उमर अब्दुल्ला का अमेरिका पर निशाना, सिर्फ अपने हित देखता है अमेरिका

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अमेरिका की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तानी सेना प्रमुखअसीम मुनीर को व्हाइट हाउस में लंच पर बुलाए जाने के बाद उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अमेरिका केवल तभी तक किसी का मित्र होता है, जब तकउसे अपना लाभ दिखाई देता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपने फायदे के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। हम नहीं तय कर सकते कि अमेरिकी राष्ट्रपति किसे बुलाएंउमर अब्दुल्ला ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति स्वतंत्र रूप से निर्णय लेते हैं और यह हम तय नहीं कर सकते कि उन्हें किसे बुलाना चाहिए और किसे नहीं।उन्होंने तंज करते हुए कहा कि हमने सोचा था कि अमेरिका हमारे लिए विशेष महत्व रखता है और वह हमारी मित्रता की कद्र करेगा, लेकिन असल मेंअमेरिका केवल वही करता है जिससे उसे फायदा मिले। वंदे भारत यात्रा के दौरान दिया बयानसीएम उमर अब्दुल्ला ने यह बयान उस समय दिया जब वह अपने पिता फारूक अब्दुल्ला के साथ नई शुरू की गई वंदे भारत ट्रेन से जम्मू पहुंचे थे। ट्रेनसे उतरने के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उन्होंने अमेरिका के बदलते रुख पर प्रतिक्रिया दी। ईरान-इजराइल संघर्ष पर शांति की अपीलईरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह संघर्ष शुरू नहीं होना चाहिए था। उन्होंने दोनों देशों सेबातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की। सीएम ने कहा कि युद्ध की बजाय शांति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए और बमबारीकिसी भी समस्या का हल नहीं है। ईरान से भारतीय छात्रों की वापसी पर जानकारीईरान में पढ़ रहे जम्मू-कश्मीर के छात्रों की वापसी के विषय में उमर अब्दुल्ला ने बताया कि छात्र धीरे-धीरे भारत लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक हीबार में सभी को वापस लाना संभव नहीं है क्योंकि कई एयरपोर्ट और पोर्ट बंद हैं। सरकार की कोशिशों से छात्रों को पहले सड़क मार्ग से आर्मेनियालाया गया, और वहां से उन्हें भारत भेजा गया। उमर ने बताया कि आज लगभग 300 से 400 छात्र स्वदेश लौटेंगे और उनमें से अधिकतर जम्मू-कश्मीरसे हैं।
सोनिया गांधी का लेख, भारत को निभानी चाहिए शांति स्थापना में सेतु की भूमिका

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ईरान और इज़रायल के बीच बढ़ते तनाव को लेकर एक प्रतिष्ठित अंग्रेज़ी अखबार में लेख लिखा है। उन्होंनेभारत की विदेश नीति, विशेषकर मौजूदा हालात में उसकी चुप्पी पर चिंता व्यक्त की है। सोनिया गांधी ने लिखा कि ईरान भारत का एक पुराना औरभरोसेमंद सहयोगी रहा है। उन्होंने 1994 का उदाहरण देते हुए बताया कि संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार आयोग में कश्मीर मुद्दे पर भारत के खिलाफलाया गया प्रस्ताव ईरान के सहयोग से रोका गया था। भारत-इज़रायल की रणनीतिक साझेदारी को भी बताया अहमलेख में सोनिया गांधी ने इस बात को भी रेखांकित किया कि भारत और इज़रायल के बीच बीते वर्षों में गहरे रणनीतिक संबंध विकसित हुए हैं। उन्होंनेकहा कि भारत की यह विशेष स्थिति उसे पश्चिम एशिया में एक “सेतु” (Bridge) की भूमिका निभाने में सक्षम बनाती है जिससे वह क्षेत्रीय तनाव कोकम करने में योगदान दे सकता है। फिलिस्तीन पर भारत के रुख में बदलाव पर जताई चिंतासोनिया गांधी ने फिलिस्तीन के मुद्दे पर केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत वर्षों से एक स्वतंत्र और शांतिपूर्णफिलिस्तीन के विचार का समर्थन करता आया है, लेकिन वर्तमान सरकार इस नैतिक और सिद्धांत आधारित नीति से पीछे हटती दिखाई दे रही है, जोचिंताजनक है। गाजा संकट पर भारत की चुप्पी को बताया अनुचितगाजा में जारी मानवीय संकट और ईरान के साथ बढ़ते तनाव को लेकर सोनिया गांधी ने भारत की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि यहचुप्पी भारत की नैतिक परंपराओं और कूटनीतिक दृष्टिकोण के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत को अब भी सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभानीचाहिए, ताकि संवाद और समाधान का रास्ता खोला जा सके। मल्लिकार्जुन खरगे ने किया समर्थनकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोनिया गांधी के इस लेख को X (पूर्व ट्विटर) पर साझा करते हुए उनका समर्थन किया। उन्होंने केंद्र सरकार सेआग्रह किया कि विदेश नीति को संतुलन और नैतिक मूल्यों के आधार पर चलाया जाए।
DGCA की सख्ती, एयर इंडिया के तीन वरिष्ठ अधिकारी क्रू शेड्यूलिंग से हटाए गए

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयर इंडिया के क्रू शेड्यूलिंग विभाग के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनकेपदों से हटाने का निर्देश दिया है। यह कदम विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल के गंभीर उल्लंघनों के बाद उठाया गया है। जिन अधिकारियों पर गिरी गाजजिन अधिकारियों को हटाने का आदेश दिया गया है, उनमें चूरा सिंह (डिविजनल वाइस प्रेसिडेंट), पिंकी मित्तल (चीफ मैनेजर – क्रू शेड्यूलिंग) औरपायल अरोड़ा (प्लानिंग – क्रू शेड्यूलिंग) शामिल हैं। DGCA के अनुसार, इन अधिकारियों को भविष्य में कोई ऐसा कार्यभार नहीं सौंपा जाएगा, जिसका सीधा संबंध उड़ान सुरक्षा या क्रू प्रबंधन से हो। सुरक्षा में चूक के गंभीर आरोप20 जून को जारी आदेश में DGCA ने बताया कि इन अधिकारियों की ओर से कई लापरवाहियां की गईं। इनमें बिना मंजूरी के क्रू की तैनाती, विश्रामअवधि और लाइसेंसिंग के नियमों की अनदेखी, और निगरानी प्रणाली में बड़ी खामियां शामिल हैं। ये चूकें विमान संचालन की सुरक्षा पर गंभीर असरडाल सकती हैं। अहमदाबाद-लंदन उड़ान हादसे के बाद फैसलाDGCA की यह कार्रवाई अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की एक उड़ान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कुछ दिनों बाद की गई है। उस हादसे में270 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जिनमें विमान में सवार यात्रियों के अलावा जमीन पर मौजूद लोग भी शामिल थे। 10 दिन में मांगी गई कार्रवाई रिपोर्टDGCA ने एयर इंडिया को निर्देश दिया है कि इन अधिकारियों के खिलाफ तुरंत आंतरिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए और इसकी रिपोर्ट10 दिनों के भीतर भेजी जाए। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगली सूचना तक इन अधिकारियों को कोई भी जिम्मेदारी न दी जाए, जो उड़ानसंचालन या क्रू अनुपालन से जुड़ी हो। दो उड़ानों पर भी उठाए सवाल, एयर इंडिया को नोटिस जारीइसके अतिरिक्त, DGCA ने एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस 16 और 17 मई 2025 को बेंगलुरु से लंदन जानेवाली दो उड़ानों (AI 133) के संबंध में है, जिनमें अधिकतम अनुमत उड़ान समय 10 घंटे से ज्यादा हुआ। DGCA ने पूछा है कि इन मामलों मेंविमानन नियमों का उल्लंघन क्यों किया गया और क्यों न नियमानुसार कार्रवाई की जाए। एयर इंडिया को 7 दिनों में अपना जवाब देना होगा।
