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भारत में 2027 में होगी दो चरणों में जनगणना, जातिवार गणना भी शामिल

भारत सरकार ने वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जानकारी दी हैकि यह जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। गृह मंत्रालय ने जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत नोटिफिकेशन जारी किया है, जिससेस्पष्ट हो गया है कि जनगणना की प्रक्रिया अब शुरू होने जा रही है। कोरोना महामारी के कारण 2021 की जनगणना स्थगित हो गई थी, जिस वजहसे यह जनगणना 16 साल बाद हो रही है। कोविड-19 के कारण हुई देरीभारत में हर 10 साल के अंतराल पर जनगणना कराई जाती है। पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, जबकि 2021 की जनगणना महामारी के चलतेनहीं हो पाई। अब केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 में कराने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही अगली जनगणना अब 2035 में होगी। यह दुनिया केसबसे बड़े प्रशासनिक अभियानों में से एक है, जिसे गृह मंत्रालय के अधीन रजिस्ट्रार जनरल और सेंसस कमिश्नर संचालित करते हैं। दो चरणों में पूरी की जाएगी प्रक्रियाजनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) के तहत हर घर की भौतिक स्थिति, सुविधाएंऔर परिसंपत्तियों की जानकारी ली जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में जनसंख्या गणना (Population Enumeration) होगी, जिसमें हर व्यक्ति केसामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और जनसांख्यिकीय विवरण एकत्र किए जाएंगे। अलग-अलग तिथियां होंगी संदर्भ आधारभारत के अधिकांश राज्यों में जनगणना के लिए 1 मार्च 2027 की आधी रात को संदर्भ तिथि माना जाएगा। इस तिथि तक की जानकारी को रिकॉर्डमें दर्ज किया जाएगा। वहीं जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे विशेष भौगोलिक स्थितियों वाले क्षेत्रों में जनगणना प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। इन क्षेत्रों के लिए 1 अक्टूबर 2026 को ही संदर्भ तिथि माना जाएगा, ताकि मौसम संबंधी कठिनाइयों सेबचा जा सके। 21 महीनों में पूरी होगी जनगणनाजनगणना की पूरी प्रक्रिया लगभग 21 महीनों में पूरी की जाएगी। इसमें प्राथमिक आंकड़े मार्च 2027 में जारी कर दिए जाएंगे, जबकि विस्तृतजानकारी वर्ष के अंत तक सार्वजनिक की जाएगी। इसके तहत देश की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और अन्य आंकड़ों का संकलन किया जाएगा। इस बार होगी जातिवार गणना भी2027 की जनगणना में जातिवार आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे। यह पहली बार होगा जब जातिगत आधार पर भी जानकारी को आधिकारिक रूप सेदर्ज किया जाएगा। यह सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए नीतियां बनाने में सहायक होगा। बड़ी संख्या में तैनात होंगे कर्मचारीजनगणना कार्यों के लिए लगभग 34 लाख गणनाकार और पर्यवेक्षक तथा 1.3 लाख से अधिक जनगणना अधिकारी तैनात किए जाएंगे। यह स्वतंत्रभारत की आठवीं और भारत की कुल 16वीं जनगणना होगी। डिजिटल माध्यम और स्व-गणना की सुविधाइस बार जनगणना डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिसमें मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल किया जाएगा। नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्जकरने के लिए ‘स्व-गणना’ की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। यह प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा मेंएक महत्वपूर्ण कदम है।

अहमदाबाद विमान हादसा, डीएनए जांच से 87 शवों की पहचान, पूर्व मुख्यमंत्री रूपाणी का शव परिजनों को सौंपा गया

