कश्मीर में ईद-उल-अज़हा धूमधाम से मनाई गई, मीरवाइज उमर फारूक की नजरबंदी जारी, जामिया मस्जिद बंद

कश्मीर में मुस्लिम समुदाय ने ईद-उल-अज़हा के पावन अवसर पर बड़ी संख्या में नमाज़ अदा की और पारंपरिक उल्लास के साथ यह त्योहार मनाया।इस्लामी कैलेंडर के आखिरी महीने ज़िल-हिज्जा की 10वीं तारीख को मनाए जाने वाले इस पर्व का मकसद पैगंबर इब्राहिम की बलिदान की याद कोसमर्पित करना है। घाटी की मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह-सुबह हजारों श्रद्धालु एकत्रित हुए और सामूहिक नमाज़ अदा की। हजरतबल दरगाह में नमाज़ सभा का आयोजन और जामिया मस्जिद की बंदीश्रीनगर के हजरतबल दरगाह में इस बार भी सबसे बड़ी नमाज़ सभा आयोजित की गई, जिसमें घाटी के कई प्रमुख धार्मिक और राजनीतिक हस्तियों नेभाग लिया। हालांकि, श्रीनगर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद इस साल भी बंद रही, क्योंकि प्रशासन ने वहां नमाज़ अदा करने की अनुमति नहीं दी। मीरवाइज उमर फारूक की नजरबंदीहुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख और कश्मीरी धार्मिक नेता मीरवाइज उमर फारूक को भी इस बार ईद के मौके पर घर में नजरबंद रखा गया। उन्होंने सोशलमीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि लगातार सातवें साल कश्मीर में ईदगाह में नमाज़ अदा करने की अनुमति नहीं मिली और जामा मस्जिद को बंदरखा गया। उन्होंने मुस्लिम बहुल इलाकों में प्रार्थना के मौलिक अधिकारों से वंचित किए जाने को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया, खासकर ऐसे त्योहार केसमय जो शांति और त्याग का प्रतीक है। गदरपुर में ईद-उल-अज़हा का धूमधाम से आयोजनगदरपुर में भी ईद-उल-अज़हा बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। नगर की मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह नमाज़ अदा की गई। गदरपुर ईदगाह में सुबह7:30 बजे कारी मोहम्मद जाने आलम रजवी ने नमाज़ कराई, जिसमें देश की सलामती के लिए दुआएं की गईं। नमाज़ के बाद लोग एक-दूसरे को गलेलगाकर ईद की मुबारकबाद देते नजर आए। इस अवसर पर इदरीश पाशा, सदाब पाशा, उमर अली, शाकिर अली, मोहम्मद अमीन, महफूज अली, रिजवान अली, मोहम्मद अली, हारिश बाबा, नबी अहमद, फुरकान, फैजान खान, इरफान, मोहम्मद तौफीक, राशिद समेत कई लोग मौजूद थे।
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की हालत गंभीर, फिर ICU में भर्ती

जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की सेहत गंभीर हो गई है और उन्हें पुन ICU में शिफ्ट किया गया है। उन्होंने अपने सोशल मीडियापोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दी है कि वे लगभग एक महीने से अस्पताल में भर्ती हैं और किडनी की समस्या से जूझ रहे हैं। हाल ही में उनकीतबीयत में सुधार हुआ था, लेकिन अब फिर से उनकी हालत गंभीर हो गई है। ईमानदारी और किसानों के लिए संघर्ष की बात कहीसत्यपाल मलिक ने अपने पोस्ट में बताया कि गवर्नर के पद पर रहते हुए उन्हें 150-150 करोड़ रुपए की रिश्वत की पेशकश हुई, लेकिन वे अपनेराजनीतिक गुरु स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की तरह ईमानदारी से काम करते रहे। उन्होंने किसानों के आंदोलन के दौरान भी बिना किसी राजनीतिक लाभके किसानों की मांगों को समर्थन दिया। महिला पहलवानों के आंदोलन और पुलवामा हमले में शहीद जवानों के परिवारों के लिए भी उन्होंने आवाजउठाई, जिसका अब तक कोई निष्पक्ष जांच नहीं हुई। सरकार पर लगाए गंभीर आरोपपूर्व राज्यपाल ने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें CBI के डर से झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि जिस टेंडर को लेकरउन्हें फंसाने की कोशिश हो रही है, वह उन्होंने खुद भ्रष्टाचार का मामला बताते हुए प्रधानमंत्री को सूचना दी थी और उसके बाद वह टेंडर रद्द भी कियागया था। लेकिन उनके तबादले के बाद वही टेंडर किसी और के हस्ताक्षर से जारी हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसान समुदाय से हैं और न तो डरेंगेऔर न ही झुकेंगे।सच्चाई जनता के सामने लाने का आग्रहसत्यपाल मलिक ने सरकार और एजेंसियों पर उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया और कहा कि वे चाहते हैं कि देश की जनता को सच बताया जाए।उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने 50 साल के राजनीतिक जीवन में देश सेवा की है, बावजूद इसके वे एक छोटे से मकान में रहते हैं और कर्ज में डूबे हैं।यदि उनके पास धन होता तो वे निजी अस्पताल में इलाज करवा रहे होते।
