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छठ महापर्व पर शराब की दुकानें खुली दिल्ली में, आप” के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने BJP सरकार को धर्म और पवित्रता के उल्लंघन का लगाया आरोप

आम आदमी पार्टी ने आस्था और पवित्रता के महापर्व छठ पर दिल्ली में शराब की दुकानें खुली होने को लेकर भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ाकिया है। “आप” के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में नकली एक्यूआई और नकली यमुना बनाने वाली भाजपा की नकलीसनातनी सरकार है। भाजपा सरकार ने छठ महापर्व पर सारे शराब के ठेके खोल दिए। जबकि अरविंद केजरीवाल की सरकार में सारी शराब की दुकानेंबंद रहती थीं। अब दिल्ली में नक़ली सनातन सरकार आते ही शराब के सारे ठेके खोल दिए गए। भाजपा सरकार के मुंह से अब आस्था और पवित्रताजैसे शब्द नक़ली लगते हैं। अब देखते हैं कि नक़ली सनातन सोशल मीडिया नायक क्या करते हैं? लेकिन यह पूरी तरह से पूर्वांचल आस्था व असलीसनातन का अपमान है और इसे हिंदुस्तान नहीं सहेगा। दरअसल, सोमवार को सौरभ भारद्वाज खुद शराब की कई दुकानों पर यह देखने के लिए पहुंचे थेकि छठ महापर्व पर ये दुकानें खुली हैं या बंद हैं। क्योंकि जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंदकेजरीवाल छठ मैया के प्रति श्रद्धा और पूर्वांचलियों के प्रति सम्मान जताते हुए छठ पूजा वाले दिन दिल्ली को ड्राई डे घोषित करते थे। दिल्ली में कहींभी शराब बेचने की अनुमति होती थी। सौरभ भारद्वाज सोमवार को जब इन दुकानों पर पहुंचे तो पाया कि भाजपा की सरकार ने सभी दुकानें खुलवारखी है। ज्यादा शर्मिंदगी महसूस होतीसौरभ भारद्वाज ने अपने इस विजिट का वीडियो एक्स पर साझा कर कहा कि पूर्वांचल के लोगों के लिए छठ महापर्व स्वच्छता और पवित्रता का प्रतीकहै। लेकिन सोमवार को छठ के दिन दिल्ली की सनातनी सरकार की दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (डीएसआईआईडीसी) और दिल्ली टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (डीटीटीडीसी) की शराब की दुकानें खुली हैं। ये दुकानें पूरी तरह चालू हैं, जबकि एक भीग्राहक नहीं है क्योंकि लोगों को पता है कि आम आदमी पार्टी की सरकार में पिछले कई सालों से छठ के दिन शराब की दुकानें बंद रहती थीं, क्योंकियह पवित्रता का पर्व है। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि छठ में प्रसाद जैसे ठेकुआ और चावल की खीर बनाने के लिए मिट्टी का नया चूल्हा बनाया जाताहै, गैस सिलेंडर और स्टील का चूल्हा भी नया लिया जाता है, ताकि कोई पकवान अपवित्रता न हो। पूर्वांचल के विधायकों के कहने पर आम आदमीपार्टी की सरकार में छठ के दिन शराब की दुकानें बंद होती थीं, लेकिन अब केंद्र और दिल्ली में भाजपा की सरकार और भाजपा के एलजी होने केबावजूद छठ के दिन शराब की दुकानें खुली हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की अत्यंत सनातनी सरकार ने धर्म की झूठी ठेकेदारी ले रखी है। इस सरकारके समय में छठ के दिन शराब की दुकानें खुली हैं, लेकिन लोग नहीं हैं, क्योंकि उनको सरकार से ज्यादा शर्मिंदगी महसूस होती है। शराब की दुकानें किसके लिए खोली गईंसौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि सनातन धर्म के नाम पर वोट मांगने वाली, लोगों को गालियां देने और लड़ाने वाली भाजपा सरकार ने छठ जैसेपवित्र दिन पर शराब की दुकानें क्यों खोली? क्या ये दुकानें खोलने की बात आम आदमी पार्टी या अरविंद केजरीवाल ने कही थी? उन्होंने कहा कियह गलत है और दिल्ली सरकार को इसका जवाब देना होगा।सौरभ भारद्वाज ने कहा कि शराब की दुकानों पर एक भी ग्राहक नहीं आ रहे, क्योंकि लोगों को पता है कि हर साल छठ पर शराब की दुकानें बंद रहतीहैं। शराब पीकर लोग छठ के आयोजनों में झगड़े और दंगे कर सकते हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों के लिए माहौल खराब होगा। ज्यादातर लोगशराब उन्हीं पार्कों में जाकर पिएंगे, जहां छठ मनाई जाती है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से पूछा कि शराब की दुकानें किसके लिए खोली गईं। येदिखने तुरंत बाद की जानी चाहिए। यह पूरी पूर्वांचल के लोगों और छठी मैया का अपमान बताया।

चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान, देशभर में चलेगा एसआईआर फेज-2 अभियान “ECI का बड़ा कदम”

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि एसआईआर का फेज-1 खत्म हो गया है, अब इसका दूसरा चरणशुरू होगा। बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण सफल तरीके से किया गया है। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने आगे कहा कि बिहार के लोगों ने एसआईआर परभरोसा जताया है। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दूसरे फेज में देश के 12 राज्यों में यह अभियान चलाया जाएगा। इसदौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि देश में 21 साल पहले आखिरी विशेष गहन पुनरीक्षण किया गया था। उन्होंने साफ किया कि एसआईआर मेंसभी योग्य मतदाताओं को जोड़ा जाएगा और अयोग्य मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर किया जाएगा। सीईसी ने आगे कहा कि चुनावों से पहलेएसआईआर किया जाना सबसे ज्यादा जरूरी है। उन्होंने बताया कि हर घर पर बीएलओ तीन बार जाएंगे और मतदाताओं की जानकारी जुटाएंगे। पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगीविशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची में सुधार करना और इसमें नए मतदाताओं का समावेश करना है। इसमें नामों की जांच, पुरानेमतदाताओं की पुष्टि, और आवश्यक संशोधन शामिल होंगे। आयोग ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। एसआईआर केतहत मतदाता सूची में त्रुटियों को दूर कर नए मतदाताओं को शामिल किया जाएगा, जिससे चुनावों में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके। बता देंकि देश के पांच राज्यों में साल 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसमें असम, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। 2026 में विधानसभा चुनाव होने वालेहालांकि, अभी तक पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में 10 से 15 राज्य शामिल होंगे। इनमें ऐसेराज्य होंगे, जहां 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इन राज्यों में तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुद्दुचेरी शामिल हैं। एसआईआरमें मतदाता सूची की संपूर्ण समीक्षा की जाएगी और आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। भारतीय निर्वाचन आयोग ने देशभर में एसआईआर अभियान कीतैयारियां की तैयारी में है। ईसी के शीर्ष अधिकारियों ने हाल ही में सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक की है। चुनाव आयोग नेदेशव्यापी एसआईआर को लेकर बड़ा एलान किया है। चुनाव आयोग के अनुसार, एसआईआर के दूसरे चरण में 12 राज्यों में अभियान चलायाजाएगा। इसमें मतदाता सूची में सुधार, नए मतदाताओं का समावेश और सूची में त्रुटियों का निवारण किया जाएगा।

