"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

सपा सांसद इकरा हसन और नाहिद हसन ने आजम खां से की मुलाकात कहा, “यह पारिवारिक भेंट थी, बिहार में इंडिया गठबंधन की बनेगी सरकार

सपा की सांसद इकरा हसन ने अपने भाई नाहिद हसन के साथ मिलकर सपा नेता आजम खां से मुलाकात की। उन्होंने इस मुलाकात को सियासत सेहटकर पारिवारिक बताया। उन्होंने बिहार चुनाव को लेकर कहा कि बिहार में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी। सपा नेता आजम खां से मिलने वालोंका सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार की रात में कैराना की सपा सांसद इकरा हसन अपने भाई नाहिद हसन के साथ सपा नेता आजमखां से मुलाकात करने पहुंचीं, जहां उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक मुलाकात की। यहां पहुंचकर घंटे भर मुलाकातइस दौरान उन्होंने सपा नेता के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इकरा हसन ने सपा नेता की पत्नी डा.तजीन फात्मा से भी मुलाकात की। बाद में उन्होंनेमीडिया से कहा कि यह मुलाकात सियासी नहीं बल्कि पारिवारिक मुलाकात है। वह सपा नेता का हाल जानने के लिए आई थीं। बिहार चुनाव इंडियागठबंधन के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसलिए इस चुनाव में इंडिया गठबंधन को सफलता मिलेगी। इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी। वह खुद भी प्रचारके लिए जा रही हैं। इससे पहले, 29 अक्तूबर को रामपुर में सपा नेता आजम खां से मुलाकात करने के लिए कानपुर नगर की सीसामऊ विधानसभासीट से पूर्व विधायक इरफान सोलंकी अपनी विधायक पत्नी नसीम सोलंकी के साथ उनके आवास पर पहुंचे। उन्होंने यहां पहुंचकर घंटे भर मुलाकातकी। दर्ज मुकदमें पूरी तरह फर्जीइस दौरान सपा नेता ने उनका हाल जाना। सियासी घटनाक्रम व ताजा हालात पर भी चर्चा की। बाद में इरफान सोलंकी ने मीडिया से भी बात की।कहा कि यह मुलाकात उनकी सियासी नहीं बल्कि निजी मुलाकात है। सपा नेता आजम खां उनके पिता के समान हैं। कहा कि उनके खिलाफ भीमुकदमे दर्ज हैं वह भी जेल में थे। सपा नेता पर दर्ज मुकदमे सियासी मुकदमे हैं। कहा कि यह जो हो रहा है कि जनता सब जानती है। जनता सहीसमय आने पर जवाब देगी। वहीं, 29 अक्तूबर को सपा नेता आजम खां ने अपने ऊपर पर दर्ज मामले में फिर से सफाई पेश की। कहा कि यदि बकरीचोरी हुई तो बरामद क्यो नहीं हुई। कहा कि उन पर दर्ज मुकदमें पूरी तरह फर्जी हैं। कोर्ट में पेश होने के बाद सपा नेता आजम खां मीडिया से रूबरूहुए।

मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप पर महाराष्ट्र में ‘सत्यचा मोर्चा’ उद्धव, शरद और राज ठाकरे एक साथ, भाजपा ने भी किया विरोध प्रदर्शन

मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए महाराष्ट्र का विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी आज विरोध मार्च आयोजित कर रहा है। इस मार्चको ‘सत्यचा मोर्चा’ नाम दिया गया है। महाविकास अघाड़ी की पार्टियों कांग्रेस, शिवसेना यूबीटी और एनसीपी (एसपी) के साथ ही महाराष्ट्र नवनिर्माणसेना भी इस मार्च में शामिल होगी। सत्यचा मोर्चा दक्षिण मुंबई के फैशन स्ट्रीट से शुरू होकर बीएमसी मुख्यालय पर खत्म होगा। इस मार्च में पूर्वसीएम उद्धव ठाकरे, एनसीपी एसपी प्रमुख शरद पवार, मनसे प्रमुख राज ठाकरे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोराट समेत अन्य नेता शामिलहोंगे। मोर्चा के समापन पर एक रैली को भी संबोधित किया जाएगा, जिसमें नेता मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाएंगे।विपक्ष का दावा है कि मतदाता सूची में कई फर्जी नाम हैं और गलत तरीके से नाम जोड़े और हटाए गए हैं। विपक्ष ने चुनाव आयोग पर इस मुद्दे परआंख मूंदने का आरोप लगाया और जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र निकाय चुनाव तभी होने चाहिए, जब इन कमियों को दूर कर लिया जाए। मुंबई में एक सभा को संबोधितराज ठाकरे अपने समर्थकों और पार्टी सहयोगी बाला नंदगांवकर के साथ दादर स्टेशन से ट्रेन में चढ़े और चर्चगेट के लिए रवाना हुए। इस हफ्ते कीशुरुआत में मुंबई में एक सभा को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने मनसे कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट काइस्तेमाल करने की अपील की थी। भाजपा ने भी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के खिलाफ एमवीए के सत्यचा मोर्चा के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोधप्रदर्शन का आयोजन किया। भाजपा ने दावा किया कि विपक्ष निकाय चुनाव से पहले झूठा नैरेटिव फैलाने की कोशिश कर रहा है। भगवा पार्टी केनेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने मुंह पर काली पट्टी बांधकर दक्षिण मुंबई के गिरगांव इलाके में विरोध प्रदर्शन किया। महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्षरवींद्र चव्हाण ने कहा कि इस विरोध का मकसद चुनावों से पहले MVA द्वारा झूठे नैरेटिव फैलाने की कोशिशों को बेनकाब करना है। उन्होंने कहा, ‘एमवीए नेताओं ने हर चुनाव से पहले लोगों को गुमराह करने की लगातार कोशिश की है। 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले भी ऐसी ही कोशिशेंकी गईं, जब उन्होंने जानबूझकर संविधान में बदलाव के बारे में झूठे दावे फैलाए। राज ठाकरे अपने समर्थकों और पार्टी सहयोगी बाला नंदगांवकर केसाथ दादर स्टेशन से ट्रेन में चढ़े और चर्चगेट के लिए रवाना हुए। इस हफ्ते की शुरुआत में मुंबई में एक सभा को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने मनसेकार्यकर्ताओं से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की अपील की थी।

‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबोले बोले “यह केवल गीत नहीं, राष्ट्र की आत्मा और देशभक्ति कामंत्र “जानें और क्या कुछ कहा”

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने शनिवार को ‘वंदे मातरम’ की रचना की 150वीं वर्षगांठ पर इसके रचयिताबंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को याद करते हुए कहा कि यह गीत केवल शब्दों का संगम नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा और देशभक्ति का मंत्र बन गया है।होसबोले ने कहा कि 1875 में रचित यह गीत, जब 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर ने कांग्रेस अधिवेशन में गाया, तब से यह भारत के हर नागरिक के दिलकी आवाज बन गया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ ने पूरे राष्ट्र में चेतना, सम्मान और एकता की भावना जगाई। कृतज्ञतापूर्वक स्मरण और श्रद्धांजलि अर्पित करताआरएसएस महासचिव ने बताया कि इस गीत का प्रभाव इतना गहरा था कि देश के कई विद्वानों और महान हस्तियों, जैसे महर्षि अरविंद, मैडमभीकाजी कामा, महाकवि सुब्रमण्यम भारती, लाला हरदयाल, लाला लाजपत राय आदि ने अपने समाचार पत्रों और पत्रिकाओं के शीर्षक में ‘वंदेमातरम’ जोड़ा। महात्मा गांधी ने भी वर्षों तक अपने पत्रों का समापन ‘वंदे मातरम’ लिखकर किया। होसबोले ने हिंदी में जारी एक बयान में कहामातृभूमि की आराधना करने वाले और सम्पूर्ण राष्ट्र में चेतना का संचार करने वाले अद्भुत मंत्र, वंदे मातरम की रचना की 150वीं वर्षगांठ के पावनअवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्रगीत के रचयिता, श्रद्धेय बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को कृतज्ञतापूर्वक स्मरण और श्रद्धांजलि अर्पित करता है। उन्होंनेकहा कि रवींद्रनाथ टैगोर ने 1896 के कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन में 1875 में रचित ‘वंदे मातरम’ गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया था। देशभक्ति का मंत्र बन गयाहोसबोले ने कहा वंदे मातरम एक ऐसा अद्भुत मंत्र है जो मातृभूमि की आराधना करता है और पूरे राष्ट्र में चेतना का संचार करता है। उन्होंने आगे कहाकि 1905 के बंगाल विभाजन आंदोलन से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक, यह गीत हर स्वतंत्रता सेनानी के लिए नारा बन गया। ‘वंदे मातरम’ केवल एकगीत नहीं, यह देश की आत्मा और भारत की पहचान है। आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं बल्किभारत की आत्मा है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1875 में रचित यह गीत 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा गाया गया और तब से यह देशभक्ति कामंत्र बन गया।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जीएसटी (दूसरा संशोधन) विधेयक 2025 पारित, टैक्स चोरी रोकने को ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम लागू होगा