100% वेबकास्टिंग योजना पर पुनर्विचार में चुनाव आयोग, मतदाता गोपनीयता प्रमुख कारण

हाल ही में भारत निर्वाचन आयोग (ईसी) ने संकेत दिया था कि आगामी चुनावों में सभी मतदान केंद्रों पर शत-प्रतिशत वेबकास्टिंग की तैयारी की जारही है। हालांकि अब आयोग इस योजना पर पुनर्विचार कर रहा है। कारण स्पष्ट है वेबकास्टिंग के वीडियो सार्वजनिक करने से मतदाताओं कीगोपनीयता को खतरा हो सकता है। आयोग के एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि वेबकास्टिंग की रिकॉर्डिंग केवल आंतरिक निरीक्षण के लिए है और इसेसार्वजनिक डोमेन में साझा करना उपयुक्त नहीं माना गया है। राहुल गांधी ने लगाए चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर आरोपदूसरी ओर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग की कुछ हालिया नीतियों पर सवाल उठाते हुए इसे”मैच फिक्स” करार दिया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग जरूरी साक्ष्य मिटा रहा है।उन्होंने लिखा कि वोटर लिस्ट ‘मशीन रीडेबल फॉर्मेट’ में नहीं देंगे। सीसीटीवी फुटेज? कानून बदलकर छिपा दी गई। चुनाव की फोटो-वीडियो? अब 1 साल नहीं, 45 दिन में ही मिटा देंगे। जिससे जवाब चाहिए था, वही सबूत मिटा रहा है। साफ दिख रहा है – मैच फिक्स है, और यह लोकतंत्र के लिएज़हर है। चुनाव आयोग का तर्कचुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि वेबकास्टिंग की फुटेज को सार्वजनिक न करने का मुख्य उद्देश्य मतदाता की पहचान और गोपनीयता की रक्षाकरना है। यदि वीडियो सार्वजनिक होते हैं, तो यह संभावित रूप से उन मतदाताओं की पहचान उजागर कर सकते हैं जिन्होंने मतदान किया या नहींकिया। इससे किसी विशेष समूह या दल द्वारा मतदाताओं पर दबाव, भेदभाव या डराने-धमकाने की आशंका बढ़ जाती है। वेबकास्टिंग फुटेज की समयसीमा और विधिक उपयोगनिर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार, वेबकास्टिंग, सीसीटीवी फुटेज और अन्य रिकॉर्डिंग्स को अधिकतम 45 दिनों तक संरक्षित रखा जाता है— यही वह समयसीमा है जिसके भीतर चुनाव परिणाम को अदालत में चुनौती दी जा सकती है। यदि इस अवधि में कोई चुनाव याचिका दायर होतीहै, तो यह रिकॉर्डिंग्स सुरक्षित रखी जाती हैं और आवश्यक होने पर अदालत में प्रस्तुत की जाती हैं। इसके बाद इन्हें नष्ट कर दिया जाता है ताकि इनकादुरुपयोग न हो। गोपनीयता का संरक्षणभारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि मतदाताओं की सुरक्षा, स्वतंत्रता और गोपनीयता उसकी प्राथमिकता हैं। चाहे किसी राजनीतिक दलया अन्य समूह का दबाव हो, आयोग किसी भी परिस्थिति में मतदाता की पहचान को उजागर करने या मतदान की गोपनीयता को भंग करने की अनुमतिनहीं देगा। यह नीति कानून और सर्वोच्च न्यायालय दोनों द्वारा समर्थित है और आयोग इसी सिद्धांत का पालन करता रहा है।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने युवाओं को योग अपनाने का दिया संदेश

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अवसर पर दिल्ली में एक ऐतिहासिक योग आयोजन का दृश्य देखने को मिला। फिट इंडिया मूवमेंट और कल्ट फिटके संयुक्त तत्वावधान में इंदिरा गांधी स्टेडियम परिसर के साइक्लिंग वेलोड्रोम में “योगाथॉन – योग फॉर एवरीवन” का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 7:00 बजे हुआ, और प्रतिभागियों से आग्रह किया गया था कि वे 6:30 बजे तक पहुँच जाएँ ताकि कार्यक्रम समय पर शुरू हो सके। आयोजन की थीम “योग फॉर एवरीवन” रही, जिसके अंतर्गत सभी आयु