बांग्लादेश की हिंसा से असम हाई अलर्ट पर, हिमंत बिस्वा सरमा बोले हर गतिविधि पर कड़ी नजर

बांग्लादेश में जारी हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अब एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। हालात कीगंभीरता को देखते हुए सीएम सरमा ने सोमवार को कहा कि पड़ोसी देश बांग्लादेश में हाल ही में हुई हिंसा और अशांति को देखते हुए असम को ‘हाईअलर्ट’ पर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि बांग्लादेश की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है, क्योंकि वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं परअत्याचार और भारत की सुरक्षा से जुड़े बयान चिंता बढ़ा रहे हैं। एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश मेंहालात ठीक नहीं हैं और वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि बांग्लादेश में सत्ता से जुड़ेकुछ लोग पूर्वोत्तर भारत को अपने देश में शामिल करने जैसी बातें कर रहे हैं, जो बहुत गंभीर और चिंताजनक हैं। बांग्लादेश में मिलाने की बात कर रहेसीएम सरमा ने अनुसार अलग-अलग समय पर बांग्लादेश से लोग असम में आए हैं और इसलिए राज्य को और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंनेजोर देकर कहा कि हमें बांग्लादेश में हो रहे हर घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखनी होगी। हालांकि इससे पहले पिछले हफ्ते भी मुख्यमंत्री सरमा ने कहा थाकि कुछ ‘बांग्लादेशी तत्व’ बार-बार पूर्वोत्तर भारत को बांग्लादेश में मिलाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक बताया था।इतना ही नहीं सीएम सरमा ने यह भी कहा था कि भारत इस तरह की बातों पर चुप नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ा देश है, परमाणु शक्तिसंपन्न है और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। ऐसे में बांग्लादेश इस तरह की सोच भी कैसे सकता है। इस बीच, असम के कछार जिले मेंभारत–बांग्लादेश सीमा के पास निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम अवैध आवाजाही को रोकने और कानून-व्यवस्थाबनाए रखने के लिए उठाया गया है। मद्देनजर सरकार पूरी सतर्कता बरत रहीगौरतलब है कि बांग्लादेश एक बार फिर हिंसा की आग में जल रहा है। जिसका बड़ा कारण हाल ही में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या बना।हादी की हत्या के बाद पूरे बांग्लादेश में हिंसा की आग में जल उठा, क्योंकि हादी सरकार विरोधी आंदोलनों का एक प्रमुख चेहरा थे, जिसके चलतेपिछले साल शेख हसीना सरकार को सत्ता छोड़नी पड़ी थी। बांग्लादेश में जारी हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के चलते असम को हाई अलर्ट पररखा गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बांग्लादेश के हालात चिंताजनक हैं। वहां हिंदुओं पर अत्याचार और पूर्वोत्तर भारत को लेकरदिए जा रहे बयानों के मद्देनजर सरकार पूरी सतर्कता बरत रही है।
खराब फॉर्म पर बोले कप्तान सूर्या—‘ये बुरा दौर नहीं, मेरा लर्निंग फेज है’ “जानें क्या कुछ कहा”

भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव एक बार फिर अपने खराब फॉर्म को लेकर चर्चा में हैं। इस बार वजह बना अहमदाबाद स्थित एकयूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ उनकी बातचीत, जहां उन्होंने बेहद बेबाक अंदाज में अपने संघर्ष और मानसिकता पर बात की। सूर्यकुमार ने कहा किकिसी भी खिलाड़ी का करियर हमेशा अच्छे दौर में नहीं रहता और खराब समय को सीखने की प्रक्रिया के तौर पर देखना चाहिए। उन्होंने अपने भाषणमें कहा, ‘एक खिलाड़ी हमेशा अच्छे समय का आनंद नहीं लेता। मैं यह नहीं कह रहा कि हम बुरे दौर से गुजरते हैं, बल्कि यह सीखने की प्रक्रिया होतीहै। मेरे लिए यह वही लर्निंग फेज है, जिसमें उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।’ 