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कमल हासन की ‘ठग लाइफ’ को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी, कर्नाटक में भी होगी रिलीज

सुप्रीम कोर्ट ने कमल हासन की अपकमिंग फिल्म ‘ठग लाइफ’ की रिलीज को लेकर कर्नाटक में जारी विवाद पर बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायमूर्तिउज्ज्वल भुयान और मनमोहन की पीठ ने कहा कि फिल्म को CBFC (सेंसर बोर्ड) से मंजूरी मिल चुकी है, इसलिए उसे देश के हर राज्य में रिलीजकिया जाना चाहिए। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी को जबरन फिल्म देखने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा, लेकिन इसे रोका भी नहीं जा सकता। विवाद की जड़: कमल हासन का भाषाई बयानइस विवाद की शुरुआत तब हुई जब कमल हासन ने कथित रूप से यह बयान दिया कि कन्नड़ भाषा का जन्म तमिल से हुआ है। इस बयान से कर्नाटकमें विरोध शुरू हो गया और राज्य सरकार ने उनकी फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी। इसी पर कोर्ट ने कहा कि किसी के विचारों से असहमति कामतलब यह नहीं कि उनकी अभिव्यक्ति पर रोक लगा दी जाए। फिल्म को रिलीज से रोकना कानून का उल्लंघनसुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को सीधे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा बताते हुए कर्नाटक सरकार को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि अगर कोईफिल्म सेंसर बोर्ड से पास है, तो उसे प्रदर्शन से नहीं रोका जा सकता। उग्र विरोध का हवाला देकर राज्य सरकार अपने कर्तव्यों से मुंह नहीं मोड़ सकती। हाई कोर्ट की भूमिका पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगीसुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा फिल्म निर्माताओं को स्थानीय लोगों से माफी मांगने की सलाह देने पर भी आपत्ति जताई। कोर्ट ने कहा किमाफी मांगवाना न्यायपालिका का काम नहीं है, और न ही यह इस मुद्दे का समाधान है। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी विवादास्पद बयान का जवाबभी बयान से दिया जा सकता है न कि फिल्मों पर बैन लगाकर। राज्य सरकार को 1 दिन में देना होगा जवाबसुप्रीम कोर्ट ने फिल्म से जुड़े मामलों को कर्नाटक हाई कोर्ट से अपने पास ट्रांसफर कर लिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह 1 दिनके भीतर इस मुद्दे पर जवाब दाखिल करे। अगली सुनवाई 19 जून 2025 को होगी। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर मिसालेंकोर्ट ने अपने आदेश में ‘मी नाथूराम गोडसे बोलतोय’ नाटक पर बंबई हाई कोर्ट के फैसले और कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी पर गुजरात में दर्ज FIR के खारिज होने का हवाला दिया। इन उदाहरणों से कोर्ट ने स्पष्ट किया कि असहमति की वजह से रचनात्मक कार्यों को प्रतिबंधित करना संविधान कीभावना के खिलाफ है।