भारत में फिर बढ़ा कोरोना संक्रमण,15 दिन में एक्टिव केस 20 गुना बढ़े

सक्रिय मामलों में उछालदेश में कोविड-19 के मामलों में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। केवल 15 दिनों में सक्रिय मामलों की संख्या में 20 गुना इजाफा हुआ है। मौजूदासमय में भारत में कुल 5,755 एक्टिव केस हैं। बीते 24 घंटों में संक्रमण के 391 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 760 मरीज ठीक हुए हैं। इसदौरान चार मरीजों की मौत भी हुई है। सबसे अधिक प्रभावित राज्यकेरल अभी भी सबसे अधिक प्रभावित राज्य बना हुआ है, जहां शनिवार को 127 नए केस रिपोर्ट हुए। इसके बाद गुजरात (102 मामले), दिल्ली (73 मामले) और पश्चिम बंगाल (26 मामले) का स्थान है। इन राज्यों के आंकड़े मिलाकर देश में एक दिन में कुल 391 नए मामले सामने आए हैं। राज्यवार कोरोना की स्थितिमहाराष्ट्र: शनिवार को राज्य में 29 नए मामले मिले और एक मौत हुई। कुल सक्रिय मरीजों की संख्या 577 हो गई है, जबकि कुल मृतकों की संख्या18 पहुंच चुकी है। पश्चिम बंगाल: पिछले 24 घंटों में 26 नए केस और 88 रिकवरी दर्ज की गई। यहां एक्टिव केस 622 हैं और अब तक एक मौत हुई है। दिल्ली: 73 नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 665 हो गई है। जनवरी 2024 से अब तकसात लोगों की मौत हो चुकी है। छत्तीसगढ़: राज्य में 17 नए केस पाए गए हैं, जिससे कुल एक्टिव केस 41 हो गए हैं। कोई नई मृत्यु दर्ज नहीं की गई है। हरियाणा: 9 नए मामले आए हैं, जिसमें गुरुग्राम और फरीदाबाद सबसे प्रभावित जिले हैं। राज्य में कुल 87 सक्रिय मरीज हैं और अब तक 151 मामलेसामने आ चुके हैं। सरकार की तैयारियां और मॉक ड्रिलकोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने 5 जून को देशभर के अस्पतालों में मॉक ड्रिल आयोजित की। इसका उद्देश्य ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर, आइसोलेशन बेड और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना था। इससे पहले 2 और 3 जून को स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीताशर्मा की अध्यक्षता में तकनीकी समीक्षा बैठकें हुईं, जिनमें राज्य सरकारों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ समन्वय पर चर्चा की गई। स्वास्थ्य अधिकारियों की चेतावनी और वैज्ञानिक दृष्टिकोणस्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस समय सामने आ रहे अधिकांश केस हल्के लक्षण वाले हैं और रोगी घर पर ही इलाज करा रहे हैं। वैज्ञानिकों कामानना है कि कोविड-19 अब एक एंडेमिक बीमारी बन चुका है, जिसका असर मौसमी रूप में सीमित क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। ILI (इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण) और SARI (गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण) के मामलों पर नजर रखी जा रही है। SARI के सभी और ILI के 5% मामलोंकी टेस्टिंग की जा रही है, और पॉजिटिव सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए ICMR नेटवर्क को भेजा जा रहा है। WHO की घोषणा और विशेषज्ञों की रायविश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मई 2023 में कोविड-19 को ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी’ की श्रेणी से हटा दिया था। विशेषज्ञ अब इसे एक सीमित, स्थान-विशिष्ट और मौसमी रोग के रूप में देख रहे हैं, जिससे समय-समय पर हल्के संक्रमण की आशंका बनी रह सकती है।
