सीएम आतिशी ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र, नई दिल्ली सीट पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप

दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। सोमवारको आतिशी ने इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर घोटाला हो रहा है। उन्होंने कहा कि वोटों को गलत तरीके सेकाटने की साजिश रची जा रही है। वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का दावाप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आतिशी ने कहा कि नई दिल्ली विधानसभा सीट पर वोट काटने और जोड़ने को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) ने घर-घर जाकर वोटर सूची की सही से जांच नहीं की और गलत तरीके से वोट हटाने काषड्यंत्र किया जा रहा है। आतिशी ने कहा,“नई दिल्ली सीट पर 10% नए वोटर्स जोड़े गए हैं, लेकिन 5% वोट काटे गए हैं। यह साफ दिखाता है कि एक बड़ी साजिश चल रही है।” आप नेताओं का समर्थनइस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री के साथ आप सांसद संजय सिंह और राघव चड्ढा भी मौजूद थे। उन्होंने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए चुनाव आयोगसे निष्पक्ष जांच की मांग की। संजय सिंह ने कहा,“वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ लोकतंत्र पर सीधा हमला है। चुनाव आयोग को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।” चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र की मुख्य बातेंसीएम आतिशी ने अपने पत्र में चुनाव आयोग से निम्नलिखित मांगें की हैं: 1-वोटर लिस्ट में जोड़ने और काटने की प्रक्रिया की पारदर्शी जांच की जाए।2-बीएलओ द्वारा की गई कार्रवाई का ऑडिट कराया जाए।3-गड़बड़ी के पीछे दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई हो। विपक्ष का पलटवारविपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी के इन आरोपों को सस्ती राजनीति करार दिया है। उनका कहना है कि आप सरकार चुनाव से पहले सहानुभूतिबटोरने की कोशिश कर रही है।
अजित पवार के बयान से विवाद: ‘आपने वोट दिया, इसका मतलब यह नहीं कि आप मेरे मालिक हो’

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के हालिया बयान ने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है। बारामती में एक सभा के दौरान पवार के तीखेशब्दों ने ना केवल विपक्ष बल्कि खुद उनकी गठबंधन सरकार को भी बैकफुट पर ला दिया है। बयान का संदर्भ: क्या बोले अजित पवार?बारामती में एक सभा के दौरान जब कार्यकर्ता बार-बार पत्र देकर अपनी समस्याएं हल करने की मांग कर रहे थे, तो अजित पवार नाराज हो गए। उन्होंनेकहा,“तुमने मुझे वोट दिया है, इसका मतलब यह नहीं कि तुम मेरे मालिक हो। क्या तुमने मुझे अब खेत मजदूर बना दिया है?” उनका यह बयान मंच पर दिए जा रहे भाषण के बीच आया, जब कार्यकर्ता बार-बार उन्हें अपनी मांगों की ओर ध्यान देने के लिए बाध्य कर रहे थे। बीजेपी ने बयान से बनाई दूरीअजित पवार के इस बयान पर बीजेपी ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की। महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा,“जनता सर्वोपरि है और जनता का वोट हमारे लिए कर्ज़ है। अजित पवार ने क्या कहा, यह मैंने नहीं देखा, लेकिन हम जनता को ही सर्वोपरि मानते हैं।केंद्र और देवेंद्र फडणवीस सरकार मिलकर जनता के लिए काम करेंगी।” बीजेपी की इस प्रतिक्रिया से यह साफ दिखता है कि पार्टी इस बयान से दूरी बनाकर मामले को शांत करना चाहती है। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आलोचनाअजित पवार के इस बयान के बाद विपक्ष ने उनकी जमकर आलोचना की। राज्य की जनता के प्रति उनकी इस टिप्पणी को अपमानजनक बतायागया। सोशल मीडिया पर भी पवार के इस बयान की निंदा हो रही है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसे जनता के विश्वास का अपमान करार दिया। आम जनता के बीच यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या नेता अपनेवोटर्स के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। पिछले चुनावों की स्थिति और महायुति की भूमिका2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी, शिवसेना, और एनसीपी के महायुति गठबंधन ने 288 में से 230 सीटों पर जीत दर्ज की थी।