द्वारका अपार्टमेंट में आग से तीन की मौत, दो बच्चे भी शामिल

दक्षिण पश्चिम दिल्ली के द्वारका सेक्टर 13 स्थित शब्द अपार्टमेंट में मंगलवार को भीषण आग लगने से दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई।यह घटना पूर्वाह्न करीब 10:00 बजे की है, जब आग की लपटों में घिरने से एक परिवार के सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आग की लपटों से बचने के लिए छलांगपुलिस सूत्रों के अनुसार, यश (35) और उनके दो बच्चे, जिनकी उम्र करीब 10-12 साल थी, आग से बचने के लिए अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल सेबालकनी से छलांग लगा दी। इससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित करदिया। घायल हुए अन्य परिवार के सदस्यइस हादसे में यश की पत्नी और बड़े बेटे भी घायल हुए हैं। उन्हें अस्पताल में इलाज दिया जा रहा है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। आग बुझाने में भारी मशक्कतदिल्ली फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने आठ दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया। घटना से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौलबन गया। पूरा अपार्टमेंट खाली कराया गया, हालांकि कुछ लोग फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। आग की लपटें दूर तक फैलींआग की लपटें इतनी तेज थीं कि यह दूर तक दिखाई दीं और आग अन्य मंजिलों तक भी फैलने लगी। इससे अन्य फ्लोर और पास के भवनों के लोगभी डर गए कि आग उनकी तरफ न बढ़ जाए। इस आग ने भवन में रहने वालों को अपनी संपत्ति की चिंता में डाल दिया। दिलशाद गार्डन में भीषण आग, दो की मौतइसी दौरान, दिल्ली के दिलशाद गार्डन में भी एक आग की घटना सामने आई। कोडी कॉलोनी में रविवार की देर रात ई-रिक्शा चार्जिंग के दौरान आगलग गई थी, जिससे दो लोगों की जान चली गई। इनमें एक 24 वर्षीय युवक और एक 60 वर्षीय व्यक्ति शामिल थे। दो ई–रिक्शा और मोटरसाइकिल जलकर खाकदमकल विभाग को आग की सूचना रात 11:32 बजे मिली थी। चार दमकल गाड़ियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन इस हादसे में दो ई-रिक्शा औरकुछ मोटरसाइकिलें जलकर खाक हो गईं।
मोदी सरकार के 11 साल, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गिनाईं ऐतिहासिक उपलब्धियां

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 11 वर्षों को राष्ट्र के लिए परिवर्तनकारी बताया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने न केवल शासन के तौर-तरीकों को बदला है, बल्कि भारतीय राजनीति मेंनई संस्कृति को भी जन्म दिया है। तुष्टिकरण से जवाबदेही तक, राजनीतिक सोच में बड़ा बदलावजेपी नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार ने देश में राजनीति की दिशा को पूरी तरह से बदल दिया है। “11 साल पहले देश तुष्टिकरण की राजनीति का गवाहबन रहा था, लेकिन अब हम जवाबदेही और पारदर्शिता की राजनीति देख रहे हैं। यह एक नई व्यवस्था की शुरुआत है,” उन्होंने कहा। भविष्यदृष्टि वाली सरकार जो बदलाव लाने में सक्षम हैउन्होंने मोदी सरकार को दूरदर्शी और निर्णयक्षम सरकार बताया जो समस्याओं से भागती नहीं बल्कि उनका समाधान करती है। “पहले की सरकारेंभ्रष्टाचार में डूबी थीं और नकारात्मकता को बढ़ावा देती थीं। हमने उस सोच से बाहर निकलकर रचनात्मक राजनीति की दिशा में कदम बढ़ाया है,” नड्डाने कहा। मोदी है तो मुमकिन है’ बना आम नागरिक का विश्वासबीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि आज देश का हर आम नागरिक यह मानता है कि ‘मोदी हैं तो मुमकिन है’। उन्होंने सरकार की तीन प्रमुख उपलब्धियों कोरेखांकित किया विकास, खोज, और नवाचार। उन्होंने कहा कि यह सरकार ‘परफॉर्म, रिफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र पर चल रही है, और ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की नीति पर काम कर रही है। ऐतिहासिक फैसले जिन्होंने नया भारत गढ़ाजेपी नड्डा ने अनुच्छेद 370 हटाने और तीन तलाक खत्म करने जैसे ऐतिहासिक निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा, “देश मान बैठा था कि अनुच्छेद370 कभी नहीं हटेगा, लेकिन मोदी सरकार ने यह कर दिखाया।” उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए चुनावों में ऐतिहासिक मतदानप्रतिशत इसी बदलाव का