Delhi BJP Lays Foundation for Sports Stadium in Jharoda Kalan Under Gramodaya Yojana

Delhi BJP President Mr. Virendra Sachdeva, accompanied by Member of Parliament Mrs. Kamaljeet Sehrawat, inaugurated the reconstruction of a state-of-the-art sports stadium in Jharoda Kalan village. This initiative is part of the Gramodaya Yojana and is being implemented by the Municipal Corporation of Delhi under the guidance of Councillor Mr. Amit Kharkhari. Multi-Sport Facilities to Boost Local TalentThe upgraded sports complex will feature two badminton courts, a basketball court, a walking track, and a full-sized football ground. Speaking at the event, Mr. Sachdeva emphasized the positive impact of this facility, stating that it would provide a platform for budding athletes in the Najafgarh region to train and excel. Incentives for Youth and Focus on Environmental ResponsibilityTo encourage young athletes, Mr. Sachdeva awarded financial incentives to local boys’ and girls’ football teams and motivated them to bring pride to their village through sportsmanship. He also urged the youth to take a pledge to plant trees and contribute to environmental protection, especially in combating pollution. A Commitment to Rural DevelopmentMr. Sachdeva expressed appreciation to the Hon’ble Lieutenant Governor for the allocation of ₹960 crore under the Gramodaya Yojana, dedicated to uplifting the rural and village infrastructure in Delhi. He noted that this funding was in direct response to demands raised by villagers and is now being translated into tangible development projects. Wider Development Across Rural DelhiHighlighting broader developmental efforts, Sachdeva shared that infrastructure works are underway in Najafgarh and also expanding to other constituencies such as Narela, Palla, Bijwasan, Mehrauli, and Chhatarpur. As part of the ₹14 crore development plan, 102 inner lanes in the ward are also being repaired. Vision for a Developed India Starting from Delhi’s VillagesReiterating his long-term vision, Sachdeva stated that rural transformation is key to Delhi’s progress and a crucial step towards making the national capital a symbol of a developed India. He also emphasized public cooperation in maintaining cleanliness and urged citizens to avoid plastic and report sanitation issues to elected representatives. Leadership Voices Pledge Commitment to Public TrustMP Kamaljeet Sehrawat commended the people of Delhi for their unwavering support, crediting public trust for enabling continuous progress in rural areas. She assured that under the leadership of Mr. Sachdeva and Chief Minister Mrs. Rekha Gupta, development would continue without pause. Change in Governance Brings New Energy MLA Neelam highlighted the decline Delhi faced over the past decade and praised the public for opting for change. She acknowledged Mr. Sachdeva’s leadership in rebuilding confidence among citizens and ushering in the BJP’s governance in the MCD. Triple-Engine Government Driving Grassroots DevelopmentCouncillor Amit Kharkhari attributed the progress to Delhi’s first-ever triple-engine government under BJP’s rule, saying that for over a decade development was stagnant. With Rekha Gupta’s government now at the helm and BJP controlling the MCD, leaders at all levels are committed to ensuring impactful development reaches the grassroots.