35 वर्षीय सूर्यकुमार ने अपने बयान में आत्मविश्वास भी दिखाया, जिसनेसोशल मीडिया पर खासा ध्यान खींचा। उन्होंने कहा, ‘फिलहाल मेरे 14 जवान मेरे लिए कवर कर रहे हैं। वे जानते हैं कि जिस दिन मैं फटूंगा, क्याहोगा। मुझे यकीन है आप लोग भी जानते हैं।’ इस बयान को कुछ लोगों ने जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास बताया, जबकि समर्थकों का मानना है कियह कप्तान का खुद पर भरोसा दर्शाता है। वापसी करना चाहतासूर्यकुमार ने अपनी मौजूदा स्थिति की तुलना छात्र जीवन से करते हुए कहा कि जैसे कम नंबर आने पर कोई पढ़ाई छोड़ नहीं देता, वैसे ही खिलाड़ी भीमेहनत करना नहीं छोड़ता।उन्होंने कहा, ‘अगर आपकी परीक्षा में कम नंबर आते हैं तो क्या आप स्कूल छोड़ देते हैं? नहीं, आप फिर मेहनत करते हैं। मैं भी वही करने की कोशिशकर रहा हूं और बेहतर प्रदर्शन के साथ वापसी करना चाहता हूं।’ साल 2025 सूर्यकुमार यादव के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहद कठिन रहा।उन्होंने 19 पारियों में सिर्फ 218 रन बनाए, औसत 13.62 और स्ट्राइक रेट 123.16 का रहा। एशिया कप में उनका सर्वोच्च स्कोर 47 रहा, जबकिदक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में चार पारियों में केवल 34 रन ही बना सके। इसके बावजूद भारत ने वह सीरीज 3-1 से जीती। वापसी करने के लिए पूरी तरह सकारात्मकटी20 वर्ल्ड कप टीम की घोषणा से पहले सूर्यकुमार ने खुद माना था कि उनका खराब दौर कुछ ज्यादा लंबा खिंच गया है। फिर भी उन्हें टीम मेंबरकरार रखा गया, जबकि उपकप्तान शुभमन गिल को बाहर कर दिया गया। चयनकर्ताओं का भरोसा उनके पिछले रिकॉर्ड और मैच जिताने की क्षमतापर है। टीम के अंदर से भी उन्हें समर्थन मिल रहा है। तिलक वर्मा का मानना है कि सूर्यकुमार सिर्फ एक अच्छी पारी दूर हैं। अब न्यूजीलैंड के खिलाफहोने वाली टी20 सीरीज में सूर्यकुमार के पास खुद को साबित करने का अगला बड़ा मौका होगा। सूर्यकुमार यादव ने अहमदाबाद की यूनिवर्सिटी मेंखराब फॉर्म पर खुलकर बात करते हुए इसे अपने करियर का लर्निंग फेज बताया। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी के जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं औरवह मेहनत के दम पर वापसी करने के लिए पूरी तरह सकारात्मक हैं।
कोडिन सिरप पर योगी का दो-टूक जवाब, ‘यूपी में एक भी मौत नहीं’, सपा पर फिर साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोडिन कफ सिरप मामले पर यूपी विधानसभा में जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में कफ सिरप से एक भी मौत नहीं हुईहै। इस मामले में एनडीपीएस के अंतर्गत कार्रवाई होगी, उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले को कोर्ट में लड़ा और जीता है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष माताप्रसाद पांडेय पर चुटकी लेते हुए कहा कि इस उम्र में व्यक्ति सच बोलने का आदी होता है, लेकिन समाजवादी इस उम्र में भी उनसे झूठ बोलवा देतेहैं। समाजवादियों को ऐसा नहीं करना चाहिए और उन्हें भी सच बोलने का आदी होना चाहिए। उन्होंने लंबे समय तक स्पीकर के रूप में सदन को आगेबढ़ाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार की कार्रवाई की जानकारी भी सदन में रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले में अब तक 79 अभियोगदर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 225 अभियुक्त नामज़द हैं। 78 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और 134 फर्मों पर छापेमारी की कार्रवाई हुई है।