महाराष्ट्र के पालघर में केरोसिन टैंकर हादसा, चालक की मौत

महाराष्ट्र के पालघर जिले में रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसमें केरोसिन से भरा टैंकर पुल से नीचे गिर गया। इस दुर्घटना के कारणसर्विस रोड पर केरोसिन फैल गया, जिससे यातायात बाधित हो गया। हादसे की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थितिको नियंत्रण में लिया। चालक ने खो दिया नियंत्रणघटना मुंबई-अहमदाबाद हाईवे के मनोर इलाके में हुई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि चालक ने पुल पर वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे टैंकरसाइडवॉल से टकराने के बाद सर्विस रोड पर गिर गया। घायल चालक ने तोड़ा दमहादसे में गंभीर रूप से घायल टैंकर चालक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई। प्रशासन औरअग्निशमन विभाग की टीमों ने तुरंत सड़क को साफ कर यातायात को सुचारू किया। ठाणे में भी हुआ सड़क हादसाइसी दिन महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक अन्य सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एक ट्रक और कार के बीच टक्कर हो गई। यह हादसा ठाणे (पश्चिम) के थ्रीहाट नाका में रहेजा पुलिस चौकी के पास शाम करीब 4:10 बजे हुआ। कार और ट्रक की टक्कर से यातायात प्रभावितसूत्रों के अनुसार, दुर्घटना मुलुंड चेक नाका से थ्री हाट नाका जाने वाली सड़क पर हुई। ट्रक मुलुंड से दिवा की ओर जा रहा था, जबकि कार कलवा कीदिशा में थी। टक्कर के कारण कार चालक को मामूली चोटें आईं। प्रशासन ने किया यातायात बहालघटना के बाद वागले पुलिस स्टेशन और क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन सेल के कर्मचारी राहत कार्य के लिए मौके पर पहुंचे।
ईद समारोह में ममता बनर्जी का संबोधन, सांप्रदायिक सौहार्द और राजनीतिक हमले

31 मार्च 2025 को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित ईद समारोह में लोगों को एकजुट रहने और शांतिबनाए रखने की अपील की। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बिना किसी पार्टी का नाम लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और वामपंथी दलों परनिशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल सांप्रदायिक तनाव भड़काकर लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता को ऐसे षड्यंत्रों सेबचना चाहिए। लाल और भगवा एक हो गए हैंअपने भाषण में ममता बनर्जी ने कहा, “मैं नहीं चाहती कि कोई दंगा हो। आम लोग दंगे नहीं करते, यह एक राजनीतिक दल की चाल होती है। पहलेवाम दल धर्मनिरपेक्षता की बात करते थे, लेकिन अब लाल और भगवा एक हो चुके हैं। उन्हें एक होने दीजिए, हम काफी हैं। हम अपनी जान देकर भीलड़ेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि सभी हिंदू और ईसाई उनके खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कुछ नेता धर्म का इस्तेमाल कर राजनीति कर रहे हैं। मणिपुर संकट पर केंद्र को घेराममता बनर्जी ने अपने संबोधन में मणिपुर में जारी हिंसा का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “वे कहते हैं कि सांप्रदायिकदंगे हो रहे हैं और राष्ट्रपति शासन की मांग करते हैं, लेकिन मैं पूछती हूं कि मणिपुर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में क्या हुआ? वहां की स्थिति पर केंद्रसरकार चुप क्यों है? ईद के मौके पर खाने-पीने और पहनावे पर पाबंदियां लगाई जाती हैं, जो असहिष्णुता को दर्शाता है।” उन्होंने केंद्र सरकार पर”बांटो और राज करो” की नीति अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि वह अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगी। BJP