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कर्नाटक की राजनीति में उठा सियासी तूफान, सीएम सिद्धारमैया ने भरोसेमंद सलाहकार गोविंद राजू को हटाया

कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने विश्वस्त और लंबे समय से साथ निभा रहेराजनीतिक सलाहकार गोविंद राजू को अचानक पद से हटा दिया है। माना जा रहा है कि यह फैसला आरसीबी फेलिसिटेशन इवेंट को लेकर उपजेविवाद के बाद लिया गया, जिसमें मुख्यमंत्री की उपस्थिति को लेकर कई सवाल खड़े हुए। बताया जा रहा है कि इस आयोजन में गोविंद राजू कीप्रमुख भूमिका थी। इवेंट की भूमिका में थे गोविंद राजूसूत्रों के अनुसार, गोविंद राजू न केवल आयोजनकर्ताओं के साथ समन्वय कर रहे थे, बल्कि उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ मिलकर स्टेकहोल्डर्ससे भी संपर्क बनाए हुए थे। बावजूद इसके, सरकार ने उन्हें अब किनारे कर दिया है और उनसे औपचारिक रूप से इस्तीफा ले लिया गया है। पुलिस विभाग में भी बड़ा एक्शनयह अकेला बड़ा फैसला नहीं था। इससे पहले राज्य सरकार ने बेंगलुरु के तत्कालीन पुलिस आयुक्त बी. दयानंद, एडिशनल कमिश्नर विकास कुमारसमेत छह से अधिक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया। दयानंद की जगह सीमांत कुमार सिंह को नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त कियागया है। अफसरों की चुप्पी और उसका मतलबहटाए गए वरिष्ठ अधिकारी न तो तब कुछ बोले थे और न अब कोई प्रतिक्रिया दी है। इस चुप्पी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बेंगलुरु के पूर्व पुलिसआयुक्त और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी भास्कर राव का कहना है कि “कैडर अधिकारी संविधान की शपथ लेते हैं, उन्हें हर तरह के आदेश कापालन करना होता है, चाहे वह मौखिक हो या लिखित।” अब मुख्यमंत्री के पास इन अधिकारियों का कैडर कंट्रोल है। हालांकि ये अधिकारी चाहें तो सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्राइब्यूनल (CAT) में अपील करसकते हैं। लेकिन यह पूरी तरह व्यक्तिगत निर्णय होगा, जिस पर आईपीएस एसोसिएशन हस्तक्षेप नहीं कर सकती। क्या आगे और भी अधिकारी निशाने पर हैं?मुख्यमंत्री द्वारा अपने सबसे नजदीकी सलाहकार को हटाए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि यह किसी बड़े प्रशासनिकफेरबदल की शुरुआत है। कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी अब सरकार के रडार पर बताए जा रहे हैं। आयोजनकर्ताओं पर कार्रवाई तेजइसी बीच, डीएनए एंटरटेनमेंट और आरसीबी से जुड़े चार अधिकारियों को भगदड़ कांड के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। वहीं एक अन्यस्टेकहोल्डर, कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के अधिकारियों की गिरफ्तारी पर फिलहाल हाईकोर्ट ने रोक लगाई है, बशर्ते वे जांच मेंसहयोग करें और राज्य से बाहर न जाएं।

