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अमित शाह का संकल्प, 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करेंगे

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को एक बार फिर नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की सख्त नीति को दोहराते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 तकभारत को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाएगा। वे यह बयान रायपुर में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी और सेंट्रल फॉरेंसिक साइंसलैबोरेट्री के नए कैंपस के शिलान्यास समारोह में दे रहे थे। बारिश में भी नहीं मिलेगा नक्सलियों को आरामअमित शाह ने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस बार मानसून में भी नक्सलियों को कोई राहत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, “पहले बरसात में नक्सली जंगलोंमें छिपकर आराम कर लेते थे, लेकिन अब उन्हें सोने नहीं देंगे।” शाह ने नक्सलवाद की राह पर चल रहे लोगों से अपील की कि वे हथियार डालकरआत्मसमर्पण करें और छत्तीसगढ़ के विकास में सहभागी बनें। बिना चर्चा के आत्मसमर्पण की अपीलगृह मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि अब कोई बातचीत नहीं होगी, बल्कि नक्सलियों को बिना शर्त सरेंडर करना होगा। उन्होंने कहा, “जो सरेंडर करेगा, सरकार उसके साथ किए गए वादों को पूरी तरह निभाएगी।” साथ ही यह भी कहा कि यह आत्मसमर्पण का सबसे उपयुक्त अवसर है और इसे गंवानाउनके लिए भारी पड़ सकता है। ऑपरेशन पर मौसम का असर नहींशाह ने साफ किया कि अब सुरक्षाबलों की कार्रवाई किसी मौसम पर निर्भर नहीं होगी। ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा और सुरक्षाबल पूरी प्रतिबद्धताके साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।विकास और सुरक्षा के दोहरे प्रयास से कमजोर हुआ नक्सल प्रभावगृह मंत्री ने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क निर्माण, संचार सुविधाएं, और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार सेनक्सलियों का आधार क्षेत्र कमजोर हुआ है। कई क्षेत्र अब नक्सल नियंत्रण से मुक्त हो चुके हैं। केंद्र और राज्य की साझेदारी से मिलेगा स्थायी समाधानअमित शाह ने भरोसा जताया कि अगर केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इसी प्रतिबद्धता से काम करती रहीं, तो तय समय से भी पहले नक्सलवाद कोजड़ से समाप्त किया जा सकता है।

होसुर फ्लाईओवर का हिस्सा खिसका, चेन्नई-बेंगलुरु हाईवे पर ट्रैफिक बाधित

कर्नाटक-तमिलनाडु सीमा पर स्थित होसुर में चेन्नई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक फ्लाईओवर का लगभग 50 मीटर लंबा हिस्सा खिसक जाने सेयातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यह घटना कृष्णगिरी जिले के बगलूर रोड सर्कल क्षेत्र में सामने आई, जहां फ्लाईओवर पर करीब 15 सेंटीमीटरचौड़ी और 50 मीटर लंबी दरार देखी गई। इससे पुल की बीम संरचना अपनी जगह से हट गई। वाहनों का डायवर्जन, ट्रैफिक जाम से जनता परेशानस्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने कृष्णगिरी से बेंगलुरु की ओर जाने वाले सभी वाहनों को फ्लाईओवर से हटाकर होसुर बस स्टैंड कीओर स्थित सर्विस रोड पर मोड़ दिया। इससे 3 किलोमीटर तक लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। पहले से ही बगलूर रोड पर सड़क चौड़ीकरण के चलतेट्रैफिक डायवर्जन था, और फ्लाईओवर में आई इस खामी ने हालात और बिगाड़ दिए। स्थानीय अधिकारी ने बताया कि वाहन चालकों को भारीपरेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फ्लाईओवर की दरार से उत्पन्न हुई गंभीर स्थितिस्थानीय लोगों और यात्रियों के अनुसार, फ्लाईओवर के मध्य भाग में लगभग आधा फुट की दूरी तक बीम खिसक गई थी, जिससे एक स्पष्ट दरारदिखाई दी। इस घटना ने पुल की संरचनात्मक स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरम्मत कार्य शुरू, इंजीनियर कर रहे संरचना को स्थिरराष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के इंजीनियर और अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और निरीक्षण शुरू किया। प्रारंभिक जांच के बाद फ्लाईओवर को स्थिरकरने के लिए गोलाकार बेयरिंग तंत्र का उपयोग करते हुए मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया। इसके बावजूद, बेंगलुरु की ओर जाने वाले मार्ग को बंदकर दिया गया है, और यातायात पूरी तरह सर्विस रोड पर डायवर्ट किया गया है। NHAI की जांच जारी, वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाहराष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने फ्लाईओवर में आई दरार और बीम के खिसकने के कारणों की गहराई से जांच शुरू कर दी है। यात्री औरवाहन चालक जो इस मार्ग का उपयोग करते हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और प्रभावित हिस्से से दूरी बनाए रखें जबतक कि मरम्मत और निरीक्षण पूरी तरह नहीं हो जाता।