का पलटवार: “सांप्रदायिक राजनीति का आरोप”ममता बनर्जी के बयान पर BJP नेता राहुल सिन्हा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने ईद के पावन अवसर का इस्तेमाल सांप्रदायिकभाषण देने के लिए किया। सिन्हा ने आरोप लगाया, “जब भी राम नवमी आती है, ममता बनर्जी ईद के मंच से सांप्रदायिक बयान देती हैं। पहले भीउन्होंने ऐसा किया था, जिससे हावड़ा में दंगे भड़के थे। इस बार भी वह वही दोहरा रही हैं।” एकता और शांति का संदेशममता बनर्जी ने अपने संबोधन में एकता और शांति बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल दंगों के जरिए अपनी राजनीतिचमकाना चाहते हैं, लेकिन जनता को ऐसे उकसावे से बचना चाहिए। “मैं दंगे रोकना चाहती हूं, मेरी सरकार हर नागरिक के साथ खड़ी रहेगी और किसीको भी सांप्रदायिक तनाव फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC), सांप्रदायिकराजनीति के खिलाफ मजबूती से लड़ती रहेगी। मणिपुर हिंसा पर केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवालममता बनर्जी ने मणिपुर में जारी हिंसा का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मणिपुर में महीनों से अशांतिफैली हुई है, लेकिन केंद्र सरकार इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। उन्होंने उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी सांप्रदायिक तनाव के मुद्दे को उठातेहुए केंद्र पर भेदभावपूर्ण राजनीति करने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी का यह बयान पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा सकता है। ईद समारोह के मंच से दिया गया उनका संदेश सांप्रदायिक सौहार्दबनाए रखने की अपील तो करता है, लेकिन इसके साथ ही यह उनके राजनीतिक विरोधियों के लिए एक कड़ा संदेश भी था।
दुनिया का सबसे ऊंचा रेल ब्रिज चिनाब का उद्घाटन 19 अप्रैल को, कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को मिलेगी हरी झंडी

जम्मू-कश्मीर में 19 अप्रैल 2025 को एक ऐतिहासिक दिन होने जा रहा है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे ऊंचे रेल ब्रिज, चिनाब ब्रिज, का उद्घाटन करेंगे। यह ब्रिज रियासी जिले में चिनाब नदी पर स्थित है और इसकी लंबाई 1,315 मीटर तथा ऊंचाई 359 मीटर है, जो इसे एफिलटावर से भी 35 मीटर ऊंचा बनाता है। यह ब्रिज 272 किमी लंबे उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसमें 38 सुरंगें और 927 पुल शामिल हैं। अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित यह पुल भूकंपरोधी है और 266 किमी प्रति घंटे की तेज़ हवाओं को सहने में सक्षमहै। कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभउद्घाटन समारोह के बाद प्रधानमंत्री मोदी कटरा में कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन कश्मीर को देश के अन्य हिस्सों सेजोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 25 जनवरी को हुए सफल ट्रायल के दौरान इस ट्रेन ने 160 किमी की दूरी सिर्फ 3 घंटे में पूरी की थी। इस ट्रेनको अत्यधिक ठंडे मौसम में चलने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। इसमें एंटी-फ्रीजिंग प्रणाली, हीटिंग सिस्टम, शैटरप्रूफ खिड़कियां औरभूकंपरोधी संरचना शामिल है, जिससे यह माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी सुचारू रूप से संचालित हो सकती है। फिलहाल, यहट्रेन कटरा से श्रीनगर के बीच चलेगी, लेकिन जम्मू रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण के बाद इसे अगस्त से जम्मू तक विस्तारित किया जाएगा। इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूनाचिनाब ब्रिज और वंदे भारत एक्सप्रेस भारत की आधुनिक इंजीनियरिंग का प्रतीक हैं। ये सिर्फ परिवहन सुविधाएं नहीं, बल्कि एक ऐसे सपने की पूर्तिहैं, जो कश्मीर को पूरे देश से जोड़ने के लिए वर्षों से देखा जा रहा था। इस परियोजना से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि कश्मीर घाटी मेंपर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