साकेत कोर्ट के लॉकअप में कैदी की हत्या, दो सह कैदियों पर आरोप

दिल्ली के साकेत कोर्ट के अंदर बने लॉकअप में हड़कंप मच गया है, जब एक कैदी अमन की हत्या दो अन्य कैदियों ने कर दी। यह दोनों आरोपी कैदीतिहाड़ जेल नंबर 8 में बंद थे और उन्हें अदालत की कार्यवाही के लिए साकेत कोर्ट लाया गया था। दिल्ली पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार, अमन की हत्या उसी लॉकअप के अंदर हुई, जहां दोनों अन्य कैदी उसके साथ बंद थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है औरआरोपित कैदियों से पूछताछ जारी है। व्यवसायी अरुण लोहिया की हत्या का मामला सुलझा, दो बदमाश मुठभेड़ में घायलदक्षिण जिले की पुलिस ने सीडीआर चौक पर हुई व्यवसायी अरुण लोहिया की हत्या से जुड़ा एक अहम मामला हल कर लिया है। पुलिस नेआरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में दो बदमाशों को घायल किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि दीपक अपने साथी के साथ शेख सराय इलाके में आने वाला है। पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों को रोकने का प्रयासकिया, लेकिन आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाशों को गोली लगी। इसमुठभेड़ में 5 से अधिक गोलियां चलीं। पुलिस ने आरोपितों से जुड़ी छानबीन तेज कर दी है।

महुआ मोइत्रा ने गुपचुप तरीके से जर्मनी में बीजू नेता पिनाकी मिश्रा से की शादी

ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख सांसद महुआ मोइत्रा ने 3 मई को जर्मनी में निजी तौर पर शादी कर ली है। उनके जीवनसाथी बीजू जनतादल (BJD) के वरिष्ठ नेता पिनाकी मिश्रा बने हैं। दोनों ने अभी तक इस शादी को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। सोशल मीडिया परशादी की एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें महुआ पारंपरिक पोशाक और सोने के गहनों में मुस्कुराती नजर आ रही हैं। महुआ मोइत्रा का व्यक्तिगत जीवन और पहले के रिश्तेमहुआ मोइत्रा का निजी जीवन पहले भी चर्चा में रहा है। वे पहले डेनमार्क के फाइनेंसर लार्स ब्रोरसन से शादी कर चुकी हैं, जिनसे उनका तलाक होगया। इसके बाद वे वकील जय अनंत देहाद्रई के साथ तीन साल तक रिश्ते में रहीं, लेकिन बाद में उन्होंने इसे ‘धोखा खाया प्रेमी’ बताया था। राजनीतिक करियर और विवादमहुआ का पहला लोकसभा कार्यकाल विवादों से घिरा रहा। उन पर आरोप लगे थे कि उन्होंने गौतम अडानी पर सवाल एक प्रतिद्वंदी व्यवसायी केकहने पर उठाए थे। 2023 के कैश-फॉर-क्वेरी मामले में उनका नाम सामने आया था, जिसमें बीजेपी ने उन्हें और पिनाकी मिश्रा को घनिष्ठ संबंधों मेंबताया था। हालांकि, पिनाकी मिश्रा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कानूनी कार्रवाई की धमकी दी थी।पिनाकी मिश्रा का परिचयपिनाकी मिश्रा का जन्म 23 अक्टूबर 1959 को ओडिशा के पुरी में हुआ। वे पहले कांग्रेस से 1996 में चुने गए और बाद में बीजू जनता दल के सदस्यके रूप में 2009 से 2019 तक लोकसभा में रहे। पिनाकी एक वरिष्ठ वकील भी हैं, जिन्होंने भारत के सर्वोच्च न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयोंमें काम किया है। राजनीतिक सफर और उपलब्धियांमहुआ मोइत्रा ने 2010 में टीएमसी में शामिल होकर राजनीतिक करियर की शुरुआत की। वे 2016 से 2019 तक पश्चिम बंगाल विधानसभा कीसदस्य रहीं और 2019 में कृष्णानगर से लोकसभा चुनी गईं। हालांकि, उन्हें 2023 में आचार समिति की सिफारिश पर लोकसभा से निष्कासित कियागया था, पर वे 2024 के आम चुनाव में पुनः सांसद बनीं।

