20 साल बाद ठाकरे बंधु साथ, उद्धव-राज ने BMC चुनाव के लिए किया गठबंधन

महाराष्ट्र की सियासत में ठाकरे बंधुओं ने एक बड़ा फैसला लेकर सबको चौंका दिया है। 20 साल बाद उद्धव-राज ठाकरे एक साथ चुनाव लड़ने जा रहे हैं। शिवसेना (यूबीटी) और मनसे मिलकर बीएमसी चुनाव लड़ेंगे। बुधवार को दोनों भाईयों ने संयुक्त प्रेस वार्ता करके इसका एलान किया। घोषणा से पहले उद्धव ठाकरे और एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने अपने परिवारों के साथ शिवाजी पार्क में बालासाहेब ठाकरे के स्मारक परश्रद्धांजलि अर्पित की। उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम साथ रहने के लिए ही एकजुट हुए हैं। मुंबई या महाराष्ट्र पर किसी ने टेढ़ी नजर डाली, तो उसकीसियासत खत्म कर देंगे, यह शपथ लेकर हम साथ आए हैं। विधानसभा चुनाव के वक्त भाजपा ने यह गलत प्रचार किया था कि कटेंगे, तो बटेंगे। इसीपर अब हम मराठी लोगों से यह कहना चाहते हैं कि अगर अब चूक गए, तो खत्म हो जाओगे। अगर आपस में फूट पड़ी, तो पूरी तरह खत्म हो जाओगे।मराठी माणूस किसी के आड़े नहीं आता, लेकिन अगर कोई उसके रास्ते में आ गया, तो वह उसे वापस नहीं जाने देता। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता बहुत उत्साहितराज ठाकरे ने कहा कि किसी भी दल से महाराष्ट्र बड़ा है। हम अभी कोई आंकड़ा नहीं बताएंगे। समय आने पर इसकी घोषणा की जाएगी। बहुत दिनोंसे महाराष्ट्र जिसका इंतजार कर रहा था, उस शिवसेना-मनसे के बीच आज आखिरकार गठबंधन हो गया है। महाविकास अघाड़ी के सवाल पर उद्धव नेचुटकी ली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तो जाहिर कर ही दिया है। अब हम और क्या बोलें कि टूट गया है, टूट गया है? …क्या अघाड़ी अब भी कायमहै, इस पर भी उद्धव ने तंज कसते हुए कहा कि हां, सारे दल तो बाहर हो गए हैं, फिर भी आप कह सकते हैं कि महाविकास अघाड़ी अटूट है। गठबंधनके एलान पर एमएनएस नेता यशवंत किल्लेदार ने कहा कि दो भाई एक साथ आ रहे हैं और हम इस पल का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। उन्होंनेकहा कि आज जो हो रहा है वह हमारे लिए खुशी की बात है। किल्लेदार ने कहा, ‘दोनों भाई बालासाहेब ठाकरे के स्मृति स्थल पर आएंगे और उसकेबाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। वे वहीं गठबंधन की घोषणा करेंगे। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता बहुत उत्साहित हैं।’ भाजपा के विरोधियों को एकजुट होना चाहिएशिवसेना (यूबीटी) के नेता ने कहा, ’20 वर्षों तक ठाकरे बंधुओं का साथ नहीं रहा और महाराष्ट्र को इसका बहुत नुकसान उठाना पड़ा। अब भाजपा कोसबक सिखाने और मुंबई में चल रही लूट को रोकने के लिए उद्धव और राज ठाकरे एकजुट हुए हैं। हम मुंबई की 10 नगर निगमों में एक साथ चुनावलड़ेंगे।’ गठबंधन को लेकर संजय राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे आज चुनावी गठबंधन की घोषणा करने के लिए एकजुट होंगे। उन्होंनेकहा, ‘यह महाराष्ट्र और मराठी जनता के लिए खुशी का क्षण है। बालासाहेब ठाकरे ने यहीं के मूल निवासियों के लिए शिवसेना की स्थापना की थी।’ बीएमसी चुनाव के लिए शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस के गठबंधन पर कांग्रेस नेता अतुल लोंढे ने कहा कि आज खबर आई है कि अजित पवारऔर शरद पवार गठबंधन करने जा रहे हैं। उन्होंने सवाल खड़े करते हुए कहा कि क्या इसका मतलब यह है कि महायुति में फूट पड़ गई है? इसगठबंधन के एलान पर शिवसेना (यूबीटी) विधायक सचिन अहीर ने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में यह एक ऐतिहासिक दिन है, जब ठाकरे परिवारएक साथ आ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र के लिए इसकी बहुत जरूरत है। यह आशा की किरण है। आज दोपहर गठबंधन का एलान किया जाएगा।भाजपा के विरोधियों को एकजुट होना चाहिए।’
उन्नाव रेप केस: कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद सजा निलंबित,हाईकोर्ट से सशर्त जमानत