शिक्षा नीति पर कांग्रेस का प्रहार, सोनिया गांधी ने ‘तीन सी’ के खतरे पर चेताया”

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की शिक्षा नीति की तीखी आलोचना की। उन्होंने आरोपलगाया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य सत्ता का केंद्रीकरण, शिक्षा का व्यावसायीकरण और पाठ्यपुस्तकों का सांप्रदायिकरण है। उन्होंने इसे भारतीयशिक्षा प्रणाली के लिए खतरा बताया और समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। “तीन सी” का प्रभावसोनिया गांधी ने शिक्षा प्रणाली पर पड़ने वाले प्रभाव को तीन प्रमुख पहलुओं में विभाजित किया गया है।केंद्रीकरण: उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को अपने नियंत्रण में रखने का प्रयास कर रही है, जिससे राज्यों की भूमिका कमजोर हो रही है। उदाहरण केतौर पर, केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (CABE) की बैठक 2019 के बाद नहीं बुलाई गई। इसके अलावा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 कोलागू करने से पहले राज्यों से उचित परामर्श नहीं लिया गया व्यावसायीकरण: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा को निजी हाथों में सौंपने काप्रयास कर रही है, जिससे निम्न वर्ग के छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच कठिन हो रही है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की”ब्लॉक-अनुदान” प्रणाली को उच्च शिक्षा वित्तपोषण एजेंसी (HEFA) से बदल दिया गया, जिससे निजी निवेश में वृद्धि हुई है।सांप्रदायिकरण: उन्होंने सरकार पर पाठ्यक्रम में ऐतिहासिक तथ्यों में छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया। गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या औरमुगल काल से संबंधित कई महत्वपूर्ण विषयों को पाठ्यपुस्तकों से हटाने का प्रयास किया गया। इसके अलावा, भारतीय संविधान की प्रस्तावना कोभी कुछ समय के लिए पाठ्यक्रम से बाहर किया गया था। उच्च शिक्षा पर प्रभावसोनिया गांधी ने दावा किया कि सरकार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में विचारधारासे प्रेरित नियुक्तियां कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संस्थानों में ऐसे लोगों को नेतृत्व की भूमिका दी जा रही है, जिनकी शैक्षणिक योग्यतासंदिग्ध है।
पाकिस्तान बना रहा 21 हजार करोड़ खर्च कर रेगिस्तान में नहर, शहबाज सरकार आई खतरे में

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक नहर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. आलम यह है कि देश के दक्षिण में पड़ने वाले इस प्रांत में लोगों ने प्रधानमंत्रीशहबाज शरीफ के शासन वाले गठबंधन को धमकाना तक शुरू कर दिया है. यहां रहने वालों को डर है कि पाकिस्तान सरकार के नए प्रोजेक्ट की वजहसे देश के दक्षिणी हिस्से में पानी की जबरदस्त समस्या खड़ी हो सकती है.बता दें कि मौजूदा समय में पाकिस्तान में कृषि क्षेत्र जीडीपी में 25 फीसदीका योगदान देता है. इतना ही नहीं यह क्षेत्र देश में 37 फीसदी रोजगार के लिए भी जिम्मेदार है. इन्हीं आंकड़ों के मद्देनजर पाकिस्तान सरकार ने इसीसाल फरवरी में हरित पाकिस्तान पहल (ग्रीन पाकिस्तान इनीशिएटिव) लॉन्च किया. इस इनीशिएटिव के तहत 3.3 अरब डॉलर की एक परियोजनालॉन्च की गई. पाकिस्तान सरकार ने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की मौजूदगी में इस परियोजना की शुरुआत की थी. तब मुनीर ने पंजाब कोपाकिस्तान के कृषि क्षेत्र का पावरहाउस बताया था और कहा था कि सेना देश के आर्थिक विकास को बढ़ावा देना जारी रखेगी.