जातीय हिंसा के 2 साल बाद मोहन भागवत का मणिपुर दौरा, जनजातीय नेताओं व नागरिकों से करेंगे मुलाकात

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत कल मणिपुर पहुंचने वाले हैं। 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से यह उनकापहला राज्य दौरा है। संगठन के एक पदाधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। आरएसएस के राज्य महासचिव तरुण कुमार शर्मा ने पीटीआई कोबताया, भागवत अपनी तीन दिन की यात्रा के दौरान नागरिकों, उद्यमियों और जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। शर्मा ने कहा, हमारे सरसंघचालक की यह यात्रा आरएसएस की शताब्दी समारोह से जुड़ी हुई है। वह 20 नवंबर को गुवाहाटी से आएंगे और 22 नवंबर को रवानाहोंगे। मुख्य रूप से संगठन के अंदरूनी कार्यक्रम का हिस्साएक अन्य संघ पदाधिकारी ने कहा कि दो साल पहले हिंसा भड़कने के बाद यह भागवत की पहली यात्रा होगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने आखिरी बार2022 में मणिपुर का दौरा किया था। शर्मा ने बताया कि यात्रा के दौरान प्रमुख नागरिकों, जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों और युवा नेताओं केसाथ अलग-अलग बातचीत के सत्र आयोजित किए जाएंगे। शर्मा ने कहा, आगमन के दिन वह इंफाल के कोन्जेंग लाइकाई में उद्यमियों और अन्यप्रमुख लोगों से मुलाकात करेंगे। 21 नवंबर को भागवत मणिपुर की पहाड़ियों के जनजातीय नेताओं से मुलाकात और बातचीत करेंगे। जब पूछा गयाकि क्या आरएसएस प्रमुख उन राहत शिविरों का दौरा करेंगे, जहां पिछले दो साल से विस्थापित लोग रह रहे हैं, तो शर्मा ने कहा, अभी तक यहकार्यक्रम में शामिल नहीं है। यह यात्रा मुख्य रूप से संगठन के अंदरूनी कार्यक्रम का हिस्सा है। राहत शिविरों का दौरा इसमें शामिल नहींमई 2023 से मणिपुर में मेतेई और कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं।मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफा देने के बाद केंद्र ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था। राज्य विधानसभा को निलंबित कर दिया गयाहै, जिसकी अवधि 2027 तक थी। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 2023 की जातीय हिंसा के बाद मणिपुर का अपना पहला दौरा करेंगे। वह तीनदिन की यात्रा में नागरिकों, उद्यमियों और जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। उनकी यात्रा मुख्य रूप से संगठन के कार्यक्रमों से जुड़ीहै और राहत शिविरों का दौरा इसमें शामिल नहीं है।
दिल्ली नगर निगम की बैठक में नागरिकों के लिए बड़े फैसले, प्रदूषण नियंत्रण पर खास जोर

बैठक में नागरिक सुविधाओं और शहर की समस्याओं पर व्यापक चर्चादिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक अध्यक्ष सत्या शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस बैठक में शहर से जुड़ी कई गंभीर समस्याओंपर गहन विचार-विमर्श किया गया। चर्चा का मुख्य केंद्र स्वच्छता व्यवस्था, पार्कों की स्थिति, कर्मचारियों की कमी, आवारा पशुओं की बढ़ती परेशानीऔर सबसे महत्वपूर्ण—वायु प्रदूषण नियंत्रण रहा। अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी कार्य समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरे होने चाहिए, ताकिनागरिकों को तुरंत राहत महसूस हो सके। पार्षदों के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश दिएगए। वायु और धूल प्रदूषण रोकने के लिए कड़ी निगरानी की व्यवस्थाबैठक में निर्णय लिया गया कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए निगरानी बेहद सख़्त की जाएगी। अध्यक्ष सत्या शर्मा ने सभी जोनल डीसी औरसंबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें निर्धारित समय पर हर हाल में चलाई जाएँ। हर मशीन की रोज़ाना रनिंगरिपोर्ट, फोटो-लॉग, और किलोमीटर रिपोर्ट सीधे स्थायी समिति को भेजनी होगी, ताकि साफ-सफाई में किसी भी प्रकार की ढिलाई न हो। उन्होंने यहभी स्पष्ट किया कि किसी भी मशीन के खराब होने पर उसे अधिकतम 72 घंटे के भीतर ठीक करना अनिवार्य है। इसके साथ ही सड़कों पर जमा ढीलीमिट्टी, निर्माण