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को 2017 के उन्नाव दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व भाजपा नेता कुलदीप सिंह सेंगर कीसजा को अपील लंबित रहने तक निलंबित कर दिया और दिल्ली में रहने समेत कई सख्त शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।हालांकि सेंगर अभी जेल से बाहर नहीं आ सकेगा। पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में 10 साल की सजा पर उसकी याचिका लंबित हैजिसकी सुनवाई 16 जनवरी 2026 को होनी है। नाबालिग से दुष्कर्म में उम्रकैद की सजा निलंबित होने की सूचना पर जहां पूर्व विधायक का खेमाखुश है, वहीं मामले की जानकारी होते ही पीड़िता अपनी मां के साथ दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना देने के लिए बैठ गई। इसकी जानकारी पुलिसपहुंची और दोनों को जबरन वहां से उठा दिया। दुष्कर्म पीड़िता का कहना है कि सेंगर बाहर आया दोबारा इसी जगह पर धरना देगी। हत्या के मुकदमे में तीन मार्च 2020 को दस साल की सजा हुईमालूम हो कि गांव में रहने वाली नाबालिग ने वर्ष 2017 में तत्कालीन विधायक कुलदीप सेंगर पर दुष्कर्म की शिकायत की थी। लंबी कानूनी लड़ाईके बाद पीड़िता और परिवार की सुनवाई हुई थी। अप्रैल 2018 को प्रदेश सरकार की संस्तुति पर केंद्र सरकार ने प्रकरण की सीबीआई जांच की करानेकी मंजूरी दी। सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज कर 13 अप्रैल 2018 की उसे लखनऊ स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। लंबी जांच और दिल्ली की तीसहजारी कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई के बाद 16 दिसंबर 2019 को कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई और न्यायालय ने कुलदीप को नाबालिग सेदुष्कर्म का दोषी पाया। 20 दिसंबर 2019 को न्यायालय ने कुलदीप को उम्रकैद की सजा और 25 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इसकेबाद उनकी विधानसभा से सदस्यता खत्म हो गई थी। बाद में कुलदीप व छोटे भाई अतुल को पीड़ित किशोरी के पिता की हत्या के मुकदमे में तीनमार्च 2020 को दस साल की सजा हुई थी। जमानत पर चल रहे लोग खुले आम धमका रहेछह साल से दिल्ली की तिहाड़ जेल में सलाखों के पीछे रह रहे कुलदीप को न्यायालय ने 15 लाख के निजी मुचलके कई शर्तों के साथ सजा कोनिलंबित किया है। हालांकि कुलदीप ने सजा के खिलाफ अपील की है। इसकी सूचना मिलते ही परिवार और कुछ समर्थक मंगलवार की दोपहर हीदिल्ली पहुंच गए। कुलदीप सेंगर की मौसी सरोज सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मेरे बेटे को न्यायालय ने राहत दी है इसके लिए न्यायालयऔर ईश्वर का आभार जताया है। बताया कि मेरे बेटे को साजिशन फंसाया गया था। वह इस तरह का गलत काम नहीं कर सकते जिसमें उन्हें सजा हुई।वह भी गांव की बेटी को वह बेटी की तरह मानते थे। मौसी का कहना है कि कुलदीप चार बार विधायक रहे हैं। राजनीतिक प्रतिद्वंदिता में बड़ी साजिशरचकर उन्हें फंसाया गया। न्यायालय और ईश्वर पर पूरा विश्वास है। पीड़िता की बहन ने आरोप लगाया कि कुलदीप सेंगर ने मेरे बड़े पापा को फिर पिताको मरवाया इसके बहन के साथ गलत काम किया। इसके बाद भतीजी (दुष्कर्म पीड़िता) के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने वाले चाचा को झूठे केस मेंफंसाकर जेल भिजवाया। बहन ने बताया कि अभी कुलदीप जेल से बाहर नहीं आए इससे पहले ही उनके लोग धमकियां देने लगे हैं अब खतरा मंडरारहा है। पिता की हत्या में पहले से जमानत पर चल रहे लोग खुले आम धमका रहे हैं।
सोने की चोरी से बड़ा अपराध, सबरीमाला मामले पर केरल सरकार पर BJP का हमला

केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मंगलवार को सबरीमाला मंदिर में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंनेइसे अपवित्रता का एक गंभीर कृत्य करार देते हुए कहा कि यह सोने की चोरी से कहीं अधिक है। उन्होंने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है। राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘एक अयप्पा भक्त के तौर पर, इन घटनाओं सेउन्हें गहरा दुख और पीड़ा हुई है’। उन्होंने दावा किया कि नई जांच से पता चलता है कि भगवान अयप्पा मंदिर में लूटपाट सिर्फ रिपोर्ट किए गए 4.5 किलो सोने तक सीमित नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया, ‘जांच से अब पता चलता है कि एलडीएफ के नियुक्त देवस्वोम बोर्ड के तहत सबरीमाला सेचार पंचधातु की मूर्तियां निकालकर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को बेच दी गईं।’ भाजपा नेता के मुताबिक, 2015 में यूडीएफ शासन के दौरानबदली गई पवित्र ‘पठिनट्टम पड़ी’ (18 सीढ़ियों) के कुछ हिस्सों के साथ भी बाद में छेड़छाड़ की गई और उन्हें लूट लिया गया। इन खुलासों को बेहदपरेशान करने वाला बताते हुए चंद्रशेखर ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ और सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ दोनों को शामिल करते हुएएक बड़ी राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया।उन्होंने कहा, ‘जैसा कि मैंने पहले कहा, कुछ लोगों को गिरफ्तार करना काफी नहीं है। यह एक बड़ीराजनीतिक साजिश है – जो कांग्रेस-यूडीएफ के तहत शुरू हुई और सीपीएम-एलडीएफ के तहत पूरी हुई।’ चंद्रशेखर ने कहा कि ये भगवान अयप्पा औरदुनिया भर के लाखों भक्तों के साथ विश्वासघात है। अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क शामिलनेता ने जोर देकर कहा कि सच्चाई का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) पर्याप्त नहीं होगा और उन्होंने सीबीआई जांच की अपनीमांग दोहराया। इसके साथ ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर इस मुद्दे को मामूली गलती बताकर कम आंकने की कोशिशकरने का भी आरोप लगाया, और कहा कि पार्टी अयप्पा भक्तों को न्याय दिलाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी। अपने बयान को “स्वामीये शरणमअयप्पा” के नारे के साथ खत्म करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा तब तक पीछे नहीं हटेगी जब तक सच्चाई पूरी तरह सामने नहीं आ जाती। बतादें कि सबरीमाला भगवान अयप्पा मंदिर कुछ समय से सोने के गायब होने को लेकर एक बड़े राजनीतिक विवाद का केंद्र बना हुआ है। मामले में एकस्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम सोने के गायब होने और संबंधित शिकायतों की जांच कर रही है, और इस संबंध में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के दोअध्यक्षों सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क शामिलहाल ही में, एसआईटी ने एक विजिलेंस कोर्ट को बताया कि स्मार्ट क्रिएशन्स के पंकज भंडारी और बल्लारी के ज्वेलर गोवर्धन रोडम ने सबरीमालामंदिर की कलाकृतियों से सोना चुराने की साजिश में मुख्य भूमिका निभाई थी। एसआईटी ने पिछले हफ्ते भंडारी और रोडम दोनों को गिरफ्तार कियाथा। केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने सबरीमाला मंदिर में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने इसेअपवित्रता का गंभीर कृत्य बताया और सीबीआई जांच की मांग की है। चंद्रशेखर ने दावा किया कि मंदिर से सोना चोरी और मूर्तियों की तस्करी मेंअंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क शामिल है।
ठाकरे बंधुओं के गठबंधन पर BJP का तंज, फडणवीस बोले—पुतिन-जेलेंस्की साथ आ गए हों जैसे