भाजपा कर रही आम आदमी पार्टी के मोहल्ला क्लीनिकों को नया नाम देकर पेश बोले सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया है कि वह केजरीवाल सरकार में बनाए गएमोहल्ला क्लीनिकों और डिस्पेंसरी को केवल रंग-रोगन कर आयुष्मान आरोग्य मंदिर के नाम से प्रचारित कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा दिल्ली कीजनता को गुमराह कर रही है और आप सरकार के काम को अपनी उपलब्धि बताकर पेश कर रही है। चिराग दिल्ली की डिस्पेंसरी बना सबूतसौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर चिराग दिल्ली स्थित वातानुकूलित डिस्पेंसरी का वीडियो साझा करते हुए कहा कि यहडिस्पेंसरी वर्ष 2017 में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और उनके द्वारा उद्घाटित की गई थी। आज भी इस पर लगे शिलापट्ट पर दोनों के नामस्पष्ट रूप से दर्ज हैं। बावजूद इसके, अब भाजपा इस इमारत को नया आयुष्मान आरोग्य मंदिर बता रही है। 33 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का दावा झूठाउन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा 33 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने का दावा पूरी तरह से झूठा और भ्रामक है। दरअसल, ये सभी केंद्र पहले सेही आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा बनाए गए थे और अब इनका केवल नाम बदलकर, दीवारों पर पीला रंग करके और कुछ चित्र बनाकर नया बतानेकी कोशिश की जा रही है। 100 दिन की रिपोर्ट में भ्रम फैलायाभाजपा सरकार द्वारा 100 दिन के कार्यकाल की उपलब्धियों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को प्रमुख उपलब्धि बताया गया, जबकि हकीकत में इनकानिर्माण आप सरकार के समय हो चुका था। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने जनता को यह विश्वास दिलाया कि वह केंद्र से बड़ा फंड लाकर नईस्वास्थ्य सुविधाएं बनाएगी, लेकिन असल में पुराने ढांचे को नया रंग दे दिया गया। दीवारों पर रंग, सुविधाएं वही पुरानीबिहारद्वाज ने बताया कि इन कथित नए आरोग्य मंदिरों में वही पुराने डॉक्टर, फार्मासिस्ट और सुविधाएं मौजूद हैं। केवल दीवारों पर पीला रंग कर औरनए पोस्टर लगाकर भाजपा इन्हें नया बता रही है। चिराग दिल्ली की यही वही डिस्पेंसरी है जहां आम आदमी पार्टी सरकार ने पहली बार एसी लगवायाथा। भाजपा की “नाम बदलो, काम चुराओ” नीतिसौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा और उपराज्यपाल पहले इन्हीं क्लीनिकों को रोकने की कोशिश कर रहे थे, अब जब ये जनता के बीच लोकप्रिय होचुके हैं, तो भाजपा उन्हीं को अपना बताकर प्रचार कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता अब समझ चुकी है कि भाजपा का असली उद्देश्य कोई नया काम करना नहीं है, बल्कि आम आदमी पार्टी कीयोजनाओं पर अपनी मुहर लगाना है।

महिला यात्री को रैपिडो राइडर ने मारा थप्पड़, वीडियो वायरल

बेंगलुरु के जयनगर इलाके में एक महिला यात्री को रैपिडो बाइक टैक्सी चालक द्वारा थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होरहा है। घटना उस समय हुई जब महिला ने गंतव्य पर पहुंचने से पहले राइड को रोकने की बात कही और राइडर की लापरवाही से बाइक चलाने परआपत्ति जताई। इसके बाद दोनों में बहस शुरू हो गई, जिसके दौरान राइडर ने महिला को इतनी जोर से थप्पड़ मारा कि वह सड़क पर गिर पड़ी। भाषाई मतभेद ने बिगाड़ा मामलामीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बहस उस समय और बढ़ गई जब महिला केवल अंग्रेजी में बात कर रही थी और चालक कन्नड़ भाषा का उपयोग कररहा था। इस दौरान महिला द्वारा किराया न देने की बात कहे जाने पर राइडर ने कथित तौर पर हमला कर दिया। वीडियो में दिखी राहगीरों की बेरुखीवायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बहस के दौरान वहां कई राहगीर मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी महिला की मदद नहीं की। थप्पड़ लगने के बाद भी वह अकेली उठी और अंत में किराया चुकाकर वहां से चली गई। कानूनी कार्रवाई से महिला ने किया इनकारघटना के बाद, महिला ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि वह मामले को और नहीं बढ़ाना चाहती। हालांकिपुलिस ने एक गैर-संज्ञेय रिपोर्ट (NCR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कर्नाटक में पहले से विवादों में बाइक टैक्सी सेवाएंयह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कर्नाटक सरकार पहले ही बाइक टैक्सी सेवाओं पर अस्थायी रोक लगा चुकी है। हाईकोर्ट ने भी राज्यसरकार के इस निर्णय को बरकरार रखा है कि जब तक स्पष्ट नियम नहीं बनते, तब तक ऐसी सेवाएं बंद रहेंगी। रैपिडो ने सेवाएं की निलंबित, डिलीवरी पर ध्यानकानूनी आदेश के बाद रैपिडो ने कर्नाटक में अपनी बाइक टैक्सी सेवाएं बंद कर दी हैं और अब केवल ‘बाइक पार्सल’ डिलीवरी विकल्प ही उपलब्ध कराया जा रहा है। इस कदम से ओला, उबर और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म को भारी नुकसान हुआ है, जो शहरी यातायात में दोपहिया परिवहन की मांगपूरी कर रहे थे।