मुंबई में महिला पायलट से छेड़छाड़ का मामला, उबर ड्राइवर सहित तीन पर केस दर्ज

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक 28 वर्षीय महिला पायलट के साथ छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायतके आधार पर उबर कैब चालक और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दक्षिण मुंबई से घर लौटते वक्त हुई घटनापुलिस के अनुसार, यह घटना गुरुवार रात करीब 11:15 बजे की है जब महिला पायलट दक्षिण मुंबई से घाटकोपर स्थित अपने आवास लौट रही थी।महिला का पति भारतीय नौसेना में अधिकारी है और फिलहाल नौसेना के आवासीय परिसर में रह रहा है, जबकि महिला घाटकोपर में अकेली रहती है।घटना की रात महिला अपने पति के साथ एक रेस्तरां में भोजन करने गई थी, जिसके बाद उसके पति ने उसके लिए उबर कैब बुक की। रास्ता बदलकर दो अन्य यात्रियों को कैब में बैठायामहिला के अनुसार, कैब ड्राइवर ने यात्रा शुरू करने के करीब 25 मिनट बाद रास्ता बदल दिया और बिना अनुमति के दो अन्य लोगों को कैब में बिठालिया। इनमें से एक शख्स ने कथित तौर पर महिला के साथ अश्लील हरकत की। जब महिला ने विरोध किया तो उसे धमकाया गया, और कैबड्राइवर ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। पुलिस चेकिंग देखकर भागे आरोपीमहिला की शिकायत के अनुसार, कुछ देर बाद जब तीनों ने देखा कि आगे हाईवे पर पुलिस चेकिंग हो रही है, तो दोनों आरोपित युवक कैब से उतरकरभाग गए। महिला ने जब घर पहुंचकर चालक से सवाल किया कि उसने अनजान व्यक्तियों को कैब में क्यों बैठाया, तो ड्राइवर ने कोई संतोषजनकजवाब नहीं दिया। पुलिस में दर्ज हुई शिकायत, तीन पर एफआईआरघटना की जानकारी मिलने पर पीड़िता ने अगली सुबह अपने पति को सब कुछ बताया, जिसके बाद दोनों ने मिलकर घाटकोपर पुलिस स्टेशन मेंशिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (यौन उत्पीड़न), 506 (आपराधिक धमकी) और 34 (सामान्य इरादा) के तहतमामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल तीनों आरोपियों की तलाश और जांच जारी है।