राहुल गांधी का बड़ा आरोप, महाराष्ट्र चुनाव में भाजपा ने की ‘मैच फिक्सिंग’

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर नवंबर 2024 में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा पर गंभीरआरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यह चुनाव एक तरह से “मैच फिक्सिंग” था, जिसमें सुनियोजित तरीके से लोकतंत्र के साथ धोखा किया गया।राहुल ने दैनिक जागरण में प्रकाशित एक लेख को साझा करते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि महाराष्ट्र चुनाव 2024 दरअसल लोकतंत्र कोविकृत करने का ब्लूप्रिंट था। उन्होंने पांच चरणों में इस कथित धांधली की रूपरेखा बताई—पहला, चुनाव आयोग की नियुक्तियों में हेरफेर; दूसरा, मतदाता सूची में फर्जी नाम जोड़ना; तीसरा, मतदान प्रतिशत को कृत्रिम रूप से बढ़ाना; चौथा, फर्जी वोटिंग को उन क्षेत्रों तक सीमित रखना जहांभाजपा की जीत सुनिश्चित की जा सके; और पांचवां, इन तमाम गतिविधियों के सबूतों को छिपाना। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यह समझना मुश्किल नहीं है कि भाजपा महाराष्ट्र में इतनी हताश क्यों थी। लेकिन यह चुनाव प्रक्रिया को नुकसानपहुंचाने वाली साजिश थी। उन्होंने चेतावनी दी कि जिस तरह महाराष्ट्र में कथित ‘मैच फिक्सिंग’ हुई, वही मॉडल अब बिहार में भी अपनाया जा सकताहै, और फिर वहां जहां भाजपा हार के डर से परेशान होगी। उन्होंने सभी भारतीय नागरिकों से अपील की कि वे इन तथ्यों को देखें और जवाब मांगें, क्योंकि ऐसे चुनाव लोकतंत्र में जनता का विश्वास कमजोर करते हैं। इससे पहले अप्रैल 2025 में अमेरिका के बोस्टन में एक कार्यक्रम के दौरान भी राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे। उन्होंनेआरोप लगाया था कि मतदान के आखिरी दो घंटों में अचानक 65 लाख वोट डाले गए, जो कि भौतिक रूप से असंभव है। उनका कहना था कि यदिएक मतदाता को वोट डालने में औसतन तीन मिनट का समय लगता है, तो इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में मतदान नहीं हो सकता। राहुल गांधी के इन आरोपों पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता तुहिन सिन्हा ने राहुल गांधी पर देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को बार-बार बदनाम करने का आरोप लगाया और कहा कि चुनाव आयोग इन सभी मुद्दों पर पहले ही विस्तार से स्पष्टीकरण दे चुका है। गौरतलब है कि नवंबर 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन ने 288 में से 230 सीटों पर जीत दर्ज कीथी। इनमें भाजपा को 132, शिवसेना (शिंदे गुट) को 57 और अजित पवार की एनसीपी को 41 सीटें मिली थीं। वहीं महा विकास अघाड़ी केवल 46 सीटें ही जीत पाई थी। राहुल गांधी के इन आरोपों ने बिहार चुनाव से पहले सियासी बहस को और तेज कर दिया है।
पंजाब में सियासी संग्राम,लुधियाना के SSP विजिलेंस जगतप्रीत सिंह निलंबित, कांग्रेस नेता आशु को समन जारी करना पड़ा भारी

पंजाब सरकार ने लुधियाना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (विजिलेंस), जगतप्रीत सिंह को शुक्रवार को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुईजब उन्होंने कांग्रेस नेता और लुधियाना पश्चिम विधानसभा उपचुनाव के प्रत्याशी भारत भूषण आशु को एक पुराने केस में समन जारी किया था।