देशभर में मॉनसून का कहर, 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 15 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियताके चलते आने वाले कुछ दिनों में कई राज्यों में तेज हवाओं, गरज-चमक और मूसलधार बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसमविभाग का कहना है कि यह मौसमी सिस्टम कई क्षेत्रों में गंभीर असर डाल सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। इसी कारण लोगों कोसतर्क रहने और ज़रूरी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। IMD के ताजा अनुमान के अनुसार दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा और महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में भारी से अति भारी वर्षा होसकती है। पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी मूसलधार बारिश और बाढ़ कीआशंका जताई गई है। उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ भारीबारिश हो सकती है, जबकि मध्य भारत के मध्य प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। पश्चिम भारत मेंगुजरात के कुछ हिस्सों में भी मानसून की प्रगति के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 जून तक मानसून केरल, कर्नाटक और कोंकण-गोवा में सक्रिय हो चुका है और अगले 24 घंटों में इसके विदर्भ, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और गुजरात की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके बाद यह तीन दिनों में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंचसकता है। इस दौरान केरल और कर्नाटक के तटीय और पर्वतीय क्षेत्रों में 20 सेमी से ज्यादा बारिश होने की आशंका है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ काखतरा बढ़ गया है। मुंबई और आसपास के इलाकों में भी 15 से 18 जून के बीच भारी बारिश के चलते जलभराव की स्थिति बन सकती है। मणिपुर मेंपहले से ही बाढ़ से 1.64 लाख लोग प्रभावित हो चुके हैं और मिजोरम में भूस्खलन की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। दिल्ली-एनसीआर में 18 जून तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं, बिजली गिरने के दौरान सतर्क रहें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूररहें। समुद्र किनारे रहने वालों को विशेष रूप से केरल, कर्नाटक और गोवा में समुद्र में न उतरने की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही बाढ़ औरभूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दलों को सतर्क रहने को कहा गया है। IMD के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने कहा है कि मानसूनकी तेज सक्रियता के चलते देश के कई हिस्सों में मौसम बिगड़ सकता है, इसलिए लोगों को मौसम से जुड़ी हर जानकारी पर नजर रखनी चाहिए औरप्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए।

G7 समिट बीच में छोड़कर अमेरिका लौटे डोनाल्ड ट्रंप, इजरायल-ईरान संघर्ष पर कड़े संकेत