का मलबा और कंस्ट्रक्शन डेब्रिस को 24 घंटे के अंदर हटाने का आदेश दिया गया है, जिससे धूल प्रदूषण पर तुरंत नियंत्रण पाया जासके। कूड़ा या बायोमास जलाने पर जीरो टॉलरेंस की नीतिबैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि किसी भी वार्ड में कूड़ा, पत्तों या बायोमास को जलाने की अनुमति नहीं होगी। इस पर निगरानी रखने के लिएरात और सुबह की विशेष पेट्रोलिंग टीमें तैनात की गई हैं। इन टीमों को आदेश है कि यदि कहीं भी कूड़ा जलाने की घटना मिलती है, तो तुरंत कार्रवाईकी जाए। साथ ही, टूटी सड़कों की मरम्मत और पैचवर्क को तेज़ी से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि धूल उड़ने की समस्या कम हो सके। सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए तेज़ी से हो रहे कार्यअध्यक्ष सत्या शर्मा ने बताया कि दिल्ली नगर निगम इस साल पिछले वर्षों की तुलना में अधिक संख्या में मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें और पानी केटैंकर तैनात कर रहा है। मुख्य सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे धूल पर नियंत्रण में अच्छी सफलता मिल रही है।उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक दिल्ली की सड़कों के 3000 से अधिक गड्ढों को भर दिया गया है। इससे न केवल सड़क सुरक्षा में सुधार हुआ है, बल्कि धूल कम होने से प्रदूषण स्तर में भी गिरावट देखने को मिली है। बेहतर सड़कें शहरवासियों की दैनिक आवाजाही को भी सुगम बनाती हैं। 14 नई मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों की खरीद का बड़ा निर्णयबैठक में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया कि नगर निगम अब 14 नई मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें खरीदेगा। ये आधुनिक मशीनें गहरीसफाई करने में सक्षम होंगी और सड़क की धूल को प्रभावी तरीके से सोखेंगी। इन मशीनों से प्रदूषण नियंत्रण को नई ताकत मिलेगी और शहर कीसफाई व्यवस्था और भी मजबूत होगी। इसके साथ ही भीड़भाड़ वाले इलाकों और बाजारों में विशेष सफाई अभियान तुरंत शुरू करने का भी निर्णयलिया गया, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर जमा कचरा तुरंत हटाया जा सके। जोनल अधिकारियों को साप्ताहिक रिपोर्ट सौंपना अनिवार्यबैठक के अंत में अध्यक्ष ने सभी जोनल डीसी को आदेश दिया कि वे अपने क्षेत्रों की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट स्थायी समिति को देना सुनिश्चित करें।इससे हर हफ्ते समीक्षा हो सकेगी और कार्यों की गुणवत्ता पर सीधी नजर रखी जा सकेगी। बैठक को समाधान-उन्मुख बताते हुए पार्षदों ने कई सुझावदिए और महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी।दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाने का मजबूत संकल्पअध्यक्ष सत्या शर्मा ने विश्वास जताया कि इन नए निर्णयों और कदमों के जरिए दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार आएगा और शहर की सफाईव्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ देने और प्रदूषण कम करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता केसाथ काम कर रहा है।
युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रही है बीबीडी यूनिवर्सिटी – मुख्यमंत्री योगी

बीबीडी यूनिवर्सिटी, लखनऊ में भव्य दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप मेंउपस्थित रहे। समारोह में हजारों लोग शामिल हुए और कुल 5746 छात्र-छात्राओं को उपाधियाँ प्रदान की गईं। मुख्यमंत्री ने लगभग एक घंटे तकछात्रों को प्रेरक संबोधन दिया। बीबीडी यूनिवर्सिटी की उपलब्धियों की सराहनाअपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीबीडी यूनिवर्सिटी युवाओं के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ खेल सुविधाओं की प्रशंसा की और कहा कि किसी भी आधुनिक संस्था में खेल, तकनीक औरशिक्षा का संतुलन बेहद ज़रूरी है। समस्या नहीं, समाधान पर ध्यान देंयोगी ने छात्रों से कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए समस्याओं को बार-बार गिनाने के बजाय समाधान की दिशा में काम