प्रमाण है। तीन तलाक पर उन्होंने कहा कि इस फैसले ने मुस्लिम महिलाओं को सम्मान और अधिकार दिया। आर्थिक मजबूती और राजकोषीय अनुशासन की मिसालजेपी नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में भारत जल्द ही विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने बताया किटैक्स कलेक्शन में 238% की वृद्धि हुई है और विदेशी मुद्रा भंडार, निर्यात एवं एफडीआई में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार द्वारा लिए गएCAA, नोटबंदी, महिला आरक्षण, और बजट सुधार जैसे कदमों को उन्होंने आर्थिक अनुशासन का प्रतीक बताया। समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध सरकारबीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने SC, ST, OBC समेत समाज के सभी वर्गों के सशक्तिकरण के लिए काम किया है। “हमने महिलाओं केनेतृत्व वाले विकास मॉडल को बढ़ावा दिया है चाहे वो सेना में महिलाओं की नियुक्ति हो, सैनिक स्कूलों में दाखिले हों, या फिर स्वयं सहायता समूहों(SHGs) को ‘लखपति दीदी’ बनाने की योजना,” उन्होंने कहा। 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकलेजेपी नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार ने सिर्फ “गरीबी हटाओ” का नारा नहीं दिया, बल्कि गरीबों के जीवन में बदलाव लाकर दिखाया है। “पिछले दशकमें 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं और अत्यंत गरीबी में 80% तक की कमी दर्ज की गई है,” उन्होंने बताया। नीयत और निरंतरता का प्रतीकनड्डा ने हाल ही में उद्घाटित चिनाब ब्रिज का भी उल्लेख किया, जिसका शिलान्यास 1995 में हुआ था, जिसे अटल बिहारी वाजपेयी ने ‘राष्ट्रीय महत्वकी परियोजना’ घोषित किया और मोदी सरकार ने इसे 6 जून 2025 को देश को समर्पित किया। “हम समस्याओं को टालते नहीं, समाधान करते हैं,” उन्होंने कहा। विकसित भारत की ओर आत्मविश्वास से भरा कदमप्रेस वार्ता के अंत में बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, “हमने बीते 11 वर्षों में एक मजबूत आधार तैयार किया है और अब हम पूरी ताकत और आत्मविश्वास केसाथ विकसित भारत की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।”
MP Praveen Khandelwal Embarks on Ground Inspection to Revive Chandni Chowk’s Historic Trading Legacy

In a determined move to restore the lost glory of Chandni Chowk, one of India’s oldest commercial centers, Member of Parliament Shri Praveen Khandelwal conducted an in-depth inspection of the area, walking from the historic Gauri Shankar Mandir near Red Fort to Sadar Bazar. Accompanied by senior officials from various departments and prominent local trader associations, the visit focused on resolving long-standing civic issues that hinder Chandni Chowk’s functionality and aesthetic value. Inspection Highlights Encroachments and Infrastructure WoesAs the MP moved through key markets including Dewan Hall Road, Cycle Market, Bhagirath Palace, Nai Sadak near Sheeshganj Gurdwara, Fatehpuri Masjid Chowk, Khari Baoli, Qutub Road, and Bara Tooti Chowk, he observed numerous encroachments obstructing pedestrian movement. He expressed concern over pavements being occupied by hawkers and even a few shopkeepers who had installed permanent sheds, coolers, and air conditionersespecially in the Fatehpuri and Sheeshganj zones eaving no space for pedestrians. Mr. Khandelwal urged police and municipal authorities to take urgent action to remove illegal occupations on Qutub Road’s railway bridge and inside the Sadar Bazar area. He stressed that the core issue stems from poor coordination among the various civic agencies operating in the region. Call for Unified Administration and Renaming ProposalHighlighting the chaotic management of Chandni Chowk, Mr. Khandelwal criticized the overlapping jurisdiction of multiple departments that fail to work in tandem. To mark a symbolic and functional new beginning, he suggested renaming the Shahjahanabad Redevelopment Corporation to the