कनाडा के प्रिंस एडवर्ड आइलैंड में चल रही G7 शिखर बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप निर्धारित कार्यक्रम से पहले ही रवाना हो गए। यहफैसला ऐसे समय पर आया जब मध्य पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है। ट्रंप के अचानक लौटने के बाद यह अटकलेंलगाई जा रही थीं कि वे वॉशिंगटन लौटकर संघर्ष विराम की संभावनाओं पर काम करना चाहते हैं। गलत जानकारी’ देने पर मैक्रों पर भड़के ट्रंपफ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक बयान में कहा था कि ट्रंप इजरायल-ईरान संघर्ष पर काम करने के लिए अमेरिका लौट रहे हैं। इस परप्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ’ पर लिखा, “पब्लिसिटी के भूखे फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने झूठा दावा किया कि मैंयुद्धविराम के लिए लौट रहा हूं। उन्हें असल वजह की जानकारी नहीं है।” तेहरान को दी चेतावनी, सैन्य कार्रवाई के संकेतट्रंप ने G7 छोड़ने से पहले तेहरान के नागरिकों को राजधानी खाली करने की सलाह देते हुए संकेत दिया कि यदि हालात नहीं बदले तो अमेरिका सैन्यहस्तक्षेप कर सकता है। वॉशिंगटन लौटकर उन्होंने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को अलर्ट रहने का निर्देश भी दिया है। इतिहास दोहराया, 2018 में भी छोड़ा था G7यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने G7 समिट को अधूरा छोड़ा हो। 2018 में कनाडा के क्यूबेक में हुई समिट के दौरान भी ट्रंप पहले ही रवाना हो गए थेऔर सिंगापुर में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन से मुलाकात के लिए निकल पड़े थे। उस समय उन्होंने साझा बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार करदिया था और कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो को “बेईमान और कमजोर” करार दिया था। इस बार भी साझा बयान से बनाई दूरीइस बार भी जब G7 सदस्य देशों ने एक संयुक्त शांति अपील जारी करने की तैयारी की, ट्रंप ने उसमें शामिल होने से इनकार कर दिया। फ्रांस केराष्ट्रपति मैक्रों ने दावा किया कि ट्रंप किसी युद्धविराम के प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं, मगर ट्रंप की आक्रामक भाषा ने उनकी गंभीरता पर सवाल खड़ेकर दिए। इस फैसले से सबसे ज्यादा निराश ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज हुए, जो AUKUS डील और व्यापार को लेकर ट्रंप से पहलीबैठक की उम्मीद में थे। अमेरिका फर्स्ट’ की नीति फिर सामने आईट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति एक बार फिर उजागर हुई है। चाहे वह जलवायु सम्मेलन हो या अंतरराष्ट्रीय समझौते, ट्रंप हमेशा घरेलू प्राथमिकताओं कोआगे रखते हैं। इजरायल-ईरान संकट, वॉशिंगटन की स्थिति पर नियंत्रण और अपनी राजनीतिक छवि को ध्यान में रखते हुए उन्होंने एक बार फिरअंतरराष्ट्रीय मंच को पीछे छोड़ने में संकोच नहीं किया।

Air India की अहमदाबाद-लंदन फ्लाइट में तकनीकी खराबी, उड़ान रद्द

अहमदाबाद से लंदन जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI-159 को तकनीकी खराबी के चलते रद्द कर दिया गया। यह उड़ान दोपहर 1:10 बजेरवाना होने वाली थी, लेकिन टेक्निकल इश्यू के कारण उड़ान भरने से पहले ही कैंसिल कर दी गई। यह विमान बोइंग 787 ड्रीमलाइनर था, जोइंटरनेशनल रूट्स पर तैनात रहता है। यात्रियों को भारी दिक्कत, कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहींफ्लाइट रद्द होने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। एयर इंडिया की ओर से अभी तक किसी वैकल्पिक फ्लाइट का प्रबंध नहींकिया गया है। कई यात्री एयरपोर्ट पर ही इंतजार करते नजर आए। एक यात्री ने बताया कि उन्हें फ्लाइट कैंसिल होने की सूचना एयरपोर्ट पर पहुंचने केबाद मिली, लेकिन एयर इंडिया के कर्मचारियों ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। वहीं रिफंड के मामले में यात्रियों को ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाने कोकहा जा रहा है। 12 जून को हुई थी भीषण विमान दुर्घटनागौरतलब है कि 12 जून को भी अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त होगई थी। इस हादसे में 242 में से 241 यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि एकमात्र जीवित यात्री अभी भी अस्पताल में भर्ती है। उस दुर्घटना में भीबोइंग 787 ड्रीमलाइनर का ही इस्तेमाल किया गया था। सुरक्षा पर उठे सवाललगातार दो फ्लाइट्स में आई तकनीकी दिक्कतों और एक बड़े विमान हादसे के बाद एयर इंडिया की सुरक्षा व्यवस्था और विमानों के रखरखाव परसवाल खड़े हो रहे हैं। यात्रियों और विशेषज्ञों दोनों की चिंता यह है कि तकनीकी समस्याओं को समय पर कैसे पहचाना और निपटाया जा रहा है।