अहमदाबाद में हुए भीषण एयर इंडिया विमान हादसे को चार दिन बीत चुके हैं। इस त्रासदी में अब तक कुल 274 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकीहै। मृतकों की पहचान का कार्य तेजी से जारी है। कई शव बुरी तरह जल चुके हैं, जिससे उनकी पहचान करना कठिन हो रहा है। ऐसे में डीएनए जांचके माध्यम से शवों की पुष्टि की जा रही है। पूर्व सीएम रूपाणी की पहचान डीएनए सेइस हादसे में जान गंवाने वालों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे। अधिकारियों ने रविवार को उनकी पहचान डीएनए मिलानके जरिए की और सोमवार को उनका शव उनके परिजनों को सौंप दिया गया। 87 शवों की पहचान हुई, 47 परिजनों को सौंपे गएअतिरिक्त सिविल अधीक्षक डॉ. रजनीश पटेल के अनुसार, अब तक 87 शवों की डीएनए से पहचान हो चुकी है। इनमें से 47 शव उनके परिवारों कोसौंप दिए गए हैं। इन मृतकों में भरूच, आनंद, जूनागढ़, भावनगर, वडोदरा, खेड़ा, मेहसाणा, अरवल्ली और अहमदाबाद जिलों के निवासी शामिल हैं। अवशेषों के इंतजार में परिवारडॉ. पटेल ने बताया कि 9 अन्य मृतकों के परिजन अब भी शवों के मिलने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि 8 परिवारों के सदस्य जल्द ही अवशेष प्राप्तकरने के लिए पहुंचने वाले हैं। मेडिकल कॉलेज परिसर में हुआ था हादसागौरतलब है कि यह हादसा 12 जून को दोपहर 1:39 बजे हुआ था, जब एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान सरदार वल्लभभाई पटेलअंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान अहमदाबाद के एक मेडिकल कॉलेज परिसर में गिरा, जिसमें241 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक यात्री चमत्कारिक रूप से बच गया। हादसे में कई एमबीबीएस छात्रों की भी जान गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साइप्रस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला, भव्य स्वागत और द्विपक्षीय वार्ता हुई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय साइप्रस दौरे के दौरान उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारिओस III’ सेसम्मानित किया गया। यह सम्मान साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स ने प्रदान किया। पीएम मोदी ने इस सम्मान को भारत-साइप्रस मित्रताको समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने जताई खुशी, सोशल मीडिया पर साझा किया धन्यवाद संदेशप्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “साइप्रस का सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफमकारिओस III’ से सम्मानित होकर मैं गर्व और कृतज्ञता से अभिभूत हूं। यह सम्मान मैं भारत और साइप्रस की दोस्ती को समर्पित करता हूं।” पीएममोदी ने इस ऐतिहासिक क्षण का एक वीडियो भी साझा किया।भारत-साइप्रस संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने का संकल्पसम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह यह सम्मान सभी भारतीयों की ओर से विनम्रता से स्वीकार करते हैं। उन्होंने विश्वास जतायाकि भारत और साइप्रस के बीच की साझेदारी आने वाले समय में और मजबूत होगी। साथ ही दोनों देश मिलकर वैश्विक शांति और सुरक्षा के क्षेत्र मेंयोगदान देंगे। राष्ट्रपति भवन में हुआ भव्य स्वागत, पहली बार किसी भारतीय पीएम का दौराप्रधानमंत्री मोदी 15 जून को साइप्रस पहुंचे थे, जहां राजधानी निकोसिया स्थित राष्ट्रपति भवन में उनका भव्य स्वागत हुआ। इस दौरान दोनों देशों केबीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता भी हुई। यह पहली बार है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने साइप्रस की यात्रा की है। विदेश दौरे का अगला चरण: कनाडा और क्रोएशियासाइप्रस दौरे के समापन के बाद प्रधानमंत्री मोदी अब अपने पांच दिवसीय विदेश यात्रा के अगले चरण में कनाडा रवाना होंगे, जहां वह जी-7 सम्मेलनमें भाग लेंगे। इसके बाद वे क्रोएशिया का भी दौरा करेंगे।

बोइंग ड्रीमलाइनर विमानों की बढ़ती तकनीकी खामियां और हादसे, यात्रियों की सुरक्षा पर गहराता संकट

