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बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के खिलाफ किया गया मुकदमा दर्ज,मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के खिलाफ साजिश करने कालगा है आरोप

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया गया है. शेख हसीना के खिलाफ यह मुकदमा मोहम्मद यूनुस केनेतृत्व में चल रही अंतरिम सरकार के खिलाफ साजिश रचने के आरोप में दर्ज किया गया है. बांग्लादेश पुलिस की अपराध जांच शाखा ने यह मुकदमाढाका के चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में दर्ज कराया है. आरोप है कि शेख हसीना अंतरिम सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए साजिशरच रही हैं. मुकदमा दर्ज होने के बाद अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए सीआईडी को इसकी जांच करने का आदेश दिया है.पुलिस अधिकारियों नेबताया कि बांग्लादेश सीआईडी को सूचना मिली है कि शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद 19 दिसंबर 2024 को एक ऑनलाइन बैठक हुई. यह बैठक जय बांग्ला ब्रिगेड नामक प्लेटफॉर्म पर हुई, जिसमें शेख हसीना की सरकार को फिर से सत्ता पर काबिज करने की योजना पर चर्चा हुई. कथित तौर पर इस बैठक में अंतरिम सरकार के खिलाफ गृह युद्ध छेड़ने की चर्चा हुई. ताकि अंतरिम सरकार स्थिर न हो सके और लोग उन्हें सत्ता सेबाहर कर दें। इस मामले में पूर्व पीएम शेख हसीना और इस बैठक के आयोजक और सह-आयोजक के बीच हुई बातचीत की कथित वॉइस रिकॉर्डिंगभी उपलब्ध हैं. 577 लोगों के खिलाफ किया मुकदमा दर्जपुलिस ने इस मामले में शेख हसीना समेत कुल 577 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.जिनमें अमेरिका में अवामी लीग के उपाध्यक्ष डॉ. रब्बीआलम का भी नाम है.बीते साल 5 अगस्त को बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया गया था. आरक्षण के विरोध में शुरूहुए छात्र आंदोलन के चलते शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा था, जिससे बांग्लादेश की सत्ता पर लगातार 16 साल तक काबिज रही अवामी लीग कीसरकार को सत्ता से बाहर होना पड़ा था. शेख हसीना के खिलाफ 100 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. जिनमें नरसंहार और भ्रष्टाचार जैसे मामले हैं अवामीलीग के कई नेता गिरफ्तार हो चुके हैं और कई की हत्या हो गई है. बांग्लादेश के राजनीतिक परिदृश्य से अवामी लीग पूरी तरह से बाहर है. बांग्लादेशपुलिस ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और 72 अन्य लोगों के खिलाफ गृह युद्ध छेड़कर मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार को उखाड़ फेंकने कीसाजिश रचने का मामला दर्ज किया है. यह जानकारी शनिवार को अधिकारियों और मीडिया ने दी. ढाका के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) नेइस साजिश के आरोप में मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में केस दायर किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर गुरुवार को जांच शुरू करने काआदेश दिया.

बंगाल छोड़कर सभा राज्यों में किया गया आयुष्मान लागू, जानें कौन से है राज्य और क्या है प्रक्रिया