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शुक्रवार को जम्मू कश्मीर वस्तु एवं सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 पारित कर दिया गया। इस विधेयक केमाध्यम से प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार और जीएसटी परिषद की सिफारिशों के आधार पर राज्य के जीएसटी कानून में कई अहम बदलाव किए हैं।संशोधन का उद्देश्य प्रदेश के कर कानून को केंद्र के संशोधित जीएसटी कानून के अनुरूप बनाना है। नए संशोधन के तहत अब सरकार कुछ वस्तुओं परट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली लागू कर सकेगी। क्रेडिट के मामलों में कोई भ्रम न रहेइसके तहत उत्पादों पर एक विशेष डिजिटल निशान या कोड लगाया जाएगा जिससे उनकी आवाजाही पर निगरानी रखी जा सकेगी। इस व्यवस्था कामकसद टैक्स चोरी पर रोक लगाना और वस्तुओं की पारदर्शी ट्रैकिंग सुनिश्चित करना है। संशोधन में यह भी प्रावधान है कि अगर कोई व्यापारी इसप्रणाली का पालन नहीं करता, तो उस पर एक लाख रुपये या वस्तु पर देय कर का दस फीसदी (जो अधिक हो) तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।बिल के तहत वाउचर के लेनदेन को अब वस्तु या सेवा की श्रेणी में नहीं रखा गया है यानी अब वाउचर पर जीएसटी नहीं लगेगा। वहीं, संयंत्र औरमशीनरी की परिभाषा को स्पष्ट किया गया है ताकि इनपुट टैक्स क्रेडिट के मामलों में कोई भ्रम न रहे। पारदर्शी व तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनानायह संशोधन आठ जुलाई 2017 से प्रभावी माना जाएगा। इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि यदि किसी व्यापारी को केवल जुर्माने सेसंबंधित आदेश मिला है और उस पर कोई कर देनदारी नहीं है, तो अपील करने से पहले उसे जुर्माने की राशि का दस प्रतिशत जमा करना होगा।संशोधन में स्थानीय निकायों की परिभाषा को भी स्पष्ट किया गया है। अब स्थानीय कोष और नगर कोष शब्दों का अर्थ कानून में स्पष्ट रूप सेपरिभाषित किया गया है ताकि संबंधित मामलों में कोई भ्रम न रहे। साथ ही विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) या मुक्त व्यापार गोदाम क्षेत्र में रखे गए मालकी आपूर्ति को अब वस्तु या सेवा की आपूर्ति नहीं माना जाएगा। यह संशोधन आठ जुलाई 2017 से प्रभावी रहेगा। इस संशोधन से सरकार के कोषपर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। इन संशोधनों का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजटीय प्रस्तावों को लागू करना और कर कानूनों कोअधिक पारदर्शी व तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाना है।

एलजी मनोज सिन्हा बोले “निर्वाचित सरकार के पास सभी अधिकार, राज्य का दर्जा नहीं बहाना” उमर और फारूक अब्दुल्ला ने किया पलटवार