ગુજરાતના પૂર્વ મુખ્યમંત્રી સ્વર્ગીય શ્રી વિજયભાઈ રૂપાણીનો દેહ પંચમહાભૂતમાં વિલીન

પૂર્વ મુખ્યમંત્રી વિજયભાઈ રૂપાણીની અંતિમયાત્રામાં સમગ્ર રાજકોટ હિબકે ચડ્યું એરપોર્ટ થી નિવાસસ્થાન તેમજ નિવાસસ્થાને થી રામનાથ પરા સ્મશાન સુધી અંતિમયાત્રાના સમગ્ર રૂટમાં સૌરાષ્ટ્ર સહિત રાજ્યભરમાંથીહજારોની સંખ્યામાં લોકો શ્રી વિજયભાઈ રૂપાણીને અંતિમ વિદાય આપવા ઉમટ્યાં રાજકીય સન્માન સાથે શ્રી વિજયભાઈ રૂપાણીના અંતિમ સંસ્કાર કરાયા કેન્દ્રીય ગૃહ અને સહકાર મંત્રીશ્રી અમિતભાઈ શાહ, રાજ્યપાલશ્રી આચાર્ય દેવવ્રતજી, મુખ્યમંત્રીશ્રી ભૂપેન્દ્રભાઇ પટેલ, ભાજપાનારાષ્ટ્રીય સંગઠન મહામંત્રીશ્રી બી. એલ. સંતોષજી, ભાજપા પ્રદેશ અધ્યક્ષ શ્રી. સી. આર. પાટીલ, પ્રદેશ સંગઠન મહામંત્રીશ્રી રત્નાકરજી, સાંસદશ્રીઓ, ધારાસભ્યો, વિવિધ રાજકીય તેમજ સામાજિક આગેવાનો, ધાર્મિક સંતો-મહંતો તેમજ વિભિન્ન ક્ષેત્રના અગ્રણીઓશ્રીએવિજયભાઈ રૂપાણીને અંતિમ વિદાય આપવા ઉપસ્થિત રહી પુષ્પાંજલિ અર્પણ કરી. રૂપાણી પરિવાર દ્વારા ૧૭ જૂન, મંગળવારે રેસકોર્સ ગ્રાઉન્ડ, રાજકોટ ખાતે બપોરે ૩.૦૦ થી ૬.૦૦ કલાકે તેમજ ૧૯ જૂન, રવિવારેએક્ઝીબિશન સેન્ટર હોલ-૧, હેલિપેડ ગ્રાઉન્ડ, ગાંધીનગર ખાતે સવારે ૯.૦૦ થી ૧૨.૦૦ પ્રાર્થના સભા યોજાશે ભારતીય જનતા પાર્ટી ગુજરાત પ્રદેશ દ્વારા ૨૦ જૂન, શુક્રવારે સાંજે ૪.૦૦ થી ૬.૦૦ કલાકે પ્રદેશ કાર્યાલય શ્રી કમલમ, કોબા, ગાંધીનગરખાતે પ્રાર્થના સભાનું આયોજન કરાશે અમદાવાદમાં થયેલ દુર્ભાગ્યપૂર્ણ વિમાન દુર્ઘટનામાં અણધારી ચિરવિદાય લેનાર સરળ, સૌમ્ય અને નિખાલસ વ્યક્તિત્વના ધની, ગુજરાતના પૂર્વ મુખ્યમંત્રી અને ભારતીય જનતા પાર્ટીના વરિષ્ઠ નેતા સ્વર્ગીય શ્રી વિજયભાઈ રૂપાણીની રાજકીય સન્માન સાથે રાજકોટખાતે અંતિમવિધિ કરાઇ હતી. DNA મેચ થયા બાદ આજે સવારે અમદાવાદ સિવિલ હોસ્પિટલ ખાતે શ્રી વિજયભાઈ રૂપાણીનો નશ્વર દેહગાર્ડ ઓફ ઓનર સાથે