क्वाड की बैठक अगले साल पहली तिमाही में संभव, ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने उम्मीद जताई है कि क्वाड देशों की अगली बैठक अगले साल की पहली तिमाही में हो सकती है। उन्होंनेचार देशों- भारत, अमेरिका, जापान के साथ ऑस्ट्रेलिया के गठजोड़ वाले इस समूह को एक अहम मंच करार दिया। गौरतलब है कि भारत में इसी सालक्वाड सम्मेलन होना था। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रवैये और जापान में जारी सियासी उठापटक के चलते अब इस बैठक की उम्मीदकम ही है।अल्बनीज ने रविवार आसियान सम्मेलन के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “क्वाड एक अहम फोरम है, जो ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, जापान और भारतको जोड़ता है। मुझे उम्मीद है कि इसकी बैठक अगले साल की पहली तिमाही में होगी।” उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बैठक कीमेजबानी करेंगे। क्वाड सम्मेलन में देरी को लेकर पर पूछे गए सवाल पर अल्बनीज ने कहा कि यह व्यस्त शिखर सम्मेलन सत्र है और अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रंप काफी व्यस्त कार्यक्रम में बंधें हैं। अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य करार दियाअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों एशिया के तीन देशों के दौरे पर हैं। वे मलयेशिया में आसियान सम्मेलन में शामिल होने के बाद जापान रवानाहुए और वहां से दक्षिण कोरिया जाएंगे, जहां वे एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) सम्मेलन के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलनेवाले हैं। इससे पहले अगस्त में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ट्रंप ने इस वर्ष भारत यात्रा की योजना रद्द कर दी है, क्योंकि उनके औरप्रधानमंत्री मोदी के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते तब से तनाव में हैं जब ट्रंप प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत तक आयात शुल्क और रूसी तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत कर लगा दिया। भारत ने इस कदम को अनुचित, अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्यकरार दिया था।

देशहित में एकजुट हुए डीएमके और कांग्रेस: स्टालिन बोले राहुल मुझे बड़ा भाई मानते

तमिनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने सोमवार को अपने एक बयान में कहा कि उनकी पार्टी डीएमके और कांग्रेस भले हीअलग-अलग रास्तों पर आगे बढ़ीं थी, लेकिन अब देशहित में दोनों पार्टियां एक ही टीम में हैं। स्टालिन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी जमकरसराहा और कहा कि राहुल गांधी उन्हें बड़ा भाई मानते हैं और राहुल गांधी द्वारा उनके लिए दिखाए गए प्यार को वे शब्दों में नहीं बयां कर सकते।सोमवार को स्टालिन तमिलनाडु के विरुधुनगर में कांग्रेस नेता के बेटे की शादी में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि ‘यह बताना जरूरी है किहालांकि डीएमके और कांग्रेस एक समय अलग-अलग रास्तों पर चले थे, लेकिन आज देश की भलाई के लिए, तमिलनाडु के विकास और भारत कीएकता के लिए, हम एक ही तरफ हैं। हम एक जैसी सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी द्वारा उनके प्रति दिखाए गए प्यारको शब्दों में बयान नहीं कर सकते। मेरे प्यारे भाई’ कहकर बुलातेस्टालिन ने कहा कि ‘मैंने दूसरे राजनीतिक नेताओं को भाई कहकर संबोधित नहीं किया है। लेकिन जब भी मैं राहुल गांधी से बात करता हूं तो ऐसाकरता हूं। इसकी वजह ये है कि वह मुझे भाई, बड़े भाई जैसा मानते हैं। जब भी वह मुझसे बात करते हैं, चाहे फोन पर हो या आमने-सामने, वह मुझे’मेरे प्यारे भाई’ कहकर बुलाते हैं। मैं उन सभी बातों को भूल नहीं सकता।’ देश के भविष्य को सुरक्षित करेगाडीएमके प्रमुख ने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक दोस्ती नहीं है बल्कि एक वैचारिक रिश्ता है जो पूरे देश में गूंज रहा है। उन्होंने कहा कि ‘हम सभीसे ऐसी ही भावना की उम्मीद करते हैं। यह दोस्ती (दोनों पार्टियों के बीच) देश की भलाई को महत्व देते हुए जारी रहे।’ स्टालिन ने कहा, ‘इन दोनोंराजनीतिक आंदोलनों के बीच समझ और वैचारिक रिश्ता इस देश के भविष्य को सुरक्षित करेगा। उन्होंने नवविवाहित जोड़े से बच्चों के ‘सुंदर तमिलनाम’ रखने का आग्रह किया। स्टालिन ने कहा कि ‘मैंने दूसरे राजनीतिक नेताओं को भाई कहकर संबोधित नहीं किया है। लेकिन जब भी मैं राहुल गांधीसे बात करता हूं तो ऐसा करता हूं। इसकी वजह ये है कि वह मुझे भाई, बड़े भाई जैसा मानते हैं।’

