जी राम जी योजना पर सियासी संग्राम, कांग्रेस आंदोलन के मूड में, शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान

जी राम जी योजना पर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच रार गहराती हुई दिखाई दे रही है। कांग्रेस ने इसके विरोध में पूरे देश में आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से लोगों के बीच जाने की तैयारी कर ली है। वहीं, केंद्र सरकार भी अपने मंत्रियों और भाजपा संगठन के माध्यम से जनता को इसकीखूबियां बताने की योजना बना रही है। इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जी राम जी योजना के अंतर्गत किसानों-श्रमिकोंको सौ से बढ़ाकर 125 दिनों का रोजगार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर करने में मदद मिलेगी। भूतपूर्वप्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी की स्मृति में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज जो एनडीए सरकार केंद्रमें शासन कर रही है, उसके विचारों की नींव चौधरी चरण सिंह ने ही रखी थी। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह के आदर्शों को ध्यान में रखते हुए हीश्रमिकों की कार्य योजना को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है जिससे उनका कल्याण हो सके। जनता के बीच अपनी-अपनी बात रखने की तैयारीशिवराज सिंह ने कहा कि इससे किसानों-श्रमिकों का जीवन बदलेगा और इससे इससे गाँव की तस्वीर बदलने वाले काम होंगे। हमने किसानों कीआवाज सुनकर ही खेती के सीजन में इस योजना को बंद रखने का निर्णय लिया है और अब जाकर ये योजना मजदूरों एवं किसान दोनों के कल्याण केलायक बनी है। उन्होंने कहा कि हम किसानों के साथ बेईमानी नहीं होने देंगे। शिवराज सिंह जी ने कहा कि जिस समय पंडित जवाहर लाल नेहरू केखिलाफ बोलने का कोई साहस नहीं करता था, तब चौधरी चरण सिंह ने उनके सहकारी खेती के विदेशी सिद्धांत का जमकर विरोध किया। गांधीवादीविचारधारा से प्रेरित चौधरी ने हिंडन नदी के किनारे जाकर नमक तोड़ा और जमींदारी प्रथा का उन्मूलन करके किसान को जमीन का मालिक बनाया।जिक्र करते हुए कहा कि इसका मकसद संविधान में बदलाव करना था। जी राम जी योजना को लेकर केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच टकराव तेज होगया है। सरकार का दावा है कि नई योजना के तहत किसानों और मजदूरों को 125 दिन का रोजगार मिलेगा और इससे गांवों का विकास होगा। वहींकांग्रेस ने इसे गरीब विरोधी बताते हुए देशभर में आंदोलन का ऐलान किया है। दोनों पक्ष जनता के बीच अपनी-अपनी बात रखने की तैयारी में हैं।
आरएसएस कोई राजनीतिक संगठन नहीं, भारत माता की जय ही हमारा सार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों पश्चिम बंगाल के चार दिवसीय दौरे पर हैं। उत्तर बंगाल से कोलकाता पहुंचेभागवत ने साइंस सिटी सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अगर आप संघ को समझना चाहते हैं, तो तुलना करने से गलतफहमियां पैदा होंगी। अगर आप संघ को केवल एक अन्य सेवा संगठन मानते हैं, तो आप गलत होंगे। आरसएस प्रमुख ने कहाकि कई लोगों में ‘संघ’ को भाजपा के नजरिए से समझने की प्रवृत्ति होती है, जो एक बहुत बड़ी गलती है। संघ की स्थापना का सार एक ही वाक्य में है’भारत माता की जय’। उन्होंने कहा कि भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि अपनी खास संस्कृति, परंपरा और स्वभाव का नाम है। संघ का लक्ष्य इनमूल्यों को बनाए रखते हुए भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने के लिए समाज को तैयार करना है। वैश्विक नेतृत्व के लिए खुद को तैयार करना होगाभागवत ने साफ किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का जन्म किसी राजनीतिक मकसद, प्रतिस्पर्धा या विरोध के लिए