विश्व पर्यावरण दिवस पर पीएम मोदी ने सिंदूर का पौधा लगाया, कच्छ की वीरांगनाओं को किया सम्मानित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित अपने आधिकारिक आवास पर सिंदूर का पौधा लगाया। यह पौधा उन्हेंहाल ही में गुजरात के दौरे के दौरान कच्छ की वीरांगनाओं ने भेंट किया था। पीएम मोदी ने अपनी आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यहपौधा देश की नारी शक्ति के शौर्य और प्रेरणा का एक सशक्त प्रतीक बनेगा। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की भावना को किया सम्मानितएक दिन पहले हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा की थी। उन्होंने गुजरात के दाहोद में 10 दिन पहले एक जनसभा कोसंबोधित करते हुए कहा था, “अगर कोई हमारी बहनों के सिंदूर को मिटाएगा, तो उसका भी मिटना तय हो जाएगा।” उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूरकेवल सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कारों और भावनाओं की अभिव्यक्ति भी है। पहलगाम आतंकी हमले और भारत की प्रतिक्रिया22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछ-पूछकर 26 निहत्थे पर्यटकों की हत्या कर दी थी, जिसमें कई महिलाओं ने अपनेपरिवार के सदस्यों को खो दिया। इसके बाद भारतीय सेना ने 6 और 7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वालेकश्मीर से लेकर पंजाब तक नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया।राष्ट्रीय भावना के साथ पर्यावरण संरक्षणपीएम मोदी ने सिंदूर का पौधा लगाकर न केवल पर्यावरण के प्रति अपने समर्पण को दर्शाया, बल्कि यह कार्य भारतीय महिलाओं के साहस और देशके आतंकवाद के खिलाफ अडिग संकल्प का प्रतीक भी बना।

शशि थरूर का बयान, “राष्ट्रहित में काम करना पार्टी विरोधी नहीं, सवाल करने वालों को खुद से पूछना चाहिए”

सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रहित में उठाए गए कदमों को पार्टी विरोधी करार देनाएक गलत सोच है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस तरह की सोच रखते हैं, उन्हें दूसरों पर सवाल उठाने से पहले खुद से सवाल करने की जरूरत है। थरूर पर कांग्रेस के भीतर से उठे सवालकई कांग्रेस नेताओं ने हाल ही में शशि थरूर पर भाजपा के विचारों से मेल खाने और “भाजपा का सुपर प्रवक्ता” होने के आरोप लगाए थे। इन आरोपोंपर प्रतिक्रिया देते हुए थरूर ने दो टूक कहा कि वे राष्ट्रहित में काम कर रहे हैं और किसी राजनीतिक दल के एजेंडे से प्रेरित नहीं हैं। कांग्रेस छोड़ने की अटकलों को किया खारिजपीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में थरूर ने कांग्रेस छोड़ने की अटकलों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा, “मैं जनता द्वारा चुना गया सांसद हूं औरमेरा कार्यकाल अभी चार साल और बाकी है। मुझे नहीं समझ आता कि ऐसे सवाल क्यों पूछे जा रहे हैं।” राहुल गांधी के बयानों पर संतुलित प्रतिक्रियाराहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी पर लगाए गए आरोपों के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर थरूर ने कहा, “लोकतंत्र में एक-दूसरे की आलोचना सामान्यप्रक्रिया है। लेकिन जब हम विदेश दौरे पर होते हैं, तो हम किसी पार्टी के नहीं बल्कि भारत के प्रतिनिधि होते हैं।” ‘भारत की विविधता हमारी ताकत’थरूर ने अपने प्रतिनिधिमंडल की विविधता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस प्रतिनिधिमंडल में पांच राजनीतिक दलों, सात राज्यों और तीनधर्मों का प्रतिनिधित्व है। “भारत की विविधता ही हमारी ताकत है। राष्ट्रीय हित में हम सब एकजुट हैं,” उन्होंने कहा। विदेश में भारतीय पहचान को प्राथमिकताथरूर ने कहा, “देश की सीमाओं से बाहर हम भारतीय हैं, न कि किसी पार्टी के प्रतिनिधि। सीमाओं के पार राजनीतिक मतभेद गौण हो जाते हैं औरराष्ट्रीय एकता प्रमुख हो जाती है।” मध्यस्थता पर थरूर का स्पष्ट रुखअमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप केभारत-पाकिस्तान संघर्ष में मध्यस्थता के दावे पर थरूर ने स्पष्ट किया, “हम अमेरिकी राष्ट्रपति का सम्मान करते हैं, लेकिन भारत ने कभी किसी सेमध्यस्थता की मांग नहीं की।”