Delhi News: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को संसद को बताया कि 26 मार्च तक पश्चिम बंगाल को छोड़कर देश के सभी राज्यों औरकेंद्रशासित प्रदेशों को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल कर लिया गया है.नड्डा ने कहा कि आयुष्मान योजना की शुरुआत सेलेकर एक मार्च, 2025 तक इसके तहत 8.9 करोड़ से अधिक मरीज अस्पताल में भर्ती हुए. लिखित जवाब में नड्डा ने लोकसभा को बताया कि 20 मार्च तक इस योजना के तहत आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लाभार्थी परिवारों के लिए क्रमशः 10.21 लाख, 14.47 लाखऔर 14.76 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं. उन्होंने कहा कि एक मार्च, 2025 तक 13,866 निजी और 17,091 सार्वजनिकअस्पतालों सहित 30,957 अस्पतालों को इस योजना के तहत सूचीबद्ध किया गया है.नड्डा ने कहा कि आयुष्मान की समीक्षा और सुधार के लिएनिरंतर प्रयास किए गए हैं ताकि नई बीमारियों को इस योजना के तहत कवर किया जा सके उन्होंने कहा हाल में इस योजना के तहत अस्थि-मज्जा(बोन मैरो) प्रत्यारोपण को भी शामिल किया है.नड्डा ने कहा कि देशभर के एम्स में उपलब्ध कराई जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से कोईसमझौता नहीं किया जाएगा. भले ही वहां मरीजों की भारी भीड़ हो. एम्स है ब्रांडउन्होंने कहा कि एम्स एक ब्रांड है और इसे बनाए रखना होगा. पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू ने एक एम्स स्थापित किया. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने22 एम्स स्थापित किए हैं. नड्डा ने लोकसभा में कहा कि सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत 62 करोड़ लोगों को कवर किया है.सरकार नेशुक्रवार को संसद को बताया गया कि अमेरिका ने इस्पात और एल्युमीनियम पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया है. सरकार इसके प्रभाव कामूल्यांकन कर रही है. वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि अमेरिका की ओर से सभी देशों सेइस्पात और एल्युमीनियम के आयात पर बिना किसी छूट के ये शुल्क लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि अब तक अमेरिका ने भारत पर किसी तरह कापारस्परिक शुल्क नहीं लगाया गया है. मंत्री ने बताया कि भारत पारस्परिक रूप से लाभकारी और निष्पक्ष तरीके से द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को बढ़ानेऔर व्यापक बनाने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है.ब्रिटेन के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते से चमड़ा, कपड़ा, आभूषण, समुद्रीऔर प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत के निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने शुक्रवार कोराज्यसभा में बताया कि इस समझौते से आईटी/आईटीईएस जैसे सेवा क्षेत्रों में निर्यात बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं. ब्रिटेन के साथ वार्ता में दोनोंपक्षों का लक्ष्य एक निष्पक्ष और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौता करना है. भारत ब्रिटेन समझौते पर वार्ताभारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता 13 जनवरी, 2022 को शुरू हुई थी. अब तक 14 दौर की वार्ता हो चुकी है.सरकार ने शुक्रवार को संसदको बताया कि हाल के वर्षों में अमेरिका में हिंदू मंदिरों को नुकसान पहुंचाने और उनपर भारत विरोधी नारे लिखने के कई मामले सामने आए हैं.विदेशराज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा अमेरिका में मंदिरों और पूजा स्थलों पर हमले और अपवित्रता की सभीघटनाओं को राजनयिक माध्यमों से तुरंत अमेरिकी सरकार के समक्ष उठाया गया है. उन्होंने कहा कि संबंधित मंदिर प्रबंधन प्राधिकारियों औरसामुदायिक संघों ने भी स्थानीय कानून प्रवर्तन प्राधिकारियों के समक्ष इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने इन कृत्यों के लिए जिम्मेदार लोगोंके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पूजा स्थलों को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करने की मांग की है.

भारत सरकार लॉन्च करेंगी जू-विन डिजिटल प्लेटफॉर्म,पांच राज्यों में लागू करने की तैयारी

