ब्रिटेन के वरिष्ठ वकीलों ने उठाए सवाल, बांग्लादेश में ट्यूलिप सिद्दीक के खिलाफ ट्रायल ‘मनगढ़ंत’?

ब्रिटेन के कई प्रसिद्ध वकीलों और पूर्व मंत्रियों ने बांग्लादेश में लेबर सांसद ट्यूलिप सिद्दीक के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार मामले की न्यायिक प्रक्रियापर गंभीर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ढाका में चल रहा यह ट्रायल न केवल अनुचित है बल्कि इसे एक “मनगढ़ंत प्रक्रिया” बनाकर पेशकिया जा रहा है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को हाल ही में अनुपस्थिति में मौत की सजासुनाई गई है। लंदन स्थित बांग्लादेशी हाई कमिश्नर अबीदा इस्लाम को लिखे एक पत्र में ब्रिटेन की जानी-मानी कानूनी हस्तियों, जिनमें चेरी ब्लेयर, पूर्व मंत्री रॉबर्ट बक्लैंड और डॉमिनिक ग्रीव शामिल हैं। इन सब ने कहा कि सिद्दीक को ढाका ट्रायल में बुनियादी अधिकार भी नहीं दिए गए हैं।वकीलों ने बताया कि ट्यूलिप सिद्दीक के खिलाफ अगस्त में ढाका में ट्रायल शुरू हुआ था और भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (एसीसी) का फैसला इसीसप्ताह आने की उम्मीद है।पूरा मामला उनके परिवार को निशाना बनाने की कोशिश का हिस्सापत्र में कहा गया कि यह ट्रायल कृत्रिम, मनगढ़ंत और पूरी तरह अनुचित तरीके से आगे बढ़ाया गया है। वकीलों के अनुसार, ट्यूलिप सिद्दीक कोआरोपों की प्रति नहीं दी गई, न ही सबूतों की जानकारी उपलब्ध कराई गई। जिस वकील को उन्होंने बांग्लादेश में नियुक्त किया था, उसे कथित रूपसे नजरबंद किया गया और बताया कि उसकी बेटी को धमकी दी जा रही है। पत्र में कहा गया कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में न्यायिक प्रक्रिया इसरूप में नहीं चल सकती और यह सीधा हस्तक्षेप दर्शाता है। विशेषज्ञों ने यह भी दावा किया कि बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के गठन के बाद न्यायिकप्रणाली में दखल और डराने-धमकाने की घटनाओं का पैटर्न देखने को मिला है। एसीसी ने आरोप लगाया है कि सिद्दीक ने 7,200 वर्ग फीट का प्लॉटबांग्लादेश के डिप्लोमैटिक जोन में पद और प्रभाव का दुरुपयोग करके हासिल किया था। लेकिन 43 वर्षीय सिद्दीक लगातार इन आरोपों कोराजनीतिक प्रेरित बताती रही हैं। उनका कहना है कि यह पूरा मामला उनके परिवार को निशाना बनाने की कोशिश का हिस्सा है। हाई कमिशन की प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आईसाल की शुरुआत में, इन विवादों के बाद उन्होंने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने पत्र में कहा थाकि प्रधानमंत्री के स्वतंत्र सलाहकार ने उन्हें किसी भी नैतिक उल्लंघन में दोषी नहीं पाया। सिद्दीक ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्रिटेन केवकीलों और सांसदों का आभार जताया और कहा कि बांग्लादेश की न्याय प्रणाली अब मुझे दोषी ठहराने के लिए तैयार दिखती है। उन्होंने इस ट्रायलको एकतरफा और राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। यह विवाद ऐसे समय में खड़ा हुआ है जब शेख हसीना को अंतरराष्ट्रीय अपराधन्यायाधिकरण ने 17 नवंबर को मानवता के खिलाफ अपराध के आरोप में मौत की सजा सुनाई है। यह फैसला छात्र आंदोलन पर किए गए दमन केमामले में आया है, जिसमें सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार ऐसे फैसले आने से बांग्लादेश के न्यायिकमाहौल और राजनीतिक स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाई कमिशन की प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।
संविधान दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश, ‘संविधान हमारी पहचान, हमारी शक्ति’

पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में बुधवार को संविधान दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मूने कहा कि आज के दिन 26 नवंबर 1949 में संविधान सभा के सदस्यों ने भारत संविधान के निर्माण का कार्य संपन्न किया था। आज के दिन हमभारत के लोगों ने अपने संविधान को अपनाया था। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ‘स्वाधीनता के बाद संविधान सभा ने भारत की अंतरिम संसद के रूप में भीकर्तव्य का निर्वाहन किया। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर हमारे संविधान के प्रमुख निर्माता में से थे। बाबा साहब के 125 वीं जयंती के वर्ष मेंयानी 26 नवंबर 2015 में प्रतिवर्ष संविधान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया था।’ राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान राष्ट्र कीपहचान की आधारशिला है और गुलामी की मानसिकता को त्यागने तथा राष्ट्रवादी सोच अपनाने का मार्गदर्शक दस्तावेज भी है। भारत को आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनायाइस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने तीन तलाक, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), अनुच्छेद 370 समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि तीनतलाक से जुड़ी सामाजिक बुराई पर अंकुश लगाकर संसद ने हमारी बहनों और बेटियों के सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिककदम उठाए। उन्होंने कहा कि जीसएटी के रूप में आजादी के बाद सबसे बड़ा कर सुधार देश के आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए लागू कियागया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के खत्म होने से एक ऐसी बाधा हटी, जो देश के समग्र राजनीतिक एकीकरण में बाधा बन रही थी। राष्ट्रपति नेकहा, ‘नारी शक्ति बंधन अधिनियम महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के एक नए युग की शुरुआत करेगा। इस वर्ष 7 नवंबर से हमारे राष्ट्रगान, वंदेमातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव आयोजित किया जा रहा है।’ कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति सीपीराधाकृष्णन ने कहा, ‘महान विद्वानों, ड्राफ्टिंग कमिटी और संविधान सभा के सदस्यों ने करोड़ों भारतीयों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने केलिए गहरी सोच दी। उनके बिना किसी स्वार्थ के योगदान ने भारत को आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनाया है। हमारा संविधान समझ औरअनुभव, त्याग, उम्मीदों और आकांक्षाओं से बना है। हमारे संविधान की आत्मा ने साबित कर दिया है कि भारत एक है और हमेशा एक रहेगा।’सिद्धांतों का पालन करना हमारा कर्तव्यराज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कहा, ‘अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद, 2024 में जम्मू-कश्मीर में हुए चुनावों में, बड़ी संख्या मेंमतदाताओं ने मतदान किया, जिससे दुनिया को लोकतंत्र में हमारी आस्था का एहसास हुआ। हाल ही में हुए बिहार चुनावों में, विशेष रूप से महिलाओंकी बड़ी संख्या में भागीदारी ने, हमारी मां भारती के लोकतंत्र के मुकुट में एक और अनमोल हीरा जड़ दिया है। संविधान सभा की महिला सदस्यों कीओर से दिया गया योगदान अतुलनीय था।’ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि अगर संविधान का अक्षरशः पालन किया जाए तो भारत 2047 तक एक विकसित देश बन जाएगा। बिरला ने कहा कि 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाना हमारा सामूहिक लक्ष्य है और यह लक्ष्य तभीप्राप्त होगा जब हम संविधान के मूल्यों और आदर्शों को आत्मसात करेंगे। बिरला ने कहा कि अगर हम संविधान का अक्षरशः पालन करेंगे तो हम भावीपीढ़ियों के लिए एक ऐसे भारत का निर्माण करेंगे जो विकास, न्याय, एकता, मैत्री और मानवता का उदाहरण होगा। उन्होंने कहा कि संविधान एकजीवंत दस्तावेज है, जो प्रत्येक नागरिक की आवश्यकताओं का ध्यान रखता है और इसमें निहित सिद्धांतों का पालन करना हमारा कर्तव्य है।
DK Shivakumar CJI सूर्यकांत का संदेश, ‘संविधान की पवित्रता की रक्षा में बार की भूमिका सबसे अहम’

देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने एक बयान में कहा है कि देश में संविधान की पवित्रता और कानून का शासन बनाए रखने के लिए बार कीभूमिका बेहद जरूरी है। सीजेआई ने ये भी कहा कि देश में कमजोर और हाशिए पर पड़े लोगों के लिए कानूनी सहायता देने में भी बार की अहम भूमिकाहै। संविधान दिवस के मौके पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहाकि ‘जब हम इस अहम पल का जश्न मना रहे हैं, जब भारत ने अपने आप को अपना बुनियादी अनुबंध दिया था, मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं किदेश में कानून का शासन और संविधान की पवित्रता बनाए रखने में बार की भूमिका बेहद जरूरी है।’सीजेआई ने कहा कि ‘मुझे यह कहने में कोई झिझक नहीं है कि अगर अदालतों को संविधान का पहरेदार माना जाता है, तो बार के सदस्य हमारे रास्तेको रोशन करने वाले पथप्रदर्शक हैं। वे हमें अपने गंभीर कर्तव्यों को पूरा करने और हमारे कर्तव्यों को पक्के यकीन के साथ निभाने में मदद करते हैं।उन्होंने कहा कि ‘वह अक्सर न्याय व्यवस्था के अदृश्य पीड़ितों के बारे में बात करते हैं और मेरा मानना है कि सिर्फ बार ही उन्हें इस पीड़ा से बचा सकताहै।’ उन्होंने कहा, ‘सांविधानिक मामलों में हमारी मदद करने के अलावा यह भी उतना जरूरी है कि बार हमारे संविधान की मूल भावना को सामने लानेके लिए भी सही कदम उठाए। इसमें उन लोगों को कानूनी मदद देना शामिल है जो कमजोर हैं या समाज के हाशिये पर जी रहे हैं। साथ ही राज्य केनीति निर्देशक सिद्धांतों में दिए गए नजरिए के साथ खुद को जोड़ना भी बार की जिम्मेदारी है।’ हमारे रास्ते को रोशन करने वाले पथप्रदर्शकइस मौके पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुसार, ‘यह संविधान की खूबसूरती है कि इसके तीनों हिस्से, न्यायपालिका, कार्यपालिका औरविधायिका, एक-दूसरे से आजाद हैं और साथ ही अंदरूनी चेक एंड बैलेंस भी है। अगर कार्यपालिका कुछ ऐसा करता है जो संविधान के खिलाफ है, तो न्यायपालिका की सर्वोच्चता है। लेकिन आखिरकार कोई भी अंग सर्वोच्च नहीं होता और सिर्फ संविधान ही सर्वोच्च है।’ 26 नवंबर को साल 2015 से संविधान दिवस के तौर पर मनाया जाता है, यह दिन 1949 में संविधान सभा द्वारा भारत के संविधान को अपनाने की याद में मनाया जाता है। पहलेइस दिन को कानून दिवस के तौर पर मनाया जाता था। सीजेआई ने कहा कि ‘मुझे यह कहने में कोई झिझक नहीं है कि अगर अदालतों को संविधानका पहरेदार माना जाता है, तो बार के सदस्य हमारे रास्ते को रोशन करने वाले पथप्रदर्शक हैं।’
कर्नाटक में नेतृत्व बदलाव की अटकलों पर प्रियांक खरगे का बयान ‘सब ठीक है, आलाकमान का फैसला अंतिम’

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ राज्य के दिग्गज नेताओं की बैठकों ने सियासी पारा गरमा दिया है। इसमुद्दे पर कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे की प्रतिक्रिया सामने आई है। क्या कर्नाटक में सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बने रहेंगे के सवाल प्रियांक खरगे नेकहा कि सब कुछ ठीक है और आलाकमान जो भी फैसला लेता है, उसका पालन सभी कर रहे हैं, चाहे वह अभी के लिए हो या भविष्य में। कर्नाटक केमंत्री शिवानंद पाटिल की कथित टिप्पणी पर कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा, ‘जब भी राज्य में चुनाव होते हैं, मल्लिकार्जुन खरगे मुख्यमंत्री पदके दावेदार होते हैं। जब भी संसदीय चुनाव होते हैं, वह प्रधानमंत्री पद के दावेदार होते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, संख्या मायने रखती है औरमल्लिकार्जुन खरगे को जो भी कहना है, वह कहेंगे।’ प्रियांक खरगे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘जब हम सब एक ही सुर में बोल रहे हैं, तोउनकी दुविधा कहां है? भाजपा को कोई मुद्दा ही नहीं मिल रहा है। जब भी वे कोई मुद्दा उठाते हैं, वे औंधे मुंह गिर पड़ते हैं। समस्या उनमें है, हममेंनहीं।’ असाधारण काम को नहीं दिखाना चाहिएनेतृत्व परिवर्तन पर विपक्षी भाजपा नेता आर अशोक के बयान पर प्रियांक ने कहा, ‘अशोक अब बेरोजगार हैं। ढाई साल हो गए हैं जब से वे क्रांति-क्रांति चिल्ला रहे हैं। क्रांति उनकी पार्टी में हुई है। उन्होंने यतनाल को निकाल दिया। क्रांति उनकी पार्टी में हो रही है। वे विपक्ष के नेता और भाजपाअध्यक्ष बने रहने की भीख मांग रहे हैं। अपनी पार्टी की कमजोरियों को छिपाने के लिए वे ऐसा दिखावा कर रहे हैं जैसे कांग्रेस में कोई बड़ी क्रांति होरही है।’ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात पर उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी बेंगलुरु टेक समिट के लिए आने वाले थे। उन्हेंआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर्सनल कंप्यूटर लॉन्च करना था। मैंने उनसे समय मांगा था। इसलिए हम वहां गए और उन्हें एआई पीसी दिखाया। क्यामुझे अपने हाईकमान को विभाग की ओर से किए जा रहे असाधारण काम को नहीं दिखाना चाहिए?’ सब एक ही सुर में बोल रहेप्रियांक खरगे ने उन खबरों को खारिज कर दिया कि उन्होंने हाल ही में एक बैठक के दौरान राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर शीर्ष कांग्रेस नेता राहुलगांधी के साथ चर्चा की है। साथ ही मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार को राहुल गांधी का संदेश बता दिया है। प्रियांक खरगे नेनेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘जब हम सब एक ही सुर में बोल रहे हैं, तो उनकी दुविधा कहां है? भाजपा को कोईमुद्दा ही नहीं मिल रहा है। जब भी वे कोई मुद्दा उठाते हैं, वे औंधे मुंह गिर पड़ते हैं।’
तपोवन सत्र में बड़ा टकराव, जयराम ठाकुर ने उठाया पंचायत चुनावों का मुद्दा, CM सुखविंदर सुक्खू का कड़ा जवाब

तपोवन में हिमाचल की 14वीं विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया है। 5 दिसंबर तक चलने वाले सत्र के दौरान कई मुद्दों पर तपोवनतपेगा। इस सत्र में कुल आठ बैठकें होंगी। पहले दिन सदन में प्रश्नकाल में गतिरोध पैदा कर विपक्ष ने पंचायतों के चुनाव में देरी करने पर सारा कामरोककर स्थगन प्रस्ताव लाया। इस पर हंगामा होने की आशंका थी पर सरकार ने चर्चा के लिए हामी भर दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान की सबसेबड़ी रक्षक कांग्रेस पार्टी है, महिलाओं के लिए पंचायती राज संस्थाओं में कांग्रेस ने आरक्षण का प्रावधान किया। सरकार कानून के अनुसार सरकारकार्य कर रही है। सीएम ने कहा कि कानून की परिधि में रहकर पंचायत चुनाव करवाएंगे। पूर्व भाजपा सरकार ने अपने शासनकाल में शिमला नगरनिगम के चुनाव नाै महीने देरी से करवाए। कहा कि भाजपा पांच गुटों में बंटी है, इसलिए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर तनाव में रहते हैं। इसकी आड़ में चुनाव टाले जा रहेमुख्यमंत्री ने कहा कि यूं तो यह मामला अर्धन्यायिक रहा है। लेकिन इसके बावजूद विपक्ष ने आज संविधान दिवस होने की बात की है तो सरकार नेइसे मंजूर किया है। उन्होंने कहा कि कानून का यदि सही मायने में कोई संरक्षक है तो वह कांग्रेस पार्टी ही है। जो भी इस संबंध में कार्य हो रहा है तोवह कानून की परिधि में ही हो रहा है। कानून की परिभाषा को स्पष्ट करने का अधिकार न्यायालय के पास है और मामला कोर्ट में है। इससे पूर्व भाजपाविधायक रणधीर शर्मा ने नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव लाते हुए कहा कि सरकार सांविधानिक संस्थाओं का सम्मान करे। पंचायत चुनाव समय परहोने चाहिए। आज विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन में संविधान की प्रस्तावना भी सभी से पढ़वाई। चर्चा में भाग लेते हुए नेताप्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि 1975 में आपातकाल लगाकर भी इसी तरह से चुनाव टाले गए थे। जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा प्रबंधन एक्टलगाकर इसकी आड़ में चुनाव टाले जा रहे हैं। कोविड जैसा संकट होने के बावजूद भाजपा सरकार ने चुनाव करवाए। यह बहुत बड़ा संकट था। उससेबड़ा संकट आज की तिथि में नहीं है। हमेशा पंचायती राज संस्थाओं को सुदृढ़ कियास्थगन प्रस्ताव पर भोजनावकाश के बाद चर्चा शुरू हुई। कांग्रेस विधायक संजय अवस्थी ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि लगभग तीन वर्ष का प्रदेशसरकार का कार्यकाल होने जा रहा है। जब-जब भी विधानसभा का सत्र शुरू होता है तो विपक्ष के लोग महत्वपूर्ण मुद्दों से हट जाते हैं। विधायकों ने जोप्रश्न लगाए थे, उन पर चर्चा होनी थी, जो नहीं हो पाई। किसी भी सरकार का कार्यक्षेत्र होता है कि किस प्रकार देश, काल और परिस्थितियों कोदेखते हुए फैसले लेने हैं। किसी भी तरह के नजरिए के पैमाने अलग