लखीमपुर खीरी का मुस्तफाबाद बनेगा कबीरधाम, CM योगी का बड़ा ऐलान “कबीरदास ने दिखाया समाज को एकता का मार्ग”

संत क्षमा देव और गुरमन देव के स्मृति जन्मोत्सव मेले में सोमवार को लखीमपुर खीरी के मुस्तफाबाद स्थित कबीरधाम पहुंचे मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ ने कहा कि जब वह यहां आए तो गांव का नाम मुस्तफाबाद होने के बारे में जानकारी ली। पता चला कि यहां मुस्लिम आबादी एक भीनहीं है। उन्होंने कहा कि इस गांव का नाम कबीरधाम होना चाहिए। इसके लिए प्रस्ताव मांगा गया है। जल्द ही मुस्तफाबाद का नाम बदलकरकबीरधाम किया जाएगा। बाउंड्री वॉल बनाने में जातामुख्यमंत्री ने कहा कि आज जो भाजपा की सरकार राष्ट्र हित के भाव से काम कर रही है, वैसे भाव 2014 से पहले नहीं थे। तब हिंदू आस्था पर प्रहारकरने व देश के खजाने को लूटने का काम होता था। योगी ने कहा कि भाजपा सरकार में अयोध्या और काशी के साथ ही धार्मिक आस्था वाले स्थलोंके लिए धन खर्च किया। पहले यह पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल बनाने में जाता था। समाज का विभाजन हुआमुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक आस्था पर चोट करने के लिए अयोध्या का नाम बदलकर फैजाबाद और प्रयागराज का नाम बदलकरइलाहाबाद किया गया था। हमारी सरकार आई तो अयोध्या और प्रयागराज को उसका पुराना गौरवशाली इतिहास वापस मिला। इसी तरह से अबमुस्तफाबाद भी कबीरधाम के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने कबीरधाम से जात-पात पर भी प्रहार किया। यहां से समाज को एकजुटता का संदेशदिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कबीरदास ने जातीयता पर प्रहार किया। जाति की विसंगितयों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा था कि जात-पात पूछेना कोई, हरि को भजे सो हरि का होइ। मुख्यमंत्री ने कहा कि जात-पात देश की गुलामी का कारण रहा था। जाति के नाम पर समाज का विभाजनहुआ था। इस विभाजन से उबारने के लिए उस समय गुरु रामानंद, कबीरदास, रविदास समेत अनेक संतों ने समाज को नई दिशा दी। उनकी वाणीआज भी उतनी ही प्रासांगिक है, जितना उस समय थी।

इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 में अमित शाह का ऐलान, भारत की समुद्री कनेक्टिविटी होगी दोगुनी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना देश के समुद्री व्यापार में कई गुना वृद्धि करेगी। करीब पांच अरब डॉलर(लगभग 42,000 करोड़ रुपये) की इस परियोजना से भारत की समुद्री कनेक्टिविटी और रणनीतिक क्षमताएं मजबूत होंगी। इंडिया मैरीटाइम वीक2025 के उद्घाटन समारोह में शाह ने कहा कि भारत के पास लोकतांत्रिक स्थिरता और मजबूत नौसैनिक क्षमता है। साथ ही, देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्रऔर ग्लोबल साउथ के बीच सेतु की भूमिका निभा रहा है। भारतीय समुद्री सप्ताह 2025 की शुरुआत हो गईदेश की समुद्री ताकत और ब्लू इकोनॉमी को मजबूत बनाने के लिए मुंबई में इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 का आयोजन किया जा रहा है। इसकार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमीत शाह ने 27 अक्तूबर को किया, जिसमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रपटेल, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सवंवादाताओं से बातचीत करते हुएभारत के केंद्रीय पत्तान, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल कहा कि आज से, समुद्री सप्ताह शुरू हो गया है। समुद्री क्षेत्र की भूमिका, भारतीय समुद्री सप्ताह 2025 की शुरुआत हो गई है। यह साल 2023 में हुए शिखर सम्मेलन की तुलना का दोगुना हो गया है। सम्मेलन के लिए एक मानक स्थापित कर दियाउन्होंने कहा उद्घाटन सत्र ने पूरे शिखर सम्मेलन के लिए एक मानक स्थापित कर दिया है। इस समारोह में 350 से अधिक वैश्विक वक्ता हिस्सा ले रहे हैंऔर 11 से अधिक विदेशी मंत्री इसमें भाग ले रहे हैं। हम भविष्य में भारत को एक महाशक्ति बनाएंगे के लिए प्रतिबद्ध हैं। वैश्विक खिलाड़ियों कासहयोग, भारत 2047 तक जहाज निर्माण में शीर्ष पांच राष्ट्र बन जाएगा। नीति और सुधार हमारे लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्प्रेरक हैं, और हमाराआत्मविश्वास दोगुना हो गया है। कार्गो हैंडलिंग सुविधा, और कारोबार में विश्वास, भारत अपने दृष्टिकोण को कार्यरूप में बदलने के लिए तैयार है।इस क्षेत्र पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन हमारी राह आसान करता है, सुशासन और पारदर्शिता ने हमारे बंदरगाहों की क्षमता बढ़ाई है। यहपारिस्थितिकी तंत्र के विकास, जहाज निर्माण और जहाज पुनर्चक्रण में मदद करेगा। अगले 22 वर्षों में, हम आत्मनिर्भर बनेंगे और दुनिया में एकअग्रणी विकसित देश बनेंगे। हमारे बंदरगाहों को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना हमारा लक्ष्य है, जो अप्रत्यक्ष रूप से समुद्री अर्थव्यवस्था के निर्माणमें योगदान देगा। इस क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी का दृष्टिकोण भारत की वैश्विक मजबूती का मार्ग प्रशस्त करेगा। गुणवत्तापूर्ण कार्यबल और युवाओं कीभागीदारी इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है और भारत को वैश्विक समुद्री क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री क्लस्टरआधारित सुविधाओं के विकास के लिए भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और उन्हें जरूरी अन्य सभी सुविधाएं भारत सरकार की ओर सेप्रदान की जाएंगी।

आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम, 7 इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स को सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिखाई हरी झंडी

भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंटमैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के तहत सात नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। मंत्री नेबताया कि सरकार को इस योजना के तहत कुल 249 प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से प्रारंभिक चरण में 7 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है। इन प्रोजेक्ट्स मेंप्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) यानी मदरबोर्ड बेस, कैमरा मॉड्यूल, कॉपर लैमिनेट और पॉलीप्रोपाइलीन फिल्म्स (जो कैपेसिटर और कंज्यूमरइलेक्ट्रॉनिक्स में उपयोग होती हैं) के निर्माण से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। अग्रणी भूमिका निभाई जाएइलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सचिव एस कृष्णन ने बताया कि इन सात प्रोजेक्ट्स में कुल ₹5,532 करोड़ का निवेश किया जाएगा। इससे लगभग5,195 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक ₹1.15 लाख करोड़ मूल्य के निवेश प्रस्ताव प्राप्त किएहैं, जो देश में बढ़ती इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षमताओं का संकेत है। सरकार की यह पहल ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियानों को औरबल देगी। इस योजना के तहत देश में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स का घरेलू उत्पादन बढ़ाने, आयात पर निर्भरता घटाने, और भारत को वैश्विकमैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत तेजी से इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन हब बनता जा रहाहै। मोबाइल फोन से लेकर सेमीकंडक्टर और अब कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग तक, भारत का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात के क्षेत्रमें भी अग्रणी भूमिका निभाई जाए। दुनिया का एक प्रमुख केंद्र बनेगाइलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के पहले चरण की आवेदन प्रक्रिया 30 सितंबर को समाप्त हो चुकी है, जबकि कैपिटलइक्विपमेंट्स के लिए आवेदन की विंडो अभी खुली हुई है। सरकार का कहना है कि इस स्कीम के दूसरे चरण में और कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स कोमंजूरी मिलने की संभावना है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में देश की भागीदारी और भी मजबूत होगी। बीते दस वर्षों में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्सउत्पादन करीब चार गुना बढ़ चुका है। यह 2014 के ₹2.4 लाख करोड़ से बढ़कर 2024 में ₹9.8 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। मोबाइल फोनमैन्युफैक्चरिंग अकेले ₹4.4 लाख करोड़ के स्तर तक पहुंच चुकी है, जिसमें ₹1.5 लाख करोड़ का निर्यात शामिल है। सरकार का कहना है कि आनेवाले वर्षों में भारत न सिर्फ मोबाइल, बल्कि चिप्स, कंपोनेंट्स और हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उत्पादन में भी दुनिया का एक प्रमुख केंद्रबनेगा।