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर की निर्वाचित सरकार के पास सभी अधिकार हैं। लिहाजा राज्य का दर्जा नहीं मिलनेको खराब प्रदर्शन का बहाना नहीं बनाया जा सकता। एसकेआईसीसी में जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के स्थापना दिवस समारोह को संबोधितकरते हुए सिन्हा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में कह चुके हैं कि पहले परिसीमन, फिर विधानसभा चुनाव और फिर उचित समय परराज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। पर, कुछ लोगों को कुछ समस्याएं हैं। जब चुनाव हुए तो यह स्पष्ट था कि चुनाव केंद्र शासित प्रदेश कीविधानसभा के लिए हो रहे हैं। वे (निर्वाचित सरकार) यह बहाना नहीं बना सकते कि राज्य का दर्जा बहाल होने तक काम नहीं किया जा सकता।लोग राज्य के दर्जे से इतना क्यों डरतेएलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि निर्वाचित सरकार के पास सभी अधिकार हैं और राज्य का दर्जा न होने के बहाने लोगों को गुमराह नहीं किया जानाचाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सरकार को अपनी शक्तियों का इस्तेमाल लोगों की भलाई के लिए करना चाहिए। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व नेकांअध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने एलजी के बयान पर कड़ा पलटवार किया है। उमर ने कहा, एलजी को कम से कम सुप्रीम कोर्ट और संसद में जम्मूकश्मीर के लोगों से किए गए वादे के बारे में तो बात करनी चाहिए। उमर ने कहा, 90 विधायकों में से एक या दो को छोड़कर सभी ने राज्य के दर्जे केनाम पर वोट मांगे। एलजी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, ये लोग राज्य के दर्जे से इतना क्यों डरते हैं? वे सत्ता क्यों नहीं छोड़ना चाहते? पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा, हमारे 26 मेहमान मारे गए और हमें काम करने की सलाह दी गई है। हम काम करना जानते हैं। आपअपना काम करें, हम अपना करेंगे। वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरलसीएम ने कहा, बताइए हमें कब तक इंतजार करना चाहिए? हमें बताया गया है कि इसे उचित समय पर बहाल कर दिया जाएगा। ठीक है… मेंइंतजार करूंगा, लेकिन मुझे बताइए कि सही समय का आकलन करने का पैमाना क्या है। हम उचित समय का आकलन कैसे करें? बहाली के नियमऔर शर्तें स्पष्ट होनी चाहिए ताकि हमारी सरकार को पता चले कि हमें इसके लिए क्या करना चाहिए। एक मुख्यमंत्री के रूप में मुझे पता होना चाहिएकि यही वह मील का पत्थर या लक्ष्य है जिसे हमें प्राप्त करना है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने एलजी केबयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। डॉ. फारूक ने कहा कि एलजी झूठ बोलते हैं। वह कभी सच नहीं बोलते हैं। आईएएस और आईपीएसअधिकारियों के जरिए उन्होंने पूरा नियंत्रण कर रखा है। एक भी फाइल पास नहीं करते हैं। डॉ. फारूक के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर खूबवायरल हो रहा है। इससे सियासत गरमा गई है।

बेगूसराय में प्रियंका गांधी का हमला “संविधान पर कब्जे की कोशिश, बिहार को बांटने और कमजोर करने की साजिश रची गई