वर्ग और समाज केसभी वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया उपस्थित रहे। उन्होंने योग को मानसिक स्थिरता औरशारीरिक ऊर्जा का स्रोत बताते हुए युवाओं से इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आग्रह किया। डॉ. मांडविया ने कहा कि योग सिर्फ एकव्यायाम नहीं, बल्कि सशक्त और संतुलित जीवन जीने की भारतीय पद्धति है, जो आज विश्वभर में अपनाई जा रही है। इस अवसर को और विशेष बना दिया फिल्म और खेल जगत की जानी-मानी हस्तियों की उपस्थिति ने। अभिनेता और निर्माता जैकी भगनानी, अभिनेत्रीरकुलप्रीत सिंह, मॉडल और अभिनेत्री मधुरिमा तुली, और अंतरराष्ट्रीय स्तर की रेसवॉकर प्रियंका गोस्वामी ने योग के मंच से अपने विचार साझा करतेहुए लोगों को प्रेरित किया। इस आयोजन ने न सिर्फ योग के महत्व को दोहराया, बल्कि फिटनेस और मानसिक शांति की दिशा में भारत को एक नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की।योगाथॉन और फिट इंडिया अभियान जैसे प्रयास यह संदेश देते हैं कि योग केवल शारीरिक कसरत नहीं, बल्कि सम्पूर्ण जीवन शैली है एक ऐसीविरासत जिसे भारत ने दुनिया को दिया है और आज विश्वभर में उसका अनुसरण किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष वानथी श्रीनिवासन ने अपने निवास पर किया योगाभ्यास

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्षा एवं तमिलनाडु से विधायक माननीय श्रीमतीवानथी श्रीनिवासन ने अपने निवास पर एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया। इस अवसर पर भाजपा की विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारी, महिलाकार्यकर्ता एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे। स्वस्थ जीवनशैली को लेकर दिया प्रेरणादायक संदेशश्रीमती वानथी श्रीनिवासन ने योगाभ्यास के उपरांत अपने संबोधन में कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि आत्मा, मन और शरीर के संतुलनकी भारतीय पद्धति है, जो हमें स्वस्थ और सकारात्मक जीवन की ओर ले जाती है। हर नागरिक को इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना भारत की सांस्कृतिक विरासत का गौरव है। योग न केवलशरीर को निरोग रखता है, बल्कि मानसिक शांति और आत्मबल भी प्रदान करता है। रूबी फोगाट यादव सहित कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारीइस आयोजन में भाजपा नेत्री रूबी फोगाट यादव की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने योग की विभिन्न मुद्राओं का अभ्यास करते हुए उपस्थित लोगों कोप्रेरित किया। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से युवा पीढ़ी को अनुशासन और संतुलन की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने “करें योग, रहें निरोग” के मूल मंत्र के साथ एकजुट होकर योगाभ्यास किया। अंत में सभी को अंतरराष्ट्रीय योगदिवस की शुभकामनाएं दी गईं।
दिल्ली भाजपा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर किया भव्य कार्यक्रम का आयोजन

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क में एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमेंभाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने भी सहभागिता की। यह पहली बार था जब पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की स्मृति में बनाए गए इस स्थल पर योग दिवस का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में भाजपाके राष्ट्रीय महासचिव श्री अरुण सिंह, दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री वी. सतीश, कार्यालय