विकसित भारत में पुलिस की भूमिका अहम, राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश आईपीएस अफसरों को “जानें क्या है मुख्य संदेश”

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि तकनीक ने पुलिसिंग के क्षेत्र में व्यापक बदलाव ला दिया है और ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ नागरिकों के लिएसबसे भयावह खतरों में से एक बन गई है। राष्ट्रपति भवन में उनसे मिलने आए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों के एकसमूह को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि लोगों, खासकर वंचित वर्ग को पुलिस को एक भयावह संस्था के रूप में नहीं, बल्कि एक सहारेके स्रोत के रूप में देखना चाहिए। भारत’ के निर्माण में एक प्रमुख भूमिका निभाएगाराष्ट्रपति ने इस दौरान कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और ‘हमें अपनी आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने और तेजकरने के लिए लगातार बढ़ते सार्वजनिक और निजी निवेश की आवश्यकता है।’ उन्होंने कहा, ‘किसी भी राज्य या क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिएकानून-व्यवस्था एक आवश्यक पूर्व शर्त है। निवेश और विकास को बढ़ावा देने में प्रभावी पुलिसिंग उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी कि आर्थिकप्रोत्साहन।’ राष्ट्रपति ने कहा कि आईपीएस परिवीक्षाधीन अधिकारियों जैसे युवा अधिकारियों के नेतृत्व में भविष्य के लिए तैयार पुलिस बल ‘विकसितभारत’ के निर्माण में एक प्रमुख भूमिका निभाएगा। आधारित एक नया दृष्टिकोण लाने के लिएउन्होंने कहा, ‘धोखेबाज कानून प्रवर्तन अधिकारियों का रूप धारण करते हैं, गिरफ्तारी और बैंक खातों को फ्रीज करने जैसी धमकियों का इस्तेमालकरके पीड़ितों को कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए जुर्माना या जमानत राशि के रूप में पैसे देने के लिए मजबूर करते हैं। ये धोखेबाज कानून प्रवर्तनअधिकारी बनकर वीडियो कॉल का इस्तेमाल करते हैं और पीड़ितों को निशाना बनाते हैं। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भारत में आर्टिफिशियलइंटेलिजेंस (एआई) का सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ता उपयोगकर्ता आधार है।’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन उन्होंने भारत जैसे उपनिवेशों में भय, अविश्वास और दूरी पर आधारित पुलिस व्यवस्थाएँ बनाईं। पुलिस व्यवस्था में सांस्कृतिक वि-उपनिवेशीकरण की प्रक्रिया आईपी या भारतीय पुलिसको आईपीएस या भारतीय पुलिस सेवा में बदलने के साथ शुरू हुई। यह बदलाव शासन करने के बजाय सेवा करने के विचार पर आधारित एक नयादृष्टिकोण लाने के लिए था।’