उन्होंने कहा कि मामले की गहराई में जाएंगे तो बार-बार यही तथ्य सामने आता है कि कहीं न कहीं समाजवादी पार्टी से जुड़ा कोई नेता या व्यक्तिइसमें संलिप्त पाया जाता है। अवैध लेन-देन भी लोहिया वाहिनी के एक पदाधिकारी के खाते के माध्यम से हुआ है। एसटीएफ पूरे प्रकरण की जांचकर रही है। सैरसपाटे के लिए इंग्लैंड चले जाएंगेउन्होंने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मुकदमा चलाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने इस लड़ाई को पूरी मजबूती से लड़ाहै और इसमें सफलता भी प्राप्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। सीएम ने बुलडोजर एक्शन को लेकरसमाजवादी पार्टी पर तंज कसा। कहा कि चिंता मत कीजिए, समय आने पर बुलडोजर एक्शन की पूरी तैयारी रहेगी, उस समय चिल्लाइएगा नहीं।मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे हों या एडल्ट, बिना चिकित्सीय परामर्श के कोई भी इसका सेवन नहीं कर सकता। खांसी होने पर हर कोई कफ सिरप लेताहै, लेकिन चिकित्सीय परामर्श से। उस पर यह अंकित भी होता है, लेकिन समाजवादी पार्टी के लोगों का पढ़ाई-लिखाई से कोई वास्ता है नहीं, इसलिए आप लोग ऐसी बाते करते हैं। सीएम योगी ने सदन में कहा कि उत्तर प्रदेश में यूपी के सबसे बड़े होलसेलर को एसटीएफ ने पकड़ा था।2016 में समाजवादी पार्टी ने उसे लाइसेंस जारी किया था। सीएम ने कहा कि देश में दो नमूने हैं। एक दिल्ली व दूसरा लखनऊ में बैठता है। जब देशमें कोई चर्चा होती है तो वह देश छोड़कर भाग जाते हैं। यही आपके बबुआ के साथ भी हो रहा है। आप चिल्लाते रहेंगे और बबुआ सैरसपाटे के लिएइंग्लैंड चले जाएंगे। इसका दुरुपयोग किया गयामुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कोडिन कफ सिरप (नकली दवा) के कारण मौत की कोई भी बात शासन के संज्ञान में नहीं आयी है। समय-समय परएफएसडीए विभाग लगातार छापेमारी व कार्रवाई करती है। कंपनियों में भी इस प्रकार की कार्रवाई होती है। यूपी में कोडिन कफ सिरप के केवलस्टाकिस्ट व होलसेलर हैं। इसका यहां प्रोडक्शन नहीं होता। इसका प्रोडक्शन मध्य प्रदेश, हिमाचल व अन्य राज्यों में होता है। मौत के जो प्रकरणआए हैं, वह भी अन्य राज्यों के हैं। ऐसे प्रकरण तमिलनाडु में बने सिरप के कारण आए हैं। यह पूरा प्रकरण इललीगल डायवर्जन का है। इसके माध्यमसे होलसेलर (सहारनपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी) ने इसे उन देशों व राज्यों में पहुंचाया है, जहां मद्य निषेध है। वहां नशे के आदीलोगों को इसे लेने की आदत है। वहां इसका दुरुपयोग किया गया है।
मनरेगा का नाम बदला तो भड़के डीके शिवकुमार, बोले ‘संवैधानिक अधिकार छीनने की कोशिश, यही भाजपा के अंत की शुरुआत’

मनरेगा योजना के नाम को बदलने के लिए लाए गए कानून विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी रामजी को लेकर देशभर में सियासत जारी है। ऐसे में अब कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस योजना के नाम बदलने को लेकर केंद्र सरकारपर जमकर निशाना साधा। साथ ही गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के जरिए देश के हर नागरिक को काम देने की व्यवस्था कीगई थी और यह अधिकार कांग्रेस सरकार ने संविधान के तहत दिया था। पत्रकारों से बातचीत के दौरान शिवकुमार ने कहा कि पूरे देश में कनकपुरा वहविधानसभा क्षेत्र है, जहां उन्होंने नरेगा योजना (बाद में मनरेगा) का प्रयोग सबसे पहले किया था। शिवकुमार ने आगे आरोप लगाया कि भाजपा ने वहांजांच करवाई और बेवजह अनियमितताओं के आरोप लगाए। पंचायती राज सिस्टम और उसके अधिकारी सदमे मेंकर्नाटक के डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि पहले नरेगा के तहत बनने वाले भवनों और अन्य कार्यों में राज्य सरकार को सिर्फ 10 प्रतिशत पैसा देना होताथा, जबकि केंद्र सरकार 90 प्रतिशत खर्च उठाती थी। लेकिन अब यह अनुपात बदलकर 60:40 कर दिया गया है। शिवकुमार का कहना है कि इसबदलाव का मकसद इस योजना को कमजोर करना और धीरे-धीरे खत्म करना है। उन्होंने यह भी कहा कि महात्मा गांधी के नाम पर बनी योजना का’गला घोंटने’ की कोशिश की जा रही है। डीके शिवकुमार ने जानकारी दी कि मंत्री प्रियंक खड़गे ने इस मुद्दे पर दिल्ली में बैठक बुलाई है, जहां इस परविस्तार से चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ग्राम पंचायतों को मजबूत करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। डिप्टी सीएम ने आगे कहा किइस नए कानून से पूरा पंचायती राज सिस्टम और उसके अधिकारी सदमे में हैं। पहले नरेगा का पैसा सीधे उन लोगों के खाते में जाता था, जिन्होंने इसयोजना के तहत काम के लिए पंजीकरण कराया था। उन्होंने कहा कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि भाजपा कांग्रेस सरकार द्वारा दिए गए संवैधानिकअधिकार को छूने की हिम्मत करेगी। यह भाजपा के अंत की शुरुआत है। 100 दिन का रोजगार देनागौरतलब है कि राष्ट्रपति मुर्मू के द्वारा कल मंजूरी के बाद वीबी-जी राम जी कानून बना मनरेगा यानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनादेश की एक बड़ी रोजगार योजना है। इसकी शुरुआत 2005 में हुई थी। उस समय इसका नाम सिर्फ नरेगा (NREGA) था। इस कानून को संसद नेअगस्त 2005 में पास किया और इसे 2 फरवरी 2006 से देश में लागू किया गया। शुरुआत में यह योजना कुछ जिलों में लागू हुई, बाद में इसे पूरेदेश में लागू कर दिया गया। इस योजना का मकसद ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को साल में कम से कम 100 दिन का रोजगार देना है। अगरसरकार काम नहीं देती, तो मजदूर को बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान है। साल 2009 में इस योजना का नाम बदलकर महात्मा गांधी राष्ट्रीयग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) कर दिया गया और अब वीबी-जी राम जी।
ग्रीनलैंड पर अमेरिका की हरकत पर डेनमार्क ने चेतावनी दी, कहा क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करें

डेनमार्क के विदेश मंत्री ने सोमवार को कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका सहित सभी को डेनमार्क की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना चाहिए। डेनमार्कके विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लुइसियाना के गवर्नर को ग्रीनलैंड के लिए अमेरिका काविशेष दूत नियुक्त करने का एलान किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की बात कही थी। अभीग्रीनलैंड, डेनमार्क का अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है। खनिज के मामले में समृद्ध ग्रीनलैंड रणनीतिक रूप से भी बेहद अहम है। बीते मार्च में, उपराष्ट्रपति जेडी वेंसने भी ग्रीनलैंड में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे का दौरा किया और डेनमार्क पर वहां ध्यान ने देने का आरोप लगाया। हालांकि धीरे-धीरे यह मुद्दा सुर्खियों सेगायब हो गया। इस बीच अगस्त में डेनमार्क की सरकार ने अमेरिकी राजदूत को तलब किया और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से जुड़े तीन लोगों पर ग्रीनलैंडमें गुप्त अभियान चलाने का आरोप लगाया। अब रविवार को, ट्रंप ने लुइसियाना के गवर्नर जेफ लैंड्री को ग्रीनलैंड के लिए विशेष दूत के रूप में नियुक्तकरने की घोषणा की। एलान करते हुए ट्रंप ने कहा कि ‘जेफ समझते हैं कि ग्रीनलैंड हमारी और हमारे सहयोगियों की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कितनाजरूरी है। हम हमारे देश के हितों को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।’ इस पर लैंड्री ने X पर साझा एक पोस्ट में लिखा ‘ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्साबनाने के लिए काम करना सम्मान की बात है।’ सम्मान करने की अपील कीइस पर डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, ‘यह नियुक्ति ग्रीनलैंड में अमेरिकी हित की निरंतरता की पुष्टि करतीहै। हालांकि, हम इस बात पर जोर देते हैं कि अमेरिका सहित सभी देशों को डेनमार्क की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना चाहिए।’ इस महीने कीशुरुआत में, डेनमार्क की रक्षा खुफिया सेवा ने एक वार्षिक रिपोर्ट में कहा था, ‘अमेरिका अपनी आर्थिक शक्ति का उपयोग अपनी इच्छा थोपने औरदोस्त और दुश्मन दोनों के खिलाफ सैन्य बल की धमकी देने के लिए कर रहा है’। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सत्ता संभालते ही ग्रीनलैंड पर कब्जे की इच्छाजताई थी। अब अमेरिका ने इस दिशा में कदम उठाने की शुरुआत कर दी है। जिस पर डेनमार्क ने चिंता जताई है और बयान जारी कर उनकी क्षेत्रीयअखंडता का सम्मान करने की अपील की है।