ठाकरे बंधु बीएमसी चुनाव के लिए साथ आए हैं। बुधवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने शिवसेना यूबीटी और मनसे केगठबंधन का एलान किया। हालांकि सीएम फडणवीस के एक बयान से लग रहा है कि भाजपा ने ठाकरे बंधुओं के इस गठबंधन को कोई तवज्जो नहींदी है। सीएम फडणवीस ने कहा, ‘शिवसेना यूबीटी और मनसे के गठबंधन को ऐसे प्रचारित किया जा रहा है, जैसे रूस और यूक्रेन साथ आ गए हो औरजेलेंस्की और पुतिन बातचीत कर रहे हो।’ मुख्यमंत्री ने शिवसेना यूबीटी और मनसे पर निशाना साधते हुए कहा, ‘दोनों पार्टियां अस्तित्व के संकट सेजूझ रही हैं, इन पार्टियों ने बार-बार अपनी भूमिकाएं बदलकर लोगों के बीच अविश्वास पैदा किया है, इन्होंने तुष्टिकरण की राजनीति कर अपनावोटबैंक खो दिया है। इनके साथ आने से कौन सा फर्क पड़ने वाला है। अगर ये अपना अस्तित्व बचाने के लिए साथ आ रही हैं तो ये चुनाव नहीं जीतसकते। दोनों भाईयों की अब कोई विचारधारा नहीं बची है, ये सिर्फ अवसरवादिता की राजनीति कर रहे हैं।’ राज ठाकरे का समर्थन चाहतेमहाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने ठाकरे बंधुओं के गठबंधन पर कहा, ‘वे अपनी जमीन खो चुके हैं। उद्धव ठाकरे कीपार्टी निकाय चुनाव में 228 सीटों से आठ सीटों पर सिमट गई है। ऐसा ही मुंबई में होगा। यही वजह है कि वे साथ आ रहे हैं। हम उन्हें साथ आने केलिए शुभकामनाएं देते हैं। मुंबई के लोग विकास के लिए वोट करेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विकसित मुंबई का संकल्प लिया है मुंबई कोअंतरराष्ट्रीय शहर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। हमारा घोषणा पत्र हमें जीत दिलाएगा। दोनों भाई साथ आ रहे हैं, सिर्फ इसलिए उन्हें सहानुभूतिवोट नहीं मिलेंगे। उनके पास सभी सीटों पर उम्मीदवार भी नहीं है और न ही कार्यकर्ता हैं।’ एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने उद्धव और राजठाकरे के गठबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा, अगर इन लोगों के पास असल में इतनी ताकत है तो वे हालिया निकाय चुनाव में बुरी तरह से क्यों हारे? कांग्रेस न उद्धव ठाकरे के साथ है और न ही शरद पवार के साथ, इसलिए इन्हें किसी की जरूरत है, जैसे डूबते को तिनके का सहारा। इसी तरह से उद्धवठाकरे, राज ठाकरे का समर्थन चाहते हैं। मुझे नहीं लगता इससे बहुत फायदा होगा। पुतिन और जेलेंस्की साथ आ गएउद्धव और राज ठाकरे के गठबंधन पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता विजय वडेट्टिवार ने कहा, हालिया निकाय चुनाव में कांग्रेस, जो महाविकासअघाड़ी गठबंधन में बड़े भाई की भूमिका में है, सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और गठबंधन की दोनों पार्टियों से ज्यादा सफल रहे। अगर दोनों भाईयों नेसाथ आने का फैसला किया है तो हम इससे खुश हैं। हम उन्हें बधाई देते हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी कभी भी मनसे के साथ नहीं जुड़ेगी। हम शिवसेनायूबीटी और एनसीपी एसपी के साथ खड़े रहेंगे। महाराष्ट्र के लिए मराठी लोग क्या फैसला करते हैं, ये उन पर है। ठाकरे बंधुओं ने बीएमसी चुनाव मेंगठबंधन का एलान कर दिया है। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने फैसले की जानकारी दी। हालांकि भाजपा ने इसगठबंधन पर तंज कसा है। सीएम फडणवीस ने तो यहां तक कह दिया कि दोनों भाईयों के साथ आने को ऐसे प्रचारित कर रहे हैं, जैसे पुतिन औरजेलेंस्की साथ आ गए हैं।
एच-1बी वीजा धारकों की मुसीबत बढ़ी, अमेरिका ने सोशल मीडिया जांच के चलते साक्षात्कार रद्द किए

अमेरिकी वीजा प्रक्रिया में बदलाव हजारों भारतीय पेशेवरों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। दिसंबर की शुरुआत में अपने वर्क परमिट कानवीनीकरण कराने के लिए भारत लौटे तमाम एच-1बी वीजाधारक यहीं फंस गए हैं, क्योंकि अमेरिकी दूतावासों ने साक्षात्कार रद्द कर दिए हैं।वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, ये साक्षात्कार 15 से 26 दिसंबर के बीच निर्धारित थे लेकिन अमेरिकी विदेश विभाग की नई सोशल मीडिया जांच नीतिके चलते इन्हें अचानक रोक दिया गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवेदकों की ऑनलाइनउपस्थिति और सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है। अमेरिका की इस नई नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भीआवेदक अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा न बने। भारत में अमेरिकी दूतावास ने 10 दिसंबर को कहा था कि अब एच-1बीधारकों और उनके आश्रितों (एच-4) के लिए भी यह जांच अनिवार्य होगी। एच-1बी वीजा का व्यापक रूप से अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों की ओरसे इस्तेमाल किया जाता है। भारतीय पेशेवर इस वीजा के प्राप्तकर्ताओं के सबसे बड़े समूहों में से एक हैं। अमेरिकी वीजा एक विशेषाधिकारभारत में अमेरिकी दूतावास ने H-1B और H-4 वीजा आवेदकों के लिए एक्स पर एक पोस्ट में वैश्विक अलर्ट जारी किया है। इसमें कहा गया है कि15 दिसंबर से विदेश विभाग ने मानक वीजा स्क्रीनिंग के हिस्से के रूप में ऑनलाइन समीक्षा को व्यापक बना दिया है। यह उपाय इन वीजा के लिएआवेदन करने वाले सभी राष्ट्रीयताओं के आवेदकों पर विश्व स्तर पर लागू होता है। दूतावास के अनुसार, विस्तारित जांच प्रक्रिया का उद्देश्य एच-1बीकार्यक्रम के कथित दुरुपयोग को रोकना है। इसके साथ ही अमेरिकी कंपनियों को सर्वश्रेष्ठ अस्थायी विदेशी पेशेवरों की भर्ती करने की अनुमति देना भीहै। संसद के शीतकालीन सत्र में राज्यसभा में लिखित जवाब देते हुए विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया था कि अमेरिकी प्रशासन अब वीजासंबंधी हर फैसले को राष्ट्रीय सुरक्षा का निर्णय मानता है। उन्होंने वाशिंगटन के इस रुख को दोहराया कि अमेरिकी वीजा एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं। सोशल मीडिया की समीक्षा करता रहाविस्तृत जांच प्रक्रिया के चलते भारत में 15 दिसंबर से पहले से निर्धारित हजारों एच-1बी साक्षात्कार अचानक कई महीनों के लिए स्थगित कर दिएगए हैं। जिन आवेदकों ने नवीनीकरण के लिए पहले ही भारत की यात्रा कर ली थी, वे वैध वीजा के बिना अमेरिका में अपनी नौकरी पर वापस लौटनेमें असमर्थ हो गए हैं। कुछ आवेदकों के साक्षात्कार जो दिसंबर के मध्य में निर्धारित थे, उन्हें मार्च या यहां तक कि मई के अंत तक के लिए पुनर्निर्धारितकिया गया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया की जांच कोई नई बात नहीं है। विदेश विभाग लंबे समय से छात्र और एक्सचेंजवीजा (महिला, पुरुष और महिला श्रेणी) के लिए सोशल मीडिया की समीक्षा करता रहा है।
856 किलोमीटर बिना बाड़ वाली सीमा पर BSF की सख्त निगरानी, 11 साल में 21,407 घुसपैठिये पकड़े

पिछले साल जुलाई-अगस्त में हुए बांग्लादेश के हिंसक प्रदर्शनों के बाद अब एक बार फिर वहां पर हिंसा हो रही है। इंकलाब मंच के नेता शरीफउस्मान हादी की मौत के बाद दोनों देशों के मध्य, रिश्तों में तनाव और कड़वाहट है। बांग्लादेश में यह अफवाह फैलाई जा रही है कि जिन लोगों ने हादीको गोली मारी है, वे भारत में जाकर छिप गए हैं। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने दीपू चंद्र दास की ‘बर्बर हत्या’ कर दी। दोनों मुल्कों के बीच वीजा सेवाओंको निलंबित कर दिया गया है। भारत और बांग्लादेश के बीच अभी तक 856 किमी लंबा हिस्सा ऐसा है, जो खुला है। यानी वहां पर ‘बाड़’ नहीं लगीहै। गत 11 वर्ष में 21000 बांग्लादेशी घुसपैठिये गिरफ्तार किए गए हैं। कई जगहों पर घरों एवं गलियों के बीच से ‘सीमा’ रेखा गुजरती है। 11 वर्षों के दौरान 21407 घुसपैठियों को पकड़ा गयाबता दें कि भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा की लंबाई 4096.70 किलोमीटर है। इसमें से 3239.92 किलोमीटर, यानी 79.08 प्रतिशत क्षेत्र परबाड़ लगाई गई है। इस सीमा पर 856.778 किलोमीटर क्षेत्र, मतलब 20.92 प्रतिशत, ये ऐसा इलाका है, जहां बाड़ नहीं लगी है। भारत-बांग्लादेशसीमा पर 2014 से लेकर 2024 तक घुसपैठियों ने भारत में घुसने के लिए 7528 प्रयास किए हैं। इस वर्ष नवंबर तक ऐसे प्रयासों की संख्या 1104 रही है। 11 साल में घुसपैठ के कुल 8632 प्रयास किए गए। 2014 से लेकर 2024 तक बॉर्डर पार करने का प्रयास करने वाले 18851 घुसपैठियोंको गिरफ्तार किया गया है। इस वर्ष 2556 घुसपैठिये गिरफ्तार किए गए। ऐसे में पिछले 11 वर्षों के दौरान 21407 घुसपैठियों को पकड़ा गया है। चौकसी करने में कितना पसीना बहाना पड़ता होगाबांग्लादेश से लगती भारतीय सीमा की सुरक्षा के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है। सीमा सुरक्षा बल ‘बीएसएफ’ पूरी तरह चौकस एवं सतर्क है।