हांगकांग से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट को बीच रास्ते लौटना पड़ाहाल ही में एक और बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान तकनीकी खामी के चलते उड़ान के दौरान लौटने को मजबूर हुआ। एयर इंडिया की फ्लाइटAI315 जो हांगकांग से दिल्ली आ रही थी, उसमें तकनीकी खराबी की आशंका जताई गई, जिसके चलते उसे सुरक्षित रूप से हांगकांग एयरपोर्ट परवापस लैंड कराना पड़ा। विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित बताए गए हैं और विमान की तकनीकी जांच जारी है। एक ही दिन में तीन ड्रीमलाइनर विमानों में गड़बड़ीसोमवार को बोइंग ड्रीमलाइनर से जुड़ी तीन घटनाएं सामने आईं, जिससे इसकी सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। पहली घटना ब्रिटिश एयरवेजकी थी, जिसकी लंदन से चेन्नई जा रही उड़ान को तकनीकी दिक्कत के कारण वापस लौटना पड़ा। दूसरी घटना में, लुफ्थांसा की फ्रैंकफर्ट से हैदराबादजा रही फ्लाइट LH752 को बम की धमकी के कारण वापस फ्रैंकफर्ट लौटाना पड़ा। यह विमान भी बोइंग ड्रीमलाइनर ही था। लुफ्थांसा फ्लाइट को नहीं मिला हैदराबाद में लैंडिंग क्लियरेंसलुफ्थांसा एयरलाइंस ने बताया कि उसकी फ्लाइट को हैदराबाद में लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली थी, इसलिए उसे वापस जाना पड़ा। हालांकि, एयरपोर्ट प्रशासन ने दावा किया कि उन्हें बम की धमकी मिली थी, इस कारण उड़ान को डायवर्ट किया गया। इन विरोधाभासी बयानों ने विमाननसुरक्षा को लेकर भ्रम और चिंता पैदा कर दी है। अहमदाबाद में ड्रीमलाइनर क्रैश, 270 लोगों की गई जानइन सबके बीच सबसे भयावह घटना अहमदाबाद में घटी, जहां बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में 270 से अधिक लोगोंकी मौत हो गई, जबकि केवल एक यात्री को ही बचाया जा सका। विमान में कुल 142 लोग सवार थे। हादसे के बाद पीड़ित परिवारों ने एयर इंडियाकी सुरक्षा प्रक्रियाओं, रखरखाव व्यवस्था और पायलट प्रशिक्षण पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सरकार ने हादसे की जांच के लिए बनाई उच्चस्तरीय समितिइस हादसे की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। इसमें नागरिक उड्डयन महानिदेशालय(DGCA), विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के वरिष्ठ अधिकारी और स्वतंत्र विमानन विशेषज्ञ शामिल हैं। यह समिति तकनीकी खामियों, रखरखाव रिकॉर्ड और क्रू की भूमिका की गहराई से जांच करेगी। बढ़ती घटनाओं से ड्रीमलाइनर विमानों की विश्वसनीयता पर सवाललगातार सामने आ रही तकनीकी समस्याओं और हादसों ने बोइंग ड्रीमलाइनर विमानों की सुरक्षा और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी करदी हैं। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि अब समय आ गया है जब नियामक संस्थाओं और एयरलाइंस को पारदर्शिता के साथ सख्त कदम उठानेहोंगे ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