करें। उन्होंने बताया किभारत आज दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र है और युवाओं के कौशल व क्षमता को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संस्थानों पर है। एआई, रोबोटिक्स और नई तकनीक की ओर बढ़ने का आह्वानमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत हर क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है—खासकर एआई, रोबोटिक्स और उभरती तकनीकों में। उन्होंने विश्वविद्यालय से अपीलकी कि ड्रोन, एआई, आईओटी और रोबोटिक्स जैसी तकनीकों को अपने कोर्स का हिस्सा बनाए, ताकि छात्र भविष्य की ज़रूरतों के अनुरूप कौशलहासिल कर सकें। योग्यता आधारित अवसर और सुशासन का मॉडलअपने भाषण में सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि आज यूपी निवेश, कानून-व्यवस्था, रोजगार और सुशासनका मॉडल बन चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में योग्यता के आधार पर लाखों युवाओं को नौकरी मिली है और बेहतर कानून व्यवस्था के कारण यूपीनिवेशकों की पहली पसंद बन गया है। मेधावी छात्रों को पदक और उपाधियाँसमारोह में कुल 89 छात्रों को गोल्ड मेडल, दो छात्रों को कुलाधिपति पदक और कई विद्यार्थियों को डॉक्टरेट की उपाधि दी गई। मुख्यमंत्री ने मुस्कानसाहू सहित सभी गोल्ड मेडलिस्ट और मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। विशिष्ट अतिथियों का संबोधन और स्वतंत्रदेव सिंह का वक्तव्य जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि बीबीडी यूनिवर्सिटी मानव कल्याण और शिक्षित समाज के सपने को पूरा कर रही है। उन्होंने छात्रों सेप्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री योगी और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के मार्ग का अनुसरण करने की प्रेरणा दी।, प्रो चांसलर विराज सागर दास का संबोधनबीबीडी यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर विराज सागर दास ने कहा कि युवाओं के holistic विकास के लिए बीबीडी लगातार काम कर रही है। उन्होंनेबताया कि विश्वविद्यालय डिजिटल एम्पावरमेंट, स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री-लिंक्ड एजुकेशन पर विशेष ध्यान दे रहा है।
पंजाब की आवाज़ दबेगी नहीं, हक़ लेकर ही लौटेंगे — CM भगवंत मान

दिल्ली की बैठक में गूँजी पंजाब की सच्चाईनॉर्थ ज़ोन काउंसिल की दिल्ली में हुई महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब की स्थिति, संघर्ष और अधिकारों को बेहद स्पष्ट शब्दों मेंरखा। बैठक में मौजूद सभी नेताओं के सामने उन्होंने यह बात कही कि हर कोई पंजाब के संसाधनों की ओर हाथ बढ़ाता है कभी कहा जाता है किपंजाब यूनिवर्सिटी दे दो, कभी कहा जाता है कि हेडवर्क्स दे दो, तो कभी चंडीगढ़ को लेकर दावे किए जाते हैं। लेकिन जब पंजाब अपनी जरूरतों, अपने अधिकारों की बात करता है, तो किसी तरफ से कोई ठोस जवाब नहीं मिलता। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब से लेना सब चाहते हैं, पर देना किसीको मंजूर नहीं।बाढ़ की चोट गहरी थी, पर केंद्र की मदद अब तक अधूरीउन्होंने बाढ़ से हुई तबाही को बेहद भावुकता और गंभीरता से सामने रखा। पंजाब में आई बाढ़ ने लाखों किसानों का जीवन उलट-पुलट कर दिया।पाँच लाख एकड़ फसल पूरी तरह नष्ट हो गई, खेतों की मेड़ों से लेकर पुलों-सड़कों तक सब टूट गया, गांवों में जीवन सामान्य होना मुश्किल हो गया।लेकिन इतनी भारी तबाही के बाद भी केंद्र सरकार ने पंजाब को बाढ़ राहत का 1600 करोड़ रुपये नहीं दिया। इसके विपरीत पंजाब सरकार ने अपनीजिम्मेदारी निभाते हुए खुद संसाधन जुटाए और किसानों को 20,000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवज़ा दिया। यह कदम पंजाब सरकार की प्रतिबद्धताको दिखाता है कि चाहे मुश्किल कितनी भी बड़ी हो, पंजाब अपने लोगों को अकेला नहीं छोड़ता।