भारत सरकार वन हेल्थ के लिए जू-विन डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगी. जो रेबीज और सर्पदंश के लिए टीकाकरण केंद्रों की जानकारी देगा दिल्ली, मध्य प्रदेश, असम, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा. जिससे 2030 तक रेबीज उन्मूलन के लक्ष्य को पूरा करने में मददमिलेगी. टीकाकरण के लिए कोविन और यूविन के बाद अब भारत ने वन हेल्थ के लिए भी डिजिटल तकनीक लॉन्च करने का फैसला लिया है. जल्दही केंद्र सरकार पांच राज्यों में जू-विन प्लेटफॉर्म शुरू करेगी.इसके तहत आम लोगों को घर बैठे नजदीकी रेबीज टीकाकरण केंद्र की जानकारी मिलेगी. इसके अलावा सर्पदंश के मामलों में भी विषरोधी टीके का पता चलेगा.शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्र सरकार ने पांच राज्यों के ट्रेनर को बुलाकर उन्हेंट्रेनिंग दी. यूएनडीपी से तकनीकी मदद लेकर सरकार दिल्ली, मध्य प्रदेश, असम, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में जू-विन डिजिटल प्लेटफॉर्म का पायलटप्रोजेक्ट शुरू करेगी. इन मास्टर ट्रेनरों के प्रशिक्षण में केंद्र सरकार के शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि अगले कुछ सप्ताह में वन हेल्थ के तहत देश मेंडिजिटल मंच जू-विन लॉन्च किया जाएगा. यह एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा, जहां रेबीज टीका और एंटी-स्नेक वेनम यानी सर्प विष रोधी टीकेकी आपूर्ति चेन के बारे में पूरी जानकारी होगी.रेबीज के खतरों के बारे में भारत में लोगों को कम जानकारी है. जिसकी वजह से कुत्तों का टीकाकरणकवरेज बहुत कम है. जो परिवार अलग-अलग प्रजाति के कुत्तों का पालन कर रहे हैं उनमें से भी अधिकांश समय पर टीकाकरण नहीं कराते. इसलिए2021 में, भारत ने रेबीज उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना को शुरू करते हुए 2030 तक कुत्तों से होने वाले रेबीज को खत्म करने का लक्ष्य रखाहै. हर साल जाती है 60 हजार लोगों की जानदरअसल हर साल रेबीज से दुनिया भर में 60 हजार से ज्यादा लोगों की जान जाती है.जिनमें 36 प्रतिशत मौतें अकेले भारत में हो रही हैं. पूरी तरह सेरोकथाम योग्य होने के बावजूद लाखों लोग अभी भी इसके जोखिम में हैं. 200 से ज्यादा ज्ञात जूनोटिक बीमारियों में से यह एक जानवरों से इंसानों मेंफैलती है और यह सबसे घातक बीमारियों में से एक है. यह उन इलाकों में खास तौर पर प्रचलित है जहां आवारा या पालतू कुत्तों के साथ इंसान काअक्सर संपर्क होता है.भारत में लोगों तक रेबीज से संबंधित जानकारी और उपचार पहुंचाने के लिए हाल ही में नई दिल्ली स्थित रोग नियंत्रण केंद्र(एनसीडीसी) ने यूएनडीपी के साथ मिलकर हेल्पलाइन शुरू की है. एनसीडीसी की संयुक्त निदेशक और सेंटर फॉर वन हेल्थ ने बताया कि 15400 नंबर वाली इस रेबीज हेल्पलाइन पर रात दिन लोगों की कॉल ली जा रही हैं. कंट्रोल रूम में हेल्पलाइन एग्जीक्यूटिव आरती बताती हैं. हमें लोगों केबहुत से फोन आते हैं कि अगर बिल्ली या कुत्ते ने उन्हें सिर्फ खरोंच दिया है तो क्या उन्हें रेबीज का टीका लगवाना चाहिए. ऐसे में हम उन्हें बताते हैं किउन्हें टीका लगवाना ही होगा भले ही खरोंच ही क्यों न लगी हो.

संसद में बोलने के वक्त वियतनाम में मौजूद थें कांग्रेस नेता राहुल गांधी, अमित शाह ने साधा निशाना