एयर इंडिया पर DGCA की सख्ती, 2024 से अब तक की सभी जांचों का रिकॉर्ड मांगा

देश की सबसे पुरानी एयरलाइन, एयर इंडिया, इन दिनों नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की कड़ी निगरानी में है। DGCA ने एयर इंडिया से2024 से अब तक हुए सभी सुरक्षा ऑडिट्स और जांचों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। इसमें कॉकपिट, रनवे, केबिन और रैम्प से जुड़ी खामियों की पूरीजानकारी देने को कहा गया है। DGCA की यह सख्ती उस समय बढ़ी जब मई 2025 में बैंगलोर से लंदन जा रही दो उड़ानों (AI133) में पायलटोंद्वारा फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों का उल्लंघन सामने आया। इन उड़ानों में पायलटों को तय 10 घंटे से अधिक समय तक ड्यूटीपर रखा गया, जो स्पष्ट रूप से सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। इस मामले को गंभीर मानते हुए DGCA ने एयर इंडिया के अकाउंटेबल मैनेजर कोकारण बताओ नोटिस जारी किया और सात दिन में जवाब मांगा। जांच में यह सामने आया कि क्रू शेड्यूलिंग में गंभीर लापरवाही हुई थी। इसके लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों—चूराह सिंह (डिविजनल वाइस प्रेसिडेंट, IOCC), पिंकी मित्तल (चीफ मैनेजर, क्रू शेड्यूलिंग), और पायल अरोड़ा (क्रू शेड्यूलिंग प्लानिंग)—को जिम्मेदार ठहराया गया और तुरंत उनकेऑपरेशनल रोल्स से हटाने का आदेश दिया गया। DGCA ने 10 दिन के भीतर अनुशासनात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है। अब ये अधिकारीनॉन-ऑपरेशनल भूमिकाओं में काम करेंगे ताकि फ्लाइट सेफ्टी पर असर न पड़े। इस सख्ती के पीछे एक बड़ी वजह 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुआ एक भयावह विमान हादसा भी है। एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 टेकऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें 270 से ज्यादा यात्रियों और क्रू की जान चली गई थी। इस घटना ने एयरलाइन की सुरक्षाप्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इसके बाद DGCA ने एयर इंडिया की सभी प्रणालियों की गहन जांच शुरू की और 20 जून को एयरलाइनको सभी पिछली जांचों और ऑडिट्स की जानकारी देने का आदेश जारी किया। जांच में यह भी पाया गया कि फरवरी 2025 में हुई इंटरनल ऑडिट में क्रू शेड्यूलिंग में पहले से कई खामियां उजागर हुई थीं, जिन्हें नजरअंदाज करदिया गया। इसके अलावा, मई 2024 में जब एयर इंडिया ने पुराने ARMS सिस्टम को हटाकर नया CAE सिस्टम लागू किया, तब भी कईतकनीकी और नियामकीय चूकें हुईं—जैसे गलत क्रू पेयरिंग, पायलटों को पर्याप्त आराम न देना, और लाइसेंसिंग नियमों की अनदेखी। DGCA नेइसे एक “सिस्टम फेल्योर” करार दिया और चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एयर इंडिया ने DGCA के निर्देशों को मानते हुए कहा है कि वह सभी नियमों का पालन कर रही है। कंपनी ने बयान में कहा कि अब चीफ ऑपरेशंसऑफिसर बेसिल क्वॉक इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर की निगरानी करेंगे और एयरलाइन सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्धहै। हालांकि, अहमदाबाद विमान हादसे की जांच अभी जारी है, और इसके परिणाम एयर इंडिया की प्रतिष्ठा और संचालन पर बड़ा असर डाल सकतेहैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या एयर इंडिया इस संकट से उबरकर अपनी पुरानी साख और यात्रियों का भरोसा दोबारा हासिल कर पाएगी।