नहीं होने चाहिए। आज आपदा अधिनियम लागू है। इसे लागू होने को तो विपक्षके लोग भी समझते हैं। इस तरह का प्रस्ताव समझ नहीं आता, पर इसके पीछे कोई राजनीति है। अधिकतम आपदा मंडी, कुल्लू, किन्नौर, लाहौल-स्पीति में आई है। कोई भी जिला इससे अछूता नहीं है। किस सांविधानिक संकट की यह बात कर रहे हैं, जब विधायकों की खरीद फरोख्त हुई तोसांविधानिक संकट तो इन्होंने लाया है। पंडित नेहरू के समय पंचायती राज चुनाव शुरू हो गए थे। नरसिम्हा राव की सरकार में 73वां सांविधानिकसंशोधन लाया गया। कांग्रेस ने हमेशा पंचायती राज संस्थाओं को सुदृढ़ किया है।
UP चुनाव 2027: योगी सरकार पर बढ़ता दबाव, अखिलेश-सतीश मिश्रा-मायावती मैदान में पूरी तैयारी के साथ

करीब 14 महीने बाद उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। बिहार के बाद यूपी भाजपा के लिए बड़ा मुकाम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथकी टीम तीसरी बार कड़ी चुनौती को ढंग से समझ रही है। 1-1 सीट पर समीकरण बिठाने का काम चल रहा है। हालांकि, इस तरह की तैयारी में न तोसमाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव पीछे हैं और न मायावती। अखिलेश के करीबी संजय लाठर कहते हैं कि अब कोई मौका चूकने का समय नहींहै। समाजवादी पार्टी के सचिव सुशील दुबे काफी सक्रिय हैं। ‘एसआईआर’ मुद्दे पर सतर्कता के साथ विधानसभावार संगठन को मजबूत बनाने काकाम चल रहा है। प्रो. अभिषेक मिश्रा भी सपा प्रमुख के करीबियों में गिने जाते हैं। लखनऊ की सरोजनी नगर विधानसभा सीट के साथ-साथ प्रदेश मेंब्राह्मण समाज में अलख जगाने में व्यस्त हैं। अभिषेक मिश्रा का कहना है कि यूपी में भाजपा अपना आखिरी कार्यकाल पूरा करेगी। सुशील दुबे को भीयही उम्मीदें हैं। संजय लाठर कहते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ जनता में नाराजगी काफी बढ़ चुकी है। एसआईआर को लेकरसमाजवादी पार्टी काफी सक्रिय है। बूथ प्रहरी इसको लेकर संवेदनशील है और जमीनी स्तर पर चेक-बैलेंस में लगे हैं।एसआईआर से लेकर किसी भी मुद्दे पर कोई कोशिश कामयाब नहीं होने देगीदूसरी तरफ बसपा में जो भी हैं बहन जी और पार्टी प्रमुख मायावती हैं। मेवालाल गौतम पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं, लेकिन उनका काम मायावती केसंदेश को मीडिया और बहुजन समाज पार्टी की भाई चारा बनाओं समिति समेत तमाम ईकाइयों तक पहुंचाना है। बसपा प्रमुख मायावती अपने खाससतीश चंद्र मिश्रा के साथ 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर संगठन में जान डालने की मंत्रणा कर रही है। सूत्र बताते हैंकि बसपा जमीन पर बड़ी तैयारी कर रही है। आकाश आनंद एक बार फिर यूपी से बड़ी तैयारी के साथ उतरेंगे। बसपा के काडर में मायावती के बादसबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला चेहरा आकाश आनंद ही हैं। संजय लाठर का कहना है कि हमारे पास बूथ स्तर पर हर जगह प्रहरी हैं। हम विरोधनहीं करेंगे। अपना 90-95 प्रतिशत पर पीडीए प्रहरी काम कर रहे हैं। हर स्तर पर, हर मोर्चे पर लड़ेंगे। हमारे पास साल भर का समय है। समाजवादीपार्टी एसआईआर से लेकर किसी भी मुद्दे पर कोई कोशिश कामयाब नहीं होने देगी। प्रयागराज से संघ के प्रचारक रहेबसपा ने भी एसआईआर के मुद्दे पर कमर कस ली है। सभी क्षेत्रों में बीएलए की सूची सौंपने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। बूथ स्तर पर मतदाता सूचीके निरीक्षण को लेकर कांग्रेस भी गंभीर है। जहां कांग्रेस का संगठन मजबूत स्थिति में है, वहां तेजी से प्रयास चल रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव कानतीजा आने के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कमर कस ली है। अखिलेश यादव तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, पश्चिमबंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लगातार संपर्क में हैं। मई 2026 में तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। अखिलेश यादव तमिलनाडु मेंएमके स्टालिन की पार्टी डीएमके के समर्थन में प्रचार के लिए जा सकते हैं। इसी तरह से वह तृममूल कांग्रेस के साथ भी राजनीतिक रिश्तों को मजबूतीदेने में लगे हैं। यूपी में भाजपा को अपना नया अध्यक्ष बनाना है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के उत्तराधिकारी की तरह यह नाम भी अभी तय होना है।पार्टी के पास इस बार एक बड़ी चुनौती अखिलेश यादव के पीडीए के मुद्दे को साधने की है। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और समाजवादीपार्टी के गठबंधन ने उम्मीद से अधिक सफलता पाई थी। प्रयागराज से संघ के प्रचारक रहे भाजपा नेता का कहना है कि 2024 का लोकसभा चुनावजहन में है और 2027 में विपक्षी दलों की चाल सफल नहीं हो पाएगी।