इस हरित पाकिस्तानपहल के तहत पड़ोसी मुल्क अपने लोगों को खाद्य सुरक्षा मुहैया कराना चाहता है. पाकिस्तान इस परियोजना के तहत आने वाले क्षेत्रों में कॉरपोरेटफार्मिंग शुरू कराना चाहता है. जुलाई में दी गई थी योजना को मंजूरीयोजना के मुताबिक, पाकिस्तान कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए ड्रोन्स के प्रयोग और उच्च-पैदावार वाले बीजों और फर्टिलाइजर्स के इस्तेमालको बढ़ावा दे रहा है.पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने पिछले साल जुलाई में ही इस योजना की मंजूरी दे दी थी. इस चोलिस्तान नहरका नामकरण भी हो चुका है और इसे बनने के बाद महफूज शहीद नहर के नाम से जाना जाएगा. हालांकि, सिंध प्रांत के लोगों ने इसका सख्त विरोधशुरू कर दिया है.विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से कई नदियां दक्षिण क्षेत्र में स्थित सिंध मे पहुंचती हैं. ऐसे में अगर पंजाब कीनदियों का पानी चोलिस्तान रेगिस्तान में स्थित नहर को भरने में लगाया जाता है तो इससे सिंध को मिलने वाला पानी कम हो जाएगा और सिंध कोपानी की कमी से भी जूझना पड़ सकता है. वहीं, एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि भारत की सतलुज से आने वाले अतिरिक्त पानी (जो कि बाढ़ केपानी के रूप में या अतिरिक्त वर्षा के बाद आता है) पर निर्भर नहीं रहा जा सकता. भारत की नदियों से आता था पानीइस्लामाबाद के पर्यावरण मामलों के विशेषज्ञ नासीर मेमन ने बताया कि भारत की तरफ से पूर्वी नदियों से आने वाला अतिरिक्त पानी भी अब भारतकी तरफ से बनाए जाने वाले बांधों और जलवायु परिवर्तन के चलते आना कम हो चुका है. उन्होंने डाटा सामने रखते हुए बताया कि अगर 1976 से1998 के बीच के आंकड़े देखे जाएं तो सामने आता है कि 9.35 मिलियन एकड़-फीट (एमएएफ) पानी भारत की नदियों से आता था. वहीं 1999 से2022 के बीच यह आंकड़ा घटकर 2.96 एमएएफ रह गया है.पाकिस्तान में रेगिस्तान में बनने वाली इस नहर को लेकर विवाद इस कदर गहरा चुका हैकि राजनीतिक दलों से लेकर लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता, स्टूडेंट्स और यहां तक की धार्मिक हस्तियां भी सरकार के इस प्रोजेक्ट के विरोध में उतरआई हैं. इन सभी पक्षों ने नहर की वजह से सिंध प्रांत में पानी की कमी को लेकर चिंता जताई है.
रुस के राष्ट्रपति पुतिन के काफिले की लिमोजिन कार में हुआ बड़ा धमाका, एफएसबी मुख्यालय के पास हुआ हादसा

मॉस्को के एफएसबी खुफिया विभाग के मुख्यालय के उत्तर में अचानक व्लादिमीर पुतिन के काफिले में शामिल लिमोजिन कार में विस्फोट हो गया. फुटेज के मुताबिक पहले कार के इंजन में आग लगी और बाद में यह अंदरुनी हिस्से तक फैल गई. रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि घटना के वक्तकार कौन चला रहा था. रूस से बड़ी खबर सामने आ रही है दरसल मॉस्को में एफएसबी मुख्यालय के पास राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के काफिले कीलिमोजिन कार में धमाका हुआ है. धमाके के बाद कार पूरी तरह से जलकर खाक हो गई कार में धमाके का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होरहा है. कार में आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है.