कठिन दौर में भी पंजाब बना देश का खाद्य प्रहरीमुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि इतनी परेशानियों के बाद भी पंजाब ने देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर नहीं पड़ने दिया। उन्होंने कहा कि पंजाबइस बार भी देश को 150 लाख मीट्रिक टन चावल देगा। यह कोई साधारण बात नहीं है, क्योंकि जब राज्य खुद मुसीबतों से जूझ रहा हो, तब भी देशके लिए अनाज देना पंजाब के योगदान की विशालता को दिखाता है। पंजाब अपनी जिम्मेदारी निभाने में कभी पीछे नहीं हटता, चाहे हालात कितने भीप्रतिकूल क्यों न हों। पानी के बिना खेती कैसे? पंजाब का दर्द सामने आयापानी के मुद्दे पर उन्होंने बेहद सटीक और तीखा सवाल उठाया अगर पंजाब को उसका पानी ही नहीं मिलेगा, तो पंजाब की खेती कैसे चलेगी? क्याकिसान गमलों में फसलें उगाएँगे? यह सवाल केवल एक टिप्पणी नहीं था, बल्कि पंजाब की दशकों पुरानी उपेक्षा का सच था। पंजाब देश को खानाखिलाता है, लेकिन अपने हिस्से का पानी पाने के लिए उसे आज भी संघर्ष करना पड़ता है। यह स्थिति न केवल अनुचित है, बल्कि राज्य के भविष्यको खतरे में डालती है। पंजाब अपने हक़ की लड़ाई ईमानदारी से जारी रखेगाअंत में CM भगवंत मान ने यह दोहराया कि पंजाब किसी से एहसान नहीं चाहता। पंजाब सिर्फ अपना हक़ चाहता है अपने संसाधनों का हक़, अपनेपानी का हक़, अपनी यूनिवर्सिटी और चंडीगढ़ पर न्याय का हक़। उन्होंने कहा कि पंजाब की यह लड़ाई अब और ज्यादा स्पष्ट, ज्यादा मजबूत औरज्यादा साहसी होगी। पंजाब की आवाज़ न दबेगी और न रुकेगी। पंजाब अपने अधिकारों के लिए लड़ता रहेगा और अपना हक़ लेकर ही लौटेगा।
AAP Delhi Chief Saurabh Bharadwaj Slams BJP Over Stray Cattle Chaos in Patparganj, Central Delhi Streets Turn into Cattle Corridors

AAP Delhi State President Saurabh Bharadwaj said that Patparganj today represents the complete breakdown of civic administration under the BJP in the national capital, with central residential roads overtaken by stray cattle and no action from the Delhi Government or the Municipal Corporation of Delhi (MCD). Saurabh Bharadwaj said the situation reflects what is now happening across almost every assembly constituency in the city. Sharing a video on X describing what he is seeing on the ground, senior AAP leader and Delhi State President Saurabh Bharadwaj said, “As you enter the Patparganj Assembly constituency, the road signage reads a warm welcome and the apartment complex is right in front. The main road inside Patparganj is supposed to welcome residents, but instead the road is lined with dozens of cows sitting across the stretch. It looks as if the road has laid out a welcome, but what you actually encounter is a long line of cattle.Saurabh Bharadwaj saidThe AAP Delhi Unit Chief added, “There are clear and organised arrangements of cow dung, filth, water and fodder placed on the footpath. All of this has been allowed by the authorities. This is not a small patch. As far as you can see, cows are sitting on the road. This is the condition in almost every assembly constituency in Delhi.” Raising questions over the BJP administration’s failure to act, Saurabh Bharadwaj said, “Is it not the responsibility of the Delhi Government and the MCD to take these cows to gaushalas? Has any arrangement been made for them in the last eight to ten months? Main road of PatparganjHe said the situation has worsened sharply since the BJP came to power, stating, “It seems that ever since the BJP government took charge, the number of stray cattle on the roads has increased several times. Wherever you look, cows that should be inside gaushalas are instead sitting scattered across the roads. Highlighting that this is happening in a central residential stretch, not a distant locality, he said, “This is the main road of Patparganj, right in front of Retreat Apartments. This is not a far off or remote area. This is the central road itself and this is the condition it is in.”