मंत्री महेन्द्रपांडे, राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी, चांदनी चौक जिलाध्यक्ष श्री अरविंद गर्ग, पार्टी प्रवक्ता यासिर जिलानी और सह कार्यालय मंत्री अमितगुप्ता सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। योग आत्मविश्वास और अनुशासन का आधार हैअपने संबोधन में श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि योग भारत की एक महान परंपरा है, जो न केवल हमारे शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि नैतिक चरित्र केनिर्माण में भी सहायक है।उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास जीवन में आत्मविश्वास बढ़ाता है और व्यक्ति को अपने विचारों व व्यवहार पर नियंत्रण रखने की शक्ति देता है। दिल्ली के 256 मंडलों में हुए योग कार्यक्रमश्री सचदेवा ने जानकारी दी कि दिल्ली भाजपा द्वारा राजधानी के सभी 256 मंडलों में योग दिवस कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। इनआयोजनों में सांसदों, विधायकों और समितियों के अध्यक्षों ने भी सक्रिय भागीदारी की, जिससे यह स्पष्ट होता है कि योग आज जन-जन का आंदोलनबन चुका है।
‘जब भारत विश्व गुरु बनेगा, तभी दुनिया में शांति आएगी’, कांची में बोले शंकराचार्य स्वामी शंकर विजयेंद्र सरस्वती

कांची कामकोटि पीठम के 70वें शंकराचार्य, स्वामी शंकर विजयेंद्र सरस्वती का मानना है कि भारत के पास वेद, शिक्षा और आयुर्वेद जैसी विरासत है, जिसने देश की दिशा बदली है और आगे भी बदलेगी। उनका मानना है कि अगर भारत ‘विश्व गुरु’ बनता है, तभी दुनिया में सच्ची शांति संभव होगी।बेंगलुरू प्रवास के दौरान द न्यू इंडियन एक्सप्रेस को दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने धर्म, शिक्षा, भाषा, युवा पीढ़ी और सरकार के साथसंबंध जैसे कई अहम मुद्दों पर विचार साझा किए। प्रस्तुत हैं प्रमुख बातें: कांची पीठम का धर्म प्रचार कैसे होता है?हम पीढ़ियों से वेदों और भारतीय परंपराओं को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं। हमारी पाठशालाएं और कॉलेज विशेष रूप से गरीब बच्चों के लिए हैं, जहां आधुनिक पढ़ाई के साथ भारतीय संस्कृति की शिक्षा दी जाती है। हम ‘तीन भाषा सूत्र’ (संस्कृत, क्षेत्रीय भाषा और अंग्रेजी) के जरिए प्राचीन ज्ञानबांटते हैं। भारत के विकास में पीठम की क्या भूमिका है?हम ‘वेद’ (ज्ञान), ‘विद्या’ (शिक्षा) और ‘वैद्य’ (चिकित्सा) के ज़रिए समाज की सेवा कर रहे हैं। पूरे देश में हमारे अस्पताल गरीबों को मुफ्त इलाज देतेहैं। हमारी कोशिश रही है कि भारतीय परंपराओं जैसे गौ-पालन, खेती और शिक्षा को समाज की मुख्यधारा में लाया जाए।क्या आज के युवा आध्यात्म में रुचि दिखा रहे हैं?जी हां, अब युवा आध्यात्म की ओर लौट रहे हैं। जब उन्हें लगता है कि आधुनिक जीवनशैली से उन्हें सुकून नहीं मिल रहा, तब वे भारतीय परंपरा कीओर मुड़ते हैं। उन्हें समझ आता है कि आत्मिक शांति बाहरी चीज़ों से नहीं मिलती। भाषा विवाद पर आपकी क्या राय है?अंग्रेज़ी को केवल एक संपर्क भाषा के तौर पर अपनाना चाहिए। कामकाज में इसका उपयोग हो सकता है, लेकिन घर में हर किसी को अपनीमातृभाषा (जैसे तमिल, कन्नड़, मलयालम आदि) बोलनी चाहिए। संस्कृत का उपयोग धर्म और मंदिरों के कामों में होना चाहिए क्योंकि वेद और शास्त्रउसी भाषा में हैं। विश्व शांति के लिए कांची पीठम क्या कर रहा है?हम हर साल कश्मीर में ‘विश्व शांति होम’ का आयोजन करते हैं। हमारी संस्कृति सेवा और करुणा सिखाती है। बाकी जगहों पर लोग केवल मानवताकी बातें करते हैं, लेकिन हम उसे व्यवहार में लाते हैं। हमारा उद्देश्य है कि भारत एक दिन ‘विश्व गुरु’ बने, जिससे दुनिया में स्थायी शांति आ सके। हिंदू धर्म में सुधार को लेकर क्या सोचते हैं?