नहीं हुआ। उनका कहना था किसंघ पूरी तरह हिंदू समाज के संगठन, उन्नति और संरक्षण के लिए समर्पित है। संघ की भूमिका समझाने के लिए भागवत ने इतिहास का उदाहरण भीदिया। उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्र बोस के निधन के बाद अंग्रेजों के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष भले ही थम गया, लेकिन राजा राम मोहन राय के समय सेशुरू हुई समाज सुधार की प्रक्रिया लगातार चलती रही। उन्होंने इसे समुद्र के बीच एक ऐसे द्वीप की तरह बताया, जो समय के साथ मजबूती से कायमरहा। अपने संबोधन में आरएसएस प्रमुख ने समाज को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि भारत एक महान विरासत वाला देश है और उसे वैश्विकनेतृत्व के लिए खुद को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि अतीत में हम अंग्रेजों से युद्ध हार गए थे, लेकिन अब वक्त है कि हम अपने समाज कोसंगठित और सशक्त बनाएं। उनका पूरा भाषण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा, ‘व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ की सोच और एकजुटहिंदू समाज के साथ समृद्ध भारत के लक्ष्य पर केंद्रित रहा।
अरावली बचाओ अभियान, गांव बाता के युवाओं ने पंचायत स्तर पर सौंपा पहला ज्ञापन

अरावली पर्वत माला बचाओ अभियान की दिशा में क्षेत्र के युवाओं ने पहली पहल की है। कल पंचायत समिति स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में गांवबाता के 36 युवाओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर पहला ज्ञापन सौंपा। इस अभियान का नेतृत्व समाजसेवी भाई विक्रम दास वैष्णव ने किया।ज्ञापन में युवाओं ने अरावली पर्वत माला के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अरावली केवल एक पहाड़ी नहीं, बल्कि लाखों जीव-जंतुओंका घर, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने वाला एक प्राकृतिक सिस्टम और बढ़ते रेगिस्तान को रोकने वाली पहाड़ियाँ हैं। युवाओं ने अपील की कि जाति, धर्म और राजनीति को एक तरफ रखते हुए आने वाले पर्यावरणीय संकट से लड़ना हम सबकी जिम्मेदारी है। ज्ञापन सौंप भाई विक्रम दास वैष्णव ने कहा कि आने वाले समय में यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है यदि सरकार या न्यायपालिका अपना निर्णय वापस नहींलेती। उन्होंने राजस्थान के सभी युवाओं और नागरिकों से आग्रह किया कि अरावली बचाओ अभियान को सफल बनाने के लिए हर संभव योगदान देंऔर आंदोलन में सक्रिय रहें। युवाओं ने यह संकल्प लिया कि जब तक अरावली पर्वत माला सुरक्षित नहीं होती, तब तक वे अभियान को जारी रखेंगेऔर आवश्यकता पड़ने पर उग्र आंदोलन के लिए भी तैयार रहेंगे।
अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी संगम के लिए नेपाल और मॉरीशस के अतिथियों का हुआ आगमन, शहर में हुआ जोरदार स्वागत

अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी संगम भारत-2025′ के ऐतिहासिक आयोजन के लिए जनपद में उत्साह का माहौल है। इस भव्य समागम में मुख्य अतिथि के रूपभाग लेने के लिए नेपाल के मधेशी आयोग के प्रथम प्रमुख आयुक्त डॉ. विजय कुमार दत्त आजमगढ़ पहुंचे. मॉरीशस की भोजपुरी स्पीकिंग यूनियन कीचेयरपर्सन डॉ. वर्षारानी विशेष्वर ‘दुल्चा’ आजमगढ़ में विविध गतिविधियों में शिरकत की। नेपाल के मधेशी आयोग के प्रथम प्रमुख आयुक्त डॉ. विजय कुमार दत्त ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि आजमगढ़ तमसा के तीर पर बसा प्राचीन शहर है। आजमगढ़ जनपद में भोजपुरी को लेकर होरही अंतरराष्ट्रीय संगम को अदभुत बताया। कहा कि भाषा और संस्कृति को जोड़ने वाला यह संगम है। नेपाल का संबंध वैदिक और रामायणकालीनउन्होंने कहा कि नेपाल और भारत दो देश है लेकिन आत्मा से जुड़े हुए है। हमारी संस्कृति और परंपराएं एक है यह भोजपुरी संगम दोनों देशों के संबंधोंको और प्रगाढ़ करेगा। उन्होंने कहा कि नेपाल और भारत संस्कृति और भाषा से हम एक है।