बारामती, अजित पवार का गढ़ माना जाता है, जहां उन्होंने भारी समर्थन से जीत हासिल की थी। बयान के राजनीतिक प्रभावअजित पवार का यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार को जनता के बीच अपनी छवि मजबूत करनी है। बयान को लेकर मचेबवाल से सरकार की किरकिरी हो रही है, और इससे विपक्ष को जनता के बीच मुद्दा उठाने का मौका मिल गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में अजित पवार या महायुति सरकार इस मामले को शांत करने के लिए क्या कदम उठाएगी।
बिधूड़ी के बयान पर विवाद: सीएम आतिशी हुईं भावुक, यूथ कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

दिल्ली में बीजेपी नेता रमेश बिधूड़ी के विवादित बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। रविवार को बिधूड़ी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुएमुख्यमंत्री आतिशी भावुक हो गईं। इस बीच, यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने साउथ एवेन्यू स्थित बिधूड़ी के आवास के गेट पर कालिख पोत दी और”महिला विरोधी” लिखकर विरोध जताया। उपनाम पर टिप्पणी से बढ़ा विवादबीजेपी की ‘परिवर्तन रैली’ में रमेश बिधूड़ी ने आतिशी के उपनाम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आतिशी ने अपना उपनाम “मार्लेना” से बदलकर”सिंह” कर लिया है। बिधूड़ी ने टिप्पणी करते हुए कहा, “वह मार्लेना से सिंह बन गईं। उन्होंने पिता बदल लिया। यह उनके चरित्र को दर्शाता है।” इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। बिधूड़ी इससे पहले भी अपने विवादास्पद बयानों को लेकरआलोचना का सामना कर चुके हैं। सीएम आतिशी ने दी प्रतिक्रियाएक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, मुख्यमंत्री आतिशी बिधूड़ी के बयान पर बोलते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि एक महिला के खिलाफ इस तरह कीभाषा अस्वीकार्य है और यह समाज में महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। यूथ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शनबिधूड़ी के बयान के विरोध में यूथ कांग्रेस ने उनके घर के बाहर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने उनके आवास के गेट पर कालिख पोत दी और “महिलाविरोधी” लिखकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी नेताओं के बयानों को महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया। केजरीवाल ने भाजपा पर साधा निशानाआम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटना की निंदा करते हुए भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट करतेहुए कहा, “भाजपा नेताओं ने बेशर्मी की सभी सीमाएं पार कर दी हैं। दिल्ली की महिलाएं इसका करारा जवाब देंगी।” आप पार्टी ने भी एक बयान में भाजपा की महिला विरोधी मानसिकता को उजागर करने का दावा किया। पार्टी ने कहा कि अगर बिधूड़ी इस तरह सेएक मुख्यमंत्री के खिलाफ बयान दे सकते हैं, तो आम महिलाओं के प्रति उनके व्यवहार की कल्पना करना मुश्किल है। महिला सम्मान पर बढ़ा विवादयह विवाद न केवल राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है बल्कि महिलाओं के सम्मान और राजनीति में भाषा की मर्यादा पर भी गंभीर सवाल खड़े कररहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक दलों के लिए बड़ा चुनावी एजेंडा बन सकता है। **
गिरिराज सिंह का लालू यादव पर निशाना: ‘अपने बेटे को सीएम बनते देखना चाहते हैं’