निलंबन का आधिकारिक कारण, गंभीर कदाचार और लापरवाहीराज्य के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक शेखर ने निलंबन आदेश जारी करते हुए कहा कि जगतप्रीत सिंह को पंजाब सिविल सेवा (दंडऔर अपील) नियम, 1970 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उन पर गंभीर कदाचार और अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतने काआरोप है। समन जारी हुआ था स्कूल भूमि दुरुपयोग मामले मेंविजिलेंस ब्यूरो द्वारा आशु को जनवरी 2025 में दर्ज एक FIR के तहत तलब किया गया था। यह मामला एक स्कूल की जमीन के कथित दुरुपयोगसे जुड़ा है, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी, और आपराधिक साजिश जैसे आरोप शामिल हैं। जांच में पूर्व और वर्तमान स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्योंसहित कुल 25 से अधिक लोगों को तलब किया गया। सरकारी सूत्रों ने समन को बताया ‘चुनावी लाभ देने का प्रयास’पंजाब सरकार के सूत्रों का आरोप है कि SSP विजिलेंस ने जानबूझकर समन जारी कर भारत भूषण आशु को 19 जून को होने वाले उपचुनाव मेंफायदा पहुंचाने की कोशिश की। वहीं, कांग्रेस नेता राज कुमार वेरका ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह आम आदमी पार्टी (AAP) सरकारका एक और राजनीतिक स्टंट है। क्या आशु इतने ताकतवर हैं कि खुद को समन जारी करवा लें?भारत भूषण आशु ने निलंबन को “आप सरकार की सस्ती रणनीति” बताते हुए कहा कि, “क्या मैंने केस फाइल विजिलेंस को भेजी? क्या मैंने खुद कोसमन जारी करने के निर्देश दिए?” उन्होंने यह भी कहा कि आप सरकार पुलिस अधिकारियों को बलि का बकरा बना रही है, जैसा पहले विजिलेंसचीफ एसपीएस परमार के साथ हुआ। पुरानी शिकायतों को उखाड़ो, आशु को फंसाओआशु ने दावा किया कि लुधियाना के सभी 28 थानों को निर्देश दिया गया कि उनके खिलाफ कोई भी लंबित शिकायत हो तो उसे निकालकर कार्रवाईकी जाए। उन्होंने कहा, “सरकार का एकमात्र मकसद है- आशु नू फंसाओ।” “जिस स्कूल की जांच है, वहां से मैंने 10 साल पहले इस्तीफा दे दिया था”आशु ने कहा कि वह उस स्कूल की समिति से दस साल पहले इस्तीफा दे चुके हैं, लेकिन जांच में उन्हें इसलिए जोड़ा गया क्योंकि वे “कुछ आरोपियोंको जानते हैं”। उन्होंने इसे दुर्भावनापूर्ण बताया। AAP उम्मीदवार के साथ बैठक की तस्वीर ने बढ़ाई बहसकांग्रेस नेताओं ने एक तस्वीर साझा की जिसमें AAP उम्मीदवार संज़ीव अरोड़ा, SSP जगतप्रीत सिंह और अन्य अधिकारी एक बैठक में नजर आ रहेहैं। इस पर कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि यह “स्पष्ट प्रमाण है कि प्रशासन AAP उम्मीदवार के इशारे पर काम कर रहा है।” विपक्ष ने उठाए सवाल, क्या सीएम भगवंत मान को कुछ नहीं पता?राज कुमार वेरका ने तंज कसते हुए कहा, “क्या मुख्यमंत्री भगवंत मान, जो गृह मंत्री भी हैं, इतने असहाय हैं कि उन्हें राज्य में क्या हो रहा है इसका पतानहीं चलता?” उन्होंने SSP के निलंबन को एक राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया।
चिनाब ब्रिज उद्घाटन पर उमर अब्दुल्ला का दिलचस्प बयान, PM मोदी भी मुस्कराए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर के कटरा में चिनाब रेलवे ब्रिज का उद्घाटन किया। इस ऐतिहासिक मौके पर मंच पर मौजूद जम्मू-कश्मीर केमुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने संबोधन में कुछ ऐसा कहा कि प्रधानमंत्री भी मुस्कराने लगे। हर बड़े रेल कार्यक्रम में मेरी मौजूदगी रही हैअपने भाषण में उमर अब्दुल्ला ने कहा, “यह मेरी किस्मत रही है कि जब भी रेल से जुड़ा कोई बड़ा कार्यक्रम हुआ, मुझे उसमें शामिल होने का मौकामिला। चाहे वह अनंतनाग