धर्म सुधार की मांग राजनेता करते हैं, लेकिन सुधार वहीं होना चाहिए जहां ज़रूरत है। धार्मिक मामलों को धार्मिक गुरु ही समझते हैं, इसलिए येनिर्णय उन्हीं पर छोड़ देना चाहिए। सरकार या राजनीतिक लोग इसमें दखल न दें। मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण को लेकर आपकी राय क्या है?सरकार का मंदिरों में बहुत अधिक हस्तक्षेप है, जबकि मंदिरों की संपत्ति और दान धर्म प्रचार के लिए इस्तेमाल होना चाहिए। पहले राजा मंदिर बनवातेऔर उनका समर्थन करते थे। आज उल्टा हो गया है। हमें मंदिरों को स्वायत्त बनाना होगा। हर गांव में एक पंडित और हर मंदिर को तिरुपति की तरहबनाना हमारा लक्ष्य है। क्या सरकार और धर्म संस्थाओं को एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना चाहिए?हां, दोनों का मकसद समाज की भलाई है। सरकार को बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए और धर्म संस्थाओं को अपने काम की स्वतंत्रतामिलनी चाहिए। मठ स्कूल, कॉलेज और अस्पताल चलाकर सरकार का सहयोग कर रहे हैं, तो सरकार को भी मठों की मदद करनी चाहिए। तनाव के इस दौर में आपकी क्या सलाह है?लोग प्रेम, स्नेह और संस्कृति (Love, Affection, Culture) से दूर होते जा रहे हैं। हर कोई अपने अधिकारों की बात करता है, लेकिन कर्तव्यों कोभूल जाता है। हमें पारिवारिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करना होगा। तनाव का एक बड़ा कारण है – भारतीय संस्कृति से दूर जाना। हमेंअपनी जड़ों की ओर लौटना होगा। कांची पीठम का भविष्य का लक्ष्य क्या है?हम भारतीय भाषाओं में लिखे साहित्य को अन्य भाषाओं में अनुवाद कर अधिक लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं। मंदिरों को शिक्षा का केंद्र बनानाचाहिए। गीता, संगीत, ज्योतिष, नैतिकता जैसे विषयों पर कक्षाएं होनी चाहिए। हमें खेती, संस्कृति और उद्योग – तीनों पर ध्यान देना होगा ताकिभारत आत्मनिर्भर बन सके और ‘विश्व गुरु’ बन सके। यह समय लेगा, लेकिन हमें लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।
तेजस्वी यादव का प्रधानमंत्री मोदी और सीएम नीतीश पर तीखा हमला-राजद नेता बोले, हमें पॉकेटमार पीएम और अचेत सीएम नहीं चाहिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे के समाप्त होते ही विपक्षी दल हमलावर हो गए। पटना में आयोजित एक प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादवने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे आरोप लगाए। राजद कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल की उपस्थिति में तेजस्वी ने प्रधानमंत्री को”पॉकेटमार पीएम” कहकर संबोधित किया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को “अचेत अवस्था” में बताया।तेजस्वी ने पीएम के भाषण को बताया पुराना और बासीतेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री के भाषण को “घिसा-पिटा” और “टेलीप्रॉम्पटर पर आधारित” करार दिया। उन्होंने कटाक्ष किया कि सिर्फ भाषणों से लोगोंका पेट नहीं भरता। विशेष रूप से सिवान का ज़िक्र करते हुए तेजस्वी ने सवाल किया, “पिछले 10 सालों में सिवान को क्या मिला?” उन्होंने दावाकिया कि वहां की भीड़ प्रशासनिक दबाव और सरकारी तंत्र के ज़रिये इकट्ठा की गई थी। अचेत मुख्यमंत्री से जनता परेशानमुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, “बिहार को एक सजग और सक्रिय