Indraprastha Redevelopment Authority, a title that reflects Delhi’s ancient heritage and modern aspirations.Joint Visit by Officials and Local LeadersThe inspection saw active participation from senior representatives of the DC City SP Zone, DCP North, Delhi Jal Board, PWD, DUSIB, BSES, and Shahjahanabad Redevelopment Corporation. Also present were BJP leaders like Shri Arvind Garg, Shri Jai Prakash, Shri Praveen Shankar Kapoor, Shri Suman Kumar Gupta, and Shri Satish Jain, along with traders’ associations such as the Delhi Hindustani Mercantile Association, Chandni Chowk Sarv Vyapar Mandal, and Kirana Committee Khari Baoli. Key Directives and Immediate MeasuresSeveral important decisions were taken during the inspection. Khandelwal instructed the immediate clearing of unauthorized encroachments from roads and sidewalks. Civic agencies were told to expedite repair and resurfacing of damaged roads and footpaths. A daily cleaning and sanitation routine was mandated for public spaces. The PWD was tasked with removing obstructions from the central verge of Chandni Chowk’s main stretch, while unauthorized e-rickshaws and cycle rickshaws would be restricted from key traffic routes. Plans were also made to revamp Bara Tooti Chowk and Sadar Bazar, focusing on modern civic facilities. In a significant cultural gesture, Khandelwal announced the installation of a statue of Shaheed Raja Nahar Singh on H.C. Sen Road. Additionally, power distribution company BSES was directed to remove overhead cable clutter from the area, particularly redundant telecom and internet wiring. Long-term Planning and Trader InvolvementThe MP announced an upcoming high-level meeting with Delhi Traffic Police to develop a sustainable traffic and redevelopment plan for the area. He also revealed that meetings with trader bodies from the constituency would soon be held to encourage active participation in maintaining cleanliness, resolving commercial concerns, and improving urban management.A Vision for Heritage-Driven GrowthSpeaking at the end of the inspection, Khandelwal emphasized that the initiative was not just about beautification. “A functional and well-maintained Chandni Chowk is vital not only for trade and tourism but also for preserving the dignity of our shared heritage. I will continue to lead this mission personally, ensuring consistent and visible progress,” he said.
मोदी सरकार के 11 साल, करनाल में भाजपा की लोकसभा कार्यशाला में अरविंद शर्मा ने गिनाईं उपलब्धियां, पारदर्शी शासन को बताया नायाब मॉडल

हरियाणा के करनाल में आयोजित भाजपा की लोकसभा स्तरीय कार्यशाला में केंद्र की मोदी सरकार के 11 वर्षों की उपलब्धियों को जनमानस केसमक्ष प्रस्तुत किया गया। “संकल्प से सिद्धि तक” थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सहकारिता, प्रशासनिक सुधार, नियुक्ति, पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा उपस्थित रहे। उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्रसिंह, राज्य सरकार के मंत्री, विधायक और भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मंच पर मौजूद थे। इस कार्यशाला में डॉ. शर्मा ने नरेंद्र मोदी सरकार केपिछले 11 वर्षों को भारत की लोकतांत्रिक और प्रशासनिक व्यवस्था के इतिहास में मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ई-गवर्नेंस, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण, डिजिटल भारत अभियान और महिला सशक्तिकरण के माध्यम से प्रशासन को न केवल अधिक पारदर्शी बनाया, बल्कि जनताके प्रति जवाबदेही भी सुनिश्चित की है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार की योजनाओं को राज्य में सफलतापूर्वक लागू कर पारदर्शीव्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने उल्लेख किया कि राज्य में पारदर्शी भर्ती प्रणाली के तहत लगभग 35,000 से अधिक युवाओं कोसरकारी नौकरियां मिली हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि परिवार पहचान पत्र योजना और अंत्योदय सरल केंद्र जैसी पहलों से राज्य के नागरिकों कोसरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच प्राप्त हुई है। इसके अलावा, महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए चलाई गई योजनाओं जैसे ‘म्हारीबेटी-म्हारा अभिमान’, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, और महिला स्वरोजगार योजनाओं का भी उल्लेख किया गया। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने न केवल वैश्विक मंचों पर अपनी पहचान मजबूत की है, बल्कि गांव-गांवतक विकास की रोशनी पहुँचाई है। कार्यशाला के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावों के लिए जमीनी स्तर पर तैयार रहने और केंद्र तथाराज्य सरकार की नीतियों को जनता तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। मंच पर एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती का संदेश देते हुए यह कार्यशालान केवल भाजपा के लिए चुनावी रणनीति तय करने का माध्यम बनी, बल्कि एक जन-जागरूकता अभियान के रूप में भी स्थापित हुई।
गोवा के स्वास्थ्य मंत्री की फटकार से भड़के डॉक्टर, माफी के बाद भी जारी विरोध

गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे द्वारा गोवा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) में एक डॉक्टर को फटकार लगाकर निलंबित करने कामामला तूल पकड़ गया है। शनिवार को मंत्री ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहां उन्हें डॉ. रुद्रेश कुट्टीकर के खिलाफ मरीजों से दुर्व्यवहार कीशिकायत मिली। इसके बाद मंत्री ने सार्वजनिक रूप से डॉक्टर को डांटा और तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया। मंत्री के इस बर्ताव कीव्यापक आलोचना हुई, जिसे अनुचित और अपमानजनक बताया गया। चिकित्सा संगठनों का विरोध और हड़ताल की चेतावनीमंत्री के आचरण के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और गोवा एसोसिएशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स (GARD) समेत अन्य संगठनों नेमोर्चा खोल दिया है। डॉक्टरों ने इसे मेडिकल प्रोफेशन की गरिमा के खिलाफ बताया और मंत्री से 48 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग की। विरोधस्वरूप अस्पताल में कामकाज प्रभावित हुआ और मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और कांग्रेस की मांगघटना पर राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस ने मंत्री के व्यवहार को अस्वीकार्य बताया और उनके इस्तीफे की मांग की। गोवा कांग्रेस प्रमुख अमितपाटकर ने डॉक्टरों के समर्थन में कहा कि जब इलाज करने वाले डॉक्टरों को सड़कों पर उतरना पड़े, तो यह सिर्फ हड़ताल नहीं, बल्कि सम्मान औरसुरक्षा की लड़ाई है। मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप और निलंबन निरस्तमामला बढ़ता देख मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने हस्तक्षेप किया और डॉक्टर का निलंबन आदेश निरस्त कर दिया। यह निर्णय स्थिति को नियंत्रण में लानेके लिए लिया गया, जिससे अस्पताल सेवाएं फिर से सामान्य हो सकें। स्वास्थ्य मंत्री ने मांगी माफीशुरुआत में मंत्री ने माफी मांगने से इनकार कर दिया था, लेकिन विरोध के बढ़ते दबाव के चलते सोमवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर सार्वजनिकमाफी जारी की। उन्होंने लिखा कि वह डॉ. कुट्टीकर से दिल से क्षमा चाहते हैं और उस समय की परिस्थिति में उनकी भावनाएं हावी हो गई थीं। मंत्री नेयह भी कहा कि उनका उद्देश्य कभी किसी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना नहीं था और उनका मकसद केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को जिम्मेदार औरसंवेदनशील बनाना था। डॉक्टरों की अन्य मांगें प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने यह भी मांग की है कि VIP संस्कृति पर रोक लगाई जाए और संवेदनशील इलाकों जैसे कैजुअल्टी वार्ड में मीडिया और कैमरोंकी एंट्री पर पाबंदी हो। उनका कहना है कि इससे मरीजों की निजता और चिकित्सकीय कार्य बाधित होते हैं।
भारत के शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक अंतरिक्ष उड़ान, Ax-4 मिशन से वैज्ञानिक शोध और नए स्पेस स्टेशन की नींव