राजस्थान में बारिश से जनजीवन प्रभावित, कई जिलों में अलर्ट जारी

राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से जारी तेज़ बारिश अब जनजीवन को प्रभावित करने लगी है। कई जिलों में सड़कों पर पानी भर गया है, नदियों काजलस्तर बढ़ गया है और पुल-पुलियाओं पर पानी चढ़ने से आवागमन में कठिनाई हो रही है। नेशनल हाईवे और प्रमुख मार्ग बाधितसिरोही जिले में दिल्ली-गुजरात नेशनल हाईवे पर जलभराव के कारण दिल्ली से कांडला की ओर जाने वाला मार्ग प्रभावित हो गया है। इसी तरहरेवदर-आबूरोड मार्ग पर मूंगथला के पास एक पुलिया बह गई है, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। कोठारी नदी उफान पर, कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश जारीभीलवाड़ा में कोठारी नदी का पानी पुल से ऊपर बह रहा है। वहीं, जालोर और सिरोही में लगातार तीसरे दिन भी रुक-रुक कर बारिश हो रही है। घनेबादलों और रिमझिम बारिश के बीच आम जनजीवन प्रभावित है। मौसम विभाग का अलर्ट: 30 जिलों में बरसात की चेतावनीमौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, रविवार को भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसकेअतिरिक्त 26 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। कई जगहों पर भारी वर्षा दर्जशनिवार को जयपुर, पाली, भीलवाड़ा, जोधपुर, अजमेर, बांसवाड़ा, सीकर, भरतपुर, जालोर, सिरोही और राजसमंद में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई।अकेले भीलवाड़ा में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक 175 मिमी (करीब 7 इंच) बारिश हुई। अन्य जिलों में भी 2 से 3 इंच तक वर्षा दर्ज की गई। बारिश से हादसे भी सामने आएपाली जिले में तेज बारिश के कारण एक मकान की बालकनी पर पेड़ गिर गया। वहीं, जोधपुर में बारिश के दौरान एक कार पुलिया से फिसलकर नालेमें गिर गई। इस हादसे में तीन लोगों की जान चली गई। प्रशासन ने जारी किए दिशा-निर्देशमौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश की आशंका जताई है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और नदियों, नालोंतथा पुल-पुलियाओं के पास जाने से बचने की अपील की है।

ऑपरेशन सिंधु: ईरान से 290 और भारतीयों की सुरक्षित वापसी

संघर्षग्रस्त ईरान से भारतीय नागरिकों को निकालने का अभियान, ऑपरेशन सिंधु, लगातार तेजी पकड़ रहा है। इसी क्रम में शनिवार रात एक औरविशेष विमान 290 भारतीयों को लेकर नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतरा। इसके साथ ही अब तक कुल 1,117 भारतीय नागरिकों को वहां से सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है। पांचवां जत्था स्वदेश लौटाविदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह विशेष विमान 21 जून 2025 की रात11:30 बजे दिल्ली पहुंचा। यह ऑपरेशन सिंधु के तहत ईरान से निकाला गया पांचवां जत्था है, जिससे अब तक कुल 1,117 भारतीयों की सुरक्षितवापसी सुनिश्चित की जा चुकी है। वहां मिसाइलें गिर रही थीं, हम डरे हुए थेईरान से वापस आए नागरिकों ने राहत और कृतज्ञता जाहिर की। एक यात्री ने बताया, “हम कई दिनों से फंसे हुए थे, वहां मिसाइलें चल रही थीं, औरडर का माहौल था। अब भारत लौटकर राहत महसूस हो रही है।” MBBS छात्र नवीद बोले- सरकार की मदद के लिए शुक्रगुजार हूंइस फ्लाइट में सवार नवीद, जो कश्मीर के रहने वाले हैं और ईरान में MBBS द्वितीय वर्ष के छात्र हैं, ने कहा, “अब मैं सुरक्षित महसूस कर रहा हूं।भारत सरकार का शुक्रिया अदा करता हूं, जिसने हमें संकट के समय में वहां से सुरक्षित बाहर निकाला।” बिहार के छात्र ने कहा- तेहरान में हालात खराब थेवहीं एक अन्य छात्र, जो बिहार के सिवान जिले से हैं, ने बताया, “मैं पिछले दो वर्षों से ईरान में पढ़ाई कर रहा हूं। तेहरान में स्थिति काफी बिगड़ चुकीथी, लेकिन अन्य शहरों में हालात अपेक्षाकृत सामान्य थे। सरकार का धन्यवाद करता हूं कि उसने हमें समय रहते निकाल लिया।” भारत निभा रहा क्षेत्रीय नेतृत्व की भूमिकाऑपरेशन सिंधु के तहत न सिर्फ भारतीयों को, बल्कि भारत अब श्रीलंका और नेपाल के नागरिकों को भी ईरान से निकालने की योजना बना रहा है।यह भारत की मानवीय और कूटनीतिक सक्रियता का परिचायक है।