रेलवे स्टेशन का उद्घाटन रहा हो या बनिहाल रेल सुरंग की शुरुआत।” उन्होंने बताया कि 2014 में हुए उनके कार्यकाल केआखिरी कार्यक्रम में भी वे इसी मंच पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ मौजूद थे। चार लोग तब भी थे, आज भी हैंउमर अब्दुल्ला ने याद दिलाया कि 2014 के कार्यक्रम में जो चार लोग मंच पर थे, वही आज भी मंच साझा कर रहे हैं। यह सुनकर प्रधानमंत्री मोदी भीहंस पड़े। माता वैष्णो देवी की कृपा से कटरा स्टेशन का उद्घाटन हुआमुख्यमंत्री ने बताया कि 2014 में पीएम मोदी ने अपने पहले कार्यकाल की शुरुआत कटरा रेलवे स्टेशन के उद्घाटन से की थी। उन्होंने कहा, “माता रानीकी कृपा से उन्होंने उद्घाटन किया और तब से तीन बार प्रधानमंत्री बने।” मनोज सिन्हा पर बोले अब्दुल्ला “उनका प्रमोशन हुआ, मेरा डिमोशन”उमर अब्दुल्ला ने मंच पर मौजूद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की ओर इशारा करते हुए कहा, “जब कटरा स्टेशन का उद्घाटन हुआ, तब वे रेल राज्यमंत्रीथे। अब वे उपराज्यपाल हैं। वहीं, मैं तब राज्य का मुख्यमंत्री था, और अब केंद्र शासित प्रदेश का मुख्यमंत्री हूं।” जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा देने की अपीलअब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री से जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि यह काम ज्यादा देरतक नहीं रुकेगा और यह जिम्मेदारी भी प्रधानमंत्री मोदी के हाथों ही पूरी होगी। अंग्रेजों का सपना मोदी सरकार ने पूरा कियाउमर अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर को रेल से जोड़ने का सपना तो अंग्रेजों ने भी देखा था, लेकिन वे इसे साकार नहीं कर सके। “जो काम अंग्रेज नहीं करपाए, वह प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में पूरा हुआ और आज वादी रेल के ज़रिए देश के बाकी हिस्सों से जुड़ गई।”
प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल पुल का उद्घाटन किया, वंदे भारत को दिखाई हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के रियासी ज़िले में चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊँचे रेलवे आर्च ब्रिज चिनाब रेलवे ब्रिज काउद्घाटन किया। इस ऐतिहासिक आयोजन से पहले प्रधानमंत्री ने पुल का निरीक्षण भी किया और इस पर काम कर रहे श्रमिकों से बातचीत की। इसअवसर पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी मौजूद थे। कटरा से श्रीनगर तक वंदे भारत को दिखाई हरी झंडीप्रधानमंत्री ने उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक (USBRL) परियोजना के तहत कटरा से श्रीनगर तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को भीरवाना किया। यह परियोजना कुल 272 किलोमीटर लंबी है, जिस पर लगभग ₹43,780 करोड़ की लागत आई है। परियोजना में 119 किलोमीटरकी लंबाई तक फैली 36 सुरंगें और 943 पुल शामिल हैं। चिनाब ब्रिज: एक अभियांत्रिक चमत्कारचिनाब नदी पर बना यह रेलवे पुल समुद्र तल से 359 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और यह दुनिया का सबसे ऊँचा रेलवे आर्च ब्रिज है। 