10 जून 2025 को भारत के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अपने तीन साथियों के साथ स्पेसएक्स के ड्रैगन यान से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) कीओर उड़ान भरेंगे। यह मिशन Ax-4 के अंतर्गत आता है, जो वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ-साथ भविष्य के स्पेस स्टेशन के निर्माण के लिए भी महत्वपूर्णभूमिका निभाएगा। ISS का इतिहास और विशेषताएँअंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन, जिसे दुनिया का सबसे महंगा सरकारी परियोजना माना जाता है, पर लगभग 100 अरब डॉलर का निवेश किया गया है।इसे लगभग 13 वर्षों में तैयार किया गया था और 2000 से लगातार इसमें अंतरिक्ष यात्री रह रहे हैं। ISS पृथ्वी की कक्षा में 400 से 450 किलोमीटरकी ऊंचाई पर है और इसका आकार एक फुटबॉल मैदान जितना बड़ा है। हालांकि, इसमें एक समय में केवल छह अंतरिक्ष यात्री ही रह सकते हैं। यहस्टेशन 2030 तक काम करता रहेगा, उसके बाद इसे समुद्र में गिरा दिया जाएगा क्योंकि इसकी उम्र पूरी हो जाएगी। Ax-4 मिशन के उद्देश्यAx-4 मिशन 14 दिनों का होगा, जो ISS पर लंबे समय तक रहने वाले अंतरिक्ष यात्रियों की तुलना में कम अवधि का है, लेकिन इस दौरान टीम 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग और गतिविधियां करेगी। इस मिशन में 31 देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं, जिनमें भारत, अमेरिका, पोलैंड, हंगरी, सऊदीअरब, नाइजीरिया, यूएई और यूरोप के कई देश शामिल हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा अनुसंधान होगा जो एक्सिओम स्पेस मिशन के तहत ISS परकिया जाएगा। प्रमुख अनुसंधान क्षेत्रइस मिशन में कई महत्वपूर्ण विषयों पर अध्ययन होगा, जिनमें सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण का मस्तिष्क पर प्रभाव, हृदय और मांसपेशियों का अंतरिक्ष मेंअनुकूलन, आंख और हाथ के बीच समन्वय, डायबिटीज मरीजों के लिए रक्त ग्लूकोज प्रबंधन और कैंसर अनुसंधान शामिल हैं। खासतौर पर ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर पर ध्यान दिया जाएगा, जो पिछले मिशन Ax-2 में कोलोरेक्टल कैंसर के अध्ययन के बाद एक नया विषय है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग और क्रू सदस्यAx-4 मिशन वैश्विक सहयोग का भी प्रतीक है। इस मिशन की कमान अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन संभालेंगी, जबकि शुभांशु शुक्ला (भारत), स्लावोस उज्नांस्की (पोलैंड) और टिबोर कापू (हंगरी) मिशन के सदस्य हैं। ये देश लंबे समय बाद अंतरिक्ष में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। भविष्य का स्पेस स्टेशनAx-4 मिशन नए स्पेस स्टेशन के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। एक्सिओम स्पेस 2027 में पहला मॉड्यूल लॉन्च करेगा, जो पावर, तापमाननियंत्रण और भंडारण की सुविधा देगा। इसके बाद अगले तीन वर्षों में एयरलॉक, आवास और अनुसंधान से संबंधित अन्य मॉड्यूल भी लॉन्च किएजाएंगे। ISS के 2030 में समाप्त होने के बाद, नया एक्सिओम स्टेशन पृथ्वी की कक्षा में स्वतंत्र प्रयोगशाला के रूप में कार्य करेगा।
ECI का राहुल गांधी को करारा जवाब, आरोपों को बताया आधारहीन

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के संदर्भ में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों को लेकर चुनाव आयोग (ECI) ने एकबार फिर स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब दिया है। आयोग से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी आयोग की ओर से दिए गए बिंदुवार खंडन केबाद असमंजस में हैं। अपने ही पार्टी एजेंट्स पर उठाए संदेहचुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी के आरोपों से ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस पार्टी द्वारा नियुक्त बूथलेवल एजेंट (BLA), पोलिंग एजेंट और काउंटिंग एजेंट की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाया है। ये एजेंट मतदान और मतगणना की पूरी प्रक्रिया केदौरान उपस्थित रहे और उन्होंने अपने हस्ताक्षर द्वारा प्रक्रिया की पुष्टि की। लाखों चुनाव कर्मियों की निष्ठा पर सवालदेशभर में कार्यरत 10.5 लाख से अधिक बूथ लेवल अधिकारी, 50 लाख पोलिंग स्टाफ और 1 लाख काउंटिंग