We are standing here only to demand water, and we must be allowed to meet Water Minister Parvesh Verma.”He added, “The police are not allowing us to meet Parvesh Verma. The entire police machinery seems complicit in preventing the MLA from doing his work. The public is only asking for water — this is not a crime. We wish to meet the Water Minister peacefully. If the police permit, we will wait patiently and meet him in a peaceful manner. But if they continue to stop us, we will still try to meet the Minister and place before him the people’s grievances.”