ममता बनर्जी का SIR पर निशाना, कहा ‘एनआरसी के पीछे असली मंशा छुपी, भाजपा ने जवाब में बोला राज्य की जनता ने ठान लिया’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पीछे असली मंशाएनआरसी है। संविधान दिवस के अवसर पर रेड रोड स्थित बी.आर. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बनर्जीने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी लोगों की नागरिकता पर सवाल उठाया जा रहा है। एक दिन पहले एक्स पर एक पोस्ट में सीएम ममता नेकहा कि जब लोकतंत्र दांव पर हो, धर्मनिरपेक्षता खतरे में हो और संघवाद को ध्वस्त किया जा रहा हो, तो लोगों को संविधान से मिले मूल्यवानमार्गदर्शन की रक्षा करनी चाहिए। सीएम बनर्जी ने कहा कि संविधान राष्ट्र की रीढ़ है, जो भारत की संस्कृतियों, भाषाओं और समुदायों की विविधता कोकुशलतापूर्वक एक साथ पिरोता है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘इस संविधान दिवस पर मैं हमारे महान संविधान और भारत में हमें जोड़ने वालेमहान दस्तावेज के प्रति गहरा सम्मान और श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।’ राज्य की जनता ने ठान लियासंसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले राज्यसभा सचिवालय ने सदस्यों को संसदीय शिष्टाचार और अनुशासन को लेकर नया बुलेटिन जारीकिया है। इस बुलेटिन में सदन की गंभीरता बनाए रखने के लिए नारेबाजी समेत जय हिंद, वंदे मातरम, थैंक यू जैसे शब्दों पर भी प्रतिबंध लगाया गयाहै। इसे लेकर सवाल पूछे जाने पर मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा, ‘अब आप सोचिए, देश में क्या चल रहा है। क्यों नहीं बोलेंगे। जय हिंद और वंदे मातरमराष्ट्रीय गीत हैं। ये हमारी आजादी के नारे हैं। जय हिंद हमारे नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नारा है। इससे जो टकराएगा, चूर-चूर हो जाएगा।’ वहीं, ममता बनर्जी के बयान पर भाजपा सांसद और पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि वो जितने आरोप लगाना चाहें, लगा लें।उन्होंने कहा कि क्या वो देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाना चाहती हैं? भाजपा नेता ने कहा कि क्या वो एक और शाहीन बाग बनाना चाहती हैं? उन्होंनेकहा कि राज्य की जनता ने ठान लिया है कि वो पश्चिम बंगाल को पश्चिमी बांग्लादेश नहीं बनने देंगे। उन्होंने कहा कि अब ममता बनर्जी को कोई सुनताही नहीं है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का संविधान दिवस संदेश, जम्मू-कश्मीर में भेदभाव और आतंकवाद को खत्म कर नागरिकों के जीवन में सुधार लाना हमारी प्राथमिकता

जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि उनके जम्मू-कश्मीर में मिशन का उद्देश्य नागरिकों के जीवन में सुधार लाना, भेदभाव औरअन्याय को समाप्त करना तथा आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करना रहा है। संविधान दिवस समारोह में बोलते हुए सिन्हा ने कहा कि लंबे समय तकअलगाववादियों को पुरस्कृत करने और देशभक्तों को प्रताड़ित करने की जो नीति चली आ रही थी, उसे पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। समारोह मेंउन्होंने संविधान की प्रस्तावना का पाठ कराया और संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि दी। एलजी ने कहा कि 2019 में अनुच्छेद 370 को रद्द करनेऔर जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद जम्मू-कश्मीर में संविधान की सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह लागू कर दी