भारत और बांग्लादेश सीमा का कुछ हिस्सा ऐसा है, जहां अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा (आईबी) मकानों, गलियों, खेतों और तालाबों से गुजरती है। मकानएक है, मगर उसका कमरा भारत में है तो किचन बांग्लादेश में है। सोने का कमरा बांग्लादेश में तो पशुओं का बाड़ा हिन्दुस्तान में है। अब यहां परघुसपैठ की प्रबल संभावना बन गई है। बीएसएफ ने अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा के ऐसे क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। सीमा पर एक ही मकान और एक हीगली में भारत-बांग्लादेश, ये दोनों देश मौजूद हैं। दोनों देशों के बीच खींची गई अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा (आईबी) घरों और गलियों में से होकर गुजरतीहै। किसी घर का एक कमरा भारत में है तो दूसरा कमरा बांग्लादेश की सीमा में स्थित है। घर का एक दरवाजा भारत में खुल रहा है तो दूसरा दरवाजाबांग्लादेश में खुलता है। आईबी पर एक जगह तो ऐसी है, जहां मात्र तीन फुट की गली के बीचोंबीच से आईबी रेखा गुजर रही है। ऐसे में जब कोईआदमी उस गली में चलता है तो उसका एक पांव भारत में टिकता है और दूसरा पांव बांग्लादेश में होता है। ऐसे में अंदाजा लगा सकते हैं किबीएसएफ को इतने सघन बॉर्डर पर चौकसी करने में कितना पसीना बहाना पड़ता होगा।
नियम तोड़े तो सीलिंग तय, दिल्ली सरकार ने प्रदूषण रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाया उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई

दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ सरकार की ओर से और सख्ती बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम का पालन न करने वालीनिजी कंपनियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे कार्यालय सील किए जाएंगे। सरकार ने तय किया है कि सुविधाएं जरूरी हैं, लेकिन नियममानना भी सबके लिए उतना ही अनिवार्य है। नियम तोड़ने वाले उद्योगों को अब राहत नहीं मिलेगी और गैर अनुपालन पर तुरंत सीलिंग होगी। सरकार नेहवा को साफ करने के लिए जो भी उपाय किए हैं, उसमें ढिलाई नहीं चाहती। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि नो पीयूसी, नो फ्यूलनियम सख्ती से लागू रहेगा। अभी तक 2 लाख से अधिक वाहनों की पीयूसी जांची है और सर्टिफिकेट जारी किए हैं। इनमें से करीब 10 हजार वाहनउत्सर्जन मानकों पर खरे नहीं उतरे। पीयूसी व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सभी केंद्रों को आधुनिक मशीनों से अपग्रेड किया जा रहा है। जांचमें पारदर्शिता लाने के लिए थर्ड पार्टी सिस्टम लागू किया जा रहा है और परिवहन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। एएनपीआर कैमरों मेंतकनीकी खामियों की शिकायतों पर मंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग मामले को देख रहा है। कचरे की वैज्ञानिक प्रोसेसिंग हो रहीप्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ सोमवार से अभियान और तेज कर दिया गया है। मंत्री ने चेतावनी दी कि जो भी औद्योगिक इकाई वायुप्रदूषण नियमों का उल्लंघन करती पाई गई, उसे तुरंत सील किया जाएगा। 31 दिसंबर तक ओईसीएम सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन नहीं करने वालेउद्योगों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। एमसीडी और डीपीसीसी मिलकर अवैध और अनधिकृत औद्योगिक यूनिट्स की पहचान कर रहे हैं और ऐसी सभीइकाइयों को बंद किया जाएगा। मंत्री ने कहा, सड़कों पर धूल रोकने के लिए चौबीस घंटे सफाई और पानी का छिड़काव किया जा रहा है। लैंडफिलसाइट्स पर बायो माइनिंग हो रही है। हर दिन करीब 35 हजार मीट्रिक टन कचरे की वैज्ञानिक प्रोसेसिंग हो रही है। निजी कंपनियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गएमंत्री ने बताया कि सरकार शहर के जलाशयों को पुराने रूप में लाने के लिए काम कर रही। साल पहले कब्जा किए या उपेक्षित जलाशयों में से कम सेकम 50 फीसदी को उनके मूल स्वरूप में वापस लाने का लक्ष्य तय किया गया है। ये जलाशय धूल कम करने और शहरी पर्यावरण को बेहतर बनाने मेंअहम भूमिका निभाएंगे। दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ सरकार की ओर से और सख्ती बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम कापालन न करने वाली निजी कंपनियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे कार्यालय सील किए जाएंगे।
किसान सम्मान दिवस: सीएम योगी ने किसानों की मेहनत को किया सलाम, ट्रैक्टर से जुड़े चेहरे की खुशी का जिक्र

सीएम योगी आदित्यनाथ ने किसान सम्मान दिवस पर किसानों का उत्साह बढ़ाते हुए उनकी मेहनत को प्रणाम किया। सीएम ने किसान समृद्धि योजनाके तहत ट्रैक्टर पाने वाले किसानों के चेहरे की चमक का जिक्र किया। बोले-कोई किसान अपनी मां तो कोई पत्नी को ट्रैक्टर में बिठाकर ले जा रहा है।यही किसान की ताकत होती है, सर्दी, गर्मी की परवाह किए बिना जब वह पसीना बहाता है और सर्दी को अपनी अस्थियों में समाहित कर ऊर्जा काप्रवाह धरती मां के साथ करता है तो खेती अन्न उत्पादन के रूप में सोना उगलती है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने किसान सम्मान दिवस पर किसानों काउत्साह बढ़ाते हुए उनकी मेहनत को प्रणाम किया। सीएम ने किसान समृद्धि योजना के तहत ट्रैक्टर पाने वाले किसानों के चेहरे की चमक का जिक्रकिया। बोले-कोई किसान अपनी मां तो कोई पत्नी को ट्रैक्टर में बिठाकर ले जा रहा है। यही किसान की ताकत होती है, सर्दी, गर्मी की परवाह किएबिना जब वह पसीना बहाता है और सर्दी को अपनी अस्थियों में समाहित कर ऊर्जा का प्रवाह धरती मां के साथ करता है तो खेती अन्न उत्पादन के रूपमें सोना उगलती है। बाजार तक किसानों की सुविधाओं को बढ़ायासीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपनी मेहनत से किसानों ने प्रगति की है। 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने देश की बागडोर संभाली, तब पहली बारकिसान भी सरकार के एजेंडे का हिस्सा बना। धरती हमारी मां और हम सभी इसके पुत्र हैं, इसलिए पुत्र का दायित्व है कि जब मां बीमार या संकट में होतो पुत्र उसे संकट से उबारने में योगदान देता है। पहली बार स्वायल हेल्थ कार्ड के माध्यम से पीएम मोदी ने 2014 में धरती मां की सेहत के बारे में हरकिसी को जागरूक किया। अन्नदाता किसानों को प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना से जोड़ा, फिर एक-एक करके प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना सेलेकर पीएम किसान सम्मान निधि, एमएसपी की गारंटी हो या बीज से लेकर बाजार तक किसानों की सुविधाओं को बढ़ाया गया। जागरूक जनशक्ति ही सफल लोकतंत्र का आधारसीएम योगी ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के मसीहा, पूर्व प्रधानमंत्री व यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी चरण सिंह को ‘भारत रत्न’ देकरकिसानों का मान बढ़ाया। लघु व सीमांत किसानों के लिए कृषि ऋण मोचन कार्यक्रम लागू किया। पहले किसान शासन की किसी भी योजना का अंगनहीं था, लेकिन आज किसान को शासन की हर योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है। आज बिचौलिया किसानों की फसल का दाम नहीं तय करता। यदिकिसान को बाजार में फसल का अच्छा दाम मिला तो ठीक वरना सरकार उसे खऱीदेगी। यूपी के अंदर धान, गेहूं, चना, सरसो, बाजरा, मक्का आदिफसलों का उत्पादन कई गुना बढ़ा है और लागत कम हुई है। यही किसानों की समृद्धि का आधार है। सीएम योगी ने चौधरी चरण सिंह के वक्तव्य काजिक्र किया। वे हमेशा देश, गांव व किसान के हित में काम करते थे। वे कहते थे कि जब तक किसान गरीब रहेगा, भारत अमीर नहीं हो सकता।ग्रामीण भारत ही असली भारत है। भारत की समृद्धि का मार्ग देश के खेत व खलिहान से होकर गुजरता है। जागरूक जनशक्ति ही सफल लोकतंत्र काआधार है।