Delhi News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा संसद के कामकाज को लेकर की गई आलोचना पर तीखाहमला बोला. उन्होंने कहा कि जब लोकसभा में बोलने के लिए समय निर्धारित किया गया था तब नेता प्रतिपक्ष वियतनाम में थे. इसके साथ ही उन्होंनेकर्नाटक में सिद्धारमैया सरकार द्वारा अनुबंधों में मुसलमानों को 4 फीसदी कोटा देने को “लॉलीपॉप” बताया है.एक निजी चैनल के कार्यक्रम में बोलतेहुए गृह मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा अनुबंधों में मुसलमानों के लिए घोषित 4 फीसदी कोटे को “लॉलीपॉप” करार दिया. उन्होंनेकहा कि धर्म के आधार पर कोई भी आरक्षण संविधान का उल्लंघन है और अदालतों द्वारा इसे रद्द कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि, हम धर्म केआधार पर किसी भी आरक्षण का कड़ा विरोध करते हैं.संसद के कामकाज पर राहुल गांधी की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित शाह ने कहा किलोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को शायद यह पता नहीं कि सदन में बोलने के नियम होते हैं और इसे मनमर्जी से नहीं चलाया जा सकता है. बजट पर चर्चाके दौरान उन्हें 42% समय दिया गया था. अब यह उन पर निर्भर करता है कि वे किसे बोलने का अवसर दें.अमित शाह ने कहा कि, जब संसद में गंभीरचर्चा चल रही थी. तब वे वियतनाम में थे और जब वे लौटे तो अपनी मनमर्जी से बोलने की जिद करने लगे. विपक्ष पर अमित शाह ने साधा निशानाउन्होंने कहा कि संसद नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार चलती है न कि कांग्रेस पार्टी की तरह जिसे एक परिवार चलाता है और जहां कोई भी जबचाहे बोल सकता है. मुझे खेद है लेकिन उन्हें नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करना होगा. कांग्रेस द्वारा देश में आपातकाल जैसी स्थिति” होने केआरोप पर शाह ने कहा कि विपक्षी पार्टी लगातार सरकार की आलोचना करती रहती है. अगर सच में आपातकाल होता, तो कांग्रेस के नेता जेल मेंहोते.जातिगत जनगणना की कांग्रेस की मांग पर गृह मंत्री ने कहा कि खुद कांग्रेस ने पहले इस तरह की कवायद का विरोध किया था. उन्होंने कहा2011 में उन्होंने (कांग्रेस) जातियों पर एक सर्वे किया था.लेकिन उसके परिणाम घोषित नहीं किए अब हम आंतरिक विश्लेषण कर रहे हैं कि जातिगतजनगणना के लिए कौन-सी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए. एक बार जब हम इसे अंतिम रूप दे देंगे तब आगे की कार्रवाई देखी जाएगी.संसद केकामकाज की राहुल गांधी द्वारा की गई आलोचना पर गृहमंत्री ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता शायद यह नहीं जानते कि सदन में बोलने केनियम हैं, जिन्हें मनमर्जी से नहीं चलाया जा सकता. उन्होंने कहा, ‘बजट पर चर्चा में उन्हें (राहुल गांधी) 42 प्रतिशत समय दिया गया. अब यह उन परनिर्भर है कि वे तय करें कि कौन बोलेगा.

भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने के लिए भाजपा ने विधानसभा और कोर्ट में चल रहे केस किए रद्द, बोले सौरभ भारद्वाज

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में सरकारबनते ही भाजपा ने भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने विधानसभा की समितियों और अदालतों में चल रहेभ्रष्टाचार के मामलों को रद्द कर दिया, जिससे साफ है कि वह भ्रष्ट अधिकारियों के साथ खड़ी है। महिला पेंशन, स्वास्थ्य और जल आपूर्ति से जुड़े मामलों को खत्म किया गयासौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार ने उन अधिकारियों के खिलाफ चल रहे केस वापस ले लिए जिन्होंने बुजुर्गों और विधवाओं की पेंशन रोकी, डॉक्टरों और फार्मासिस्टों की सैलरी नहीं दी, और नालों की सफाई नहीं करवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि इन फैसलों से स्पष्ट हो गया है कि भाजपाके इशारे पर ही अधिकारियों ने दिल्ली की व्यवस्था को खराब किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली विधानसभा में वित्त सचिव, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफमामले दर्ज किए गए थे, लेकिन भाजपा सरकार ने इन सभी मामलों को निरस्त कर दिया। इसके अलावा, जल बोर्ड से जुड़े मामलों को भी भाजपासरकार ने खत्म कर दिया, जिससे दिल्ली में सीवर की सफाई और जलापूर्ति में बाधा उत्पन्न हुई। भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों को मिली माफीसौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार ने उन अधिकारियों को भी माफी दे दी, जिन्होंने सरकारी जमीन को निजी संपत्ति बताकर बेचा था। उन्होंनेदावा किया कि विधानसभा की विशेषाधिकार समिति में 6वीं और 7वीं विधानसभा से जुड़े 128 मामले और याचिका समिति में 179 मामले वापस लेलिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आईएएस अफसर आशीष माधवराव मोरे पर करोड़ों रुपए की सरकारी जमीन को निजी संपत्ति में बदलने का आरोप था, लेकिनभाजपा सरकार ने उनके खिलाफ मामला खत्म कर दिया। इसी तरह, आईएएस अधिकारी वाईवीवीजे राजशेखर पर नकली ओबीसी प्रमाण पत्र केआधार पर नौकरी पाने का आरोप था, लेकिन यह मामला भी निरस्त कर दिया गया। दिल्ली की जनता को धोखा दे रही भाजपाआप नेता ने कहा कि भाजपा सरकार ने जानबूझकर उन सभी अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया, जिन्होंने दिल्ली में अव्यवस्था फैलाई। उन्होंनेआरोप लगाया कि भाजपा ने दिल्ली जल बोर्ड के टेंडर रोककर और सफाई कर्मचारियों को हटाकर जानबूझकर दिल्ली की स्थिति को खराब किया। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा का यह कदम यह साबित करता है कि दिल्ली को नर्क बनाने में भाजपा की ही साजिश थी। उन्होंने दिल्लीवासियोंसे अपील की कि वे इस सच्चाई को समझें और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली भाजपा सरकार के खिलाफ आवाज उठाएं।