भारत और नेपाल का संबंध वैदिक और रामायणकालीन है।भोजपुरी की माटी पर कदम रखते ही अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया। राष्ट्रीय कला सेवा संस्थान के पदाधिकारियों और स्थानीय नागरिकों नेफूल-मालाओं से अगवानी की इस अवसर पर स्वागत समारोह में प्रमुख रुप से अंतरराष्ट्रीय मुख्य संयोजक अरविंद चित्रांश, संगोष्ठी प्रभारी डॉ प्रियातिवारी, कवि सम्मेलन प्रभारी डॉ ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, कवि सम्मेलन संचालक श्री संजय पाण्डेय ‘ सरस’, संरक्षक सदस्य सारिका श्रीवास्तव, संरक्षक श्री कृष्ण मोहन त्रिपाठी, भाजपा पूर्व अध्यक्ष लालगंज आजमगढ़ सूरज कुमार श्रीवास्तव, असोसिएट प्रोडूसर मुंबई अमित वर्मा, राजेश कुमार श्रीवास्तव व्यवस्था प्रभारी पवन कुमार कोषाअध्यक्ष,डॉ अवनीश अस्थान, डॉ सुभाष सिंह, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर,रजनी श्रीवास्तव, मयंकप्रख्यात मॉडल पुष्पांजलि एवं आरुषी गुप्ता, प्रिंसिपल योगेश, अस्थाना उपस्थित रहे। कलाकार और साहित्यकार भी आजमगढ़ पहुंच रहेआजमगढ़ में अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी संगम का भव्य आयोजन 22 दिसंबर को भारतीय लोक संस्कृति और भोजपुरी भाषा के सर्वांगीण विकास के संकल्पके साथ ‘राष्ट्रीय कला सेवा संस्थान’ अपने गौरवशाली 25वें वर्ष के उपलक्ष्य में आगामी 22 दिसंबर को एक ऐतिहासिक समागम करने जा रहा है।’अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी संगम भारत-2025′ और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का यह भव्य आयोजन सोमवार सुबह 11:00 बजे से स्थानीय हरिऔध कला केंद्र मेंसंपन्न होगा।इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भोजपुरी साहित्य, कला और परंपराओं को वैश्विक परिप्रेक्ष्य में नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। इस कार्यक्रममें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भोजपुरी की महत्ता को रेखांकित करने के लिए नेपाल से मधेशी आयोग के प्रथम प्रमुख आयुक्त डॉ. विजय कुमार दत्त औरमॉरीशस से भोजपुरी स्पीकिंग यूनियन की चेयरपर्सन डॉ. वर्षारानी विशेष्वर ‘दुल्चा’ मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इनके साथ ही रूस, इटली, तुर्की, थाईलैंड, दुबई और सऊदी अरब जैसे देशों से भी भोजपुरी प्रेमी और विद्वान विशिष्ट अतिथि के रूप में आजमगढ़ की धरती पर जुटेंगे। अंतरराष्ट्रीयसंयोजक अरविद चित्रांश ने बताया कि इस मौके पर शोधार्थियों द्वारा शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे और पारंपरिक चित्रकला प्रदर्शनी के साथ-साथ’बिटिया की विदाई’ जैसे लोकनाट्यों का मंचन भी होगा।आयोजन की गरिमा बढ़ाने के लिए देश के जाने-माने कलाकार और साहित्यकार भीआजमगढ़ पहुंच रहे हैं।
बहुजन भीम आर्मी का भव्य स्वागत–सम्मान कार्यक्रम, अनूप प्रधान बने राष्ट्रीय संरक्षक

बहुजन भीम आर्मी के तत्वावधान में एक भव्य स्वागत–सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक बनाए गए माननीयअनूप प्रधान जी का ऐतिहासिक अभिनंदन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय सतीश राजोरिया जी के कुशल नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम के दौरान माननीय अनूप प्रधान जी का पुष्प-वर्षा, ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ भव्य स्वागत किया गया। पूरे आयोजन स्थल पर जोश, उमंग और संगठनात्मक एकजुटता का माहौल स्पष्ट रूप से दिखाईदिया। चयन संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण कदमकार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि माननीय अनूप प्रधान जी का राष्ट्रीय संरक्षक के रूप में चयन संगठन के लिए एक महत्वपूर्णकदम है। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से बहुजन समाज के अधिकारों की लड़ाई को और अधिक मजबूती मिलेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश राजोरियाजी ने अपने संबोधन में संगठन की एकता, अनुशासन और सामाजिक न्याय के मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि बहुजन भीम आर्मी आने वाले समय मेंऔर अधिक मजबूती के साथ सामाजिक परिवर्तन की भूमिका निभाएगी. कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने संगठन के नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास जतायाऔर बहुजन हितों के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन संगठन को मजबूत करने और सामाजिक समानता के लक्ष्य कोआगे बढ़ाने के संदेश के साथ किया गया।
बांग्लादेश में मीडिया पर हमले लोकतंत्र के लिए खतरा, शशि थरूर ने जताई गहरी चिंता

बांग्लादेश से आ रही हिंसा की खबरों पर कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रोथोमआलो और डेली स्टार के दफ्तरों पर की गई भीड़ द्वारा हिंसा और आगजनी सिर्फ दो मीडिया संस्थानों पर हमला नहीं है, बल्कि यह प्रेस की स्वतंत्रताऔर बहुलतावादी समाज की बुनियाद पर सीधा प्रहार है। थरूर ने डेली स्टार के संपादक महफूज अनाम और अन्य साहसी पत्रकारों की सुरक्षा को लेकरभी चिंता जाहिर की। उनका कहना है कि पत्रकारों को अपनी जान बचाने के लिए संदेश भेजने पड़ें, जबकि उनके दफ्तर जल रहे हों यह किसी भीलोकतांत्रिक देश के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। खुलना और राजशाही स्थित भारतीय सहायक उच्चायोगों में वीजाउन्होंने बताया कि बढ़ते सुरक्षा खतरों के चलते खुलना और राजशाही स्थित भारतीय सहायक उच्चायोगों में वीजा सेवाओं का निलंबन एक बड़ा झटकाहै। इसका सीधा असर छात्रों, मरीजों और परिवारों पर पड़ा है, जो भारत-बांग्लादेश के बीच सामान्य होती आवाजाही से राहत महसूस कर रहे थे। स्थिरऔर समृद्ध पड़ोस के लिए थरूर ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से तीन प्रमुख कदम उठाने की अपील की. शशि थरूर ने याद दिलाया कि बांग्लादेशमें 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय चुनाव होने हैं। ऐसे में हिंसा और असहिष्णुता का माहौल लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए शुभ संकेत नहीं है। उन्होंनेचेताया कि अगर हालात नहीं संभले, तो चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं। स्थिरता पूरे क्षेत्र के लिए बेहद अहमशशि थरूर ने कहा कि बांग्लादेश की स्थिरता पूरे क्षेत्र के लिए बेहद अहम है। उम्मीद है कि देश में जल्द शांति लौटे और जनता की आवाज हिंसा याडर से नहीं, बल्कि मतपत्र के जरिए सुनी जाए। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बांगलादेश में हुए स्थानीय अखबारों के दफ्तर में हमले पर चिंता जताई है।उन्होंने कहा- मीडिया संस्थानों पर हमला नहीं है, बल्कि यह प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है।
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा एलान: नए साल से ऐतिहासिक कर कटौती, ‘अमेरिका का गोल्डन एज’ शुरू होने का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्थ कैरोलिना में अपने भाषण में एलान किया कि नए साल से अमेरिकी नागरिकों को इतिहास की सबसे बड़ी करकटौती का लाभ मिलेगा। ट्रंप ने कहा कि इसमें टिप्स पर कर नहीं लगेगा, ओवरटाइम पर कर नहीं लगेगा और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सोशलसिक्योरिटी पर कर नहीं लगेगा। ट्रंप ने अपने भाषण में कहा चार साल के संकट और गिरावट के दौरान पूरी दुनिया हमारी हंसी उड़ाती रही। लेकिन अबहम अमेरिका के सबसे शानदार वर्षों की शुरुआत कर रहे हैं। इसे ‘अमेरिका का गोल्डन एज’ कहा जाता है। पिछले 10 महीनों में हमारी सीमाएंसुरक्षित हुई हैं, महंगाई रुक गई है, मजदूरी बढ़ी है और कीमतें कम हुई हैं। हमारा राष्ट्र मजबूत है, अमेरिका वापस आ गया है। अमेरिका फिर से शक्तिशाली और समृद्ध बनेगाराष्ट्रपति ने आगे कहा हम लड़ेंगे, हम जीतेंगे और आपकी मदद से अमेरिका फिर से शक्तिशाली और समृद्ध बनेगा। हम अमेरिका को महान बनाएंगे।