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर तीखा हमला किया है। गिरिराज ने कहा कि लालूयादव अब हताश हो चुके हैं और अपने जीवनकाल में ही अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं। ‘नीतीश कुमार से बार-बार मदद की उम्मीद’: गिरिराज सिंहगिरिराज सिंह ने लालू यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे नीतीश कुमार से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि वे उन्हें “बैतरनी पार” करवा देंगे। गिरिराज नेकहा, “लालू यादव बार-बार नीतीश कुमार का नाम ले रहे हैं, लेकिन नीतीश ने कई बार स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा नहीं होगा। यह लालू की हारस्वीकार करने जैसा है।” बिधूड़ी के बयान पर गिरिराज की प्रतिक्रियावायरल वीडियो में बीजेपी नेता रमेश बिधूड़ी के विवादित बयान पर गिरिराज सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “बिधूड़ी ने अपनी गलती स्वीकारकी है। लेकिन कांग्रेस तब चुप क्यों थी जब लालू यादव ने हेमा मालिनी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था? अंतर सिर्फ इतना है किहेमा मालिनी नेहरू खानदान से नहीं थीं।” गांधी परिवार पर भी साधा निशानागुजरात के सूरत में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गिरिराज सिंह ने गांधी परिवार पर भी हमला बोला। उन्होंने प्रियंका गांधी के राजनीति में सक्रिय होने कोबीजेपी के लिए कोई चुनौती नहीं बताया। गिरिराज ने कहा, “पूरा गांधी परिवार आ जाए, तो भी बीजेपी को कोई फर्क नहीं पड़ता। न वे देश के लिएकोई चुनौती हैं और न हमारी पार्टी के लिए।” नेहरू पर टिप्पणी और तुष्टिकरण का मुद्दाअजमेर कोर्ट के सर्वे आदेश पर बोलते हुए गिरिराज ने कहा कि देश का दुर्भाग्य रहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू देश के पहले प्रधानमंत्री बने। उन्होंनेकहा, “अगर सरदार पटेल प्रधानमंत्री होते, तो आज मस्जिदों के विवादित सर्वे की नौबत ही नहीं आती। नेहरू की तुष्टिकरण की नीति ने इन समस्याओंको जन्म दिया। कोर्ट ने सर्वे का आदेश दिया है, लेकिन कानून का पालन न करने वाले लोग अराजकता फैला रहे हैं।” चर्चा में रहते हैं गिरिराज सिंहगिरिराज सिंह अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं। हालिया वक्तव्य में उन्होंने राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीति के मुद्दों पर अपनी रायरखते हुए एक बार फिर सियासी बहस को गर्मा दिया है।
दिल्ली चुनाव 2025 से पहले बीजेपी-आप के बीच आरोपों की जंग तेज

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के करीब आते ही आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच सियासी जंग तेज हो गईहै। बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंनेकेजरीवाल के सरकारी आवास से लेकर सरकारी योजनाओं के नाम पर किए गए खर्चों को निशाने पर लिया। केजरीवाल के घर पर हुआ भारी खर्च: बीजेपी का आरोपसंबित पात्रा ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार ने सीएम केजरीवाल के आवास के निर्माण में अनियमितताएं कीं और जरूरत से ज्यादा पैसा खर्चकिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास पर शुरुआत में तय की गई लागत को कई गुना बढ़ा दिया गया। पात्रा ने दावा किया कि घर में तीन मंजिलों पर अलग-अलग किचन बनाए गए, जिससे लाखों रुपये का अतिरिक्त खर्च हुआ। कैग की रिपोर्ट काहवाला देते हुए उन्होंने बताया कि कैसे घर की लागत निर्माण के दौरान लगातार बढ़ती रही। लक्जरी सुविधाओं पर लाखों का खर्चबीजेपी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास में लग्जरी चीजों पर भारी रकम खर्च की गई। इनमें मिनी बार, सिल्क कारपेट, स्टाफ ब्लॉक और कैंपऑफिस जैसी सुविधाओं पर करोड़ों रुपये बर्बाद हुए। घर में आठ सर्वेंट क्वार्टर बनाए जाने का दावा किया गया था, लेकिन उन पर खर्च की गई राशिकथित तौर पर केजरीवाल के आवास पर उपयोग हुई। इसके अलावा, घर में आठ बेडरूम, तीन मीटिंग रूम और 12 टॉयलेट बनाए गए। विज्ञापन पर बेतहाशा खर्च का आरोपसंबित पात्रा ने सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर फिजूलखर्ची का भी आरोप लगाया। उन्होंने “बिजनेस ब्लास्टर्स” नामक प्रोग्राम का जिक्र करतेहुए कहा कि 54 करोड़ रुपये के इस कार्यक्रम पर 80 करोड़ रुपये केवल विज्ञापन में खर्च किए गए। इसी तरह, “देश के मेंटर” कार्यक्रम में एक करोड़ रुपये की लागत थी, लेकिन इसके विज्ञापनों पर 28 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए। पराली प्रबंधनके लिए 77 लाख रुपये का बजट तय था, लेकिन इसके प्रचार में 24 करोड़ रुपये लगा दिए गए। पात्रा ने तंज कसते हुए केजरीवाल को “विज्ञापनबाबा” कहकर संबोधित किया। बीजेपी की मांग और चुनावी माहौलबीजेपी ने इन सभी आरोपों के बाद दिल्ली सरकार से पारदर्शिता की मांग की है। संबित पात्रा का कहना है कि जनता का पैसा बर्बाद करने के लिएकेजरीवाल को जवाब देना होगा। चुनावी माहौल में इन आरोपों ने राजनीतिक बहस को और गरमा दिया है। दिल्ली के चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में इन आरोपों और जवाबी आरोपों से सियासी पारा चढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
रमेश बिधूड़ी की जुबान फिर फिसली, आतिशी पर विवादित टिप्पणी

भाजपा नेता और कालकाजी विधानसभा सीट से उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी ने रविवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) की नेताआतिशी के उपनाम को लेकर एक विवादित बयान दिया। बिधूड़ी ने भाजपा की ‘परिवर्तन रैली’ के दौरान आतिशी के उपनाम को लेकर टिप्पणी की, जिससे नया विवाद खड़ा हो गया। आतिशी के उपनाम पर बिधूड़ी का बयान बिधूड़ी ने कहा, “आतिशी ने अपना उपनाम मार्लेना से बदलकर सिंह कर लिया है।” उन्होंने आरोप लगाया, “वह पहले मार्लेना थीं, अब वह सिंह बनगई हैं।” इसके बाद, बिधूड़ी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा, “केजरीवाल ने अपने बच्चों की कसम खाकर कहाथा कि वह भ्रष्ट कांग्रेस के साथ नहीं जाएंगे, और अब मार्लेना ने पिता बदल लिया।” इस बयान में बिधूड़ी ने आतिशी के नाम बदलने को उनके चरित्रसे जोड़ते हुए यह टिप्पणी की। केजरीवाल का जवाब रमेश बिधूड़ी के इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा नेताओं ने बेशर्मीकी सारी हदें पार कर दी हैं। केजरीवाल ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “भाजपा नेता दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी को गालियां देरहे हैं। दिल्ली की महिलाएं इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगी, और वे इसका जवाब लेंगी।” ‘आप’ ने भाजपा की महिला विरोधी मानसिकता पर उठाए सवाल आम आदमी पार्टी ने इस घटना को भाजपा की महिला विरोधी मानसिकता के रूप में देखा और इसे लेकर बयान जारी किया। ‘आप’ ने कहा, “अगरभाजपा इस तरह की टिप्पणी करने में संकोच नहीं करती है, तो अगर बिधूड़ी विधायक बन गए, तो आम महिलाओं के साथ उनका व्यवहार कैसाहोगा?” पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह के बयान भाजपा की असल मानसिकता को उजागर करते हैं और दिल्ली की जनता इस बारभाजपा और बिधूड़ी को हराकर उन्हें सिखाएगी कि महिलाओं का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा। पिछले विवादों का इतिहास यह पहली बार नहीं है जब रमेश बिधूड़ी की जुबान फिसली है। इससे पहले भी वह कई बार अपने बयानों के लिए विवादों में फंसे थे, और हाल ही मेंउन्हें कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के कारण भी आलोचना का सामना करना पड़ा था।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का ‘मईयां सम्मान योजना’ के तहत 56 लाख लाभार्थियों को 5,000 रुपये ट्रांसफर करने का फैसला