પરિવારને સોંપાયો હતો ત્યારબાદ અંતિમક્રિયા માટે તેઓના પાર્થિવ દેહને હવાઈ માર્ગે રાજકોટ લાવવામાં આવ્યોહતો. એરપોર્ટ થી નિવાસસ્થાન તેમજ નિવાસસ્થાને થી રામનાથ પરા સ્મશાન સુધી અંતિમયાત્રાના સમગ્ર રૂટમાં રાજકોટ ઉપરાંત સૌરાષ્ટ્રસહિત રાજ્યભરમાંથી હજારોની સંખ્યામાં લોકો શ્રી વિજયભાઈ રૂપાણીને અશ્રુભીની આંખે આખરી વિદાય આપવા ઉમટ્યાં હતાં. અંતિમયાત્રામાં સમગ્ર રાજકોટ હિબકે ચડ્યું હતું અને લાગણીસભર દૃશ્યો સર્જાયા હતાં. શ્રી વિજયભાઈ રૂપાણીનો પાર્થિવ દેહ તેઓના રાજકોટ નિવાસસ્થાને અંતિમ દર્શન માટે રખાયો હતો. શ્રી વિજયભાઈ રૂપાણીને અંતિમવિદાય આપવા કેન્દ્રીય ગૃહ અને સહકાર મંત્રીશ્રી અમિતભાઈ શાહ, રાજ્યપાલશ્રી આચાર્ય દેવવ્રતજી, મુખ્યમંત્રીશ્રી ભૂપેન્દ્રભાઇ પટેલ, ભાજપાના રાષ્ટ્રીય સંગઠન મહામંત્રીશ્રી બી. એલ. સંતોષજી, ભાજપા પ્રદેશ અધ્યક્ષ શ્રી. સી. આર. પાટીલ, પ્રદેશ સંગઠન મહામંત્રીશ્રીરત્નાકરજી, બિહારના સંગઠન મહામંત્રી શ્રી ભીખુભાઈ દલસાણીયા, ગુજરાત સરકારના મંત્રીશ્રીઓ, પક્ષના સંગઠનના પદાધિકારીઓ અનેસિનિયર આગેવાનો, સાંસદશ્રીઓ, ધારાસભ્યો, પૂર્વ સાંસદશ્રીઓ, પૂર્વ ધારાસભ્યો, સૌરાષ્ટ્રના વિવિધ સ્થાનિક સ્વરાજયની સંસ્થાઓનાપદાધિકારીઓ, સામાજિક આગેવાનો, ધાર્મિક સંતો-મહંતો તેમજ વિભિન્ન ક્ષેત્રના અગ્રણીઓએ ઉપસ્થિત રહી શ્રી રૂપાણીને પુષ્પાંજલિઅર્પણ કરી હતી. શ્રી વિજયભાઈ રૂપાણીને શ્રદ્ધાંજલિ પાઠવવા રૂપાણી પરિવાર દ્વારા ૧૭ જૂન, મંગળવારે રેસકોર્સ ગ્રાઉન્ડ, રાજકોટ ખાતે બપોરે ૩.૦૦થી ૬.૦૦ કલાકે તેમજ ૧૯ જૂન, રવિવારે એક્ઝીબિશન સેન્ટર હોલ-૧, હેલિપેડ ગ્રાઉન્ડ, ગાંધીનગર ખાતે સવારે ૯.૦૦ થી ૧૨.૦૦ કલાકેપ્રાર્થના સભા યોજાશે. આ ઉપરાંત ભારતીય જનતા પાર્ટી ગુજરાત પ્રદેશ દ્વારા ૨૦ જૂન, શુક્રવારે સાંજે ૪.૦૦ થી ૬.૦૦ કલાકે પ્રદેશકાર્યાલય શ્રી કમલમ, કોબા, ગાંધીનગર ખાતે પ્રાર્થના સભાનું આયોજન કરવામાં આવશે.