मुख्यमंत्री की ज़रूरत है, न कि एक अचेतऔर अनुपस्थित नेता की।” उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कोई भी गंभीर घटना होने पर नीतीश पीड़ितों से मिलने नहीं जाते। महागठबंधन की सरकार का दावाराजद नेता ने दावा किया कि जनता का भरोसा अब राष्ट्रीय जनता दल पर बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजद के पास एक स्पष्ट योजना औरविजन है जिससे बिहार को आगे बढ़ाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि अगली विधानसभा में महागठबंधन की सरकार बनेगी औरराजद सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरेगा। ‘नेशनल दामाद आयोग’ से जवाब तलबतेजस्वी यादव ने चुटकी लेते हुए कहा कि बिहार की जनता अब ‘नेशनल दामाद आयोग’ से भी जवाब मांग रही है। हालांकि उन्होंने इस कथन को स्पष्टनहीं किया, लेकिन यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
भाषा विवाद पर गरमाई सियासत, राहुल गांधी का अमित शाह को करारा जवाब

भाषा को लेकर देश में एक नई बहस छिड़ गई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हालिया बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधते हुए कहा कि वे नहीं चाहते कि गरीब तबके के बच्चेअंग्रेजी सीखें और तरक्की करें। राहुल गांधी का एक्स पर बयानराहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा, “अंग्रेजी कोई रुकावट नहीं, बल्कि अवसरों का पुलहै। यह शर्म नहीं, बल्कि आत्मबल है। यह कोई बेड़ी नहीं, बल्कि बेड़ियां तोड़ने का औजार है।” उन्होंने लिखा कि BJP और RSS नहीं चाहते कि गरीब तबके के बच्चे अंग्रेजी सीखें, क्योंकि अगर वे पढ़-लिखकर सवाल पूछने लगेंगे, बराबरी करनेलगेंगे, तो सत्ता पक्ष को असहजता होगी। राहुल के अनुसार, आज के दौर में अंग्रेजी उतनी ही जरूरी है जितनी मातृभाषा, क्योंकि यही भाषा रोजगार केनए अवसर खोलती है और आत्मविश्वास बढ़ाती है। भारत की भाषाएं हमारी आत्मा हैं, लेकिन अंग्रेजी भी ज़रूरीराहुल ने यह भी जोड़ा कि भारत की हर भाषा में संस्कृति, आत्मा और ज्ञान बसता है और उन्हें सहेजना हमारा दायित्व है। लेकिन इसके साथ ही यह भीज़रूरी है कि देश के हर बच्चे को अंग्रेजी सिखाई जाए, ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें और समान अवसर पा सकें। अंग्रेज़ी एक औजार है तरक्की काराहुल गांधी ने इस विषय पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि अंग्रेजी एक ऐसा औजार है जिसकी मदद से कोई भी दुनिया में कहींभी काम कर सकता है। “अगर आप अंग्रेजी सीख लेते हैं तो आप अमेरिका, जापान, या किसी भी देश में काम करने की योग्यता रखते हैं। जो लोगअंग्रेजी के विरोध में हैं, वे नहीं चाहते कि आप ऊंची तनख्वाह वाली नौकरियों तक पहुंचें।” क्या बोले थे अमित शाह?इस विवाद की शुरुआत केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के एक बयान से हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि आने वाले समय में भारत में ऐसा दौर आएगा जबअंग्रेजी बोलने वाले खुद को शर्मिंदा महसूस करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि किसी विदेशी भाषा के माध्यम से देश की संस्कृति, धर्म और इतिहास कोसमझा नहीं जा सकता। उन्होंने देशी भाषाओं को भारत की असली पहचान बताया और कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विश्व में अग्रणी बनाने मेंइन्हीं भाषाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। गृहमंत्री शाह यह बात पूर्व IAS अधिकारी आशुतोष अग्निहोत्री की किताब के विमोचन कार्यक्रम में कह रहे थे।