Union Minister of State Kamlesh Paswan Leads Tree Plantation Drive on World Environment Day, Emphasizes Commitment to a Greener India

Focus on Rural Development with Environmental SustainabilityOn the occasion of World Environment Day, Union Minister of State for Rural Development Shri Kamlesh Paswan participated in a special tree plantation drive and reiterated his commitment to environmental conservation. He appealed to the public, especially in rural areas, to plant more trees and actively contribute to preserving nature. Inspiring the Vision of a Green IndiaMinister Paswan stated, “A clean and green environment is the foundation of sustainable development. Creating environmental awareness in villages is just as important as in urban areas. Without greenery in rural regions, urban environmental balance cannot be achieved.” A Bond of Friendship and Shared PurposeDuring the event, the minister shared that World Environment Day holds special significance for him personally, as it strengthens his connection with nature. He also mentioned that many of his close friends are actively involved in environmental initiatives, and together they are working towards the dream of a ‘Greener India.’ Active Participation from Local CommunitiesThe event saw enthusiastic participation from local residents, school children, and volunteers. Minister Paswan administered an environmental pledge to the children and distributed saplings to encourage them to take part in the mission. Save Environment Save the NationConcluding his address, Shri Paswan urged everyone to reduce plastic use, conserve water, and plant at least one tree every year. “One tree is equal to one life. Understand its value, and become its guardian,” he said.

बेंगलुरु भगदड़ मामला, समारोह रविवार को रखने की पुलिस की सलाह को नजरअंदाज किया गया

बेंगलुरु में बुधवार को आरसीबी की आईपीएल जीत के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह के दौरान हुई भगदड़ में कई लोगों की मौत हो गई। इस घटनासे जुड़े एक नए अपडेट में सामने आया है कि बेंगलुरु पुलिस ने सरकार को समारोह रविवार को आयोजित करने का सुझाव दिया था। पुलिस कामानना था कि रविवार को कार्यदिवस न होने के कारण ट्रैफिक कम रहता और सुरक्षा प्रबंधन के लिए ज्यादा समय मिलता। सरकार ने तय तारीख पर ही आयोजन पर दी जोरपुलिस की सलाह के बावजूद, राज्य सरकार ने आईपीएल फाइनल के अगले दिन यानी बुधवार को ही समारोह करने का निर्णय लिया। नतीजतन, शहर के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर करीब 3 लाख की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे हालात बेकाबू हो गए और भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसेमें 10 से अधिक लोगों की मौत हो गई। गृह मंत्री ने आयोजनों से पल्ला झाड़ाकर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वरा ने इस समारोह को लेकर सरकार की भूमिका से इनकार किया। उन्होंने कहा, “इस कार्यक्रम का आयोजन हमारीतरफ से नहीं किया गया था। न तो RCB और न ही KSCA की तरफ से हमें कोई अनुरोध मिला था।” गृह मंत्री के मुताबिक, सरकार ने केवल टीमके सम्मान में अपनी सहभागिता जताई थी, आयोजन की जिम्मेदारी नहीं ली थी। स्थानीय प्रशासन ने परेड को दी थी अनुमति से मनास्थानीय अधिकारियों ने विधान सौधा से स्टेडियम तक प्रस्तावित ओपन-टॉप बस परेड को अनुमति देने से मना कर दिया था, हालांकि यह दूरी केवलएक किलोमीटर थी। इसके बावजूद, आरसीबी की 18 साल बाद मिली जीत को देखने के लिए लाखों की संख्या में प्रशंसक स्टेडियम के बाहर इकट्ठाहो गए। अस्थायी स्लैब टूटने से मची अफरातफरीस्टेडियम परिसर में एंट्री पास के ज़रिए ही दी जा रही थी, जिससे कई प्रशंसक बाहर ही रह गए। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, स्टेडियम के पास एकनाले पर बनाए गए अस्थायी स्लैब पर भीड़ जमा हो गई थी, जो अधिक भार से टूट गया। इस दुर्घटना के बाद भगदड़ की स्थिति बन गई, जिससे कईलोगों की जान चली गई। FIR दर्ज, लेकिन कोई नामजद नहींघटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, हालांकि एफआईआर में अब तक किसी को आरोपी नहीं बनाया गया है। मामले की जांच जारी है।