महाराष्ट्र निकाय चुनाव से पहले महायुति में बढ़ी खींचतान, शिवसेना मंत्रियों ने कैबिनेट बैठक से बनाई दूरी

महाराष्ट्र में होने वाले निकाय चुनावों से पहले महायुति के अंदर कलह की खबरें सामने आ रही है। महायुति सरकार के अधिकांश शिवसे के खेमें केमंत्री मंगलवार को साप्ताहिक कैबिनेट बैठक से दूर रहे। सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय (सचिवालय) में हुई कैबिनेट बैठक में केवल उपमुख्यमंत्री एकनाथशिंदे मौजूद थे। हालांकि भाजपा ने गठबंधन में किसी भी तरह के मतभेद होने की खबरों का खंडन किया है। सूत्रों का कहना है कि शिवसेना खेमे केमंत्री इसलिए दूर रहे ताकि वे भाजपा को संदेश दे सकें कि जैसा हो रहा है, वह स्वीकार नहीं किया जाएगा। दरअसल दोनों दलों के बीच की रारबीएमसी चुनाव से पहले शुरू हुई है। डोंबिवली में कई शिवसैनिक हाल ही भाजपा में शामिल हो गए थे। जिसे लेकर शिवसेना में नाराजगी है। सूत्रों नेबताया, कल्याण-डोंबिवली में शिवसेना से भाजपा में शामिल हुए एक नेता भी इस विरोध का एक मुख्य कारण हो सकता है। उन्हें शिकायत नहीं करनी चाहिएइसके अलावा इस पूरे प्रकरण को लेकर शिवसेना के मंत्रियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके कक्ष में मुलाकात की और डोंबिवली के घटनाक्रमपर अपनी नाराजगी जताई,इस पर फडणवीस ने कहा कि पड़ोसी उल्हासनगर में भाजपा सदस्यों को सबसे पहले शिवसेना ने ही अपने पाले में शामिलकिया था। मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर शिवसेना नेताओं से कहा कि जब उनकी पार्टी अन्य सहयोगियों के सदस्यों को अपने पाले में लेती है, तोभाजपा द्वारा ऐसा करने पर उन्हें शिकायत नहीं करनी चाहिए।फडणवीस ने कथित तौर पर शिवसेना नेताओं से कहा कि अब से गठबंधन साझेदारों को एक-दूसरे के कार्यकर्ताओं को शामिल नहीं करना चाहिए।महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में भाजपा, शिवसेना के अलावा अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शामिल हैं।हालांकि महायुति में तनाव की खबरों का भाजपा की ओर से खंडन किया गया है। महायुति मिलकर चुनाव लड़ेगीमहाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने मंगलवार को कहा कि महायुति गठबंधन में शामिल भाजपा, शिवसेना और राकांपा राज्य मेंबृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव मिलकर लड़ेंगे। नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए, बावनकुले ने कहा कि गठबंधन का लक्ष्य बीएमसीचुनावों में दो-तिहाई वार्ड और 51 प्रतिशत वोट हासिल करना है। भाजपा नेता ने कहा कि मुंबई नगर निगम चुनावों में, महायुति मिलकर चुनावलड़ेगी। महाराष्ट्र में निकाय चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत ‘महायुति’ सरकार में शामिल शिवसेना केअधिकतर मंत्री मंगलवार को साप्ताहिक कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं हुए। जिसके बाद दोनों दलों के बीच तनातनी की खबरें सामने आ रही हैं।
बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत कार्ती चिदंबरम ने बताया, सोशल इंजीनियरिंग और महिला मतदाताओं ने बदल दिया खेल