कि मॉस्को के एफएसबी खुफिया विभाग के मुख्यालय के उत्तर में अचानक व्लादिमीरपुतिन के काफिले में शामिल लिमोजिन कार में विस्फोट हो गया. फुटेज के मुताबिक पहले कार के इंजन में आग लगी और बाद में यह अंदरुनी हिस्सेतक फैल गई. कार में आग लगते ही आसपास के रेस्तरां और बार के कर्मचारी मदद के लिए पहुंचे. कि घटना के वक्त कार कौन चला रहा था. बतायाजा रहा है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन को 275000 पाउंड वाली लिमोजिन कार काफी पसंद है. उन्होंने यह कार उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उनको भी उपहार में दी है.रूस यूक्रेन युद्ध के बीच क्रेमलिन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर हमले की आशंका जताई है. सीवरों की तलाशी लेने का दिया था आदेशपिछले दिनों रूसी राष्ट्रपति ने अपने भाषण स्थल पर सीवरों की तलाशी लेने का आदेश दिया था. इसके बाद एफएसओ अधिकारियों को मॉस्को मेंपुतिन के भाषण स्थल के निकट बमों की तलाश में सीवर के दरवाजे और कूड़े के ढेर खोलते देखा गया. क्रेमलिन की रिपोर्ट के बाद राष्ट्रपति केसुरक्षाकर्मियों की तलाशी ली गई. सैनिकों की बंदूकों से मैगजीन निकाल ली गईं हैं बताया यह भी जा रहा है कि पुतिन सार्वजनिक कार्यक्रमों मेंबुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर जा रहे हैं क्रेमलिन पुतिन की सुरक्षा को लेकर गंभीर है.इस दौरान कार से धुंआ निकलता देखा गया है. माना जा रहा है कि इसघटना में वाहन का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है. फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि घटना के दौरान कार में कौन-कौन मौजूद थाक्योंकि अभी तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं है. यूरोवीकली की रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा संदेह है कि आग कार के इंजन में लगी हो औरजल्द ही पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया हो. समाचार एजेंसी एपी से बात करते हुए यूक्रेनी सरकार और सैन्य विश्लेषकों ने उम्मीद जताई किरूस, कीव के साथ संभावित वार्ता से पहले अपनी बातचीत की स्थिति को मजबूत करने के लिए 1000 किलोमीटर की सीमा रेखा पर एक नयाआक्रमण शुरू करेगा. यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि रूस, पूर्वोत्तर क्षेत्रों में नए आक्रमण के लिए तैयार हो रहा है.
पीएम मोदी ने किया 120 रेडियो प्रसारण को संबोधित, कहा भारत कैसे बन सकता है सस्टेनेबल फैशन का हब

आज पीएम नरेंद्र मोदी अपने रेडियो प्रसारण का 120वें शो को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर बातचीत की। हालांकि उन्होंने इन दिनोंदेश में टेक्सटाइल कचरे की बढ़ती चुनौती पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत इस क्षेत्र में एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है. साथही उन्होंने इस चुनौती को खत्म में जुटे लोगों की सराहना भी कीरविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को अपने रेडियो शो ‘मन की बात’ केमाध्यम से संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने भारत में टेक्सटाइल कचरे से बढ़ती चुनौती पर जोर दिया. पीएम मोदी ने टेक्सटाइल कचरे के मुद्दे परबोलते हुए कहा कि भारत इस क्षेत्र में एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है. उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों कीसराहना की जानी चाहिए.बता दें कि अपने रेडियो प्रसारण ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने टेक्सटाइल कचरे से जुड़ी चुनौती के बारे में लोगों कोबताया. उन्होंने कहा कि आप सोच रहे होंगे कि टेक्सटाइल कचरे का मुद्दा क्या है? दरअसल, यह एक बड़ी समस्या बन गई है. पीएम मोदी ने किए कई सवालआजकल लोग पुराने कपड़े जल्दी फेंक देते हैं और नए खरीदने की आदत बढ़ गई है.