Former Gujarat CM Vijay Rupani Cremated with Full State Honours, Amit Shah and Top Leaders Pay Tribute

Former Gujarat Chief Minister Vijay Rupani was cremated with full state honours on Monday evening in Rajkot. The ceremony was attended by Union Home Minister Amit Shah, Gujarat Governor Acharya Devvrat, Chief Minister Bhupendra Patel, and several other senior leaders. Passed Away in Ahmedabad Plane CrashOn June 12, Vijay Rupani tragically lost his life in an Air India plane crash shortly after takeoff from Ahmedabad Airport. The flight, en route to London, was carrying 242 passengers and crew, of whom 241 lost their lives, including Rupani. Thousands Gather for Final DarshanA large crowd gathered in Rajkot to pay their last respects. His mortal remains were brought from the airport to his residence, with people lining both sides of the road to bid farewell. The body was transported in a flower-decorated vehicle, and supporters showered petals and chanted slogans in his memory. Senior Leaders Offer Floral TributesUnion Home Minister Amit Shah, Union Jal Shakti Minister and Gujarat BJP President C.R. Paatil, Governor Acharya Devvrat, CM Bhupendra Patel, and other senior BJP leaders offered floral tributes at Rupani’s residence. The funeral procession later moved to the crematorium, where the final rites were performed in the presence of dignitaries. Amit Shah’s Emotional Tribute“Paid my last respects to Vijay Bhai Rupani ji in Rajkot today. From party organization to government, he remained completely dedicated to the ideology throughout his life. Losing a disciplined and devoted colleague like him is a personal loss to me and to the BJP family. Though he is no longer among us, his memory will always live in our hearts. I pray to Somnath Dada to grant peace to his noble soul and strength to the grieving family to bear this loss. Om Shanti Shanti Shanti.” Identification Through DNA MatchingVijay Rupani’s body was severely burned in the crash, making identification difficult. DNA samples from his relatives were used to confirm his identity on Sunday. A Remarkable Political JourneyRupani served as Gujarat’s Chief Minister from August 2016 to September 2021. Known for his dedication and simplicity, his untimely death has left a deep void in the political and social landscape.

पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, अमित शाह समेत कई नेता हुए शामिल

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का अंतिम संस्कार सोमवार शाम राजकोट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अंतिम संस्कार केदौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। 12 जून को विमान हादसे में हुआ निधन12 जून को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के तुरंत बाद एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विमान में मौजूद 242 यात्रियों में से 241 लोगों की मौत हो गई, जिनमें विजय रूपाणी भी शामिल थे। अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाबराजकोट में विजय रूपाणी के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। उनका पार्थिव शरीर एयरपोर्ट से उनके घर लाया गया, जहाँ सड़क केदोनों ओर खड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। फूलों से सजे वाहन में उनका शव घर पहुंचाया गया, जहां समर्थकों ने पुष्प अर्पित किए और नारे लगाए। वरिष्ठ नेताओं ने दी श्रद्धांजलिकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल, राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित कई भाजपा नेताओं और गणमान्यलोगों ने विजय रूपाणी के आवास पर पुष्पांजलि अर्पित की। बाद में शव यात्रा उनके घर से श्मशान घाट तक गई, जहाँ अंतिम संस्कार हुआ। अमित शाह का भावुक संदेश“राजकोट में विजय भाई रूपाणी जी के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। संगठन से लेकर सरकार तक वे पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथविचारधारा के प्रति समर्पित रहे। उनका जाना भाजपा परिवार के लिए और मेरे लिए एक व्यक्तिगत क्षति है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करेंऔर परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दें।” डीएनए परीक्षण से हुई पहचानहादसे में विजय रूपाणी का शव बुरी तरह जल चुका था, जिससे उनकी पहचान कर पाना मुश्किल हो गया था। रविवार को डीएनए परीक्षण के जरिएउनकी पहचान सुनिश्चित की गई। राजनीतिक सफरविजय रूपाणी ने अगस्त 2016 से सितंबर 2021 तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। वे भाजपा के समर्पित और लोकप्रिय नेता मानेजाते थे। लंदन के लिए रवाना होते समय हुई इस दुर्घटना ने राजनीतिक और सामाजिक जगत को गहरा आघात पहुँचाया है।