पहलगाम आतंकी हमला, अभिषेक बनर्जी ने केंद्र से पूछे पांच तीखे सवाल

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 55 दिन बाद तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार से जवाबदेहीकी मांग करते हुए पांच अहम सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि न तो मुख्यधारा की मीडिया, न ही विपक्षी दल और न हीन्यायपालिका ने इस भयावह हमले पर कोई गंभीर सवाल उठाया है। देश को झकझोर देने वाला हमलाबता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी। इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी, जिनमेंएक नेपाली नागरिक भी शामिल था। इसे 2019 के पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। सुरक्षा में चूक पर सवालअभिषेक बनर्जी ने सबसे पहला सवाल उठाते हुए कहा कि चार आतंकी भारत में कैसे दाखिल हुए जबकि सीमा पर सख्त निगरानी रहती है? उन्होंनेपूछा कि इतनी बड़ी सुरक्षा चूक के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है और कौन इसकी जिम्मेदारी लेगा? आतंकी नेटवर्क पर पेगासस का इस्तेमाल क्यों नहीं?दूसरे सवाल में बनर्जी ने पेगासस सॉफ्टवेयर का जिक्र करते हुए कहा कि जब सरकार विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और जजों की निगरानी के लिएपेगासस जैसे उपकरणों का इस्तेमाल कर सकती है, तो आतंकी नेटवर्क पर इसका इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया? कार्रवाई की स्थिति क्या है?तीसरे सवाल में उन्होंने पूछा कि अब तक इस आतंकी हमले में शामिल आतंकियों के खिलाफ क्या ठोस कदम उठाए गए हैं? उन्होंने जानना चाहा किजांच और कार्रवाई किस स्तर पर पहुंची है। ट्रंप के संघर्षविराम दावे पर चुप्पी क्यों?चौथे सवाल में बनर्जी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने संघर्षविराम उनकेकहने पर स्वीकार किया। बनर्जी ने सवाल किया कि क्या सरकार ने इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है? पाकिस्तान को आर्थिक मदद क्यों?पांचवें और अंतिम सवाल में उन्होंने पूछा कि जब पाकिस्तान भारत में आतंकी हमलों को समर्थन देता है, तो उसे आर्थिक सहायता क्यों दी जाती है? देश की भावनाओं से समझौता अपने बयान के अंत में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यह मामला सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा और भावनाओं का है।उन्होंने खुद को एक जिम्मेदार नागरिक और जनप्रतिनिधि बताते हुए कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़ा यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें पारदर्शितातथा जवाबदेही जरूरी है।

अमरोहा पटाखा फैक्ट्री हादसा,5 महिलाओं की मौत, नौ लोग गंभीर रूप से झुलसे

अमरोहा-अतरासी मार्ग पर खेतों के बीच में बनी एक पटाखा फैक्ट्री में सोमवार सुबह करीब 11 बजे भीषण विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना तेज थाकि आसपास का इलाका दहल उठा और एक किलोमीटर तक धमाके की आवाज सुनाई दी। धमाके के बाद आग ने तेजी से फैलकर फैक्ट्री के दोनोंटीनशेड भवनों को अपनी चपेट में ले लिया। चार महिलाओं की मौके पर मौत, नौ घायलआग की चपेट में आकर चार महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में रजबपुर निवासी जाकिर की पत्नी रूक्साना, शाबिर की पत्नी शहनाज, गांव पपसरा निवासी दानवीर सिंह की पत्नी रूमा और शोविंद्र की पत्नी प्रवेश देवी शामिल हैं। इस हादसे में एक पुरुष सहित नौ लोग गंभीर रूप सेझुलस गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भवन हुआ धराशायी, शवों के चिथड़े खेतों तक पहुंचेविस्फोट इतना भीषण था कि फैक्ट्री का पूरा ढांचा धराशायी हो गया। मृतकों के शवों के चिथड़े दूर खेतों तक फैल गए। दृश्य बेहद भयावह था औरपरिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। स्थानीय ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद मलबे से शवों को निकाला। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचेसूचना मिलते ही जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।अधिकारियों ने घायलों के हालचाल जाने और मृतकों के परिजनों से भी बात की। मौके पर पुलिस फोर्स के साथ दमकल विभाग ने राहत कार्यों मेंतेजी दिखाई। फैक्ट्री हापुड़ निवासी के नाम पर पंजीकृतयह फैक्ट्री गांव अतरासी निवासी बिलाल की एक बीघा जमीन पर ठेके पर ली गई थी, जिसे हापुड़ के भंडा पट्टी निवासी सैफउर्ररहमान संचालित कररहा था। फैक्ट्री में शादी-ब्याह में चलाए जाने वाले बारूद के गोले बनाए जाते थे और इसका पंजीकरण सैफउर्ररहमान के नाम पर ही था। यहां लगभग15-20 महिलाएं कार्यरत थीं। घायलों की सूचीघायल व्यक्तियों में मोना (मोतीनगर), विशाल (मोतीनगर), सलोनी (अतरासी कलां), इंद्रवती (मोतीनगर), सोनिया (पपसरा), पूजा (32, पपसरा), पूजा (27, मोतीनगर), नाजरीन (मंगुपुरा) और पूजा (मोतीनगर) शामिल हैं। जांच और कार्रवाई के निर्देशअपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया, मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनिल कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने घटना कीगंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दे दिए हैं और फैक्ट्री के वैधता और सुरक्षा प्रबंधों की भी जांच की जा रही है।