PM मोदी करेंगे सरदार पटेल की 150वीं जयंती का नेतृत्व, एकता नगर में भव्य समारोह की तैयारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस शुक्रवार गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर में भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती का नेतृत्वकरेंगे। यहां स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी इस समारोह का केंद्रबिंदु रहेगा। इस मौके पर राष्ट्रीय एकता दिवस को भव्य तरीके से मनाने की तैयारी है, जिसमेंदेश की एकता, अनुशासन और वीरता का अद्भुत प्रदर्शन होगा। हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस सरदार पटेल की जयंती के रूप मेंमनाया जाता है। इस वर्ष यह आयोजन विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह उनकी 150वीं जयंती है। इस अवसर पर एक सांस्कृतिक उत्सव और राष्ट्रीयएकता परेड आयोजित होगी, जिसमें सुरक्षा बल अपनी वीरता और समर्पण का प्रदर्शन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से रन फॉर यूनिटी मेंशामिल होने का आह्वान किया है ताकि देश में एकता और अखंडता के संदेश को और मजबूत किया जा सके। महिला अधिकारी के नेतृत्व में दिया जाएगाइस वर्ष की राष्ट्रीय एकता परेड में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी जैसे अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां हिस्सालेंगी। इसके अलावा असम, त्रिपुरा, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, केरल और आंध्र प्रदेश पुलिस की टीम भी परेडमें शामिल होगी। परेड में घुड़सवार दस्ते, ऊंट दल और देशी नस्ल के कुत्तों के प्रदर्शन को विशेष आकर्षण के रूप में शामिल किया गया है। इस बारगार्ड ऑफ ऑनर एक महिला अधिकारी के नेतृत्व में दिया जाएगा। वहीं, सीआईएसएफ और सीआरपीएफ की महिला कर्मी मार्शल आर्ट्स औरनिहत्थे युद्ध कौशल का प्रदर्शन करेंगी। इस परेड में बीएसएफ का ऊंट दस्ते का बैंड, गुजरात पुलिस का घोड़ा दल, असम पुलिस का मोटरसाइकिलस्टंट शो और देशी नस्ल के रैंपोर और मुदहोल हाउंड्स कुत्तों की क्षमताओं का प्रदर्शन भी किया जाएगा। असाधारण साहस दिखायापरेड का एक बड़ा आकर्षण होगा भारतीय वायु सेना की ‘सूर्य किरण’ टीम का शानदार एयर शो, जो आसमान में एकता के रंग बिखेरेगा। इसकेअलावा विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 10 झांकियां एकता में विविधता का संदेश देंगी। इन झांकियों में एनएसजी, एनडीआरएफ, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, अंडमान-निकोबार, मणिपुर, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और पुडुचेरी शामिल हैं। कार्यक्रम में सीआरपीएफ के पांच शौर्यचक्र विजेता और बीएसएफ के 16 बहादुरी पदक विजेता भी शामिल होंगे, जिन्होंने झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान, जम्मू-कश्मीर में आतंकवादविरोधी कार्रवाई और पश्चिमी सीमा पर ऑपरेशन सिंदूर में असाधारण साहस दिखाया था।

एक वक्त था जब बिहारी कहलाना अपमान था, अब गर्व की बात है बोले नीतीश कुमार “जानें क्या कुछ कहा”

