लोकतंत्र में वोट की चोरी! सपा प्रमुख ने गिनाए आंकड़े कहीं विधायक की पत्नी, तो कहीं नगर अध्यक्ष का नाम कटा

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को पार्टी कार्यालय में प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा, विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान भाजपा पीडीए और खासकर अल्पसंख्यकों के वोट कटवाने की साजिश कर रही है। फॉर्म-7 के जरिये भाजपा वोटों की चोरी कर रही है। आयोग कार्रवाई नहीं कर रहा है। भाजपा सरकार वोट काटकर चुनाव जीतना चाहती है। सपा प्रमुख का दावा है कि बीजेपी की एक गुप्त बैठक में यह तय किया गया था कि हर विधानसभा में वोट कटवाए जाएंगे। उन्होंने कन्नौज का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के एक नेता ने भी बयान दिया था कि ज्यादा पढ़ा-लिखा कभी-कभी गलती कर देता है। भाजपा को ये बात पता है कि इस बार यूपी का चुनाव वो जीत नहीं रहे हैं। इसलिए वो ऐस हरकत कर रहे हैं। कैसे सामने वाला का वोट काटें। लेकिन जनता सब जानती है। हर बात का जवाब देगी। हम भी शांत नहीं रहेंगे। वोट में घोटाला होने नहीं देंगे। विपक्ष को उलझाए रखने की रणनीतिसकलडीहा विधानसभा में फॉर्म 7 के 16 आवेदन जमा किए गए। वहीं बाबागंज विधानसभा के बूथ नंबर 365 पर फर्जी हस्ताक्षर कर फॉर्म 7 भरकर करीब 100 वोट कटवा दिए गए। हमारे एक बीएलए का भी वोट कटवा दिया गया। यह सीधी साजिश है, जिसमें असली वोटरों के नाम हटाने की कोशिश हो रही है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि औरैया नगर अध्यक्ष का नाम भी मतदाता सूची से हटा दिया गया। इतना ही नहीं, बलिया के सिकंदरपुर से सपा विधायक की पत्नी का नाम भी कटवा दिया गया। हमारे ही वोटर से नगर अध्यक्ष का काम कटवा दिया गया। यह सब विपक्ष को उलझाए रखने की रणनीति है।
असम में चुनावी बिगुल: पीएम मोदी ने विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया, कांग्रेस पर साधा निशाना

असम में इस साल विधानसभा चुनाव कराए जाने हैं। चुनाव की औपचारिक घोषणा से चंद हफ्ते पहले राज्य को आज विकास परियोजनाओं की सौगात मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम दौरे पर आज राज्यवासियों को संबोधित भी किया। उन्होंने गुवाहाटी में आयोजित जनसभा में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले का भी जिक्र किया। बढ़ती सियासी सरगर्मियों के बीच चुनावी बिगुल फूंकते हुए पीएम मोदी ने एक तरफ जहां भाजपा के कार्यकाल में हुए फैसलों और विकास परियोजनाओं का उल्लेख किया तो दूसरी तरफ विपक्षी राजनीतिक पार्टी- कांग्रेस को भी आड़े हाथ लिया. शक्ति ऑपरेशन सिंदूर में भी देखीपीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर आतंकियों को कंधे पर बिठाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस नेता घुसपैठियों को बचाने में लगे हैं। उन्होंने भाजपा के पक्ष में जनादेश का भरोसा जताते हुए कहा कि आने वाले चुनावों में जनता भारी बहुमत से भाजपा की सरकार चुनेगी। कांग्रेस पर तुष्टिकरण के आरोप लगाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पूर्वोत्तर को नजरअंदाज कर कांग्रेस पार्टी ने हमेशा फंड आवंटित करने से परहेज किया। उन्होंने भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के कार्यकाल में किए जा रहे फैसलों को रेखांकित करते हुए आज लोकार्पण के बाद खोले गए भास्कर सेतु समेत कई अन्य परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। पुलवामा आतंकी हमले की सातवीं बरसी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज ही पुलवामा हमले की बरसी है। मैं इस हमले में जान गंवाने वाले मां भारती के वीर सपूतों को नमन करता हूं। इस आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह आतंकियों को सजा दी, वो पूरी दुनिया ने देखा है। जम्मू-कश्मीर के ही पहलगाम में अप्रैल, 2025 में दहशतगर्दों की कायराना करतूत का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, अभी आपने भारत की ये शक्ति ऑपरेशन सिंदूर में भी देखी है।
राहुल गांधी का बड़ा दांव किसान नेताओं संग बनाई रणनीति, अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर आर-पार

भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर हैं। वो लगातार आरोप लगा रहे हैं कि ट्रेड डील किसानों की रोजी-रोटी छीनेगा और देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करने वाला है। राहुल गांधी ने लोकसभा में व्यापार समझौते को किसान विरोधी बताया है। इस कड़ी में अब शुक्रवार (13 फरवरी) राहुल गांधी ने किसान संघों के नेताओं से मुलाकात की। राहुल गांधी ने शुक्रवार को संसद भवन परिसर में देश भर के किसान संघों के नेताओं से मुलाकात की, जिसमें भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का विरोध करने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन की आवश्यकता के साथ-साथ किसानों और कृषि मजदूरों की आजीविका की रक्षा करने पर चर्चा की गई। कांग्रेस ने बताया कि बैठक के दौरान किसान संघ के नेताओं ने अपना विरोध जताया और मक्का, सोयाबीन, कपास, फल और मेवे उगाने वाले किसानों की आजीविका के लिए अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। जमीदारा फोरम के हमीद मलिक शामिलपार्टी ने कहा गया है कि किसान नेताओं और राहुल गांधी ने इस समझौते का विरोध करने और किसानों-कृषि मजदूरों की आजीविका की रक्षा करने के लिए एक बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय आंदोलन की जरूरत पर चर्चा की। बता दें कि राहुल गांधी से मिलने वाले किसान नेताओं में अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के प्रमुख सुखपाल एस खैरा, भारतीय किसान मजदूर यूनियन, हरियाणा के अशोक बलहारा, बीकेयू क्रांतिकारी के बलदेव एस जीरा, प्रगतिशील किसान मोर्चा के आर नंदकुमार, बीकेयू शहीद भगत सिंह के अमरजीत एस मोहरी, किसान मजदूर मोर्चा – भारत के गुरमनीत एस मंगत और जेके जमीदारा फोरम के हमीद मलिक शामिल थे। मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगेयह बैठक राहुल गांधी के उस बयान के एक दिन बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार उनके खिलाफ मामले या विशेषाधिकार प्रस्ताव ला सकती है, लेकिन वे किसानों के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किसान विरोधी होने और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के जरिए देश को बेचने का भी आरोप लगाया था। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने एक्स पर एक वीडियो बयान साझा किया था, जिसमें उन्होंने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर सरकार पर तीखा हमला किया था। एक्स पर वीडियो के साथ राहुल गांधी ने लिखा कि एफआईआर हो, मुकदमा दर्ज हो या विशेषाधिकार प्रस्ताव लाएं – मैं किसानों के लिए लड़ूंगा। जो भी ट्रेड डील किसानों की रोजी-रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है। अन्नदाताओं के हितों से किसान-विरोधी मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगे।’
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की आहट? डीके शिवकुमार बोले- ‘दिल्ली सिर्फ हवा खाने नहीं, राजनीति करने आया

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज हो गई है। सोनिया गांधी के आवास दस जनपथ से बाहर आने के बाद शिवकुमार ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि वह यहां सिर्फ दिल्ली की हवा में सांस लेने नहीं आए हैं, बल्कि राजनीति करने आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाला समय ही हर बात का जवाब देगा। जब उनसे पूछा गया कि वह प्रियंका गांधी या राहुल गांधी में से किससे मिले, तो उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया। शिवकुमार ने कहा कि वह सड़क पर खड़े होकर राजनीति नहीं करना चाहते। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से उन सभी मुद्दों पर चर्चा कर ली है, जो जरूरी थे। शिवकुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल से भी मुलाकात की। उन्होंने बताया कि दिल्ली आने पर उन्हें सभी मामलों की जानकारी देनी होती है और उन्होंने हर विषय पर विस्तार से बात की है। अपनी बात पर कायम रहेंगेशिवकुमार ने आगे कहा, हमने असम विधानसभा चुनाव और अन्य राजनीतिक मामलों पर चर्चा की है। उन्होंने वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल और अन्य नेताओं के साथ मिलकर असम में कांग्रेस की सरकार लाने की तैयारी पर चर्चा की। शिवकुमार के बयानों से कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के भीतर हलचल मचने की संभावना है। कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी से मुलाकात के बाद शिवकुमार आत्मविश्वास से भरे नजर आ रहे हैं। शिवकुमार के समर्थक विधायक चाहते हैं कि पार्टी का आलाकमान दखल दे और नेतृत्व को लेकर चल रही उलझन को खत्म करे। इसी बीच उनके भाई और पूर्व सांसद डीके सुरेश ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी में बाहर से आए लोगों को ज्यादा महत्व मिल रहा है। इसे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर सीधा निशाना माना जा रहा है। सिद्धारमैया पहले दूसरी पार्टी में थे और बाद में कांग्रेस में शामिल हुए थे। सुरेश ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री अपनी बात पर कायम रहेंगे, जिसे सत्ता के बंटवारे के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