Delhi BJP Showcases 11 Years of Modi Government’s Achievements, Highlights Rekha Gupta’s 100-Day Good Governance Agenda at Mayur Vihar Event

The Delhi BJP Mayur Vihar District hosted a special exhibition at its district office, spotlighting the achievements of Prime Minister Shri Narendra Modi’s government over the past 11 years. The event also featured a Professional Meet attended by key party leaders who spoke on the transformational impact of the Modi administration’s initiatives. Leadership Presence at the EventThe Professional Meet was graced by the presence of Delhi BJP President Shri Virendra Sachdeva and BJP National General Secretary Shri Dushyant Gautam, who addressed professionals and party workers. Among other prominent attendees were Mayur Vihar District President Shri Vijender Dhama, Joint Front In-Charge Shri Sumit Bhasin, Former Mayor Shri Jai Prakash, District General Secretaries Shri Sanjeev Singh and Smt. Bhavana Jain, and Professional Meet Convenor Shri Neeraj Sharma, alongside several other dignitaries. Positive Politics Driving National GrowthShri Dushyant Gautam emphasized that Prime Minister Modi has ushered in a new era of constructive politics, which has placed India firmly on the track of development. He noted that the government is steering the nation with a clear vision and futuristic approach, leading to the emergence of a “Viksit Bharat” (Developed India). Highlighting the transformational work of the last decade, Gautam stated that the nation’s foundation has been decisively strengthened, and through inclusive welfare initiatives, the benefits of development have reached even the most marginalized communities. Modi Government: Transparent, People-Centric, and VisionaryDelhi BJP President Shri Virendra Sachdeva lauded Prime Minister Modi’s government as a model of transparent and citizen-focused governance. He pointed out that in 11 years, over 25 crore Indians have come out of poverty, and extreme poverty has dropped by 80%. He credited this success to the government’s focus on welfare policies, infrastructure development, and economic reforms aimed at uplifting every section of society. Contrast Between Central Progress and Delhi’s Local FailuresShri Sachdeva sharply criticized the previous Delhi government under Arvind Kejriwal, accusing it of blocking central schemes and indulging in politics of obstruction and falsehoods. In contrast, he said the Modi government consistently introduced development-oriented programs that benefited Delhi directly—such as electric buses under the FAME scheme and extensive road infrastructure. He highlighted key projects like Central Vista, Bharat Mandapam, YashoBhoomi, the National War Memorial, Kartavya Path, the Prime Minister’s Museum, and Delhi’s rapid transit network as evidence of the Centre’s commitment to the city’s modernization. Sachdeva also recalled the COVID-19 pandemic, stating that when Delhi was left unsupported by its local government, the Modi administration stepped in with vital assistance. Rekha Gupta’s First 100 DaysShri Virendra Sachdeva further praised the efforts of the newly formed Delhi BJP government under Mayor Smt. Rekha Gupta. He noted that in just 100 days, the administration had taken decisive steps such as launching Ayushman Bharat health cards and clearing roadblocks in the implementation of central welfare schemes across the national capital. He emphasized that the new governance model is focused on eliminating the corruption of the previous regime and building a system rooted in transparency, efficiency, and public service.