1,315 मीटरलंबा यह स्टील आर्च ब्रिज भूकंप और तेज़ हवाओं जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। संपर्क और यात्रा समय में बड़ा सुधारइस ब्रिज के शुरू होने से जम्मू और श्रीनगर के बीच संपर्क तेज़ और सुविधाजनक हो जाएगा। वंदे भारत ट्रेन से कटरा से श्रीनगर की दूरी अब महज़ 3 घंटे में तय की जा सकेगी, जिससे यात्रा समय में लगभग 2 से 3 घंटे की कमी आएगी। भारत का पहला केबल-स्टेड रेल ब्रिजप्रधानमंत्री मोदी ने अंजी ब्रिज का भी निरीक्षण किया, जो भारत का पहला केबल-स्टेड रेल पुल है। यह ब्रिज दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में निर्मितकिया गया है और क्षेत्रीय रेल संपर्क को और अधिक मज़बूत बनाएगा। कश्मीर को जोड़ने की दिशा में बड़ा कदमUSBRL परियोजना का उद्देश्य कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से सभी मौसमों में निर्बाध रूप से जोड़ना है। यह परियोजना न केवल परिवहनको सुलभ बनाएगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास और सामाजिक समावेशन को भी गति देगी। तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को मिलेगा लाभप्रधानमंत्री मोदी ने माता वैष्णो देवी, कटरा से श्रीनगर और वापसी की दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी झंडी दिखाई। ये ट्रेनें तीर्थयात्रियों, पर्यटकोंऔर आम नागरिकों को तेज़, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा विकल्प प्रदान करेंगी।
कांग्रेस की विदेश नीति पर प्रधानमंत्री मोदी को कड़ी आलोचना, सुप्रिया श्रीनेत का बयान

कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता और सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म की प्रमुख श्रीमती सुप्रिया श्रीनेत ने आज इंदिरा भवन, एआईसीसीमुख्यालय में मीडिया को संबोधित किया। अपने बयान में उन्होंने भारत की विदेश नीति की वर्तमान स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की औरप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक विफलताओं पर तीखा हमला बोला। विदेश नीति की विफलता और भारत की वैश्विक छवि पर असरश्रीमती श्रीनेत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की नाकाम विदेश नीति ने देश की प्रतिष्ठा को गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्योंभारत को इस वर्ष G-7 सम्मेलन में आमंत्रण नहीं मिला और क्यों हमारे परंपरागत सहयोगी देश अब पाकिस्तान के साथ खड़े दिख रहे हैं। उनकाकहना था कि पहले जो पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों से अलग-थलग था, अब वही देश संयुक्त राष्ट्र की समितियों में नेतृत्व की भूमिका निभा रहा हैऔर वैश्विक मंचों पर खुलेआम सम्मान पा रहा है। सीज़फायर पर ट्रंप और रूस की भूमिका पर सवालउन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार सीज़फायर का श्रेय लेने पर सवाल उठाए। श्रीनेत ने कहा कि ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कईबार कहा है कि उन्होंने व्यापारिक हितों के चलते भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम करवाया। अब रूस भी इसकी पुष्टि कर रहा है कि ट्रंप कीमध्यस्थता से सीज़फायर हुआ। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इसे “सिंदूर के सौदागर की चुप्पी” करार दिया और इसे देश कीसंप्रभुता पर हमला बताया। पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिली बढ़तश्रीनेत ने कहा कि जिस पाकिस्तान को 2014 से पहले पूरी तरह अलग-थलग कर दिया गया था, आज वही पाकिस्तान विश्व बैंक, IMF और ADB जैसी एजेंसियों से आर्थिक सहायता प्राप्त कर रहा है और संयुक्त राष्ट्र की काउंटर टेररिज्म कमेटी का उपाध्यक्ष बन चुका है। उन्होंने तंज कसते हुएकहा, “अब आतंक के गढ़ को आतंक के खिलाफ काम करने की जिम्मेदारी दी जा रही है और भारत केवल मूक दर्शक