सुपरवाइज़र राहुल गांधी के आरोपों सेआहत महसूस कर रहे हैं। चुनाव प्रक्रिया में उनकी मेहनत और निष्पक्षता पर इस तरह के आरोप उनके मनोबल को प्रभावित कर सकते हैं। सीसीटीवी फुटेज कोर्ट में पेश करने की अनुमतिसूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग के निर्देशानुसार मतदान केंद्रों की CCTV रिकॉर्डिंग को ज़रूरत पड़ने पर सक्षम उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कियाजा सकता है। ऐसे में मतदाता गोपनीयता की सुरक्षा को लेकर राहुल गांधी की शंका समझ से परे है। आयोग ने सवाल किया है कि क्या राहुल गांधीअब न्यायपालिका पर भी भरोसा नहीं कर रहे? अब कांग्रेस पार्टी के पीछे छिप रहे राहुल गांधी?चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों का यह भी कहना है कि शुरू में राहुल गांधी व्यक्तिगत रूप से मीडिया और सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग पर सवालउठाते थे, लेकिन जब उन्हें व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा, तो अब उन्होंने कांग्रेस पार्टी को सामने कर दिया है, जो कि अब उनके बचाव मेंबयान जारी कर रही है। न कोई पत्र, न समय मांगा – चुनाव आयोग का तंजचुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब तक राहुल गांधी की ओर से आयोग को कोई औपचारिक पत्र नहीं लिखा गया है और न ही उन्होंनेबैठक का समय मांगा है। आयोग ने यह रेखांकित किया कि किसी भी संवैधानिक संस्था से संवाद स्थापित करने का यही स्वीकार्य तरीका होता है। राष्ट्रीय दलों की बैठक में भी कांग्रेस ने दिखाया अनिच्छा का रुख15 मई 2025 को सभी राष्ट्रीय दलों को आयोग से चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया था। उस अवसर पर भी कांग्रेस पार्टी ने सक्रिय भागीदारी केबजाय समय मांगा और कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी, जो आयोग के अनुसार गंभीर मुद्दों पर पार्टी की संजीदगी पर सवाल खड़े करता है।
ठाणे में लोकल ट्रेन से गिरने पर बड़ा हादसा, पांच यात्रियों की मौत

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें लोकल ट्रेन से गिरने के कारण पांच यात्रियों की जान चली गई। यह हादसादीवा और मुंब्रा स्टेशनों के बीच हुआ जब ट्रेन भारी भीड़ से भरी हुई थी। दरवाजे पर लटकते हुए कर रहे थे सफरप्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, 10 से 12 यात्री चलती ट्रेन से नीचे गिर गए। इनमें से पांच की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रेन में भारी भीड़ के चलतेकई यात्री दरवाजे पर लटककर सफर कर रहे थे, जिससे असंतुलित होकर हादसा हो गया। पीड़ितों की उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच बताई गई है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गयाघटना के तुरंत बाद, घायलों को नजदीकी कलवा अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस मौकेपर पहुंच गई है और स्थिति का जायजा ले रही है। ट्रेन में अधिक भीड़ हादसे की वजह?रेलवे अधिकारियों का मानना है कि दुर्घटना का मुख्य कारण ट्रेन में अत्यधिक भीड़ थी। मुंब्रा स्टेशन पर पहले से ही भीड़ अधिक रहती है और सुबह केसमय यात्री बड़ी संख्या में यात्रा करते हैं। हादसे के दौरान ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहे कुछ लोग असंतुलन के चलते पटरी पर गिर पड़े।रेल सेवाएं प्रभावित, जांच शुरूसेंट्रल रेलवे ने एक बयान में बताया कि CSMT की ओर जा रही लोकल ट्रेन में यह हादसा हुआ। दुर्घटना के बाद लोकल सेवाएं बाधित हुई हैं। रेलवेने मामले की जांच शुरू कर दी है और यात्रियों से संयम बरतने की अपील की है।
हनीमून के बहाने हत्या,मेघालय में पति की हत्या की साजिश में पत्नी गिरफ्तार