भ्रष्टाचार छिपाने के लिए केजरीवाल सरकार नहीं करवा रही विभागीय ऑडिट, बोले भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा

नई दिल्ली: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी (आप) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव मेंहार के बाद से पार्टी के नेता, खासतौर पर नेता प्रतिपक्ष आतिशी मार्लेना, लगातार भ्रामक बयानबाजी कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। महिला समृद्धि योजना पर लगातार बयानबाजीसचदेवा ने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद से ही ‘आप’ नेता महिला समृद्धि योजना के तहत ₹2500 की राशि को लेकर सवाल खड़े कर रहे थे।लेकिन जब दिल्ली सरकार ने अपने 2025-26 के बजट में इस योजना के लिए फंड आवंटित कर दिया, तो अब आर्थिक सर्वेक्षण की गैर-मौजूदगी कोलेकर नया विवाद खड़ा किया जा रहा है। विभागीय ऑडिट ना होने का आरोपभाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि दिल्ली सरकार की लापरवाही के बजाय, आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत न हो पाने का असली कारण केजरीवाल सरकारद्वारा अपने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए विभागीय ऑडिट नहीं करवाना है। उन्होंने कहा कि यह सरकार पारदर्शिता से बचने का प्रयास कर रही है। महिला योजनाओं पर भरोसासचदेवा ने यह भी कहा कि दिल्ली की महिलाएं भाजपा नेतृत्व पर विश्वास करती हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि महिला समृद्धि योजना के तहत ₹2500 की राशि और रसोई गैस सिलेंडर की सुविधा 2025-26 के वित्तीय वर्ष में मिलने लगेगी।

राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं से की बैठक, भाजपा-आरएसएस पर साधा निशाना

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के जिला इकाई प्रमुखों के साथ बैठक में वर्तमान समय की वैचारिक लड़ाई को कठिन बताया। उन्होंने कहाकि कांग्रेस ने ब्रिटिश साम्राज्य से संघर्ष किया था, जो भाजपा और आरएसएस की तुलना में कहीं अधिक शक्तिशाली था। बैठक के दौरान उन्होंनेपार्टी के संगठन को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया और बताया कि कांग्रेस नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह बैठक तीन चरणों मेंआयोजित हो रही है, जिनमें से अगली दो बैठकें तीन और चार अप्रैल को होंगी। कांग्रेस और आरएसएस की विचारधारा पर राहुल गांधी का बयानबैठक में राहुल गांधी ने कहा कि देश में दो अलग-अलग दृष्टिकोण मौजूद हैं। एक तरफ आरएसएस और भाजपा की विचारधारा है, जो तानाशाही, सामाजिक भेदभाव और कमजोर वर्गों के दमन को बढ़ावा देती है। दूसरी ओर, कांग्रेस की विचारधारा समानता और स्वतंत्रता पर आधारित है, जिसनेभारत को आज़ादी दिलाई। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस का संघर्ष केवल भाजपा और आरएसएस के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे भारतके लिए है, जहां हर नागरिक को अपने सपने पूरे करने का समान अधिकार मिले। व्हाट्सएप चैनल पर साझा किया संदेशबैठक के बाद राहुल गांधी ने अपने व्हाट्सएप चैनल पर एक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा और उसकी प्राथमिकताओं परबात की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है जो सभी जातियों और धर्मों को समान रूप से देखती है और देश को एक निष्पक्ष तथा समरसतापूर्णस्थान बनाने की दिशा में कार्यरत है। भाजपा पर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का आरोपराहुल गांधी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के कुछ बड़े कारोबारी वही भूमिका निभा रहे हैं, जो कभी ईस्ट इंडिया कंपनी निभाती थी।उन्होंने कहा कि इन उद्योगपतियों को हर तरह की सुविधाएं मिल रही हैं, वे मीडिया, दूरसंचार और रक्षा क्षेत्र में बड़े ठेके प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने दावाकिया कि भाजपा की नीतियों के कारण इन व्यवसायियों को मनचाही संपत्ति और संसाधन दिए जा रहे हैं। ब्रिटिश शासन से तुलनाराहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस की तुलना ब्रिटिश साम्राज्य से करते हुए कहा कि कांग्रेस ने इससे भी बड़ी और कठिन लड़ाई लड़ी थी। उन्होंनेजोर देकर कहा कि कांग्रेस ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जो संघर्ष किया, उसकी तुलना में भाजपा और आरएसएस की विचारधारा मात्र एक मजाक है।उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को इस लड़ाई में मजबूती से डटे रहने का आह्वान किया।