पहलगाम आतंकी हमले में NIA को बड़ी सफलता, दो स्थानीय मददगार गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल में हुए भीषण आतंकी हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को बड़ी सफलता मिली है। इस मामलेमें दो स्थानीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों को शरण देने काआरोप है। एनआईए ने रविवार को यह जानकारी साझा की। गैरकानूनी गतिविधियों के तहत गिरफ्तारीदोनों आरोपियों को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 19 के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है। एजेंसी का कहना है कि इनसेपूछताछ के दौरान हमले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। मामले में अब भी जांच चल रही है। 22 अप्रैल के हमले में 26 की मौत22 अप्रैल को पहलगाम के प्रसिद्ध बैसरन घाटी क्षेत्र, जिसे “मिनी स्विट्ज़रलैंड” कहा जाता है, में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी।मरने वालों में अधिकांश पर्यटक थे। एनआईए के अनुसार, हमले से पहले आतंकियों को पनाह देने और उनकी पहचान छिपाने में दो स्थानीय लोगों नेमदद की थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचानगिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम परवेज अहमद जोथर और बशीर अहमद जोथर बताए गए हैं। इन पर तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को छुपानेका आरोप है, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए थे। आतंकियों को दी थी हरसंभव सहायताजांच के दौरान सामने आया कि परवेज और बशीर ने पहलगाम के हिल पार्क इलाके में मौसमी झोपड़ी (ढोक) में आतंकियों को आश्रय दिया था।इसके अलावा उन्हें भोजन, रहने की जगह और अन्य रसद सहायता भी मुहैया कराई गई थी। जांच अभी जारीएनआईए ने बताया है कि यह गिरफ्तारी इस मामले में एक अहम मोड़ साबित हो सकती है। एजेंसी को उम्मीद है कि इससे हमले की साजिश औरउसमें शामिल नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सकेगा।

11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ की थीम पर दुनियाभर में उत्सव

इस वर्ष 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को भारत सहित पूरी दुनिया में बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया गया। इस बार की थीम रही “एकपृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग”, जो वैश्विक एकता और समग्र स्वास्थ्य पर केंद्रित रही।विशाखापत्तनम में पीएम मोदी ने तीन लाख लोगों संग किया योगप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित एक विशाल कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां लगभग तीन लाख लोगों ने उनकेसाथ योगाभ्यास किया। इस राष्ट्रीय समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने सभी देशवासियों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को योग दिवस कीशुभकामनाएं दीं। योग का अर्थ है जुड़नाअपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि योग केवल एक शारीरिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह आत्मचेतना, मानसिक स्पष्टता, भावनात्मक स्थिरता औरआध्यात्मिक विकास की दिशा में एक गहरा मार्ग है। उन्होंने कहा कि “योग का अर्थ ही है जुड़ना और यह देखना सुखद है कि कैसे योग ने आज पूरेविश्व को जोड़ा है।” हेमा मालिनी ने बताया योग को अपनी दिनचर्या का हिस्साभाजपा सांसद और वरिष्ठ अभिनेत्री हेमा मालिनी ने योग दिवस पर कहा कि वह रोजाना योग करती हैं और दूसरों को भी इससे प्रेरणा लेने की सलाहदेती हैं। उन्होंने योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बताया। पुरी में कलाकार ने रेत पर उकेरा योग संदेशओडिशा के प्रसिद्ध रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने योग दिवस की पूर्व संध्या पर पुरी समुद्र तट पर एक सुंदर कलाकृति बनाई, जिसमें प्रधानमंत्रीमोदी सूर्य नमस्कार करते हुए नजर आ रहे हैं। यह रचना योग और भारत की सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करती है।

पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों का हंगामा: एयर इंडिया की उड़ान में नहीं आया सामान