तुर्किए बना रहा है मध्य पूर्व में बड़ा बिचौलिया, ईरान-इज़राइल संघर्ष के बीच एर्दोगन की कूटनीतिक पहल

ईरान और इज़राइल के बीच जारी तनाव के बीच तुर्किए ने खुद को एक प्रभावशाली बिचौलिये के रूप में प्रस्तुत करना शुरू कर दिया है। राष्ट्रपति रेसेपतैयप एर्दोगन विभिन्न देशों के नेताओं से लगातार संपर्क में हैं और क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। अब तक तुर्कीसरकार अमेरिका, रूस और कुवैत समेत छह देशों के साथ वार्ता कर चुकी है। साथ ही तुर्की के विदेश मंत्री दक्षिण-पूर्व यूरोपियन ईस्ट समिट में भीपहुंचे हैं, जहां माना जा रहा है कि वे एक बार फिर ईरान को शांत करने की तुर्की की प्रतिबद्धता दोहराएंगे।कुवैत, इराक और ओमान से संपर्कतुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने अमेरिका के साथ-साथ कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल अहमद अल जबर अल सबा से भी टेलीफोनिक बातचीत की।इस चर्चा में इज़राइल और ईरान के बीच तनाव पर फोकस रहा। तुर्की के संचार निदेशालय के अनुसार, एर्दोगन ने स्पष्ट किया कि इज़राइल के हमलेक्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर खतरे में डालते हैं। इसके अलावा, एर्दोगन ने इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी से भी बात की और उन्हें इस संघर्ष से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने आतंकीसंगठनों की सक्रियता को देखते हुए सतर्क रहने की बात भी कही। ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से भी मिडिल ईस्ट में शांति की आवश्यकताको लेकर चर्चा हुई। रूस और ब्रिटेन के साथ कूटनीतिक संवादतुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से टेलीफोन पर बातचीत की, जिसमें उन्होंने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव औरउसके अंतरराष्ट्रीय असर पर चिंता जताई। इससे पहले उन्होंने ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविड लैमी से भी बात की थी, जहां उन्होंने तत्काल संघर्षविरामकी अपील करते हुए परमाणु समझौते की दिशा में राजनयिक प्रयासों की वकालत की। पहले भी निभाई है अहम मध्यस्थ भूमिकातुर्किए इससे पहले भी वैश्विक संकटों में मध्यस्थता की भूमिका निभा चुका है। मार्च 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के तुरंत बाद तुर्की ने दोनों देशोंके विदेश मंत्रियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। सितंबर 2022 में कैदियों की अदला-बदली भी तुर्की की मध्यस्थता से संभव हो सकीथी। इसी तरह अक्टूबर 2023 में इज़राइल-हमास संघर्ष के दौरान भी तुर्किए ने मध्यस्थता का प्रस्ताव दिया था। सूडान में जारी संघर्ष में भी तुर्की ने शांतिप्रयासों की पहल की थी। मई 2025 में एक बार फिर तुर्की ने रूस-यूक्रेन युद्ध में मध्यस्थता करने की मंशा जाहिर की है।