मेघालय पुलिस ने इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी मर्डर केस की गुत्थी सात दिनों के भीतर सुलझाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनगिरफ्तारियों में राजा की पत्नी सोनम भी शामिल है, जो इस मामले की मुख्य साजिशकर्ता बताई जा रही है। डीजीपी ने दी जानकारी, पत्नी समेत चार आरोपी गिरफ्तारमेघालय पुलिस के महानिदेशक आई. नोंगरांग ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में उनकी पत्नीसोनम समेत चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सोनम ने हत्या की योजना पहले से बना रखी थी औरइसके लिए उसने पेशेवर हत्यारों को बुलाया था। मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने की पुष्टिमेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि सात दिनों के भीतर पुलिस ने हत्या में शामिल मध्यप्रदेश के तीनहमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। एक महिला ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश अब भी जारी है। हनीमून पर आया था नवविवाहित जोड़ाराजा और सोनम की शादी 11 मई को इंदौर में धूमधाम से हुई थी। इसके बाद 20 मई को दोनों मेघालय हनीमून पर पहुंचे थे। 23 मई को उन्हेंआखिरी बार शिलांग के नोंग्रियाट गांव में डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज के पास देखा गया था। इसके बाद दोनों लापता हो गए थे। हत्या और गायब होने की गुत्थीशुरुआत में सोनम के भी लापता होने की खबर थी, लेकिन बाद में हत्या की जांच ने नया मोड़ ले लिया। सोनम के परिजनों को शुरुआत से ही इसमामले में गहरी साजिश का शक था। अब सोनम की गिरफ्तारी के बाद यह साफ होता जा रहा है कि हत्या पूर्व नियोजित थी। सीबीआई जांच की सिफारिशमध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस सनसनीखेज हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सिफारिश कीथी। उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है और मेघालय प्रशासन के साथ लगातार समन्वय में है।
चिराग पासवान का संकल्प, बिहार की सभी 243 सीटों से लड़ने का ऐलान, आरा रैली में विपक्ष पर साधा निशाना

रविवार को आरा के वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने ‘नव संकल्प महासभा’ का आयोजन किया। इस मौके पर पार्टीप्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों को संबोधित किया। रैली में भोजपुर समेत पटना, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल जैसे जिलों से हजारों लोग जुटे।विपक्ष पर निशाना, एनडीए सरकार की तारीफअपने भाषण में चिराग पासवान ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया और एनडीए सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि एनडीए ने सदैवदलितों और वंचितों के हक में काम किया है। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर और कर्पूरी ठाकुर को सम्मान देने के उदाहरण दिए। चिराग ने प्रधानमंत्रीमोदी की सराहना करते हुए उन्हें “सबको सम्मान देने वाला नेता” बताया। कहां से लड़ूंगा चुनाव, यह आप तय करेंचिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि वे बिहार से ही चुनाव लड़ेंगे और राज्य की 243 विधानसभा सीटों पर उनकी पार्टी उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने मंच सेकहा, “मैं बिहार और बिहारियों के लिए लड़ूंगा, लेकिन कहां से लड़ूंगा, यह आप सब तय करेंगे।” बिहार को विकसित राज्य बनाना ही लक्ष्यचिराग ने दोहराया कि जब तक बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में नहीं लाया जाएगा, तब तक वे चैन की सांस नहीं लेंगे। उन्होंने अपनी’बिहार फर्स्ट’ सोच का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक संकल्प है। प्रवासी छात्रों के लिए चिंताप्रवासी बिहारी युवाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए चिराग ने कहा कि उनका सपना है कि किसी भी छात्र को पढ़ाई के लिए बिहार से बाहर न जानापड़े। उन्होंने कहा कि उनकी सोच को कमजोर करने की कई साजिशें रची गईं, लेकिन वे झुकेंगे नहीं। न झुकूंगा, न टूटूंगाभावुक होते हुए चिराग ने कहा, “मैं शेर का बेटा हूं, मुझे तोड़ने की कोशिशें की गईं, परिवार और पार्टी को बांटने की साजिशें रची गईं, लेकिन मैं तबतक नहीं रुकूंगा जब तक विरोधियों का नामोनिशान मिटा न दूं।” युवाओं से की ‘चिराग बनने’ की अपील चिराग पासवान ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि वे खुद को चिराग बनने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने युवा जोश को बिहार के भविष्य की नींवबताया और कहा कि “आपका साथ ही मेरी ताकत है।” विधानसभा चुनाव की तैयारी का बिगुलइस जनसभा को आगामी विधानसभा चुनाव की शुरुआत माना जा रहा है। चिराग पासवान ने न सिर्फ बिहार से चुनाव लड़ने की घोषणा की बल्कि यहभी संकेत दिया कि लोजपा (रामविलास) पूरे राज्य में दमखम के साथ चुनाव मैदान में उतरने जा रही है।