पवन खेड़ा का आरोप: मोदी सरकार ने देशहित से समझौता किया

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति से देश को नुकसान हुआ है। उन्होंने कईउदाहरण देकर बताया कि कैसे मोदी सरकार ने भारत के हितों से समझौता किया।अमेरिका ने भारत-पाक के बीच बात करवाई:- पवन खेड़ा ने बताया कि अमेरिका के एक अधिकारी ने कोर्ट में कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीचशांति समझौता अमेरिका ने करवाया। इससे भारत की छवि को नुकसान हुआ क्योंकि भारत हमेशा कहता रहा है कि हम बिना किसी तीसरे देश कीमदद के बात करते हैं।व्यापार में चीन को फायदा, भारत को नुकसान:- भारत टेस्ला और स्टारलिंक जैसी कंपनियों को लाना चाहता था, लेकिन ये चीन को मिल गईं।अमेरिका. चाहता है कि भारत रूस से हथियार न खरीदे और BRICS से दूरी बनाए।पाकिस्तान को F-16 विमान,भारत को मना:- अमेरिका ने पाकिस्तान को फाइटर प्लेन F-16 की मदद दी, जबकि भारत को F-35 विमान नहीं दिए।इससे भारत की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं।G-7 बैठक में भारत को नहीं बुलाया गया:- 6 साल बाद पहली बार भारत को G-7 की बड़ी बैठक में नहीं बुलाया गया। इससे भारत की अंतरराष्ट्रीयसाख को झटका लगा।चीन कर रहा है भारत के खिलाफ काम:- चीन ने अरुणाचल की जगहों के नाम बदले, ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाया और भारत को ज़रूरी चीज़ें देना बंदकर दीं। मोदी सरकार फिर भी शांत है।रूस अब पाकिस्तान को हथियार दे रहा है:- जो रूस पहले भारत का दोस्त था, अब वह पाकिस्तान को 2.6 अरब डॉलर के हथियार दे रहा है। ये चिंताकी बात है।पड़ोसी देश भारत से दूर हो रहे हैं:- कुवैत, मालदीव और नेपाल जैसे देश अब भारत से दूरी बना रहे हैं और पाकिस्तान से नज़दीक हो रहे हैं। पवन खेड़ा ने कहा कि मोदी सरकार ने विदेश नीति में बार-बार भारत के हितों से समझौता किया है। इससे देश की सुरक्षा और मान-सम्मान कोनुकसान हुआ है।उनका सीधा सवाल था:- “नमस्ते नरेंद्र… या SURRENDER नरेंद्र?”

भारत में मानसून,वरदान भी, अभिशाप भी, पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश से संकट गहराया