बेगूसराय में कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री प्रियंका गांधी ने अपनी चुनावी सभा की। उन्होंने कहा कि मैं बेगूसराय वासियों और बिहार की धरती को नमन करतीहूं। प्रियंका गांधी ने कहा कि बिहार में बहन-बेटियों को आगे बढ़ाने का काम क्यों नहीं हो रहा है। महात्मा गांधी ने ही यहां से संविधान के लिए लड़ाईशुरू की। लेकिन, आज संविधान पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। 20 साल से यहां जो सरकार है, वह आपका हक छीनना चाहती है।संविधान ने आपको वोट करने का अधिकार दिया है। इसका मतलब यह है कि आप इस देश के नागरिक हो। सबका आधार यही है कि आप वोट देतेहैं। लेकिन, इसे कमजोर करने का काम नरेंद्र मोदी और भाजपा की सरकार ने किया है। बिहार में 20 साल से एनडीए की सरकार है। लेकिन, आपकोकमजोर करने की साजिश की गई। आपको बांटने की साजिश की गई। जाति और धर्म के नाम पर आपको लड़वाया। आपका ध्यान भटकाने के लिएरोज अलग-अलग मुद्दा उठाया गया। खेती-किसानी से भी नहीं कमा रहेप्रियंका गांधी ने कहा कि मतदाता पुनरीक्षण कार्य के तहत बिहार के 65 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए। आपको सारे अधिकारों से वंचित करदिया गया है। इस कारण आप सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाएंगे। एक बड़ी साजिश रची जा रही है। बिहार में नौकरियां नहीं मिलती है।रोजगार नहीं मिलने के कारण यहां के लोग देश भर में पलायन कर रहे हैं। केरल से लेकर कश्मीर तक बिहार से पलायन कर लोग मजदूरी कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि आप अब खेती-किसानी से भी नहीं कमा रहे हैं। महंगाई चरम पर है। सारी संपत्ति अदाणी और अंबानी को बेच रहे हैं। देश कीसंपत्तियों को बेचा जा रहा है। सारी कंपनियों को पीएम मोदी ने अपने दो दोस्तों को पकड़ा दिया है। सिर्फ बड़े-बड़े वादेप्रियंका गांधी ने कहा कि एनडीए सरकार के बड़े-बड़े नेता मंच पर आकर कहते हैं हमलोग एक करोड़ रोजगार देंगे। लेकिन, आप यह क्यों नहीं बता रहेहैं कि 20 साल में रोजगार क्यों नहीं दिया। अब इनके पास कुछ नहीं बचा है। सिर्फ बड़े-बड़े वादे करेंगे। पोस्टर के लिए प्रचार करेंगे। कहेंगे किआपका जीवन बदल गया है। लेकिन, आप बताइए इस महंगाई में क्या बदला है। महंगाई बढ़ गई है। आप खिलाएंगे क्या? बिहार में महिलाओं केखिलाफ अपराध बढ़ चुके हैं। वह आज भी सुरक्षित नहीं हैं। एनडीए सरकार ने महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया। वह आप भी डरी हुई है। पीएममोदी कहते हैं इस बार डबल इंजन की सरकार को जीत दिलाइए लेकिन वह झूठ बोल रहे हैं। सिंगल इंजन की सरकार है। सीएम नीतीश कुमार कीभी वह नहीं सुनते हैं। सारे फैसले दिल्ली से लिए जा रहे हैं। सीएम नीतीश कुमार को सम्मान नहीं दिया जा रहा है। वह लोग उनके खिलाफ साजिशकर रहे हैं। इसलिए आपको बदलाव लाना पड़ेगा। एक नया बिहार बनाने के लिए महागठबंधन की सरकार बनानी होगी। सरकार बनने पर हर परिवारके एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। 200 यूनिट बिजली दी जाएगी। यह लोग वोट चोरी कर रहे हैं। आपको इनसे बिहार को मुक्ति दिलानी है। अबआपको भटकाना नहीं है। महागठबंधन के प्रत्याशियों को वोट देकर बिहार के बदलाव की शुरुआत करनी है।

मीसा भारती ने BJP और योगी आदित्यनाथ पर जमकर साधा निशाना, बिहार में युवाओं का बदला ‘जानें क्या है पूरा मामला’

मीसा भारती ने एनडीए सरकार के संकल्प पत्र और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बिहार दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भाजपापर बिहार में नेताओं की कमी का आरोप लगाते हुए योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश में बुलडोजर चलाने की सलाह दी। लालू प्रसाद यादव की बेटीमीसा भारती ने कहा कि एनडीए को 20 साल बाद बिहार के छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा देने का वादा याद आया है। उन्होंने आरोपलगाया कि भाजपा नेताओं ने कई बच्चों का भविष्य बर्बाद कर दिया है और इस बार बिहार की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। मीसा भारती ने दावाकिया कि बिहार से एनडीए की विदाई तय है। विधानसभा चुनाव के वादे को याद दिलायालालगंज में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की चुनावी जनसभा पर मीसा भारती ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा नेताओं का अकालपड़ गया है, जिसके चलते उन्हें उत्तर प्रदेश से ‘भाड़े पर’ नेताओं को बुलाना पड़ रहा है। मीसा भारती ने स्पष्ट किया कि बिहार में यूपी के नेताओं की एंट्रीनहीं होनी चाहिए और योगी आदित्यनाथ को अपने राज्य में बुलडोजर चलाना चाहिए। मीसा भारती ने राघोपुर के अपने दौरे का जिक्र करते हुए बतायाकि उन्हें सुबह से रात तक लोगों का भरपूर समर्थन और प्यार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में परिवर्तन की बयार बह चुकी है और युवा इस बारअपना ‘बदला’ लेने के लिए मन बना चुके हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के बिहार दौरे के दौरान दिए गए भाषणों की आलोचना की, जिसमें उन्होंने कथित तौरपर कहा था कि बिहार के युवा केवल रील बनाएंगे और इंस्टाग्राम चलाएंगे। मीसा भारती ने कहा कि युवा अब सब समझ गए हैं और बिहार में तेजस्वीयादव की जीत तय है। उन्होंने तेजस्वी के 2020 के विधानसभा चुनाव के वादे को याद दिलाया, जिसमें उन्होंने पहली कलम से 10 लाख युवाओं कोरोजगार देने का वादा किया था। मीसा भारती ने आरोप लगाया किमीसा भारती ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के ‘खेला’ के कारण तेजस्वी यादव की सरकार बनने से चूक गई थी, जिससे 10 से 15 सीटें हारगईं। उन्होंने कहा कि यदि 2020 में तेजस्वी मुख्यमंत्री बन जाते, तो कितने बच्चों की उम्र बच जाती और उन्हें नौकरी मिल जाती। उन्होंने यह भी कहाकि एक बच्चे के परिवार में कम से कम पांच-छह लोग होते हैं, जिससे महागठबंधन के पास वोटों की संख्या काफी बढ़ जाती है। उन्होंने अंत में कहाकि इस बार बिहार के नौजवान एनडीए सरकार से पूरी ताकत से बदला लेंगे। निशा भारती ने कहा कि बिहार में इस बार युवा सरकार बनेगी तेजस्वीमुख्यमंत्री होंगे और मल्लाह का बेटा मुकेश सहनी डिप्टी सीएम बनेंगे।