पीएम मोदी ने आगे सवाल किया कि क्या आपने कभी सोचा हैकि पुराने कपड़ों का क्या होता है जिन्हें हम पहनना बंद कर देते हैं? उन्होंने बताया कि ये कपड़े कचरे में बदल जाते हैं। इसके बारे में किए गए शोध मेंयह बात सामने आई है कि दुनिया में बहुत कम कपड़ा कचरे को ही नए कपड़ों में बदला जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत दुनिया का तीसरासबसे बड़ा देश है, जहां सबसे अधिक कपड़ा कचरा उत्पन्न होता है.प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि यह बड़ी चुनौती है लेकिन मुझे खुशी है कि भारतमें इस चुनौती से निपटने के लिए कई सराहनीय प्रयास हो रहे हैं. कई भारतीय स्टार्ट-अप कपड़ा वसूली की दिशा में काम कर रहे हैं उन्होंने कहा, कईटीमें हमारे रैगपिकर भाइयों और बहनों के सशक्तिकरण के लिए काम कर रही हैं. कई युवा टिकाऊ फैशन के प्रयासों में शामिल हो रहे हैं पुराने कपड़ेऔर फुटवियर को रीसायकल कर जरूरतमंदों को देते हैं. ‘परिपत्र फैशन ब्रांड्स को दे रहे बढ़ावाइसके साथ ही पीएम मोदी ने कई संगठन इन दिनों ‘परिपत्र फैशन ब्रांड्स’ को बढ़ावा दे रहे हैं. इसके अलावा, कुछ प्लेटफॉर्म पर कपड़े किराए पर भीदिए जा रहे हैं. कुछ संगठन पुराने कपड़े इकट्ठा करते हैं उन्हें नया रूप देते हैं और गरीबों को वितरित करते हैं.अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ शहरों काउदाहरण देते हुए कहा कि पनीपत, तिरुपुर और बेंगलुरु जैसे शहर कपड़ा कचरे के प्रबंधन में नए तरीके अपना रहे हैं. उन्होंने बताया कि पनीपत अबटेक्सटाइल रीसाइक्लिंग का एक वैश्विक हब बन रहा है और बेंगलुरु में इस क्षेत्र में कई अभिनव तकनीकी समाधान आ रहे हैं. वहीं तिरुपुर में कपड़ाअपशिष्ट प्रबंधन के लिए जल उपचार और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग किया जा रहा है. प्रधानमंत्री ने इन प्रयासों को प्रेरणादायक बताते हुए कहाकि हमें भी इस दिशा में काम करने की जरूरत है.
गृह मंत्री अमित ने कई योजनाओं का किया शिलान्यास,लालू यादव ने जमकर साधा निशाना

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की ओर से बिहार विधानसभा चुनाव की असल तैयारी आज से शुरू हो रही है. शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीयजनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी पार्टी को स्पष्ट संदेश दे दिया था. अब वह एनडीए के नेताओं के बीच बिहार चुनाव की तैयारियों पर बात करेंगे। शाह शनिवार की शाम बिहार आए थे और भाजपा नेताओं के बाद पार्टी की कोर कमिटी से वार्ता की थी. अमित शाह आज पटना के बापू सभागार से 4 विभागों की 823 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया. साथ ही आज वह लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी पर जमकर बरसे. उन्होंने नकहा कि लालू और राबड़ी का जब जब शासनकाल आया तब तब बिहार में विनाश हुआ. पटना केबाद अमित शाह गोपालगंज के कार्यक्रमों में शामिल होने जाएंगे.केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पटना के बापू सभागार पहुंचे. बापू सभागार में सहकारिताविभाग का कार्यक्रम आयोजित किया गया था. वहां उन्होंने चार 4 विभागों की 823 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया. इसकार्यक्रम में मुख्त्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और सहकारिता मंत्री प्रेम कुमार के साथ-साथ अन्य लोग उपस्थित हैं. इसके साथ-साथ वह मिथिला के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट मखाना प्रोसेसिंग सेंटर का भी ऑनलाइन उद्घाटन किया. नीतीश कुमार ने विपक्ष पर बोला हमलामुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि आज बिहार में बहुत अच्छे से काम हो रहा है. कभी कोई इतना नहीं कर पाया. उन्होंनेकहा कि महिलाएं अब कितनी अच्छी तरीके से काम कर रही हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिना नाम लिए हुए राजद पर हमला करते हुए कहा किआज तक कोई कुछ किया शुरू से तो हमलोग काम करवा रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 2005 के पहले लोग शाम होने के बाद घर से निकलने से भी डरते थे. सड़कें भी नहीं थीं. यहां तक कि हिंदू-मुस्लिम में भी खूब झगड़े होते थे. लेकिन हमने सबकुछ ठीक कर दिया. अब कहीं भी हिन्दू-मुस्लिम में झगड़े नहीं होते हैं. सारे कब्रिस्तानों की घेराबंदी करवा दी। पहले न तो स्कूल में पढ़ाई होती थी और न ही शिक्षा आते थे. लेकिन अब देखिये सभी जगहों पर शिक्षकों की बहाली करवाकर स्कूल की व्यवस्था को बेहतर कर दिया. दवाई और डॅाक्टरों की कराई व्यवस्तादरअसल इससे पहले स्वास्थ्य व्यवस्था की कैसी हालत थी. अब स्वास्थ केंद्र और अस्पताल हर जगह दवाई और डॉक्टरों की व्यवस्थाकरवाई.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज एक बार फिर अपनी भूल को याद करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का नाम लिया. उन्होंनेकहा कि मुझसे दो बार गलती हो गई. जो मैं उधर चला गया अब यह गलती अब कभी नहीं होगी वो लोग गड़बड़ करने लगा था. तब मैं फिर वापसअपने पुराने साथितों के पास लौट आया हूं. वैसे भी श्रद्धेय अटल जी ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया था. तो ऐसे में मैं कैसे भूल सकता हूं फिर मुख्यमंत्रीनीतीश कुमार ने अमित शाह का अभिनन्दन करते हुए आमजन से 2025 के चुनाव में जीत दिलाने की अपील की.
दिल्ली में ‘वीरांगना’ ई-कॉफी टेबल बुक का विमोचन, भव्य नाट्य मंचन ने किया प्रेरित- रूबी फोगाट यादव

नई दिल्ली: भाजपा राष्ट्रीय महिला मोर्चा द्वारा आयोजित एक विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम में महिला स्वतंत्रता सेनानियों के अदम्य साहस और योगदानको नमन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रभारी बैजयंत पांडा, महिला मोर्चा की राष्ट्रीयअध्यक्षा वनथी श्रीनिवासन, और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा नेत्री रूबी फोगाट यादवकी उपस्थिति में ‘वीरांगना’ ई-कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया और महिला स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को याद किया।वीरांगना रानी वेलु नचियार पर भव्य नाट्य मंचनइस मौके पर वीरांगना रानी वेलु नचियार के साहस और शौर्य को दर्शाने वाला भव्य नाट्य मंचन भी प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह कोभाव-विभोर कर दिया। पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के रंग में डूबा नजर आया। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने महिला स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवशाली गाथाओं को जन-जन तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई और राष्ट्र निर्माण मेंमहिलाओं की भूमिका पर जोर दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्ंप को कोर्ट से बड़ा झटका, वॅाइस ऑफ अमेरिका से कर्मचारियों को निकालने पर लगाई थी रोक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बार फिर कोर्ट ने झटका दिया है. संघीय न्यायालय ने देश के सरकारी सहायता प्राप्त मीडिया समूह- वॉइसऑफ अमेरिका को सरकारी आर्थिक मदद और कर्मचारियों को निकालने के आदेश पर रोक लगा दी है.