गईं, जिससेभेदभाव और अन्याय का शासन समाप्त हुआ। वरिष्ठ नागरिक और पुलिस अधिकारी उपस्थित रहेअब जम्मू-कश्मीर संविधान में निहित समानता, सामाजिक और आर्थिक न्याय के आदर्शों के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रहा है। मैं यह साफ करना चाहता हूंकि पिछले पांच वर्षों में जो भी उपलब्धियां मिली हैं, उनमें मुख्य उपलब्धि यह है कि अलगाववादियों को पुरस्कृत करने और देशभक्तों को प्रताड़ितकरने की नीति पूरी तरह खत्म कर दी गई है। उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान की सभी व्यवस्थाओं को लागू कर जम्मू-कश्मीरके नागरिकों के सम्मान, गौरव और गरिमा को सुनिश्चित किया है। संविधान दिवस समारोह संस्कृति विभाग और कानून, न्याय एवं संसदीय कार्य विभागके संयुक्त आयोजन में आयोजित किया गया। समारोह में जम्मू-कश्मीर विधान सभा के स्पीकर अब्दुल रहीम रदर, वरिष्ठ नागरिक और पुलिसअधिकारी उपस्थित रहे। सुधार लाना तथा आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करना रहासिन्हा ने अधिकारियों और नीति निर्धारकों से संविधान के मूल्यों की रक्षा और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह किया और कहा किसंविधान हमें एकता, समानता और आत्म-सम्मान का मार्ग दिखाता है। राष्ट्रीय एकता और अखंडता बनाए रखना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है और हमेंभारत को शक्तिशाली और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी संसाधनों का उपयोग करना चाहिए। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने संविधान दिवस पर कहाकि जम्मू-कश्मीर में उनका मिशन भेदभाव और अन्याय को समाप्त कर नागरिकों के जीवन में सुधार लाना तथा आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करनारहा है।
पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच अगले महीने से शुरू होंगी ढाका-कराची सीधी उड़ानें, कनेक्टिविटी और व्यापार में मिलेगी नई रफ्तार

ढाका के एक शीर्ष राजनयिक ने बुधवार को बताया कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच सीधी उड़ान सेवा अगले महीने से शुरू होगी। जो दोनोंदेशों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में ये एक बड़ी छलांग होगी। पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच कोई सीधीफ्लाइट नहीं थी। इस साल दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहतर होने पर, हाल ही में दो पाकिस्तानी निजी एयरलाइंस को बांग्लादेश के लिए सीधी फ्लाइटके लिए मंजूरी मिली है। इस्लामाबाद में बांग्लादेश के उच्चायुक्त इकबाल हुसैन खान ने लाहौर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (LCCI) में कहा, ‘महान एयर अगले महीने से ढाका और कराची के बीच हफ्ते में तीन फ्लाइट्स शुरू करेगी।’ हालांकि, उन्होंने कोई तारीख नहीं बताई और न ही विस्तृतजानकारी दी। उच्चायुक्त ने आगे कहा ‘वीजा प्रक्रिया को भी आसान बना दिया गया है। वीजा अब LCCI और लाहौर में बांग्लादेश ऑनरेरी कॉन्सुलेटकी संयुक्त सिफारिश पर जारी किए जा रहे हैं। सदस्यों को तीन से चार दिनों के अंदर वीजा जारी कर दिए जाएंगे, जिससे दोनों देशों के बीच यात्रा तेजऔर आसान हो जाएगा।’ बांग्लादेशी उच्चायुक्त ने कहा कि ढाका और कराची के बीच हफ्ते में तीन फ्लाइट्स संचालित होंगी। तेहरान में मौजूद एकनिजी ईरानी एयरलाइन महान एयर इन फ्लाइट्स का संचालन करेगी। तीन अरब डॉलर तक बढ़ सकताबांग्लादेशी उच्चायुक्त ने कहा कि ढाका और कराची के बीच हफ्ते में तीन फ्लाइट्स संचालित होंगी। बता दें कि महान एयरलाइंस, जो महान एयर केनाम से चलती है, तेहरान में मौजूद एक निजी ईरानी एयरलाइन है। 