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुनावी सभाओं को लेकर सक्रियता खूब नोटिस की जा रही। संबोधन से लेकर संवाद का अंदाज चर्चा में है। नीतीश कुमारका विपक्ष को लेकर हमला बोलना भी सुर्खियों में है। इसी कड़ी में उन्होंने अपने 20 साल के कार्यकाल में क्या-क्या बदलाव किए वो बताए। आइयेसिलसिलेवार जानते हैं। सबसे पहले नीतीश कुमार ने 2005 से पहले का दौर याद किया। जिसमें उन्होंने कहा कि आप सब को याद होगा, जब बिहारमें अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर था। हर तरफ अराजकता का माहौल था। लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया था। शाम 6 बजे के बाद लोगअपने घरों से बाहर नहीं निकल पाते थे। हमारी बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। राज्य में अपहरण का धंधा उद्योग का रूप धारण कर चुका था। शोरूमसे दिनदहाड़े गाड़ियां लूट ली जाती थीं।भाईचारे और शांति का माहौलअपराधियों के भय से कोई नई गाड़ी नहीं खरीदना चाहता था। पैसा रहते हुए भी कोई नया मकान नहीं बनाना चाहता था। राज्य में रंगदारों के आतंककी वजह से उद्योग धंधे बंद हो चुके थे। राज्य से डॉक्टर-इंजीनियर पलायन कर रहे थे। पूरी व्यवस्था चरमरा गई थी। बिहार में कानून-व्यवस्था नाम कीकोई चीज नहीं रह गई थी। अपराध को सत्ता से सीधे संरक्षण मिल रहा था और सत्ता में बैठे लोगों ने शासन-प्रशासन को पूरी तरह से पंगु बना कर रखदिया था। राज्य की जनता डर के साए में जीवन व्यतीत करने को मजबूर थी। बिहारी कहलाना अपमान की बात थी। सीएम नीतीश ने आगे बतायाकि जब वर्ष 2005 में जब हमलोगों की सरकार बनी, तो हमने सबसे पहले विधि-व्यवस्था के संधारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कानून का राजस्थापित किया। अपराध और भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी गई। अब राज्य में किसी प्रकार के डर एवं भय का वातावरण नहींहै। राज्य में प्रेम, भाईचारे और शांति का माहौल है। पुलिसकर्मियों की बहाली की जा रहीपहले पुलिस के पास न तो गाड़ियां होती थीं और न हथियार। अत्याधुनिक हथियारों के अभाव में पुलिस का मनोबल काफी नीचे था। वर्ष 2005 मेंबिहार में थानों की संख्या सिर्फ 817 थी, जिसे बढ़ाकर अब 1380 से भी ज्यादा कर दिया गया है। पुलिस थानों के लिए अत्याधुनिक भवन बनाएगए। साथ ही, पुलिस वाहनों की संख्या कई गुणा बढ़ाई गयी। पुलिस प्रशासन को अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया गया। सिपाही एवं पुलिसपदाधिकारियों की नियुक्ति को प्राथमिकता दी गई। स्पेशल ऑग्जिलरी पुलिस (सैप) का गठन किया गया। 24 नवंबर 2005 को राज्य में नई सरकारबनने के समय बिहार पुलिस में कार्यरत बल की संख्या काफी कम थी। उस समय मात्र 42 हजार 481 पुलिसकर्मी कार्यरत थे। हमारी सरकार ने वर्ष2006 में कानून व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए पुलिस बल की संख्या में बढ़ोत्तरी की। वर्तमान में राज्य में पुलिस बल की संख्या बढ़कर 1 लाख 25 हजार से भी ज्यादा हो गई है। सरकार ने तय किया है कि पुलिस बल की संख्या को और बढ़ाना है। इसके लिए कुल 2 लाख 29 हजार सेभी अधिक पदों का सृजन कर तेजी से पुलिसकर्मियों की बहाली की जा रही है। अनुसंधान को अलग-अलग किया गयावर्ष 2013 से ही पुलिस में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया गया। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये तथा महिलाओं केसशक्तीकरण के लिये बिहार पुलिस में महिला सिपाहियों की बड़ी संख्या में नियुक्ति की गयी। साथ ही ‘आदिवासी महिला स्वाभिमान बटालियन’ कागठन किया गया। बिहार पुलिस में महिलाओं की भागीदारी आज देश में सबसे ज्यादा है। वर्ष 2008 में राज्य सिपाही भर्ती बोर्ड का गठन किया गयाएवं वर्ष 2017 में बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग का गठन किया गया ताकि पुलिस बल की नियुक्ति शीघ्र हो सके। अपराध के वैज्ञानिक अनुसंधानके लिये विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना की गयी। आपराधिक मामलों के तेजी से निष्पादन के लिये थानों में विधि व्यवस्था और अनुसंधानको अलग-अलग किया गया।