मोहन भागवत की बड़ी मांग: देश में बने अलग ‘वेटरिनरी काउंसिल’, विशेषज्ञों के हाथ में हो जानवरों से जुड़े फैसलों की कमान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को एक अलग और मजबूत वेटरिनरी काउंसिल के गठन की पैरवी की। उन्होंने कहा कि जानवरों और जनसुरक्षा से जुड़े फैसले वेटरिनरी डॉक्टरों और विषय-विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में ही होने चाहिए। भागवत नागपुर में इंडियन सोसायटी फॉर एडवांसमेंट ऑफ कैनाइन प्रैक्टिस (आईएसएसीपी) के 22वें वार्षिक अधिवेशन और ‘रोल ऑफ कैनाइन इन वन हेल्थ: बिल्डिंग पार्टनरशिप्स एंड रिजॉल्विंग चैलेंजेज’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इंसानों को कुत्तों के साथ रहनाअपने संबोधन की शुरुआत में भागवत ने कहा, ‘मैंने इसी कॉलेज में पढ़ाई की है। हालांकि मुझे वेटरिनरी क्षेत्र छोड़े 50 साल हो चुके हैं। ऐसा नहीं कि मुझे कुछ याद नहीं, लेकिन आप लोगों जितना ज्ञान अब मेरे पास नहीं है। फिर भी पूर्व छात्र के रूप में आपने मुझे बुलाया, इसके लिए मैं आभारी हूं।’ दिल्ली में हाल ही में लावारिस कुत्तों को लेकर हुए विवाद का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि बहस दो चरम सीमाओं में बंट गई थी, ‘एक पक्ष कह रहा था कि सभी कुत्तों को मार दो, दूसरा कह रहा था कि उन्हें छुओ भी मत। लेकिन अगर इंसानों को कुत्तों के साथ रहना है, तो यह सोचना होगा कि कैसे साथ रहें।’ निर्णय उसी क्षेत्र के विशेषज्ञों को लेने चाहिएउन्होंने वैज्ञानिक और व्यावहारिक समाधान पर जोर देते हुए कहा, ‘कुत्तों की संख्या नसबंदी के जरिए नियंत्रित की जा सकती है। इंसानों के लिए जोखिम कम करने के कई उपाय हैं। ये भावनाओं से नहीं, ज्ञान से निकले समाधान हैं।’ संस्थागत सुधार की मांग करते हुए भागवत ने स्पष्ट कहा, ‘अलग वेटरिनरी काउंसिल होनी चाहिए। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह जरूरी है। जानवरों से जुड़े फैसले उन्हीं के हाथ में होने चाहिए जो इस विषय को समझते हैं।’ उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे खेलों में फैसले खेल क्षेत्र के लोग लेते हैं, वैसे ही हर क्षेत्र में निर्णय उसी क्षेत्र के विशेषज्ञों को लेने चाहिए।
आसमान से समंदर तक बढ़ेगी भारत की धाक, वायुसेना को मिलेंगे 114 नए राफेल, नौसेना की निगरानी शक्ति होगी दोगुनी

देश की सुरक्षा व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा अधिग्रहण परिषद यानी डीएसी ने एक ऐतिहासिक खरीद को मंजूरी दी है। परिषद ने भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों और नौसेना के लिए 6 P-8I पोसीडॉन समुद्री निगरानी विमानों की खरीद के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इसे भारत की अब तक की सबसे बड़ी रक्षा खरीद योजनाओं में से एक माना जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये बताई गई है।इस सौदे का सबसे अहम पहलू वायुसेना की गिरती स्क्वाड्रन संख्या को संभालना है। 114 नए राफेल विमानों के शामिल होने से भारतीय वायुसेना को 6 से 7 नए स्क्वाड्रन मिलेंगे। वर्तमान में वायुसेना के पास लगभग 30 स्क्वाड्रन हैं, जबकि देश की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए 42 स्क्वाड्रन की आवश्यकता है। डीएसी की मंजूरी मिलने के बाद अब यह प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के पास भेजा जाएगा। नौसेना की ताकत में जबरदस्त इजाफा होगाआसमान के साथ-साथ समंदर में भी भारत की निगरानी क्षमता बढ़ने वाली है। डीएसी ने नौसेना के बेड़े में 6 नए P-8I एयरक्राफ्ट जोड़ने को मंजूरी दी है। भारतीय नौसेना पहले से ही 12 P-8I विमानों का संचालन कर रही है। इन नए विमानों के आने से हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी (एंटी सबमरीन) क्षमता को और अधिक मजबूती मिलेगी। रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने 114 राफेल लड़ाकू विमानों और 6 P-8I समुद्री विमानों की खरीद को मंजूरी दे दी है। 3.25 लाख करोड़ रुपये के इस सौदे से वायुसेना और नौसेना की ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा।