मल्लिकार्जुन खरगे का हमला, भाजपा-आरएसएस से ही देश की समस्याएं जुड़ीं “जमकर साधा निशाना”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को कहा कि उनकी व्यक्तिगत राय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर प्रतिबंध लगाया जानाचाहिए, क्योंकि देश में ज्यादातर कानून-व्यवस्था की समस्याएं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस की वजह से पैदा हो रही हैं।खरगे ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कांग्रेस पर किए गए हमलों पर पलटवार किया। उन्होंने सरदार पटेलके उस बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या (1948) के बाद आरएसएस की आलोचना की थी। आरएसएस पर प्रतिबंधलगाने के सवाल पर खरगे ने कहा, यह मेरी निजी राय है, इसे किया जाना चाहिए, क्योंकि देश में ज्यादातर मुद्दे और कानून-व्यवस्था की दिक्कतेंभाजपा-आरएसएस से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि आज देश ‘लौह पुरुष’ सरदार पटेल की जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि मना रहाहै। ये दोनों महान नेता एक ‘आयरन मैन’ और एक ‘आयरन लेडी’ देश की एकता बनाए रखने में बड़ा योगदान देने वाले थे। पटेल ने नेहरू को देश का आदर्श नेता बतायाखरगे ने एक पत्र का भी जिक्र किया जो सरदार पटेल ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखा था, जिसमें उस समय के गृह मंत्री पटेल ने कहा था किआरएसएस ने ऐसा माहौल बनाया, जिससे महात्मा गांधी की हत्या जैसी त्रासदी संभव हो सकी। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा हमेशा यह दिखानेकी कोशिश करती है कि नेहरू और पटेल के बीच मतभेद थे, जबकि हकीकत में दोनों एक-दूसरे का बहुत सम्मान करते थे। नेहरू ने पटेल की देश कीएकता कायम करने में भूमिका की तारीफ की थी और पटेल ने नेहरू को देश का आदर्श नेता बताया था। महात्मा गांधी की हत्या के बाद आरएसएस की आलोचना कीखरगे की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरदार पटेल जम्मू-कश्मीर को भी भारत में शामिल करनाचाहते थे, लेकिन नेहरू ने ऐसा नहीं होने दिया। मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि कांग्रेस ने ब्रिटिश शासन से मिली गुलामी कीमानसिकता को अपना लिया है, जबकि आज देश औपनिवेशिक सोच के हर निशान को मिटा रहा है। सरदार पटेल का जन्म 1875 में गुजरात केनाडियाड में हुआ था। वह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेता थे और राष्ट्र के एकीकरण के प्रति अपनी अडिग प्रतिबद्धता के लिए ‘भारत के लौहपुरुष’ के रूप में याद किए जाते हैं। उनका निधन 1950 में हुआ था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उनकी निजी राय में आरएसएसपर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि देश की ज्यादातर कानून-व्यवस्था की समस्याएं भाजपा और आरएसएस से जुड़ी हैं। उन्होंनेकहा कि खुद सरदार पटेल ने महात्मा गांधी की हत्या के बाद आरएसएस की आलोचना की थी।

अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान, सत्ता में आए तो सरदार पटेल के नाम पर बनेगा विश्वविद्यालय

राजधानी लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेसवार्ता कर सरकार को घेरा। उन्होंने कहाकि सत्ता में आने पर सरदार पटेल के नाम पर विश्वविद्यालय बनवाएंगे। गन्ना मूल्य पर कहा कि गन्ना मूल्य में 30 रुपये से ज्यादा की वृद्धि होनी चाहिएथी। दाम में कम से कम इतनी बढ़ोतरी करें जिसमें किसान खुशहाल हो। सपा मुखिया ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने गन्ना मूल्य और भुगतानकरने का विज्ञापन अंग्रेजी अखबार में छापा। बताओ कितने किसान अंग्रेजी में यह जानकारी पढ़ पाएंगे। बहराइच की गन्ना मिल बंद हो गई। जिम्मेदारकिसानों का करोड़ों रुपया लेकर भाग गए। ये सब सरकार के पोषित लोग हैं। अब सरकार मंडियां बेचना चाहती है। सरकार में इलाज कराना भगवान भरोसेSIR के दूसरे चरण को लेकर अखिलेश ने कहा कि हमारी मांग है कि इतनी बड़ी प्रक्रिया में जाति पर एक अतिरिक्त कॉलम शामिल किया जाए।इससे जाति जनगणना कराने, बेहतर नीति निर्माण और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। मुझे उम्मीद है कि सरकार हमारेसुझाव पर विचार करेगी और उसे लागू करेगी। कानपुर के अखिलेश दुबे की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जितना भ्रष्टाचार इस सरकार मेंहो रहा है, उतना कभी नहीं हुआ। विकास दुबे की गाड़ी इसलिए पलटाई गई थी, कि कहीं सरकार न पलट जाए। अब अखिलेश दुबे को बचाया जारहा है। जितना भ्रष्टाचार इस सरकार में है, उतना किसी सरकार में नहीं रहा। विश्वविद्यालय में किसे कुलपति बनाया जा रहा है, सभी को पता है। सपामुखिया ने कहा कि सबसे अधिक असुरक्षित महिलाएं व बेटियां भाजपा सरकार में हैं। इस सरकार में दलित, पिछड़े मारे जा रहे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र मेंकोई बहुत काम नहीं हुआ। एंबुलेंस हम लोगों ने चलवाई थीं। सरकार आने पर इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। आज जब भाजपा के बड़े नेताओं कोइलाज कराना होता है तो सपा सरकार में बनवाए गए मेदांता में इलाज कराने जाते हैं। इस सरकार में इलाज कराना भगवान भरोसे है। युवाओं को नौकरी देने का शपथ पत्रअखिलेश ने आगे कहा कि भाजपा की मूल पार्टी आरएसएस है। सरदार पटेल ने संघ पर बैन लगाया था। शर्तों पर संघ से बैन खत्म हुआ था। भाजपाहमें दूसरी चीजों में उलझाए है। अमेरिका और चीन के लिए बाजार बेचे डाल रहे हैं। कोई स्पेन बना रहा है तो कोई क्योटो। भाजपा नकारात्मकताफैला रही है। मेरठ में जो दुकानें गिराई जा रही हैं, उसका आदेश सपा सरकार में भी था। लेकिन, हमने नहीं गिराईं। भाजपा गिरा रही है। उन्होंने कहाकि मुख्यमंत्री को नाम बदलने का पुराना शौक है। यदि आपको ओसामा बिन नाम पसंद नहीं था, तो एआई से पूछते इसका हिंदी नाम बताए। यदिवह हिंदी नाम शेर सिंह बताता तो वही कर देते। धरती पर यदि किसी के साथ सबसे भेदभाव हुआ है तो वह हैं दलित। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संघपर बैन की बात कही है। हम उनसे सहमत हैं। अखिलेश ने कहा कि जैट जीपीटी की मानें तो आरएसएस ने ऐसा वातावरण पैदा किया, जिससे नाथूराम गोडसे ने गांधी जी की हत्या की। भाजपा साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पार्टी है। मैं तेजस्वी से कहूंगा की अडानी का एक-एक रुपया वापसकर दें। 10 हजार युवाओं को नौकरी देने का शपथ पत्र लें।