ट्रंप ने करों पर अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि पहले उनका पसंदीदा शब्द ‘टैरिफ’ था, लेकिन अब यह उनका पांचवां पसंदीदा शब्द बन गयाहै। राष्ट्रपति ने आगे कहा हम लड़ेंगे, हम जीतेंगे और आपकी मदद से अमेरिका फिर से शक्तिशाली और समृद्ध बनेगा। हम अमेरिका को महानबनाएंगे। ट्रंप ने करों पर अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि पहले उनका पसंदीदा शब्द ‘टैरिफ’ था, लेकिन अब यह उनका पांचवां पसंदीदा शब्दबन गया है। मुहिम को खत्म कर दियाअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार ने अमेरिकी ऊर्जा के खिलाफ कट्टर वामपंथियों की मुहिम को खत्म कर दिया है। उन्होंने ‘ग्रीनन्यू स्कैम’ को रद्द किया और ‘ड्रिल, बेबी, ड्रिल’ का आदेश जारी किया। ट्रंप के मुताबिक, इसके बाद पेट्रोल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है।अमेरिकी कामगारों की सुरक्षा के लिए सरकार ने विदेशी कारों पर 25 प्रतिशत, विदेशी स्टील पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। इसके अलावा नॉर्थकैरोलिना के फर्नीचर उद्योग को बचाने के लिए 25, 30 और 50 प्रतिशत तक टैरिफ लागू किए गए हैं।
नाथन लियोन की फिरकी से टूटी ब्रूक–क्राउली की साझेदारी, 435 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड दबाव में

स्पिनर नाथन लियोन ने हैरी ब्रूक को आउट कर ऑस्ट्रेलिया को चौथी सफलता दिलाई। ब्रूक और जैक क्राउली के बीच अच्छी साझेदारी पनप रही थी, लेकिन लियोन ने इसका अंत किया। क्राउली और ब्रूक ने चौथे विकेट के लिए 68 रन जोड़े। क्राउली हालांकि, क्रीज पर टिके हुए हैं और अब उनकासाथ देने कप्तान बेन स्टोक्स उतरे हैं। इससे पहले, ट्रेविस हेड के शतक और एलेक्स कैरी के अर्धशतक की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफतीसरे एशेज टेस्ट मैच की दूसरी पारी में 349 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया ने इस तरह कुल 434 रनों की बढ़त हासिल की और इंग्लैंड के सामने 435 रनोंका विशाल लक्ष्य रखा। उतरी इंग्लैंड की शुरुआतऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में ऑलआउट करने के बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैटकमिंस ने सलामी बल्लेबाज बेन डकेट को अपना शिकार बनाया। कमिंस ने लाबुशेन के हाथों डकेट को कैच कराया जो चार रन बनाकर आउट हुए।इसके बाद जैक क्राउले ने ओली पोप के साथ पारी आगे बढ़ाई, लेकिन कमिंस ने इंग्लैंड को एक और झटका दे दिया। कमिंस ने लाबुशेन के ही हाथोंपोप को कैच कराया। पोप 29 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 17 रन बनाकर आउट हुए। ऑस्ट्रेलिया को तीसरी सफलता दिलाईतेज गेंदबाज पैट कमिंस ने जो रूट को आउट कर ऑस्ट्रेलिया को तीसरी सफलता दिलाई। रूट और जैक क्राउले के बीच तीसरे विकेट के लिए 78 रनोंकी साझेदारी हुई। रूट और क्राउले ने शुरुआती झटकों के बाद इंग्लैंड को संभाल लिया था और टी ब्रेक तक इन दोनों ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों कोअन्य सफलता हासिल नहीं करने दी थी, लेकिन तीसरे सत्र की शुरुआत में ही कमिंस ने इंग्लैंड को तीसरा झटका दिया। रूट 63 गेंदों पर पांच चौकोंकी मदद से 39 रन बनाकर आउट हुए।
बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा पर बड़ी कार्रवाई: दीपू चंद्र दास हत्याकांड में 7 आरोपी गिरफ्तार, मोहम्मद यूनुस ने दिया सख्त संदेश

बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले के वालुका इलाके में सनातन धर्म के अनुयायी युवक दीपू चंद्र दास (27) की पीट-पीटकर हत्या के मामले में बड़ीकार्रवाई हुई है। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने बताया कि रैपिड एक्शन बटालियन ने इस जघन्य घटना में शामिल सातआरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन सभी से पूछताछ जारी है और मामले की गहन जांच की जा रही है। मोहम्मद यूनुस ने सोशल मीडिया परजानकारी साझा करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंनेस्पष्ट किया कि किसी भी तरह की सांप्रदायिक हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सामाजिक सौहार्दमोहम्मद यूनुस ने कहा कि यह घटना न केवल मानवता के खिलाफ अपराध है, बल्कि सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की कोशिश भी है।उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा। नेतृत्व वाली अंतरिम सरकारगौरतलब है कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने कल एक बयान में कहा था कि नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहींहै। बयान में आगे कहा गया कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। बांग्ला ट्रिब्यून समाचार पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार, मयमनसिंह शहर में गुरुवार को कथित ईशनिंदा के आरोप में दीपू चंद्र दास नामक एक हिंदू शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। भीड़ ने हत्या करनेके बाद उसके शव को आग लगा दी। मुख्य सलाहकार की मीडिया टीम की ओर से जारी बयान में कहा गया- हम हिंसा, धमकी, आगजनी और संपत्तिको नष्ट करने के सभी कृत्यों की कड़ी और स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं। बयान में कहा गया था कि इस नाजुक घड़ी में, हम प्रत्येक नागरिक से हिंसा, उकसावे और नफरत को अस्वीकार करके और उनका विरोध करके हादी का सम्मान करने का आह्वान करते हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सास विद्यावती देवी का निधन, बांस घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सास विद्यावती देवी का निधन हो गया है। उन्होंने 90 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। लंबे समय से बीमार चल रहींविद्यावती देवी को 47 दिन पहले इलाज के लिए पटना के आईजीआईएमएस (IGIMS) में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार शाम करीब 6:40 बजे उनका निधन हो गया। इधर, आज सुबह अंतिम दर्शन के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना स्थित बांस घाट पहुंचे। उनके साथ उनके पुत्र निशांतकुमार भी मौजूद रहे। इस दौरान दोनों की आखें नम दिखीं। इसके अलावा मंत्री अशोक चौधरी, न्यास बोर्ड के अध्यक्ष रणवीर नंदन समेत NDA केकई वरिष्ठ नेता भी बांस घाट पहुंचे और अंतिम दर्शन किए। पिछले काफी समय से अस्वस्थ थींबताया जा रहा है कि विद्यावती देवी पिछले काफी समय से अस्वस्थ थीं और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन सेमुख्यमंत्री परिवार में शोक की लहर है। राजनीतिक और सामाजिक जगत से जुड़े कई लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। बांस घाट पर अंतिम संस्कारकी तैयारियां पूरी कर ली गईं, जहां परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमारकी सास लंबे समय से बीमार चल रही थीं। शुक्रवार शाम को उन्होंने पटना के आईजीआईएमएस में अंतिम सांस ली। आज सुबह मुख्यमंत्री नीतीशकुमार अपने बेटे के साथ अंतिम दर्शन करने बांस घाट पहुंचे।