बीएमसी चुनाव से पहले ठाकरे बनाम ठाकरे की बातचीत तेज, गठबंधन पर अब भी सस्पेंस बरकरार

मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से ठीक पहले शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के बीचगठबंधन को लेकर आखिरी समय की बातचीत तेज हो गई है। दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच सोमवार को अहम मुलाकातें हुईं, लेकिन अब तककिसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं की गई है। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने सोमवार को एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे सेमुलाकात की। वहीं, एमएनएस नेता बाला नंदगांवकर उद्धव ठाकरे के निवास मातोश्री पहुंचे। दोनों नेता अपनी-अपनी पार्टी प्रमुखों के भरोसेमंद मानेजाते हैं, जिससे इन बैठकों को बेहद अहम माना जा रहा है। मुंबई बीएमसी चुनाव से पहले शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस के बीच आखिरी समयकी बातचीत तेज हो गई है। संजय राउत और राज ठाकरे की मुलाकात के बावजूद गठबंधन पर सहमति नहीं बन सकी है। अंतिम समय में कोई बड़ा फैसला लिया जा सकतासूत्रों के मुताबिक, गठबंधन की राह में सबसे बड़ी बाधा उन इलाकों को लेकर है, जहां दोनों दलों का मजबूत जनाधार है। दादर, शिवड़ी, विक्रोलीऔर भांडुप जैसे क्षेत्रों में सीटों के बंटवारे पर सहमति नहीं बन पा रही है। यही वजह है कि लगातार बैठकों के बावजूद तस्वीर साफ नहीं हो सकी है।बीएमसी चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होकर 30 दिसंबर तक चलेगी। ऐसे में गठबंधन को लेकर समय बेहदकम बचा है। राज्य की 29 नगर निगमों, जिनमें मुंबई भी शामिल है, के चुनाव 15 जनवरी को होंगे और मतगणना अगले दिन की जाएगी। हालांकिदोनों दल सार्वजनिक तौर पर यह कहते रहे हैं कि बातचीत खत्म हो चुकी है, लेकिन पर्दे के पीछे जारी बैठकों ने सियासी हलकों में अटकलें तेज कर दीहैं। माना जा रहा है कि अंतिम समय में कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
Love, Laughter and Stardom in Delhi Kartik Aaryan and Ananya Panday Light Up Promotions of ‘Tu Meri, Main Tera’

Vijay Srivastava 22 Dec 2025, New Delhi A Grand Welcome for Bollywood’s Young Stars in DelhiBollywood stars Kartik Aaryan and Ananya Panday arrived in New Delhi to promote their upcoming romantic film “Tu Meri, Main Tera — Main Tera, Tu Meri.” As soon as the actors reached the capital, excitement was clearly visible among fans and members of the media. Their visit added a fresh wave of energy to the film’s promotional journey. A Special Media Interaction at The Imperial HotelThe promotional event took place at the iconic The Imperial Hotel. The venue was filled with enthusiasm as Kartik Aaryan and Ananya Panday interacted with journalists and photographers. The actors spoke comfortably and warmly, making the interaction lively and engaging. Their friendly conversation and cheerful mood instantly won hearts. Talking About the Film and Their RolesDuring the media interaction, Kartik Aaryan spoke about the story of the film and explained that it brings a new and modern approach to romance. He shared that the film reflects real emotions, relationships, and feelings