बेंगलुरु में पति ने पत्नी की हत्या कर शव को सूटकेस में छिपाया, महाराष्ट्र जाकर किया गुनाह कबूल

कर्नाटक के बेंगलुरु में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक पति ने मामूली बहस के बाद अपनी पत्नी की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपीने पत्नी के शव को सूटकेस में बंद कर बाथरूम में रख दिया और वहां से फरार हो गया।नौकरी को लेकर हुई थी बहसघटना 26 मार्च की बताई जा रही है। मृतका गौरी और उसका पति राकेश हाल ही में बेंगलुरु शिफ्ट हुए थे। गौरी पहले एक निजी कंपनी में काम कररही थी लेकिन उसने नौकरी छोड़ दी और नई नौकरी की तलाश में थी। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर बहस होती थी। घटना वालीरात डिनर के दौरान दोनों में कहासुनी हुई, जिसके बाद गौरी ने गुस्से में किचन में रखा चाकू उठाकर राकेश की तरफ फेंका। चाकू राकेश के हाथ परलग गया, जिससे उसे चोट आई। गुस्से में आकर राकेश ने उसी चाकू से गौरी पर तीन बार वार कर उसकी हत्या कर दी। शव को सूटकेस में बंद कर फरार हुआ आरोपीहत्या के बाद राकेश ने गौरी के शव को सूटकेस में भरकर बाथरूम में रख दिया और मौके से फरार हो गया। अगले दिन, यानी 27 मार्च को मकानमालिक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब घर में दाखिल हुई, तो बाथरूम में रखा सूटकेस बरामद किया। जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को बुलायागया, जिसमें पाया गया कि शव साबुत था और उस पर चाकू के तीन घाव थे। पुलिस के सामने कबूला गुनाहहत्या के बाद राकेश कार लेकर बेंगलुरु से भाग निकला। वह मुंबई होते हुए महाराष्ट्र के शिरवल पुलिस स्टेशन पहुंचा, जहां उसने अपना गुनाह कबूलकिया और बेहोश होकर गिर पड़ा। जांच में पता चला कि उसने जहर खा लिया था। पुलिस ने उसे सतारा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहांसे उसे पुणे के ससून अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस कर रही मामले की जांचपुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि राकेश और गौरी की शादी दो साल पहले अरेंज मैरिज के तहत हुई थी और दोनों महाराष्ट्र के रहने वाले थे।फिलहाल, पुलिस आरोपी के ठीक होने का इंतजार कर रही है ताकि उससे पूछताछ कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।