प्रधानमंत्री मोदी के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 11 वर्ष तथा दिल्ली सरकार के 100 दिन पूरे होने पर दिल्ली भाजपा कार्यालय में प्रदर्शनी का आयोजन

Dellhi News: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सेवा सुशासन एवं गरीब कल्याण के 11 साल पूरे होने पर और दिल्ली सरकार के 100 दिन पूरे होने परदिल्ली भाजपा कार्यालय में प्रदर्शनी लगाई गई जिसका उद्घाटन केन्द्रीय मंत्री सरदार हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा एवंदिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने की. इस मौके पर सांसद मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी, श्री योगेन्द्र चंदोलिया एवं प्रवीण खंडेलवालसहित प्रदेश पदाधिकारी, विधायक एवं प्रदर्शनी के संयोजक विधायक अनिल शर्मा भी उपस्थित थे. इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री सरदार हरदीप सिंह पुरीने कहा कि दिल्ली में एक उद्देश्य वाली और दिल्लीवालों की सेवा करने वाली सरकार बनी है. मैं खासकर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा जीको धन्यवाद देना चाहूंगा क्योंकि इनके नेतृत्व में 27 सालों के बाद दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय के लिए जोमाइलस्टोन रेखा गुप्ता की सरकार ने रखे हैं वह दिल्लीवालों के लिए मील का पत्थर साबित होंगे. जन कल्याण की चलाई योजनासरदार हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश में मोदी सरकार ने पिछले 11 सालों में जो भी जन कल्याण की योजनाएं चलाई है उसके बारे में आप सब कोपता है. आज की प्रदर्शनी में उन सभी उपलब्धियों को दर्शाया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज जो अंतरर्राष्ट्रीय स्थिति बनी हुई है. उसकेबावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था को चौथे स्थान पर पहुंचाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि दिल्ली ने इलेक्ट्रिकबसों को अपनाया है और उम्मीद है कि इलेक्ट्रिक के अलावा हम हाइड्रोजन की ओर भी तेजी से बढ़ेंगे. आज दिल्ली में श्रीमती रेखा गुप्ता सरकार नेकूड़े के पहाड़ के अलावा यमुना की सफाई को तवज्जों दी है इसलिए प्रदूषण को कम करने के लिए अच्छा काम हो रहा है और आने वाले समय मेंआप इसका परिणाम देखेंगे.दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि सेवा सुशासन और गरीब कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीसरकार के 11 वर्ष सही मायनों में युग परिवर्तन है. यह 11 साल विश्वास, प्रगति, भरोसे और समाजिक उत्थान के लिए है इस 11 सालों के स्वर्णिमकाल भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में है. 100 दिन के कार्यों की लगाई प्रदर्शनीसचदेवा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 11 साल के अलावा दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के 100 दिन में किए गए कार्यों की भी प्रदर्शनीलगाई गई है. कैसे एक सरकार सिर्फ 100 दिनों में जनता के विश्वास अर्जित करती है और एक भरोसा देती है विकास कार्यों के लिए. हम इस प्रदर्शनीको लेकर प्रत्येक जिला और मंडल में जा रहे हैं ताकि दिल्ली की जन-जन तक इसको पहुंचाया जा सके.दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा किकेन्द्र के 11 साल और दिल्ली के 100 दिन पूरे हुए हैं और जिस प्रकार से दिल्ली में लगातार डबल इंजन की सरकार काम कर रही है. वह सबकोदिखाई दे रहा है। मुझे दुख इस बात की है कि पिछली सरकार केन्द्र सरकार द्वारा किए गए कार्यों को क्रेडिट तक नहीं देती थी. उन्होंने कहा कि1,25,000 करोड़ का रोडवेज के नाम पर दिया गया. इसके अलावा लैंडफिल साइड पर केन्द्र द्वारा मदद की. रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में डबलगति के साथ विकास होने जा रहा है और जो भी टारगेट हमने लिए हैं चाहे वह वायु प्रदूषण हो, जल, बिजली, यमुना से लेकर सड़के हो, सभी क्षेत्रों मेंकाम हो रहा है.