that today’s youth experience. According to him, the audience will see love presented in a simple, honest, and very relatable manner. Ananya Panday also shared her thoughts about the film and said that it holds a special place in her career. She mentioned that the story beautifully combines love, emotions, and entertainment. Ananya expressed her excitement and said she believes the audience will connect deeply with the film and enjoy every moment of it. Strong On-Screen Chemistry Steals the SpotlightOne of the most discussed aspects of the event was the on-screen chemistry between Kartik Aaryan and Ananya Panday. Fans have already been curious about their pairing, and the promotional event further increased this excitement. The comfort and understanding between the two actors were clearly visible, making people even more eager to watch them together on the big screen. Moments with Fans and the MediaThroughout the event, Kartik and Ananya happily posed for photographers and interacted warmly with their fans. They smiled, waved, and acknowledged everyone present, creating a positive and welcoming atmosphere. Several photos and videos from the event quickly went viral on social media, receiving love and appreciation from fans across the country. Delhi Promotion Becomes a Major HighlightThe Delhi promotional event turned out to be a major highlight for the film “Tu Meri, Main Tera — Main Tera, Tu Meri.” It successfully created buzz not only in the city but also online. With increasing excitement and growing curiosity, fans are now eagerly waiting for the film’s release. A Perfect Boost for the Film’s JourneyOverall, Kartik Aaryan and Ananya Panday’s visit to Delhi gave a strong and positive boost to the film’s promotions. Their simple words, warm smiles, and genuine interaction helped build a strong connection with the audience. The event clearly showed that the film is set to offer a beautiful mix of romance, emotions, and entertainment, making it one of the most awaited releases.
असम को 10,601 करोड़ की सौगात, पीएम मोदी ने डिब्रूगढ़ में उर्वरक संयंत्र की रखी आधारशिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम दौरे के दौरान राज्य को एक बड़ी विकास परियोजना की सौगात दी। पीएम मोदी ने डिब्रूगढ़ जिले में10,601 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए उर्वरक संयंत्र की आधारशिला रखी। यह संयंत्र सालाना करीब 12 लाख मीट्रिक टन उर्वरकउत्पादन की क्षमता वाला होगा। इस मौके पर आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज असम और पूरे पूर्वोत्तरके लिए ऐतिहासिक दिन है। नामरूप और डिब्रूगढ़ लंबे समय से जिस परियोजना का इंतजार कर रहे थे, वह सपना अब साकार हो रहा है। उन्होंनेबताया कि इस क्षेत्र में औद्योगिक प्रगति का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। इससे पहले गुवाहाटी में एयरपोर्ट के एक नए टर्मिनल का उद्घाटन भीकिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज असम विकास की नई रफ्तार पकड़ चुका है और यह सिर्फ शुरुआत है। जरूरतों को नजरअंदाज कियाप्रधानमंत्री ने इस आधुनिक उर्वरक संयंत्र के लिए देशभर के किसानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार में उद्योगऔर कनेक्टिविटी साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं, जिससे असम के सपनों को पंख मिल रहे हैं और युवाओं में नए अवसरों की उम्मीद जगी है। पीएम मोदीने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में किसानों