भारतीय अर्थव्यवस्था और विशेष रूप से कृषि क्षेत्र के लिए मानसून को जीवनदायिनी माना जाता है। देश की अधिकांश खेती मानसूनी वर्षा पर निर्भरहै, लेकिन यह कभी-कभी आपदा का रूप भी ले लेता है। 2025 के मानसून सत्र में यही स्थिति पूर्वोत्तर भारत में देखने को मिल रही है, जहां मूसलधारबारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। असम सहित कई राज्यों में बाढ़ से हाहाकारमणिपुर, मेघालय, सिक्किम और विशेष रूप से असम में लगातार हो रही बारिश ने गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। असम में स्थिति सबसे चिंताजनकहो गई है, जहां बाढ़ से अब तक करीब 6.5 लाख लोग प्रभावित हो चुके हैं। राज्य की सात प्रमुख नदियां, जिनमें ब्रह्मपुत्र प्रमुख है, खतरे के निशान सेऊपर बह रही हैं। तेज बारिश का अलर्ट, हालात और बिगड़ने की आशंकाभारतीय मौसम विभाग (IMD) और क्षेत्रीय मौसम केंद्र, गुवाहाटी ने राज्य के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी से अति भारी बारिश का अलर्टजारी किया है। खासतौर पर धुबरी, दक्षिण सलमारा-मनकाचर, गोलपाड़ा और कोकराझार जिलों में तेज हवाओं, बिजली गिरने और मूसलाधार बारिशकी संभावना जताई गई है। अब तक 17 लोगों की मौत, 21 जिलों में तबाहीASDMA की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बाढ़ और भूस्खलन से 6 लोगों की मौत हुई है। इस साल अब तक कुल 17 लोगों की जान जाचुकी है। राज्य के 21 जिलों में बाढ़ का असर देखा जा रहा है, जहां 1500 से अधिक गांव जलमग्न हैं। श्रीभूमि जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां2.3 लाख से अधिक लोग संकट में हैं। 40 हजार लोग राहत शिविरों में, 288 वितरण केंद्र सक्रियराज्य सरकार की ओर से 223 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जहां लगभग 40 हजार लोग शरण लिए हुए हैं। इसके अलावा 288 राहत वितरण केंद्रभी काम कर रहे हैं। हैलाकांडी जिले में कताखाल नदी ने अपने उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर लिया है, जबकि ब्रह्मपुत्र नदी भी कई स्थानों पर खतरे केनिशान से ऊपर बह रही है। यातायात और राहत कार्यों पर असरभारी बारिश और बाढ़ के कारण सड़क, रेल और नाव सेवाओं पर असर पड़ा है। कई स्थानों पर आवागमन पूरी तरह बाधित है, जिससे राहत व बचावकार्यों में भी रुकावट आ रही है। प्रशासन ने हालात पर नजर रखते हुए युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू किए हैं, लेकिन मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनोंतक बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है, जिससे हालात और खराब हो सकते हैं।

RCB की जीत का जश्न मातम में बदला, बेंगलुरु में भगदड़ से 7 की मौत, दर्जनों घायल

आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की ऐतिहासिक जीत का जश्न बुधवार को एक बड़े हादसे में तब्दील हो गया। बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाली विक्ट्री परेड से पहले भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई, जिसमें 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में एकमहिला और दो पुरुष शामिल हैं, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। बेकाबू हुई भीड़, मची अफरा-तफरीघटना उस वक्त हुई जब हजारों की संख्या में उत्साहित फैंस RCB की ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाने स्टेडियम पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टेडियम के बाहर अचानक भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई। कई लोग इस भीड़ में कुचल गए। घायलों में कई की हालत नाजुक बताई जारही है और उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। आयोजन में लापरवाही की आशंकाइस हादसे के पीछे भीड़ प्रबंधन में चूक और आयोजकों की लापरवाही की संभावना जताई जा रही है। पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके परपहुंचकर हालात को संभालने में जुटी हुई हैं। अब तक मृतकों की आधिकारिक पहचान नहीं हो पाई है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का बयानकर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “फिलहाल मृतकों और घायलों की सटीक संख्या की पुष्टि नहीं की जासकती, लेकिन मैं स्वयं मौके पर जा रहा हूं।” उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिए 5000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया था, लेकिन भीड़अनुमान से कई गुना ज्यादा थी। RCB की ऐतिहासिक जीतRCB ने आईपीएल 2025 के फाइनल में पंजाब किंग्स को 6 रन से हराकर पहली बार ट्रॉफी अपने नाम की। टीम के बेंगलुरु लौटते ही एयरपोर्ट परहजारों प्रशंसकों ने जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मिलने के लिए टीम जब विधान सौध पहुंची, तो रास्तों पर खड़े फैंस तालियों औरनारों से उनका स्वागत कर रहे थे। मुख्यमंत्री से भेंट के बाद एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में विक्ट्री परेड आयोजित की जानी थी, लेकिन उससे पहले ही यह जश्न दुखद हादसे में बदलगया।