कठुआ के जंगलों में आतंकियों से मुठभेड़, दो आतंकी ढेर, तीन जवान शहीद

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के घने जंगलों में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई, जिसमें दो आतंकवादी मारे गए, जबकिजम्मू-कश्मीर पुलिस के तीन जवान शहीद हो गए और दो अन्य घायल हो गए। यह मुठभेड़ आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन का हिस्सा थी, जो पिछलेचार दिनों से कठुआ के जंगलों में जारी था। चार से पांच आतंकियों के छिपे होने की सूचनासूत्रों के मुताबिक, कठुआ के जुथाना इलाके में चार से पांच आतंकवादी छिपे होने की खबर मिली थी। सुरक्षाबलों ने उनकी सटीक लोकेशन का पतालगाते ही ऑपरेशन शुरू कर दिया। यह मुठभेड़ जखोले गांव के पास हुई, जो हीरानगर सेक्टर से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है। इससे पहलेरविवार (23 मार्च) को भी इसी क्षेत्र में पहली मुठभेड़ हुई थी, लेकिन तब आतंकवादी भागने में सफल रहे थे। सेना की विशेष टुकड़ी और उच्चस्तरीय निगरानीआतंकियों को ढेर करने के लिए भारतीय सेना की विशेष टुकड़ी (स्पेशल फोर्सेस) मैदान में उतरी। जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (DGP) नलिनप्रभात भी ऑपरेशन की निगरानी के लिए मौके पर पहुंचे। सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि गुरुवार की मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी वही थे, जोरविवार की मुठभेड़ के दौरान भाग निकले थे। बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी22 मार्च से सुरक्षाबलों ने व्यापक सर्च अभियान चला रखा है, जिसमें पुलिस, सेना, NSG, BSF और CRPF की टीमें शामिल हैं। इस ऑपरेशन मेंUAVs, ड्रोन, बुलेटप्रूफ वाहन और आधुनिक निगरानी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। रविवार की मुठभेड़ के दौरान आतंकवादी हिरानगर केसान्याल गांव में छिपे थे, जहां SOG ने गुप्त सूचना के आधार पर अभियान चलाया था। करीब 30 मिनट चली इस मुठभेड़ के बाद आतंकी जंगलोंकी ओर भागने में सफल रहे थे। भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामदसुरक्षाबलों ने आतंकियों की धरपकड़ के लिए थर्मल इमेजिंग, ड्रोन, हेलीकॉप्टर, बुलेटप्रूफ वाहन और खोजी कुत्तों की मदद से बड़े पैमाने पर तलाशीअभियान चलाया। इससे पहले, सोमवार को हीरानगर इलाके में तलाशी के दौरान M4 कार्बाइन की चार लोडेड मैगजीन, दो ग्रेनेड, बुलेटप्रूफ जैकेट, स्लीपिंग बैग, ट्रैकसूट, खाद्य सामग्री और आईईडी (IED) बनाने का सामान बरामद किया गया था। ऑपरेशन जारी, हाई अलर्ट पर सुरक्षाबलघटना के बाद पूरे क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है, और सुरक्षाबलों द्वारा जंगल में सघन तलाशी अभियान जारी है। अधिकारियों का कहना है किआतंकवादियों की किसी भी घुसपैठ को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, चारा घोटाले में हेराफेरी हुई 950 करोड़ की राशि होगी जब्त, दोषियों की संपत्ति होगी कुर्क

बिहार सरकार ने चारा घोटाले से जुड़ी 950 करोड़ रुपये की हेराफेरी की रकम दोषियों से वसूलने का फैसला किया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री और वित्तमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि सरकार यह राशि जब्त कर सरकारी खजाने में जमा करेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न्यायालय के आदेश केतहत लिया गया है और सरकार इसे लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। चारा घोटाला, जो भारत के सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में से एक माना जाता है, 1990 के दशक में सामने आया था। यह मामला बिहार और झारखंडके पशुपालन विभाग से जुड़ा था, जिसमें पशुओं के चारे और देखभाल के नाम पर फर्जी बिलों के जरिए सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की हेराफेरीकी गई थी। 1996 में चाईबासा के उपायुक्त अमित खरे द्वारा विभाग के दफ्तरों पर छापेमारी के बाद इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ। इसके बादपटना हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच का आदेश दिया और 27 मार्च 1996 को पहली प्राथमिकी दर्ज की गई। सीबीआई ने इस मामले में 66 अलग-अलग केस दर्ज किए और 170 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया। इनमें बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालूप्रसाद यादव भी शामिल थे, जिन्हें पांच अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया गया। इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा, जगदीश शर्मा औरआर.के. राणा समेत कई अन्य नेताओं और अधिकारियों को भी सजा सुनाई गई। लालू प्रसाद यादव को पहली बार 3 अक्टूबर 2013 को इस घोटालेके तहत जेल की सजा मिली थी और अब तक वे सात बार जेल जा चुके हैं। सरकार अब इस घोटाले में शामिल दोषियों की संपत्तियां जब्त करने और जनता के धन को वापस सरकारी खजाने में लाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ारही है। सम्राट चौधरी ने कहा कि यह कोई राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेशानुसार लिया गया निर्णय है। उन्होंने यह भी स्पष्ट कियाकि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और सभी आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे। यह कार्रवाई बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश केरूप में देखी जा रही है, जिसका असर राज्य की राजनीति पर भी पड़ सकता है।