5 अगस्त, 2024 को बांग्लादेश में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्रीशेख हसीना को पद से अपदस्थ कर दिया गया था और मोहम्मद यूनुस ने वहां की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार का पद संभाला, तब से ढाकाऔर इस्लामाबाद के बीच रिश्ते बेहतर हुए हैं। हाल ही में, दो पाकिस्तानी निजी एयरलाइन फ्लाई जिन्ना और एयरसियाल को भी बांग्लादेश में उड्डयनप्राधिकरण से पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच सीधी उड़ान चलाने की मंजूरी मिली है। हाई कमिश्नर खान ने कहा कि दोनों देशों के बीच एकसीधी कार्गो शिपिंग सर्विस भी जल्द ही शुरू की जाएगी। लाहौर चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष फहीमुर रहमान सैगोल ने कहा कि पाकिस्तानबांग्लादेश को चावल का निर्यात बढ़ा सकता है और ढाका टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स के अलावा पाकिस्तान को फल भी सप्लाई कर सकता है।उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास IT, ऑटोमोबाइल और दूसरी इंडस्ट्रीज़ में मिलकर काम करने के मौके हैं। सैगोल ने कहा, ‘अभी, दोनों देशों के बीचसात करोड़ डॉलर की है, लेकिन अगले कुछ वर्षों में यह तीन अरब डॉलर तक बढ़ सकता है।’
अरुणाचल की बेटी का चीनी एयरपोर्ट पर अपमान, CM खांडू भड़कें, 18 घंटे की हिरासत पर कड़ा विरोध

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने मंगलवार को चीनी आव्रजन अधिकारियों की निंदा की। खांडू ने राज्य की एक महिला के साथ किए गएव्यवहार को अस्वीकार्य और भयावह बताया। महिला को शंघाई पुडोंग हवाई अड्डे पर करीब 18 घंटे तक हिरासत में रखा गया, क्योंकि अधिकारियों नेकथित तौर पर उसका भारतीय पासपोर्ट पहचानने से इनकार कर दिया था। सीएम खांडू ने कहा कि वह ब्रिटेन में रहने वाली भारतीय नागरिक पेमावांगजोम थोंगडोक के साथ हुई घटना से सदमे में हैं। उन्होंने दावा किया कि चीनी अधिकारियों का आचरण ‘अपमानजनक और नस्लीय उपहास’ केजैसा है। कामेंग जिले के रूपा की निवासी थोंगडोक फिलहाल ब्रिटेन में रहतीमुख्यमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘वैध भारतीय पासपोर्ट होने के बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार करना भयावह है।’ उन्होंने कहा, ‘अरुणाचलप्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। इसके विपरीत कोई भी आरोप निराधार और आपत्तिजनक है।’ इस घटना को अंतरराष्ट्रीय मानदंडों काउल्लंघन और भारतीय नागरिकों की गरिमा का अपमान बताते हुए खांडू ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि विदेश मंत्रालय इस मामले को तत्काल उठाएगाताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। पश्चिमी कामेंग जिले के रूपा की निवासी थोंगडोक फिलहाल ब्रिटेन में रहती हैं। 21 नवंबर को लंदन से जापान जा रही थीं, जब उनका तीन घंटे का ट्रांजिट एक लंबे और कष्टदायक टकराव में बदल गया। कनेक्टिंग फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया गयारविवार को एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट में, उन्होंने लिखा, ‘मुझे 21 नवंबर 2025 को चीन के आव्रजन और चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस की ओर सेशंघाई हवाई अड्डे पर 18 घंटे से ज्यादा समय तक रोके रखा गया। उन्होंने मेरे भारतीय पासपोर्ट को अमान्य घोषित कर दिया, क्योंकि मेरा जन्मस्थानअरुणाचल प्रदेश है, जिसे उन्होंने चीनी क्षेत्र बताया।’ महिला ने बताया कि उन्हें बिना कोई ठोस वजह बताए और बिना बुनियादी सुविधाओं के ट्रांजिटएरिया में ही रोक दिया गया। कथित तौर पर उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया और वैध वीजा होने के बावजूद उन्हें जापान जाने वाली कनेक्टिंगफ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया गया। थोंगडोक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर इस घटना को भारत की संप्रभुताऔर अरुणाचल प्रदेश के लोगों का सीधा अपमान बताया है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह इस मामले को बीजिंग के समक्ष जोरदार तरीके सेउठाए, जवाबदेही की मांग करे, इसमें शामिल लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग करे तथा उत्पीड़न के लिए मुआवजे की मांग करे।महिला ने बताया कि उन्हें बिना कोई ठोस वजह बताए और बिना बुनियादी सुविधाओं के ट्रांजिट एरिया में ही रोक दिया गया। कथित तौर पर उनकापासपोर्ट जब्त कर लिया गया और वैध वीजा होने के बावजूद उन्हें जापान जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया गया।