चौधरी चरण सिंह की जयंती पर लोकदल का तंज, किसानों के नाम पर हो रही दिखावटी राजनीति “जानें क्या है पूरा मामला”

पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर लोकदल नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर लोकदल नेतासुनील सिंह ने कहा कि चौधरी साहब किसान, गांव और खेत-खलिहान की आत्मा थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन किसानों के हक और सम्मान के लिएसमर्पित किया। सुनील सिंह ने कहा कि आज चौधरी चरण सिंह की जयंती पर सरकार बड़े-बड़े कार्यक्रम कर रही है, लेकिन किसानों के नाम पर उनकीविरासत का राजनीतिक और निजी लाभ उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा, यदि सरकार वास्तव में चौधरी साहब की विचारधारा पर चलती, तो किसानआज खाद, गन्ना भुगतान और फसल के दाम के लिए परेशान न होता।” किसान सम्मान दिवस के सरकारी बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुनील सिंह नेकहा, ‘किसान ऊर्जा प्रवाहित करता है, तो धरती सोना उगलती है’ जैसे काव्यात्मक कथन जमीनी सच्चाई नहीं बदलते। धरती तभी सोना उगलेगी, जबकिसान को फसल का पूरा दाम, समय पर भुगतान और सुरक्षा मिलेगी।” लोकदल ने सरकार के कार्यक्रमों को केवल नाम और फोटो सेशन तक सीमित बताते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह की जयंती केवल नाम की नहीं, बल्कि नीति की होनी चाहिए। सुनील सिंह ने कहाचुनिंदा किसानों को ट्रैक्टर की चाबी देना असली सम्मान नहीं, बल्कि दिखावटी राजनीति है।असली सवाल अभी भी जस का तस हैं:सभी फसलों पर कानूनी एमएसपी कब लागू होगा?गन्ना भुगतान समय पर क्यों नहीं हो रहा?खाद-बीज की कालाबाजारी रोकने के उपाय क्यों नहीं?आवारा पशुओं से फसल सुरक्षा की स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं? सुनील सिंह ने चेतावनी दी कि चौधरी चरण सिंह की असली श्रद्धांजलि तभी होगी जब किसान को उसकी मेहनत का पूरा मूल्य, सुरक्षा और सम्मानमिलेगा। उन्होंने कहा,जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक जयंती पर होने वाले आयोजन किसानों की नजर में खोखले ही रहेंगे। सरकार भाषण नहीं, बल्कि नीतिगत फैसलों सेकिसानों को जवाब दे.
अरुणाचल प्रदेश में एनसीपी की ऐतिहासिक जीत, IMC, ZPM और GPM में शानदार प्रदर्शन

अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने निकाय चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इटानगर महानगर पालिका (IMC) चुनाव मेंकुल 20 सीटों में एनसीपी ने 8 सीटों पर चुनाव लड़कर 3 सीटों पर शानदार जीत हासिल की। साथ ही जिला परिषद (ZPM) में 4 जिलों की 11 सीटों पर पार्टी ने जीत दर्ज की, जबकि ग्राम पंचायत (GPM) में एनसीपी ने 396 सीटों पर जीत हासिल कर अपनी पकड़ मजबूत की। बनाए रखने के लिए प्रतिबद्धएनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अजित पवार, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री प्रफुल पटेल और राष्ट्रीय महासचिव श्री अविनाश आदिक ने इसऐतिहासिक जीत पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, “यह जीत जनता के समर्थन और हमारे कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है। हम जनता कीसेवा में और भी मेहनत से जुटेंगे।” एनसीपी के अरुणाचल प्रदेश अध्यक्ष श्री टोको तातुंग ने कहा, “यह जीत हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है और हमइसे आगे भी जारी रखेंगे।” प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्री निक केमिन और प्रदेश महासचिव लिखा सोनी ने भी जनता के सहयोग और पार्टी कार्यकर्ताओंकी मेहनत को इस सफलता का मुख्य कारण बताया। एनसीपी की इस जीत को प्रदेश की राजनीति में एक मजबूत संदेश माना जा रहा है कि पार्टीजनता के मुद्दों को प्राथमिकता देती है और उनके विश्वास को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।