घोषणा के बाद भी नहीं मिला लगेजपटना एयरपोर्ट पर उस वक्त हंगामा मच गया जब एयर इंडिया की फ्लाइट आईएस-2936 के यात्रियों को लैंडिंग के बाद बताया गया कि उनकालगेज बेल्ट नंबर 4 पर मिलेगा। लेकिन जब वहां कोई सामान नहीं मिला, तो यात्री भड़क उठे। वजन सीमा के चलते नहीं लाया गया सामानएयर इंडिया के अधिकारियों ने सफाई दी कि फ्लाइट में वजन ज्यादा होने की वजह से यात्रियों का कुछ सामान लोड नहीं किया जा सका। इसकीजानकारी मिलते ही करीब 180 यात्रियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस हंगामे को काबू में लाने के लिए सीआईएसएफ के जवानों औरएयरलाइन स्टाफ को बीच में आना पड़ा। यात्रियों की योजना पर पानी फिराकई यात्रियों को अगली फ्लाइट पकड़नी थी या अपने गंतव्य पर जरूरी काम था, लेकिन सामान न मिलने के कारण उनकी योजनाएं बिगड़ गईं। लोगोंने एयर इंडिया पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। पिछले 15 दिनों में तीसरी घटनाबताया जा रहा है कि पिछले पंद्रह दिनों में यह तीसरी बार है जब यात्रियों को इस तरह की परेशानी झेलनी पड़ी है। यात्रियों का कहना है कि बार-बारइस तरह की घटनाएं अब सहन नहीं की जा सकतीं। एयर इंडिया ने आश्वासन दियाएयरलाइन ने बयान जारी कर कहा कि यात्रियों का सामान जल्द से जल्द उनके पते पर भेजा जाएगा। अधिकारियों ने यात्रियों से सहयोग की अपीलकी और भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

राहुल गांधी का ‘मेक इन इंडिया’ पर हमला: सिर्फ नारे, न नीतियां, न नतीजे

नेहरू प्लेस में तकनीशियनों से संवादकांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की ‘मेक इन इंडिया’ योजना को लेकर तीखी आलोचना की है। दिल्ली के नेहरू प्लेसदौरे के दौरान दो स्थानीय तकनीशियनों, शिवम और सैफ, से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में इलेक्ट्रॉनिक और मोबाइल उपकरणोंका केवल असेंबली हो रही है, वास्तविक निर्माण नहीं। मैन्युफैक्चरिंग बूम का वादा था, नतीजे निराशाजनकराहुल गांधी ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ के तहत देश में फैक्ट्रियों के बूम का दावा किया गया था, लेकिन आज भारत की मैन्युफैक्चरिंग जीडीपी मेंगिरावट आई है और यह अब केवल 14% रह गई है, जो ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर पर है। इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया, “अगरमैन्युफैक्चरिंग इतनी कम है तो युवाओं को रोजगार कहां से मिलेगा?” बेरोजगारी चरम पर, चीन से आयात दोगुनाकांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि युवा बेरोजगारी आज रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है और चीन से आयात पहले से दोगुना हो गया है। उन्होंने प्रधानमंत्रीमोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार केवल नारे देती है, ठोस समाधान नहीं। PLI योजना को लेकर भी उठाए सवालराहुल गांधी ने सरकार की प्रमुख ‘उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना’ (PLI) पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि यह योजना अब धीरे-धीरेबंद की जा रही है। उनका कहना था कि यदि भारत अपने उत्पाद खुद नहीं बनाएगा, तो वह हमेशा दूसरे देशों पर निर्भर रहेगा। भारत को असेंबली हब नहीं, निर्माण केंद्र बनना चाहिएनेहरू प्लेस में तकनीशियनों से हुई बातचीत का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जैसे शिवम और सैफ जैसे प्रतिभाशाली युवाओं के पास हुनरहै, लेकिन देश का आर्थिक मॉडल उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं देता। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को सिर्फ बाज़ार नहीं, एक निर्माण केंद्र बनना होगा। “मेक इन इंडिया एक जुमला बनकर रह गया”राहुल गांधी ने ‘मेक इन इंडिया’ को सरकार का एक और नाकाम वादा बताया। उन्होंने कहा कि जमीन पर जो हालात हैं, वे सरकार के दावों सेबिल्कुल अलग हैं। चीन से बढ़ते आयात ने देश की स्थानीय विनिर्माण क्षमता और नौकरियों को गहरी चोट पहुंचाई है।