लोकतंत्र या जिहादी गठबंधन? पूर्व राजदूत राशिद बोले यह चुनाव नहीं, दो कट्टरपंथी गुटों की जंग

बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने जा रहे हैं। शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद देश में यह पहला चुनाव है। जिस पर पूरी दुनिया की नजर है। इस बीच चुनावों से ठीक पहले निर्वासित पूर्व राजदूत मोहम्मद हारून अल राशिद ने बड़े आरोप लगाए हैं। अनुभवी राजदूत (अब निर्वासित ) मोहम्मद हारून अल राशिद ने चुनावों की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि बांग्लादेश के अब तक के इतिहास का ये ‘सबसे बदसूरत’ यानी खराब चुनाव होगा। एक बड़े थिंक टैंक से बातचीत में मोहम्मद हारून अल राशिद ने चुनावों पर अपनी राय रखी। उन्होंने चेतावनी दी कि अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस, जो लंबे समय से खराब चीजों को अच्छाई के तौर पर रीपैकेज करके खुद को बचाए हुए हैं, अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकते। जमात-ए-इस्लामी और उसके साथीटीएसएसटी से बात करते हुए राशिद ने कहा कि विचारधारा के हिसाब से बीएनपी मिस्र के मुस्लिम ब्रदरहुड जैसी है भले ही स्ट्रक्चर के हिसाब से नहीं, जबकि जमात फलस्तीन में हमास जैसी है। उन्होंने कहा कि दोनों में से कोई भी लोकतांत्रिक मूल्यों को सामने नहीं रखता और दोनों ही इस्लामिक कट्टरपंथ का प्रतिनिधित्व करते हैं।श्रीलंका के थिंक टैंक ट्रिंको सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (टीएसएसटी) के साथ बातचीत में राशिद ने कहा, ‘यूनुस हर चीज को ‘खूबसूरत’ कहते हैं, लेकिन मैं मानता हूं यह चुनाव बांग्लादेश के इतिहास का सबसे बदसूरत चेहरा दिखाएगा। मैं ऐसा कोई बढ़ा-चढ़ाकर बोलने के लिए नहीं कर रहा। यूनुस लंबे समय से घटिया चीजों को अच्छाई के तौर पर रीपैकेज कर खुद को बचा रहे हैं। इस बार, वह बच नहीं पाएंगे।’ उन्होंने आगे कहा कि जो हो रहा है वह असली चुनाव नहीं है, बल्कि 2024 के ‘जिहादी गठबंधन’ के दो गुटों के बीच मुकाबला है, जिसने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को हटाकर सत्ता पर कब्जा जमाया है। उन्होंने तर्क दिया कि एक तरफ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसके सहयोगी हैं, जबकि दूसरी तरफ कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी और उसके साथी हैं।
पूर्व सेना प्रमुख की किताब पर विवाद ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ लीक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दर्ज की FIR

पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की आगामी किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के कथित रूप से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को नोटिस जारी किया है। नोटिस के जरिए कई सवाल पूछे गए हैं और जवाब मांगे गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने दर्ज एफआईआर में आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी गई हैं। दिल्ली पुलिस ने बताया कि विभिन्न ऑनलाइन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और न्यूज फोरम पर ऐसी जानकारी सामने आई थी कि किताब की प्री-प्रिंट कॉपी इंटरनेट पर साझा की जा रही है। इन दावों के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। आधिकारिक मंजूरी मिलना बाकीशुरुआती जांच में पाया गया कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ शीर्षक से टाइपसेट की गई एक पीडीएफ कॉपी कुछ वेबसाइट्स पर उपलब्ध है। यह कॉपी कथित रूप से पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार की गई प्रतीत होती है। इसके अलावा कुछ ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म पर पुस्तक का फाइनल कवर भी इस तरह प्रदर्शित किया गया है, मानो वह बिक्री के लिए उपलब्ध हो। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह मामला एक ऐसी पुस्तक के संभावित लीक या गोपनीयता उल्लंघन से जुड़ा है, जिसे अभी आधिकारिक मंजूरी मिलना बाकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल सेल में केस दर्ज किया गया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पुस्तक की प्री-प्रिंट कॉपी ऑनलाइन कैसे पहुंची, इसमें किन लोगों या संस्थाओं की भूमिका हो सकती है, और क्या इसमें कॉपीराइट या अन्य कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिर्फ सनसनी फैलाने के लिए है यह मामला … PM डिग्री विवाद पर कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल की तीखी दलील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री से जुड़ी जानकारी के खुलासे को लेकर चल रहे मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने अपील दाखिल करने में हुई देरी पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए विश्वविद्यालय को तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय दे दिया। मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा जैसा कि प्रार्थना की गई है, देरी माफ करने से संबंधित आवेदन पर आपत्ति दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया जाता है। मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी। नसनी फैलाने के लिए नहीं हो सकतादिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में दलील दी कि इस पूरे मामले में कुछ भी ठोस नहीं है और इसे केवल सनसनी फैलाने के लिए आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने अपील में हुई देरी के साथ-साथ मामले के गुण-दोष पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। अपीलकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील ने कोर्ट को बताया कि करीब ढाई महीने बीत जाने के बावजूद डीयू ने देरी पर आपत्ति दाखिल नहीं की है। उन्होंने कहा कि यह देरी केवल 15 से 45 दिनों की है, जिसे अदालत आसानी से माफ कर सकती है। वकील ने यह भी मांग की कि यदि दिल्ली विश्वविद्यालय मुख्य अपील पर जवाब देना चाहता है, तो कोर्ट औपचारिक नोटिस जारी करे। इस पर सॉलिसिटर जनरल मेहता ने आपत्ति जताते हुए कहा नोटिस जारी करना सिर्फ सनसनी फैलाने के लिए नहीं हो सकता। अधिवक्ता मोहम्मद इरशाद शामिलयह अपील दिल्ली हाईकोर्ट के उस एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ दायर की गई है, जिसने 25 अगस्त 2025 को केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्नातक डिग्री से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया था। अपीलकर्ताओं में आरटीआई कार्यकर्ता नीरज, आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजय सिंह और अधिवक्ता मोहम्मद इरशाद शामिल हैं।
बाबरी मस्जिद अब कभी नहीं बनने वाली”… बाराबंकी में गरजे योगी आदित्यनाथ, ‘कयामत’ वालों को दिया जवाब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भाजपा सरकार रुकने वाली नहीं है। ये सरकार जितना बोलती उतना करती है। उतना ही बोलती है जितना करती है। जो कयामत के दिन आने का सपना देख रहे है वह दिन आने वाला नहीं है। बाबरी मस्जिद अब कभी भी नहीं बनने वाली है। हम अपनी विरासत को यूं ही मजबूत करेंगे। याद करिए 500 साल बाद अयोध्या में गौरवपूर्ण क्षण आया। कितनी सरकारें आई कितनी गईं। कितने राजा महाराजा हुए मगर अयोध्या में राम मंदिर क्यों नहीं बनवाया। राम सबके है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जो अवसरवादी रवैया अपनाकर संकट में राम को याद करते हैं। बाकी राम को विस्मित कर देते हैं इसलिए अब भगवान राम उनको भूल चुके हैं। सीएम योगी ने आगे कहा कि कयामत के लिए मत जियो। हिंदुस्तान में कायदे से रहना सीखो। कानून मानोगे तो फायदे में रहोगे। नहीं तो आगे का रास्ता सीधा जहन्नुम जाता है। कानून तोड़ने वाले जहन्नुम जाएंगे। हर भारत वासी का एक ध्येय एक भारत श्रेष्ठ भारत हो। हमारा देश वैभवशाली हो। विकसित हो। आयोजित जनसभा को संबोधित कियाहर संत देश के लिए है और धर्म भी देश के लिए है। धर्म और देश एक आत्मा और शरीर है। भारत और सनातन एक दूसरे के पूरक है। सीएम योगी मंगलवार को दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र में दुल्हदेपुर स्थित बाबा हरिशंकर दास की कुटी पर आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। दोपहर करीब सवा दो बजे सीएम का हेलीकॉप्टर कुटी के पास उतरा। यहां महंत बलरामदास ने उनका स्वागत किया। यहां पहुंचकर उन्होंने कथा मंडप का उद्घाटन किया और रामार्चा यज्ञ में आहुतियां अर्पित की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कुटी परिसर में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग कयामत का दिन आने का इंतजार कर रहे हैं। वो कयामत के लिए न जिएं। हिंदुस्तान में कायदे से रहना सीखो।