मतुआ समुदाय में मचा हड़कंप, चुनाव आयोग के SIR आदेश से वोट अधिकार पर संकट

हाल ही में चुनाव आयोग ने देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कराने का एलान किया है। चुनाव आयोग के इस एलान के साथ हीपश्चिम बंगाल के मतुआ समुदाय में डर, नाराजगी और चिंता का माहौल है। मतुआ समुदाय को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत बड़े पैमाने परवोट देने का अधिकार छिन जाने का डर सता रहा है। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस, दोनों ही पार्टियों का मतुआ समुदाय में जनाधार है, ऐसे में दोनोंपार्टियों को अपने वोटबैंक की नाराजगी की चिंता सता रही है। मतुआ समुदाय एक हिंदू शरणार्थी समुदाय है और इस समुदाय के लोग उत्तर 24 परगना, नादिया और दक्षिण 24 परगना के कुछ हिस्सों में रहते हैं और बंगाल की 40 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर इनका प्रभाव है। चुनाव आयोग नेसाल 2002 के बाद पहली बार फर्जी, मृत और अयोग्य वोटरों को हटाने के लिए एसआईआर कराने का फैसला किया है। ऐसे में जो लोग 2002 कीवोटर लिस्ट में नहीं हैं, उन्हें अब अपनी योग्यता साबित करने के लिए दस्तावेज देने होंगे। एसआईआर प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल न कर सकेंमतुआ समुदाय के हजारों लोग दशकों से बांग्लादेश से बिना दस्तावेजों के पलायन कर भारत में बसे हैं। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के सबसे प्रमुखमतुआ नेता बनगांव सांसद शांतनु ठाकुर ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा, ‘अगर शरणार्थी मतुआ लोगों के नाम हटा दिए जाते हैं तो चिंता करने कीकोई जरूरत नहीं है। उन्हें CAA के तहत भारतीय नागरिकता मिलेगी।’ हालांकि उनके बयान के बावजूद मतुआ लोगों की नाराजगी शांत नहीं हुई है।वहीं मतुआ के प्रथम परिवार की नेता और शांतनु ठाकुर की चाची टीएमसी की राज्यसभा सांसद ममता बाला ठाकुर ने समुदाय के नेताओं कीठाकुरनगर में बैठक बुलाई है। इस बैठक में अगले कदम पर चर्चा की जाएगी। टीएमसी सांसद ने कहा कि 2002 के बाद आने वाले लोगों के पासदस्तावेज नहीं हैं, जिससे उनके वोट देने का अधिकार छिन सकता है। भाजपा के नागरिकता देने वाले जुमले के बाद से समुदाय के लोग हमें वोट दे रहेहैं। भाजपा विधायक सुब्रत ठाकर ने कहा कि ‘जो लोग 2002 से 2025 के बीच भारत आए हैं, उन्हें दस्तावेज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि अगरवे सीएए के तहत आवेदन करेंगे तो हम उनके नाम रखने की अपील कर सकते हैं लेकिन चुनाव आयोग स्वायत्त निकाय है और उनके नाम रखे जाएंगे यानहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है।’ उन्होंने कहा कि सरकार कोशिश कर रही है कि घुसपैठिए और रोहिंग्या एसआईआर प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल नकर सकें। कोई गारंटी नहींराजनीतिक विशेषज्ञ सुमन भट्टाचार्य कहते हैं कि ‘अगर मतुआ लोग सीएए के तहत आवेदन करते हैं तो उन्हें पहले विदेशी माना जाएगा, जिससे वेमताधिकार खो देंगे और अगर वे एसआईआर के तहत आवेदन करेंगे तो भी उनका वोट देने का अधिकार छिन सकता है क्योंकि वे दस्तावेज नहीं देपाएंगे।’ भाजपा विधायक सुब्रत ठाकर ने कहा कि ‘जो लोग 2002 से 2025 के बीच भारत आए हैं, उन्हें दस्तावेज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकिअगर वे सीएए के तहत आवेदन करेंगे तो हम उनके नाम रखने की अपील कर सकते हैं लेकिन चुनाव आयोग स्वायत्त निकाय है और उनके नाम रखेजाएंगे या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है।’