सिख भावनाओं का हुआ अपमान, सीएम रेखा को माफी मांगनी चाहिए– AAP विधायक जरनैल सिंह

आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक जरनैल सिंह और पार्टी नेता पुनरदीप सिंह साहनी ने आज एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली की मुख्यमंत्रीरेखा गुप्ता पर सिख धर्म के प्रति अपमानजनक बयान देने का आरोप लगाया। जरनैल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में करतारपुर साहिब कोजिस तरह संबोधित किया, उससे सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है। रेखा गुप्ता जी को न सिख धर्म की समझ है, न धार्मिक स्थलों केमहत्व की। उन्होंने जिस तरह शब्दों का इस्तेमाल किया, वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है।दिल्ली का बच्चा-बच्चा जानता है गुरुद्वारे का सम्मान- AAP नेताओं ने कहा कि दिल्ली जैसे विविधता भरे राज्य में जहां हर धर्म का सम्मान किया जाता है, वहां इस तरह की टिप्पणी अस्वीकार्य है। दिल्ली का बच्चा-बच्चा जानता है कि गुरुद्वारे को कैसे सम्मानपूर्वक संबोधित किया जाता है, लेकिन मुख्यमंत्री से ऐसी गलती होना बहुत चिंता कीबात है। “BJP के सिख नेता क्यों चुप हैं?”जरनैल सिंह ने बीजेपी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी में कई सिख नेता हैं, फिर भी किसी ने मुख्यमंत्रीको उनकी गलती का एहसास नहीं कराया। क्या राजनीति इतनी हावी हो गई है कि सिख नेता भी अब अपने धर्म की बात नहीं कर सकते? उन्होंनेदिल्ली कैबिनेट में शामिल बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा को भी सीधे संबोधित करते हुए कहा:मैं सिरसा जी से कहता हूं कि वह मुख्यमंत्री को समझाएं कि सिख धार्मिक स्थलों को कैसे सम्मान से संबोधित किया जाता है। सिख समाज कर रहा है माफी की मांग -जरनैल सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूरा सिख समाज चाहता है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने शब्दों केलिए माफी मांगें और खेद व्यक्त करें। मुख्यमंत्री को यह समझना होगा कि धार्मिक भावनाएं सबसे ऊपर होती हैं। एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति सेऐसी लापरवाही नहीं की जा सकती। AAP नेताओं ने बीजेपी से मांग की है कि वह इस मामले को हल्के में न ले। साथ ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सेसिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की अपील की है। धर्म और राजनीति अलग-अलग चीज़ें हैं। किसीभी धार्मिक स्थल के अपमान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

ब्रिटिश फाइटर जेट की भारत में इमरजेंसी लैंडिंग, तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर उतरा एफ-35

फाइटर जेट एफ-35 शनिवार देर रात भारत के तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आपात स्थिति में उतारा गया। जानकारी के मुताबिक उड़ान केदौरान पायलट ने ईंधन की मात्रा तेजी से घटते देखी, जिसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क कर इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी गई। रात करीब9:30 बजे विमान ने सुरक्षित रूप से लैंडिंग की। एयरपोर्ट पर इमरजेंसी घोषितपायलट की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन ने तत्काल आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू कर दिया। रनवे पर सावधानीपूर्वक तैयारी की गई और सभीसंबंधित एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया। लैंडिंग के दौरान किसी प्रकार की क्षति या दुर्घटना नहीं हुई और पायलट सुरक्षित है। बताया गया कि यहजेट एक एयरक्राफ्ट करियर से उड़ान भर चुका था और किसी तकनीकी गड़बड़ी के बजाय केवल ईंधन की कमी इसका कारण बनी। फिलहाल एयरपोर्ट पर खड़ा है विमानसूत्रों के अनुसार, फिलहाल फाइटर जेट तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर ही खड़ा है और भारत सरकार के संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति मिलने केबाद ही इसमें दोबारा ईंधन भरा जाएगा। अनुमति मिलने पर यह विमान अपनी अगली यात्रा पर रवाना होगा। विमान सुरक्षा पर बढ़ी सतर्कताहाल ही में हुए एयर इंडिया विमान हादसे के मद्देनज़र भारत में विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीरता और सतर्कता और भी अधिक बढ़ गई है। ऐसे मेंविदेशी फाइटर जेट की इमरजेंसी लैंडिंग की घटना ने अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्क कर दिया है, हालांकि इस मामले में कोई जान-माल कानुकसान नहीं हुआ है।