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद राजनीतिक पंडित हार-जीत का विश्लेषण करने में जुटे हैं। अब कांग्रेस सांसद कार्तीचिदंबरम ने भी माना है कि बिहार में एनडीए की जीत में कई अहम फैक्टर रहे। कार्ती चिदंबरम ने बताया कि एनडीए की सोशल इंजीनयरिंग औरमहिला मतदाताओं को लुभाने की रणनीति कारगर रही। कार्ती चिदंबरम ने देश में वंशवादी राजनीति पर भी बात की और इसका बचाव किया। साथही कहा कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में डीएमके इंडी गठबंधन का नेतृत्व करेगी। कांग्रेस सांसद कार्ती चिदंबरम ने कहा कि ‘मेरा विश्लेषण येकहता है कि कांग्रेस पार्टी का बिहार में वोट प्रतिशत एकजुट रहा। साल 2020 के विधानसभा चुनाव का वोट प्रतिशत और 2025 के विधानसभाचुनाव का वोट प्रतिशत लगभग समान है। राजद के साथ भी ऐसा ही है। जो अंतर पैदा किया वो लोजपा रामविलास पासवान ने किया। पिछले चुनावमें लोजपा ने अकेले चुनाव लड़ा और इस चुनाव में वे एनडीए के साथ चुनाव लड़े। लोजपा को 29 सीटें दी गईं और उन्होंने 19 सीटों पर जीत दर्जकी। साथ ही 5 प्रतिशत वोट शेयर कब्जाया। इसी ने अंतर पैदा किया।’ 25-30 वर्षों में समाज में बदलावकार्ती चिदंबरम ने कहा कि ‘एनडीए ने कई छोटी पार्टियों से भी गठबंधन किया, जो समुदाय आधारित पार्टियां हैं और इनका वोटबैंक एनडीए कोमिला। साथ ही मेरे विचार से 10 हजार रुपये सीधे बैंक खाते में भेजने की योजना एनडीए को महिलाओं का वोट मिला। एआईएमआईएम पार्टी भीअलग होकर चुनाव लड़ी और उसने कांग्रेस के पारंपरिक वोटबैंक में सेंध लगाई। इस तरह ये सिर्फ संतुलन की बात है, जिनके चलते ये नतीजे आए।’ कांग्रेस सांसद कार्ती चिदंबरम ने वंशवादी राजनीति पर कहा कि ‘ये सच है कि एक या दो राजनीतिक पार्टियों को छोड़ दें तो देश में हर राजनीतिकपार्टी एक परिवार पर केंद्रित है। नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, अकाली दल, शिवसेना, टीडीपी, बीजद, डीएमके और यहां तक कि कांग्रेस से टूटकर बनींटीएमसी और एनसीपी नेतृत्व भी एक ही परिवार के पास हैं। इसी तरह कांग्रेस भी है। बदलाव होना चाहिए लेकिन राजनीतिक पार्टियां भी समाज काआईना हैं। भारतीय समाज में परिवार की मुख्य भूमिका होती है। हो सकता है कि अगले 25-30 वर्षों में समाज में बदलाव आए तो राजनीतिकपार्टियां भी बदल जाएंगी।’ 10 हजार रुपये सीधे बैंक खाते में भेजने की योजनातमिलनाडु चुनाव पर कार्ती चिदंबरम ने कहा कि ‘हम इंडी गठबंधन का हिस्सा हैं और डीएमके तमिलनाडु में इस गठबंधन का नेतृत्व करेगी। गठबंधनमजबूत स्थिति में है। मेरा मानना है कि अगले साल होने वाले चुनाव में हमारा गठबंधन जीत दर्ज करेगा।’ कार्ती चिदंबरम ने कहा कि ‘एनडीए ने कईछोटी पार्टियों से भी गठबंधन किया, जो समुदाय आधारित पार्टियां हैं और इनका वोटबैंक एनडीए को मिला। साथ ही मेरे विचार से 10 हजार रुपयेसीधे बैंक खाते में भेजने की योजना एनडीए को महिलाओं का वोट मिला।’
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और सफाई संकट पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद संभाला मोर्चा, एमसीडी पर जताई नाराजगी ‘सरकार ने लिया सख्त कदम’

बढ़ते वायु प्रदूषण और बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एमसीडी से नाराज हैं। दोनों महत्वपूर्ण मोर्चों की कमान दिल्ली सरकारने अपने हाथों में ले ली है। 11 नवंबर को समीक्षा बैठक के बाद सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि एमसीडी इन मोर्चों पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं करपा रही है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ मिलकर खुद ग्राउंड स्तर पर सफाई और प्रदूषण नियंत्रण की निगरानी करने का फैसला किया है। सीएम नेहाल में आयोजित उच्च-स्तरीय बैठक में एमसीडी के कामकाज पर तीखी नाराजगी जताई थी। बैठक में यह तथ्य सामने आया था कि धूल-नियंत्रणमशीनें पूरी