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार को ‘मईयां सम्मान योजना’ के तहत 56 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में दो महीने के लिए कुल5,000 रुपये ट्रांसफर करेंगे। यह समारोह पहले पिछले साल 28 दिसंबर को आयोजित किया जाना था, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह केनिधन पर राष्ट्रीय शोक के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अब, इस कार्यक्रम का आयोजन नामकुम में एक भव्य समारोह के दौरान कियाजाएगा, जहां मुख्यमंत्री महिलाओं के बीच वित्तीय सहायता वितरित करेंगे। इस कार्यक्रम में 3 लाख से अधिक लाभार्थियों के शामिल होने की उम्मीदहै। ‘मईयां सम्मान योजना’ की विस्तार से जानकारी ‘मईयां सम्मान योजना’ के तहत, राज्य सरकार ने झारखंड की महिलाओं को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये मासिक मानदेय देने का वादाकिया था। इस योजना को लेकर राज्य सरकार ने दिसंबर 2024 से इस राशि को बढ़ाकर 2,500 रुपये करने की घोषणा की थी। झामुमो के एकपदाधिकारी ने कहा कि दिसंबर और जनवरी दोनों महीनों की किस्तें एक साथ वितरित की जाएंगी। कुछ लाभार्थियों को पहले ही दिसंबर की किस्तमिल चुकी है, जबकि अन्य को यह राशि सोमवार को प्राप्त होगी। पिछले साल शुरू हुई योजना ‘मईयां सम्मान योजना’ पिछले साल अगस्त में शुरू की गई थी। इस योजना के तहत राज्य सरकार ने 18 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं को हरमहीने 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की थी। इस योजना का उद्देश्य लगभग 56 लाख महिलाओं को फायदा पहुँचाना था। इस योजना कोव्यापक रूप से झारखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ जीत में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में समान योजनाएं ‘मईयां सम्मान योजना’ के पहले, मध्य प्रदेश में ‘लाडली बहन योजना’ शुरू की गई थी, जिसके तहत पात्र महिलाओं को 1,250 रुपये प्रति माहमिलते हैं। भविष्य में इस राशि को बढ़ाकर 5,000 रुपये तक किए जाने का लक्ष्य है। वहीं, महाराष्ट्र में भी ‘लाडली बहीण योजना’ के तहत महिलाओंको हर महीने 1,500 रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा, दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने भी महिलाओं के लिए एक समान योजना शुरू की है, जिसमेंपहले महीने में 1,000 रुपये दिए जाते हैं, और इसके बाद महिलाओं को 2,100 रुपये प्रति माह मिलते हैं। कार्यक्रम की तैयारी पूरी…..
BPSC प्रिलिम्स परीक्षा रद्द करने की मांग सुप्रीम कोर्ट पहुंची, एसपी और डीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की प्रिलिम्स परीक्षा को लेकर विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। एक याचिका में BPSC की प्रिलिम्सपरीक्षा को रद्द करने की मांग की गई है, जिसमें परीक्षा में व्यापक धांधली के आरोप लगाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि इस परीक्षा में बड़ेपैमाने पर अनियमितताएँ हुई हैं, जिससे छात्रों और शैक्षिक संस्थाओं में गहरी चिंता फैल गई है। पुलिस हिंसा पर कार्रवाई की भी मांग प्रिलिम्स परीक्षा को रद्द करने के अलावा, याचिका में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज पर भी कार्रवाई की मांग की गई है।याचिका में जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) और जिलाधिकारी (DM) को जिम्मेदार ठहराया गया है, जो कथित तौर पर छात्रों पर हिंसक कार्रवाई मेंशामिल थे। छात्रों का आरोप है कि वे परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया, जिससे छात्रों के बीच गुस्सा और आक्रोश फैल गया। बिहार सरकार पर बढ़ा दबाव सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद बिहार सरकार पर इस विवाद को लेकर बढ़ा हुआ दबाव है। याचिकाकर्ता इस बात पर जोर दे रहे हैं कि परीक्षाकी प्रक्रिया की ईमानदारी को गंभीर रूप से नुकसान हुआ है और इस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि छात्रों का विश्वास फिर से बहाल होसके।
चीन में HMPV मामलों में बढ़ोतरी पर भारत सतर्क: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं

साल 2020 में चीन से आए कोरोना वायरस ने भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में तबाही मचा दी थी, हर जगह लाशों के ढेर मिल रहे थे. कोरोना के कारण लाखों लोगों ने अपने अपने परिवार वालों को खोया है. वहीं अब हाल ही में चीन में मानव मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए, भारत सरकार ने स्थिति पर सतर्क दृष्टि रखते हुए जरूरी कदम उठाए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि भारत ऐसी बीमारियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। WHO ने बैठक में दी जानकारी मंत्रालय ने संयुक्त निगरानी समूह (JMG) की बैठक आयोजित की, जिसमें WHO, ICMR, और AIIMS दिल्ली सहित प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। बैठक में तय किया गया कि HMPV की निगरानी और जांच के लिए प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही, ICMR सालभर इस वायरस की निगरानी करेगा। अब तक निगरानी में किसी असामान्य वृद्धि का पता नहीं चला है। वायरस से सतर्क रहने की आवश्यकता स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि HMPV मुख्य रूप से सर्दी-जुकाम का कारण बनता है और यह बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले व्यक्तियों में फ्लू जैसे लक्षण उत्पन्न कर सकता है। चीन में श्वसन संबंधी बीमारियों में वृद्धि को मौसमी इन्फ्लूएंजा, RSV, और HMPV जैसे सामान्य वायरसों से जोड़ा जा रहा है। नागरिकों को स्वच्छता का पालन करने और लक्षण महसूस होने पर डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दी गई है। राज्यों सरकारों ने भी जारी की गाइडलाइन केरल और तेलंगाना की राज्य सरकारों ने भी स्थिति पर सतर्कता बरतने और लोगों को जागरूक रहने की सलाह दी है। तेलंगाना के जन स्वास्थ्य निदेशक बी. रविंदर नायक ने बताया कि राज्य में अभी तक HMPV का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। वायरस पर चीन ने क्या दी सफाई? वहीं दूसरी तरफ चीन ने भी इस दौरान ये स्पष्ट किया है कि देश में फ्लू का कोई विशेष प्रकोप नहीं है और सर्दियों में श्वसन संबंधी समस्याएं सामान्य हैं। चीन ने अपनी यात्रा को सुरक्षित बताया है।
*बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या: तीन आरोपी गिरफ्तार, पत्रकारों का विरोध प्रदर्शन जारी*

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक स्थानीय पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या का मामला सामने आया है, जिसने इलाके में हलचल मचा दी है। 1 जनवरी 2025 को लापता हुए मुकेश का शव 3 जनवरी को एक सेप्टिक टैंक से बरामद किया गया था । वहीं अब इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। बता दें कि इनमें मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के भाई रितेश चंद्राकर सहित दो अन्य शामिल हैं। आरोपी से पूछताछ कर रही पुलिस पुलिस ने फरार रितेश चंद्राकर को दिल्ली से गिरफ्तार कर बीजापुर लाया है और उससे पूछताछ कर रही है। हत्या के पीछे की वजहों और अन्य अहम जानकारियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। प्रदर्शनकारियों ने जताया आक्रोश इस घटना से आक्रोशित पत्रकारों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नेशनल हाईवे पर चक्का जाम किया। उन्होंने आरोपियों की संपत्तियों को जब्त करने और सुरेश चंद्राकर की संपत्ति को सरकारी संपत्ति घोषित करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे 5 जनवरी से अनिश्चितकालीन चक्का जाम करेंगे। कौन थे मुकेश चंद्राकर? मुकेश चंद्राकर, छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के एक प्रतिबद्ध पत्रकार. बता दें कि मुकेश अपने यूट्यूब चैनल ‘बस्तर जंक्शन’ के जरिए बस्तर क्षेत्र की समस्याओं और भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए जाने जाते थे। वहींमुकेश ने सड़क निर्माण परियोजनाओं में हो रहे भ्रष्टाचार का भी पर्दाफाश किया था, जिसके चलते उनके और उनके भाई रितेश के बीच तनाव बढ़ गया था ।