कोर्ट ने कहा कि वॉइस ऑफ अमेरिका को चुपनहीं कराया जा सकता. कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले को मनमाना और मनमौजी निर्णय लेने का मामला कहा. न्यायाधीश जेम्स पॉल ओटकेन नेवॉइस ऑफ अमेरिका को चलाने वाली यूएस एजेंसी फॉर ग्लोबल मीडिया को 1200 से अधिक पत्रकारों, इंजीनियरों और अन्य कर्मचारियों को नौकरीसे निकालने से रोक दिया. ओटकेन ने एक अस्थायी प्रतिबंध आदेश जारी करके एजेंसी को कर्मचारियों या कांट्रैक्टरों को नौकरी से निकालने, कर्मचारियों की संख्या कम करने, छुट्टी पर भेजने और किसी भी कार्यालय को बंद करने या विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका लौटने के लिए मजबूरकरने से रोक दिया है.इसके अलावा एजेंसी फॉर ग्लोबल मीडिया को रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी, रेडियो फ्री एशिया और रेडियो फ्री अफगानिस्तानसहित अपने अन्य प्रसारण आउटलेट के लिए दिए जाने वाले फंड को समाप्त करने से रोका गया है. एजेंसी ने गुरुवार को कहा कि वह न्यायाधीश केआदेश के बाद रेडियो फ्री यूरोप की फंडिंग बहाल कर रही है.जज ओटकेन ने ट्रंप प्रशासन को एक ऐसी एजेंसी को नुकसान पहुंचाने के लिए दोषीठहराया, जिसे कांग्रेस द्वारा वैधानिक रूप से अधिकृत और वित्त पोषित किया गया है. न्यायाधीश ने एजेंसी के नेतृत्व की आलोचना करते हुए कि उन्होंने अमेरिकी सरकार के वैश्विक, सॉफ्ट-पावर मेगाफोन पर प्रभावों पर विचार किए बिनारातोंरात हाथ खींच लिए. जज ने वॉइस ऑफ अमेरिका के पत्रकारों, श्रमिक संघों और गैर-लाभकारी पत्रकारिता वकालत समूह रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्सके गठबंधन के बाद पिछले हफ्ते ट्रंप प्रशासन पर कटौती को रोकने के लिए दायर मुकदमे पर सुनवाई की.संघीय अदालत में दर्ज किए गए मुकदमे मेंकहा गया है कि वॉइस ऑफ अमेरिका के कर्मचारियों को 15 मार्च को अपने लाइव प्रसारण समाप्त करने और फिर इमारत खाली करने के लिए कहागया. इसके तुरंत बाद उन्होंने ईमेल सहित एजेंसी के कंप्यूटर सिस्टम तक पहुंच खो दी. वॉइस ऑफ अमेरिका की समाचार वेबसाइट को तब से अपडेटनहीं किया गया है. दरअसल वह यह निर्धारित कर रही हैं कि न्यूनतम स्टाफिंग स्तरों पर कुछ आउटलेट्स को संचालित करने के लिए कितने लोगों कीआवश्यकता है. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को काम पर वापस लाया गया है और क्यूबा में रेडियो मार्टी सेवा शुरू कर दी गई है। हम यह सुनिश्चितकरना चाहते हैं कि ये एजेंसियां हमारे अमेरिकी मूल्यों के अनुरूप हों. हम अमेरिका की कहानी बता रहे हैं. हम अपने विरोधियों की कहानियां नहीं बतारहे हैं हम अमेरिका विरोधी कचरा नहीं फैलाएंगे.राष्ट्रपति ट्रंप ने 14 मार्च को एक आदेश जारी करके वॉइस ऑफ अमेरिका को बंद कर दिया था. ट्रंप ने समाचार एजेंसी पर पक्षपाती होने का आरोप लगाया. व्हाइट हाउस के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि ‘वॉयस ऑफ अमेरिका वर्षों से देश केसाथ तालमेल बिठाने में विफल रहा. यह कट्टरपंथी अमेरिका का प्रतिनिधित्व करता है और विभाजनकारी प्रोपेगेंडा को बढ़ावा दे रहा है.ट्रंप प्रशासन केएक बयान के अनुसार, यह एजेंसी (वॉयस ऑफ अमेरिका) अमेरिकी करदाताओं पर बहुत बड़ा बोझ है.वॉइस ऑफ अमेरिका, जो कि मुख्यतः रेडियोसेवा के तौर पर काम करता है, को तब स्थापित किया गया था जब दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी के नाजी शासन का प्रोपगैंडा तेजी से फैल रहा था।ऐसे में अमेरिका ने वीओए को तेजी से बढ़ावा दिया। दुश्मनों के खिलाफ नैरेटिव सेट करने और सहयोगी देशों की आवाज करोड़ों लोगों तक पहुंचाने केलिए वॉइस ऑफ अमेरिका की अहम भूमिका मानी जाती है। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में यह संस्थान लगातार विवादों में घिरा है।