क्षमता से नहीं चल रहीं, कई वार्डों में कूड़ा उठाने में देरी हो रही है और सड़क धुलाई का सिस्टम लगभग ठप पड़ा है। मंत्री विभिन्न क्षेत्रों में सफाई और प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्थामुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि दिल्ली प्रदूषण के गंभीर दौर में है। ऐसे में किसी भी विभाग की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जा सकती लेकिन सिर्फनाराजगी जताना ही पर्याप्त नहीं था। बैठक के चार दिन बाद भी जब कई इलाकों से सुधार की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं मिली, तो मुख्यमंत्री ने सीधेहस्तक्षेप का निर्णय लिया। सूत्रों के मुताबिक, सरकार की ओर से यह संदेश साफ कर दिया गया है कि अब प्रदूषण नियंत्रण और सफाई व्यवस्था कीजिम्मेदारी केवल एमसीडी की नहीं, बल्कि सीधे दिल्ली सरकार की निगरानी में होगी। सरकार ने तय किया है कि सोमवार को सभी छह मंत्री विभिन्नक्षेत्रों में सफाई और प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था की प्रत्यक्ष समीक्षा करने पहुंचे। एमसीडी के कामकाज पर तीखी नाराजगी जताईदिल्ली सरकार में बैठक के बाद एमसीडी आयुक्त ने भले ही जोनल उपायुक्तों के साथ आपात बैठक कर निर्देश जारी कर दिए हों लेकिन सरकार उसपर भरोसा करने को तैयार नहीं दिख रही। एमसीडी को साफ संदेश दिया गया है कि अब कामकाज की जिम्मेदारी और उसकी निगरानी दोनों सरकार केहाथ में रहेगी। दिल्ली में जैसे-जैसे हवा खराब होती जा रही है, वैसे-वैसे आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेता दिल्ली सरकार को निशाने पर ले रहे हैं।विपक्ष का आरोप है कि सरकार प्रदूषण नियंत्रण पर ढीली पड़ी है। ऐसे में मुख्यमंत्री के सफाई और प्रदूषण नियंत्रण का मोर्चा खुद संभालनाराजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ मिलकर खुद ग्राउंड स्तर पर सफाई और प्रदूषण नियंत्रण कीनिगरानी करने का फैसला किया है। सीएम ने हाल में आयोजित उच्च-स्तरीय बैठक में एमसीडी के कामकाज पर तीखी नाराजगी जताई थी।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की शपथ के बाद पहली औपचारिक मुलाकात, दोनों नेताओं की पहली मुलाकात ने खींचा ध्यान

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की है। बता दें कि उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के शपथ ग्रहणसमारोह के बाद ये दोनों की पहली औपचारिक मुलाकात है। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुएउपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके अचानक इस्तीफे के बाद इस पद के लिए चुनाव हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि आलीशानउपराष्ट्रपति एन्क्लेव में रहने वाले पहले उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज दोपहर राधाकृष्णन से मुलाकात की। सितंबर में सीपी राधाकृष्णन केउपराष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद से यह दोनों की पहली मुलाकात है। जगदीप धनखड़ ने आखिरी बार राधाकृष्णन से राष्ट्रपति भवन में उनकेशपथ ग्रहण समारोह में मुलाकात की थी। शपथ ग्रहण के बाद दोनों के पहली औपचारिक मुलाकातउपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मौलाना आजाद रोड स्थित उपराष्ट्रपति निवास में रहते थे। लगभग दो साल पहले, उपराष्ट्रपति एन्क्लेव उनका नयाआधिकारिक निवास बन गया। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 13 एकड़ में फैली इस संपत्ति के पहले निवासी थे। चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन ने12 सितंबर को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डीको 152 मतों के अंतर से हराकर उपराष्ट्रपति चुनाव जीता था। इस चुनाव में उन्हें कुल 452 वोट मिले थे। 9 सितंबर को नए उपराष्ट्रपति के लिएचुनाव हुआ था। बता दें कि इस चुनाव में 14 सांसदों ने क्रॉस वोटिंग की। उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसद मतदाता होतेहैं। उपराष्ट्रपति भवन में मौजूदा उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मुलाकात की है। जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्यकारणों से इस्तीफा दिया था, इसके बाद सीपी राधाकृष्णन नए उपराष्ट्रपति बने हैं। सीपी राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण के बाद दोनों के पहलीऔपचारिक मुलाकात है।
कांग्रेस पर भाजपा का तीखा वार, छह विधायक जदयू में जाने की अटकलें, गहलोत पर भी निशाना

भाजपा प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने मंगलवार को मीडिया से संवाद के दौरान कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व पर कड़ा राजनीतिक हमलाबोला। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के छह विधायक जल्द ही जदयू में शामिल हो सकते हैं और कांग्रेस संगठन उन्हें रोक पाने की स्थिति में नहीं है।उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि उनको तो रोक लें गहलोत… अगर रोक सकते हैं। अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को आड़े हाथों लेते हुएकहा कि राजस्थान में जिस तरह वे ‘विधायक बचाने’ की राजनीति करते थे, अब वही अभ्यास उन्हें बिहार में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गहलोत यहस्वीकार कर लें कि कांग्रेस आज जिस स्थिति में पहुंची है, वह उसकी खुद की विफलताओं का परिणाम है, न कि किसी बाहरी कारण का। राज्य सरकार के अधीन होतेअग्रवाल ने कहा कि अंता उपचुनाव के परिणाम इस बात का संकेत हैं कि भाजपा निष्पक्ष चुनाव कराती है और जनता का विश्वास पार्टी के साथ है।उन्होंने कहा कि जो लोग बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप लगाते हैं, यह परिणाम उनके मुंह पर तमाचा है। हमने जनभावनाओं का सम्मान किया है।चर्चा के दौरान अग्रवाल ने कांग्रेस के 65 वर्षों के शासन की आलोचना करते हुए कहा कि पिछले 65 वर्षों में कांग्रेस ने केवल जुमलेबाजी की, जबकिभाजपा ने गरीबों और मध्यम वर्ग के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाया है। उन्होंने कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को भी खारिजकिया। अग्रवाल ने कहा कि आयोग केवल नीति और प्रक्रिया तय करता है, जबकि चुनाव संचालन प्रशासनिक अधिकारियों (DM और BLO) द्वाराकिया जाता है, जो राज्य सरकार के अधीन होते हैं। ऐसे में भाजपा पर आरोप लगाना हास्यास्पद है। कांग्रेस नेतृत्व को विफल बतायाअग्रवाल ने कांग्रेस पर हार का बहाना खोजने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी बिना फूट के भी वहां पहुंच गई है जहां उसका जनाधार लगभगसमाप्त हो चुका है। उन्होंने अंत में दोहराया कि अशोक गहलोत राजस्थान छोड़कर बिहार चले जाएं, शायद वहां कुछ बचा सकें। भाजपा प्रदेश प्रभारीराधा मोहन दास अग्रवाल ने कांग्रेस और अशोक गहलोत पर तीखे आरोप लगाते हुए दावा किया कि कांग्रेस के छह विधायक जदयू में जा सकते हैं।उन्होंने अंता उपचुनाव का जिक्र कर भाजपा पर लगे वोट चोरी के आरोपों को खारिज किया और कांग्रेस नेतृत्व को विफल बताया।