बनकर रह गया है।” प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीतिक चुप्पी पर तीखा हमलाउन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी विदेश दौरों पर तो जाते हैं, लेकिन ठोस राजनयिक उपलब्धि नहीं ला पाते। उन्होंने कहा कि जब ट्रंप चारनेताओं को खुद रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचे थे, तब मोदी को लेने कोई नहीं आया। सुप्रिया श्रीनेत ने इसे भारत की गिरती हुई वैश्विक प्रतिष्ठा काप्रतीक बताया। कुवैत और पाकिस्तान के बीच बदले समीकरण कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी सवाल उठाया कि जब भारतीय प्रतिनिधिमंडल 27 मई को कुवैत गया, तो अगले ही दिन यानी 28 मई को कुवैत नेपाकिस्तान पर 19 साल से लगे वीजा प्रतिबंध क्यों हटा दिए। उन्होंने कहा कि भारत का पक्ष रखने के बावजूद वैश्विक परिदृश्य में पाकिस्तान को बढ़तमिल रही है, जबकि भारत पिछड़ता जा रहा है। अंतिम टिप्पणी: “हम चुप क्यों हैं?”प्रेस वार्ता के अंत में श्रीनेत ने कहा कि देश की विदेश नीति को लेकर अब प्रश्न उठाना ज़रूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सेना ने दुश्मनों कोहराया, लेकिन प्रधानमंत्री की चुप्पी ने हमारी कूटनीतिक स्थिति को कमजोर कर दिया है। आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र में प्रमुखभूमिका मिल रही है, और हम इसका कोई प्रतिकार नहीं कर पा रहे हैं।
कांग्रेस का बयान, यूएसबीआरएल परियोजना का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है मोदी सरकार

6 जून 2025 को कांग्रेस पार्टी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वे उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेलवेलाइन (USBRL) परियोजना को लेकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं और उस विकास कार्य का श्रेय ले रहे हैं, जिसकी शुरुआत पूर्ववर्ती सरकारों नेवर्षों पहले की थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश द्वारा जारी इस बयान में कहा गया कि यह परियोजना कोई नया प्रयास नहीं है, बल्कि इसकीनींव वर्ष 1995 में रखी गई थी। मई 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया था, और इसकेबाद डॉ. मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रित्व काल में 2005 से 2013 के बीच इस परियोजना के कई चरणों में कार्य और उद्घाटन हुए। बयान के अनुसार, 2005 में जम्मू और उधमपुर के बीच 53 किलोमीटर की रेललाइन का उद्घाटन किया गया था। इसके बाद 2008 में श्रीनगर सेमंझगाम और अनंतनाग तक रेल सेवा शुरू हुई। 2009 में श्रीनगर से बारामुला और अनंतनाग से काजीगुंड तक रेल संपर्क स्थापित किया गया। 2013 में काजीगुंड से बनिहाल तक 11 किलोमीटर लंबा खंड चालू किया गया, जिसमें एक सुरंग भी शामिल थी। इस प्रकार, 2005 से 2013 तक लगभग135 किलोमीटर की रेललाइन चालू हो चुकी थी। कांग्रेस का कहना है कि 2014 के बाद सिर्फ बनिहाल से कटरा के बीच का 111 किलोमीटर लंबा रेलखंड पूरा हुआ, जिसके लिए आवश्यक अनुबंधपहले ही किए जा चुके थे। इन कार्यों में कई सार्वजनिक और निजी कंपनियों की भागीदारी रही, जिनमें कोंकण रेलवे, अफकॉन, पीईसी इंडिया औरविदेशी फर्में शामिल थीं। पार्टी ने इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर की जनता, रेलवे कर्मचारियों और परियोजना निर्माण में लगी सभी कंपनियों को बधाई दी और कहा कि यहपरियोजना देश की सामाजिक एकता, तकनीकी क्षमता और दशकों की निरंतरता का प्रतीक है।