की भूमिका सबसे अहम है। इसी सोच के साथ सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता देकरलगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि करीब 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह संयंत्र हर साल 12 लाख मीट्रिक टन उर्वरकका उत्पादन करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस फैक्ट्री के शुरू होने से उर्वरकों की आपूर्ति और आसान होगी और लॉजिस्टिक लागत भी काफी कमहोगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कीनीतियों ने दशकों तक किसानों की स्थिति को बदतर बनाया, जबकि उनकी सरकार किसानों को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।पीएम ने कहा कि खाद कारखाने जैसे प्रोजेक्ट न केवल किसानों को सस्ती खाद उपलब्ध कराएंगे, बल्कि क्षेत्र में रोजगार और औद्योगिक विकास कोभी बढ़ावा देंगे। कांग्रेस शासन के दौरान असम ही नहीं, बल्कि देशभर में कई यूरिया फैक्ट्रियां बंद कर दी गई थीं। इसके चलते किसानों को खाद केलिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था और हालात संभालने के लिए कई बार पुलिस तक तैनात करनी पड़ती थी। पीएम मोदी ने कहा कि उससमय किसानों को इतनी परेशानी झेलनी पड़ी कि कहीं-कहीं लाठीचार्ज तक की नौबत आ जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार नेकिसानों की जरूरतों को नजरअंदाज किया। 11 वर्षों में हमारे प्रयासों से 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकलेप्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी डबल इंजन सरकार कांग्रेस के समय पैदा हुई इन समस्याओं को पूरी ईमानदारी से ठीक करने में जुटी है। बीते 11 वर्षों मेंकाफी काम हुआ है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि जहां कांग्रेस के दौर में खाद कारखाने बंद हुए, वहींउनकी सरकार ने देश के अलग-अलग हिस्सों में नए उर्वरक संयंत्र लगाए हैं, ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके और उन्हें दोबारा ऐसीपरेशानियों का सामना न करना पड़े। पीएम मोदी ने कहा आज बीज से बाजार तक भाजपा सरकार किसानों के साथ खड़ी है। खेत के काम के लिएसीधे खाते में पैसे पहुंचाए जा रहे हैं। ताकि किसान को उधार के लिए भटकना न पड़े। अब तक पीएम किसान सम्मान निधि के तहत लगभग 4 लाखकरोड़ रुपए किसानों के खाते में भेजे गए हैं। इसी साल किसानों की मदद के लिए 35 हजार करोड़ रुपए की दो नई योजनाएं शुरू की गई हैं। पीएमधन धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन इससे खेती को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने आगे कहा ‘सबका साथ, सबका विकास… हमारा येविजन, देश के गरीब वर्ग के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव लेकर आया है। पिछले 11 वर्षों में हमारे प्रयासों से 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकलेहैं। देश में एक नया मध्यम वर्ग तैयार हुआ है।
दिल्ली में मोदी शाह से मुलाकात करेंगे नीतीश, बिहार की सियासत में हलचल

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज दिल्ली के लिए रवाना हुए। बिहार विधान सभा चुनाव की भारी जीत के बाद आज पहली बार वह नई दिल्ली के लिएरवाना हुए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक़ वह अपनी आंख का इलाज कराने के लिए दिल्ली गए हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी औरगृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे। बताया यह भी जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने स्वास्थ्य के रुटीन चेकअप के लिए दिल्ली गएहैं। इस संबंध में राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस यात्रा के दौरान मुख्य रूप से भाजपा और जदयू के बीच आगामी राजनीतिक रणनीतियों परचर्चा होगी। आलाकमान ने हाल ही में दो ऐसे फैसले लिएबिहार की सियासत में इन दिनों बड़े बदलाव की सुगहाट तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के भीतर हुए दो हालिया संगठनात्मक बदलावों की राज्यके राजनीतिक समीकरणों में खूब चर्चा है। इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का दिल्ली दौरा न केवल औपचारिक माना जा रहा है, बल्कि इसके पीछेभविष्य की बड़ी रणनीति के भी संकेत मिल रहे हैं। भाजपा आलाकमान ने हाल ही में दो ऐसे फैसले लिए हैं, जिनका सीधा प्रभाव बिहार की राजनीतिपर पड़ना तय माना जा रहा है। बिहार के कद्दावर विधायक नितिन नवीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने को राज्य में पार्टीकी पकड़ मजबूत होना माना जा रहा है। पार्टी ने बिहार भाजपा की कमान नए चेहरे को सौंपकर सांगठनिक फेरबदल की प्रक्रिया पूरी कर दी है। बदलावों के बीच गठबंधन को किस स्वरूप में आगे ले जातेराजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश कुमार का यह दिल्ली दौरा गठबंधन की नई दिशा तय करेगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इसदौरान भाजपा और जदयू के शीर्ष नेतृत्व के बीच कई मुद्दों पर सहमति बन सकती है। इसके तहत यह माना जा रहा है कि एनडीए के भीतर सीटों केतालमेल और आगामी रणनीति पर कोई ठोस फैसला लिया जा सकता है। वहीं बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार में किस पार्टी से किसे जगह मिलेगी, इसके नामों पर भी अंतिम मुहर लग सकती है। और सबसे ख़ास बात यह कि, नए प्रदेश नेतृत्व और जदयू के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर भी चर्चाहोने की उम्मीद जताई जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने नितिन नवीन को बड़ी जिम्मेदारी देकर यह साफ कर दिया है किबिहार उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। अब गेंद नीतीश कुमार के पाले में है कि वे इन बदलावों के बीच गठबंधन को किस स्वरूप में आगे ले जातेहैं।
कॉमेडी क्लासिक ‘वेलकम’ के 18 साल पूरे, अनिल कपूर ने याद किए फिरोज खान

कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम’ की रिलीज को आज रविवार को 18 साल पूरे हुए हैं। इस फिल्म का चार्म आज भी दर्शकों के बीच बरकरार है। इसमें अक्षयकुमार, अनिल कपूर, नाना पाटेकर कैटरीना कैफ और फिरोज खान जैसे सितारे नजर आए। फिरोज खान अब इस दुनिया में नहीं हैं। फिल्म की रिलीजको 18 साल होने पर एक्टर अनिल कपूर ने उन्हें याद किया है। साथ ही खुलासा किया कि फिल्म जब ठहर गई थी तो वह फिरोज खान ही थे जिन्होंनेइसे उठाया। अनिल कपूर ने अपने एक्स अकाउंट से एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने फिल्म की कुछ झलकियां शेयर करते हुए लिखा है, ‘फिल्म’वेलकम’ के 18 साल। यह फिरोज खान साहब के लिए है। RDX के बिना ‘वेलकम’, वेलकम नहीं थी। ठीक वैसे ही जैसे मोगैम्बो के बिना ‘मिस्टरइंडिया’ अधूरी थी। दोनों की जगह कोई नहीं ले सकता, बस बात खत्म’। अगले साल रिलीज होगीएक अन्य पोस्ट में अनिल कपूर ने एक किस्सा सुनाया है, जब फिल्म में ठहराव आ रहा था। ऐसे में फिल्म के निर्देशक अनीस बज्मी ने फिरोज खान परभरोसा जताया था और इसका असर भी हुआ। अनिल कपूर ने लिखा है, ‘मुझे याद है, जब मैंने स्क्रिप्ट सुनी थी और सोच रहा था कि यह कैसी बनेगी? पिक्चर यहीं रुक जाती है, बैठ जाती है। अनीस भाई ने कहा, ‘चिंता मत करो… फिरोज साहब पिक्चर संभाल लेंगे’। और, उन्होंने ऐसा ही किया।RDX ने फिल्म को ऊपर उठा दिया। यह फिल्म, यह किरदार, यह मैडनेस और जादू’। बता दें कि साल 2009 में फिरोज खान का निधन हो गया था।फिल्म ‘वेलकम’ के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो इसने 70.13 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था। इसे करीब 48 करोड़ रुपये कीलागत में बनाया गया था। बॉक्स ऑफिस पर यह सुपरहिट साबित हुई थी। साल 2015 में इसका सीक्वल वेलकम बैक आया। इसकी तीसरी कड़ी’वेलकम टू द जंगल’ है, जो अगले साल रिलीज होगी।